Dewas News: फिल्मी स्टाइल में अपहरण, सिनेमा हॉल से युवक-युवती का किडनैप, महिला की सूझबूझ से बची जान

देवास/इंदौर। देवास के उज्जैन रोड स्थित सिनेमा परिसर से युवक और महिला के अपहरण का सनसनीखेज मामला सामने आया है। फिल्म देखकर बाहर निकले दोनों को इंदौर से आए तीन आरोपितों ने घेर लिया, मारपीट की और जबरन कार में बैठाकर अपहरण कर लिया। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।

सिनेमा हॉल के बाहर ही हमला

जानकारी के अनुसार इंदौर के नेहरू नगर निवासी महिला अपने मित्र चिरायु पाठक (भौंरासा निवासी) के साथ फिल्म देखने आई थी। इसी दौरान आरोपित रवि वर्मा, हर्षित वर्मा और पीयूष यादव पहले से वहां मौजूद थे।

जैसे ही दोनों सिनेमा से बाहर निकले, आरोपितों ने उन्हें घेरकर मारपीट शुरू कर दी और जबरन कार में बैठाकर इंदौर की ओर ले गए।

रास्तेभर मारपीट, हथियार से धमकाया

अपहरण के दौरान आरोपितों ने दोनों के साथ लगातार मारपीट की। महिला के अनुसार शिप्रा क्षेत्र में धारदार हथियार से हमला करने की कोशिश की गई और बंदूक दिखाकर जान से मारने की धमकी दी गई।

इंदौर पहुंचने के बाद युवक के साथ एक घर में बेरहमी से मारपीट की गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी आंख में भी चोट आई।

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महिला की सूझबूझ से बची जान

इस खौफनाक घटना के बीच महिला ने हिम्मत दिखाते हुए आरोपितों को बहलाया और किसी तरह उन्हें एमआईजी थाना तक ले आई। वहां पहुंचते ही उसने पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी, जिससे पूरा मामला पलट गया।

दो आरोपी गिरफ्तार, एक फरार

सूचना मिलते ही देवास पुलिस इंदौर पहुंची और आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। कोतवाली थाना प्रभारी श्यामचंद्र शर्मा ने बताया कि महिला का अपने पूर्व पति से विवाद चल रहा था और वही इस साजिश का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है।

पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक आरोपी फरार है। आरोपियों के खिलाफ अपहरण, मारपीट और जान से मारने की धमकी सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

जांच जारी

पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और फरार आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

इस घटना ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और सिनेमा परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।




देवास जिले में सातवीं कक्षा के छात्र की हत्या, गांव में मातम और आक्रोश

देवास ज़िले के सोनकच्छ थाना क्षेत्र के कराड़िया परी गांव में शनिवार रात दिल दहला देने वाली वारदात हुई। यहां 13 वर्षीय छात्र वेदांश सिंह झाला का शव गांव में खड़ी एक हार्वेस्टर मशीन के नीचे मिला।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने मामले को और भयावह बना दिया। वेदांश के चेहरे, गले और हाथों पर धारदार हथियार से 17 वार के निशान मिले। इससे साफ है कि उसकी बेहद बेरहमी से हत्या की गई।

घटना क्रम

शाम को वेदांश घर में गणेश पूजा करने के बाद गांव के सार्वजनिक पंडाल गया था।

देर रात तक घर न लौटने पर परिजनों ने तलाश शुरू की।

इसी दौरान उसका शव हार्वेस्टर के नीचे मिला।

सूचना पर एसडीओपी दीपा मांडवे, थाना प्रभारी आशीष राजपूत और एएसपी जयवीर सिंह भदौरिया मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की।

परिजनों का आक्रोश

रविवार सुबह शव का पोस्टमार्टम समय पर नहीं होने से ग्रामीण और परिजन आक्रोशित हो उठे। उन्होंने अस्पताल परिसर में धरना देकर बीएमओ को हटाने की मांग की।

पीड़ित परिवार

वेदांश सातवीं कक्षा का छात्र था।

परिवार का इकलौता बेटा था।

बड़ी बहन और माता-पिता गहरे सदमे में हैं।

जांच की दिशा

पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर कई संदिग्धों से पूछताछ शुरू की है। फिलहाल हत्या की वजह और आरोपियों की पहचान स्पष्ट नहीं हो सकी है।

इस निर्मम हत्या ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। ग्रामीणों ने दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कड़ी सज़ा की मांग की है।




देवास बीएनपी फर्जीवाड़ा: परीक्षा किसी और ने दी, नौकरी कोई और करता रहा तीन साल तक

देवास/नई दिल्ली – मध्यप्रदेश के देवास स्थित बैंक नोट प्रेस (BNP) में एक गंभीर भर्ती फर्जीवाड़ा सामने आया है, जिसने सरकारी नियुक्ति व्यवस्था और सुरक्षा प्रक्रियाओं की पोल खोल दी है। बीएनपी जैसी संवेदनशील संस्था में तीन साल तक एक फर्जी नियुक्ति का मामला सामने आना न केवल चौंकाने वाला है, बल्कि चिंताजनक भी।

भर्ती परीक्षा दी दीपक ने, नौकरी मिली सरवन को

साल 2021 में IBPS परीक्षा में दीपक कुमार नाम के युवक ने परीक्षा दी थी। लेकिन तीन साल से सरवन कुमार नामक युवक उसी परीक्षा के दस्तावेजों के आधार पर बीएनपी में जूनियर टेक्नीशियन के पद पर नौकरी करता रहा।

पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि सरवन ने ₹15,000 देकर दीपक से परीक्षा दिलवाई थी। नौकरी के दौरान तीन साल तक किसी को शक नहीं हुआ, और ना ही कोई पहचान-पुष्टि सही ढंग से की गई।

फोटो मिलान से फर्जीवाड़े का पर्दाफाश

मामले का खुलासा तब हुआ जब हाल में अधिकारियों ने पुरानी परीक्षा तस्वीरों से वर्तमान कर्मचारी की पहचान का मिलान किया। दोनों चेहरों में फर्क साफ नजर आया।
बैंक नोट प्रेस के मुंबई मुख्यालय से देवास बीएनपी थाने में शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की।

टीआई अमित सोलंकी की पुष्टि

बीएनपी थाने के प्रभारी टीआई अमित सोलंकी ने पुष्टि की कि परीक्षा देने वाला युवक दीपक कुमार था, जबकि नौकरी सरवन कुमार नामक व्यक्ति कर रहा था। मामले में धोखाधड़ी, सरकारी दस्तावेज़ों के दुरुपयोग, और फर्जी नियुक्ति के आरोपों पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है।

क्या किसी नेटवर्क की भूमिका?

जांच अधिकारियों का मानना है कि यह सिर्फ एक व्यक्ति का कृत्य नहीं, बल्कि संभवतः एक पूरे रैकेट का हिस्सा हो सकता है जो सरकारी भर्तियों में पैसे लेकर प्रॉक्सी परीक्षा दिलवाता है और फर्जी नियुक्तियाँ कराता है।

यह भी सवाल उठता है कि बीएनपी जैसी उच्च-संवेदनशील इकाई, जहाँ भारत सरकार की मुद्रा छपती है, वहाँ आईडी वेरिफिकेशन, फोटो मिलान, और सुरक्षा जांच की प्रक्रियाएँ इतनी लचर कैसे रहीं?

एक सिस्टमिक विफलता

यह मामला सिर्फ एक कर्मचारी की फर्जी भर्ती का नहीं, बल्कि सिस्टम की गहरी विफलता का उदाहरण है। यह सवाल उठाता है कि कहीं और भी तो ऐसे फर्जी नियुक्त लोग संवेदनशील संस्थाओं में काम तो नहीं कर रहे?

सरकार और जांच एजेंसियों को इस मामले में सख्त और तेज़ कार्रवाई करनी चाहिए — न केवल दोषी कर्मचारियों पर, बल्कि उन अधिकारियों पर भी जिन्होंने इस घोर लापरवाही को तीन साल तक अनदेखा किया।

(यह रिपोर्ट एजेंसी इनपुट और स्थानीय पुलिस सूत्रों के आधार पर तैयार की गई है)




Dewas News : उज्जैन जिले के बड़नगर टोल पर देवास के बैरागी परिवार पर हुई मारपीट का वीडियो वायरल

बड़नगर-बदनावर नेशनल हाईवे पर टोलकर्मियों द्वारा कार सवार परिवार के साथ बेरहमी से मारपीट की गई। टोलकर्मियों ने महिलाओं और बच्चों के साथ भी मारपीट की। बताया जा रहा है कि आष्टा में रहने वाले कपिल और मुकेश चौधरी अपने परिवार के साथ सफर कर रहे थे। जब वे टोल नाके पर पहुंचे तो किसी बात को लेकर उनकी टोलकर्मियों से कहासुनी हो गई। कपिल और मुकेश को लगा था कि बातचीत करने से उनकी समस्या का समाधान हो जाएगा, लेकिन टोलकर्मी बातचीत करना नहीं चाहते थे। उन्होंने तुरंत अपने कुछ साथियों को बुलाया और पूरे परिवार को कार से बाहर निकाल कर मारपीट शुरू कर दी। मामले में उज्जैन जिले की इंगोरिया पुलिस ने टोल संचालक समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

चौधरी परिवार की महिलाएं अचानक हुए हमले से पहले तो घबरा गईं, लेकिन जब उन्होंने परिवार के लोगों को पिटते हुए देखा तो उन्हें बचाने पहुंचीं। लेकिन, टोलकर्मी ने उनके साथ भी मारपीट की। टोल पर तैनात कर्मचारियों ने परिवार के साथ मारपीट की और कार के कांच भी फोड़ दिए।

कड़ी कार्रवाई की मांग

कांग्रेस नेता हेमंत सिंह चौहान ने इस घटना पर विरोध जताया है और इस मामले में कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर इस घटना का विरोध दर्ज करते हुए लिखा है कि आखिर टोलकर्मी किस तरीके से रुपये की वसूली कर रहे हैं? इन्हें देखकर तो लगता है कि यदि कोई टोल नहीं देगा तो ये उसकी हत्या तक कर देंगे।

शिकायत नहीं मिली, लेकिन कार्रवाई होगी

इस घटना के वायरल हो रहे इस वीडियो को लेकर जब उज्जैन के एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि वीडियो के बारे में जानकारी मिली है। जानकारी जुटाई जा रही है कि पीड़ित परिवार आखिर कौन है। हमारे पास शिकायत नहीं आई है, लेकिन हम इस पूरे मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई जरूर करेंगे।

मारपीट का शिकार देवास जिले का बैरागी परिवार इतना डर गया था कि वह उज्जैन भी रिपोर्ट दर्ज नहीं करने जा रहा था। इसके बाद उज्जैन पुलिस अधीक्षक और देवास नगर पुलिस अधीक्षक से चर्चा के बाद देवास के सिविल लाइन थाने में जीरो पर कायमी कराई गई। परिवार के लोगों का यह भी कहना है कि उनके साथ में मारपीट हुई है, जिससे वह बहुत डर गए हैं, लेकिन वह सरकार से निवेदन करते हैं कोई भी व्यक्ति टोल से गुजरता है तो उसके साथ इस तरह की मारपीट नहीं की जानी चाहिए।

पुलिस ने लिया स्वत: संज्ञान, केस दर्ज

इंगोरिया पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वयं संज्ञान में लेकर त्वरित कार्रवाई की और टोल के संचालक समेत पांच को गिरफ्तार कर लिया।

इन्हें किया गिरफ्तार

– सुरेंद्र सिंह उर्फ सोनू सिंह, टोल संचालक

– हर्षवर्धन सिंह

– संदीप चौधरी

– रणवीर उमठ

– विजेंद्र चंद्रवंशी




Indore News : पुजारी पर हमला करने वाले विधायक के बेटे ने पुजारी के पैर छूकर माफी मांगी

भाजपा विधायक गोलू शुक्ला के बेटे की दादागिरी को संगठन ने भी गंभीरता से लिया है। मामले का पटाक्षेप करने के लिए आखिरकार विधायक गोलू शुक्ला पर संगठन ने दबाव बनाया और पांचों आरोपी मंगलवार शाम देवास के कोतवाली थाने पहुंचे। वहां आरोपियों ने सरेंडर किया। थाने में जमानत समेत अन्य कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद विधायक पुत्र देवास टेकरी स्थित मां चामुंडा मंदिर पहुंचे और वहां दर्शन किए। इसके बाद वे उस पुजारी से मिले, जिसने मारपीट की शिकायत थाने में की थी। रुद्राक्ष ने पुजारी के पैर छूकर माफी मांगी। इसके बाद पुजारी ने भी रूद्राक्ष को चुनरी पहनाई।

आरोपियों के साथ आए वकील का कहना था कि रुद्राक्ष विवाद में शामिल नहीं था। मोटर व्हीकल एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ है। उससे जुड़ी वैधानिक प्रक्रिया के लिए आए हैं। विधायक गोलू शुक्ला खुद तो देवास नहीं गए, लेकिन रिश्तेदारों के साथ बेटे को एक सफेद कार में थाने पहुंचवाया। मामले को लेकर एडिशनल एसपी जयवीर सिंह भदौरिया ने कहा कि 12 अप्रैल को इस मामले में केस दर्ज किया गया था। पांच आरोपी रुद्राक्ष, अमन, लोकेश, अनिरुद्ध और मनीष को नोटिस जारी किया था। वे थाने आए थे। अब इस मामले में गवाहों के भी बयान लिए जाएंगे।

क्या बोले पुजारी?

अभद्रता के शिकार हुए पुजारी ने कहा कि विधायक के बेटे रुद्राक्ष ने मांफी मांग ली है। उन्होंने अपनी गलती स्वीकार कर ली है, उन्होंने कहा कि हमसे लगती हुई है, हम आपका सम्मान करते हैं और आगे भी करते रहेंगे। पुजारी ने बताया कि रुद्राक्ष ने उन्हें इंदौर आने का भी निमंत्रण दिया है। अब जो हुआ सो गया, हमनें इस मामले छोड़ दिया है।

मंदिर पहुंचकर मत्था टेका

विधायक पुत्र रुद्राक्ष व अन्य के खिलाफ केस दर्ज होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया था। थाने से वे अपने रिश्तेदार कमल और बब्बी शुक्ला के साथ देवास टेकरी स्थित माता मंदिर पहुंचे। उन्होंने मंदिर की सीढ़ी पर शीश नवाया और फिर माता प्रतिमा के सामने मत्था टेका। पुजारी ने उन्हें प्रसाद भी दिया।

बैठक के बाद बनी माफी मांगने की रणनीति

विधायक गोलू शुक्ला के बेटे की दादागिरी मामले को प्रदेश भाजपा संगठन ने भी गंभीरता से लिया है। संघ के पदाधिकारी रहे प्रकाश सोलपुरकर के निधन पर शोक प्रकट करने आए भाजपा के प्रदेश महामंत्री हितानंद शर्मा से विधायक गोलू शुक्ला, रमेश मेंदोला व अन्य नेतागणों ने मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार हितानंद ने मामले में नाराजगी जाहिर की। इस बैठक में ही रणनीति बनी कि विधायक गोलू शुक्ला अपने बेटे से माफी मंगवाकर मामले का पटाक्षेप करें। इसके बाद मंगलवार शाम को रुद्राक्ष देवास पहुंचे थे।




Dewas Tekri Controversy: टेकरी विवाद में विधायक के बेटे रुद्राक्ष शुक्ला समेत 9 लोगों पर केस दर्ज

देवास माता टेकरी पर पुजारी के साथ मारपीट करने के मामले में आखिर कार विधायक पुत्र सहित नौ लोगों पर मामला दर्ज हो गया है। पुलिस ने टेकरी पर पहुंचीं कारें भी जब्त कर ली हैं।

बता दें कि देवास की प्रसिद्ध माता टेकरी पर बीते दिनों इंदौर विधायक गोलू शुक्ला के पुत्र रुद्राक्ष शुक्ला सहित अन्य लोग माता टेकरी पर दर्शन करने के लिए पहुंचे थे, इसके बाद में मंदिर के पट खुलवाने को लेकर विधायक पुत्र के समर्थकों ने पुजारी पर दबाव बनाया गया और मारपीट की इसके बाद में मामले ने तूल पकड़ा। जहां पुलिस ने अब विधायक पुत्र सहित नौ खिलाफ मामला दर्ज किया है। बता दें कि विधायक पुत्र पर पुलिस द्वारा एफआईआर नहीं की जा रही थी, जिसे लेकर कांग्रेस द्वारा इस पर लगातार प्रतिक्रिया दी जा रही थी। अब जहां विधायक पुत्र रुद्राक्ष शुक्ला के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। हालांकि गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

माता टेकरी पर पहुंची विधायक के समर्थकों की गाड़ियों पर मामला दर्ज

माता टेकरी पर पहुंची गाड़ियों पर पुलिस ने मोटर व्हीकल एक्ट और लापरवाही बरतने का मामला दर्ज किया है, वहीं पुलिस ने एक गाड़ी उज्जैन से है तो अन्य गाड़ियां देवास से पकड़कर कोतवाली थाने पर जब्त की हैं।

पुलिस अधीक्षक पुनीत गहलोत ने बताया कि पुजारी के कथन के आधार पर और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामला दर्ज किया गया है, वहीं सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जो भी इस घटना में सलिप्त हैं, उस पर भी कार्रवाई की जाएगी। पुजारी के बयान, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर इंदौर के अमन शुक्ला, उज्जैन के लोकेश चंदवानी, देवास के जीतू रघुवंशी, उज्जैन के ही मनीष तेजवानी, अनिरुद्ध सिंह पवार व हनी इंदौर का नाम शामिल है। पीड़ित पुजारी उपदेशनाथ के विस्तृत बयान हुए हैं। इन बयानों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर केस दर्ज किए गए। हनी इंदौर के विरुद्ध गाली गलौच, जान से मारने की धमकी सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। वहीं, जीतू के खिलाफ जो केस दर्ज हुआ था, उसमें आरोप बढ़ाए गए हैं। जैसा कि बताया जा रहा है कि 25 से 30 युवक थे। इस हिसाब से आरोपी बढ़ेंगे।

कांग्रेस ने इस पूरे मामले को लेकर बनाया था मुद्दा

पुजारी के साथ विवाद के मामले में कांग्रेस ने पूरे मामले को लेकर राजनीतिक रंग दे दिया था। एक दिन पहले ही कांग्रेस के पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, कांग्रेस नेता पिंटू जोशी भी देवास पहुंचे थे और पुजारी से माफी मांग कर उनके पांव भी धोए थे। उनका कहना था कि पुलिस विधायक के पुत्र के ऊपर मामला दर्ज करें और जल्द से जल्द गिरफ्तारी भी करें। मामले में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने भी बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि आरोपी किसी का भी बेटा है, अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मठ मंदिर पुजारी संघ ने दी थी चेतावनी

मठ मंदिर पुजारी संघ सोमवार को देवास पहुंचा था, जहां उन्होंने विधायक पुत्र और उनके समर्थकों को तीन दिन में पुजारी के साथ मारपीट के मामले में माफी मांगने की बात भी कही थी। इस दौरान पुजारी संघ के अध्यक्ष महंत तरुणदास ने पुजारी उपदेश नाथ से चर्चा की थी।




Indore News : इंदौर विधायक गोलू शुक्ला के बेटे ने देवास टेकरी पर की गुंडागर्दी

देवास की टेकरी पर अपने दोस्तों के साथ पहुंचे विधायक गोलू शुक्ला के पुत्र रुद्राक्ष शुक्ला पर दादागिरी करने का आरोप लगाया है। वह देर रात मंदिर पहुंचा। तब तक पट बंद हो चुके थे। पट बंद होने के बावजूद उनसे पूजारी पर दबाव बनाया और उनके साथ बलदसूलकी की। इसकी शिकायत पुजारी ने देवास के कोतवाली थाने में की। विधायक पुत्र की इस हरकर की चर्चा है।

रुद्राक्ष अपने दोस्तों के साथ कारों का काफिला लेकर पहुंचा था जिस कार में विधायक पुत्र बैठा था। उसमें लालबत्ती भी लगी थी और वह चालू थी। रुद्राक्ष कार से उतरा और दोस्तों के साथ मंदिर पहुंचा। रात के एक बज चुके थे। इस कारण मंदिर के पट बंद हो गए थे। शुक्ला ने पुजारी पर कहा कि वे और उसके दोस्त पूजा करना चाहते है, इसलिए गेट खोल दो।

पुजारी ने धार्मिक मान्यता का हवाला देते हुए गेट खोलने से इनकार कर दिया। इससे नाराज रुद्राक्ष पहले होमगार्ड से बदसलूकी की, फिर पुजारी पर गेट खोलने का दबाव बनाया। पुजारी उपदेश नाथ ने इस घटना की शिकायत थाने में की। इस मामले में पुलिस ने देवास निवासी जीतू रघुवंशी को हिरासत में लिया है।

आपको बता दे कि विधायक पुत्र रुद्राक्ष पहले भी नियमों का उल्लघंन कर चुका है। पांच माह पहले बीआरटीएस की बस लेन में निजी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित थी। वह अपने काफिले के साथ बस लेन में घुसा था। इसके अलावा वह इंदौर के खजराना मंदिर के गर्भ गृह में जाकर दर्शन करता है,जबकि गर्भगृह में प्रवेश प्रतिबंधित है।

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Dewas News : गुजरात में हुए हादसे में देवास का पूरा परिवार खत्म, कर्ज चुकाने के लिए कमाने गए थे

देवास जिले के खातेगांव विधानसभा के ग्राम संदलपुर के रहने वाले लोग अपनी रोजी-रोटी के लिए गुजरात गए थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि इसी काम के कारण एक दिन उनकी जान चली जाएगी। घटना की सूचना मिलते ही पूरे गांव में शोक का माहौल छा गया। इस दर्दनाक हादसे में कई परिवारों ने अपने बच्चों और युवाओं को खो दिया।

बीते कुछ दिनों पूर्व ग्राम संदलपुर के कुछ लोग काम की तलाश में गुजरात गए थे। लेकिन, गुजरात में हुई पटाखा फैक्ट्री विस्फोट की घटना में खातेगांव तहसील के 11 लोग शामिल थे, जिनमें से ग्राम संदलपुर के एक ही परिवार के 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे में संदलपुर और खातेगांव के दो युवक घायल भी हुए हैं।

मृतकों के परिजनों की व्यथा

ग्राम संदलपुर में जैसे ही खबर मिली कि गुजरात की एक फैक्ट्री में विस्फोट हुआ है और उसमें गांव के कई लोगों की मौत हो गई है, तो पूरे गांव में मातम छा गया। मृतक लखन के फूफा भगवान नायक ने रोते हुए बताया कि सभी मृतक एक ही परिवार से थे। छह महीने पहले तक वे सभी संदलपुर में ही रहकर कुकर सुधारने और मजदूरी का काम कर रहे थे। आर्थिक तंगी और कर्ज के चलते वे काम की तलाश में गुजरात चले गए थे।

मजदूरी के लिए गए थे, मौत के शिकार हो गए

ग्राम हंडिया, जिला हरदा की रहने वाली गुड्डी बाई और उनका परिवार पहले से ही पटाखे बनाने का काम कर रहे थे। मृतका शायर बाई अपनी बेटी राधा के साथ गुड्डी बाई के साथ करीब डेढ़ महीने पहले गुजरात के पटाखा फैक्ट्री में काम करने गई थी। होली के त्योहार पर वह संदलपुर लौटी, लेकिन कर्ज और आर्थिक तंगी के चलते फिर से काम पर जाने को मजबूर हो गई। पटाखा बनाने पर इन्हें 1000 पटाखे बनाने के बदले मात्र 500 रुपये मिलते थे।

संदलपुर और हंडिया के ये सभी लोग 22-23 मार्च को हाटपीपल्या के पास देवगढ़ की एक फैक्ट्री में काम करने गए थे। वहां एक महिला से संपर्क हुआ, जिसने ज्यादा मजदूरी दिलाने के नाम पर उन्हें गुजरात ले जाने के लिए राजी कर लिया। इसके बाद 28 मार्च को ये सभी पहली बार गुजरात गए थे, जहां यह दर्दनाक हादसा हो गया।

सरकार की आर्थिक सहायता ही अंतिम सहारा

मृतक राकेश के भाई संतोष ने बताया कि कुछ महीने पहले ही उनके परिवार के सदस्य गुजरात के डीसा जिले की पटाखा फैक्ट्री में काम कर रहे थे। वे रोज़ 500 रुपये मजदूरी कमाते थे, लेकिन यह नहीं पता था कि ऐसा हादसा हो जाएगा। परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई और अब केवल एक बेटी बची है।

विधायक और प्रशासन की संवेदना

घटना की जानकारी मिलते ही विधायक आशीष शर्मा, भाजपा मंडल अध्यक्ष ललित गुर्जर मृतकों के परिवार से मिलने संदलपुर पहुंचे। विधायक ने बताया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री मोहन यादव और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुजरात के मुख्यमंत्री से चर्चा की है। इसके तहत मृतकों के परिवार को गुजरात सरकार की ओर से 4 लाख रुपये और मध्यप्रदेश सरकार की ओर से 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। साथ ही जिला प्रशासन ने अंत्येष्टि के लिए 50 हजार रुपये की सहायता राशि ग्राम पंचायत को उपलब्ध करवाई है।एसडीएम प्रिया चंद्रावत, तहसीलदार अरविंद दिवाकर, थाना प्रभारी विक्रांत झांझोट भी पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे। वहीं, ग्राम संदलपुर में स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं ने मृतकों के परिवार के लिए भोजन की व्यवस्था की।




Dewas News : फ्रेंचाइजी देने के नाम पर 8.30 करोड़ की ठगी करने वाले पति-पत्नी गिरफ्तार

मध्य प्रदेश सहित अन्यराज्यों में लुकछुप एप्लीकेशन के प्रमोशन और उसे ऑपरेट करने की फ्रेंचाइजी देने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले बंटी-बबली पति पत्नी को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। सीएसपी दिशेष अग्रवाल ने बताया कि इनके द्वारा महाराष्ट्र सहित मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों में ठगी की गई है। इनके द्वारा सोशल मीडिया जैसी एप्लीकेशन के प्रमोशन के नाम पर अलग-अलग जगह पर करोड़ों रुपये की ठगी की गई है।

यह लगभग सात वर्षों से फरार चल रहे थे। 9 थानों के यह वांटेड आरोपी हैं। सीएसपी ने बताया कि इनके द्वारा लगभग 8.30 करोड़ रुपये की ठगी की गई है। मामले में आरोपी सचिन पिता शंकर सिंह सिसोदिया निवासी बड़वाह जिला खरगोन, रीमा सिसोदिया पति सचिव सिसोदिया निवासी बड़वाह को गिरफ्तार किया गया है। कोतवाली थाने में उनके खिलाफ 98 लाख की राशि की धोखाधड़ी का मामला दर्ज है। इसके साथी धार, रतलाम, इंदौर, उज्जैन, महाराष्ट्र में भी इन पर ठगी करने के प्रकरण दर्ज है।

मध्य प्रदेश के अलावा महाराष्ट्र में भी धोखाधड़ी का मामला दर्ज

मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों में ऐप के माध्यम से धोखाधड़ी करने दंपती को पुलिस ने गिरफ्तार किया। मामले को लेकर सीएसपी दिनेश अग्रवाल ने बताया कि दंपती ऐप की एप्लीकेशन के माध्यम से लोगों से बहला फुसलाकर राशि लेते थे। मध्य प्रदेश के कई जिलों में इस तरह के मामले दर्ज हैं। वहीं एक मामला महाराष्ट्र में भी दर्ज हुआ है। पुलिस दंपती से लगातार पूछताछ कर रही है।




Dewas News : कोतवाली थाना पुलिस ने वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया, 10 मोटरसाइकिलों के साथ चार आरोपी गिरफ्तार

देवास पुलिस ने वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। उनके कब्जे से 10 बाइक बरामद की गई हैं। जिनकी अनुमानित कीमत 5.60 लाख रुपये बताई जा रही है।

बता दें कि जिले में हाल ही में मोटरसाइकिल चोरी की घटनाओं में वृद्धि हुई थी, जिसे देखते हुए पुलिस अधीक्षक पुनीत गहलोत के निर्देश पर विशेष टीम बनाई गई। कोतवाली थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए चार वाहन चोरों को गिरफ्तार किया और उनके पास से 10 चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की गई,

नगर पुलिस अधीक्षक दीशेष अग्रवाल ने बताया कि लगातार हो रही वाहन चोरी की घटनाओं के मद्देनजर यह कार्रवाई की गई। पकड़े गए आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे जिला अस्पताल परिसर, मल्हार स्मृति पार्किंग और अन्य स्थानों से बाइक चोरी करते थे। पुलिस को आरोपियों के खिलाफ कई स्थानों पर चोरी की शिकायतें मिली थीं, जिसके बाद सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में राज बेरवाल (निवासी तिगरिया सांचा), नरेंद्र प्रताप महेश प्रजापत (निवासी मल्हार तोड़ी), अर्जुन प्रजापत (निवासी बैरागढ़), और विश्वास शंकरलाल (निवासी ग्राम जामोदी) शामिल हैं। पुलिस ने उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और उनसे पूछताछ जारी है।

पुलिस अधीक्षक पुनीत गहलोत ने बताया कि वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए सतर्कता बढ़ाई गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है। इसके साथ ही शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है ताकि आगे इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।