दमोह में किसानों का आक्रोश फूटा: कूपन न मिलने पर किया सड़क जाम, प्रशासन ने दिए आश्वासन के बाद मानी बात

farmers-protest
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दमोह (मध्य प्रदेश): जिले में पर्याप्त खाद की उपलब्धता के बावजूद किसानों (farmers-protest) में आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को पथरिया फाटक ओवरब्रिज वितरण केंद्र पर खाद वितरण को लेकर भारी हंगामा देखने को मिला।
नए कूपन न मिलने से नाराज किसानों ने मुख्य मार्ग पर चक्का जाम कर दिया। करीब एक घंटे तक दमोह–पन्ना और हटा मार्ग पर यातायात ठप रहा। इस दौरान वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

पुराने कूपन धारकों को मिल रही थी खाद, नए किसानों में रोष

जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह विपणन विभाग द्वारा पुराने वितरित कूपन धारक किसानों को डीएपी खाद का वितरण किया जा रहा था। सुबह से ही किसान केंद्र पर लाइन में लग गए थे।इसी बीच आसपास के अन्य गांवों से भी करीब 100 किसान (farmers-protest) केंद्र पर पहुंच गए, जो खाद की उम्मीद में लाइन में शामिल हो गए।

लेकिन जब सुबह करीब 9 बजे उन्हें बताया गया कि “आज सिर्फ पुराने कूपन वालों को ही खाद दी जाएगी, नए कूपन फिलहाल उपलब्ध नहीं हैं,” तो किसानों का धैर्य जवाब दे गया।

नए कूपन न मिलने से नाराज किसान (farmers-protest) नारेबाजी करते हुए सड़क पर उतर आए। देखते ही देखते भीड़ ने दमोह–पन्ना–हटा मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया।इस दौरान महिलाओं समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण किसान मौजूद थे।

एक घंटे तक रुका आवागमन, प्रशासन के हाथ-पांव फूले

करीब सुबह 10:15 बजे तक यह मार्ग पूरी तरह जाम रहा। दमोह से पन्ना और हटा की ओर जाने वाले सैकड़ों वाहन फंस गए। किसानों के प्रदर्शन की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा।

थाना पुलिस, विपणन विभाग के अधिकारी और राजस्व अमले ने मौके पर पहुंचकर किसानों को समझाइश दी।
अधिकारियों ने किसानों को तत्काल कूपन जारी करने और खाद उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया, तब जाकर किसान शांत हुए और सड़क से हटे। इसके बाद जाम खुलवाया गया और आवागमन बहाल किया गया।

खाद वितरण की नई व्यवस्था बनी विवाद की जड़

दमोह जिले में इस वर्ष खाद वितरण के लिए कूपन व्यवस्था लागू की गई है। किसान पहले कूपन प्राप्त कर विपणन केंद्र से खाद ले सकते हैं। हालांकि, प्रिंटिंग और वितरण में विलंब के कारण कई किसानों को अब तक कूपन नहीं मिल पाए हैं।
इसी वजह से शुक्रवार को किसानों को नया कूपन जारी नहीं किया गया था, जिससे विवाद की स्थिति बन गई।

किसानों का कहना है कि जब जिले में पर्याप्त डीएपी खाद उपलब्ध है, तो उन्हें खाद देने में अनावश्यक देरी क्यों की जा रही है। कुछ किसानों (farmers-protest) ने आरोप लगाया कि “पिछले दो दिनों से हम केंद्र के चक्कर काट रहे हैं। अधिकारी कहते हैं कूपन आने पर खाद देंगे, लेकिन कूपन ही नहीं मिल रहे।”

किसानों ने जताई नाराजगी, बोले — “खेती का समय निकल जाएगा”

किसानों का कहना है कि रबी सीजन की बुवाई का समय चल रहा है। यदि खाद वितरण में देरी होती रही, तो गेहूं और चना जैसी फसलों की बुवाई प्रभावित होगी।
किसान राजेश यादव ने कहा — “सुबह से लाइन में लगे थे, फिर भी हमें कहा गया कि नए कूपन वालों को खाद नहीं मिलेगी।
जब डीएपी गोदाम में भरी है, तो वितरण में बाधा क्यों?”

एक अन्य किसान गुलाब अहिरवार ने कहा — “हमारे गांव में बारिश रुकने के बाद अब खेत तैयार हैं, लेकिन खाद नहीं मिल पा रही। अधिकारी बस कूपन-कूपन कहते रहते हैं। अब खेती का वक्त निकल रहा है।”

विपणन विभाग ने दी सफाई

विपणन विभाग के डीएमओ इंद्रपाल सिंह राजपूत ने बताया कि “किसानों को कूपन व्यवस्था के तहत ही खाद वितरित की जा रही है। इससे वितरण में पारदर्शिता और नियंत्रण बना रहता है। फिलहाल जिले में पर्याप्त डीएपी उपलब्ध है, सभी किसानों को जल्द खाद मिल जाएगी।”

उन्होंने किसानों से अपील की कि वे धैर्य रखें और व्यवस्था में सहयोग करें।डीएमओ के अनुसार, शुक्रवार शाम तक सभी प्रदर्शनकारी किसानों को डेट वाले कूपन जारी कर खाद उपलब्ध करा दी गई है।

कूपन व्यवस्था: क्यों और कैसे लागू की गई

जिले में पिछले सालों में खाद वितरण के दौरान ब्लैक मार्केटिंग और अफरातफरी की शिकायतें आई थीं। इन्हीं को रोकने के लिए प्रशासन ने इस बार कूपन आधारित प्रणाली लागू की है।
इस व्यवस्था के तहत —

  • किसान को पहले पंजीयन कर कूपन प्राप्त करना होता है।
  • उसी कूपन के आधार पर खाद का वितरण किया जाता है।
  • इससे एक ही किसान द्वारा बार-बार खाद लेने की संभावना कम होती है और वितरण न्यायसंगत तरीके से किया जाता है।

हालांकि, कूपन जारी करने की प्रक्रिया में देरी और प्रिंटिंग की समस्या के कारण किसानों को खाद मिलने में कठिनाई हो रही है।

किसानों की चेतावनी: अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन

घटना के बाद भी किसानों (farmers-protest) में नाराजगी कायम है। कई किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही कूपन वितरण की प्रक्रिया तेज नहीं की गई, तो वे जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन करेंगे। किसानों का कहना है कि खाद वितरण की यह देरी उनके खेती-किसानी को सीधे प्रभावित कर रही है और प्रशासन को इसकी गंभीरता समझनी चाहिए।

एक किसान ने कहा — “अगर प्रशासन ने अब भी ध्यान नहीं दिया, तो हमें आंदोलन करना पड़ेगा।
हम खाद के लिए भीख नहीं मांग रहे, बल्कि अपना हक मांग रहे हैं।”

दमोह जिले में किसानों और प्रशासन के बीच खाद वितरण को लेकर उपजा विवाद इस बात की ओर संकेत करता है कि व्यवस्था में सुधार की जरूरत है। हालांकि प्रशासन का दावा है कि खाद पर्याप्त है और हर किसान को उसका हिस्सा मिलेगा, लेकिन जमीनी हकीकत में देरी, भ्रम और असंतोष साफ झलक रहा है।

यदि कूपन वितरण प्रक्रिया को सरल और तेज नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में ऐसे विरोध प्रदर्शन बढ़ सकते हैं।
किसानों के लिए अब यह सिर्फ खाद का नहीं, बल्कि खेती के समय और जीविका का सवाल बन चुका है।

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Damoh News: धनेटा तालाब में मचा हड़कंप, बड़ा मगरमच्छ अब भी आज़ाद

दमोह। जिले के तेंदूखेड़ा ब्लॉक की ग्राम पंचायत धनेटा के तालाब में मगरमच्छ की मौजूदगी से ग्रामीण दहशत में हैं। वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में शुक्रवार सुबह एक छोटा मगरमच्छ तो पकड़ा गया, लेकिन तालाब में देखा गया बड़ा मगरमच्छ अब भी आज़ाद घूम रहा है।

पिंजरे में बच्चा फंसा

वन विभाग ने गुरुवार को तालाब के पास पिंजरा लगाया था। ग्रामीणों की उम्मीद थी कि करीब आठ फुट लंबे मगरमच्छ को पकड़ा जाएगा, लेकिन पिंजरे में केवल तीन फुट लंबा मगरमच्छ का बच्चा फंस गया। वनकर्मी उसे झलोन रेंज ले गए, जहां पशु चिकित्सक की जांच के बाद उसे सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जाएगा।

अब भी बना हुआ खतरा

ग्राम पंचायत प्रतिनिधि मनीष जैन ने बताया कि एक माह पहले ग्रामीणों ने तालाब में भारी-भरकम मगरमच्छ देखा था और इसकी जानकारी वन विभाग को दी थी। डिप्टी रेंजर शंकर ठाकुर के अनुसार, तालाब में अभी भी बड़ा मगरमच्छ मौजूद है और संभावना है कि वहां और भी मगरमच्छ हो सकते हैं।

ग्रामीणों को चेतावनी

झलोन वन परिक्षेत्र अधिकारी सतीश मसीह ने कहा कि फिलहाल तालाब के किनारे जाने से बचें और मवेशियों को भी तालाब की ओर न ले जाएं। पकड़े गए मगरमच्छ के बच्चे को भोपाल स्थित वन बिहार भेजा जा रहा है।




Damoh News : दमोह में प्राचीन भैरव मूर्ति चोरी, 3 संदिग्ध हिरासत में, पुलिस ने खुदाई कर बरामद की

दमोह जिले के हिंडोरिया थाना क्षेत्र की बांदकपुर चौकी अंतर्गत सडिया मडिया गांव में तीन दिन पहले चोरी हुई प्राचीन काल भैरव की मूर्ति पुलिस ने बरामद कर ली है। इस मामले में जेसीबी चालक समेत तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

जानकारी के अनुसार, 7 अगस्त की रात धन के लालच में जेसीबी से मूर्ति के चबूतरे के नीचे खुदाई की गई थी। अगले दिन सुबह ग्रामीणों ने मूर्ति गायब देखी, जिससे गांव में तनाव की स्थिति बन गई। मौके पर पूजा सामग्री भी पड़ी मिली। पुलिस जांच के दौरान कुछ ही दूरी पर खुदाई के निशान मिले। यहां आठ फीट गहरे गड्ढे से मिट्टी में दबी मूर्ति बरामद की गई।

मूर्ति को विधिवत पुनः स्थापित कर दिया गया है। पुलिस का कहना है कि हिरासत में लिए गए सभी संदिग्ध बांदकपुर के रहने वाले हैं और इन्हीं ने वारदात को अंजाम दिया है। हिंडोरिया थाना प्रभारी धर्मेंद्र गुर्जर ने बताया कि मामले का पूरा खुलासा जल्द किया जाएगा।




Damoh News : अब बिजली कंपनी खंभों पर लगाएगी स्मार्ट मीटर

दमोह शहर के कई इलाकों में बिजली कंपनी को स्मार्ट मीटर लगाने में पसीना छूट रहा है। इसलिए अब खंभों पर स्मार्ट मीटर लगाने की तैयारी चल रही है। शहर में 6 हजार स्मार्ट मीटर अभी भी लगना बाकी रह गए हैं। अभी 26 हजार उपभोक्ताओं ने मीटर लगवा लिया और विरोध नहीं किया, लेकिन बाकी उपभोक्ता मीटर लगवाने के लिए तैयार नहीं हैं। कंपनी के कर्मचारी यहां पर मीटर लगाने के लिए जाते हैं और विरोध होने पर वापस आ जाते हैं। ऐसे में अब कंपनी इन इलाकों में बिजली के खंभों पर मीटर लगाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए बिजली कंपनी के अधिकारी पुलिस और प्रशासन का भी सहयोग ले रहे हैं।

दरअसल कंपनी ने डिजिटल

मीटर निकालकर उसकी जगह पर स्मार्ट मीटर लगाने के लिए एक फर्म से अनुबंध किया था। फर्म को शहर के 39 वाडों में 32 हजार मीटर बदलने का लक्ष्य था। सबसे पहले कंपनी ने इंदिरा कॉलोनी में मीटर लगाना प्रारंभ किया था। चार माह में आधे से ज्यादा शहर में मीटर बदल दिए, लेकिन जब कसाई मंडी, पठानी मोहल्ला, धर्मपुरा और उसके आसपास मीटर बदलने के लिए स्टाफ पहुंचा तो स्थानीय लोगों ने विरोध कर दिया। जिससे कंपनी के कर्मचारियों को उल्टे पैर वापस लौटना पड़ा।

इन्हीं इलाकों में सबसे ज्यादा बिजली की चोरी

विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों का मानना है कि इस इलाके में सबसे ज्यादा बिजली की चोरी होती है। कई बार यहां पर प्रकरण भी बन चुके हैं, लेकिन बिजली चोरी पर अंकुश नहीं लगा है। यहां पर स्मार्ट मीटर लगने से अंकुश लगेगा, लेकिन मीटर लगने नहीं दिए जा रहे हैं। जिन लोगों ने स्मार्ट मीटर का विरोध किया है। उनके घरों पर अभी भी पुराने मीटर लगे हैं।

हर माह बन रहे 300 बिजली की चोरी के प्रकरण

दक्षिण संभाग के डीई मोतीलाल साहू ने बताया कि स्मार्ट मीटर से बिजली की चोरी पकड़ी जा रही है। जिन इलाकों में मीटर लगाने का विरोध है, वहां पर सबसे ज्यादा बिजली की चोरी होती है। हर महीने 250 से 300 केस बिजली चोरी के बन रहे हैं। इधर कंपनी का कहना है कि विरोध के कारण ही शहर के कई अन्य इलाकों में काम पूरा नहीं हो सका है।

दिसंबर तक का मिला लक्ष्य

विद्युत वितरण कंपनी के एसई सुभाष नागेश्वर ने बताया कि कई प्रयास के बाद भी मीटर नहीं बदलने दिए गए हैं, इसलिए खंभे पर मीटर लगाने का प्लान चल रहा है। इसकी सूचना भी वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी है। वहां से मार्गदर्शन मिलने के बाद मीटर बदलने की प्रक्रिया शुरू होगी। दिसंबर तक पूरे जिले में मीटर लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।




Damoh News : शिक्षक की मौत के मामले में आरटीआई कार्यकर्ता गिरफ्तार

दमोह जिले के हटा थाना क्षेत्र में 15 मई की रात एक शिक्षक को चार लाख रुपए लूटने के बाद जिंदा जलाने के मामले में नया मोड़ सामने आया है। पुलिस एक आरटीआई कार्यकर्ता जितेंद्र भट्ट को इटारसी से गिरफ्तार कर दमोह लाई है। जांच के दौरान पुलिस को मृतक शिक्षक के मोबाइल में भट्ट द्वारा किए गए कई संदेश मिले हैं। इन्हीं कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 306 के तहत गिरफ्तार कर लिया है।

भट्ट लंबे समय से दमोह में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी करने वाले शिक्षकों पर दबाव बना रहा था। उसने कई मामलों को हाईकोर्ट तक पहुंचाया था। कार्रवाई के दबाव में कई शिक्षकों ने अपने पद से इस्तीफा भी दे दिया था। हालांकि, इस मामले में अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि भट्ट शिक्षक राजेश त्रिपाठी को किस बात को लेकर ब्लैकमेल कर रहा था- क्या उनके दस्तावेज फर्जी थे या वे किसी अन्य मामले में उलझे हुए थे। कहा जाता है कि आरटीआई कार्यकर्ता को जान का खतरा होने की आशंका थी, इसलिए वह कई वर्षों से इटारसी में रह रहा था।

बता दें, शिक्षक राजेश पिता आर.पी. त्रिपाठी (47), निवासी सुनवाहा, शासकीय स्कूल रूसंदो में प्राथमिक शिक्षक थे। 15 मई की रात वे हटा आए थे और वहां से करीब चार लाख रुपए लेकर अपने गांव सुनवाहा लौट रहे थे। मृतक के भाई मुकेश ने पुलिस को बताया था कि हारट और बरोदा के बीच नहर के पास अज्ञात लोगों ने उनकी बाइक रुकवा कर रुपए लूट लिए और मारपीट कर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। भाई ने ही फोन कर इस घटना की जानकारी दी थी।

पुलिस ने मृतक शिक्षक के भाई के बयान लिए और उनका मोबाइल भी जब्त किया था। इन्हीं तथ्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया गया। पुलिस का मानना है कि भट्ट लंबे समय से शिक्षक को ब्लैकमेल कर परेशान कर रहा था, जिसकी वजह से शिक्षक ने कथित रूप से आत्महत्या की है। हालांकि अभी सब कुछ स्पष्ट नहीं है, लेकिन बहुत जल्द इस मामले का खुलासा हो सकता है।




Damoh News : कंप्यूटर सेंटर पर पंचायतों की फाइलें मिली, 38 डीएससी डोंगल जब्त

जिले के पटेरा में प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने तीन कंप्यूटर सेंटर पर छापेमारी की.इस दौरान 38 ग्राम पंचायतों के सरपंच-सचिव के डिजिटल सिग्नेचर वाले डोंगल बरामद हुए। साथ ही सैकड़ों आधार कार्ड, सरकारी मस्टर और जनपद अधिकारियों की सीलें भी मिलीं।

एक व्यक्ति की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई। हटा एसडीपीओ प्रशांत सुमन, प्रभारी नायब तहसीलदार शिवराम चढ़ार और दमोह कोतवाली टीआई मनीष कुमार की टीम ने विश्वकर्मा कंप्यूटर और दो राय कंप्यूटर सेंटर पर दबिश दी।

कंप्यूटर सेंटर में मिली पंचायतों की फाइलें

जांच में पता चला कि पंचायतों के विकास कार्यों की फाइलें भी इन कंप्यूटर सेंटर से संचालित की जा रही थीं। एसडीओपी प्रशांत सुमन ने कहा कि यह सामग्री केवल सरकारी कार्यालय में होनी चाहिए थी। सभी दस्तावेज जब्त कर लिए गए हैं।

जांच करेंगें कि दस्तावेज कैसे सेंटर पहुंचे

नायब तहसीलदार चढ़ार ने बताया कि सरकारी दस्तावेजों का कंप्यूटर सेंटर में मिलना गंभीर मामला है। जांच की जाएगी कि ये दस्तावेज यहां कैसे पहुंचे और किसकी मिलीभगत से यह काम हो रहा था। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फर्जी बिलों के भुगतान होने की संभावना

सरपंच सचिव के डिजिटल हस्ताक्षर वाले डोंगल का उपयोग भुगतान के लिए हो रहा था । यह काफी गोपनीय होता है, जिसका पासवर्ड केवल सरपंच सचिव के पास होता है, लेकिन ऐसे करीब 38 डोंगल इन कंप्यूटर सेंटर पर मिले है।

संभावना जताई जा रही है कि फर्जी बिलों पर भुगतान हो रहा था। गौर करने वाली बात यह है कि पटेरा जनपद में कुल 61 ग्राम पंचायत है, जिसमें से 38 ग्राम पंचायत के डिजिटल सिग्नेचर वाले डोंगल इन तीन कंप्यूटर सेंटर पर मिले।




Damoh Love Jihad : एटीएस को इजराइल के मोबाइल से मिले कई अहम सुराग

दमोह शहर के एवरेस्ट लॉज में पहचान छिपाकर शिवा शर्मा के नाम से युवती के साथ ठहरने वाले इजराइल खान से भोपाल एटीएस ने पूछताछ की है। इस दौरान कई अहम सुराग हाथ लगे। आरोपी से जब्त किए गए मोबाइल फोन में तीन युवतियों से अवैध संबंध और करीब 12 युवतियों से चैटिंग की जानकारी सामने आई है। मामला गंभीर होने के चलते दमोह पुलिस ने एटीएस को सूचना दी थी। सूचना के बाद अब एटीएस मामले को लव जिहाद की नजर से देख रही है। आरोपी पन्ना जिले के गुन्नौर की किस मस्जिद में जाता था और वहां किन-किन लोगों से मिलता था, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है।

बता दें कि तीन दिन पहले शुक्रवार को आरोपी जिस हिंदू युवती के साथ पकड़ा गया था। उसकी ओर से आरोपी के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं कराया गया। पुलिस ने आरोपी पर आधार कार्ड फर्जी दस्तावेज इस्तेमाल करने का मामला दर्ज किया था, लेकिन आरोपी के जब्त मोबाइल में कुछ वीडियो मिलने पर एटीएस को सूचना दी। एटीएस की तीन सदस्यीय टीम ने दमोह आकर पूछताछ की। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी के और भी युवतियों से संबंध हैं और हिंदू नाम से चैटिंग करता था। इससे दमोह पुलिस को संदेह हुआ कि आरोपी और भी युवतियों से संबंध बनाता रहा है।

फोटो कॉपी की आड़ में करता था लड़कियों से दोस्ती

मामले में आरोपी ने यह स्वीकार किया है कि वह दमोह के अपने समुदाय की एक फोटो कॉपी की दुकान से हिंदू लड़कियों के नाम और नंबर प्राप्त करता था। वहां लड़कियां अपने स्कूल कॉलेज के दस्तावेजों की फोटो कॉपी कराने आती हैं। नाम नंबर प्राप्त कर उनसे शिवा शर्मा के नाम से दोस्ती करता था। फिर उन्हें अपने जाल में फंसाता था, उनके आपत्तिजनक फोटो, वीडियो बना लेता था।

इसके अलावा बटियागढ़ और दमोह के मुस्लिम दोस्तों से हिंदू लड़कियों के मोबाइल नंबर प्राप्त कर इंस्टाग्राम, फेसबुक, वाट्सएप की सहायता से दोस्ती करता था। आरोपी ग्राम सिली थाना गुन्नौर जिला पन्ना का निवासी बताया जा रहा है। सीएसपी अभिषेक तिवारी का कहना है कि अभी जो भी मामला सामने आया है, उसमें यदि पीड़िताओं की शिकायत आती है तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।




Damoh News : गांव की युवती का लगन लेने गए युवक की ट्रैक्टर से गिरकर मौत

दमोह जिले के हटा थाना क्षेत्र में एक युवक की ट्रैक्टर के बोनट से गिरने के कारण मौत हो गई। शुक्रवार रात वह एक लगुन लेकर गया था। वहां ट्रैक्टर से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद उसे जिला अस्पताल से जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। शनिवार सुबह पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों के सुपर्द कर मामले को जांच में लिया है।

जानकारी के अनुसार पुलिस ने बताया कि भोला पिता कमला प्रसाद अहिरवार 23 निवासी बोरी कला थाना हटा की ट्रैक्टर से गिरने के कारण मौत हो गई। परिजनों के अनुसार भोला गांव की ही लड़की की लगुन लेकर शुक्रवार रात रनेह गांव गया हुआ था। सभी लगूनिया ट्रैक्टर से उतर गए थे तभी भोला ट्रैक्टर की बोनट पर बैठ गया। चालक ट्रैक्टर को साइड में लगा रहा था। इसी दौरान युवक बोनट से नीचे गिर गया। उसका सिर जमीन पर डले पत्थर से टकरा गया। युवक को सिर में गंभीर चोट आई थी। तत्काल ही उसे इलाज के लिए हटा सिविल अस्पताल लाया गया और परिजनों को सूचित किया गया। यहां से दमोह जिला अस्पताल रेफर किया गया। जहां ड्यूटी रत डॉक्टर मधुर चौधरी, डॉक्टर राघवेंद्र कुर्मी ने प्राथमिक इलाज किया, लेकिन सिर में गंभीर चोट होने के कारण उसे जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। वहां रास्ते में युवक ने दम तोड़ दिया। शव को वापस लाया गया और जिला अस्पताल के शव ग्रह में रखा गया। शनिवार सुबह पोस्टमार्टम कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंपा गया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

बहन को लेने जा रहे भाई की कार पलटी

हटा-पटेरा मार्ग पर राजाबंदी गांव के पास कार अनियंत्रित होकर खेत में पलट गई, जिसमें चार लोग घायल हो गए। कुटरी गांव निवासी गोलू पिता राजेश मिश्रा अपनी चचेरी बहन को ससुराल लेने सिमरी गांव जा रहे थे। तभी राजाबंदी के पास कार अनियंत्रित होकर पलट गई। जिसमें सवार डब्बू पिता मूलचंद सेन 19, शिबू पिता सुखदेव पाठक 17 एवं निक्की पिता रामकुमार मिश्रा घायल हो गए। जिन्हें इलाज के लिए सिविल अस्पताल लाया गया जहां प्राथमिक उपचार कर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। बताया जा रहा है कि घायल कुटरी सरपंच रामकुमार मिश्रा के परिजन हैं।




Damoh News : आकाशीय बिजली गिरने दो लोगों की मौत

दमोह जिले में रविवार दोपहर आंधी के साथ झमाझम बारिश हुई। तेजगढ़ थाना क्षेत्र में आकाशीय बिजली गिरने दो लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच में लिया है। वहीं कई स्थानों पर तेज आंधी से पेड़ उखड़ गए तो कहीं टीन शेड हवा में उड़ गए। दोनों मौत अलग अलग स्थानों पर हुई हैं।

भूसा भरते समय हुई घटना

जानकारी के अनुसार तेजगढ़ थाना के कंसा गांव में दोपहर समय बारिश शुरू हुई। उसी दौरान कंसा निवासी अज्जू पिता रामप्रसाद यादव (25) घर के पीछे बारी में रखे भूसे को बारिश से बचने तिरपाल ढांकने गया था। उसी समय आकाशीय बिजली युवक के ऊपर आ गिरी और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन तत्काल युवक को तेजगढ़ प्राथमिक स्वस्थ केन्द्र लेकर पहुंचे जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

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पेड़ के नीचे खड़े युवक पर गिरी बिजली

दूसरी घटना भी दमोह के तेजगढ़ थाना के पुरा बैरागढ़ गांव में घटित हुई। मुकेश पिता भगवानदास लोधी (30) गांव से नदी की तरफ जा रहा था। तभी अचानक बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने वह आम के पेड़ के नीचे खड़ा हो गया था। तभी उस पर आकाशीय बिजली गिरी और मौके पर ही मुकेश की मौत हो गई। युवक के शव को भी तेजगढ़ स्वास्थ्य केंद्र लाया गया।

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साथ ही हर्रई सिंगौरगढ़ में देशराज अहिरवाल के घर के पास लगे लिप्टिस के पेड़ पर आकाशीय बिजली गिरने से आग लग गई। हालांकि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

उड़े टीन शेड

तेज हवाओं के चलने से तेंदूखेड़ा में कई जगह नुकसान भी हुआ है। कई दुकानों के बाहर लगे टीन शेड हवा में उड़ गए तो कई जगह पेड़ की डालियां टूट कर गिर गईं। हालांकि बारिश होने के बाद मौसम जरूर ठंडा हो गया लोगों को गर्मी से राहत मिली।

पुलिस को जानकारी देते परिजन

पुलिस को जानकारी देते परिजन




Damoh News : दमोह में आरोपी डॉक्टर की एमआरसीपी की डिग्री फर्जी निकली

दमोह मिशन अस्पताल के सात मौतों के आरोपी डॉ. नरेंद्र विक्रामादित्य यादव की मुश्किलें बढ़ना तय है। जांच में एमआरसीपी की डिग्री फर्जी निकली है। इसी डिग्री से कार्डियोलॉजिस्ट बनते हैं। डॉ. एनजोन केम और डॉ. नरेंद्र विक्रमादित्य यादव के नाम से बनाई एमआरसीपी की डिग्री की अधिकृत जानकारी सेंट जॉर्ज हॉस्पिटल यूके ने एसपी श्रुतकीर्ति सोमवंशी को मेल पर भेज दी है। इसमें डिग्री फर्जी होने की बात बताई है।

एसपी को यूके के सेंट जॉर्ज हॉस्पिटल के रजिस्ट्रार ने मेल के जरिए इसकी जानकारी दी है। बता दें कि आरोपी डॉ. यादव के पास से पुलिस ने एमआरसीपी की दो अलग-अलग नाम से फर्जी डिग्री जब्त की थी। दोनों की जांच के लिए यूके ईमेल किया था। आरोपी डॉ. यादव ने दावा किया था कि उसने 2001 में सेंट जॉर्ज हॉस्पिटल में अपना एमआरसीपी पूरा किया था और प्रसिद्ध ब्रिटिश हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. ए जॉन केम के अधीन प्रशिक्षण प्राप्त किया था। अब यह साफ हो चुका है कि आरोपी डॉ. यादव ने फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट बनकर इलाज किया था।

इन अस्पतालों में किया इलाज, कई की हुई मौतें

आरोपी डॉ. यादव ने देश के तीन राज्यों और मप्र के कई जिलों में हार्ट के रोगियों का इलाज किया है। बिलासपुर में 8, नरसिंहपुर में 3 मरीजों की मौत होना सामने आई हैं। इसके अलावा हैदाराबाद, नोएडा, जबलपुर, बड़ोदा आदि जगहों पर आरोपी डॉ. यादव ने फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट बनकर इलाज किया है, हालांकि इन स्थानों से डॉ के बारे में कोई भी पत्राचार नहीं हुआ है। एसपी श्रुत कीर्ति सोमवंशी ने बताया सेंट जॉर्ज हॉस्पिटल यूके के कुलसचिव ने ईमेल के जरिए रिपोर्ट दी है। इसमें आरोपी डॉ नरेंद्र विक्रमादित्य व डॉ. एनजोन केम के नाम से डिग्री फर्जी होने की पुष्टी की है। अब इस आधार पर आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 105 के तहत कार्रवाई होगी।

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समझ नहीं आ रही रिपोर्ट

वहीं मेडिकल कॉलेज जबलपुर द्वारा दी गई जांच रिपोर्ट सीएमचओ को मिल गई है, लेकिन खास बात यह है कि यह जांच रिपोर्ट सीएमएचओ डॉ. मुकेश जैन को समझ में नहीं आ रही है। उन्होंने रिपोर्ट का अभिमत लेने के लिए एक्सर्पट को नियुक्त कर दिया है। दल अब इस रिपोर्ट का अध्ययन करेगा और अपनी राय देगा। अभिमत देने के लिए डीएचओ डॉ. विक्रांत सिंह और मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. प्रहलाद पटेल का नाम सामने आया है। दोनों ही इस रिपोर्ट का अध्ययन करेंगे।

जेल में बंद है आरोपी

बता दें कि मिशन हॉस्पिटल के फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर नरेंद्र यादव उर्फ एन जॉन केम को पुलिस ने प्रयागराज से गिरफ्तार किया था। जिसके बाद उसे न्यायालय ने जेल भेज दिया है। आरोपी की अगली पेशी एक मई को तय की गई है। जेल में आरोपी ने अलग से सुविधाओं की मांग जेल प्रशासन से की थी, लेकिन जेल प्रबंधन ने इसे खारिज कर दिया और कहा कि जेल मैनुअल के हिसाब से ही सुविधाएं दी जाएगी। वहीं दूसरी ओर जिला प्रशासन के द्वारा मिशन अस्पताल का लाइसेंस निलंबित कर दिया है। जिसके बाद यह अस्पताल वर्तमान में बंद हो गई है और मरीजो का किसी प्रकार का इलाज यहां नहीं किया जाता