जुन्नारदेव की विशाला पंचायत में “फर्जी सामुदायिक भवन” का पर्दाफाश — भ्रष्टाचार पर कलेक्टर की सख्त कार्रवाई

छिंदवाड़ा जिले की जुन्नारदेव तहसील से लगी विशाला पंचायत में करोड़ों के विकास कार्यों के बीच एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पंचायत व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां विधायक निधि से प्रस्तावित सामुदायिक भवन का निर्माण तो होना था, लेकिन जमीन पर खड़ा है सिर्फ एक स्ट्रक्चर जिस पर भगवान शिव की 51 फीट प्रतिमा स्थापित की जा रही है। आरोप है कि भवन निर्माण के नाम पर फर्जी बिल लगाकर सरकारी राशि निकाल ली गई, जो अब पूरे जिले में चर्चा का केंद्र बन गया है।

विधायक निधि से 24.98 लाख मंजूर — लेकिन भवन नदारद
प्राप्त जानकारी के अनुसार 29 मार्च 2023 को सामुदायिक भवन के लिए विधायक निधि से 24 लाख 98 हजार रुपये की स्वीकृति दी गई थी। प्रशासनिक प्रक्रिया के बाद तीन किस्तों में 16 लाख रुपये पंचायत तक पहुंच भी चुके थे। नियमों के अनुसार यह राशि सामुदायिक भवन के निर्माण में उपयोग होनी थी, लेकिन मौके पर पहुंची जांच टीम को वहां ऐसा कोई भवन नजर नहीं आया।

इसके उलट, वहां 15 पिलर्स वाला एक बड़ा स्ट्रक्चर बना हुआ है, जिस पर भगवान शिव की 51 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की जानी है। यह स्थान स्थानीय स्तर पर एक धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसका सीधा अर्थ यह है कि सामुदायिक भवन तो कभी बना ही नहीं, लेकिन उसके नाम पर सरकारी राशि की निकासी कर ली गई।
स्थानीय लोगों का आरोप – “धार्मिक स्थल के नाम पर विधायक निधि का दुरुपयोग”

स्थानीय निवासी अश्वनी गोदवानी और विवेक चंद्रवंशी ने खुलकर आरोप लगाया कि
“यहां सामुदायिक भवन बनना था, लेकिन जो स्ट्रक्चर बनाया गया है वह धार्मिक स्थल के लिए है। प्रतिमा के लिए चंदा भी हुआ है, जबकि सरकारी निधि सामुदायिक भवन के नाम पर निकाल ली गई है। ये साफ-साफ भ्रष्टाचार है।”
लोगों का कहना है कि अगर यह जगह धार्मिक विकास के लिए ही चुनी गई थी तो इसकी स्पष्ट अनुमति और अलग प्रस्ताव क्यों नहीं बनाया गया? सामुदायिक भवन जैसी सार्वजनिक सुविधा को छोड़कर धार्मिक संरचना को प्राथमिकता देना अपने आप में संदिग्ध है।

कलेक्टर की बड़ी कार्रवाई — दोषियों पर रिकवरी नोटिस
शिकायत के बाद कलेक्टर हरेंद्र नारायण ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे तत्काल एसडीएम जुन्नारदेव को जांच के लिए सौंप दिया। जांच रिपोर्ट आने पर कलेक्टर ने किसी भी तरह की ढील नहीं दी और कड़ा कदम उठाते हुए—ग्राम पंचायत विशाला के सरपंच,ग्राम पंचायत सचिव,संबंधित इंजीनियर,सब इंजीनियर,तत्कालीन AE (असिस्टेंट इंजीनियर),CEO जनपद पंचायत इन सभी को रिकवरी नोटिस जारी कर दिया है।
कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि सरकारी राशि का दुरुपयोग किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा और हर्जाना संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से वसूला जाएगा।

“यह सिर्फ भ्रष्टाचार नहीं, जनता के भरोसे की चोरी है”
राज्य में पंचायतों पर लगातार बढ़ते आरोपों के बीच यह मामला एक और बड़ा झटका है। यह सिर्फ सरकारी धन की चोरी नहीं, बल्कि जनता के विश्वास का उल्लंघन है। विधायक निधि जैसी राशि का उद्देश्य ग्रामीण विकास और सार्वजनिक सुविधाओं को बढ़ावा देना होता है, न कि धार्मिक संरचनाओं के नाम पर फर्जी बिल बनाने के लिए।

यह सवाल भी अब तेज़ी से उठ रहा है कि:क्या पंचायत और जनपद स्तर पर जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदकर बिल पास कर रहे थे?
किसके दबाव में सामुदायिक भवन की जगह धार्मिक संरचना को प्राथमिकता मिली?
यदि यह धार्मिक स्थल था तो फिर प्रतिमा के लिए चंदा किस उद्देश्य से लिया गया और सरकारी राशि किस उद्देश्य से?
यह मामला भ्रष्टाचार के साथ-साथ प्रशासनिक लापरवाही का भी क्लासिक उदाहरण बन गया है।

कलेक्टर ने जिस तेजी से कार्रवाई की है, उससे साफ है कि अब इस मामले में आगे और बड़े कदम उठेंगे। रिकवरी के बाद निलंबन और FIR की प्रक्रिया भी संभव है। अगर फर्जी बिल निर्माण सिद्ध होता है, तो यह भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत गंभीर अपराध की श्रेणी में आएगा।

स्थानीय लोगों की मांग है कि इस पूरे मामले को सिर्फ रिकवरी तक सीमित न रखा जाए, बल्कि इसमें शामिल सभी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों पर सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी सरकारी निधि के साथ इस तरह का खिलवाड़ करने की हिम्मत न करे।




Chhindwada News : 90 लाख की धोखाधड़ी में फरार साध्वी लक्ष्मी दास गिरफ्तार, पुलिस ने नदी पार कर पकड़ा

छिंदवाड़ा : 90 लाख रुपये के गबन और अदालत को गुमराह करने के संगीन मामले में लंबे समय से फरार चल रहीं साध्वी लक्ष्मी दास (असली नाम – रीना रघुवंशी) को छिंदवाड़ा पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी नर्मदापुरम जिले के चंद्रकलां गांव से हुई, जहां साध्वी धार्मिक अनुष्ठान के बहाने छिपी हुई थी।

पुलिस की तत्परता और फिल्मी अंदाज में गिरफ्तारी

सूचना मिलने पर जब पुलिस वहां पहुंची, तो साध्वी को भनक लग गई। उसने टॉयलेट जाने का बहाना बनाकर भागने की कोशिश की और पास की नदी पार कर दूसरे गांव में छिप गई। लेकिन पुलिस ने नाव की मदद से पीछा किया और चारों ओर से घेराबंदी कर साध्वी को गिरफ्तार कर लिया।

मामले की पृष्ठभूमि

यह मामला छिंदवाड़ा के प्रसिद्ध रामजानकी मंदिर, लोनीकलां से जुड़ा है। मंदिर के पूर्व महंत स्व. कनक बिहारी दास द्वारा घोषित ₹1 करोड़ की दानराशि में से ₹90 लाख रहस्यमय तरीके से बैंक खाते से निकाल लिए गए थे। पुलिस जांच में यह रकम साध्वी लक्ष्मी दास के खाते में स्थानांतरित होने की पुष्टि हुई है।

विशेष बात यह रही कि संबंधित बैंक खाते में कोई नामित उत्तराधिकारी (nominee) नहीं था, जिससे धोखाधड़ी की आशंका और गहरी हो गई। इस घोटाले में एक बैंक मैनेजर की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है।

अदालतों से राहत नहीं मिली

साध्वी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पहले मध्यप्रदेश हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर की थीं। हाईकोर्ट ने 19 मई को अग्रिम जमानत याचिका यह कहते हुए खारिज की कि आरोपी ने तथ्यों को छुपाया और अदालत को गुमराह किया। बाद में साध्वी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए साध्वी ने पहले मध्यप्रदेश हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, लेकिन दोनों जगह से उसे कोई राहत नहीं मिली। 19 मई को हाईकोर्ट ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए स्पष्ट कहा था कि उसने तथ्य छुपाए और अदालत को गुमराह करने की कोशिश की। बाद में सुप्रीम कोर्ट में दायर विशेष अनुमति याचिका (SLP) भी साध्वी ने खुद ही वापस ले ली थी, जिसके बाद से वह फरार चल रही थी।

अब छिंदवाड़ा पुलिस की स्पेशल टीम उसे हिरासत में लेकर वापस लौट चुकी है और मंगलवार को साध्वी को अदालत में पेश किया जाएगा। पूछताछ के दौरान यह जानने की कोशिश की जाएगी कि 90 लाख रुपये की रकम कहां और कैसे खर्च की गई। साथ ही पुलिस बैंक अधिकारियों की भूमिका और अन्य संलिप्त व्यक्तियों की जांच भी करेगी। माना जा रहा है कि यह मामला अब और भी गंभीर मोड़ ले सकता है, क्योंकि इसमें मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कई अन्य वित्तीय दस्तावेज और लेनदेन की परतें खुलने की उम्मीद जताई जा रही है।




Chhindwada News : पुलिस ने 3 घंटे में किया कमाल! तामिया के जंगलों से अपहृत 2 वर्षीय मासूम बरामद, दो आरोपी गिरफ्तार

मध्य प्रदेश में छिंदवाड़ा पुलिस ने एक बड़ा कारनामा कर दिखाया है। रायसेन से अगवा किए गए दो साल के मासूम को सिर्फ तीन घंटे में सकुशल बरामद कर लिया गया। पुलिस ने तामिया के एक गांव से दो अपहरणकर्ताओं को धर दबोचा।

बता दें कि गुरुवार-शुक्रवार की दरम्यानी रात रायसेन जिले के पालोहा गांव से एक बच्चा अगवा कर लिया गया। बच्चा योगेंद्र पटेल का बेटा है और सिर्फ दो साल का है। अज्ञात बदमाशों ने फिरौती की मांग भी की थी। रायसेन पुलिस ने तुरंत छिंदवाड़ा पुलिस को इनपुट दिया कि आरोपी तामिया की तरफ भागे हैं। जैसे ही जानकारी मिली, छिंदवाड़ा के एसपी अजय पांडे खुद फील्ड में उतर गए। उन्होंने रात में ही विशेष टीम को लेकर तामिया रवाना किया। थाना तामिया प्रभारी आशीष जैतवार को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। तकनीकी टीम ने मोबाइल लोकेशन ट्रैक की, और पता चला कि आरोपी तामिया के साझकुई गांव में हैं।

बच्चा नींद की गोली खाकर बेसुध मिला

पुलिस जब मौके पर पहुंची, तो आरोपी बच्चा लेकर एक परिचित के घर में रुके थे। बच्चे को शांत रखने के लिए नींद की गोली दी गई थी। पुलिस ने घेराबंदी कर बच्चे को सकुशल बरामद किया। दो आरोपी मौके से गिरफ्तार हुए। उनकी पहचान राहुल पटेल (30) निवासी – करोला, जिला रायसेन और उमेश गौर (22) निवासी – करोला, थाना बेगमगंज, रायसेन के रूप में की गई। दोनों ने कुबूल किया कि उन्होंने फिरौती के इरादे से बच्चे का अपहरण किया था। पूछताछ में एक और साथी अन्नू पटेल का नाम भी सामने आया है।

एसपी अजय पांडे ने बताया कि बच्चा सलामत मिल जाए, बस यही लक्ष्य था। टीम ने शानदार समन्वय दिखाया और समय पर सफलता पाई। बच्चे और आरोपियों को अब रायसेन पुलिस को सौंप दिया गया है।




Chhindwada News : बेटे ने पिता की पीट-पीटकर हत्या की, शव को सड़क से घसीटकर घर में रखा

छिंदवाड़ा जिले के परासिया के सिद्धबाबा ढाना में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहां, एक बेटे ने शराब के नशे में अपने ही पिता की लाठी और धारदार हथियार से बेरहमी से पिटाई कर दी। पिटाई इतनी गंभीर थी कि 58 वर्षीय वृद्ध की मौके पर ही मौत हो गई। वृद्ध का शव घर में मिला, जबकि घायल अवस्था में उसे पहले सड़क से घसीटकर अंदर लाया गया था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

घटना रविवार रात की है। मृतक मिठाईलाल परतेती मजदूरी करता था और कुछ समय से बहन के पास रह रहा था। लेकिन, बीते तीन दिन से वह बेटे पप्पू परतेती और बहू के साथ रह रहा था। रविवार को पिता-पुत्र दोनों ने शराब पी रखी थी। देर रात दोनों में विवाद हुआ, देखते ही देखते पप्पू ने डंडे और धारदार हंसिए से पिता पर हमला कर दिया। हमले में मिठाईलाल बुरी तरह घायल हो गए। हाथ की हड्डी टूट गई, घुटनों और गाल पर भी चोट के गहरे घाव थे। पुलिस को मौके से एक हंसिया भी बरामद हुआ है।

शव मिला घर में, परिजन चुप

घटना के बाद आरोपी पप्पू मौके से फरार हो गया। उसने शव को सड़क से उठाकर घर में रखा गया था। परिजन और आसपास के लोग पुलिस कुछ भी बताने से बचते नजर आए। मृतक की बहन की सूचना पर पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया। मौके पर पहुंची परासिया और रावनवाड़ा शिवपुरी थाना पुलिस ने घर सील कर दिया गया है। पुलिस की प्राथमिक जांच में हत्या की पुष्टि हुई है। आरोपी की तलाश की जा रही है।




Chhindwara News : जमीन विवाद में छोटे भाई ने बड़े भाई को उतारा मौत के घाट, सिर पर लकड़ी से वार कर युवक की हत्या

छिंदवाड़ा जिले के उमरेठ थाना क्षेत्र के ग्राम गुरैयाथर में शनिवार सुबह जमीन का विवाद खूनी मोड़ ले गया। दो सगे भाइयों के बीच हुए झगड़े में छोटे भाई ने बड़े भाई की हत्या कर दी। आरोप है कि छोटे भाई किसनलाल बन ने लकड़ी से वार कर बड़े भाई विसराम बन को मौत के घाट उतार दिया। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, घटना सुबह उस समय हुई जब दोनों भाइयों के बीच पुराने जमीन विवाद को लेकर बहस शुरू हुई। देखते ही देखते बात बढ़ गई और झगड़ा मारपीट में तब्दील हो गया। गुस्से में किसनलाल ने पास पड़ी लकड़ी उठाकर बड़े भाई के सिर में मार दी, जिससे विसराम की मौके पर ही मौत हो गई। परिवार और गांव वालों में चीख-पुकार मच गई। गांव वालों ने तत्काल डायल-100 पर सूचना दी। मौके पर उमरेठ थाना प्रभारी विजय राव माहोरे, अनिल कुमार उइके और पुलिस टीम पहुंची। मृतक के परिजनों से पूछताछ कर जांच शुरू की। पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों भाइयों के बीच काफी समय से जमीन को लेकर विवाद चला आ रहा था। कई बार पंचायत ने मामला सुलझाने की कोशिश भी की गई, लेकिन बात नहीं बनी।

हत्या का केस दर्ज

उमरेठ पुलिस ने धारा 103 बीएनएस के तहत केस दर्ज कर आरोपी किसनलाल बन की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा। घटना के बाद से गांव में तनाव का माहौल है। परिजन सदमे में हैं और पारिवारिक विवाद इस हद तक पहुंच सकता है, किसी ने सोचा भी नहीं था।




Chhindwada News : पत्नी ने पति की हत्या के लिए रची सनसनीखेज साजिश

प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है। एक पत्नी ने अपने शराबी पति को रास्ते से हटाने के लिए ऐसी खौफनाक साजिश रची कि सुनकर रोंगटे खड़े हो जाएं। मोहखेड़ थाना क्षेत्र के उमरानाला चौकी अंतर्गत पत्नी कांता बाई ने अपने भतीजे और दामाद के साथ मिलकर पति अशोक धुर्वे (55) की गला घोंटकर हत्या कर दी और शव को खेत की मेड़ पर फेंक दिया। पुलिस ने महज 24 घंटे में इस सनसनीखेज हत्याकांड का पर्दाफाश कर तीनों आरोपियों को धरदबोचा।

27 अप्रैल को लिंगा बायपास के पास सालीमेटा गांव में खेत की नाली में एक 90% सड़ा हुआ कंकाल मिला। उमरानाला पुलिस ने जांच शुरू की तो कांता बाई ने शव की पहचान अपने पति अशोक धुर्वे के रूप में की। शुरुआत में मामला सामान्य मौत का लगा, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने सनसनी मचा दी। रिपोर्ट में गला घोंटकर हत्या की पुष्टि हुई और गले में काली रस्सी भी मिली। पुलिस ने तुरंत तफ्तीश तेज की और कांता बाई से पूछताछ में सारा राज खुल गया।

शराब और मारपीट बनी हत्या की वजह

जांच में पता चला कि अशोक धुर्वे शराब के नशे में अक्सर कांता को बेरहमी से पीटता था। कांता का गांव के ही राजू कुडापे (32) से अवैध संबंध था। तंग आ चुकी कांता ने अपने रिश्ते के भतीजे राजू और दामाद जगदीश उइके (33) के साथ मिलकर अशोक को ठिकाने लगाने की ठान ली। तीनों ने साजिश के तहत अशोक को पहले शराब पिलाई, फिर सुनसान खेत में ले जाकर रस्सी से गला घोंटकर उसकी जान ले ली। हत्या के बाद शव को खेत की मेड़ में फेंक दिया और रस्सी को मिट्टी में दबा दिया।

मोबाइल ने खोली पोल

हत्या के बाद कांता ने अशोक का मोबाइल राजू के घर में छिपा दिया। लेकिन पुलिस की साइबर सेल ने मोबाइल को ट्रैक कर राजू को हिरासत में लिया। सख्त पूछताछ में राजू टूट गया और उसने पूरी साजिश उगल दी। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल बाइक, मोबाइल और रस्सी बरामद कर ली।

तीनों आरोपी सलाखों के पीछे, पुलिस को इनाम

29 अप्रैल को कांता बाई, राजू कुडापे और जगदीश उइके को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इस सनसनीखेज मामले को सुलझाने में उमरानाला पुलिस, मोहखेड़ थाना और साइबर सेल की टीम ने दिन-रात एक कर दी। छिंदवाड़ा एसपी अजय पांडे ने मामले के त्वरित खुलासे के लिए पुलिस टीम को पुरस्कार देने की घोषणा की है।




Mp News : उपसरपंच ने आदिवासी महिला से किया प्रेम विवाह, 10 गांवों की पंचायत ने लगाया 1.30 लाख का जुर्माना

छिंदवाड़ा जिले में अपनी पसंद से शादी करना उपसरपंच को महंगा पड़ गया। दस गावों की पंचायत ने उस पर सवा लाख का जुर्माना लगा दिया है।

जानकारी के मुताबिक हर्रई ब्लॉक के सालढाना गांव के उपसरपंच उरदलाल यादव ने एक आदिवासी युवती पंचवती उईके से कोर्ट मैरिज कर ली, और बस… इलाके के ‘ठेकेदारों’ को यह रास नहीं आया। नतीजा? दस गांवों के सरपंचों ने मिलकर पंचायत बिठाई और फरमान जारी कर दिया – 1.30 लाख का हर्जाना दो, नहीं तो समाज से बाहर!

पंचायत बनी ‘अदालत’, प्यार बना ‘गुनाह’

सितंबर 2024 में सालढाना समेत 10 गांवों के सरपंच एकजुट हुए। उनकी ‘अदालत’ बैठी और ‘गुनाह’ तय हुआ – एक गैर-आदिवासी का आदिवासी महिला से विवाह। सजा भी तुरंत सुना दी गई – मोटा जुर्माना और सामाजिक बहिष्कार का खौफ।

एक साल बीता, दर्द अब भी ताजा

शादी को सालभर हो गया, लेकिन पंचायत का ‘इंसाफ’ अभी बाकी है। एक साल बीतने के बाद भी जब उपसरपंच ने जर्माना राशि अदा नहीं की तो पंचायत की तरफ से ही बिरजू पिता जहरलाल जनसुनवाई में पहुंच गए और प्रशासन से गुहार लगाई – हुजूर, हमारा जुर्माना वसूल करवाओ! जनसुनवाई में अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को समझा है और जांच के आदेश दे दिए हैं। सूत्रों की मानें तो अगर पंचायत का यह आदेश गैरकानूनी निकला, तो सरपंचों पर गाज गिरना तय है।

किसने क्या कहा

सालढ़ाना पंचायत के सरपंच पति सुरेंद्र ने बताया कि दस गांव की पंचायत ने सर्वसम्मति से ये फैसला सुनाया था, जिसकी जुर्माना राशि अभी तक नहीं मिल सकी है। उपसरपंच उरदलाल पिता हंसराज ने बताया कि मैंने आदिवासी महिला से विवाह किया था। दोनों की मर्जी थी। मैं जुर्माने की राशि देने की स्थिति में नहीं हूं।




Chhindwara News : संबल योजना का लाभ लेने के लिए मौत को दुर्घटना का रूप दिया

संबल योजना के तहत आर्थिक सहायता पाने के लिए चौरई में एक और बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। यहां एक महिला के पति की स्वाभाविक मौत को हादसा बताकर योजना का लाभ लिया गया। खाते में आई चार लाख की राशि में से महिला को सिर्फ 50 हजार रुपये मिले, बाकी रकम गबन कर ली गई। मामले में नगर पालिका कर्मचारी और एक अन्य युवक पर प्रकरण दर्ज किया गया है। वार्ड 6 निवासी माला वर्मा ने शिकायत में बताया कि 24 मई 2023 को उनके पति रामकिशन वर्मा की स्वाभाविक मौत हो गई थी। कुछ दिन बाद पड़ोस में रहने वाला प्रयास शर्मा उनके पास आया और कहा कि वह संबल योजना से मदद दिलवा सकता है। उसने दस्तावेज लेकर योजना का आवेदन तैयार किया और खाते में चार लाख रुपये की सहायता राशि आ गई, लेकिन माला वर्मा को केवल 50 हजार रुपये मिले, बाकी रकम आरोपी ले उड़ा।

SDM ने दिए जांच के आदेश, रिपोर्ट में हुआ फर्जीवाड़ा उजागर

शिकायत पर एसडीएम ने जांच का जिम्मा नायब तहसीलदार रूही खान को सौंपा। जांच में सामने आया कि रामकिशन की मौत स्वाभाविक थी, लेकिन योजना में उसे दुर्घटना बताकर प्रकरण तैयार किया गया। इस गड़बड़ी में नगरपालिका के कंप्यूटर ऑपरेटर को दोषी बताया गया, जबकि योजना शाखा प्रभारी की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। केवल ऑपरेटर नहीं, पूरा सिस्टम शक के घेरे में स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना योजना प्रभारी की जानकारी के ऐसा फर्जीवाड़ा मुमकिन नहीं। ऑपरेटर को बलि का बकरा बनाकर मामले को दबाने की कोशिश हो रही है। नगर में संबल योजना के ऐसे और भी फर्जी प्रकरणों की चर्चा है। फिलहाल पुलिस ने आरोपी अंशुल (नगरपालिका कर्मचारी) और प्रयास शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सूत्रों की मानें तो फाइनल रिपोर्ट में और भी नाम सामने आ सकते हैं।

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Chhindwara News : अमरवाड़ा में पराली जलाने पर सात किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज, दिए ये निर्देश

छिंदवाड़ा के अमरवाड़ा तहसील में फसल कटाई के बाद खेतों में नरवाई (पराली) जलाने वाले सात किसानों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की है। कलेक्टर के स्पष्ट प्रतिबंध के बावजूद नरवाई जलाने की घटना सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई है।

अमरवाड़ा तहसील के ग्राम अमरवाड़ा के हल्का नंबर 47 में तीन अप्रैल 2025 को खेतों में नरवाई जलती हुई पाई गई थी। कलेक्टर के आदेश क्रमांक DMC/SW/Krishi/2024-25/2160 दिनांक 21.03.2025 के तहत नरवाई जलाना पूर्णतः प्रतिबंधित है। घटना की सूचना मिलते ही राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और जांच की।

जांच में यह स्पष्ट हुआ कि खेतों में आग स्वतः नहीं लगी थी, बल्कि किसानों द्वारा जानबूझकर लगाई गई थी। टीम को मौके पर न तो बिजली की लाइनें टूटी हुई मिलीं और न ही शॉर्ट सर्किट का कोई प्रमाण मिला। इसके बाद प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए सात किसान नारायण पिता रोशनलाल लोधी, मोतीलाल पिता खुर्शीराम साहू, ओमप्रकाश पिता खुर्शीराम साहू, अजय पिता बालकृष्ण साहू, दीनदयाल पिता बालकृष्ण साहू, श्याम सिंह पिता कोटू सिंह राजपूत और शक्ति नारायण पिता गुमान सिंह राजपूत के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत एफआईआर दर्ज कराई है।

तहसील कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, इन सभी किसानों का कृत्य कलेक्टर के आदेश का उल्लंघन और नागरिक सुरक्षा संहिता का अपराध है। थाना अमरवाड़ा को इस मामले में एफआईआर दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

कृषि विशेषज्ञों ने नरवाई जलाने के गंभीर परिणामों पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि नरवाई जलाने से मिट्टी की उर्वरता नष्ट होती है और पर्यावरण पर भी इसका बुरा प्रभाव पड़ता है। इससे वायु प्रदूषण बढ़ता है और स्थानीय जैवविविधता को भी नुकसान पहुंचता है। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई को नरवाई जलाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।




Chhindwara Book Fair : पुस्तक मेले के पहले दिन बिक गईं किताबें

जिले के तीन हजार से अधिक स्कूलों के 3.50 लाख छात्रों को राहत देने के उद्देश्य से एमएलबी स्कूल में तीन दिवसीय पुस्तक एवं गणवेश मेला आयोजित किया गया। पहले ही दिन मेले में अव्यवस्था, किताबों की कमी और दुकानदारों की मनमानी के कारण अभिभावकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। मेले का शुभारंभ कलेक्टर शीलेंद्र सिंह ने किया और स्टॉल संचालकों को अधिकतम छूट देने के निर्देश दिए। इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) गोपाल सिंह बघेल भी मौजूद रहे। डीईओ ने बताया कि पहले दिन 4 लाख रुपये से अधिक की बिक्री हुई, जिससे कई अभिभावकों को लाभ मिला। हालांकि, अव्यवस्था के कारण कई शिकायतें भी सामने आईं।

अभिभावकों बोले- जरूरी किताबें नहीं मिलीं

कई अभिभावकों ने शिकायत की कि अधिकांश स्कूलों की आवश्यक किताबें उपलब्ध नहीं थीं। दुकानदारों ने कहा कि किताबें पांच दिन बाद आएंगी, जबकि मेला केवल 27 से 29 मार्च तक ही आयोजित किया गया है। शुभम स्टेशनरी सहित कुछ दुकानों ने अभिभावकों को प्रवेश तक नहीं दिया और कहा आज किताबें खत्म हो गई हैं, कल आइए।

स्टेशनरी पर भारी छूट, लेकिन स्टॉक की कमी

मेले में परासिया के सर्वोत्तम और खंडेलवाल स्टेशनरी ने नोटबुक और स्टेशनरी पर 40 प्रतिशत से 50 प्रतिशत तक की छूट दी। वहीं, एनसीईआरटी की किताबों पर पांच प्रतिशत तक की छूट मिल रही है। अभिभावकों ने इस छूट का लाभ उठाया, लेकिन कई स्टॉल्स पर स्टॉक की कमी और दुकानदारों की मनमानी देखने को मिली।

अभिभावक संघ ने मेले की अवधि बढ़ाने की मांग की

अभिभावक संघ के अध्यक्ष रॉबिन मालवी ने कहा कि अभी तक कई अभिभावकों को वेतन नहीं मिला है, जिससे वे किताबें और गणवेश नहीं खरीद पा रहे हैं। प्रशासन को मेले की अवधि बढ़ानी चाहिए, ताकि सभी को इसका लाभ मिल सके। कलेक्टर शीलेंद्र सिंह ने कहा कि मेले में कुछ समस्याओं की जानकारी मिली है, जिनका जल्द समाधान किया जाएगा। पुस्तक मेला प्रभारी राहुल पटेल ने कहा कि हम अभिभावकों को बेहतर सुविधा देने के लिए प्रयास कर रहे हैं। यदि किसी को परेशानी हो रही है, तो उसे जल्द दूर किया जाएगा।