International Yoga Day 21 June 2025: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर सीएम डॉ. यादव

योग एक ऐसी दिव्य अवस्था है जब चेतना और परम चेतना का मिलन होता है। इस अवस्था को प्राप्त करने का अवसर हर जीव के पास है। योग सनातन हिन्दू धर्म और संस्कृति का सम्पूर्ण मानवता के लिए अमूल्य उपहार है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के अथक प्रयासों से संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया। साथ ही इस बात का समर्थन किया कि “योग जीवन के सभी पहलुओं के बीच संतुलन स्थापित करने के साथ स्वास्थ्य और कल्याण के लिए समग्र दृष्टिकोण प्रदान करता है”। उन्होंने पूरी दुनिया में समग्र स्वास्थ्य क्रांति के नये युग का सूत्रपात किया। उपचार की जगह रोकथाम पर अब अधिक ध्यान दिया जा रहा है। आज पूरा वैश्विक समुदाय प्रधानमंत्री श्री मोदी का आभार व्यक्त कर रहा है। हम 11वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मना रहे हैं। यह “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग” विषय को समर्पिंत है। इसका उद्देश्य मानव कल्याण और एक स्वस्थ ग्रह के बीच संबंध को बढ़ावा देना है। सीधा अर्थ है कि जब शरीर और मन स्वस्थ होता है, तो हम अपने समुदाय और पर्यावरण से बेहतर सामंजस्य रख पाते हैं, उनकी सही देख-रेख कर पाते हैं।

आज पूरे विश्व में एक अदभुत वातावरण बना है। पूरा विश्व आज योग कर रहा है। योग ने विश्व में असंख्य लोगों को सहारा दिया है। हमारे लिये यह गौरव का क्षण है। योग का विधिवत विज्ञान यहां सुरक्षित है। योग दर्शन की विरासत से आज पूरा विश्व समाज लाभान्वित हो रहा है। हम इस अलौकिक समय के साक्षी बन रहे हैं। हम आज गौरव और आनंद से भरे हैं। योग, धर्म, जाति और रंग की सीमाओं से परे है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस भारत का गौरव बढ़ाने वाला दिवस है साथ ही पूरे विश्व को परम चेतना के प्रति जागृत करने का क्रांतिकारी कदम भी है।

अक्सर सवाल किया जाता है कि योग से क्या मिलता है? इसका सीधा सरल जवाब है योग से मिलती है शांति। मन और तन को सबसे ज्यादा जरूरत है शांति की। अशांत मन और अनियंत्रित तन पूरे समाज को नकारात्मक रूप से प्रभावित करते हैं। योग एक ऐसा दिव्य द्वार है जो शांति की ओर खुलता है। शांति से उपजती है एकाग्रता। धर्म संसद में वेदांत दर्शन पर कालजयी व्याख्यान देने के बाद स्वामी विवेकानंद को अमेरिका में जगह जगह दर्शन पर व्याख्यान देने आमंत्रित किया गया। जब वे अमेरिकन विदयार्थियों के बीच पहुंचे तो विदयार्थियों ने सवाल किया कि पढ़ाई में मन नहीं लगता। स्वामी जी का जवाब था इसका एकमात्र उपाय है एकाग्रता। यह एकाग्रता उपजती है शांत मन से। शांत मन होता है ध्यान से। शांत मन दूषित विचारों से मुक्त होता है। शांति से निर्मित होती है सकारात्मक ऊर्जा। यह ऊर्जा सभी जीवों के लिये कल्याणकारी और हितकारी होती है। शांत चित्त वाला मनुष्य कभी गलत निर्णय नहीं ले सकता। जब शरीर, मन और आत्मा एकाकार हो जायें तो अहित और अशुद्धि का सवाल कहां रह जाता है।

कथा उपनिषद में योग को इंन्द्रियों पर नियंत्रण करने की विद्या कहा गया है। श्रीमद्भगवद् गीता में योग को दुख से वियोग होना कहा गया है। महर्षि पतंजलि ने योग सूत्र में योग को मन के विचलन पर नियंत्रण की विधा बताया है। महर्षि अरविंद ने तो यहां तक कहा है कि संपूर्ण मानव जीवन ही एक योग है क्योंकि मनुष्य से कई चीजों का जोड़ है।

योग का उद्देश्य परम चेतना में प्रवेश पाना है। यह परम चेतना क्या है जो योग से मिलती है? यह अवस्था ऐसी अवस्था है जब मन केवल न्याय और धर्म के साथ होता है। सिर्फ दया, करूणा, मैत्री और शांति जैसे मूल्य प्रखर होते है। यह अवस्था हर मनुष्य के लिये अनिवार्य है चाहे वह किसी भी धर्म, जाति या समुदाय का हो या विश्व के किसी भी कोने में रहता हो।

कल्पना करें कि जब एक साथ पूरा विश्व योग करे तो फिर भेदभाव कहां रह जाता है। मन में भौगोलिक सीमाओं का बोध समाप्त हो जाता है। फिर चाहे कोई भी देश हो पूरा विश्व एक हो जायेगा। यौगिक क्रियाओं से यदि मन एकरूप हो जायें तो चित्त की प्रसन्नता निरंतर बनी रहती है। भारतीय परंपरा में उल्लेख है कि प्रकृति ने ही तमाम योग मुद्राएं सिखाई है। यह सच है कि योग विद्या की विरासत को लगभग विस्मृत सा कर दिया गया था। हमें सिर्फ प्रयासपूर्वक जागने की जरूरत है। योग सदा से विदयमान था। किसी भी धर्म को देखें योग के दर्शन होंगे। योग और यौगिक क्रियाएं जीवन से गहरी जुडी हैं। अब एक नई और ओजपूर्ण शुरूआत हो चुकी है। विश्व में भारत की प्रतिष्ठा स्थापित हुई है। मैं सभी प्रदेशवासियों से आहवान करता हॅू कि वे योग को अपने जीवन का अह्म हिस्सा बनाए, जिससे तन और मन दौनों स्वस्थ रह सकें।




Mp Weather : प्रदेश में आज होगी भारी बारिश, 6 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, यलो अलर्ट जारी

मध्य प्रदेश में चार दिन के अंदर मानसून ने अपना असर दिखा दिया है। लगातार तेज बारिश का दौर चल रहा है। नदी-नाले उफान पर हाेने से कई रास्ते बंद हो गए हैं। ऐसा ही मौसम शनिवार को भी बना रहेगा। मौसम विभाग ने पूर्वी हिस्से के जिले-सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यहां अगले 24 घंटे में 4 से 8 इंच तक पानी गिर सकता है। ग्वालियर, मुरैना, शिवपुरी, अशोकनगर, सागर, दमोह, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना में भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर समेत प्रदेश के अन्य जिलों में यलो अलर्ट है।

इन सिस्टम की वजह से ऐसा मौसम

प्रदेश के ऊपर से एक लो प्रेशर एरिया (कम दवाब का क्षेत्र) गुजर रहा है। वहीं, पश्चिमी हिस्से से ट्रफ की एक्टिविटी है। ये दोनों ही सिस्टम स्ट्रॉन्ग है। इस वजह से पूर्वी और उत्तरी हिस्से में अति भारी या भारी बारिश का अलर्ट है। इसके अलावा एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ भी सक्रिय है, जो पूरे प्रदेश में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश करा रहे हैं।

एमपी में 24 जिलों में मानसूनी बारिश

मध्यप्रदेश के बचे 2 जिले भिंड और मऊगंज में भी शुक्रवार को मानसून ने एंट्री दे दी। वहीं, शिवपुरी के कुंअरपुर गांव के पास उफनती पुलिया पार कर रहा ट्रैक्टर बह गया। वहां मौजूद ग्रामीणों ने ट्रैक्टर में सवार चारों लोगों को बचा लिया। धार जिले के मांडू की खुद नदी में एक युवक की डूबने से मौत हो गई। श्योपुर में खिरखिरी नदी उफान पर ग्वालियर में बारिश के कारण रोड धंस गई, जिससे एक तलघर ढह गया। आसपास के मकानों में दरारें आ गईं। श्योपुर में खिरखिरी नदी उफान पर आ गई, जिससे कई गांवों का संपर्क टूट गया।

गुना में 2 इंच हुई बारिश

शुक्रवार को गुना में सबसे ज्यादा 2 इंच पानी गिरा। शिवपुरी में 1.8 इंच, टीकमगढ़ में डेढ़ इंच, नरसिंहपुर में पौन इंच बारिश दर्ज की गई। सागर, मंडला, छिंदवाड़ा, मालजखंड, बैतूल, पचमढ़ी में आधा इंच या इससे अधिक पानी गिरा। इसी तरह दमोह, ग्वालियर, जबलपुर, धार, नौगांव, सतना, सिवनी, मऊगंज, निवाड़ी, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम, पन्ना, श्योपुर समेत कई जिलों में बारिश का दौर चला। आंधी-बारिश की वजह से कई शहरों में दिन के तापमान में खासी गिरावट हुई है। इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में दिन का तापमान 23.8 डिग्री पर आ गया। मलाजखंड, मंडला, गुना, सिवनी, सागर, छिंदवाड़ा, धार, टीकमगढ़, उमरिया, दमोह, बैतूल, नरसिंहपुर, रायसेन, नर्मदापुरम में पारा 30 डिग्री से कम ही रहा।सीधी में सबसे ज्यादा 33.4 डिग्री पारा रहा। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 30.7 डिग्री, इंदौर में 28.6 डिग्री, ग्वालियर में 30.4 डिग्री, उज्जैन में 30.5 डिग्री और जबलपुर में पारा 28.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

अगले 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम

21 जून: सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। अगले 24 घंटे में यहां 4 इंच से ज्यादा बारिश होने की संभावना है। ग्वालियर, मुरैना, शिवपुरी, अशोकनगर, सागर, दमोह, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना में भारी बारिश हो सकती है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर समेत प्रदेश के अन्य जिलों में यलो अलर्ट है।

22 जून: टीकमगढ़, छतरपुर, निवाड़ी, सतना, मैहर,रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। ग्वालियर, भिंड, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, रायसेन, सागर, दमोह, पन्ना में भारी बारिश होने का अनुमान है। बाकी जिलों में आंधी-बारिश का येलो अलर्ट है।

23 जून: ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, शिवपुरी, दतिया में अति भारी बारिश हो सकती है। इनमें 24 घंटे में 8 इंच तक पानी गिरने का अनुमान है। गुना, अशोकनगर, सागर, दमोह, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर में भारी बारिश की संभावना है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर समेत अन्य जिलों में आंधी-बारिश का यलो अलर्ट है।

24 जून: सागर-दमोह में अति भारी बारिश का अलर्ट है। शिवपुरी, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, पन्ना, कटनी, जबलपुर, सीधी, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में भारी बारिश हो सकती है। अन्य जिलों में भी आंधी-बारिश का अलर्ट है।




MP News : कपड़ा शोरूम के चेंजिंग रूम में घुसकर संचालक ने की युवती से छेड़छाड़

भोपाल। बागसेवनिया स्थित एक कपड़ा शोरूम में संचालक ने चेंजिंग रूम में घुसकर कपड़े बदल रही युवती से छेड़छाड़ कर दी। युवती ने दो दिन पहले शोरूम से कपड़े खरीदे थे, जो उसे फिट नहीं हो रहे थे। वह बुधवार को कपड़े बदलने शोरूम गई थी, तभी चेजिंग रूम में घुसकर संचालक ने छेड़छाड़ कर दी।साथ ही अभद्र टिप्पणी भी की।

रात में परिवार को बताई घटना

पीड़िता ने रात में परिवार को यह बात बताई, जिसके बाद बागसेवनिया में शिकायत दर्ज की गई। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एसआइ कंचन राजपूत ने बताया कि 18 वर्षीय युवती बागसेवनिया क्षेत्र में रहकर कॉलेज में पढ़ाई करती है। उसने बागसेवनिया रोड स्थित विश्वकर्मा मंदिर के पास कपड़ा शोरूम से कपड़े खरीदे थे। फिटिंग सही न होने के कारण बुधवार को शाम करीब साढ़े चार बजे वह अकेली शोरूम गई थी।

संचालक प्रतोष शुक्ला शोरूम में अकेला था

तब पिपलानी निवासी शोरूम संचालक प्रतोष शुक्ला अकेला मौजूद था। पीड़िता ने पुराने कपड़े बदलकर दूसरे कपड़े लिए तो उसे चैक करने चेंजिंग रूम में गई। इसी दौरान मौका पाकर प्रतोष भी चेंजिंग रूम में घुस गया और छात्रा से छेड़छाड़ की। साथ ही उस पर अश्लील टिप्पणी भी की।




Mp Weather : तीन दिन में पूरे प्रदेश में फैलेगा मानसून, आज भारी बारिश का अलर्ट, पूरे प्रदेश में बदलेगा मौसम

सोमवार को प्रदेश की सीमा में पहुंचा मानसून बुधवार को ग्वालियर तक पहुंच गया। सामान्य तौर पर वहां तक पहुंचने में एक सप्ताह का समय लगता है। 54 जिलों में मानसून 3 दिन में ही पहुंच गया। सिर्फ एक जिला भिंड बचा है। जहां गुरुवार को मानसून की एंट्री हो जाएगी। इसके साथ ही पूरे प्रदेश में आंधी-बारिश का दौर रहेगा। ग्वालियर-चंबल संभाग के 3 जिले- श्योपुर, मुरैना-गुना में भारी बारिश का अलर्ट है। यहां 24 घंटे में ढाई से सवा 4 इंच तक बारिश हो सकती है।गुरुवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर समेत पूरे प्रदेश में आंधी-बारिश होने की संभावना है।

चार दिन तक प्रदेश में तेज बारिश का अलर्ट

सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, दो लो प्रेशर एरिया (कम दवाब का क्षेत्र) और तीन साइक्लोनिक सकुर्लेशन सिस्टम एक्टिव है। इस वजह से अगले 4 दिन तक प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश का अलर्ट है। कहीं अति भारी तो कहीं भारी बारिश हो सकती है। यानी, 24 घंटे के दौरान ढाई से 8 इंच तक पानी बरस सकता है।

प्रदेश में बारिश से तापमान में गिरावट

प्रदेश के कई जिलों में बुधवार को आंधी-बारिश का दौर रहा। मंदसौर, रतलाम, बड़वानी में तेज बारिश हुई। इससे गर्मी से निजात मिल गई। वहीं, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन में भी बारिश का दौर रहा। आंधी-बारिश की वजह से दिन के तापमान में खासी गिरावट हुई है। प्रदेश में औसत 2 डिग्री तक पारा लुढ़क गया। टीकमगढ़ में सबसे ज्यादा 38.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बाकी शहरों में पारा इससे नीचे रहा। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 33 डिग्री, इंदौर में 31.4 डिग्री, ग्वालियर में 35.5 डिग्री, उज्जैन में 31.7 डिग्री और जबलपुर में 37.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

मध्य प्रदेश में एक दिन लेट पहुंचा मानसून

इस बार देश में मानसून 8 दिन पहले ही आ गया था। वहीं, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में यह तय समय से पहले पहुंच गया। ऐसे में अनुमान था कि मध्यप्रदेश में यह जून के पहले सप्ताह में ही आ जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पिछले 15 दिन से मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा रहा। इस वजह से एमपी में इसकी एंट्री नहीं हो पाई। 13-14 जून को मानसून आगे बढ़ा। बावजूद यह प्रदेश में 1 दिन लेट हो गया। हालांकि, 3 दिन में ही मानसून ने पूरे प्रदेश को कवर कर लिया। बता दें कि एमपी में मानसून के प्रवेश की सामान्य तारीख 15 जून ही है। पिछले साल यह 21 जून को एंटर हुआ था।

अगले 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम

19 जून : श्योपुर, मुरैना, गुना में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर समेत पूरे प्रदेश में आंधी-बारिश होने की संभावना है।

20 जून : रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। सतना, पन्ना, मैहर, शहडोल, अनूपपुर, शिवपुरी, अशोकनगर में भारी बारिश हो सकती है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर समेत बाकी जिलों में भी बारिश और आंधी का दौर रहेगा।

21 जून : रीवा और सीधी में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। सतना, पन्ना, नरसिंहपुर में भी भारी बारिश होने की संभावना है। बाकी के जिलों में भी आंधी-बारिश का दौर बना रहेगा।

22 जून : सागर, दमोह, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना और अशोकनगर में अति भारी बारिश हो सकती है। टीकमगढ़, छतरपुर, कटनी, जबलपुर, डिंडौरी में भी तेज बारिश हो सकती है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत प्रदेश के अन्य जिलों में भी मौसम बदला रहेगा।




Mp News : 90 डिग्री मोड़ वाला ऐशबाग ब्रिज सबकी सहमति से बना था, अब फुटपाथ टूटेगा

भोपाल के ऐशबाग क्षेत्र में स्थित देशभर में चर्चित 90 डिग्री मोड़ वाला फ्लाईओवर अब रिडिजाइन किया जाएगा। इस फ्लाईओवर के फुटपाथ को तोड़कर करीब तीन फीट अतिरिक्त टर्निंग स्पेस बनाई जाएगी। साथ ही रेलवे ने ब्रिज को 10 फीट और चौड़ा करने की अनुमति भी दे दी है, जिससे इसमें चार फीट और चौड़ा किया जाएगा। इसका निर्माण ठेकेदार अपने खर्च पर करेगा। फ्लाईओवर पर इलेक्ट्रिक सिग्नल, स्पीड ब्रेकर, रैलिंग और रोड साइन जैसी आवश्यक सुरक्षा सुविधाएं भी लगाई जाएंगी। सरकार द्वारा इस ब्रिज की जांच करवा ली गई है और यह स्पष्ट किया गया है कि इसका ड्राइंग, डिजाइन और निर्माण एक सामूहिक सहमति का परिणाम था। इस फ्लाईओवर को प्रशासकीय स्वीकृति वर्ष 2018 में मिली थी, लेकिन तत्कालीन सरकार की असहमति के कारण निर्माण 2022 में शुरू हुआ। डिजाइन की अनुमति रेलवे से प्राप्त हुई थी। निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सहमति से हुआ।

तीन जांच टीमों की रिपोर्ट में दिए सुझाव

सरकार ने तीन टीमों से फ्लाईओवर की सुरक्षा जांच कराई। एनएचएआई अधिकारी आरओ एस.के. सिंह ने सुझाव दिया कि इस ब्रिज पर 30 किमी/घंटा से अधिक रफ्तार की अनुमति न हो। ब्रिज की दीवार ऊंची की जाए। सटीक संकेत और पर्याप्त लाइटिंग व्यवस्था हो। फुटपाथ को तोड़कर ब्रिज में शामिल किया जाए। वहीं, एमपीआरडीसी इंजीनियर ने सुझाव दिए कि बड़े वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित किया जाए। जब तक चौड़ीकरण नहीं हो जाता, ब्रिज पर यातायात सीमित रखा जाए। तेज गति को रोकने के लिए रोड डिजाइन में परिवर्तन किया जाए। जहां सड़कों का मिलन बिंदु है, वहां दीवार मोटी और ऊंची हो। विचार चल रहा है कि इस ब्रिज से सिर्फ दोपहिया वाहनों को ही गुजरने दिया जाए।

निर्माण में आई तकनीकी चुनौतियां

ब्रिज के निर्माण में तकनीकी चुनौतियां थी। एक ओर मैट्रो लाइन, दूसरी तरफ रेलवे लाइन और तीसरी तरफ स्टेडियम है। यह ब्रिज करीब 5 लाख की आबादी की आवाजाही का मुख्य जरिया है। वर्ष 2022 में रेलवे ने बिना राज्य सरकार से परामर्श लिए फाटक बंद कर दिया, जिससे आवागमन बाधित हुआ। इस परिस्थिति में ब्रिज निर्माण का निर्णय लेना आवश्यक हो गया।

अभियंता का कोई दोष नहीं

लोक निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने बताया कि जांच दलों ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। इसमें कहा गया कि फ्लाईओवर का निर्णय सामूहिक था, इसलिए किसी एक अभियंता की गलती नहीं मानी जा सकती। रेलवे ने निर्माण की विधिवत अनुमति दी थी। ब्रिज का निर्माण सामूहिक सहमति से हुआ है। इसकी अनुमति रेलवे ने दी थी, अभियंता का कोई दोष नहीं है।




Mp News : नौ साल बाद प्रमोशन का रास्ता साफ, दो लाख नए पद सृजित होंगे, सीएम बोले

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में “मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम 2025” को मंजूरी प्रदान की गई। इस निर्णय से प्रदेश के चार लाख शासकीय कर्मचारियों को लाभ होगा। नए नियमों के तहत दो लाख से अधिक पदों का सृजन किया जाएगा तथा अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्गों को उनका वांछित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाएगा। बैठक के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि नए नियमों में अनुसूचित जनजाति को 20 प्रतिशत एवं अनुसूचित जाति को 16 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया गया है। साथ ही इन वर्गों के कर्मियों को मेरिट के आधार पर पदोन्नति का अवसर मिलेगा। कुल मिलाकर पदोन्नति के पद जिस दिन उपलब्ध होंगे, उसी दिन उपयुक्त योग्य एवं आरक्षित वर्गों के प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखकर भरे जा सकेंगे। इस तरह से लगभग 2 लाख नए पद निर्मित होंगे। इससे प्रशासन में सुधार एवं कार्यक्षमता बढ़ेगी।

सभी वर्ग के कर्मचारियों-अधिकारियों का ध्यान रखा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कैबिनेट की बैठक में प्रदेश के कर्मचारियों-अधिकारियों के 9 वर्ष से लंबित पदोन्नति के मामले का निराकरण किया। इसमें SC-ST सहित सभी वर्ग के कर्मचारियों-अधिकारियों के हितों का ध्यान रखा गया है। इसके माध्यम से पदोन्नति के बाद शासकीय सेवाओं में 2 लाख पद रिक्त होंगे और इन पर नये सिरे से भर्ती की संभावना बनेगी।

वर्ष की शुरुआत में बनेगी चयन सूची

पदोन्नति नियमों में व्यवस्था की गई है कि जैसे ही पद रिक्त होंगे, उसी दिन पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। पदोन्नति के लिए वर्ष के अंत में नहीं, वर्ष की शुरुआत में ही चयन सूची यानी वर्तमान वर्ष में ही आगामी वर्ष की रिक्तियों के लिए पदोन्नति समिति की बैठक कर चयन सूची बनाए जाने का प्रावधान किया गया है, अर्थात अग्रिम डीपीसी के प्रावधान किए गए हैं।

सीनियरिटी और मेधा दोनों को महत्व मिलेगा

प्रथम श्रेणी के पदों पर मेधा-सह-वरिष्ठता (Merit-cum-Seniority) का फॉर्मूला लागू होगा। पदोन्नति के सूत्र में वरिष्ठता का पर्याप्त ध्यान रखा गया है। वरिष्ठ लोक सेवकों में से मेरिट के अनुसार न्यूनतम अंक लाने वाले लोक सेवक पदोन्नति के लिए पात्र होंगे, प्रथम श्रेणी के लोक सेवकों के लिए merit cum seniority का प्रावधान किया गया है।

छोटी-मोटी शिकायत पर नहीं रूकेंगे प्रमोशन

प्रमोशन में अपात्रता की स्पष्ट परिभाषा दी गई है। विभागीय पदोन्नति समिति के बैठक से पूर्व केवल कारण बताओ सूचना पत्र के आधार पर बंद लिफाफा की कार्यवाही नहीं की जाएगी, जिससे अधिक लोक सेवकों को पदोन्नति के अवसर प्राप्त होंगे। किन परिस्थितियों में कोई लोक सेवक अपात्र होगा एवं दंड का क्या प्रभाव होगा यह स्पष्ट रूप से लेख किया गया है। किसी भी विभागीय पदोन्नति समिति बैठक के संदर्भ में निर्णय के पुनर्विलोकन के लिए रिव्यू डीपीसी की बैठक आयोजित किए जाने के लिए स्पष्ट प्रावधान किए गए हैं। रोटेशन प्रणाली समाप्त कर दी गई है, जिससे अधिक पदों पर पदोन्नति संभव होगी। पदोन्नति समिति को शासकीय सेवक की उपयुक्तता निर्धारित करने का अधिकार दिया गया है।

6 माह के प्रतिवेदन को पूर्ण वर्ष माना जाएगा

क्लास-4 कर्मचारियों के प्रमोशन में अंकों की बाध्यता समाप्त, केवल पात्रता देखी जाएगी। यानी पदोन्नति के लिए उपयुक्त होने पर ही पदोन्नति प्राप्त हो सकेगी। अर्हकारी सेवा के लिए किसी वर्ष में की गई आंशिक सेवा को भी पूर्ण वर्ष की सेवा माना जाएगा, यदि वर्ष के एक भाग की सेवा भी की गई है तो उसे पूर्ण वर्ष की सेवा माना जाएगा। यदि किसी वर्ष में 6 माह का ही गोपनीय प्रतिवेदन उपलब्ध है तो उसे पूर्ण वर्ष के लिए मान्य किया जा सकेगा। यदि गोपनीय प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं होने के कारण किसी की पदोन्नति रुकती है तो उसे पदोन्नति प्राप्त होने पर पूरी वरिष्ठता दी जाएगी।

पदोन्नति के पद के विरुद्ध पदोन्नति का प्रावधान

प्रतिनियुक्ति पर भेजे गए शासकीय सेवक (जो आगामी वर्ष अर्थात पदोन्नति वर्ष में उपलब्ध नहीं होंगे) के पद के विरुद्ध पदोन्नति का प्रावधान किया गया है। गोपनीय प्रतिवेदनों में से यदि कोई गोपनीय प्रतिवेदन एनआरसी (नो रिपोर्ट सर्टिफिकेट), सक्षम स्तर से स्वीकृत अवकाश, पदग्रहण काल अथवा प्रशिक्षण के कारण है अथवा गोपनीय प्रतिवेदन में निर्धारित समय पर स्वमूल्यांकन के साक्ष्य है तो ऐसी स्थिति में गोपनीय प्रतिवेदन की अनुपलब्धता के आधार पर पदोन्नति नहीं रोकी जाएगी।

459 नए आंगनवाड़ी केंद्रों की स्थापना होगी

बैठक में 459 नए आंगनवाड़ी केंद्रों की स्थापना को स्वीकृति दी गई है। यह कार्य आंगनवाड़ी 2.0 योजना के तहत किया जाएगा। साथ ही इन केंद्रों में कार्यरत रहने वाली सहायिकाओं और कार्यकर्ताओं की नई भर्ती भी की जाएगी। इस योजना के लिए केंद्र सरकार द्वारा 72 करोड़ रुपये और राज्य सरकार द्वारा 70 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

बिजली कंपनियों को 5163 करोड़ स्वीकृत

इसके साथ ही प्रदेश में बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से बिजली कंपनियों को 5163 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इस राशि से विद्युत वितरण और इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाया जाएगा ताकि उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल सके।

पांढुर्णा, मैहर और मउगंज में जिला कोषालय की स्थापना

कैबिनेट द्वारा नव गठित जिलों पांढुर्णा, मैहर और मउगंज में जिला कोषालय की स्थापना का भी अनुमोदन किया।




Bhopal News : डेढ़ महीने की छुट्टी के बाद आज खुलें स्कूल, कुछ राज्यों में समय बढ़ाया गया

राजधानी भोपाल समेत प्रदेश भर में डेढ़ महीने की छुट्टी के बाद सोमवार 16 जून से सभी सरकारी स्कूल खुल रहे हैं। हालांकि तेज गर्मी के चलते कुछ निजी स्कूलों का समय बढ़ा दिया गया है। स्कूलों ने भीषण गर्मी के चलते पेरेंट्स को मैसेज भेजकर 23 जून से खोलने की बात कही है। इन स्कूलों में कक्षा 9वीं से 12वीं तक की कक्षाएं निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेंगी।

समय पर खुल रहे स्कूल

भोपाल के जिला शिक्षा अधिकारी एमके अहिरवार ने बताया कि आज से सभी सरकारी स्कूल ओपन हो जाएंगे। स्कूलों इसे लेकर तैयार पहले से ही की गई है। सरकार ने स्कूल बंद करने का कोई आदेश जारी नहीं किया है, इसलिए सभी सरकारी स्कूल खुले रहेंगे। उन्होंने कहा कि निजी स्कूलों का खुलने की तारीख बदलने का फैसला उनका अपना है।

1 जुलाई से नया सत्र शुरू करने का अनुरोध

कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. विनोद शर्मा ने कलेक्टर से 1 जुलाई से नया सत्र शुरू करने का अनुरोध किया है, ताकि बच्चों को गर्मी से बचाया जा सके। हालांकि, कलेक्टर की ओर से अभी तक इस मांग पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है और न ही निर्धारित तारीख में कोई बदलाव किया गया है।




Sehore News : पिता के आग्रह पर शिवराज ने बेटे के इलाज के निर्देश दिए

बुधनी विधानसभा के ग्राम तालपुरा में उस समय मार्मिक दृश्य देखने को मिला, जब रविवार को कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान जनसंवाद कार्यक्रम में जनता से सीधे संवाद कर रहे थे। इसी दौरान एक गरीब और लाचार एक पिता बड़ी उम्मीद लिए शिवराज मामा के पास पहुंचा और रोते हुए बताया कि एक हादसे में उसके छोटे बेटे का हाथ कट गया है, जो भोपाल के एम्स में भर्ती है, लेकिन गरीबी के चलते वह इलाज नहीं करा पा रहा है।

इस मार्मिक क्षण में शिवराज सिंह चौहान ने पल भर भी देरी नहीं की, वहीं मंच से ही उन्होंने सीधे एम्स अस्पताल प्रबंधन को फोन किया और कहा इस बच्चे का इलाज बिना देरी और बिना रुकावट के होना चाहिए। जो भी खर्च हो, व्यवस्था हम करेंगे। चिंता मत करो, ‘मामा है न’। उनकी यह बात सुनते ही वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें भर आईं। किसी ने यह सोचा भी नहीं था कि एक मंत्री, जो अब दिल्ली में हैं, आज भी गांव के आम आदमी के लिए इस तरह सीधे मदद का हाथ बढ़ा सकते हैं।

बुधनी तहसील के ग्राम तालपुरा में केन्द्रीय कृषि मंत्री जनसंवाद कार्यक्रम में जनता से सीधे रुबरू

मामा की छवि कोई जुमला नहीं

शिवराज सिंह चौहान की राजनीति में ‘मामा’ की छवि कोई चुनावी जुमला नहीं, बल्कि जनता के प्रति उनकी लगातार दिखती संवेदनशीलता का प्रतीक बन गई है। बच्चों की पढ़ाई हो, बेटियों की शादी, किसानों की फसल या फिर किसी गरीब की बीमारी। उन्होंने कई बार इस बात को साबित किया है। रविवार को भी जनसंवाद के दौरान बुधनी तहसील के ग्राम तालपुरा में इसी प्रकार का दृश्य देखने को मिला। वे सिर्फ भाषण देने वाले नहीं, बल्कि ज़मीन पर काम करने वाले जननेता हैं। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी लोग शिवराज सिंह की सराहना कर रहे हैं। कई यूज़र्स ने लिखा ‘ऐसे नेताओं की जरूरत है जो पीड़ित की आंखें पढ़कर मदद कर सकें। तालपुरा गांव में भी लोग कहने लगे नेता तो बहुत देखे, लेकिन ‘मामा’ जैसा कोई नहीं।

बुधनी के निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का किया निरीक्षण

केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को बुधनी में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि लगभग 700 करोड़ की लागत से बन रहे इस मेडिकल कॉलेज में 750 बिस्तरों वाला सर्व सुविधायुक्त अस्पताल भी शामिल है। मेडिकल कॉलेज का 68 प्रतिशत काम पूरा हो गया है और जून 2026 तक पूरा हो जाएगा। यह सौगात केवल बुधनी के लिए नहीं है। यह ऐसा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल होगा, जिसका लाभ नर्मदापुरम सहित आसपास के पूरे क्षेत्र और जिलों को भी मिलेगा।




Mp News : मुख्यमंत्री जबलपुर की लाड़ली बहनों को देंगे सौगात, 1551 करोड़ की राशि करेंगे ट्रांसफर

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश की 1 करोड़ 27 लाख बहनों के खातों में लाड़ली बहना योजना की जून माह की 1551.44 करोड़ रुपये की 25वीं किस्त सिंगल क्लिक से अंतरित करेंगे। इस योजना के अंतर्गत हर बहन को प्रति माह 1250 रुपये मिलते हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री 56.68 लाख सामाजिक सुरक्षा पेंशन हितग्राहियों को 341 करोड़ रुपये, 27 लाख से अधिक बहनों को सिलेंडर रिफिलिंग के लिए 39.14 करोड़ रुपये, और संबल योजना के अंतर्गत 6,821 श्रमिक परिवारों को 150 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि का भी अंतरण करेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव कार्यक्रम में विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं के लाभार्थियों को हितलाभ वितरण करने के साथ ही लगभग 22 करोड़ 44 लाख रूपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन भी करेंगे। इनमें 15 करोड़ 09 लाख रुपये की लागत के पाँच निर्माण कार्यों का लोकार्पण तथा 7 करोड़ 43 लाख रुपये के तीन निर्माण कार्यों का भूमिपूजन करेंगे।

सम्मेलन में जिन निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया जायेगा उनमें बरगी विधानसभा क्षेत्र के घाट पिपरिया में 4 करोड़ 18 लाख 08 हजार रुपये से निर्मित आदिवासी कन्या छात्रावास भवन, शहपुरा आईटीआई में 2 करोड़ 89 लाख 44 हजार रुपये से नवनिर्मित भवन, बेलखेड़ा में 4 करोड़ 47 लाख 93 हजार रुपये से निर्मित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन, शहपुरा विकासखण्ड के ग्राम पिपरिया कला में 2 करोड़ 95 लाख 45 हजार रुपये से निर्मित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शहपुरा में 50 लाख रुपये से बना भवन शामिल है। इसी प्रकार जिन निर्माण कार्यों का भूमिपूजन होगा, उनमें ग्राम सुन्दरादेही में 1 करोड़ 39 लाख 29 हजार रुपये से बनने वाला शासकीय हाई स्कूल भवन, बेलखेड़ा में 4 करोड़ 04 लाख रुपये से बनने वाला जनजातीय सीनियर कन्या छात्रावास भवन तथा नारायणपुर घाना में 2 करोड़ रुपये से बनने वाला संभाग स्तरीय सामुदायिक भवन शामिल है।




चिरायु यंग अचीवर अवॉर्ड्स : नर्मदापुरम के प्रसिद्ध न्यूरोफिजियोथेपिस्ट डॉक्टर ब्रजेश कुमार यादव को यंग एचीवर अवार्ड से सम्मानित

राजधानी भोपाल के चिरायु मेडिकल कॉलेज में  आयोजित  नेशनल फिजियो समिट 2025  में कुछ चुनिंदा डॉक्टरों को अवार्ड से सम्मानित किया गया जिसमें नर्मदापुरम के प्रसिद्ध न्यूरोफिजियोथेपिस्ट डॉक्टर ब्रजेश कुमार यादव को यंग एचीवर अवार्ड से सम्मानित किया गया।

चिरायु यंग अचीवर अवॉर्ड्स का आयोजन रविवार को भोपाल में हुआ। भोपाल स्थित मेडिकल कॉलेज में होने वाले समारोह में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदेश के युवाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत अपराह्न तीन बजे हुई। यंग अचीवर अवॉर्ड के लिए ऐसे युवा चयनित किए गए हैं, जिन्होंने अपने काम से समाज में मिसाल पेश की है और जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में राज्य की उन्नति में योगदान दिया है। ऐसे युवाओं ने  प्रदेश का मान बढ़ाया है। जिसमें नर्मदापुरम के प्रसिद्ध न्यूरोफिजियोथेपिस्ट डॉक्टर ब्रजेश कुमार यादव को यंग एचीवर अवार्ड से सम्मानित किया गया।

चिरायु यंग अचीवर अवार्ड्स में उन हस्तियों को नवाजा जा रहा है, जिन्होंने समाज के लिए कुछ विशेष करने का जज्बा दिखाया है। चिरायु यूनिवर्सिटी सामाजिक सरोकारों से जुड़े इस तरह के समारोहों का निरंतर आयोजन करता रहा है।