शासकीय संस्थाओं में धूमधाम से मनाया गया संविधान स्थापना दिवस

माखननगर। देशभर की तरह माखननगर नगर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में संविधान स्थापना दिवस बड़े ही उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। तहसील कार्यालय, जनपद पंचायत, ग्राम पंचायतों, शासकीय विद्यालयों सहित सभी सरकारी संस्थाओं में संविधान के प्रति जागरूकता एवं सम्मान प्रकट करने हेतु  कार्यक्रम आयोजित किए गए।

तहसील कार्यालय में विशेष कार्यक्रम

तहसील परिसर में सुबह 11 बजे अधिकारियों, कर्मचारियों एवं आगंतुकों की उपस्थिति में संविधान दिवस कार्यक्रम शुरू हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ संविधान की प्रस्तावना (उद्देशिका) के सामूहिक वाचन से किया गया। तहसीलदार महेंद्र चौहान ने संविधान के महत्व, अधिकारों और कर्तव्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “संविधान केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि भारत के लोकतंत्र की मजबूत नींव है।”
इसके बाद अधिकारियों ने नागरिक कर्तव्यों के निर्वहन पर जोर देते हुए कर्मचारियों को सेवाभाव और पारदर्शिता बनाए रखने की शपथ दिलाई।

जनपद पंचायत में भी दिखा उत्साह

जनपद पंचायत कार्यालय में जनपद सीईओ रंजीत ताराम के नेतृत्व में संविधान दिवस मनाया गया। यहां अधिकारियों, पंचायत सचिवों एवं कर्मचारियों ने संविधान की प्रस्तावना पढ़कर राष्ट्र की एकता, अखंडता और समानता के सिद्धांतों को अपनाने की शपथ ली।
जनपद स्तर पर आयोजित गोष्ठी में ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यों में संवैधानिक सिद्धांतों—विशेषकर न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व—को लागू करने पर चर्चा की गई।

ग्राम पंचायतों में भी मनाया गया संविधान दिवस

क्षेत्र की सभी ग्राम पंचायतों में सरपंचों व पंचों की उपस्थिति में संविधान दिवस कार्यक्रम आयोजित किए गए। ग्राम पंचायत भवनों में छात्रों, ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने मिलकर संविधान की उद्देशिका का पाठ किया।
कुछ पंचायतों में जागरूकता रैली भी निकाली गई, जिसमें युवाओं ने हाथों में संविधान जागरूकता से जुड़े पोस्टर लेकर लोगों को लोकतांत्रिक अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया।

शासकीय विद्यालयों में विविध गतिविधियाँ

नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों के प्राथमिक, माध्यमिक तथा उच्च विद्यालयों में संविधान दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। शिक्षकों ने बच्चों को संविधान के इतिहास, निर्माण प्रक्रिया और डॉ. भीमराव अंबेडकर के योगदान के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
विद्यालयों में पोस्टर प्रतियोगिता,निबंध लेखन,भाषण प्रतियोगिता,प्रश्नोत्तरी
का आयोजन हुआ, जिसमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

कई स्कूलों में बच्चों द्वारा संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पाठ किया गया तथा मानव श्रृंखला बनाकर 26/11 की आकृति भी प्रस्तुत की गई।

प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति

संविधान दिवस के अवसर पर अनेक शासकीय कार्यक्रमों में विभागीय अधिकारी, कर्मचारी, पंचायत प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने संविधान की मूल भावनाओं—लोकतंत्र, समानता, न्याय, स्वतंत्रता और भाईचारा—को जीवन में उतारने का संकल्प लिया।




महाविद्यालय में मनाया गया संविधान स्थापना दिवस

माखननगर। प्रभारी प्राचार्य डॉ. आई.एस. कनेश के निर्देशन में श्री माखनलाल चतुर्वेदी शासकीय महाविद्यालय, माखननगर में संविधान स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई 01 एवं 02 द्वारा विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत संविधान की उद्देशिका (प्रस्तावना) के सामूहिक वाचन व शपथ ग्रहण से हुई, जिसमें सभी प्राध्यापक एवं विद्यार्थियों ने भाग लिया।
संविधान के निर्माण, विकास व वर्तमान स्वरूप पर विस्तृत व्याख्यान डॉ. धर्मेंद्र सिंह चौहान, कार्यक्रम अधिकारी (इकाई 01) ने प्रस्तुत किया। उन्होंने संविधान की मूल भावना, अनुच्छेदों, अधिकारों एवं कर्तव्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

कार्यक्रम के अंतर्गत पोस्टर प्रतियोगिता, दीवार लेखन तथा रंगोली के माध्यम से छात्र-छात्राओं ने अपनी रचनात्मकता का शानदार प्रदर्शन किया। साथ ही छात्रों द्वारा मानव श्रृंखला बनाकर 26/11/25 की आकृति भी प्रदर्शित की गई, जिसने संविधान दिवस की महत्ता को जीवंत रूप दिया।

मानव श्रृंखला एवं गतिविधियों के संचालन में डॉ. कविता दुबे (कार्यक्रम अधिकारी एनएसएस), डॉ. क्षमा मेहरा, प्रो. शिवानी मालवीय आदि की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
संविधान दिवस कार्यक्रम में प्रो. खत्री, डॉ. राजकुमार पटवा, डॉ. अमिताभ शुक्ला, डॉ. संगीता मिश्रा, डॉ. सुमन अवस्थी सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की।

महाविद्यालय में आयोजित यह कार्यक्रम न केवल छात्रों में संविधान के प्रति जागरूकता बढ़ाने वाला रहा, बल्कि नागरिक कर्तव्यों के प्रति जिम्मेदारी भी जगाने वाला सिद्ध हुआ।