शिक्षा विभाग का बड़ा एक्शन: सभी शिक्षक अटैचमेंट तत्काल खत्म, मूल स्कूल में देना होगा जॉइनिंग

आयुक्त की आपातकालीन वीडियो कॉन्फ्रेंस में अधिकारियों को दिए गए अहम निर्देश, 6 जुलाई दोपहर 12 बजे तक मांगा अनुपालन प्रतिवेदन

नर्मदापुरम। स्कूल शिक्षा विभाग के आयुक्त द्वारा आयोजित आपातकालीन वीडियो कॉन्फ्रेंस (VC) में प्रदेशभर के समस्त विकासखंड शिक्षा अधिकारियों (BEO), बीआरसी, संकुल प्राचार्यों एवं संस्था प्रमुखों को कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि आदेशों का तत्काल प्रभाव से पालन सुनिश्चित किया जाए तथा निर्धारित समय सीमा में अनुपालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए।

आयुक्त के निर्देशानुसार जिन विद्यालयों में अतिथि शिक्षकों के पद पोर्टल पर रिक्त प्रदर्शित हो रहे हैं, वहां संबंधित संस्था प्रमुख तत्काल अतिथि शिक्षकों की जॉइनिंग कराएंगे। वहीं जिन अतिथि शिक्षकों की उपस्थिति 90 प्रतिशत से कम है, उनके संबंध में विस्तृत कारण सहित प्रतिवेदन जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में 7 जुलाई दोपहर 12 बजे तक जमा करना होगा।

बैठक में सबसे महत्वपूर्ण निर्णय सभी प्रकार के शिक्षक अटैचमेंट तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का लिया गया। निर्देश दिए गए हैं कि अब कोई भी शिक्षक अटैचमेंट पर कार्य नहीं करेगा और प्रत्येक शिक्षक अपने मूल पदस्थ विद्यालय में ही उपस्थित रहेगा। शिक्षकों को उसी विद्यालय में पोर्टल के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करनी होगी, जहां से उनका वेतन आहरित किया जा रहा है।

आयुक्त ने सभी संकुल प्राचार्यों एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे 6 जुलाई 2027 को दोपहर 12 बजे की स्थिति में प्रमाणित करेंगे कि उनके विकासखंड में कोई भी शिक्षक किसी अन्य संस्था में अटैच नहीं है।

इसके अलावा विभाग ने शिक्षकों एवं कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया प्रारंभ करने की तैयारी भी शुरू कर दी है। इसके लिए सभी संकुल प्राचार्यों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पिछले माह जारी ग्रेडेशन सूची का परीक्षण करें तथा मार्च 2025 की स्थिति के अनुसार अपने अधीनस्थ सभी कर्मचारियों की गोपनीय चरित्रावली (सीआर) 7 जुलाई शाम 5 बजे तक जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में अनिवार्य रूप से जमा कराएं।

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी अधिकारी निर्धारित समय-सीमा में निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें, ताकि विभागीय व्यवस्थाओं को पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित बनाया जा सके।