Bhopal News : सारंग ने दिग्विजय का वीडियो जारी किया,बोले- कबूला दंगे कराने का आरोप

प्रदेश सरकार के सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है। इसमें दिग्विजय सिंह बाबरी मस्जिद गिरने के बाद हुए दंगे के बारे में बात कर रहे थे। मंत्री सारंग ने कहा कि कहा कि दिग्विजय सिंह ने स्वीकार ही किया कि बाबरी मस्जिद कांड के बाद दंगा फसाद उन्हीं ने कराया। वह स्वयं कह रहे हैं कि बाबरी मस्जिद शहीद हुई और उसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष रहते हुए दंगा फसाद कराया। सारंग ने आगे कहा कि यह बयान साफ करता है कि कांग्रेस ने इस देश में दंगा फसाद कराने का काम किया है। दिग्विजय सिंह ने खुद कबूल किया है कि दंगे उन्होंने कराए थे। वीडियो जारी होने के बाद दिग्विजय सिंह ने सफाई में बयान जारी किया और कहा कि मेरे बयान को तोड़ मरोड़ के पेश किया गया। मेरे बयान से बीजेपी के नेताओं ने ना शब्द हटा दिया। पूरा देश जानता है दिग्विजय सिंह दंगे के खिलाफ है।

वीडियो में यह कहते नजर आ रहे दिग्विजय सिंह

1 मिनट 12 सेकंड के वीडियो में पूर्व सीएम कह रहे हैं कि ऐसे अनेक मेरे पास उदाहरण हैं, जब बाबरी मस्जिद शहीद हुई थी, उस समय मैं प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष था, भोपाल शहर में 1947 में भी दंगा नहीं हुआ, लेकिन बाबरी मस्जिद गिरने पर दंगा हुआ। लगभग दो हफ्ते तक मैंने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के दफ्तर में रात बिताई। मैं घर नहीं जाता था। लेकिन हमने दंगा फसाद होने में पूरी कोशिश की। वीडियो जारी होने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ने बाबरी मस्जिद के संदर्भ में आगे कहा कि भोपाल में एक काजी कैंप है, जहां सलामत सिद्दीकी नामक पार्षद ने उन्हें बताया था कि पुलिस की वर्दी में लोग रात के समय उनके घर आए थे। सिद्दीकी ने उन्हें बताया था कि पुलिस की वर्दी में लोग रात के समय उनके घर आए थे।

बयान को तोड़ मरोड़ के पेश किया

दिग्विजय सिंह ने कहा कि मेरे बयान को तोड़ मरोड़ के पेश किया गया। मेरे बयान से बीजेपी के नेताओं ने ना हटा दिया। पूरा देश जानता है दिग्विजय सिंह दंगे के खिलाफ है। मैंने ये कहा था कि 15 दिन पीसीसी दफ्तर में सोया था। हिंदू, मुसलमान के साथ मिलकर दंगा फसाद ना हो उसके प्रयास किया था। सिर्फ मेरे बयान से ना ही तो हटाना था। बाबरी मस्जिद को शहीद बताने वाले बयान पर दिग्विजय ने कहा -किसी धार्मिक स्थल को जबरदस्ती गिराओगे तो क्या कहेंगे।




Shajapur News : शाजापुर दौरे पर दिग्विजय सिंह ने बीजेपी और रामदेव पर साधा निशाना

पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह बुधवार को शाजापुर पहुंचे। वह यहां कई कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने राजपूत समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन में भाग लिया और उसके बाद वे बस स्टैंड पर कांग्रेस के धरना-प्रदर्शन कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे। दरअसल प्रवर्तन निदेशालय ने कांग्रेस के नेशनल हेराल्ड अखबार से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में चार्जशीट दाखिल की है। चार्जशीट में राहुल सोनिया के नाम आने को लेकर बस स्टैंड पर कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। इसमें दिग्विजय सिंह भी शामिल हुए और एसडीएम को ज्ञापन साैंपा। दिग्विजय सिंह ने सरकार के इस कदम की कड़ी आलोचना की है। कहा कि गांधी परिवार ने कभी भी नेशनल हेराल्ड से एक रुपया भी नहीं लिया। गांधी परिवार का कोई लेन-देन नहीं है, फिर भी उन्हें फंसाया जा रहा है।

तुष्टिकरण के सवाल पर उन्होंने भाजपा को चुनौती देते हुए कहा मुझसे ज्यादा संस्कारित सनातन धर्म का पालन करने वाला उनकी पार्टी में कोई नहीं होगा। मैं आस्था के साथ सनातन धर्म का पालन करता हूं, उसे बेचता नहीं हूं। उसका व्यवसाय नहीं करता हूं,उसका व्यापार नहीं करता हूं। उसका राजनीतिकरण नहीं करता। ग्राम जाईहेड़ा में मीडिया से चर्चा में उन्होंने बाबा रामदेव के पंतजलि के उत्पादों को लेकर कहा कि रामदेव नकली दवाइयां बनाकर बेचता है। इसके कई प्रोडेक्ट बैन कर दिए गए हैं। कुछ दवाइयों पर तो सुप्रीम कोर्ट ने एक हजार करोड़ का जुर्माना किया है। वह एक ओर मुसलमान को गाली दे रहा है, दूसरी ओर अपने उत्पाद दुबई में बेचने के लिए जमात ए उलेमा से हलाल का सर्टिफिकेट ले रहा है।

भाजपा विधायक गोलू शुक्ला के बेटे के मामले में उन्होंने कहा कि पुजारी पर समझाैते का दबाब बनाया गया। उन्होंने मुस्लिम समुदाय द्वारा आयोजित सद्भावना सम्मेलन में भाग लिया और मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार को घेरा। कहा कि ऐसे अनेक अवसर देखने को मिलते हैं, जब शिकायत करने के बाद भी पुलिस प्रकरण दर्ज नहीं करती है। दूसरी तरफ पुलिस झूठी शिकायत दर्ज करती है।




Mp News : दिग्गी बोले- कांग्रेस ने शुरू की तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया, मोदी को श्रेय नहीं मिलना चाहिए

26/11 मुंबई आतंकी हमलों के आरोपी तहव्वुर राणा के भारत प्रत्यर्पण को लेकर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने बड़ा बयान दिया है। सिंह ने कहा कि इस पूरे मामले की नींव कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल में रखी थी और मौजूदा केंद्र सरकार इसका श्रेय नहीं ले सकती। दिग्विजय सिंह ने कहा कि तहव्वुर राणा 26/11 हमलों में शामिल था और उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया तभी संभव हो सकी जब यूपीए सरकार ने समय रहते उसकी भूमिका को जांच में शामिल किया और उसे अमेरिका में गिरफ्तार करवाया गया। 14 साल की सजा पूरी करने के बाद अब उसे भारत लाया गया है। इसमें प्रधानमंत्री मोदी या उनकी सरकार का कोई योगदान नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि इस तरह की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी गंभीर कार्रवाइयों का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए और जो भी सरकारें देशहित में कदम उठाएं, उन्हें ईमानदारी से श्रेय मिलना चाहिए।

बता दें 26/11 हमले के सिलसिले में तहव्वुर राणा को अमेरिका में गिरफ्तार किया गया था। उसे हाल ही में भारत प्रत्यर्पित किया गया है, जिसे लेकर केंद्र सरकार ने इसे बड़ी कूटनीतिक जीत बताया है। लेकिन कांग्रेस का कहना है कि यह कार्रवाई उन्हीं की सरकार के समय शुरू की गई प्रक्रिया का परिणाम है। इससे पहले भी कांग्रेस ने विभिन्न सुरक्षा मामलों में केंद्र सरकार पर श्रेय लेने के आरोप लगाए हैं।

तहव्वुर राणा, जो पाकिस्तानी मूल के कनाडाई नागरिक हैं, पर 26/11 हमलों की साजिश रचने, हत्या, आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने और जालसाजी के गंभीर आरोप हैं। राणा को गुरुवार को भारत लाया गया और दिल्ली की अदालत ने उसे 18 दिनों की एनआईए हिरासत में भेज दिया। जांच एजेंसी का कहना है कि राणा की भूमिका केवल मुंबई तक सीमित नहीं थी, बल्कि वह अन्य भारतीय शहरों में भी बड़े पैमाने पर आतंकी हमलों की योजना बना रहा था।