मोहन कैबिनेट सूची वायरल, जानिए किसे मिला गृह और वित्त विभाग?

मध्य प्रदेश में सीएम मोहन यादव कैबिनेट का विस्तार हो चुका है। इसमें 18 कैबिनेट मंत्री, 6 राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार और 4 राज्यमंत्रियों को पद और गोपनियता की शपथ दिलाई गई है।

Mohan Cabinet List Viral: मध्य प्रदेश में सीएम मोहन यादव कैबिनेट का विस्तार हो चुका है। इसमें 18 कैबिनेट मंत्री, 6 राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार और 4 राज्यमंत्रियों को पद और गोपनियता की शपथ दिलाई गई है। विधानसभा में बीजेपी की मिली प्रचंड जीत के बाद जैसे मुख्यमंत्री के नाम पर सस्पेंस बना हुआ था, ठीक वैसा ही मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भी बन रहा, लेकिन विस्तार के बाद विभाग बंटवारों को लेकर ऐसा माना है कि बीजेपी आलाकमान जल्द ही ऐलान कर देगा।

अब चर्चा इस बात पर है कि किस मंत्री को कौन सा विभाग मिलेगा. इधर, विभाग के बंटवारों को लेकर एक लिस्ट वायरल हो रही है, जिसमें कैलाश विजयवर्गीय को गृह विभाग दिया गया है, ऐसे ही 18 कैबिनेट मंत्रियों के नाम शामिल हैं, जिन्हें विभाग दे दिया गया है।

इन विभागों के बंटवारे पर सबकी नजर

मध्य प्रदेश में गृह एवं जेल, नगरीय विकास, पीडब्ल्यूडी, जलसंसाधन और परिवहन- राजस्व जैसे विभागों पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं, ऐसा इसलिए क्योंकि केंद्र से प्रदेश आए दिग्गजों को ये पद दिए जा सकते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि केंद्रीय मंत्री से कैबिनेट बने मंत्रियों को एडजस्ट करने की कोशिश की जा रही है। माना जा रहा है कि राव उदय प्रताप, राकेश सिंह, प्रहलाद पटेल जैसे दिग्गजों पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर वायरल एक सूची के अनुसार भी ऐसा ही कुछ होता दिखाई दे रहा है। हालांकि इस वायरल लिस्ट की पुष्टि denvapost नहीं करता है।

सोशल मीडिया पर वायरल सूची: विभागों का बंटवारा

1. प्रहलाद पटेल – गृह मंत्री
2. कैलाश विजयवर्गीय – लोक निर्माण कुटीर एवं ग्रामीण उद्योग मंत्री
3. राकेश सिंह – शहरी विकास व आवास मंत्री
4. विश्वास सारंग – संसदीय कार्य व भोपाल गैस त्रासदी पुनर्वास मंत्री
5. प्रदुम्न सिंह तोमर – स्वास्थ्य मंत्री
6. तुलसी सिलावट – ऊर्जा मंत्री
7. ऐदल सिंह कंसाना – कृषि मंत्री
8. कुं.विजय शाह – वन मंत्री
9. निर्मला भूरिया – अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री
10. संपतिया उईके – महिला बाल विकास मंत्री
11. गोविंद सिंह राजपूत – चिकित्सा शिक्षा मंत्री
12. करण सिंह वर्मा – जल संसाधन मंत्री
13. इंदर सिंह परमार – राजस्व व परिवहन मंत्री
14. राव उदयप्रताप सिंह – उद्योग मंत्री
15. नारायण कुशवाह – वित्त मंत्री
16. नागर सिंह चौहान – पशुपालन मंत्री
17. चैतन्य कश्यप – श्रम मंत्री
18. राकेश शुक्ला – खेल युवा कल्याण व तकनीकी शिक्षा मंत्री




Mp Politics : नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मोहन सरकार के मंत्रिमंडल पर बोला जुबानी हमला

MP Politics: Leader of Opposition Umang Singhar made a verbal attack on the cabinet of Mohan Sarkar

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार

प्रदेश की नवनियुक्त मोहन सरकार के मंत्रिमंडल को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने तंज कसा है। उनका कहना है कि मोहन सरकार में महिला, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति सदस्यों को उनकी जनसंख्या के अनुपात में स्थान नहीं दिया गया।

कई वरिष्ठ नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह न दिए जाने पर भी सिंघार कटाक्ष किया है। उन्होंने मंत्रिमंडल के सभी साथियों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अपेक्षा करता हूं, मंत्रिमंडल के सभी सदस्य प्रदेश के विकास में सहभागी बनेंगे।

दिग्गजों के दवाब में सीएम

उन्होंने कहा कि भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने डॉक्टर मोहन यादव को मुख्यमंत्री बना कर सभी को चौंकाया था पर मंत्रियों के नाम पर जिस तरह की कवायद की गई, उससे स्पष्ट हो गया कि पार्टी दिग्गजों के कितने दबाव में है। तीन बार मुख्यमंत्री को दिल्ली बुलाकर नाम जुड़वाए और कटवाए गए। इनमें कई नेता ऐसे हैं जो मुख्यमंत्री से भी सीनियर हैं, ऐसे में निश्चित रूप से मुख्यमंत्री के लिए उनसे तालमेल बैठाना आसान नहीं होगा।

9 महिलाओं को बनाना था मंत्री

सिंघार ने कहा कि यहां तक तो ठीक पर शपथ वाले दिन तक कई नाम बदले गए। मंत्रियों के लिए कई फार्मूले बनाए गए। पर सब कुछ धरा रह गया। प्रदेश के कई इलाके मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व से वंचित रह गए। यहां तक की आदिवासी जिले धार को भी प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया। मोदी सरकार 33% महिलाओं को आरक्षण देने के लिए विधेयक पारित कर दिया, लेकिन मंत्रिमंडल में मात्र चार महिलाओं को सदस्य बनाया गया, जबकि 9 महिला सदस्यों को मंत्री बनाया जाना था।

ब्राह्मण समाज के लोग नाराज

सिंघार ने कहा कि सबसे अधिक मतों से जीतने वाले रमेश मेंदोला को मंत्री न बनाकर कैलाश और उनके बीच में दरार पैदा कर दी गई। नौ बार से लगातार जीतने वाले कद्दावर विधायक गोपाल भार्गव को मंत्रिमंडल से बाहर का रास्ता दिखाने से प्रदेश के ब्राह्मण समाज के लोग नाराज हैं। इसी तरह से भूपेंद्र सिंह बृजेंद्र प्रताप सिंह और जयंत मलैया आदि कद्दावर विधायकों को मंत्रिमंडल से दूर रखा गया, जिससे मोहन सरकार असंतुलित रहेगी।




शिवराज के करीबियों से किनारा, सिंधिया समर्थकों पर दांव , 2024 का प्लान…

मध्य प्रदेश में 28 मंत्रियों ने शपथ ली है. आगामी लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए जातीय समीकरण साधने का काम किया गया है. शपथ लेने वाले मंत्रियों में से 12 ओबीसी वर्ग से हैं जबकि 7 सामान्य वर्ग से, पांच एसटी वर्ग से और 4 एसटी वर्ग से हैं.

भोपाल : मध्य प्रदेश में मोहन यादव के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार में 28 विधायकों को सोमवार को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई. अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए जातीय समीकरण को साधने का काम किया गया है. शपथ लेने वाले मंत्रियों में से 12 ओबीसी वर्ग से हैं जबकि 7 सामान्य वर्ग से, पांच एसटी वर्ग से और 4 एसटी वर्ग से हैं. मोहन यादव खुद ओबीसी वर्ग से आते हैं, जिससे नई सरकार में ओबीसी नेताओं की संख्या 13 हो गई है, जबकि उनके डिप्टी राजेंद्र शुक्ला ब्राह्मण हैं और जगदीश देवरा एसटी वर्ग से आते हैं.

इस बार की कैबिनेट में सिंधिया का दबदबा देखने को मिला है. कारण ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीबी ऐदल सिंह कंसाना, गोविंद राजपूत, प्रद्युम्न सिंह तोमर और तुलसीराम सिलावट को कैबिनेट में शामिल किया गया है. ये सभी 2020 में कांग्रेस छोड़कर सिंधिया के साथ बीजेपी में शामिल हो गए थे. इनमें से प्रद्युम्न सिंह तोमर और तुलसी सिलावट पिछली शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली सरकार में भी मंत्री रहे हैं. वहीं इस बार 17 नए चेहरों को भी जगह दी गई है. 

ये विधायक बनाए गए कैबिनेट मंत्री

1. प्रदुम्न सिंह तोमर
2. तुलसी सिलावट
3. एदल सिंह कसाना 
4. नारायण सिंह कुशवाहा
5. विजय शाह 
6. राकेश सिंह
7. प्रह्लाद पटेल
8. कैलाश विजयवर्गीय
9. करण सिंह वर्मा 
10. संपतिया उईके
11. उदय प्रताप सिंह
12. निर्मला भूरिया
13.विश्वास सारंग
14. गोविंद सिंह राजपूत
15.इंदर सिंह परमार
16.नागर सिंह चौहान
17.चैतन्य कश्यप
18.राकेश शुक्ला 




मध्य प्रदेश कैबिनेट मोहन यादव मंत्रियों की पूरी सूची

Madhya Pradesh Minister Full List: तीन दिंसबर को मध्य प्रदेश के साथ ही चार राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजे आए थे। राजस्थान और छत्तीसगढ़ की तरह ही भारतीय जनता पार्टी ने सबको चौंकाते हुए शिवराज सिंह की जगह डॉ. मोहन यादव को मुख्यमंत्री बनाया। अब सोमवार को एमपी की मोहन यादव सरकार का पहला कैबिनेट विस्तार हुआ। मोहन यादव मंत्रिमंडल के सभी मंत्री आज शपथ ली। इसमें 18 कैबिनेट मंत्री, 6 स्वतंत्र प्रभार के मंत्री और 4 राज्य मंत्रियों ने शपथ ली है।

कैलाश विजयवर्गीय

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव हैं। उन्हें इंदौर-1 विधानसभा से टिकट दिया गया था। अब कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली है।

प्रह्लाद सिंह पटेल

प्रह्लाद पटेल भारतीय जनता पार्टी के सांसद थे। पार्टी ने उन्हें विधानसभा चुनाव में उतारा था। जीत के बाद अब उन्हें मोहन यादव सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया है।

विश्वास सारंग

शिवराज सरकार में शिक्षामंत्री रह चुके हैं। एबीवीपी से राजनीति की शुरुआत की थी। युवा मोर्चा के नेता भी रहे और राजनीति बढ़ती गई और आज मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार में कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली है।

राकेश शुक्ला

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में अच्छी पकड़। राकेश शुक्ला तीन बार के विधायक भी रह चुके हैं। वर्तमान में मेहगांव सीट से विधाय हैं। अब कैबिनटे मंत्री बनाया गया है।

प्रद्युम्न सिंह तोमर

इन्होंने कांग्रेस से सियासी पारी की शुरुआत की थी। ग्वालियर विधानसभा सीट से विधायक हैं। सिंधिया समर्थ हैं। शिवराज सरकार में ऊर्जा मंत्री बनाया गया था। अब मोहन यादव सरकार में एकबार फिर से कैबिनेट में जगह दी गई है।

नरायण सिंह कुशवाहा

ग्वालियर दक्षिण से विधायक हैं। मध्य प्रदेश में ओबीसी चेहरा हैं। कुशवाहा 2003 में पहली बार विधायक बने थे। अब तक चार बार विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं। अब एमपी की मोहन यादव सरकार में कैबिनेट मंत्री की शपथ लिए हैं।

चैतन्य कश्यप

एमपी के सबसे अमीर विधायकों में शुमार हैं। रतलाम से विधायक हैं। इनके पास 294 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्ति है। इन्होंने विधायक पद के लिए मिलने वाला वेतन लेने से इनकार किया था।

तुलसी सिलावट

तुलसी सिलावट को भी एमपी कैबिनेट में जगह दी गई है।

करण सिंह वर्मा

करण सिंह वर्मा को भी मोहन यादव सरकार की कैबिनेट में जगह दी गई है।

विजय शाह

विजय शाह को भी मध्य प्रदेश कैबिनेट में जगह दी गई है। शाह ने भी सोमवार को मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली है।

संपतिया उइके

संपतिय उइके मध्य प्रदेश भाजपा की एक आदिवासी चेहरा हैं। 12 वीं तक की पढ़ाई की है। अब मोहन यादव सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया है।

इनक साथ ही मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार में इंदर सिंह परमार, उदय प्रताप सिंह, निर्मला भूरिया, नागर सिंह चौहान, एंदल सिंह कंसाना को कैबिनेट में जगह दी गई है। इन सभी ने एमपी के कैबिनटे मंत्री के रूप में शपथ ली है।

राज्य मंत्री ( स्वतंत्र प्रभार)

मध्य प्रदेश में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार ) के रूप में 6 मंत्रियों ने शपथ ली है। इनमें कृष्णा गौर, धर्मेंद्र लोधी, दिलीप जायसवाल, गौतम टेटवाल, लेखन पटेल, नारायण पवार का नाम शामिल है। 

राज्य मंत्री

मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार में 4 राज्यमंत्री भी शपथ लिए हैं। इनमें राधा सिंह, प्रतिमा बागरी, दिलीप अहिरवार, नरेन्द्र शिवाजी पटेल का नाम शामिल है।




Bhopal News : 100 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी मामले में सात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज

Bhopal: Case registered against seven accused in Rs 100 crore fraud case

सांकेतिक तस्वीर
– फोटो : सोशल मीडिया

राजधानी में 100 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। इसमें पुलिस के आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्लयू) ने कार्रवाई की है। आवासीय योजना के लिए कर्ज लेने के मामले में बिल्डर समेत सात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपियों ने कर्ज लेने के लिए गिरवी रखी संपत्ति को भी बिना लोन चुकाए बेच दिया।

ईओडब्लयू ने मामले में चिनार रिटेल्स एंड इंफ्रा प्रालि के सुनील मूलचंदानी, गोपीचंद मूलचंदानी, माया मूलचंदानी (मृत) अनु मूलचंदानी, मनित मूलचंदानी समेत अन्य के खिलाफ 100 करोड़ के हाउसिंग प्रोजेक्ट के लोन के मामले में केस दर्ज किया है। दरअसल, 1999 में बनाई गई चिनार रियल्टी प्रालि कंपनी और 2005 में बनीं चिनार रिटेल्स एंड इंफ्रा प्रालि के हाउसिंग प्रोजेक्ट के लिए सुनील मूलचंदानी व गोपीचंद मूलचंदानी ने डीएचएफएल (अब पिरामल कैपिटल एंड हाउसिंग फाइनेंस) से 100 करोड़ का लोन लिया था। इस प्रोजेक्ट के तहत वर्ष 2014 तक करीब 2200 फ्लैट्स और शॉपिंग मॉल समेत अन्य निर्माण कार्य होना था। इसके लिए सुनील मूलचंदानी ने भूमि स्वामियों को झांसे में लेकर उस जमीन को डीएचएलएफ होम लोन फाइनेंस कंपनी में गिरवी रखवाकर 44 करोड़ का ऋण ले लिया।

प्रोजेक्ट पूरा नहीं हुआ तो दोबारा 63 करोड़ का लोन लिया गया। इसके बाद कई बार बैंक से लोन लिया गया। फाइनेंस कंपनी ने केवल तीन एनओसी जारी की थी, लेकिन सुनील ने फर्जी एनओसी बनाकर कई रजिस्ट्रियां करवा दीं। इस मामले में बैंक कर्मियों के भी इसमें शामिल होने की बात सामने आई। यह एफआईआर ओमकारा असेस्टस एंड री-कंस्ट्रक्शन प्रा. लि. की शिकायत पर दर्ज की गई है।




Bhopal News:विधायक दल की बैठक में सीएम बोले- सभी योजनाएं रहेगी जारी, अपने क्षेत्र के विकास कार्यों में जुटे

भाजपा विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कोई योजना बंद नहीं होगी। सभी योजनाएं जारी रहेगी। आप अपने क्षेत्र के विकास कार्यों में जुटे।

MP News: CM said in the Legislative Party meeting - All schemes will continue, get busy in development work of

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

मध्य प्रदेश विधानसभा सत्र के बीच भाजपा विधायल दल की बैठक बुधवार को भाजपा मुख्यालय में आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, संगठन महामंत्री हितानंद ने संबोधित किया। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विधायकों से कहा कि प्रदेश की कोई भी योजना बंद नहीं होगी। सीएम ने किसी भी योजना का नाम लिए बिना कहा कि सभी योजनाएं जारी रहेगी। इसके अलावा सीएम ने कहा कि विकास कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य विधायक व कार्यकर्ता करेंगे। उन्होंने कहा कि विकसित भारत संकल्प यात्रा में सहभागिता कर वंचितों को लाभ दिलाएं। प्रदेश का एक भी व्यक्ति गरीब कल्याण की योजनाओं से वंचित न रहने पाए। विकसित भारत संकल्प यात्रा से डबल इंजन सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाएं।

बैठक में लोकसभा की तैयारी को लेकर विधायकों को क्षेत्र में सक्रिय होने को कहा गया है। बता दें प्रदेश में 16 दिसंबर से विकसित भारत संकल्प यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। यह यात्रा 25 जनवरी तक आयोजित होगी। इसमें अलग-अलग क्षेत्रों में केंद्र सरकार की योजनाओं का हितग्राहियों को लाभ दिलाने के लिए कैंपों का आयोजन किया जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गरीब कल्याण की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विकसित भारत संकल्प यात्रा निकाली जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की गरीब कल्याण योजनाओं से प्रदेश का हर पात्र व्यक्ति लाभान्वित हो, इसके लिए भाजपा विधायकों और कार्यकर्ताओं को यात्रा में सहभागिता करने को कहा गया है।




Bhopal News : मनीष सिंह को जनसंपर्क आयुक्त के पद से हटाया, पोरवाल को अतिरिक्त प्रभार

MP News: Manish Singh removed from the post of Public Relations Commissioner, Porwal given additional charge o

आईएएस मनीष सिंह
– फोटो : सोशल मीडिया

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों की जमावट नए सिरे से शुरू कर दी है। इसी कड़ी में जनसंपर्क आयुक्त और मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के एमडी मनीष सिंह को हटा दिया है। उनको मध्य प्रदेश शासन अपर सचिव बनाया गया है। वहीं, जनसंपर्क आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार जनसंपर्क सचिव विवेक पोरवाल और एमडी मेट्रो रेल कॉरपोरेशन का अतिरिक्त प्रभार नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग के प्रमुख सचिव नीरज मण्डलोई को सौंपा गया है। इस संबंध में देररात सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी किए।

इससे पहले मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी को भी हटाया गया था। उनको प्रमुख सचिव मध्य प्रदेश शासन बनाया गया। उनकी जगह राघवेंद्र सिंह को मुख्यमंत्री का प्रमुख सचिव बनाया गया है। जल्द ही कुछ और वरिष्ठ अधिकारियों के विभाग बदले जाने की भी संभावना है।




Bhopal News : एक्शन में सीएम डॉक्टर मोहन यादव, हमीदिया अस्पताल का किया औचक निरीक्षण, मरीजों के परिजन से की बात

MP News: CM Dr. Mohan Yadav in action, did surprise inspection of Hamidia Hospital

सीएम मोहन यादव ने हमीदिया में पहुंचकर मरीजों के परिजन से चर्चा की।
– फोटो : सोशल मीडिया

नव नियुक्त मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव का एक्शन मोड ऑन है। वे सोमवार रात भोपाल के हमीदिया अस्पताल का औचक निरीक्षण करने पहुंचे। सीएम ने यहां पर मरीज और उनके परिजनों से मुलाकात कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इसके साथ ही उन्होंने डॉक्टरों से चर्चा कर अस्पताल में व्यवस्थाओं को और बेहतर करने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए। इस दौरान सीएम ने कहा कि मरीजों के इलाज में कोई भी लापरवाही न की जाए।

सीएम ने बच्चों की गहन चिकित्सा इकाई को भी देखा और चिकित्सकों से उसके बारे में जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल के चाइल्ड वार्ड में एडमिट एक बच्चे के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने उसके इलाज के लिए समुचित व्यवस्था करने के निर्देश अस्पताल स्टाफ को दिए। उन्होंने अस्पताल परिसर में मोजूद मरीजों के परिजनों से बातचीत कर उन्हें बेहतर इलाज दिलवाए जाने का आश्वासन दिया। सीएम ने सुनिश्चित किया कि समय पर मरीजों को मुफ्त और उचित इलाज मिल सके। एसीएस मोहम्मद सुलेमान भी इस मौके पर मोजूद रहे। दरअसल लंबे समय से हमीदिया अस्पताल में फैली अव्यवस्थाओं को लेकर खबरें सामने आ रहीं थीं ऐसे में सीएम ने इस पर संज्ञान लेते हुए औचक निरीक्षण किया।।




Mp Vidhansabha Satra : सदन से हटाई गई नेहरू की तस्वीर, आसंदी के पीछे नजर आए अंबेडकर

MP Vidhansabha Satra: Nehru's picture removed from the House, Ambedkar seen behind the chair

आसंदी के पीछे नेहरूजी की तस्वीर की जगह अब बाबा साहेब अंबेडकर की फोटो लगाई गई है।
– फोटो : सोशल मीडिया

16वीं विधानसभा की शुरुआत में सोमवार को सदन के अंदर एक बड़ा बदलाव देखने को मिला। आसंदी के पीछे लगी देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की तस्वीर को हटा दिया गया। उनके स्थान पर यहां संविधान निर्माता भीमराव अंबेडकर की तस्वीर को लगा दिया गया।

बताया जा रहा है कि नेहरू की यह फोटो नई विधानसभा की शुरुआत से यहां लगाई गई थी। भाजपा विधायक लंबे से इस बदलाव की मांग उठाते आ रहे थे। विधानसभा सचिवालय ने आखिर इस पर निर्णय लेते हुए यह परिवर्तन कर दिया। फोटो में बदलाव होते ही इस पर सियासत भी शुरू हो गई, जहां सत्ता पक्ष भाजपा ने इस निर्णय का स्वागत किया है वहीं कांग्रेस ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। सदन में अंदर पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की तस्वीर हटा कर संविधान निर्माता भीमराव अंबेडकर की तस्वीर लगाए जाने पर कांग्रेस विधायक रामनिवास रावत ने कहा कि अंबेडकर की तस्वीर लगाई जाने का हम स्वागत करते हैं लेकिन पंडित नेहरू की तस्वीर हटाना दुर्भाग्यपूर्ण है।

कांग्रेस कर रही प्रदर्शन की बात

मध्यप्रदेश विधानसभा में सदन में अंदर से पंडित जवाहरलाल नेहरू की तस्वीर हटाए जाने का विवाद बढ़ता ही जा रहा है। कांग्रेस अपने नेता नेहरू के अपमान को लेकर आगबबूला हो गई है। सदन के बाहर कांग्रेस प्रदर्शन करने की बात कर रही है। कांग्रेस मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष अब्बास हाफ़िज का बयान है कि देश के पहले प्रधानमंत्री का अपमान भाजपा ने किया है। इतिहास को मिटाने की कोशिश की जा रही है। अब्बास ने मांग उठाई कि विधानसभा में नेहरूजी की तस्वीर उसी जगह लगाई जाए जहां पहले लगी थी।

ऐसा नहीं हुआ तो कांग्रेस के विधायक तस्वीर को वहीं लगाएंगे। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि नेहरू का अपमान भाजपा को भारी पड़ेगा।




Mp News : लाडली बहना ने बिगाड़ा सरकार का बजट, लेना पड़ेगा 4200 करोड़ का कर्ज

MP News: Laadli Behna spoils the government's budget, will have to take a loan of Rs 4200 crore

प्रदेश में लाडली बहना योजना चलाने के लिए सरकार फिर कर्ज ले सकती है।
– फोटो : सोशल मीडिया

शिवराज सरकार की सबसे पॉपुलर योजना लाडली बहना ने प्रदेश का बजट बिगाड़ दिया है। इस योजना को पूरा करने के लिए नवनियुक्त मोहन सरकार को 4200 करोड़ का कर्ज लेना होगा। इसके साथ ही संविदा कर्मियों के बढ़ाए गए मानदेय को देने के लिए 1500 करोड़ और अन्य योजनाओं के लिए भी 2000 करोड़ का कर्ज लेना पड़ेगा।

इसके साथ ही लड़कों को स्कूटी दिए जाने, गैस सिलेंडर के दाम 450 रुपये करने, पंचायत कर्मियों की सैलरी बढ़ाए जाने जेसी कई तमाम घोषणाओ के कारण बजट गड़बड़ा गया है। दरअसल, चुनावी सीजन में हुई घोषणाओं को पूरा करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार को अगले तीन महीने करीब 25 हजार करोड़ का कर्ज लेना पड़ेगा तब जाके सरकार अपनी चुनावी घोषणाओं को कुछ हद तक पूरा कर पाएगी।

ये है कर्ज की स्थिति

इधर प्रदेश सरकार पहले से ही 3 लाख 31 हजार करोड़ के भारी कर्ज में डूबी हुई है। ऐसे 25000 करोड़ का यह नया कर्ज सरकार की सांसें फुला सकता है। क्योंकि वित्तीय स्थिति के अनुसार सरकार 15 हजार का करोड़ ले सकती है। जानकारी के अनुसार प्रदेश सरकार वर्ष 2023 में अब तक 40 हजार करोड़ का कर्ज ले चुकी है। अभी हाल ही में 4 हजार करोड़ का कर्ज प्रदेश सरकार ने आरबीआई के ऑक्शन के जरिए उठाया लिया है।

कर्ज बढ़ने का अनुमान

प्रदेश सरकार पर चल रहे पुराने लोन का मूलधन भी नए कर्ज से चुकाया जाएगा। ऐसे में अनुमान है कि वित्तीय वर्ष 2023-24 के समाप्त होने से पहले ही सरकार पर कर्ज बढ़ कर 4.30 लाख करोड़ के आसपास पहुंच जाएगा।

सरकार का दावा

हालांकि इधर प्रदेश सरकार के दावा कर रही है कि प्रदेश में संचालित जनकल्याणकारी कार्यक्रम और विकास योजनाओं के लिए बजट की कोई कमी नहीं है। सभी जनकल्याणकारी कार्यक्रम और विकास योजनाएं विधिवत जारी रहेंगी। जनकल्याणकारी कार्यक्रमों एवं विकास योजनाओं के लिए शासन के पास पैसों की कोई कमी नहीं है। शासन के सभी जनकल्याणकारी कार्यक्रम सुचारू रूप से जारी रहेंगे। विकास योजनाएं भी निरंतर जारी रहेंगी। वित्त विभाग द्वारा वित्तीय अनुशासन के अंतर्गत बजट आवंटन एवं व्यय की कार्ययोजना दिशा निर्देश संबंधी आदेश सामान्य प्रक्रिया के अंतर्गत हर वित्तीय वर्ष में जारी होते हैं। विकास योजनाएं एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रम जनहित में निरंतर जारी रहेंगी।