Mp News : मां पीताम्बरा धाम के विकास को मिली 44.24 करोड़ की सौगात, दतिया बनेगा आध्यात्म का केंद्र

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मां पीताम्बरा की नगरी दतिया को प्रदेश का प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थल बनाया जाएगा। केंद्र सरकार की “प्रसाद योजना” (Pilgrimage Rejuvenation and Spiritual Augmentation Drive) के अंतर्गत पीताम्बरा पीठ और उससे जुड़े क्षेत्र के समग्र विकास के लिए 44.24 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। यह राशि मंदिर परिसर के आधुनिकीकरण, श्रद्धालुओं की सुविधाएं बढ़ाने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन देने में उपयोग की जाएगी।

प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि इस योजना के तहत ब्रीदिंग स्पेसेज, मल्टी-लेवल कार पार्किंग, सार्वजनिक सुविधाओं, स्मार्ट डिस्प्ले, संकेतक बोर्ड, इंटरप्रिटेशन सेंटर और फुटपाथों का निर्माण/पुनर्विकास किया जाएगा। मंदिर के उत्तर द्वार के पास 1000 वर्ग मीटर में इंटरप्रिटेशन सेंटर बनाया जाएगा, जहां मंदिर की ऐतिहासिक जानकारी श्रद्धालुओं को दी जाएगी।

ग्वालियर और झांसी से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए हनुमान चौक और बम-बम भोले चौक पर ट्रैफिक नियंत्रण के लिए रोटरी सिस्टम बनेगा। साथ ही फुटपाथों को चौड़ा और सुरक्षित बनाया जाएगा, जिससे पैदल श्रद्धालुओं को सुविधा हो। मल्टी-लेवल पार्किंग के ग्राउंड फ्लोर पर दुकानों की व्यवस्था होगी और भविष्य में इसे मंदिर के पाथवे से जोड़ा जाएगा।

इस योजना से न केवल मंदिर परिसर सुंदर और सुव्यवस्थित होगा बल्कि दतिया को धार्मिक, सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से भी नई पहचान मिलेगी। उल्लेखनीय है कि इससे पहले ओंकारेश्वर और अमरकंटक को भी “प्रसाद योजना” के तहत क्रमशः 44.81 करोड़ और 50 करोड़ की सहायता मिल चुकी है।

सरकार का लक्ष्य माँ पीताम्बरा पीठ को श्रद्धा और आधुनिकता का संगम बनाकर देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों में स्थापित करना है।




Mp News : शराबबंदी के बाद पीएम का आज किसी धार्मिक स्थल पर पहला दौरा, पीतांबरा माई के करेंगे दर्शन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को नवरात्रि के छठे दिन दतिया स्थित पीतांबरा माई के दर्शन करेंगे। धार्मिक नगरों एवं ग्राम पंचायतों में शराबबंदी लागू होने के बाद किसी धार्मिक स्थल का ये मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पहला दौरा होगा। लोकमाता अहिल्याबाई की नगरी महेश्वर में 24 जनवरी को हुई कैबिनेट में 19 धार्मिक नगरों और ग्राम पंचायतों में शराबबंदी के फैसले को मंजूरी दी गई थी। सभी 19 धार्मिक स्थलों पर एक अप्रैल से शराबबंदी लागू हो गई है। इसमें उज्जैन, ओंकारेश्वर, महेश्वर, मंडलेश्वर, ओरछा, मैहर, चित्रकूट, दतिया, पन्ना, मंडला, मुलताई, मंदसौर और अमरकंटक की संपूर्ण नगरीय सीमा में एवं सलकनपुर, कुंडलपुर, बांदकपुर, बरमानकलां, बरमानखुर्द और लिंगा की ग्राम पंचायत सीमा में समस्त बार एवं मदिरा दुकानों को बंद किया जा चुका है।

पीतांबरा पीठ के दर्शन करेंगे

मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार सुबह दतिया पहुंचकर मां पीतांबरा पीठ के दर्शन करेंगे और पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इसके बाद दतिया स्थित स्टेडियम में धन्यवाद सभा में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सुबह 9.30 बजे हेलीकॉप्टर से भोपाल से दतिया के लिए प्रस्थान करेंगे। सुबह 10.45 बजे मुख्यमंत्री दतिया पहुंचकर पीतांबरा माई के दर्शन करेंगे। इसके बाद वे स्थानीय कार्यक्रमों में सम्मिलित होंगे।

अशोकनगर में तैयारियां का लेंगे जायजा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को अशोकनगर जिले की तहसील ईसागढ़ की ग्राम पंचायत आनंदपुर स्थित श्री आनंदपुर ट्रस्ट भी पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दोपहर 12.40 बजे हेलीकॉप्टर से दतिया से दोपहर 01.10 बजे आनंदपुर ट्रस्ट हेलीपेड पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री श्री आनंदपुर ट्रस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 11 अप्रैल को प्रस्तावित भ्रमण की तैयारियों का अवलोकन करेंगे। इसके बाद दोपहर 2 बजे आनंदपुर ट्रस्ट हेलीपेड से ग्वालियर के लिए प्रस्थान करेंगे।




Datia News : कक्षा पांचवीं की परीक्षा में लापरवाही, राज्य शिक्षा केंद्र की जगह NCERT का बांटा पेपर

Datia News Negligence in class 5th exam NCERT paper distributed instead of State Education Center

शासकीय स्कूल, छल्लापुरा

दतिया जिले में पांचवीं कक्षा की परीक्षा में बड़ी लापरवाही सामने आई है। राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा आयोजित परीक्षा में छात्रों को निर्धारित प्रश्न पत्र की जगह एनसीईआरटी का पेपर दे दिया गया और यही नहीं जब इसे सुधारने की कोशिश की गई तब भी नई गलती हो गई।

परीक्षा शुरू होते ही छात्रों को जब प्रश्न पत्र बांटे गए तो वो राज्य शिक्षा केंद्र के बजाय एनसीईआरटी के निकले। इससे छात्रों में हड़कंप मच गया। गलती सुधारने की जल्दबाजी में कर्मचारियों ने फिर दूसरी गलती कर दी। सेकेंड लैंग्वेज की जगह फर्स्ट लैंग्वेज का पेपर दे दिया गया।

परीक्षा केंद्रों में मची इस अफरा-तफरी के बीच शिक्षाकर्मी दौड़ते नज़र आए। पेपर सही करने की कोशिश की गई, लेकिन नई समस्या यह आई कि नए प्रश्न पत्र पर्याप्त संख्या में नहीं पहुंचे थे। ऐसे में छात्रों को पेपर भी नहीं मिले और वे अपने घर तक उसे ले जाकर हल नहीं कर सके। बड़ी बात यह रही कि इस लापरवाही पर जब जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगा गया तो उन्होंने फोन तक नहीं उठाया।

शिक्षा अधिकारी ने कहा है कि हमने गलती स्वीकार की है। इस पर जांच होगी और ज़िम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे मामले में डीपीसी महेंद्र सिंह सेंगर ने एपीसी बृजमोहन दुबे को स्पष्टीकरण देने का नोटिस जारी कर दिया है। अब सवाल ये उठता है कि क्या इस मामले में ठोस कार्रवाई होगी या सिर्फ एक नोटिस जारी कर लापरवाही पर पर्दा डाल दिया जाएगा? शिक्षा प्रणाली में इस तरह की लापरवाहियां बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ हैं। देखना होगा कि क्या शिक्षा विभाग इस गलती से सबक लेता है या फिर यह मामला भी फाइलों में दफन हो जाएगा।