Chhatarpur News: शराब और घरेलू हिंसा ने ली मासूम की जान: पिता की लाठी से 4 साल के बेटे की मौत, इलाके में आक्रोश

छतरपुर जिला के बड़ा मलहरा अनुभाग अंतर्गत ग्राम ढाड़ोरा से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां घरेलू विवाद और शराब के नशे में हुई मारपीट ने एक मासूम की जिंदगी छीन ली। आरोपी पिता की लाठी का वार उसके ही चार वर्षीय बेटे यशवंत उर्फ यीशु पर पड़ गया, जिससे उसकी मौत हो गई।

25 मार्च को हुआ था विवाद

जानकारी के अनुसार, 25 मार्च को आरोपी लखन सिंह घोषी ने शराब के नशे में अपनी पत्नी सहोदर और बेटे के साथ मारपीट की। इसी दौरान लाठी का एक जोरदार वार मासूम यशवंत को लग गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

घटना के बाद परिजन उसे तुरंत बमनौरा अस्पताल ले गए, जहां से हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे टीकमगढ़ रेफर कर दिया। लेकिन परिजन बच्चे को सीधे सागर मेडिकल कॉलेज ले गए।

इलाज के दौरान तोड़ा दम

सागर में चार से पांच दिनों तक बच्चे का इलाज चला, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद डॉक्टरों ने उसे भोपाल रेफर कर दिया। भोपाल में उपचार के दौरान मासूम ने दम तोड़ दिया।
बच्चे की मौत की खबर से पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है।

दो दिन में आरोपी गिरफ्तार

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कार्रवाई शुरू की। एसडीओपी बड़ा मलहरा रोहित अलावा के निर्देशन में थाना बमनौरा और रामटोरिया चौकी पुलिस ने जांच कर आरोपी को महज दो दिनों में गिरफ्तार कर लिया।

आरोपी के खिलाफ उसकी भाभी चंदा घोषी की शिकायत पर हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया। रविवार को उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।

समाज के लिए चेतावनी

यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि शराब और घरेलू हिंसा का घातक मेल कितनी बड़ी त्रासदी को जन्म दे सकता है। एक मासूम की मौत ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है और सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर कब तक नशे और हिंसा की कीमत निर्दोष बच्चों को चुकानी पड़ेगी।




Chhatarpur News: गर्भवती महिला हाथ ठेले पर अस्पताल पहुँची

मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले से आई तस्वीरों ने स्वास्थ्य व्यवस्था की सच्चाई उजागर कर दी है। चंदला विधानसभा क्षेत्र में एक गर्भवती महिला प्रियंका को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन एम्बुलेंस के लिए बार-बार फोन करते रहे, लेकिन एम्बुलेंस नहीं पहुँची। मजबूरी में महिला को हाथ ठेले पर लिटाकर अस्पताल ले जाया गया।

अस्पताल पहुँचने पर भी हालात बदतर निकले। बताया गया कि अस्पताल में स्टाफ मौजूद नहीं है और इलाज सुबह 8 बजे के बाद ही हो सकेगा।

यह घटना उस समय सामने आई जब जिले में एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का दौरा हुआ था। सीएम ने स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और नए अस्पतालों की घोषणा की थी। लेकिन अगले ही दिन सामने आए इस वीडियो ने उन दावों पर सवाल खड़े कर दिए।

चंदला क्षेत्र के विधायक दिलीप अहिरवार प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री हैं। इसके बावजूद क्षेत्र में एम्बुलेंस जैसी बुनियादी सुविधा उपलब्ध न होना स्थानीय प्रशासन और शासन दोनों की जिम्मेदारी पर प्रश्नचिह्न लगाता है।

यह घटना केवल एक महिला की पीड़ा नहीं, बल्कि ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली का प्रतीक है।

लाखों की आबादी वाले क्षेत्र में यदि प्रसव जैसी आपात स्थिति के लिए एम्बुलेंस या चिकित्सक उपलब्ध नहीं है, तो ग्रामीण इलाकों के अन्य गंभीर मरीजों की स्थिति का अनुमान सहज लगाया जा सकता है।

अस्पताल का स्टाफ न होना न केवल लापरवाही है बल्कि यह संविधान प्रदत्त “स्वास्थ्य का अधिकार” (Right to Health) की भी सीधी अवहेलना है।

जनता की नाराजगी

स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार यहां से करोड़ों रुपये का राजस्व लेती है, लेकिन सड़क, पानी, बिजली और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं अब भी अधूरी हैं।
यह वीडियो जनता के भीतर गुस्से और असुरक्षा दोनों की भावना पैदा करता है।

छतरपुर की यह घटना केवल एक प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि पूरे स्वास्थ्य तंत्र की गहरी खाई को उजागर करती है।

एक ओर सरकार विकास और स्वास्थ्य सुधार की घोषणाएँ करती है, वहीं दूसरी ओर हकीकत में ग्रामीण मरीजों को हाथ ठेले पर अस्पताल ले जाना पड़ता है।

यह स्थिति न केवल निंदनीय है, बल्कि तत्काल सुधारात्मक कदमों की मांग करती है।




Bageshwar Dham : बागेश्वर धाम में एक और हादसा, धर्मशाला की दीवार गिरने से महिला की मौत

छतरपुर जिले के प्रसिद्ध बागेश्वर धाम में मंगलवार तड़के एक धर्मशाला की दीवार गिरने से बड़ा हादसा हो गया। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर निवासी 40 वर्षीय अनीता देवी की मलबे में दबने से मौत हो गई, जबकि 10 से ज्यादा श्रद्धालु घायल हो गए हैं। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। घायलों को एम्बुलेंस से छतरपुर जिला अस्पताल लाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। सभी की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

श्रद्धालुओं के परिजनों ने बताया कि सभी लोग धर्मशाला में सो रहे थे, तभी अचानक दीवार भरभराकर गिर पड़ी और वे मलबे में दब गए। हादसे में उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर के अदलाहट गांव की रहने वाली अनीता देवी, पत्नी राजू की मौत हो गई है। कई लोग दीवार के मलबे में दब गए। 10 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को छतरपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि दीवार गिरने के कारणों की जांच की जा रही है।

छतरपुर सीएमएचओ आरपी गुप्ता का कहना है कि सुबह भारी बारिश के कारण बागेश्वर धाम में एक ढाबे पर दीवार ढह गई। इसके मलबे में दबने से कुछ श्रद्धालु घायल हुए हैं। एक की मौत की जानकारी भी सामने आई है। घायलों को समुचित इलाज कराया जा रहा है।

पहले भी हुआ था हादसा

बता दें कि कुछ दिनों पहले भी धाम में हादसा हो चुका है। 3 जुलाई को भी बागेश्वर धाम परिसर में टेंट गिरने से एक श्रद्धालु की मौत हो गई थी और 8 लोग घायल हुए थे। टेंट में लगा लोहे का एंगल श्यामलाल कौशल (50) के सिर पर गिर गया था, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी।




Chhatarpur News : ओरछा रामराजा मंदिर में श्रद्धालु की हार्ट-अटैक से मौत

पुष्य नक्षत्र में ओरछा के रामराजा सरकार के दर्शन के लिए आए एक श्रद्धालु को हार्टअटैक आ गया। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने श्रद्धालु को संभाला और सीपीआर दिया। श्रद्धालु की हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया। यहां उनकी मौत हो गई।

घटना के समय जिले के एसपी रायसिंह नरवरिया मंदिर के बाहर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे थे।

जानकारी के अनुसार बहादुर पुरा रोन भिंड के रहने वाले जनक बघेल (50) अपने दोस्तों के साथ पुष्य नक्षत्र में रामराजा के दर्शन करने आए थे। दोपहर करीब 12 बजे जैसे ही वे मंदिर में प्रवेश करने वाले थे उन्हें चक्कर आ गए। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें संभाला और कुर्सी पर बैठाया। हालत बिगड़ने पर इंस्पेक्टर संदीप यादव ने सीपीआर देना शुरू किया। श्रद्धालु की हालत बिगड़ने पर उसे पुलिस की गाड़ी से यथार्थ हॉस्पिटल ले जाया गया।

ओरछा थाना प्रभारी रामबाबू शर्मा ने बताया कि यथार्थ हॉस्पिटल में इलाज के दौरान जनक बघेल की मौत हो गई। मंदिर के मुख्य गेट के बाहर दर्शन के दौरान उन्हें हार्ट अटैक आया था.

स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही भी इस घटना में सामने आई। मंदिर परिसर में न तो कोई डॉक्टर मौजूद था और न ही प्राथमिक चिकित्सा के उपकरण। बीपी मशीन जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं थीं। इससे भी चिंताजनक यह रहा कि वहां रखी दवाइयां एक्सपायर्ड पाई गईं।

पुष्य नक्षत्र में रामराजा सरकार आए थे ओरछा बता दे कि पुष्य नक्षत्र में ही रानी कुंवरी गणेश भगवान रामराजा सरकार को अयोध्या से ओरछा लेकर आई थी। इसी नक्षत्र में रानी चला करती थी, जब यह नक्षत्र खत्म हो जाता था तो रानी अपनी यात्रा रोक देती थी। इसी तरह संवत 1631 में चैत्र शुक्ल नवमी पुष्य नक्षत्र में रानी भगवान को अयोध्या से ओरछा लेकर आए थे तब से उसे नक्षत्र में ओरछा में श्रद्धालुओं का मेला लगता है, जिसमें भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होते है और रामराजा सरकार के दर्शन के लिए आते है।




Chhatarpur News : महिला ने उधार गुटखा नहीं दिया तो ठाकुर साहब को आया गुस्सा, परिवार पर किया जानलेवा हमला, चार घायल

Chhatarpur: Deadly attack on Dalit family for refusing to lend gutkha

मामले की जानकारी देते पीड़ित।

चंदला क्षेत्र में एक दुकानदार महिला ने ठाकुर साहब को गुटका नहीं दिया तो उसकी जान पर बन आई। उसे लाठी-डंडों से बुरी तरह पीटा गया। इतना ही नहीं उसके पूरे परिवार तीन भाइयों को भी पीटा गया। हमले में उनके हाथ, पैर और सिर फूट गये। सभी घायलों को गंभीर हालत में जिला अस्पताल लाया गया, जहां उनको ट्रामा वार्ड में भर्ती कराया गया और उनका इलाज चल रहा है।

घायलों के मुताबिक मामला छतरपुर जिले के ग्राम हटवा थाना प्रकाश बमोरी का है। यहां पर दलित परिवार को लाठी-डंडों से इसलिए हमला किया गया कि उसने आरोपियों को एक गुटका उधार नहीं दिया। उसका कहना था कि आप पहले की उधारी चुका दो फिर उसके बाद नई उधारी लो। बस इतनी सी बात गांव के ठाकुर साहब और दबंगों को रास नहीं आई। उन्होंने आव देखा ना ताव नवविवाहित महिला सहित पूरे घर को लाठी डंडों से पीट दिया।

दबंगों को यह बात नगवार गुजरी। उन्होंने दलित दुकानदार पर लाठी डंडे बरसाने शुरू कर दिए। उसके परिजन बचाने आये तो उन पर लाठी डंडे से हमला कर दिया। इस हमले में पूजा अहिरवार और उसके तीन भाई घायल हुए हैं। हमले में पूजा के पैर टूट गए। वहीं भाइयों के पैर और सिर में गभीर चोटें हैं।

पूजा बताती है कि गांव के ठाकुर/दबंगों ने जाति सूचक गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी है। कहा है कि गांव छोड़कर भाग जाओ वरना सभी को जान से मार देंगे। आरोप है कि मामले की शिकायत और रिपोर्ट संबंधित प्रकाश बम्होरी थाने में की पर पुलिस ने दबंगों के कहने पर उल्टा हम पर ही मामला दर्ज कर लिया है। उन पर कोई कार्रवाई नहीं की। इतना ही नहीं आरोपी गांव से छतरपुर जिले आअस्पताल आकर धमकी दे रहे हैं कि गांव वापस आ मत जाना और अगर आ गए तो सभी को मौत की नींद सुला देंगे। मामले में प्रकाश बम्होरी थाना पुलिस का कहना है कि हमने दोनों पक्षों पर मामला दर्ज कर दिया है। बाकी डॉक्टरों रिपार्ट आने पर ही धाराओं में बढ़ोत्तरी और आगे कार्रवाई होगी।




Chhatarpur News : यहां साल भर में 700 सड़क हादसों में गई 300 लोगों की जानें, 2023 के मुकाबले 30 फीसदी कम हुई सड़क दुर्घटनाएं

300 people lost their lives in 700 road accidents in a year In Chhatarpur

700 सड़क हादसों में गई 300 लोगों की जानें

300 People Lost Their Lives In 700 Road Accidents In A Year : वर्ष 2024 में जनवरी माह से 27 दिसंबर तक जिले में करीब साढ़े 7 सैकड़ा सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें करीब 3 सैकड़ा लोगों ने जान गंवाई है। यह आंकड़ा वर्ष 2023 के मुकाबले 30 फीसदी कम है, 2023 में जिले के भीतर 900 से अधिक दुर्घटनाएं हुई थीं, जिनमें करीब 4 सैकड़ा लोगों ने जान गंवाई थी। सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ें में कमी आने का कारण इस वर्ष जिले में चलाए गए यातायात जागरुकता अभियान और यातायात पुलिस द्वारा दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु किए गए प्रयास हैं।

जिला मुख्यालय के यातायात थाना से प्राप्त जानकारी के मुताबिक वर्ष 2024 में अभी तक जिले में कुल 741 सड़क दुर्घटनाएं हुईं हैं, जिनमें 296 लोगों की मौत हुई, जबकि 2023 में कुल 914 दुर्घटनाएं हुई थीं, जिनमें 396 लोगों की मौत हुई थी। वर्ष 2024 में सड़क दुर्घटनाओं में 30 फीसदी की कमी के पीछे का कारण यातायात प्रभारी बृहस्पति साकेत तथा उनकी टीम द्वारा किए गए प्रयास हैं, जिन्होंने पूरे वर्ष यातायात जागरुकता संबंधी गतिविधियों का आयोजन किया। उन्होंने एक ओर शैक्षणिक संस्थाओं में जा-जाकर युवाओं को यातायात के नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया, तो वहीं दूसरी ओर सड़कों पर स्टंटबाजी करने वालों पर सख्ती से कार्रवाई की।

इसके अलावा ई-रिक्शा और ऑटो वाहनों में नंबरिंग, ओवलोड वाहनों के चालान तथा समझाइश, दो पहिया वाहन चालकों को हेलमेट लगाने की प्रेरणा, हेलमेट बैंक के संचालन जैसी गतिविधियों का वर्ष भर क्रियान्वयन किया, जिसके सार्थक परिणाम सामने आए हैं। इस वर्ष श्री साकेत ने जिला मुख्यालय पर परिशोध कार्य भी किया, जिसके तहत 8 ब्लैक स्पॉट को चिन्हित किये गए थे। इनमें से 3 ब्लॅक स्पॉट पर दुर्घटनाओं की रोकथाम के प्रयास सफल हो चुके हैं, शेष 5 स्थानों पर दुर्घटनाओं की रोकथाम के प्रयास अभी जारी हैं।

करीब 8 हजार वाहनों पर हुई चालानी कार्रवाई, मिला 67 लाख का राजस्व

दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु वर्ष 2024 में जमकर चालानी कार्रवाई भी की गई। इस वर्ष जिले में पुलिस द्वारा यातायात नियमों का उल्लंघन करने कुल 7 हजार 885 वाहनों पर चालानी कार्रवाई की गई है, जिससे विभाग को 67 लाख रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ है। उक्त वाहन चालकों पर कार्रवाई के दौरान उन्हें समझाइश देकर नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित भी किया गया।




Chattarpur News : युवक के पैर में लगी गोली, युवती के परिजनों पर लगा मारने का आरोप

A young man was shot in the leg in Chhatarpur

घायल

छतरपुर में युवक को पैर में गोली मारने का मामला सामने आया है। जहां युवक का आरोप है कि उसने प्रेम विवाह किया था, जिससे नाराज लड़की के परिजनों (ससुराल वालों) ने उसे गोली मार दी। घटना शहर के ओरछा रोड थाना क्षेत्र के ग्राम कैड़ी तिराहा की है। जहां घायल ने बताया कि उसने लड़की के घर वालों की मर्जी के बिना प्रेम विवाह किया था, जिससे कि वह नाराज चल रहे थे। मौका देखकर लड़की के मामा ने राह चलते उसे गोली मार दी, जो उसके पैर में जाकर लगी। उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल लाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।

वहीं अब सूत्रों से पता चला है कि युवक के साथ हुए गोलीकांड में संदिग्धता है। दरअसल बमीठा थाना में दर्ज पुराने मामले में राजीनामा के चलते यह षड्यंत्र रचा गया और खुद को गोली मार ली, ताकि युवती के परिजनों पर राजीनामा को लेकर दवाब बन सके और इस तरह से उन्हें झूठे केस में फंसाकर उनपर दवाब बनाया जा रहा था। वहीं घटना की जानकारी लगने पर ओरछा रोड थाना पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल में जुट गई है।




Chhatarpur News : परिवार ने सौंपा इच्छा मृत्यु का आवेदन, एसपी कार्यालय ने स्वीकार कर दे दी पावती

अक्सर आपने सुना होगा कि मध्यप्रदेश अजब है और बड़ा गजब है। लेकिन यहां के अधिकारी भी अजब-गजब हैं। ताजा मामला छतरपुर जिले से निकलकर आया है, जहां पुलिस से प्रताड़ित महिला और उसके परिवार का है। जहां उन्होंने आवेदन देकर इच्छा मृत्यु मांगी तो उन्हें बाकायदा उसकी रिसीविंग देते हुए अप्रत्यक्ष सहमति दे दी है। जो आवेदन अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।

छतरपुर में अब अधिकारियों के अलग की कारनामे और कार्यप्रणाली सामने आ रही है, जिसमें की सवालिया निशान लग रहे हैं। यहां छतरपुर पुलिस की अजब और गजब कहानी सामने आई है, जहां पर एक महिला ने अपने पूरे परिवार सहित पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आवेदन देकर इच्छा मृत्यु मांगी तो पुलिस अधीक्षक कार्यालय से महिला के आवेदन को स्वीकार करते हुए पुलिस अधीक्षक की मोहर लगाकर आवेदन स्वीकार कर लिए। जबकि आवेदन में साफ लिखा है कि उसका आवेदन स्वीकार कर प्रार्थी व उसके परिवार को आत्महत्या की अनुमति प्रदान करने की कृपा करें।

बताते चलें कि हरपालपुर निवासी शोभा जरिया ने आवेदन में बताया कि हरपालपुर थानेदार पुष्पक शर्मा से पूरा परिवार परेशान है। थानेदार पुष्पक शर्मा सीएम हेल्पलाइन की शिकायत कटवाने के लिए दबाव बना रहे हैं। इतना ही नहीं सीएम हेल्पलाइन की शिकायत न काटने पर उनके परिजनों पर फर्जी केस लगा दिए और रात में 12-12 बजे तक थाने में बैठाकर दबाव बनाकर शिकायत कटवा ली।पीड़ित परिवार ने बताया कि वह हरपालपुर थानेदार से बेहद परेशान है और न्याय के लिए दर-दर भटकने के बाद भी कहीं उनकी सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से इच्छा मृत्यु मांगी है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में इच्छा मृत्यु का आवेदन दिया है, जिस पर मोहर लगाकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय से रिसीविंग भी मिल गई है।




Chhatarpur News: छतरपुर में भगवान के लिए हनुमान पहुंचे जनसुनवाई में !

मध्यप्रदेश के छतरपुर से एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां भगवान हनुमान अपने घर (मंदिर) के लिए दर-दर भटक रहे हैं। बीते दिनों जिले में हुई जनसुनवाई में एक मंदिर के पुजारी हनुमानजी की मूर्ति को गोद में लेकर एसपी के सामने पहुंचे। पुजारी का कहना है कि कुछ दबंगों ने भगवान की जमीन पर कब्जा कर लिया है। वह कई बार जनसुनवाई में आ चुके हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ है। इस बार वह लोडर वाहन में भगवान को लेकर जनसुनवाई में आए। लेकिन, अधिकारियों ने उनसे कहा कि भगवान ले जाओ, नहीं तो फेंक देंगे।

मंदिर की जमीन पर दंबंगों का कब्जा

पुजारी पुरुषोत्तम नायक ने बताया कि इसके पहले भी वे भगवान को गोद में लेकर कलेक्टर और एसपी के पास आवेदन दे चुके हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पुजारी ने बताया कि नौगांव तहसील के फुलवारा गांव में मंदिर की जमीन पर दबंगों ने कब्जा कर रखा है। वे 2016 और 2022 में सिविल कोर्ट से केस जीत चुके हैं, लेकिन अब तक सिविल फैसले को लागू नहीं किया गया। फैसला उनके पक्ष में आने के बाद भी उन्हें जमीन पर कब्जा नहीं मिला है। इससे भगवान अभी तक मंदिर में विराजमान नहीं हो पाए हैं। उन्होंने कहा कि 2016 से ही हम भगवान को लेकर जगह-जगह भटक रहे हैं।

मेरी नहीं तो भगवान की सुन लें
पुजारी का कहना है कि अधिकारी उनकी नहीं, कम से कम भगवान की बात तो सुन लें। इसी कारण वे भगवान को लेकर जनसुनवाई में लेकर आते हैं। पुजारी का आरोप है कि वे कई सालों से आदेश का पालन कराने और कब्जा दिलाने के लिए चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन और तारीखें ही दी जा रही हैं।

एसडीएम की गलत कार्रवाई का आरोप
पुजारी का कहना है कि पिछली बार उनके आवेदन पर एडीएम ने संबंधित एसडीएम से मामले को तत्काल निपटाने का आदेश दिया था, लेकिन नौगांव की एसडीएम विशा माधवानी ने मामले की गलत जांच की और जिला प्रशासन को गुमराह कर दिया।

सीएम, पीएम और राष्ट्रपति से मिलेंगे
पुजारी का आरोप है कि जब वे भगवान को लेकर जनसुनवाई में पहुंचे तो अधिकारी उन्हें बाहर निकालने आए और कहा कि अपने भगवान को लेकर जाओ, वरना फेंक देंगे। इस घटना से पुजारी बेहद दुखी हैं। उन्होंने कहा कि वे अब भगवान को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव से मिलने भोपाल जाएंगे। अगर, वहां भी सुनवाई नहीं होती तो दिल्ली जाकर प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से मिलेंगे।

एडीएम बोले: भगवान का मामला निपटा चुके
इस मामले को लेकर एडीएम मिलिंद नागदेवे से बात करने का प्रयास किया गया। लेकिन, वह नहीं रुके, वह जाते-जाते कह गए कि भगवान का मामला पहले ही निपटाया जा चुका है।




Chhatarpur News : तहसील में शराब पीते हुए बाबू का वीडियो वायरल, अधिकारी बोले

Babu's video goes viral while drinking alcohol in Tehsil

तहसील में शराब पीते हुए बाबू का वीडियो वायरल

छतरपुर जिले में तहसील में पदस्थ एक बाबू का शराब पीते हुए सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुआ है। वायरल वीडियो में बाबू जिस जगह पदस्थ हैं, उसी जगह बैठकर शराब पीते हुए दिखाई दे रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद राजनगर SDM बलवीर रमन ने जांच के बाद कार्रवाई की बात कह रहे हैं। वायरल में शराब पीते दिखाई दे रहे बाबू का नाम राजेंद्र भार्गव है और वह एसडीएम कार्यालय राजनगर में बड़े बाबू की पोस्ट पर पदस्थ हैं। राजेंद्र भार्गव के तहसील में शराब पीते हुए कई वीडियो वायरल हुए।

इधर, बताया जाता है कि राजेंद्र बाबू हमेशा ही इस तरह की हरकत करते हुए नजर आते हैं। लेकिन इस बार तहसील के अंदर किसी व्यक्ति ने उनके वीडियो बना लिए जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। बताया जाता है कि राजेंद्र बाबू साल 2007 से इसी तहसील में पदस्थ हैं और इसी तरह उनकी मन मर्जी चलती है।

क्या बोले एसडीएम

मामले में राजनगर SDM बलवीर रमण का कहना है कि मामले की जानकारी लगी है। वीडियो जांचने के बाद कार्रवाई की जाएगी। अगर वीडियो में सत्यता पाई जाती है तो उन पर अनुशासनहीनता को लेकर नोटिस जारी किया जाएगा। एक जांच दल भी बनाया जाएगा और अगर उसमें वह दोषी पाए जाते हैं तो उन पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं इसी मामले में छतरपुर अपर कलेक्टर मिलिंद कुमार नागदेबे का कहना है कि मामला बेहद गंभीर है। जिसमें राजनगर SDM बालवीर रमण इस मामले की जांच कर रहे हैं। जांच के बाद आरोपी पर कार्रवाई की जाएगी।