Mp Politics:मोहन यादव से कमलनाथ की मुलाकात, बोले- आशा है विधिपूर्वक और राग-द्वेष से रहित होकर शासन करेंगे

MP Politics Former CM KamalNath met legislature party leader Mohan Yadav

कमलनाथ और मोहन यादव

मध्यप्रदेश के सीएम पद पर उज्जैन दक्षिण क्षेत्र से विधायक मोहन यादव के नाम पर मुहर लगाकर बीजेपी ने तय कर दिया कि यह नई बीजेपी है। यहां फैसले बिल्कुल अनएक्सपेक्टेड होते हैं और केंद्रीय नेतृत्व किसी भी तरह के प्रेशर में काम नहीं करता।

बता दें कि बीजेपी पर्यवेक्षकों ने विधायकों से गहन विचार-विमर्श के बाद मुख्यमंत्री का फैसला किया। शिवराज सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री रहे मोहन यादव राज्य में शिवराज सिंह चौहान की जगह लेंगे। मध्यप्रदेश की राजनीति में सीएम पद के लिए यादव छुपा रुस्तम साबित हुए हैं। हालांकि पिछली बार जब शिवराज सिंह चौहान को सीएम बनाने की तैयारी हो रही थी, उस समय भी मोहन यादव के नाम पर विचार हुआ था, पर इस बार उनके नाम की चर्चा कहीं से भी नहीं हो रही थी।

कहा जा रहा कि आरएसएस उनके नाम को लेकर काफी गंभीर था। हालांकि, मोहन यादव को बड़बोलेपन के लिए कई बार बहुत आलोचना झेलनी पड़ी है और भी कई मामलों को लेकर उनका नाम विवादों में रहा है।

कमलनाथ ने मोहन यादव से की मुलाकात

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने की भाजपा विधायक दल के नेता मोहन यादव से मुलाकात की है। वीआईपी गेस्ट हाउस में मंगलवार सुबह मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ डॉ मोहन यादव से सौजन्य भेंट करने पहुंचे थे। वहीं, कमलनाथ ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी विधायक दल का नेता निर्वाचित होने पर मोहन यादव को शुभकामनाएं। मैं आशा करता हूं कि वह मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में विधिपूर्वक और राग-द्वेष से रहित होकर शासन करेंगे।




Jagdish Devda: जगदीश देवड़ा को मिली MP के डिप्टी सीएम की जिम्मेदारी, राजनीतिक सफर पर एक नजर

भोपाल। भाजपा विधायक दल की बैठक में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री का एलान हो गया। दक्षिण उज्जैन से विधायक मोहन यादव राज्य के मुख्यमंत्री होंगे। इसके साथ ही विधायक दल की बैठक में दो डिर्टी सीएम बनाने का फैसला हुआ है। जगदीश देवड़ा (Jagdish Devda New Deputy CM of MP) और राजेंद्र शुक्ला (Rajendra Shukla) मध्य प्रदेश के नए उप मुख्यमंत्री होंगे।

मध्य प्रदेश में आज यानी 11 दिसंबर को भाजपा विधायक दल की बैठक हुई। 11 दिसंबर को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने प्रदेश कार्यालय में सभी निर्वाचित विधायकों को उपस्थित रहने को लेकर निमंत्रण दिया था। जगदीश देवड़ा शिवराज सरकार में वित्त मंत्री का जिम्मा संभाल रहे हैं। वह मल्हारगढ़ विधानसभा सीट से विधायक हैं। देवड़ा लगातार आंठवीं बार जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं।

जगदीश देवड़ा ने 59024 वोटों से जीत हासिल की है

जगदीश देवड़ा (Jagdish Devda) ने इस बार के चुनाव में 59024 वोटों से जीत हासिल की है। उन्होंने निर्दलीय विधायक श्यामलाल जोकचंद को हराया है, वहीं कांग्रेस प्रत्याशी परशुराम सिसौदिया तीसरे नंबर पर रहे, जो 79335 वोटों से चुनाव हारे हैं।

अपनी फिटनेस को लेकर हमेशा रहते हैं सजग 

जगदीश देवड़ा 66 साल की उम्र में भी अपनी फिटनेस को लेकर सजग रहते हैं। शांत स्वभाव को जगदीश देवड़ा मध्य प्रदेश भाजपा के कद्दावर नेताओं में शुमार किए जाते हैं। इसके साथ ही वह विवादों से कोसों दूर रहे हैं। इन वजहों से ही देवड़ा को वित्त जैसे महत्वपूर्ण विभाग की कमान सौंपी गई है। माना जाता है कि जगदीश देवड़ा की पार्टी संगठन में अच्छी पकड़ है।

थावरचंद गहलोत के बाद एक बड़े दलित चेहरे देवड़ा

मध्यप्रदेश में थावरचंद गहलोत के बाद एक बड़े दलित चेहरे जगदीश देवड़ा को मध्य प्रदेश का उप मुख्यमंत्री बनाया गया है। 1990 में पहली बार विधायक बनने के बाद से अपने लगभग 33 वर्ष के लंबे राजनीतिक कार्यकाल में जगदीश देवड़ा आठवीं बार विधायक बने हैं।

उमा भारती से लेकर शिवराज सिंह में रहे मंत्री

प्रदेश की 2003 में उमा भारती सरकार से लेकर अभी की शिवराज सिंह चौहान की सरकार तक में वे बड़े मंत्रालय संभाल चुके हैं। जिनमें परिवहन, गृह, श्रम, जेल, वित्त मंत्री का प्रभार भी संभाल चुके हैं। इसके अलावा पार्टी ने उन्हें जहां भी भेजा वहां काफी अच्छे से कार्य किया है।

थावरचंद गहलोत के राज्यपाल बनने के बाद से जगदीश देवड़ा को मध्य प्रदेश बीजेपी में बड़े दलित चेहरे के रूप में देखा जा रहा था। उसके चलते अब उन्हें उप मुख्यमंत्री के तौर पर बड़ी जिम्मेदारी मिली है। देवड़ा को उप मुख्यमंत्री बनाने के बाद उनके समर्थकों में खुशी का माहौल है। मल्हारगढ़ क्षेत्र में भी जश्न का माहौल है।

जगदीश देवड़ा का परिवार और पढ़ाई

जगदीश देवड़ा नीमच जिले के रामपुरा के रहने वाले हैं। उनके पिता का नाम गेंदालाल देवड़ा है। जगदीश देवड़ा की पत्नी का नाम रेणु देवड़ा है, जिनसे दो पुत्र हैं। अगर देवड़ा की पढ़ाई की बात की जाए तो उन्होंने एम.ए. और एल-एल.बी की डिग्री हासिल की है।




Bhopal News : 13 को होगा मोहन यादव का शपथ ग्रहण समारोह, सवाल दिग्गजों का क्या होगा?

MP News: Mohan Yadav's swearing-in ceremony will be held on 13th, question is what will happen to the veterans

नरेंद्र सिंह तोमर, मोहन यादव और वीडी शर्मा

केंद्रीय पर्यवेक्षकों की उपस्थिति में भाजपा विधायक दल की बैठक में मोहन यादव को नेता चुन लिया गया। इसके बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया और मोहन यादव ने सरकार बनाने का दावा भी कर दिया। मोहन यादव 13 दिसंबर को मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में शपथ लेंगे। इसके साथ ही चर्चा है कि उनका मंत्रिमंडल कैसा होगा। चुनाव लड़े कर दिग्गजों का क्या होगा? हालांकि अभी मंत्रिमंडल को लेकर स्थिति साफ नहीं हुई है। हालांकि यह भी चर्चा हो रही है कि भाजपा ने जिस तरह सीएम बदला क्या उसी तरह से नए मंत्रिमंडल में युवाओं और नए चेहरे को शामिल कर नया रूप दिया जाएगा।

दिग्गजों को लेकर असमंजस

विधानसभा चुनाव में भाजपा ने तीन केंद्रीय मंत्री समेत सात सांसदों को चुनाव लड़ाया था। इसमें से एक केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते और सांसद गणेश सिंह चुनाव हार गए। बाकी नरेंद्र सिंह तोमर, प्रहलाद पटेल, कैलाश विजयवर्गीय, राकेश सिंह, राव उदय प्रताप सिंह, रीति पाठक चुनाव जीत कर आए है। नरेंद्र सिंह तोमर को विधानसभा अध्यक्ष बनाया जा रहा है। ऐसे में सवाल यह है कि बाकी दिग्गज नेताओं को कहां एडजस्ट किया जाएगा। हालांकि भाजपा सूत्रों का कहना है कि इसमें से कुछ चेहरे केंद्र में लिए जा सकते हैं।

पुराने चेहरो की हो सकती है छुट्टी

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में शिवराज सिंह चौहान समेत 32 मंत्रियों ने चुनाव लड़ा था। इसमें 12 मंत्री हार गए। अब 19 मंत्री दोबारा चुनाव जीत कर आए है। अब इनमें से कई पुराने मंत्रियों को हटा कर नए चेहरों को मौका दिया जा सकता है। इस बार लोकसभा क्षेत्र के अनुसार मंत्रिमंडल में स्थान देने की भी चर्चा है। यादव के लिए सभी के साथ बेहतर तालमेल बनाकर काम करना आसान नहीं है। इस बार विधानसभा में गोपाल भार्गव, बिसाहूलाल सिंह, गोविंद सिंह राजपूत, तुलसी सिलावट, विजय शाह, भूपेंद्र सिंह, विश्वास सारंग, प्रभुराम चौधरी, ओमप्रकाश सकलेचा, इंदर सिंह परमार, हरदीप सिंह डंग, प्रद्युम्न सिंह तोमर, हेमंत खंडेलवाल, संजय पाठक, अर्चना चिटनिस, रमेश मेंदोला, उषा ठाकुर, मालिनी गौड़, रामेश्वर शर्मा, गिरीश गौतम, सुरेंद्र पटवा, महेंद्र सिंह हार्डिया, कृष्णा गौर जैसे कई बार के निर्वाचित विधायक रहेंगे।




जानिए कौन हैं राजेंद्र शुक्ला जो अब बने मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री

Madhya Pradesh Deputy CM : मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री के सीएम का नाम आखिरकार फाइनल हो गया है। बीजेपी ने मोहन यादव का नाम मुख्यमंत्री के लिए चुनकर एक बार फिर सबको चौंका दिया है। उज्जैन दक्षिण से विधायक मोहन यादव (Mohan Yadav) एमपी के नए मुख्यमंत्री होंगे। वहीं राजेन्द्र शुक्ला और जगदीश देवड़ा डिप्टी सीएम बनेगें। राजेंद्र शुक्ला (Rajendra Shukla) मध्यप्रदेश के रीवा से विधायक हैं और विंध्य के कद्दावर नेता के तौर पर उन्हें जाना जाता है।

बता दें कि राजेंद्र शुक्ला चार बार कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। अपने चुनावी कैरियर में वह अब तक अजेय रहे हैं। खास बात है कि वह ऐसे विधायक हैं जिन्हें हर बार चुनाव जीतने पर मंत्री पद मिला है।

विंध्य के बड़े नेता हैं राजेंद्र शुक्ला

रीवा विधानसभा क्षेत्र में विधायक राजेंद्र शुक्ला को कद्दावर नेता के तौर पर जाना जाता है। साल 2003 में उन्होंने पहली बार BJP के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीता था। इसके बाद लगातार वह रीवा से चुनाव जीतते आए हैं। साल 2018 में वह चौथी बार और अब 2023 में पांचवी बार विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं।

एमपी के डिप्टी सीएम की कुर्सी पाने वाले राजेंद्र शुक्ला सबसे पहले उमा भारती की सरकार में मंत्री बने। इसके बाद बाबूलाल गौर सरकार में भी उन्हें मंत्री पद मिला। शिवराज सिंह चौहान की सरकार में भी वह राज्य में कैबिनेट मंत्री रहे। बता दें कि वह अब तक 2003, 2008, 2013 और 2023 में मंत्री रह चुके हैं।

पॉलिटिकल करियर
1986 से युवा नेता के तौर पर शुरुआत करने वाले राजेंद्र शुक्ला ने 1998 में विधानसभा चुनाव लड़ा लेकिन वह कांग्रेस के पुष्पराज सिंह से 1394 वोटों से हार गए।

कब मिला कौन सा मंत्री पद?

2003 में पहली बार रिकॉर्ड वोटों से विधानसभा चुनाव जीतने वाले राजेंद्र शुक्ला को आवास और पर्यावरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) का पद दिया गया।

2008 में वह रीवा विधानसभा क्षेत्र से दूसरी बार जीते। और इस बार उन्हें ऊर्जा और खनिज संसाधन मंत्री बनाकर मंत्रीपरिषद में शामिल किया गया।

2013 की बात करें तो मध्य प्रदेश की 14वीं विधानसभा में चुनाव जीतकर आने वाले राजेंद्र शुक्ला को उद्योग नीति और निवेश संवर्धन मंत्री बनाया गया। इसके अलावा उन्होंने जनसंपर्क विभाग भी संभाला।

बता दें कि 2018 में एमपी में कांग्रेस की सरकार बनी थी लेकिन 2020 में यह सरकार गिर गई और एक बार फिर भाजपा सत्ता में आई। इसके बाद 2023 में राजेंद्र शुक्ला को एक बार फिर यानी कुल चौथी बार कैबिनेट में जगह मिली।

सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते हैं राजेंद्र शुक्ला

राजेंद्र शुक्ला की X (Twitter) प्रोफाइल देखें तो पता चलता है कि वह सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं। उन्हें 65000 से ज्यादा लोग X पर फॉलो करते हैं।

सिविल इंजीनियरिंग में बैचलर्स डिग्री

राजेंद्र शुक्ला का जन्म 3 अगस्त 1964 को एमपी के रीवा में हुआ। उनके पिता भइयालाल शुक्ला एक कॉन्ट्रैक्टर और समाज सेवी थे। सरकारी स्कूल से पढ़ने वाले शुक्ला ने गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज रीवा से सिविल इंजीनियरिंग में बैचलर्स की डिग्री ली है। 1986 में वह गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष बन गए थे।




Mohan Yadav Biography: कौन हैं मोहन यादव? जो होंगे मध्य प्रदेश के नए सीएम, BJP ने अपने फैसले से चौंकाया

मध्य प्रदेश को अपना नया सीएम मिल गया है।बीजेपी की विधायक दल की बैठक में शिवराज सिंह चौहान सरकार में शिक्षा मंत्री रहे मोहन यादव को अगला सीएम चुना है।

मध्य प्रदेश में सोमवार को सीएम के नाम के चयन के लिए बीजेपी की विधायक दल की बैठक आयोजित की गई।इस बैठक में विधायकों ने मोहन यादव के नाम पर मुहर लगाई है. मोहन यादव (Mohan Yadav) उज्जैन दक्षिण से विधायक हैं. वह शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) सरकार में शिक्षा मंत्री रहे हैं। उन्होंने लगातार तीसरी बार विधायकी का चुनाव जीता है।

शिवराज के पांव छूकर लिया आशीर्वाद

विधायक दल की बैठक में जब डॉ.मोहन यादव के नाम का एलान किया गया तो मंच पर वह पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के पांव छूते देखे गए और शिवराज सिंह ने आत्मीयता के साथ सिर पर हाथ रखकर उन्हें आशीर्वाद दिया।मोहन यादव मध्य प्रदेश में बीजेपी का बड़ा ओबीसी चेहरा हैं।उनके नाम की घोषणा संभवतः 2024 के लोकसभा चुनाव को देखते हुए की गई है। मोहन यादव की शैक्षणिक योग्यता पीएचडी है। वह 2020 में उन्हें शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी दी गई थी और 2023 तक वह इस पद पर रहे।

अब तक का राजनीतिक करियर 
58 वर्षीय मोहन यादव का राजनीतिक करियर एक तरह से 1984 में शुरू हुआ जब उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद को ज्वाइन किया। वह आरएसएस के भी सदस्य हैं। उन्होंने 2013 में उज्जैन दक्षिण से चुनाव लड़ा था और लगातार तीसरे चुनाव में यहां से विधायक निर्वाचित हुए हैं। इस बार उन्होंने कांग्रेस के प्रत्याशी चेतन प्रेमनारायण यादव को 12941 वोटों से हराया था।मोहन यादव को 95699 वोट मिले थे।

बीजेपी के अनुभवी नेता हैं डॉ.मोहन यादव
मोहन यादव के नाम की घोषणा उज्जैनवासियों के लिए सरप्राइज से कम नहीं है क्योंकि सीएम पद की रेस में इनका नाम कहीं नहीं था, लेकिन विधायक दल की बैठक में उनके नाम की घोषणा की गई। वह  2004 से पहले 2010 तक उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रहे हैं जबकि 2011 से 2013 तक एमपी राज्य पर्यटन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली है।




Who Will Be The Cm : शिवराज ही रहेंगे सरताज या फिर कोई और बनेगा कर्णधार, विधायक दल की बैठक में आज फैसला

मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री कौन बनेगा, इसका फैसला कुछ ही घंटों बाद हो जाएगा। भाजपा ने विधानसभा चुनावों के नतीजों के आठ दिन बाद सोमवार को विधायक दल की बैठक बुलाई है। इसमें हंगामा होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। इस वजह से विधायकों को भेजे गए पत्र में साफ तौर पर लिखा है कि बैठक से पहले तक कोई भी विधायक मीडिया के सामने प्रतिक्रिया नहीं देगा। बैठक में भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेताओं को भी बुलाया गया है, जो विधायक नहीं है।

मध्य प्रदेश में 17 नवंबर को मतदान हुआ और तीन दिसंबर को विधानसभा चुनावों के नतीजे आए। भाजपा ने 230 सीटों वाली विधानसभा में 163 सीटों के साथ बम्पर बहुमत हासिल किया है। कांग्रेस को 66 और अन्य को एक सीट से संतोष करना पड़ा। केंद्रीय पर्यवेक्षक हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. के लक्ष्मण और राष्ट्रीय सचिव आशा लाकड़ा शीर्षनेतृत्व का निर्देश बैठक में सुनाएंगे।

यह है सीएम पद के दावेदार

शिवराज सिंह चौहानः चार बार के मुख्यमंत्री। 16 साल से ज्यादा का अनुभव। लाड़ली बहना योजना शिवराज की योजना है, जिसे भाजपा की जीत का अहम फेक्टर बातया जा रहा है। जन नेता बनकर उभरे। ओबीसी बढ़ा चेहरा। नई लीडरशिप के चलते इनके विकल्प की तलाश की जा रही है।

नरेंद्र सिंह तोमर: दिमनी से विधायक बनें। केंद्रीय मंत्री पद छोड़कर आए। कुशल संगठक माने जाते है। आरएसएस की भी पसंद। शिवराज अपनी सहमति दे सकते हैं। सामान्य वर्ग से आते है।

प्रहलाद पटेल: शिवराज के बाद प्रदेश में ओबीसी चेहरा है। केंद्रीय मंत्री पद छोड़कर आए हैं। केंद्रीय नेताओं की पसंद है।

कैलाश विजयवर्गीय: आठ साल बाद विधायक का चुनाव लड़ा और जीता। भाजपा कार्यकर्ताओं की पसंद। केंद्रीय नेतृत्व के नजदीकी है।

ज्योतिरादित्य सिंधियाः अवसर कम है, लेकिन प्रबल है। केंद्र में लगातार ताकत बढ़ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पंसद है। शिवराज के बाद सभी लोकप्रिय चेहरा।

यह नाम भी शामिल- पिछले कुछ दिनों में आदिवासी चेहरा सुमेर सिंह सोलंकी, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, केंद्रीय मंत्री फग्गनसिंह कुलस्ते और सांसदों का नाम भी चर्चा में आया है।

विधायकों को भेजे पत्र में दी है चेतावनी

भाजपा के प्रदेश कार्यालय में विधायकों की बैठक 11 दिसंबर को बुलाई गई है। इस दौरान विधायकों का पंजीयन और भोजन होगा। साथ ही समूह फोटो खींची जाएगी। बैठक के बाद स्वल्पाहार और चाय होगी। हालांकि, विधायकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि बैठक में उनका कोई सहायक या अंगरक्षक शामिल नहीं होगा। साथ ही बैठक से पहले उन्हें मीडिया को प्रतिक्रिया न देने को कहा गया है।




Bhopal Crime News : कुख्यात बदमाश नसीम का शॉर्ट एनकाउंटर, टी आई को दी थी जाने से मारने की धमकी

Bhopal Crime News: Shot shooter of notorious criminal Naseem, TI was to be threatened with death.

आरोपी नसीम बन्ने खां

टी आई को जाने से मारने की धमकी देने वाले कुख्यात बदमाश नसीम बन्ने खां का सोमवार को शॉर्ट एनकाउंटर हो गया। क्राइम ब्रांच पुलिस को इसके मनुवा भान टेकरी पर छिपने होने की सूचना मिली थी। इसके बाद जब क्राइम ब्रांच ने इसे एक टीम बनाकर गिरफ्तार करने पहुंचीं तो नसीम से न सिर्फ वहां से भागने की कोशिश की बल्कि पुलिस पर फायरिंग भी कर दी। तभी जवाब में पुलिस ने उसका शॉर्ट एनकाउंटर कर दिया। आरोपी को पैर में गोली लगी है। फिलहाल उसे हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसका ईलाज किया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक इस पूरी घटना में एक पुलिस कर्मी भी घायल हो गया है। डीसीपी क्राइम श्रुत्कीर्ति सोमवंशी, डीसीपी जोन 3 रियाज इकबाल सहित भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा।

कई मामले दर्ज

बता दें, नसीम वही आरोपी है जिसने पिछले दिनों थाना तलैया क्षेत्र में टेंट व्यवसाय से रंगदारी की थी और फायरिंग भी की थी और इसी ने वीडियो बनाकर सीहोर जिले में दोहरा ठाणे के प्रभारी को भी जान से मारने की धमकी भी दी थी। आरोपी नसीम गोली कांड सहित आधा दर्जन अपराधों में फरार चल रहा था। तभी से सीहोर जिले की क्राइम ब्रांच, थाना दोहरा पुलिस और भोपाल की तलैया पुलिस को आरोपी की तलाश थी।




Bhopal News : mp में आज होगा मुख्यमंत्री पर फैसला; हरियाणा के Cm मनोहरलाल समेत तीनों पर्यवेक्षक पहुंचेंगे भोपाल

Decision on post of CM will be taken today in Madhya Pradesh Know all updates in hindi

शिवराज सिंह चौहान, नरेंद्र सिंह तोमर।

छत्तीसगढ़ के बाद अब सभी निगाहें मध्य प्रदेश और राजस्थान पर लगी हैं। मध्य प्रदेश में सोमवार, तो राजस्थान में मंगलवार को नए सीएम का पता चल जाएगा। एमपी के लिए भाजपा के केंद्रीय पर्यवेक्षक हरियाणा के सीएम मनोहरलाल, ओबीसी मोर्चा के प्रमुख के लक्ष्मण और पार्टी सचिव आशा लाकड़ा के सोमवार को 11 बजे भोपाल पहुंचने की उम्मीद है।

उसके बाद विधायकों से चर्चा का दौर शुरू होगा। उन्हें दोपहर एक बजे भोजन के लिए बुलाया गया है। शाम चार बजे बैठक होगी। देर शाम तक विधायक दल के नए नेता का फैसला हो जाएगा। वहीं, राजस्थान के पर्यवेक्षक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सरोज पांडे और विनोद तावड़े के मंगलवार को जयपुर पहुंचकर विधायकों से बात करने की उम्मीद है।

वसुंधरा से मिले 10 विधायक

राजस्थान में भाजपा के नवनिर्वाचित 10 विधायकों ने पूर्व सीएम वसुंधरा राजे से जयपुर स्थित आवास पर भेंट की। इन विधायकों में अजय सिंह, बाबू सिंह शामिल थे। बीते रविवार को चुनाव नतीजे आने के तुरंत बाद करीब 20 विधायकों ने राजे से मुलाकात की थी। इसे राजे का शक्ति प्रदर्शन माना गया था। हालांकि पार्टी नेतृत्व ने साफ कर दिया कि वह किसी दबाव में नहीं आएगा।




Bhopal News : एमपी बोर्ड कक्षा 10वीं की परीक्षा 05 फरवरी से 28 फरवरी 2024 तक और 12वीं की 06 फरवरी से 05 मार्च 2024 के बीच होगी।

मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (MPBSE) ने कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा 2024 के लिए टाइम टेबल जारी कर दी है। जिसके मुता बिक मध्य प्रदेश बोर्ड एमपीबीएसई 10वीं और 12वीं की परीक्षा 5 और 6 फरवरी, 2024 को शुरू करेगा।रिपोर्ट्स के मुताबिक फरवरी 2024 में परीक्षा आयोजित करने का फैसला नवंबर-दिसंबर 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव और अप्रैल-मई 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव को देखते हुए लिया गया है।

माध्यमिक शिक्षा मंडल मध्य प्रदेश भोपाल में दसवीं और बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं के लिए टाइम टेबल जारी कर दिया है। यह टाइम टेबल नियमित और स्वाध्याय छात्रों के लिए है। इस टाइम टेबल के अनुसार दसवीं कक्षा की परीक्षाएं 5 फरवरी से 28 फरवरी तक होनी है वहीं 12वीं कक्षा की परीक्षाएं 6 फरवरी से 4 मार्च तक चलेंगी।परीक्षाओं का समय यथावत सुबह 9:00 बजे से 12:00 का रखा गया है। जिसके लिए छात्रों को 8 बजे पहुंचने की हिदायत दी गई है। परीक्षा पूर्ण होने से 15 मिनट निकलने के बाद यानी सुबह 08:45 के बाद किसी भी छात्र को परीक्षा हॉल में एंट्री नहीं दी जाएगी। छात्रों को हर हाल में सुबह 08:30 बजे तक परीक्षा हाल में उपस्थित होना होगा। टाइम टेबल एमपी बोर्ड 2024 आधिकारिक वेबसाइट mpbse.nic.in पर जारी किया गया है।




Bhopal News : मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री कैसे चुना जाएगा?

मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री कौन बनेगा, इसका फैसला सोमवार यानि 11 दिसंबर को होगा। बीजेपी आलाकमान ने मुख्यमंत्री का नाम जानने के लिए तीन सदस्यीय ऑब्जर्वर दल नियुक्त किया है। इस दल को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्‌टर हेड कर रहे हैं।

उनके साथ के.लक्ष्मण और रांची की पूर्व महापौर आशा लाकड़ा हैं।इस बीच हरियाणा के सीएम जगदीश खट्टर का बड़ा बयान सामने आया है, जिसमें उन्हाेंने बता दिया है कि मध्य प्रदेश का सीएम कैसे चुना जाएगा?

मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री के चयन के लिए बीजेपी विधायक दल की बैठक सोमवार को शाम चार बजे होनी है, विधायक दल की बैठक से पहले भोपाल में सरगर्मी तेज हो गई है। उससे पहले भी राजधानी भोपाल में बहुत कुछ ऐसा होना है, जिसमें बीजेपी को मध्यप्रदेश के लिए अपना भविष्य तय करना है. बीजेपी ने अपने सभी 163 विधायकों को राजधानी भोपाल पहुंच चुके हैं।

माना जा रहा है कि रविवार को खट्टर समेत सभी ऑब्जर्वर भी भोपाल पहुंच जाएंगे। मध्य प्रदेश सरकार के गठन पर भाजपा के केंद्रीय पर्यवेक्षक मनोहर लाल खट्टर ने कहा, ”सोमवार को भाजपा विधायक दल की बैठक रखी गई है. मुझे आशा है कि सभी फैसले सर्वसम्मति से होंगे।”

रायशुमारी करेंगे पर्यवेक्षक

मध्य प्रदेश में प्रचंड बहुमत के बाद अब तक बीजेपी मुख्यमंत्री पद के लिए नाम की घोषणा नहीं कर पाई है। इसलिए आलाकमान ने मध्य प्रदेश समेत राजस्थान और के मुख्यमंत्री पद के दावेदारों को लेकर पर्यवेक्षक विधायकों से रायशुमारी करेंगे। इनमें शामिल हैं हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्‌टर, बीजेपी ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. के.लक्ष्मण और बीजेपी की राष्ट्रीय सचिव आशा लकड़ा। ये तीनों मध्यप्रदेश के बीजेपी के विधायकों के साथ रायशुमारी करेंगे।

लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चुने गए पर्यवेक्षक

मध्यप्रदेश बीजेपी के नेताओं का तीनों ऑब्जर्वर से अधिक संपर्क नहीं है। हालांकि हरियाणा के सीएम मनोहरलाल खट्‌टर से मध्यप्रदेश बीजेपी के कई बड़े नेताओं से नजदीकी मित्रता है। लेकिन सभी ऑब्जर्वर को विधायकों से वन-टू-वन चर्चा करनी होगी। सीएम पद को लेकर सरगर्मी तेज है। मध्यप्रदेश में सीएम पद के चेहरे के लिए शिवराज सिंह चौहान, ज्योतिरादित्य सिंधिया, कैलाश विजयवर्गीय, नरेंद्र सिंह तोमर, प्रहलाद पटेल, वीडी शर्मा सहित कई अन्य नेता भी सीएम उम्मीदवारी की दौड़ में शामिल हैं।