Mp Election 2023 : विलायती बहू देशी सास के लिए कर रही चुनाव प्रचार, अंग्रेजी में मांग रही वोट

MP Election Foreign daughter-in-law is campaigning for her native mother-in-law, asking for votes in English

कृष्णा गौर के लिए उनकी बहू क्रिस्टल राठौर प्रचार के लिए खास जॉर्जिया से यहां आईं हैं।

मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में एक सीट ऐसी भी है जहां विलायती बहू अपनी देशी सास के लिए चुनाव प्रचार कर रही है। हिंदी नहीं आने के बावजूद बहू अंग्रेजी में ही वोट मांग रही है। जी, हां प्रदेश में हो रहे विधानसभा चुनाव में केवल प्रत्याशी ही चुनाव नहीं लड़ रहे हैं बल्कि उनके समर्थकों, पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ साथ नातेदार रिश्तेदार और पूरा परिवार भी चुनाव लड़ रहा है। ये सभी अपने प्रत्याशी के लिए चुनाव मैदान में जी जान से जुटे हैं। ऐसी ही एक सीट है भोपाल की गोविंदपुरा। भाजपा प्रत्याशी कृष्णा गौर के लिए अटलांटा, जॉर्जिया की रहने वाली उनकी बहू क्रिस्टल राठौर प्रचार के लिए खास यहां आईं हैं। वे घर-घर जाकर सासू मां के पक्ष में वोट करने की अपील कर रही हैं। बहू को हिंदी नहीं आती है ऐसे में टूटी फूटी हिंदी और अंग्रेजी में ही मतदाताओं से संपर्क साध रही हैं। क्रिस्टल के साथ उनके पति अमन गौर भी विदेश से मां के लिए प्रचार करने पहुंचे हैं।

यह है सीट का समीकरण

भोपाल की गोविंदपुरा सीट भाजपा का अजय किला है। कांग्रेस यहां जीत हासिल करने के लिए बीत कई चुनाव से प्रयास कर रही है, लेकिन कांग्रेस को अब तक सफलता हासिल नहीं हो पाई। भाजपा ने यहां कृष्णा गौर को मैदान में उतारा है जबकि कांग्रेस से रविंद्र साहू उम्मीदवार हैं। 2018 के चुनाव में कृष्णा गौर विजय रहीं थीं उन्होंने गिरीश शर्मा को हराया था। कृष्णा से पहले उनके ससुर यहां से विधायक रहे हैं। यहां मतदाताओं की संख्या 392905 है इनमे पुरुष मतदाता 203529 है जबकि महिला मतदाता 189361 हैं। सड़क पानी बिजली यहां का मुख्य मुद्दा है।




Bhopal news : केंद्र सरकार की शर्तों से अटकी 552 ई-बसें, नगरीय विकास विभाग ने अब नया प्रस्ताव बनाकर भेजा

MP News: Central government's conditions stuck 552 e-buses, Urban Development Department now sent a new propos

E Bus
– फोटो : सोशल मीडिया

मध्य प्रदेश को छह शहरों में सार्वजनिक परिवहन को बेहतर करने और पर्यावरण के अनुकूल पीएम ई-बस सेवा के तहत 552 बस मिलना है। इसके लिए केंद्र सरकार ने अपनी शर्तों के साथ राज्य सरकार से प्रस्ताव मंगाए थे, लेकिन अब तक राज्य सरकार ने अपना प्रस्ताव नहीं भेजा है। इसका कारण केंद्र सरकार की एक शर्त है। इसमें बस का संचालन करने वाली कंपनी को हर माह राशि के भुगतान करने में विलंब होने पर पेमेंट सिक्योरिटी मैकेनिज्म के तहत राज्य सरकार के फंड से राशि जारी की जाएगी। इस पर वित्त विभाग आपत्ति दर्ज कराई है। विभाग का कहना है कि इसका भार बसों का संचालन करने वाले नगरीय निकायों को ही उठाना चाहिए। अब नगरीय प्रशासन विभाग ने भुगतान अर्बन लोकल बॉडी (यूएलबी) के अनुदान की राशि से करने का प्रस्ताव बनाकर राज्य सरकार को भेज दिया है। जिसे स्वीकृति के बाद मुख्य सचिव कार्यालय से केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। यदि इस पर सहमति बनती है तो फिर ई-बसें खरीदी की प्रक्रिया शुरू होगी। ऐसे में साफ है कि प्रदेश में ई-बसों का संचालन करने में एक साल से ज्यादा का समय लगेगा।

घाटे की भरपाई की प्रक्रिया पर आपत्ति

योजना में एक एजेंसी बस खरीदकर उसका संचालन प्रति किलोमीटर के अनुसार करेगी। वहीं, बस में यात्रियों से किराया वसूली का काम दूसरी एजेंसी देखेगी। इसमें संचालन करने वाली कंपनी को तय राशि का भुगतान हर महीने किया जाना है। यदि बस के संचालन से कमाई नहीं होती है तो उसके संचालन के लिए केंद्र सरकार ने पेमेंट सिक्योरिटी मैकेनिज्म की शर्त जोड़ी है। इसमें कमाई के बाद घाटे की भरपाई राज्य के कंसोलिडेटेड फंड से करने की शर्त जोड़ी गई है। इसके पीछे का कारण घाटा होने पर बसों का संचालन बंद करने जैसी स्थिति नहीं निर्मित होने देना है। बता दें, संचालन कंपनी को स्टैंडर्ड बस के लिए 24, मिडी बस के लिए 22 और मिनी बस के लिए 20 रुपये प्रति किलोमीटर भुगतान करेगी। टेंडर कंपनी को दस साल मिलने वाली राशि में हर साल बढ़ोतरी भी होगी।

इंदौर को 150 और भोपाल को 100 बसें

प्रदेश के छह शहरों को 552 बसें मिलेगी। इसमें इंदौर को 150 के अलावा भोपाल, जबलपुर, उज्जैन को 100, ग्वालियर को 70 और सागर को 32 बसें मिलेंगी। अभी इंदौर में करीब 40 ई बसें चल रही हैं। इंदौर में बस के संचालन की दर प्रति किलोमीटर 76 रुपये है। इंदौर में प्राइम रूट पर बस संचालकों से राशि ली जा रही है, जबकि कम सवारी वाले रूट पर बसों को प्रति किलोमीटर से चलाकर घाटे का भुगतान किया जा रहा है।




MP Election 2023 : पितृपक्ष ने रोकी एमपी चुनाव के उम्मीदवारों की सूची, जानें कांग्रेस-BJP कब जारी करेंगी लिस्ट

भोपाल : सनातन धर्म में 16 श्राद्ध पक्ष का विशेष महत्व होता है।इन दिनों हिन्दू धर्म में सभी शुभ कार्य वर्जित रहते हैं।मान्यताओं के अनुसार यह दिन केवल पितृों के लिए समर्पित हैं।श्राद्ध पक्ष के कड़वे दिनों ने राजनीति को भी प्रभावित कर दिया है।आचार संहिता से पहले बीजेपी (BJP) लगातार अपने प्रत्याशियों के सूची जारी कर रही थी, तो वहीं श्राद्ध पक्ष लगने के बाद से बीजेपी ने एक भी सूची जारी नहीं की इधर कांग्रेस भी अब श्राद्ध के बाद ही प्रत्याशियों की सूची जारी करेगी। इसकी पुष्टि स्वयं पीसीसी चीफ कमलनाथ कर चुके है।

विधानसभा चुनावों (assembly elections) को लेकर आचार संहिता लगने से पूर्व ही भारतीय जनता पार्टी द्वारा अपनी दो सूची जारी कर चुकी है। इन दोनों ही सूची में 39-39 प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की गई है।बीजेपी की तीसरी सूची का इंतजार है, तो इधर कांग्रेस (Congress) ने अब तक एक भी प्रत्याशी के नाम का ऐलान नहीं किया है। हालांकि, एक दिन पहले दिल्ली में कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक (Screening Committee Meeting) आयोजित की गई। इस बैठक में विधानसभा प्रत्याशियों (candidates) के नामों पर मंथन भी हुआ है।

कांग्रेस बैठक में ये लोग हुए शामिल
इस बैठक में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, अंबिका सोनी, अधीर रंजन चौधरी, सलमान खुर्शीद, मधुसूदन मिस्त्री, एन उत्तम कुमार रेड्डी, टीएस सिंह देव, केजे जार्ज, प्रीतम सिंह, मोहम्मद जावे, अमी याग्रिक, पीएल पुनिया, ओमप्रकाश सिंह मरकाम, केसी वेणुगोपाल मौजूद रहेंगे. जबकि मध्यप्रदेश से इस बैठक में पीसीसी चीफ कमलनाथ, नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह और ओमकार सिंह मरकाम शामिल हुए थे।

7 दिन बाद आएगी सूची
मध्य प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस की सूची को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने स्पष्ट कर दिया है कि, विधानसभा प्रत्याशियों की सूची 7 दिन बाद आएगी. उन्होंने बताया कि दिल्ली में आयोजित बैठक में करीब 130-140 सीटों पर चर्चा हुई है। नामों पर फैसला अगले छह-सात दिन में करेंगे। एक बैठक ओर होगी, जिसमें प्रत्याशियों के नामों का ऐलान किया जाएगा।

बीजेपी की सूची का भी इंतजार
इधर सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी अब तक 79 प्रत्याशियों के नामों का ऐलान कर चुकी है। इन प्रत्याशियों के नामों के ऐलान में बीजेपी ने दो सूची जारी की है, दोनों ही सूची में 39-39 प्रत्याशियों के नाम थे, जबकि एक सिंगल नाम बाद में घोषित किया गया। हालांकि, श्राद्ध पक्ष लगने के बाद से बीजेपी की भी सूची नहीं आएगी। बताया जा रहा है कि, श्राद्ध पक्ष के बाद ही बीजेपी भी अपनी तीसरी सूची जारी करेगी।




Bhopal : प्राथमिक और माध्यमिक 2.87 शिक्षकों को खुशखबरी, क्रमोन्नति वेतनमान का आदेश जारी

दीपकशर्मा/ मध्यप्रदेश के 2.87 लाख प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षकों के लिए क्रमोन्नति वेतनमान तय कर दिया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग के शुक्रवार को जारी आदेश के मुताबिक इन्हें सहायक शिक्षक और उच्च श्रेणी शिक्षक की तरह एक जुलाई 2018 या उसके बाद से 12, 24 और 30 साल की सेवा पूरी करने पर क्रमोन्नत वेतनमान मिलेगा।

प्राथमिक शिक्षक, प्राथमिक शिक्षक (खेल), प्राथमिक शिक्षक (संगीत- गायन और वादन), प्राथमिक शिक्षक (संगीत- नृत्य), प्राथमिक शिक्षक (विज्ञान), प्राथमिक शिक्षक (आईटी) को 6वें वेतनमान में 5200-20200 ग्रेड पे 2400 को 12 साल में पहली क्रमोन्नति पर 9300-34800 ग्रेड पे 3200 रुपए मिलेगा। इन्हें 24 साल की सेवा पूरी करने पर 9300-34800 ग्रेड पे 3800 और 30 साल की सेवा पूरी करने पर 9300-34800 ग्रेड पे 4200 रुपए दिया जाएगा।

इसी तरह 7वें वेतनमान में नियुक्ति वेतनमान लेवल 6 (25300-80500), 12 साल की सेवा पूरी करने पर लेवल 6 (32800-103600), 24 साल की सेवा पूरी करने पर लेवल (36200-114800), 30 साल की सेवा पूरी होने पर लेवल 10 में 42700-135100 रुपए का वेतनमान दिया जाएगा।

माध्यमिक शिक्षकों के लिए यह वेतनमान

माध्यमिक शिक्षक, माध्यमिक शिक्षक (खेल), माध्यमिक शिक्षक संगीत (गायन और वादन) को छठवें वेतनमान में 9300-34800 ग्रेड पे 3200 दिया जाएगा। 12 साल की सेवा पूरी करने पर इन्हें 9300-34800 ग्रेड पे 3600 और 24 साल की सेवा पूरी होने पर 9300-34800 ग्रेड पे 4200 जबकि 30 साल की सेवा पूरी करने पर 15600-39100 ग्रेड पे 6600 दिया जाएगा।

इसी संवर्ग के शिक्षकों को सातवें वेतनमान में नियुक्ति पर लेवल 6 में 32600-103600, 12 साल की सेवा पूरी होने पर लेवल 9 में 36200 से 114800, 24 साल की सेवा पूरी होने पर लेवल 10 में 42700-135100 रुपए और 30 साल की सेवा पूर्ण होने पर लेवल 13 में 67300-206900 वेतन दिया जाएगा। सभी संवर्ग के लिए सेवा अवधि की गणना एक जुलाई 2018 से मान्य होगी।

लेवल 9 शिक्षकों को 36200-114800 रुपए ग्रेड पे

स्कूल शिक्षा विभाग के आदेश में उच्च माध्यमिक शिक्षकों के लिए भी 6वें और 7वें वेतनमान के आधार पर वेतन तय किए गए हैं। इस संवर्ग में लेवल 9 शिक्षकों को नियुक्ति तारीख से 36200-114800 रुपए ग्रेड पे मिलेगा। 10 साल की सेवा में प्रथम लेवल 10 के लिए 42700-135100 रुपए जबकि 20 साल में द्वितीय वेतनमान पर 56100 से 177500 रुपए का वेतनमान मिलेगा।




Mp Election 2023 : संभवत:रविवार को चुनाव तिथि ऐलान के बाद लगेगी आचार संहिता लगेगी

मध्यप्रदेश (MP) सहित 5 राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव तिथि का ऐलान रविवार को होगा। मध्यप्रदेश के साथ ही छत्तीसगढ़ (Madhya Pradesh  Chhattisgarh) में दो-दो चरणों में चुनाव होने की संभावना है। चुनाव तिथि के ऐलान के साथ ही पांचों राज्यों में आचार संहिता लागू हो जाएगी।

चुनाव आयोग पांचों राज्यों का दौरा कर चुका है। वहीं दिल्ली में अंतिम समीक्षा बैठक हुई। वहीं मध्यप्रदेश सहित अलग-अलग राज्यों में प्रवेश निर्वाचन प्रमुख निर्वाचन अधिकारियों की बैठक ले रहे हैं। संभवत: रविवार को चुनाव तिथि का ऐलान होते ही पांचों राज्यों में आचार संहिता लागू हो जाएगी। आचार संहिता लागू होने की इन्हीं संभावनाओं के चलते मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान द्वारा धड़ाधड़ बचे हुए काम निपटाने के साथ ही ढेरों घोषणाएं की जा रही हैं, क्योंकि चुनावी ऐलान के बाद तमाम घोषणाओं पर विराम लग जाएगा। आचार संहिता लगने के बाद प्रशासनिक अमला भी चुनावी तैयारियों में जुट जाएगा।




MP Election 2023 : जानें कहां तक पहुंची चुनाव आयोग की तैयारी

Bhopal : मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव की तारीखों को लेकर सबके मन में जिज्ञासा बढ़ती जा है. हालांकि, अभी तक निर्वाचन आयोग ने चुनाव की तारीखों का एलान नहीं किया है लेकिन उसकी तैयारियों को देखकर लगता है कि इसी हफ्ते मध्य प्रदेश सहित राजस्थान छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में इलेक्शन का बिगुल बज सकता है. चुनाव की तैयारियां युद्धस्तर पर चल रही हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के 5 अक्टूबर को राजस्थान और मध्य प्रदेश के दौरे के बाद निर्वाचन आयोग (ECI) चुनाव की तारीखों का एलान कर सकता है. माना जा रहा है कि पांच राज्यों में इलेक्शन नवंबर-दिसंबर 2023 में हो सकते हैं. मध्य प्रदेश में बुधवार (4 अक्टूबर) को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन भी किया जा रहा है.

मध्य प्रदेश में 6 जनवरी 2024 और छत्तीसगढ़ में 3 जनवरी 2024 के पहले नई सरकार के गठन की संवैधानिक बाध्यता है. इसी तरह राजस्थान में 14 जनवरी 2024 के पहले नई सरकार का गठन करना जरूरी है. इसी वजह से अनुमान लगाया जा रहा है कि निर्वाचन आयोग इसी महीने (अक्टूबर) के पहले या दूसरे हफ्ते में पांच राज्यों में चुनाव की तारीखों का एलान कर सकता है. निर्वाचन आयोग की तैयारियों को देखते हुए यह भी कयास लगाया जा रहा है कि मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में नवंबर के दूसरे, तीसरे और चौथे हफ्ते में मतदान की अलग-अलग तारीखें तय हो सकती हैं.

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल अगले साल 6 जनवरी 2024 को खत्म होने वाला है. इसी तरह छत्तीसगढ़ में 3 जनवरी 2024, तेलंगाना में 16 जनवरी 2024, राजस्थान में 14 जनवरी 2024 और मिजोरम में 17 दिसंबर 2023 तक नई सरकार का गठन करना संवैधानिक है.

अधिकारियों की लिस्ट भी हो रही तैयार
बात पिछले के चुनाव की करें तो 6 अक्टूबर 2018 को निर्वाचन आयोग ने मध्यप्रदेश,राजस्थान,छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम के विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किया था.आयोग ने छत्तीसगढ़ में दो चरणों में तो मध्य प्रदेश, मिजोरम, राजस्थान और तेलंगाना में एक चरण में ही चुनाव मतदान करवाया था.

छत्तीसगढ़ में पहले चरण में 18 विधानसभा सीटों पर 12 नवंबर और दूसरे चरण की 72 विधानसभा सीटों में 20 नवंबर को मतदान करवाया था. इसी तरह मध्य प्रदेश और मिजोरम में एक ही चरण में 28 नवंबर हुई थी. राजस्थान और तेलंगाना में सात दिसंबर को वोटिंग की गई थी. सभी पांच राज्यों की मतगणना एक साथ 11 दिसंबर 2018 को हुई थी और उसी दिन परिणाम घोषित कर दिए गए थे.

भारत निर्वाचन आयोग ने चुनाव की तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू कर दी है. निर्वाचक नामावली के पुनरीक्षण का काम हो चुका है. आज इसका अंतिम प्रकाशन किया जा रहा है. इसके साथ ही चुनाव कार्य में प्रत्यक्ष रूप से भाग लेने वाले अधिकारियों की लिस्ट भी तैयार हो रही है. उनके प्रशिक्षण का काम भी चल रहा है.

चुनाव की तारीखों का इंतजार
वहीं, राजनीतिक दल भी अगले विधानसभा चुनाव के लिए कमर कस चुके हैं. मध्य प्रदेश में तो बीजेपी ने 39-39 उम्मीदवारों की दो सूची भी जारी कर दी है. जल्द ही कांग्रेस की पहली और बीजेपी की तीसरी सूची आने की चर्चा राजनीतिक गलियारों में हो रही है. बसपा, सपा और आम आदमी पार्टी ने भी अपने कई प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है.

इसी बीच भाजपा ने जनआशीर्वाद यात्रा तो कांग्रेस ने जन आक्रोश यात्रा के माध्यम से वोटरों तक पहुंचने की पहले चरण की कवायद कर ली है. बीजेपी के घोषित और कांग्रेस के संभावित उम्मीदवारों ने चुनाव प्रचार भी शुरू कर दिया है. अब इंतजार सिर्फ निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव की तारीखों के ऐलान का हो रहा है. इसके बाद लोकतंत्र के इस महा उत्सव के अलग-अलग रंग देखने को मिलेंगे.




Shivraj Cabinet : शिवराज कैबिनेट की संभावित अंतिम बैठक आज, कई अहम प्रस्तावों पर आज लगेगी मुहर

Shivraj Cabinet: On the lines of Bhopal, Global Skills Park will be built in Gwalior, Jabalpur, Rewa and Sagar

सीएम शिवराज ने कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता की

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में बुधवार रात 8 बजे मुख्यमंत्री निवास पर बैठक आयोजित होगी। बैठक में कई अहम प्रस्ताव पर मुहर लगेगी। इसमें भोपाल की तर्ज पर जबलपुर, ग्वालियर, रीवा और सागर में ग्लोबल स्किल्स पार्क बनाने की स्वीकृति मिल सकती है। इसका प्रस्ताव तकनिकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग ने दिया है। वहीं, इसी विभाग के अंतर्गत नवीन 9 बोर्ड के गठन को भी स्वीकृति दी जा सकती है।

भोपाल में आठ लेन एलिवेटेड कॉरिडोर बनेगा 

कैबिनेट में भोपाल में आठ लेन के एलिवेटेड कॉरिडोर को स्वीकृति मिल सकती है। हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल के तहत कमला पार्क से संत हिरदाराम नगर (भोपाल-इंदौर मार्ग) तक आठ लेन का एलिवेटेड कॉरिडोर बनेगा। इससे शहर के अंदर यातायात का दबाव कम होगा।

पांच नई तहसीलें बनेंगी 

कैबिनेट में पांच नई तहसील बनाने के प्रस्ताव को स्वीकृति मिल सकती है। इसमें उज्जैन जिले में उन्हेल, बालाघाट जिले में लामता, रायसेन जिले में बम्होरी और सुल्तानगंज और मंदसौर जिले में कयामपुर तहसील के सृजन को स्वीकृति मिल सकती है।

एक दर्जन सिंचाई परियोजनाओं को स्वीकृति 

कैबिनेट में करीब एक दर्जन सिंचाई परियोजनाओं पर भी चर्चा होगी। इसमें सोनपुर सिंचाई परियोजना, मंडला जिले की नैनपुर विकासखंड स्थित थांवर जलाशय के माइक्रो सिंचाई परियोजना, मुरकी पाइप नहर सिंचाई परियोजना, पावा सिंचाई परियोजना, रीवा जिले की सिरमौर माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना और डोकरीखेड़ा जलाशय के शेष कमांड क्षेत्र को तवा परियोजना की पिपरिया शाखा नहर से जल उद्वहन कर सूक्ष्म सिंचाई पद्धति से सिंचित की परियोजना, चितावद वृहद सिंचाई परियोजना, मेंढ़ा मध्यम उद्वहन सिंचाई परियोजना, गुना जिले की तहसील बमोरी में प्रस्तावित पन्हेटी मध्यम परियोजना, रीवा जिले की लोनी माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना शामिल है।




Bhopal News : विजयवर्गीय के बेटे के समर्थकों ने टिकट के लिए काटा बवाल, भोपाल BJP मुख्यालय में किया हंगामा

जिस दिन से बीजेपी ने अपने उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की है, जिसमें कैलाश विजयवर्गीय और तीन केंद्रीय मंत्रियों- नरेंद्र सिंह तोमर, फग्गन सिंह कुलस्ते और प्रह्लाद पटेल का नाम शामिल है, आकाश विजयवर्गीय के समर्थकों में नाराजगी शुरू हो गई है।

विजयवर्गीय के बेटे के समर्थकों ने टिकट के लिए काटा बवाल
विजयवर्गीय के बेटे के समर्थकों ने टिकट के लिए काटा बवाल
मध्य प्रदेश चुनाव के लिए बीजेपी ने राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय को तो टिकट दे दिया है, लेकिन उनके बेटे और इंदौर-3 से मौजूदा विधायक आकाश विजयवर्गीय अब तक टिकट नहीं मिलने से नाराज हैं। उनके समर्थकों ने भापोल में पार्टी मुख्यालय में गुरुवार को प्रदर्शन कर उन्हें भी पिता के साथ आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट देने की मांग की है।

आकाश विजयवर्गीय के लगभग 100 समर्थक गुरुवार को इंदौर से तीन बसों में भरकर भोपाल आए और उनके समर्थन में नारे लगाते हुए बीजेपी मुख्यालय में घुस गए और नारेबाजी करते हुए आकाश विजयवर्गीय को आगामी विधानसभा चुनाव के लिए टिकट देने की मांग की। समर्थकों के एक समूह ने केंद्रीय मंत्री और राज्य चुनाव प्रभारी भूपेन्द्र यादव से मुलाकात की और कहा कि आकाश विजयवर्गीय ने इंदौर के लोगों की सेवा की है और उन्हें फिर से टिकट दिया जाना चाहिए।

आकाश विजयवर्गीय इंदौर-3 विधानसभा सीट से मौजूदा विधायक हैं। पार्टी ने उनके पिता को इंदौर-1 से मैदान में उतारा है। जिस दिन से बीजेपी ने अपनी दूसरी सूची जारी की है, जिसमें कैलाश विजयवर्गीय और तीन केंद्रीय मंत्रियों- नरेंद्र सिंह तोमर, फग्गन सिंह कुलस्ते और प्रह्लाद पटेल का नाम शामिल है, आकाश विजयवर्गीय के समर्थकों में नाराजगी शुरू हो गई है।

यहां तक कि कैलाश विजयवर्गीय भी खुलेआम कह चुके हैं कि उनकी विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्‍छा नहीं थी, चूंकि पार्टी ने पिता को टिकट दे दिया है, इसलिए संभावना है कि उनके बेटे को टिकट नहीं मिलेगा। इसके बाद से आकाश विजयवर्गीय और उनके समर्थकों में नाराजगी शुरू हो गई है। प्रदेश की कुल 230 विधानसभा सीटों के लिए बीजेपी ने अब तक 79 उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है।

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Bhopal News : भोपाल में महाराणा प्रताप के स्मारक का भूमिपूजन, शिवराज का एलान- महाराजा छत्रसाल का भी स्मारक बनेगा

MP News: CM Shivraj performed Bhoomi Pujan of Maharana Pratap's memorial in Bhopal, 20 feet high statue will b

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को महाराणा प्रताप स्मारक का भूमिपूजन किया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि जल्द ही महाराज छत्रसाल के समाधि स्थल मऊ सहानिया में उनके जीवन पर आधारित भव्य स्मारक बनाया जाएगा। वहां लाइट एंड साउंड शो भी होगा। धुबेला में वर्तमान संग्रहालय का सौंदर्यीकरण किया जाएगा।

शिवराज ने गुरुवार को टीटी नगर स्टेडियम रोड पर महाराणा प्रताप के स्मारक का भूमिपूजन किया। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, राज्य के मंत्री अरविंद भदौरया, भूपेंद्र सिंह, उषा ठाकुर के साथ-साथ पार्टी के पदाधिकारी मौजूद थे। कार्यक्रम में महाराणा प्रताप स्मारक के स्वरूप को लेकर लघु फिल्म भी दिखाई गई। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आज हम सभी का मन आनंद, प्रसन्नता और गर्व से भरा हुआ है। आज ऐसा लग रहा है कि जीवन सार्थक और सफल हो गया है। मेरा मुख्यमंत्री बनना सार्थक और सफल हो गया है। हम सौभाग्यशाली है कि हम इस पल के साक्षी बन रहे हैं। महाराणा प्रताप अद्भुत वीर थे। महाराणा प्रताप का नाम लेते ही रोम-रोम पुलकित हो जाता है। वे मेवाड़ के मुकुट मणि नहीं, वे तो भारत के मुकुट मणि हैं। वीरता, शौर्य, त्याग, पराक्रम, दृढ़ संकल्प और प्रण के लिए अमर हैं महाराणा प्रताप। जब तक सूरज, चांद रहेगा, तब तक महाराणा प्रताप जी का नाम अमर रहेगा। मुगल इनके नाम से कांपते थे। उनकी मां ने बचपन से महाराणा प्रताप को सीख दी थी कि निहत्थे पर कभी वार मत करो। पहले उसे तलवार दो, फिर पराक्रम दिखाओ। वे 72 किलो का कवच, 80 किलो का भाला और दो तलवार लेकर रण में उतरते थे।

हम इतिहास बदल देंगे जो सही है वह सामने लाएंगे

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हमें गलत इतिहास पढ़ाया गया। हम इतिहास बदल देंगे। जो सही है, वह ही सामने लाएंगे। सरकार का काम केवल पुलिया बनाना नहीं है, आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देना और सही इतिहास पढ़ाना भी है। महाराणा प्रताप के स्मारक पर भव्य प्रतिमा लगाई जाएगी।

20 मिनट की लघु फिल्म में बताएंगे शौर्य 

महाराणा प्रताप के शौय को प्रस्तुत करती एक लघु फिल्म बनाई गई है। 20 मिनट की इस फिल्म में महाराणा प्रताप के शौर्य को बताया गया है। इस फिल्म को महाराणा प्रताप स्मारक पर दिखाया जाएगा। महाराणा प्रताप स्मारक की संरचना उनके जन्म स्थान कुंभलगढ़ दुर्ग से प्रेरित होकर बनाई जा रही है। महाराणा प्रताप स्मारक में मेवाड़ वंश के गौरव महाराणा हमीर सिंह, महाराणा कुम्भा,  महाराणा सांगा, मीरा बाई, महाराणा उदय सिंह, महाराणा प्रताप के जीवन चरित्र को दर्शाया जाएगा। मेवाड़ वंश और महाराणा प्रताप के जीवन की घटनाओं पर कलाकर्तियों पर प्रदर्शित करते हुए प्रादर्श वीथिका का निर्माण भी किया जा रहा है।

20 फीट ऊंची प्रतिमा लगाई जाएगी 

महाराणा प्रताप का जीवन वन में व्यतीत हुआ है। यहां भील समुदाय के साथ उन्होंने अनूठे पल बिताए हैं, जिसे लैंडस्कैप एरिया में खुली वीथिकाओं में दर्शाया जाएगा। महाराणा प्रताप की 20 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा भी लैंडस्कैप एरिया में स्थापित होगी।

विजय स्तंभ की रेप्लिका बनाई जाएगी

लैंड स्कैप में एक प्रमुख स्थान पर चित्तागढ़ में महाराणा कुंभा द्वारा बनाए गए विजय स्तंभ की रेप्लिका भी बनाई जाएगी। साथ ही दो हजार लोगों के बैठने की क्षमता का मंच और लाइट और साउंड शो किया जाएगा। कैफेटेरिया का निर्माण भी किया जाएगा। उनके बलिदान पर आधारित साउंड और लाइट शो भी होगा।




Mp Election : कपिल मिश्रा का बड़ा बयान, बोले-इस बार विजयादशमी पर सनातन को धमकी देने वालों का पुतला दहन होगा

MP Election: Kapil Mishra's big statement, said - This time on Vijayadashami, effigies of those who threaten S

भाजपा नेता कपिल मिश्रा

दिल्ली भाजपा उपाध्यक्ष कपिल मिश्रा ने गुरुवार को हुजूर विधानसभा में गणेश आरती में शामिल हुए। यहां उन्होंने जनता से कहा कि विजयादशमी पर रावण का पुतला जलाते है। मेघनाथ का पुतला जलाते है। कुंभकरण का पुतला जलाते है। मिश्रा ने कहा कि दिल्ली में सारी रामलीलाओं ने निर्णय लिया है। मैं आपसे विनती करने आया हूं। आपके रामलीला के लोगों से विनती करने आया हूं। इस बार रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के साथ एक छोटा पुतला सनातनियों को धमकी देने वालो, सनातन को गाली देने वालो का भी दशहरे के दिन जलाया जाए।

बता दें तमिलनाडू के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे और मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने सनातन को लेकर विवादित बयान दिया था। स्टालिन की पार्टी डीएमके इंडिया गठबंधन का हिस्सा है। इसको लेकर अब भाजपा विपक्षी इंडिया गठबंधन पर लगातार हमले कर रहे है। उदयनिधि स्टालिन ने अपने बयान में सनातन को मच्छर, डेंगू, मलेरिया, कोरोना बताते हुए उसके खात्मा करने की बात कही थी।