बागरा रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव की मांग को लेकर पदयात्रा, रेल प्रबंधक के नाम सौंपा ज्ञापन

14 अप्रैल तक स्टॉपेज शुरू नहीं हुए तो कांग्रेस करेगी बड़ा आंदोलन

माखन नगर। बागरातवा (बागरा) रेलवे स्टेशन पर प्रमुख ट्रेनों के ठहराव और रेक प्वाइंट स्थापना सहित आधारभूत सुविधाओं की मांग को लेकर रविवार को क्षेत्र में जोरदार जनआंदोलन देखने को मिला। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष हेमंत यादव ‘मोनू’ के नेतृत्व में पदयात्रा निकाली गई, जो पंडित माखनलाल चतुर्वेदी को पुष्पांजलि अर्पित कर प्रारंभ हुई और बागरा स्टेशन पर समाप्त हुई।

इस दौरान कांग्रेस नेताओं व ग्रामीणों ने West Central Railway जबलपुर मंडल के रेल प्रबंधक के नाम ज्ञापन सौंपकर ट्रेनों के स्टॉपेज शीघ्र बहाल करने की मांग की। ज्ञापन स्थानीय स्टेशन मास्टर को सौंपा गया।
कोरोना के बाद बंद हुए स्टॉपेज, 140 गांव प्रभावित बागरातवा रेलवे स्टेशन से लगे माखननगर नगर सहित लगभग 64 पंचायतों के 140 गांवों के नागरिकों को पूर्व में अनेक ट्रेनों के ठहराव का लाभ मिलता था। कोरोना काल के बाद कई महत्वपूर्ण ट्रेनों के स्टॉपेज बंद कर दिए गए, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

क्षेत्र के लोगों को न्यायिक कार्यों के लिए High Court of Madhya Pradesh, इलाज के लिए नागपुर, प्रशासनिक कार्यों के लिए भोपाल और शिक्षा-व्यवसाय के लिए इंदौर जाने हेतु कोई सीधी रेल सुविधा नहीं मिल रही है। मजबूरी में लोगों को बस मार्ग से यात्रा करनी पड़ रही है, जिससे समय और धन—दोनों का नुकसान हो रहा है।

ट्रेन नहीं रुकती, सिर्फ गुजरती है
आक्रोश इस बात को लेकर भी है कि बागरा स्टेशन से कई ट्रेनें गुजरती तो हैं, लेकिन रुकती नहीं हैं। इससे दैनिक यात्रियों, छोटे व्यापारियों और मजदूर वर्ग को सीधा नुकसान हो रहा है। पहले जहां व्यापारी ट्रेन से रोज़ाना आना-जाना कर व्यापार करते थे, अब वे महंगे बस किराए पर निर्भर हैं।

औद्योगिक नुकसान और बेरोजगारी
स्टॉपेज बंद होने का सीधा असर स्थानीय उद्योगों पर पड़ा है। क्षेत्र में संचालित कई टाइल्स फैक्ट्रियां परिवहन सुविधा नहीं होने के कारण बंद हो चुकी हैं, जिससे सैकड़ों लोग बेरोजगार हो गए हैं।

इन ट्रेनों के स्टॉपेज की मांग
जबलपुर की ओर जाने वाली ट्रेनें
22191 इंदौर–जबलपुर ओवरनाइट एक्सप्रेस
12159 जबलपुर–अमरावती एक्सप्रेस
11463 सोमनाथ–जबलपुर एक्सप्रेस
11271 इटारसी–बीना–भोपाल विंध्याचल एक्सप्रेस
12854 भोपाल–दुर्ग अमरकंटक एक्सप्रेस
हज़रत निजामुद्दीन–जबलपुर श्रीधाम एक्सप्रेस
इटारसी की ओर जाने वाली ट्रेनें
22192 जबलपुर–इंदौर ओवरनाइट एक्सप्रेस
12853 दुर्ग–भोपाल अमरकंटक एक्सप्रेस
11272 भोपाल–बीना–इटारसी विंध्याचल एक्सप्रेस
11464 जबलपुर–सोमनाथ (वेरावल) एक्सप्रेस
12192 जबलपुर–हज़रत निजामुद्दीन श्रीधाम एक्सप्रेस
12160 जबलपुर–अमरावती एक्सप्रेस

रेक प्वाइंट और सुविधाओं की भी मांग
क्षेत्र में बढ़ते कृषि उत्पादन और खाद-बीज आपूर्ति को देखते हुए स्टेशन पर रेक प्वाइंट स्थापना की मांग भी की गई है, जिससे किसानों और व्यापारियों को सीधा लाभ मिल सके।

साथ ही निम्न सुविधाओं के विकास की मांग की गई—
प्लेटफॉर्म का विस्तार व मानक अनुसार ऊंचाई ,यात्री प्रतीक्षालय की व्यवस्था,
स्वच्छ पेयजल,महिला-पुरुष शौचालय
प्रकाश एवं सुरक्षा व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण

पदयात्रा में नुक्कड़ सभाएं, ग्रामीणों का समर्थन

पदयात्रा के दौरान आंखमऊ, गुर्जरवाड़ा, मानेगांव और बागरा में नुक्कड़ सभाएं आयोजित की गईं, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीणों और समाजसेवी संगठनों ने आंदोलन का समर्थन किया।

कांग्रेस की चेतावनी

इस अवसर पर Madhya Pradesh Congress Committee की सह-प्रभारी श्रीमती उषा नायडू ने कहा—
“कोरोना काल के बाद पूरे देश में रेल सेवाएं शुरू हो चुकी हैं, लेकिन यहां विधायक-सांसदों की उदासीनता के कारण स्टॉपेज बहाल नहीं हुए। भाजपा को अपने रेल मंत्री से मिलकर क्षेत्र को सुविधा दिलानी चाहिए। यह उनकी जिम्मेदारी है।”

उन्होंने चेतावनी दी कि 14 अप्रैल तक यदि ट्रेनों के स्टॉपेज शुरू नहीं किए गए तो कांग्रेस पार्टी बड़ा आंदोलन करेगी।
बड़ी मौजूदगी

ज्ञापन सौंपने के दौरान शिवाकांत पांडे जिला अध्यक्ष, राजकुमार केलु उपाध्याय प्रदेश महासचिव, पुष्पराज पटेल, पूर्व जिला अध्यक्ष विजय बाबू चौधरी, जिला पंचायत सदस्य हाकम सिंह, पूर्व प्रदेश सचिव यशवंत सिंह राजपूत सहित पार्टी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे।




बागरा रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के स्टॉपेज को लेकर कांग्रेस की पदयात्रा कल

माखननगर। बागरा रेलवे स्टेशन पर प्रमुख यात्री ट्रेनों के ठहराव की मांग को लेकर क्षेत्र की जनता एक बार फिर संगठित होने जा रही है। इस संबंध में 22 फरवरी 2026 (रविवार) को माखननगर से बागरा रेलवे स्टेशन तक जनहित पदयात्रा आयोजित करने का ऐलान कांग्रेस ने किया है। पदयात्रा का नारा है— “रेल रुकेगी, तरक्की बढ़ेगी”।

कांग्रेस के अनुसार, माखननगर क्षेत्र की 64 पंचायतों और लगभग 120 गांवों की जनता इस मांग से सीधे तौर पर प्रभावित है। कोरोना काल से पहले बागरा स्टेशन पर जिन यात्री ट्रेनों का ठहराव था, वह अब तक पूरी तरह बहाल नहीं हो पाया है। इससे विद्यार्थियों, मरीजों, किसानों, मजदूरों, व्यापारियों और आम यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ा मुद्दा
पदयात्रा के माध्यम से यह मांग रखी जा रही है कि बागरा रेलवे स्टेशन पर प्रमुख यात्री ट्रेनों का नियमित ठहराव पुनः सुनिश्चित किया जाए। आयोजकों का कहना है कि यह केवल यात्रा सुविधा का मामला नहीं, बल्कि क्षेत्रीय विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार के अवसरों से जुड़ा मूल अधिकार है।

कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी
इस जनहित पदयात्रा में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे
प्रदेश सह-प्रभारी श्रीमती उषा नायर,
जिला कांग्रेस अध्यक्ष ओम पटेल,
पूर्व विधायक एवं पूर्व लोकसभा प्रत्याशी  संजय शर्मा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष  शिवकांत (गुड्डन) पांडेय,प्रदेश महामंत्री  राजकुमार केलू उपाध्याय,
पूर्व जिला अध्यक्ष पुष्पराज पटेल,
किसान कांग्रेस जिला अध्यक्ष विजय बाबू चौधरी

अधिक से अधिक लोगों से शामिल होने की अपील

आयोजकों ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पदयात्रा में शामिल होकर एकजुटता और जनसंकल्प का परिचय दें, ताकि 64 पंचायतों और 120 गांवों की आवाज को अनसुना न किया जा सके।

यह पदयात्रा जिला कांग्रेस कमेटी नर्मदापुरम एवं ब्लॉक कांग्रेस कमेटी माखननगर के तत्वावधान में आयोजित की जा रही है। आयोजकों का कहना है कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक किया जा सकता है।




बिहार विधानसभा चुनाव 2025: कांग्रेस-राजद के बीच सीट बंटवारे पर आज निर्णायक बैठक, राहुल गांधी-तेजस्वी यादव करेंगे अंतिम फैसला

bihar election

नई दिल्ली: बिहार विधानसभा चुनाव (bihar election) 2025 को लेकर कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के बीच सीट बंटवारे पर चल रही लंबी खींचतान अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। दोनों दलों के शीर्ष नेता राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की सोमवार को दिल्ली में होने वाली बैठक में इस मसले पर अंतिम निर्णय लिए जाने की संभावना जताई जा रही है।

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सीट बंटवारे पर जारी गतिरोध

सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस और आरजेडी के बीच पिछले कई दिनों से सीटों के बंटवारे को लेकर गहन चर्चा चल रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पाया था। कांग्रेस चाहती है कि उसे बिहार (bihar election) में कम से कम 60 सीटें दी जाएं, जबकि आरजेडी इसे घटाकर करीब 45 से 50 सीटों तक सीमित रखने के पक्ष में है।

2020 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 70 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन पार्टी अब गठबंधन की मजबूती को ध्यान में रखते हुए अपनी मांग में थोड़ी लचीलापन दिखा रही है। हालांकि, आरजेडी का मानना है कि वह राज्य में प्रमुख विपक्षी दल है और पिछली बार की तुलना में इस बार कांग्रेस को कम सीटों से संतुष्ट होना चाहिए।

राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की (bihar election 2025) अहम मुलाकात

रविवार को दोनों दलों के कई वरिष्ठ नेता दिल्ली पहुंचे। सोमवार को राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की मुलाकात तय है, जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के भी शामिल होने की संभावना है। बताया जा रहा है कि खड़गे ने पहले ही तेजस्वी यादव से फोन पर बात की है और गठबंधन को एकजुट रखने पर जोर दिया है।

कांग्रेस के बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरू और महासचिव सुशील पासी ने कहा कि पार्टी का उच्च नेतृत्व अब इस मामले पर अंतिम फैसला लेगा। उनके अनुसार, “सारी तैयारी पूरी कर ली गई है, बस उच्च कमान को निर्णय लेना है।”

तेजस्वी यादव दिल्ली में, परिवार के साथ रणनीति पर मंथन

तेजस्वी यादव इन दिनों दिल्ली में अपने माता-पिता लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के साथ मौजूद हैं। माना जा रहा है कि तेजस्वी ने बिहार चुनाव ( bihar election) की रणनीति को लेकर अपने पिता से गहन चर्चा की है। आरजेडी अब यह सुनिश्चित करना चाहती है कि सीट बंटवारे के बाद गठबंधन में किसी तरह की नाराजगी या टूट-फूट की स्थिति न बने।

तेजस्वी यादव की रणनीति स्पष्ट है — वह चाहते हैं कि राजद को गठबंधन (bihar election) में प्रमुख स्थान मिले और कांग्रेस समेत अन्य सहयोगी दल उनकी नेतृत्व क्षमता को स्वीकार करें।

वीआईपी पार्टी को लेकर नई उलझन

इस बीच, तेजस्वी यादव अपने सहयोगी मुकेश सहनी की वीआईपी पार्टी को भी गठबंधन में बनाए रखना चाहते हैं। सहनी ने हाल ही में 60 सीटों और उपमुख्यमंत्री पद की मांग रखकर राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी थी।

कांग्रेस ने इस पर स्पष्ट कहा कि “वीआईपी को संभालना राजद की जिम्मेदारी है।” पार्टी का तर्क है कि वह सीधे तौर पर केवल राजद के साथ तालमेल कर रही है, और छोटे सहयोगियों के मसले पर राजद को नेतृत्व करना चाहिए।

एनडीए के खिलाफ साझा मोर्चा

राजद और कांग्रेस दोनों को उम्मीद है कि बिहार bihar election) में एनडीए सरकार के खिलाफ एंटी-इनकंबेंसी माहौल बन चुका है, जिसका फायदा विपक्षी गठबंधन को मिल सकता है। राजद का मानना है कि अगर राहुल गांधी और तेजस्वी यादव साझा जनयात्रा निकालते हैं, तो यह गठबंधन की एकता और जनसमर्थन दोनों को मजबूत करेगी।

राजद के वरिष्ठ नेताओं ने सुझाव दिया है कि तेजस्वी यादव को गठबंधन का “मुख्यमंत्री चेहरा” घोषित किया जाए, ताकि जनता के बीच स्पष्ट संदेश जाए कि विपक्ष एकजुट है और उसके पास स्पष्ट नेतृत्व है।

कांग्रेस का पलटवार: बिहार (bihar election) में मजबूत उपस्थिति

वहीं, कांग्रेस का दावा है कि बिहार के कई जिलों में उसका पारंपरिक वोट बैंक अब भी मजबूत है। पार्टी का कहना है कि वह न सिर्फ एनडीए की नीतिगत विफलताओं को मुद्दा बनाएगी, बल्कि रोज़गार, शिक्षा, और महंगाई जैसे मसलों पर जनता के बीच जाएगी।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा, “गठबंधन का सीट बंटवारा जल्द तय होगा और कांग्रेस अपनी पूरी ताकत के साथ चुनाव मैदान में उतरेगी। हमारा लक्ष्य बिहार (bihar election) में एनडीए सरकार की नीतिगत असफलताओं को उजागर करना और जनता को विकल्प देना है।”

बिहार की राजनीतिक समीकरण में बदलाव के संकेत

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार बिहार (bihar election) में मुकाबला काफी दिलचस्प रहने वाला है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार को लेकर जनता में असंतोष के संकेत हैं, जबकि बीजेपी की आंतरिक चुनौतियां भी बढ़ी हैं। ऐसे में अगर महागठबंधन (राजद-कांग्रेस-लेफ्ट) समय रहते एकजुट होकर अभियान चलाए, तो यह एनडीए के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है।

राजनीतिक विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की संयुक्त रैलियाँ युवाओं और नए मतदाताओं को आकर्षित कर सकती हैं। खासकर रोजगार और शिक्षा के मुद्दों पर दोनों नेताओं की समान सोच गठबंधन के लिए फायदेमंद हो सकती है।

सीट बंटवारे का फार्मूला: कौन कहां मजबूत

राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस ने जिन सीटों की मांग की है, उनमें से अधिकांश सीवान, दरभंगा, पूर्णिया, भागलपुर, चंपारण और गया जैसे इलाके शामिल हैं, जहां पार्टी पारंपरिक रूप से मजबूत रही है।

वहीं, आरजेडी ने अपनी नजरें मधुबनी, समस्तीपुर, सारण, पटना, और जहानाबाद जैसी सीटों पर टिकाई हैं। इन क्षेत्रों में पार्टी का संगठन मजबूत है और पिछली बार भी उसे अच्छा प्रदर्शन मिला था।

सोमवार की बैठक पर सबकी निगाहें

अब सभी की निगाहें सोमवार को होने वाली बैठक पर टिकी हैं। अगर बैठक में कोई ठोस सहमति बन जाती है, तो अगले कुछ दिनों में गठबंधन की औपचारिक घोषणा और सीटों की सूची भी जारी की जा सकती है।

कांग्रेस और राजद दोनों ही इस बात से वाकिफ हैं कि देरी से फैसला लेने पर जमीनी कार्यकर्ताओं में असंतोष फैल सकता है। यही वजह है कि दोनों दल अब किसी भी कीमत पर जल्दबाजी में नतीजे पर पहुंचना चाहते हैं।

बिहार चुनाव (bihar election) 2025 से पहले कांग्रेस-राजद गठबंधन का यह सीट बंटवारा न केवल दोनों दलों के लिए बल्कि पूरे महागठबंधन के भविष्य के लिए अहम साबित होगा। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की बैठक से यह तय होगा कि विपक्ष कितनी मजबूती से एनडीए के खिलाफ मोर्चा खोल पाएगा।

अगर दोनों दलों के बीच सहमति बन जाती है, तो बिहार (bihar election) की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। लेकिन अगर मतभेद जारी रहे, तो विपक्षी एकता पर सवाल उठना तय है।

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इटारसी में कांग्रेस की किसान खेत न्याय यात्रा कल

Kisan Nyay Yatra

जिला कांग्रेस कमेटी के तत्वाधान में कल 19 सितंबर, शुक्रवार को इटारसी में कांग्रेस की किसान खेत न्याय यात्रा आयोजित होने जा रही है। इस यात्रा में मुख्य रूप से प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी, मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार, लोकसभा पूर्व प्रत्याशी संजय शर्मा और कांग्रेस के कद्दावर नेता मानक अग्रवाल शामिल होंगे।

यात्रा को ऐतिहासिक और भव्य बनाने के लिए जिला कांग्रेस कमेटी ने पूरी तैयारी की है। वहीं, नगर कांग्रेस के युवा भी इसमें सक्रिय रूप से शामिल होकर कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। पुरानी इटारसी के आजाद चोक से लेकर तुलसी चोक तक कांग्रेस के झंडों और बैनर-पोस्टरों से पूरे मार्ग को सजाया गया है।

जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष शिवाकांत गुड्डन पांडेय ने बताया कि किसान खेत न्याय यात्रा और वोट चोर गद्दी छोड़ यात्रा को ऐतिहासिक बनाने के लिए भव्य तैयारियां की गई हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष दोपहर 2 बजे इटारसी पहुंचेंगे और यात्रा की शुरुआत पुरानी इटारसी आजाद चोक से होगी। यात्रा ओबरब्रिज होते हुए बाजार स्थित तुलसी चोक तक पहुंचेगी, जहां विशाल आमसभा का आयोजन किया गया है।

इस दौरान सभी वरिष्ठ कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता आम जनता को प्रदेश सरकार की नीतियों में हुई गलतियों के बारे में जागरूक करेंगे। यात्रा में युवा वर्ग और महिलाओं की बड़ी संख्या भी शामिल होगी। आमसभा के बाद प्रदेश अध्यक्ष श्री पटवारी जिला कांग्रेस कार्यालय पहुंचकर कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे। प्रदेश अध्यक्ष लगभग तीन से चार घंटे इटारसी में रुकेंगे।

जिला कांग्रेस प्रवक्ता अनिल रैकवार ने इस यात्रा के महत्व और इसमें जनता की भागीदारी के बारे में जानकारी दी।

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