Mp Vidhansabha Satra : विधानसभा सत्र में नरोत्तम सहित नहीं दिखेंगे ये चेहरे, इनकी होगी सदन में पहली बार एंट्री

MP Vidhansabha Satra: These faces including Narottam will not be seen in the assembly session, they will enter

मध्य प्रदेश विधान सभा

16 वीं विधानसभा का पहला सत्र सोमवार से शुरू होने जा रहा है। 21 दिसंबर तक चलने वाले इस चार दिवसीय सत्र में नव निर्वाचित विधायकों को शपथ दिलवाई जायेगी। सत्र के पहले दिन प्रोटेम स्पीकर गोपाल भार्गव 230 विधायक गणों को शपथ दिलवाएंगे। इसके बाद राज्यपाल का अभिभाषण होगा। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का निर्वाचन किया जाएगा। चयन होने पर उन्हें शपथ दिलवाई जायेगी। इस बार का सत्र पहले से विशेष है। क्योंकि पूर्व संसदीय मंत्री नरोत्तम मिश्रा सहित कई चर्चित चेहरे इस बार चुनाव हारने के चलते यहां नहीं दिखाई देंगे। इसके साथ ही इस बार प्रह्लाद पटेल जैसे कुछ नाम ऐसे हैं जो पहली बार विधायक के तौर पर यहां एंट्री लेंगे।

ये बड़े नेता नहीं दिखेंगे

पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा समेत 12 मंत्री ऐसे हैं जो विधानसभा का चुनाव हार गए हैं। इनमें कमल पटेल, महेंद्र सिसोदिया, गौरीशंकर बिसेन, सुरेश राजखेड़ा, राज्यवर्धन दत्तिगांव, भारत सिंह कुशवाह, रामखिलावन पटेल, राहुल सिंह लोधी, प्रेम सिंह पटेल, अरविंद भदौरिया और राम किशोर कांवरे के नाम शामिल हैं। ये सभी इस बार विधान सभा सत्र में नहीं दिखाई देंगे। वहीं कांग्रेस से पूर्व नेताप्रतिपक्ष डॉक्टर गोविंद सिंह, कांग्रेस के नव नियुक्त प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, कुणाल चौधरी, पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह, पूर्व मंत्री तरुण भनोट, केपी सिंह कक्का जी, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति और लक्ष्मण सिंह जेसे कांग्रेस के कई दिग्गज नेता इस बार सत्र में नहीं होंगे।

इनकी पहली बार एंट्री

इधर, पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल, पूर्व सांसद रीति पाठक, पूर्व सांसद राकेश सिंह, और पूर्व सांसद उदय राव प्रताप सिंह जेसे कई वरिष्ठ नेता ऐसे हैं जो पहली बार विधायक के तौर पर विधानसभा सत्र में शामिल होंगे। इनके अलावा कई युवा चेहरे भी पहली बार चुनाव जीतकर विधानसभा में पहुंचे हैं। यह उनका पहला सत्र होगा।

उपाध्यक्ष पद पर सवाल

इधर, विधानसभा में उपाध्यक्ष के पद को लेकर सवाल बना हुआ है। देखना होगा कि क्या भारतीय जनता पार्टी इस बार विपक्ष को यह पद देती है या नहीं। पहले आपसी सहमति से अध्यक्ष का पद सत्ता पक्ष और उपाध्यक्ष का पद विपक्ष को दिया जाता था लेकिन बाद में कांग्रेस ने इस परंपरा को तोड़ कर ये दोनों ही पद अपने पास रख लिए। इसके बाद से भाजपा ने तय किया कि सत्ता में आने पर वो अब उपाध्यक्ष का पद विपक्ष को नहीं देगी।

विधायक के परिवार से सिर्फ एक को प्रवेश

इधर, विधानसभा के प्रमुख सचिव अवधेश प्रताप सिंह ने जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ सोलहवीं विधानसभा के प्रथम सत्र की तैयारियों एवं सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की तथा संबंधितों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं। प्रमुख सचिव ने बताया कि सोलहवीं विधानसभा के नवनिर्वाचित माननीय सदस्यों के विधानसभा में प्रवेश हेतु परिचय पत्र न होने पर उनके द्वारा निर्वाचन प्रमाण पत्र तथा आधार कार्ड दिखाए जाने पर प्रवेश की पात्रता रहेगी। साथ ही शपथ ग्रहण के दौरान यदि उनके साथ उनके परिजन आते हैं तो किसी एक परिजन को ही विधानसभा में प्रवेश की अनुमति रहेगी और इनका भी आधार कार्ड इत्यादि साथ में लाना आवश्यक होगा।

मीडिया के लिए इंतजाम

विधानसभा में मीडिया संस्थानों के प्रतिनिधियों द्वारा विधानसभा में प्रवेश एवं कार्यवाही की रिपोर्टिंग के दौरान संबंधित संवाददाता/कैमरामैन के पास जनसंपर्क कार्यालय द्वारा प्रदत्त अधिमान्यता कार्ड तथा विधानसभा द्वारा जारी प्रवेश पत्र आवश्यक होगा। बता दें हाल ही में संसद भवन में हुई घटना के मद्देनजर प्रमुख सचिव ने सभी संबंधितों को विधानसभा की सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए जाने के आवश्यक निर्देश दिए।




Bhopal Politics : मध्य प्रदेश प्रदेश के मंत्रिमंडल पर आज लगेगी मुहर! सीएम, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष जाएंगे दिल्ली

MP Politics: Madhya Pradesh cabinet will be approved today! CM, BJP state president will go to Delhi

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री और दो उप मुख्यमंत्री के शपथ लेने के बाद अब रविवार को मंत्रिमंडल के नाम तय हो सकते हैं। इसमें एक दर्जन से अधिक मंत्रियों के नाम फाइनल करने की चर्चा है। इसमें नए और पुराने दोनों चेहरे शामिल हो सकते हैं। रविवार शाम को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दिल्ली दौरे पर रहेंगे। उनके साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और संगठन महामंत्री हितानंद भी आलाकमान के साथ बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली जा सकते हैं। इसमें दिग्गज नेताओं की भूमिका को लेकर भी चर्चा होगी।

पार्टी सूत्रों के अनुसार करीब 18 मंत्रियों के नाम रविवार शाम को फाइनल हो सकते हैं। इसमें संघ की पृष्ठभूमि से आने वाले और कार्यकर्ता के रूप में काम करने वाले जुझारू चेहरों को मौका दिया जा सकता है। इसके अलावा पुराने चेहरों में परफार्मेंस के आधार पर कुछ मंत्रियों को फिर मौका दिया जा सकता है। सोमवार से विधानसभा का सत्र शुरू हो रहा है। इससे पहले एक छोटे मंत्रिमंडल को लेकर तैयारी चल रही है। हालांकि मंत्रियों के नाम पर भी दिल्ली से ही मुहर लगेगी। इसमें जातियों के साथ ही क्षेत्र के प्रतिनिधित्व को प्राथमिकता दी जाएगी।

दिग्गज नेताओं की भूमिका पर भी निर्णय

दिल्ली में प्रदेश के दिग्गज नेताओं की भूमिका भी चर्चा होगी। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल, वरिष्ठ नेता और विधायक गोपाल भार्गव, पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा के नाम शामिल हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि पार्टी शिवराज सिंह चौहान को दिल्ली बुला सकती है। उनको केंद्र में बड़ी भूमिका दी जा सकती है। वहीं कैलाश विजयवर्गीय को आने वाले समय में प्रदेश संगठन में कोई बड़ी भूमिका में एडजस्ट किए जाने की संभावना है। प्रहलाद पटेल प्रदेश मंत्रिमंडल में शामिल होते हैं या उनको कोई नई भूमिका दी जाएगी इसका फैसला भी दिल्ली से ही होगा।




Bhopal News : विधानसभा का सत्र सोमवार से, अब तक 216 विधायकों ने कराया रजिस्ट्रेशन

MP News: Assembly session from Monday, 216 MLAs have registered so far

मध्य प्रदेश विधानसभा (फाइल फोटो)

विधानसभा के प्रमुख सचिव एपी सिंह ने बताया कि विधानसभा परिसर बड़ा है। इसलिए जिला प्रशासन और पुलिस को अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने को कहा है। विधानसभा के प्रवेश द्वार पर एंट्री सभी दस्तावेजों की कड़ी जांच के बाद भी होगी। उन्होंने बताया कि 16वीं विधानसभा में अब तक 216 विधायकों ने रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी कर ली है। बाकी विधायकों की भी प्रक्रिया एक-दो दिन में पूरी करा ली जाएगी। पहले दिन विधायकों के परिजन साथ आना चाहते हैं। ऐसे में उनके परिजनों के अलावा सिर्फ एक विजिटर को ही प्रवेश की अनुमति रहेगी।

चार दिन का है प्रथम सत्र

16वीं विधानसभा का प्रथम सत्र 18 दिसंबर से 21 दिसंबर तक चार दिन चलेगा। इसमें सोमवार और मंगलवार को दो दिन प्रोटेम स्पीकर गोपाल भार्गव सभी सदस्यों को शपथ दिलाएंगे। तीसरे दिन बुधवार को अध्यक्ष का निर्वाचन होगा। भाजपा ने विधानसभा अध्यक्ष के लिए नरेंद्र सिंह तोमर का नाम तय किया है। विधानसभा में दलीय स्थिति के अनुसार भाजपा की सदस्य संख्या 163 है, इसलिए चुनाव की स्थिति नहीं है। निर्विरोध निर्वाचन होना तय है। इसके बाद राज्यपाल का अभिभाषण और उस पर कृतज्ञता ज्ञापन प्रस्ताव आएगा। अंतिम और चौथे दिन शासकीय कार्य के साथ ही राज्यपाल के अभिभाषण पर कृतज्ञता ज्ञापन प्रस्ताव के साथ सत्र समाप्त होगा।




Mp Politics : pcc चीफ बनते ही जीतू पटवारी बोले- निर्णायक लड़ाई लड़ेंगे, सिंघार ने कहा- जनता की आवाज उठाएंगे

MP Politics Jitu Patwari says as soon as he became PCC Chief will fight a decisive battle

जीतू पटवारी और उमंग सिंघार

मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष का पद मिलने पर पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने केंद्रीय नेतृत्व का आभार जताते हुए निर्णायक लड़ाई लड़ने की बात कही है। वहीं, नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी को उमंग सिंघार ने चुनौती बताते हुए इसे स्वीकार करने की बात कही।

पटवारी ने अपना बयान जारी करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में मिली नई जिम्मेदारी के लिए मैं आदरणीय मल्लिकार्जुन खरगे और हम सभी के मार्गदर्शक आदरणीय राहुल गांधी जी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। मुझे विश्वास है कि सभी वरिष्ठ नेताओं के मार्गदर्शन और युवा साथियों के ऊर्जावान सहयोग से मध्यप्रदेश कांग्रेस जनहित की निर्णायक लड़ाई लड़ेगी। साझा प्रयास और सामूहिक नेतृत्व से कांग्रेस की विचारधारा को घर-घर तक पहुंचाने के लिए भी प्राण-प्रण से जुटेगी।

जनता की आवाज उठाएंगे

इधर, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि इस जिम्मेदारी को चुनौती के रूप में स्वीकार करता हूं। सदन के बाहर और अंदर पूरी दम से जनता की आवाज उठाएंगे। उन्होंने कहा कि हमारे सारे वरिष्ठ नेता और हम सब एक हैं। युवाओं में, कार्यकर्ताओ में उत्साह की आवश्यकता है। आगे लोकसभा चुनाव है, सब को एक करने और जोड़ने का काम किया जाएगा। मैं विश्वास दिलाना चाहता हूं, 18 साल के कार्यकाल में भाजपा ने जनता से जो वायदे किए, उनका जवाब मांगा जाएगा। वहीं, उपनेता बने हेमंत कटारे ने भी केन्द्रीय नेतृत्व का आभार जाते हुए सदन में जनता की आवाज बुलंद करने की बात कही।

पूर्व सांसद और कांग्रेस से बागी होकर विधानसभा चुनाव लड़ने वाले प्रेमचंद गुड्डू ने कमलनाथ को हटाए जाने का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि अगर पार्टी हाईकमान ने यह निर्णय एक साल पहले ले लिया होता तो आज मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार होती।




Bhopal News : कांग्रेस के नेताप्रतिपक्ष के जवाब में भाजपा आदिवासी विधायक को बनाएगी विधानसभा उपाध्यक्ष

MP News: In response to Congress leader of opposition, BJP will make tribal MLA the Deputy Speaker of the Asse

मध्य प्रदेश विधानसभा (फाइल फोटो)

मध्य प्रदेश की 16वीं विधानसभा का गठन हो चुका है। कांग्रेस ने आदिवासी वर्ग से आने वाले उमंग सिंघार को नेता प्रतिपक्ष बनाया है। इसके जवाब में अब भाजपा भी आदिवासी वर्ग से आने वाले विधायक को विधानसभा का उपाध्यक्ष बना जातीकरण समीरण साध सकती है। भाजपा हर वर्ग को साधने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है। भाजपा ने अन्य पिछड़ा वर्ग से आने वाले डॉ. मोहन यादव को मुख्यमंत्री, अनुसूचित जाति वर्ग से आने वाले जगदीश देवड़ा और ब्राह्मण वर्ग से आने वाले राजेंद्र शुक्ला को उप मुख्यमंत्री बनाया है। वहीं, क्षत्रिय वर्ग से आने वाले नरेंद्र सिंह तोमर का नाम विधानसभा स्पीकर के लिए तय किया है। अब कांग्रेस के आदिवासी नेता को विधानसभा का नेता प्रतिपक्ष बनाने पर भाजपा विधानसभा स्पीकर आदिवासी विधायक को बना सकती है। इस पर रविवार को दिल्ली में होने वाली बैठक में निर्णय लिया जा सकता है। विधानसभा में दलीय स्थिति में भाजपा के पास बहुमत है। ऐसे में चुनाव की स्थिति भी नहीं है।

तीन साल से थे था पद खाली

विधानसभा उपाध्यक्ष का पद 2020 में भाजपा की सरकार बनने के बाद से खाली था। इससे पहले कांग्रेस की 15 माह की सरकार में 10 जनवरी 2019 से 24 मार्च 2020 तक इस पद पर कांग्रेस की आदिवासी वर्ग से आने वाली हिना कांवरे पदस्थ थी। वह इस बार चुनाव हार गई है। भाजपा ने पिछली बार अनुसूचित जाति वर्ग से आने वाले जगदीश देवड़ा को विधानसभा उपाध्यक्ष बनाने का प्रयास किया था, लेकिन कांग्रेस के पास बहुमत होने से सफल नहीं हो पाई।

भाजपा के पास के कई बढ़े चेहरे

भाजपा अनुसूचित जनजाति वर्ग से आने वाले विधायक को उपाध्यक्ष बना कर प्रदेश में जातिगत समीकरण को साधेगी। इसके लिए भाजपा के पास कई बड़े आदिवासी विधायक है। इसमें पूर्व मंत्री विजय शाह, पूर्व सांसद और मंडला से विधायक संपत्तियां उइके, मानपुर से विधायक पूर्व मंत्री और बड़ा चेहरा मीना सिंह, शहपुरा से विधायक ओप्रकाश धुर्वे समेत कई नाम है।




Bhopal News : कमलनाथ ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना, सांसदों को निलंबित करना इनकी मजबूरी, लाउडस्पीकर पर कही ये बात

MP News: Kamal Nath targeted the central government, its compulsion to suspend MPs, said this on loudspeaker

Kamalnath
– फोटो : Social Media

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ छिंदवाड़ा प्रवास से आज दिल्ली के लिए रवाना हुए। कमलनाथ ने इमली खेड़ा हवाई पट्टी पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। सांसदों के निलंबन, प्रदेश में लाउडस्पीकर हटाने के आदेश सहित कई मुद्दों पर बात रखी।

कमलनाथ ने लोकसभा में 13 सांसदों के निलंबित किए जाने को लेकर कहा कि केंद्र सरकार के पास कोई उपाय नहीं बचा। वे निराश होकर ये सब कर रहे हैं। दरअसल सदन में हुए भारी हंगामा के बाद लोकसभा स्पीकर ने 13 सांसदों को निलंबित कर दिया था जिसको लेकर कमलनाथ का यह बयान सामने आया है । कमलनाथ ने यह भी कहा कि यह ऐसा करके दिन काट रहे हैं।

लाउडस्पीकर हटाने के निर्णय पर फिर दिया बयान

कमलनाथ में लाउडस्पीकर हटाने को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि वह जो कुछ भी कर रहे हैं इस बात का ख्याल रखकर करें कि इससे सामाजिक एकता को कोई नुकसान ना पहुंचे। हमारी संस्कृति भाईचारे की है।

अनुपस्थित विधायकों ने हाईकमान से फोन पर कर ली थी बात

एक दिन पहले भोपाल में हुई कांग्रेस विधायक दल की बैठक से छिंदवाड़ा के कांग्रेस विधायकों की अनुपस्थिति को लेकर कमलनाथ ने बयान दिया उन्होंने कहा कि जो विधायक अनुपस्थित थे। उन्होंने ऊपर फोन से बात कर ली है। इस दौरान कमलनाथ ने विधानसभा में उपस्थिति को लेकर कहा कि वह तय करेंगे कि कब शपथ लेंगे।




Bhopal News : सीएम कार्यालय समेत नौकरशाही में बड़े बदलाव की तैयारी, सीएम के पीएस बने राघवेंद्र सिंह

MP News: Preparation for major changes in bureaucracy along with new CM, many officers including CS will chang

वल्लभ भवन- भोपाल

प्रदेश के बड़े पदों पर बैठे अधिकारियों की नई पोस्टिंग की फाइल तैयार की जा रही है। हालांकि, नए सिरे से अधिकारियों की जमावट मंत्रिमंडल के विस्तार के बाद ही होने की संभावना है। इस बीच मध्य प्रदेश शासन सामान्य प्रशासन विभाग ने शुक्रवार देररात प्रशासनिक फेरबदल किया है। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी की जगह खनिज साधन विभाग के प्रमुख सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का प्रमुख सचिव बनाया गया है। इस संबंध में मुख्य सचिव वीरा राणा ने आदेश जारी किए।

मुख्य सचिव, डीजीपी की भी तलाश जारी

मध्य प्रदेश की मुख्य सचिव वीरा राणा अतिरिक्त प्रभार में है। वे मार्च 2024 में सेवानिवृत्त होने वाली हैं। इसके अलावा डीजीपी सुधीर सक्सेना भी अगले साल सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इन दोनों अधिकारियों की जगह नए अधिकारियों की तलाश शुरू हो गई है। मुख्य सचिव के लिए केंद्र में सेवा दे रहे आईएएस अधिकारी अनुराग जैन का नाम सबसे आगे चल रहा है। इसके अलावा मुख्यमंत्री सचिवालय में भी कई अधिकारी बदले जाएंगे। सूत्रों का कहना है कि विधानसभा सत्र के बाद कुछ अधिकारियों को नई जिम्मेदारी देने के आदेश जारी किए जा सकते हैं।

जनवरी के अंत में होंगे मैदानी अमले के ट्रांसफर

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अभी अपनी कैबिनेट के साथ ही विकसित भारत संकल्प यात्रा को सफल बनाने पर फोकस कर रहे हैं। इस यात्रा को सफल बनाने की जिम्मेदारी मैदानी अधिकारियों पर है। यह यात्रा 26 जनवरी को समाप्त हो रही है। ऐसे में अभी जिलों के अधिकारियों को हटाने का यात्रा पर प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में अटकलें है कि यात्रा के बाद बड़े स्तर पर मैदानी अधिकारियों के तबादले होंगे।




Mp News : सीएम मोहन यादव को मिली जेड प्लस सुरक्षा, 24 घंटे तैनात रहेंगे 36 जवान

MP News: CM Mohan Yadav gets Z plus security, 36 soldiers will be deployed 24 hours

सीएम मोहन यादव

डॉ. मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनते ही उनकी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। उनको जेड प्लस सुरक्षा प्रदान की गई है। अब वे जेड प्लस सुरक्षा प्राप्त चुनिंदा लोगों में शामिल हो गए हैं। डॉ. मोहन यादव की सुरक्षा में अब 24 घंटे सुरक्षा का घेरा रहेगा। उनकी सुरक्षा में 36 जवान तैनात रहेंगे।

जेड प्लस सिक्योरिटी के तहत अब सीएम यादव की सुरक्षा में एसपी, डीएसपी, विशेष सुरक्षा बल के जवान और राज्य पुलिस के हथियारबंद जवान तैनात रहेंगे। प्रदेश में जेड प्लस सुरक्षा फिलहाल पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान, पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती, राज्यपाल मंगूभाई पटेल के पास भी है। इसमें सुरक्षा के लिए तैनात जवानों की संख्या आवश्यकता अनुसार कम ज्यादा रहती है।




Bhopal News : cm ने पुलिस अधिकारियों से मांगा 25 साल का प्लान, बोले- एएसआई से एसआई स्तर के प्रमोशन 15 दिन में होंगे

मुख्यमंत्री यादव ने शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय पहुंचकर पुलिस अधिकारियों के साथ कानून व्यवस्था को लेकर बड़ी बैठक की। पीएचक्यू पहुंचने पर पुलिस बल ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर मुख्यमंत्री का सम्मान किया। मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों से चर्चा की और बेहतर व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बैठक में पुलिस अधिकारियों से अगले 25 साल की जरूरत के हिसाब से कानून व्यवस्था रोकने के साथ ही जरूरतों को ध्यान में रखकर प्लान बनाने को कहा। उन्होंने कहा कि भविष्य की चुनौतियों के हिसाब से तैयारी करें। साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि एएसआई से एसआई स्तर के अधिकारियों के प्रमोशन 15 दिन में होंगे। इसकी कार्रवाई तेजी से करें। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों से भी पुलिसकर्मियों को बेहतर प्रोत्साहन मिलता रहे। जिससे वे कार्य और दायित्व अच्छे से करते रहें। पुलिस कर्मियों के आवास की समस्या का निराकरण करें। साथ ही सीएम ने कहा कि पुलिस थानों की सीमाओं के संबंध में विसंगतिया दूर की जाए।

अपराधों पर करें सख्ती से नियंत्रण

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैठक में अधिकारियों को पुलिसकर्मियों की दक्षता बढ़ाने के लिए मौजूदा संसाधनों में बेहतर काम करने के प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक तरीके के अपराधों पर सख्ती से नियंत्रण किया जाए। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश को अपराध नियंत्रण में वर्तमान स्तर को दुरुस्त करना है।

धार्मिंक मेलों में भीड़ नियंत्रण बेहतर हो

मुख्यमंत्री ने ओरछा, उज्जैन और अन्य नगरों में धार्मिक मेलों पर भीड़ नियंत्रण की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने साफ कहा कि धार्मिक स्थलों पर आने वाले लोगों को सुरक्षित माहौल के साथ ही सुविधा जनक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

डीजीपी ने प्रस्तुतिकरण दिया

बैठक में पुलिस महानिदेशक सुधीर कुमार सक्सेना ने पुलिस विभाग की व्यवस्था और कार्य प्रणाली से संबंधित प्रस्तुतिकरण दिया प्रस्तुतीकरण में प्रमुख रूप से कार्य प्रणाली के आधार स्तंभ, राज्य पुलिस की संरचना, कानून व्यवस्था एवं नक्सल विरोधी अभियान, अपराध नियंत्रण, तकनीकी के उपयोग, बजट, अधोसंरचना विकास और मानव संसाधन विकास के साथ-साथ विभाग की सफलता और उपलब्धियों की जानकारी दी गई।

जिला स्तर पर हो पुलिस बैंड

मुख्यमंत्री ने कहा बैठक में जिला स्तर पर पुलिस बैंड की व्यवस्था करने को भी कहा। उन्होंने कहा कि पुलिस बैंड से कार्यक्रमों की गरिमा बनती है। इसके लिए आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया जाए। पुलिसकर्मियों समेत होमगार्ड जवानों और स्कूल के विद्यार्थियों को भी प्रशिक्षण में शामिल किया जाए।

सीएम ने बैठक में यह भी दिए निर्देश

पुलिस कर्मियों की आवास की समस्या का निराकरण हो। पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन स्तर और पुलिस कर्मियों द्वारा निजी स्तर पर आवास की व्यवस्था के लिए सहयोग दिया जाए।

पुलिस थानों की सीमाओं के संबंध में कुछ स्थानों पर विसंगतियां हैं, उन्हें दूर किया जाए।

देह व्यापार पर अंकुश लगाने की दिशा में कार्य करें।

स्मार्ट पुलिसिंग पर कार्य हो

पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सीएम ने निर्देश दिए कि प्रदेश में अपराधों के नियंत्रण और प्रधानमंत्री जी की स्मार्ट पुलिसिंग की अवधारणा को मूर्तरूप देने के लिए ऐसा कार्य हो जो उदारण बन सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस कर्मी अपना कार्य अधिक अच्छे ढंग से कर सकें, इसके लिए उन्हें प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए। कुछ ऐसे समुदाय हैं जिनके कुछ लोग अपराधिक प्रवृति से जुड़े हैं, उन्हें भी मुख्य धारा में लाने का प्रयास हो। जिन जिलों में अपराध दर अधिक है वहां विस्तृत कार्य योजना बनाई जाए। अवैध हथियारों की तस्करी और शराब माफिया पर प्रभावी कार्यवाही हो। खनिज माफिया के विरुद्ध भी सख्त कार्यवाही खनिज विभाग के समन्वय से की जाए।

राजौरा ने वाहनों की जरूरत बताई

बैठक में अपर मुख्य सचिव गृह डॉ. राजेश राजौरा ने वाहनों की आवश्यकता और उसकी पूर्ति के प्रस्ताव सहित पुलिस कर्मियों के कल्याण सहित अन्य प्रस्तावों से अवगत करवाया।




Bhopal News :अपात्र होने पर लाड़ली बहना योजना का लाभ लिया तो होगी कार्रवाई!, सरकार ने 15 दिन का समय दिया

MP News: If you take the benefit of Ladli Behna Scheme if you are ineligible, action will be taken! Government

लाडली बहना योजना
– फोटो : सोशल मीडिया

मध्य प्रदेश में मार्च 2023 में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लाड़ली बहना योजना की शुरुआत की थी। 15 मार्च के बाद योजना के फॉर्म भरना शुरू हुए। इसमें पहले एक हजार रुपए और बाद में 1250 रुपए लाड़ली बहनों को दिए जा रहे है। इसमें महिलाओं से नियम शर्तों के अनुसार स्वेच्छा से स्वप्रमाणित आवेदन भरवाएं गए। जिसमें करीब 1.31 करोड़ महिलाओं को योजना का लाभ दिया जा रहा है। इसमें कई आंगनवाड़ी सहायका, कार्यकर्ता, समस्त अध्यक्षक/ सचिव स्व सहायका समूह के सदस्य भी योजना का लाभ ले रहे हैं। इसको लेकर कार्यालय परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग सागर ग्रामीण-2 की तरफ से आदेश जारी कर उनको योजना के लाभ का परित्याग करने के निर्देश दिए गए है। 15 दिवस में ऐसा नहीं करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

शासन से नहीं जारी हुए कोई निर्देश

हालांकि शासन की तरफ से लाड़ली बहना योजना का अपात्र लोगों के लाभ लेने पर कोई कार्रवाई करने संबंधी कोई निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। एक अधिकारी ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि लाभ ले रहे लोगों को परित्याग करने का विकल्प दिया गया है। वह स्वेच्छा से योजना का परित्याग कर सकते है। सागर के सामने आए आदेश में शासन के किसी पत्र का भी उल्लेख नहीं है।

यह है प्रमुख शर्ते

लाड़ली बहना योजना की पात्रता के लिए शर्ते है कि इनकम टैक्स के दायरें में ना आते हो, संयुक्त परिवार में पांच एकड़ से ज्यादा जमीन ना हो, परिवार में कोई भी एक व्यक्ति सरकारी नौकरी में नहीं हो, चार पहिया वाहन ट्रेक्टर को छोड़कर ना हो, पूर्व सांसद-विधायक, पंचायत सदस्यों की पत्नी ना हो।