Bhopal News : एक्शन मोड में सीएम मोहन, भाजपा नेता का हाथ काटने वाले फारुख के घर पर चला बुलडोजर

Bhopal news: CM Mohan in action mode, bulldozer runs on the house of Farooq who cut off the hand of BJP leader

बुलडोजर

मध्यप्रदेश के नवनियुक्त सीएम डॉक्टर मोहन यादव के तेवर अपराधियों के लिए सख्त नजर आ रहे हैं। उनके सरकार में आते ही एक दिन के भीतर गुरुवार को बुलडोजर की पहली कार्रवाई की गई। जी हां चुनावी रंजिश के चलते भाजपा नेता का हाथ काटने वाले फारुख राइन के घर प्रशासन का बुलडोजर चला गया। अपराध पर लगाम लगाने के उद्देश से सीएम के निर्देश पर भोपाल जिला प्रशासन की ओर से यह एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। प्रशासन ने 11नंबर स्थित जनता कॉलोनी में आरोपी फारुख राइन उर्फ मिन्नी के घर बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माण को पूरी तरह से धराशाई कर दिया।

यह था मामला

आरोपी फारूक राइन पर बीजेपी कार्यकर्ता देवेंद्र सिंह ठाकुर का हाथ काटने का आरोप है। बुलडोजर की कार्रवाई के लिए कोलार एसडीएम आशुतोष गोस्वामी के नेतृत्व में प्रशासनिक अमला दिन में आरोपी के घर पहुंच गया था इसके बाद घर तोड़ने की कार्रवाई की गई। इस दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल और थाना प्रभारी स्टाफ के साथ मौजूद रहा। इसके पहले आरोपी फारुख पर भोपाल कलेक्टर ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून NSA की कार्यवाही भी की थी। इस मामले में फारुख के अलावा चार अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है।

मिलने पहुंचे थे बड़े नेता

बता दें, यह घटना पांच दिसंबर की है। 3 दिसंबर को मतदान होने के बाद चुनावी रंजिश के चलते भाजपा कार्यकर्ता देवेंद्र सिंह ठाकुर पर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के समर्थक फारुख और उसके साथियों ने हमला कर दिया था। उन्होंने ठाकुर के साथ मारपीट की और तलवार से उसकी हथेली काट दी। इसके बाद देवेंद्र को अस्पताल में एडमिट करवाया गया था।




Mp Politics:मोहन यादव मंत्रिमंडल में नए चेहरों के साथ दमदार पूर्व मंत्रियों को भी मिलेगा मौका

MP Politics: Along with new faces in Mohan Yadav cabinet, powerful former ministers will also get a chance.

मध्य प्रदेश विधानसभा (फाइल फोटो)

मध्य प्रदेश के मोहन यादव मंत्रिमंडल के गठन का निर्णय दिल्ली में होगा। प्रदेश के नेता दिल्ली में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से चर्चा करने जाएंगे। इसमें अभी समय लग सकता है। इस बीच, चर्चा है कि डॉ. यादव की कैबिनेट में सबसे ज्यादा नए और काम करने वाले युवा चेहरों को मौका दिया जाएगा। साथ ही उन पुराने मंत्रियों को भी मौका मिल सकता है, जिन्होंने पूर्ववर्ती शिवराज मंत्रिमंडल में बेहतर कामकाज किया है। हालांकि, इनकी संख्या कम ही रहेगी। कैबिनेट का स्वरूप क्या रहेगा और कौन-कौन सदस्य शामिल होंगे इसको लेकर मंथन शुरू हो गया है। हालांकि, नाम पर अंतिम मोहर दिल्ली में आलाकमान लगाएगा।

पूर्व मंत्रियों को मिलेगा मौका

कैबिनेट में युवा चेहरों के साथ ही कुछ पुराने चेहरों को मौका देने की बात कही जा रही है। दरअसल, दो डिप्टी सीएम चयन जातिगत समीकरण के साथ ही उनके पिछले कार्यकाल के परफार्मेंस को ध्यान में रखते हुए ही किया गया। इसी तर्ज पर पिछले सरकार के मंत्रियों को भी मौका मिलेगा। इसमें जातिगत समीकरण के साथ ही क्षेत्रीय समीकरण को साधा जाएगा। गुरुवार को कई पूर्व मंत्री और विधायकों ने सीएम से मंत्रालय में मुलाकात की।

जुझारू नए चेहरे हो सकते हैं शामिल

भाजपा केंद्रीय नेतृत्व ने संघ से जुड़े डॉ. मोहन यादव को मुख्यमंत्री बनाकर सबको चौंका दिया है। इसी की झलक कैबिनेट में दिखने की बात कही जा रही है। चर्चा है कि संघ की तर्ज पर काम करने वाले और कार्यकर्ता के रूप में बेहतर काम करते आए नए चेहरे को कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है, ताकि प्रदेश में एक नई लीडरशिप तैयार की जाए। लोकसभा चुनाव को देखते हुए मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व देने की भी चर्चा है।

अब दिग्गजों का क्या होगा?

डॉ. मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद सवाल यह है कि चुनाव जीतने वाले दिग्गज नेताओं का क्या होगा? पूर्व केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की विधानसभा अध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी तय हो गई है। हालांकि, कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल को लेकर अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं है। इनके अलावा सांसद से विधायक बने राकेश सिंह, रीति पाठक और राव उदयप्रताप सिंह को लेकर भी कयास लगाए जा रहे हैं। इन सब पर केंद्रीय नेतृत्व ही निर्णय लेगा कि ये वापस केंद्र में जाएंगे या फिर मध्य प्रदेश में मोहन यादव कैबिनेट में शामिल होंगे। वहीं, चर्चा है कि पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान को आलाकमान केंद्र में कोई बड़ा पद दे सकता है। शिवराज की प्रदेश की महिलाओं में लोकप्रियता को देखते हुए शीर्ष नेतृत्व कोई जोखिम नहीं लेना चाहेगा।




Bhopal News : लाडली बहना योजना बनी महिला सशक्तीकरण में वरदान

Ladli Behna Yojana empower women, nearly 3 out of 4 marginalised women voted for BJP in MP Polls sbi report

लाडली बहना योजना

मध्य प्रदेश में लाडली बहना योजना महिला सशक्तीकरण का पर्याय बन चुकी है। महिलाओं को आर्थिक स्वावलंबन, सेहत, पोषण में सुधार और परिवार में ज्यादा मजबूत स्थिति बना पाने में मदद कर रही है। यह खुलासा भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के आर्थिक विभाग की विशेष शोध रिपोर्ट में हुआ है।

रिपोर्ट के अनुसार, योजना के चलते महिलाएं निर्णय लेने में समर्थ बन रही हैं, जिसका नतीजा विस चुनाव में दिखा। भाजपा ने महिला मतदाताओं के साथ जुड़ाव बनाने में कामयाबी हासिल की। हाशिये पर रहने वाली हर चार में से तीन महिलाओं ने भाजपा को वोट दिया। राज्य की 1.25 करोड़ महिलाओं को इस योजना का लाभ मिल रहा है। राज्य सरकार ने अब तक 2,418 करोड़ रुपयेे लाभार्थियों के खातों में डाले हैं। आने वाले दिनों में यह राशि 1,250 से बढ़ाकर 3,000 प्रति माह कर दी जाएगी।

राज्यों की सीमाओं को लांघ रही योजना

रिपोर्ट के मुताबिक, कम से कम एक फीसदी लाभार्थी दूसरे राज्यों में पैसा खर्च कर रही हैं। यानी वो महिलाएं जो काम के सिलसिले से विभिन्न राज्यों में गई हैं, वहां खर्च कर रही हैं। योजना अब सीमाओं से परे जा रही है। लाडली एम्बेसडर अब बिहार, छग, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, यूपी सहित कई राज्यों में बस गई हैं।




Mp Congress : कांग्रेस विधायक दल की बैठक में नहीं पहुंचे कमलनाथ और छिंदवाड़ा के छह विधायक, यह प्रस्ताव हुआ पास

Kamal Nath and six Chhindwara MLAs did not attend the Congress Legislature Party meeting

कांग्रेस विधायक दल की बैठक।

मध्य प्रदेश कांग्रेस विधायक दल का नेता कौन होगा इसका फैसला पार्टी हाईकमान करेगा। गुरुवार को प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ की अनुपस्थिति में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित विधायक दल की बैठक में एक लाइन का प्रस्ताव पास किया। बैठक के वरिष्ठ विधायक राम निवास रावत ने प्रस्ताव रखा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिका अर्जुन खरगे और केंद्रीय नेतृत्व विधायक दल के नेता का चयन करें। रावत के इस प्रस्ताव का समर्थन कांग्रेस विधायक हीरा अलावा ने किया। इसके बाद सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पास कर दिया गया।

आलाकमान लेगा फैसला

अब नेताप्रतिपक्ष के नाम पर निर्णय कांग्रेस आलाकमान लेगा। बैठक में मध्य प्रदेश चुनाव प्रभारी रणदीप सुरजेवाला, स्क्रीनिंग कमेटी के अध्यक्ष जितेंद्र भंवर सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री विशेष रूप से मौजूद थे। इनके साथ ही कांग्रेस के करीब 60 विधायक मौजूद रहे। बैठक के बाद सुरजेवाला और भंवर सिंह ने विधायकों से वन-टू-वन चर्चा भी की।

इसकी रही चर्चा

कमलनाथ और छिंदवाड़ा के छह विधायक बैठक में नहीं पहुंचे। इस बात की चर्चा होती रही। बताया जा रहा है कि पीसीसी के चीफ कमलनाथ का छिंदवाड़ा में दौरा पहले से ही तय था। विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद वे छिंदवाड़ा की हर विधानसभा में पहुंचकर जनता का आभार जता रहे हैं। हालांकि गुरुवार को परासिया में दौरा कार्यक्रम समाप्त हो जाएगा। इसके बाद वे शुक्रवार को दोपहर बाद छिंदवाड़ा से दिल्ली रवाना हो जाएंगे।

इनके नाम पर लग सकती है मुहर

कांग्रेस विधायक दल के नेता बनने की दौड़ में युवा नेता ओमकार सिंह मरकाम का नाम सबसे आगे है। मरकाम पूर्व में मंत्री रहे हैं और आदिवासी वर्ग से आते हैं। उन्होंने छात्र राजनीति से अपने करियर की शुरुआत की थी। उनके अलावा विधायक दल का नेता बनने की इस दौड़ में आदिवासी वर्ग से ही आने वाले पूर्व मंत्री बाला बच्चन और उमंग सिंघार का नाम भी शामिल हैं। पार्टी इनमें से भी एक को इस पद के लिए चुन सकती है। आदिवासी वर्ग के बाहर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व नेताप्रतिपक्ष अजय सिंह और विधायक रामनिवास रावत से का नाम भी चर्चाओं में हैं। इनमें से भी किसी को जिम्मेदारी दी जा सकती है।




Mp News : प्रोटेम स्पीकर बने गोपाल भार्गव; विधानसभा का शीतकालीन सत्र 18 दिसंबर से, पहले दिन 230 सदस्य लेंगे शपथ

Gopal Bhargava took oath as Protem Speaker of Madhya Pradesh Assembly.

प्रोटेम स्पीकर के रूप में शपथ लेते गोपाल भार्गव।

भारतीय जनता पार्टी के 9 बार के सबसे वरिष्ठ विधायक गोपाल भार्गव को प्रोटेम स्पीकर की शपथ दिलाई गई। राजभवन में गुरुवार सुबह 11 बजे गवर्नर मंगुभाई पटेल ने उनको शपथ दिलाई। इस दौरान मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र की तारीख का भी एलान किया गया।

मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र अगले सप्ताह आयोजित होगा। पहले दिन सत्र में विधानसभा के सदस्य शपथ लेंगे। मध्य प्रदेश की 16वीं विधानसभा का पहला शीतकालीन सत्र 18 दिसंबर से आयोजित होगा। पांच दिवसीय सत्र की अधिसूचना आज देर शाम तक जारी हो सकती है। सत्र के पहले दिन विधानसभा के 230 सदस्यों को शपथ दिलाई जाएगी। इसके बाद बहुमत वाले दल की तरफ से तय नाम के अनुसार नरेंद्र सिंह तोमर विधानसभा स्पीकर की शपथ लेंगे। सत्र 21 दिसंबर तक चलेगा। इस समय डॉक्टर मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार द्वितीय अनुपूरक बजट पेश कर सकती है।

बता दें गुरुवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विधानसभा सचिवालय के प्रमुख सचिव एपी सिंह से चर्च की थी, जिसके बाद अगले दिन विधानसभा सत्र बुलाने की कार्रवाई शुरू की गई है। सचिवालय के प्रमुख सचिव एपी सिंह का कहना है कि अगले सप्ताह सत्र बुलाया जा रहा है इसकी अधिसूचना शाम तक जारी कर दी जाएगी।

प्रोटेम स्पीकर के रूप में गोपाल भार्गव ने ली शपथ

भारतीय जनता पार्टी के 9 बार के सबसे वरिष्ठ विधायक गोपाल भार्गव को राजभवन में गुरुवार सुबह 11 बजे प्रोटेम स्पीकर की शपथ दिलाई गई। स्पीकर विधानसभा में सभी सदस्यों को शपथ दिलाएंगे। इसके बाद विधानसभा स्पीकर के पदभार ग्रहण करते ही प्रोटेम स्पीकर का दवा समाप्त हो जाएगा।




Mp News : पदभार ग्रहण करने के बाद एक्शन में मुख्यमंत्री मोहन यादव, धार्मिक स्थलों से हटेंगे अवैध लाउडस्पीकर

MP News: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आज मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। अपना पदभार ग्रहण करने के बाद सीएम मोहन यादव एक्शन में नजर आए। बताया जा रहा है कि उन्होंने एक आदेश जारी किया है, जिसमें अब से धार्मिक स्थलों तथा अन्य स्थलों में अनियमित अथवा अनियंत्रित ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर पांबदी लगाई गई है।

MP News: Chief Minister Mohan Yadav in action after assuming office

पदभार ग्रहण करने के बाद एक्शन में मुख्यमंत्री मोहन यादव

सीएम पद ग्रहण करने के बाद सूबे के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक आदेश जारी किया है। बता दें कि अब धार्मिक स्थल एवं अन्य स्थानों पर लाउडस्पीकर व डीजे को अवैधानिक रूप से और निर्धारित मापदण्ड से अधिक आवाज में बजाने पर प्रतिबंध लगाये जाने की बात कही गई है।

गौरतलब है कि, प्रदेश में धार्मिक स्थल एवं अन्य स्थानों पर मध्य प्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम, 2000 के प्रावधानों तथा माननीय सर्वोच्च न्यायालय, माननीय उच्च न्यायालय द्वारा समय-समय पर जारी दिशा निर्देशों के अनुकम में राज्य शासन द्वारा निर्णय लिया गया है कि किसी भी प्रकार के धार्मिक स्थल अथवा अन्य स्थान में निर्धारित मापदण्ड के अनुरूप ही लाउडस्पीकर व डीजे आदि का उपयोग किया जा सकेगा।

उड़नदस्ते का किया गया गठन

बता दें कि लाउडस्पीकर एवं अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों के नियम विरूद्ध तेज आवाज में बिना अनुमति के उपयोग को पूर्णतः प्रतिबंधित किया गया है। राज्य शासन द्वारा ध्वनि प्रदूषण तथा लाउडस्पीकर आदि के अवैधानिक उपयोग की जांच के लिये सभी जिलों में उड़नदस्तों के गठन का निर्णय लिया गया है। उडनदस्तें नियमित और आकस्मिक रूप से धार्मिक और सार्वजनिक स्थानों जहां ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग होता है, उसका निरीक्षण कर सकेगें तथा नियमों के उल्लंघन की स्थिति में अधिकतम 03 दिवस में समुचित जांच कर प्रतिवेदन संबंधित प्राधिकारी को प्रस्तुत करेंगें।

धर्मगुरूओं से करे संवाद

धर्मगुरूओं से संवाद व समन्वय के आधार पर लाउडस्पीकरों को हटाने का प्रयास किया जायेगा तथा ऐसे धार्मिक स्थलों की सूची बनाई जायेगी, जहां उक्त नियमों निर्देशों का अनुपालन नहीं हो रहा है तथा इसकी जिला स्तर पर साप्ताहिक समीक्षा की जाकर दिनांक 31.12.2023 तक पालन प्रतिवेदन गृह विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये है। ध्वनि प्रदूषण के मामलों की सतत निगरानी के लिये अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अपराध अनुसंधान विभाग पुलिस मुख्यालय को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। नोडल अधिकारी समय-समय पर लाउडस्पीकरों/डीजे आदि के अवैधानिक प्रयोग के संबंध में प्रतिवेदन शासन के समक्ष प्रस्तुत करेगें।




Mp Politics : मित्रों, अब विदा…जाते-जाते शिवराज सिंह बोले- ‘जस की तस धर दीनी चदरिया’

MP Politics: Shivraj Singh Chauhan bid farewell to the post of Chief Minister

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

भाजपा विधायक दल के नेता मोहन यादव ने बुधवार को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। यादव के मुख्यमंत्री बनते ही शिवराज सिंह चौहान अब पूर्व मुख्यमंत्री हो गए हैं। वे अपनी परफॉर्मेंस से पूरी तरह संतुष्ट हैं। भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा चुनाव 2023 के लिए शिवराज सिंह को आगे न करके पहले ही यह सिग्नल दे दिए थे कि पार्टी ने उनके लिए अब कुछ और सोच रखा है।

शायद शिवराज को खुद भी इस बात का आभास भी हो गया था। बावजूद इसके उन्होंने इस उम्मीद पर चुनाव में सबसे अधिक 165 सभाएं की। शायद पार्टी उन्हें एक मौका और दे दे। गौरतलब है कि भाजपा को 163 सीट के साथ बहुमत मिला। इसके बाद जीत का श्रेय लेने के लिए पार्टी संगठन और शिवराज में प्रतिस्पर्धा होती नजर आई। जहां संगठन ने जीत के लिए मोदी मैजिक को क्रेडिट दिया तो शिवराज ने लाडली बहना को। इसके साथ ही शुरू हुई मुख्यमंत्री पद की दौड़।

दिल्ली नहीं जाऊंगा

ऐसे में शिवराज का बयान कि मैं दिल्ली नहीं जाऊंगा सामने आता है। बाकी सभी नेता दिल्ली दौड़ लगाते रहते हैं। इसके बाद मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा होती है। मोहन यादव को विधायक दल का नेता चुन लिया जाता है। शिवराज सिंह खुद उनके नाम का प्रस्ताव रखते हैं। इसके बाद उनका एक और बयान सामने आता है कि मांगने से बेहतर है मरना।

भावुक करने वाला दिया बयान

बुधवार को शपथ से पहले वे भावुक करने वाला एक बयान और देते हैं कि मित्रो अब विदा, जस की तस धर दीनी चदरिया। पूर्व मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद से ही सियासी चर्चाएं तेज हो गईं कि शिवराज अब आगे क्या करेंगे। क्या उन्होंने सच में विदाई ले ली है या पार्टी उन्हें कुछ और जिम्मेदारी देगी।

मेरे बारे में फैसला पार्टी करेगी

हालांकि उन्होंने खुद अपना फ्यूचर प्लान बताते हुए कहा है कि उनके बारे में फैसला वे नहीं पार्टी करेगी। अब देखना यह होगा कि पार्टी शिवराज को लेकर क्या फैसला करती है क्या लोकसभा चुनाव से पहले केंद्रीय मंत्रिमंडल में उन्हें जगह दी जाती है। क्या उन्हें लोकसभा चुनाव लड़ाया जाता है। या पार्टी के फैसले से पहले शिवराज खुद अपने लिए कोई निर्णय लेंगे।




Bhopal News : विधायक दल की बैठक से पहले सामने आया इस नेता का इस्तीफा, मरकाम नेताप्रतिपक्ष की दौड़ में आगे

MP Congress: This leader's resignation came before the legislative party meeting, Markam is ahead in the race

कांग्रेस कार्यालय भोपाल

प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय के राजीव गांधी सभागार में गुरूवार 14 दिसम्बर को सुबह 11 बजे कांग्रेस विधायक दल की बैठक आयोजित की गई है। बैठक में अभा कांग्रेस कमेटी के महासचिव प्रभारी मप्र रणदीप सिंह सुरजेवाला और कांग्रेस की स्क्रूटनी कमेटी के चेयरमेन भंवर जितेन्द्र सिंह जी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष एवं संगठन प्रभारी राजीव सिंह ने कांग्रेस पार्टी के सभी विधायकगणों को अनिवार्य रूप से इसमें उपस्थित होने के लिए पत्र लिखा है। बैठक में कांग्रेस विधायक दल का नेता चुना जायेगा जो विधानसभा में नेताप्रतिपक्ष का दायित्व संभालेगा। इधर, बैठक से पहले संगठन के महत्त्वपूर्ण अंग माने जाने वाले प्रदेश उपाध्यक्ष चंद्र प्रभास शेखर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपने पास समय का अभाव बताते हुए अपना इस्तीफा प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ को भेजा है।

मरकाम का नाम शामिल

कांग्रेस विधायक दल के नेता बनने की दौड़ में अब एक नाम युवा नेता ओमकार सिंह मरकाम का भी शामिल हो गया है। मरकाम पूर्व में मंत्री रहे हैं और आदिवासी वर्ग से आते हैं। उन्होंने छात्र राजनीति से अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके साथ ही विधानसभा में सत्ता पक्ष को घेरने में भी वे माहिर माने जाते हैं। उनके अलावा विधायक दल का नेता बनने की इस दौड़ में आदिवासी वर्ग से ही आने वाले पूर्व मंत्री बाला बच्चन और उमंग सिंघार का नाम भी शामिल हैं। पार्टी इनमें से भी एक को इस पद के लिए चुन सकती है। आदिवासी वर्ग के बाहर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व नेताप्रतिपक्ष अजय सिंह और विधायक रामनिवास रावत से का नाम भी चर्चाओं में है। इनमें से भी किसी को जिम्मेदारी दी जा सकती है।

ये लिखा शेखर ने पत्र में

कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष चंद्रप्रभाष शेखर ने कमलनाथ को पत्र लिखते हुए कहा कि 2018 में संगठन प्रभारी की जिम्मेदारी थी पूरी क्षमता निष्ठा से दायित्व निभाया, यदि मुझे जाने अनजाने में कोई गलती हो तो क्षमा चाहता हूं। शेखर ने इस्तीफा देने का कारण इंदौर में शिफ्ट होने को बताया है। उन्होंने लिखा है कि वे अब पारिवारिक दायित्व निभाना का चाहते हैं। उन्होने 28 नवम्बर को ही अपना त्यागपत्र दे दिया था




Mp News : नए सीएम मोहन यादव के सामने चुनौती, घोषणाओं को जमीन पर उतारने रहेगा वित्तीय संकट

MP News: Challenge in front of new CM Mohan Yadav, financial crisis will remain to implement the announcements

पूर्व सीएम शिवराज के साथ सीएम मोहन यादव

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने लाड़ली बहना योजना, 450 रुपए में गैस सिलेंडर, किसान सम्मान निधि, एमएसपी पर गेंहू और धान खरीदने की घोषणाएं की थी। इसके बाद भाजपा ने 163 सीट के साथ बंपर जीत दर्ज की। अब नए मुख्यमंत्री मोहन यादव के सामने सबसे बड़ी चुनौती योजनाओं को चलाने और घोषणाओं को पूरा करने बजट जटाने की होगी। जानकारों का कहना है कि सरकार की आय की तुलना में खर्च बहुत ज्यादा है। ऐसे में नई सरकार को राजस्व बढ़ाने के विकल्प पर काम करना होगा।

लाड़ली बहना योजना

प्रदेश में लाडली बहना योजना के तहत महिलाओं को अभी 1250 रुपए मिल रहे है। इसकी सात किश्ते दी जा चुकी है। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान चुनाव के दौरान 1250 रुपए को तीन हजार रुपए तक करने का एलान कर चुके है। यह राशि करीब 1.31 करोड़ महिलाओं को दी जा रही है। वित्तीय बोझ से दबे प्रदेश में नए मुख्यमंत्री क्या यह वादा पूरा कर पाएंगे।

कर्ज में दबा प्रदेश

प्रदेश सरकार के कर्ज का बोझ उसके सालाना खर्च से भी ज्यादा यानी करीब 3.31 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा हो गया है। इसमें मूलधन के अलावा करीब 25 हजार करोड़ रुपए सालाना ब्याज देना पड़ रहा है। इस वित्तीय वर्ष में सरकार का राजस्व आय दो लाख तीन हजार करोड़ रुपए के आसपास है, जबकि व्यय दो लाख दो हजार करोड़ रुपए। ऐसे में नए सीएम के सामने घोषणाओं को पूरा करने के साथ ही कर्ज को चुकाना भी एक बड़ी चुनौती होगी।

यह है वित्तीय भार

– प्रदेश में उपभोक्ताओं को 100 रुपए 100 यूनिट बिजली सब्सिडी देने में 6 हजार करोड़ रुपए का भार।

– लाड़ली बहनों को गैस सिलेंडर पर 450 रुपए की सब्सिडी देने पर करीब 270 करोड़ रुपए का भार।

– लाड़ली बहनों को 1250 रुपए की राशि देने पर करीब 19 हजार करोड़ रुपए का भार। राशि बढ़ाने पर यह भार भी बढ़ेगा।

– किसान सम्मान निधि की राशि में दो हजार रुपए की बढ़ोतरी करने पर करीब पांच हजार करोड़ रुपए का भार आएगा।

यह भी पूरा करना

– सरकार गेहूं 2700 रुए और धान 3100 रुपए प्रति क्विंटल खरीदेगी।

– तेंदूपत्ता चार हजार रुपए प्रति मानक।

– लाड़ली बहनों को पक्के मकान दिए जाएंगे।

– गरीब कल्याण अन्न योजना में चावल-गेंहू-दाल के साथ सरसों तेल, शक्कर देंगे।




Mp New Cm : नए मुख्यमंत्री की शपथ ग्रहण समारोह की तैयारी तेज, 12 बजे शपथ लेंगे मोहन यादव

MP New CM: Preparations for the swearing in ceremony of the new Chief Minister in full swing, Mohan Yadav will

मोती नेहरू स्टेडियम में नए सीएम के शपथ समारोह की तैयारी शुरू

मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह की तैयारी तेज कर दी गई। मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में विशाल डोम तैयार कराया जा रहा है। इसमें दो हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की जा रही है। विशाल मंच तैयार कराया जा रहा है। जहां पर दो दर्जन से अधिक आला नेता शामिल होंगे। यहां पर बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और आम जनता भी मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होगी।

मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर अभी आधिकारिक प्रोग्राम जारी होना है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दोपहर 12 बजे डॉ. मोहन यादव मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। 14 दिसंबर को मल मास लेगेगा और अगले एक महीने तक शुभ कार्य बंद हो जाएंगे। ऐसे में 13 दिसंबर को शपथ का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के साथ ही उप मुख्यमंत्री और कुछ मंत्री भी शपथ ले सकते हैं। नए सीएम के नाम के एलान के बाद मोहन यादव ने राज्यपाल मंगूभाई पटेल से मुलाकात की थी और सरकार बनाने का दावा पेश किया। इसके पहले शिवराज सिंह चौहान ने अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंप दिया।

लाल परेड मैदान में बनाए जा रहे तीन हेलीपैड

मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए कई केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री शामिल होंगे। इसके लिए लाल परेड में तीन हेलीपैड बनाए जा रहे हैं। यहां पर ही वरिष्ठ नेताओं के हेलीकॉप्टर उतरेंगे। बता दें सीएम के नाम का एलान होने के बाद डॉ. मोहन यादव ने कहा था कि वह शिवराज सरकार के कामों को आगे बढ़ाने का वादा किया। यादव ने कहा कि वह भाजपा के सिपाही है। भाजपा विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बन गई है, जो अपने कार्यकर्ताओं का ख्याल रखती है।