MP Lok Sabha Chunav 2024 Date: मध्य प्रदेश में 4 चरणों में होगा लोकसभा चुनाव, जानें किस तारीख को है आपके जिले में वोटिंग

MP Lok Sabha Election Schedule: देश में लोकसभा चुनाव 2024 का बिगुल फुंक चुका है। चुनाव आयोग ने तारीखों का ऐलान कर दिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और ज्ञानेश कुमार ने प्रेस कांफ्रेंस कर लोकसभा चुनाव का पूरा शेड्यूल बता दिया है। मध्य प्रदेश में भी चुनाव के लिए तारीखों का ऐलान हो गया है। यहां 4 चरणों में पोलिंग होगी। आइए जानते हैं लोकसभा चुनाव का पूरा शेड्यूल।

हाइलाइट्स

  • मध्य प्रदेश में 4 चरणों में होना है लोकसभा चुनाव
  • 19 अप्रैल को पहले चरण का चुनाव
  • आखिरी चरण 13 मई को और नतीजे 4 जून को आएंगे

भोपाल: देश में लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है। इसके साथ ही राज्यों में विधानसभा चुनाव की घोषणा भी हो गई है। चुनाव आयोग ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि लोकसभा चुनाव और कुछ राज्यों में विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा शनिवार को होगी और अब इनका ऐलान भी हो गया है। लोकसभा चुनाव 7 चरणों में होंगे। इसमें पहला चरण 19 अप्रैल को है। दूसरा चरण 26 अप्रैल, तीसरा 7 मई, चौथा 13 मई, पांचवां चरण 20 मई, छंठवां चरण 25 मई और सांतवां चरण 1 जून को संपन्न होगा। नतीजे 4 जून को आएंगे।

मध्य प्रदेश की 29 लोकसभा सीटों का शेड्यूल

पहला चरण 19 अप्रैल सीधी, शहडोल, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, छिंदवाड़ा, दूसरा चरण 26 अप्रैल टीकमगढ़, दमोह, खजुराहो, सतना, रीवा, होशंगाबाद, बैतूल, तीसरा चरण 7 मई मुरैना, भिंड, ग्वालियर, गुना, सागर, विदिशा, भोपाल, राजगढ़,चौथा चरण 13 मई देवास, उज्जैन, मंदसौर, रतलाम, धार, इंदौर, खरगोन, खंडवा मतगणना 4 जून को।

2024 लोकसभा चुनाव में मध्यप्रदेश में 5 करोड़ 63 लाख 40 हजार 64 मतदाता उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। 2023 के विधानसभा चुनाव में 5 करोड़ 60 लाख मतदाता थे। इस तरह 4 महीने में 3 लाख कुल वोटर्स बढ़ चुके हैं। कुल वोटर्स में पुरुषों की संख्या 2 करोड़ 89 लाख 51 हजार 705 है, जबकि महिला मतदाताओं की संख्या 2 करोड़ 73 लाख 87 हजार 122 है।




Mp News: चार मेडिकल कॉलेजों के लिए 1200 करोड़ रुपये स्वीकृत, 136 शवों के ऑपरेशन को भी मंजूरी

MP News: Rs 1200 crore approved for four medical colleges, approval for operation of 136 dead bodies also

वल्लभ भवन
– फोटो : सोशल मीडिया

मध्य प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में लिए गए निर्णयों की प्रशासकीय स्वीकृति के शुक्रवार को आदेश जारी कर दिए गए। 11 मार्च को आयोजित बैठक में लिए गए निर्णयों में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा प्रशासकीय स्वीकृति आदेश जारी किए गए हैं। सिंगरौली, श्योपुर, नीमच और मंदसौर चिकित्सा महाविद्यालय के लिए पुनरीक्षित स्वीकृति जारी की गई है। सिंगरौली के लिए 289.74 करोड़ रुपये, श्योपुर के लिए 288.50 करोड़ रुपये, नीमच के लिए 287.45 करोड़ रुपये और मंदसौर चिकित्सा महाविद्यालय के लिए 302.26 करोड़ रुपये कुल राशि रूपये 1167 करोड़ 95 लाख रुपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गयी है। इसके साथ ही सिंहस्थ की आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए उज्जैन चिकित्सा महाविद्यालय में सिविल कार्यों के लिये 592.30 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।

13 नर्सिंग कॉलेज के लिए 192 करोड़ 40 लाख रुपये स्वीकृत

केंद्र प्रवर्तित योजना के मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग कॉलेज की स्थापना के लिए 14.80 करोड़ प्रति नर्सिंग महाविद्यालय की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। दतिया, खंडवा, रतलाम, शहडोल, विदिशा, छिंदवाड़ा, शिवपुरी, सतना, राजगढ़, नीमच, मंदसौर, श्योपुर एवं सिंगरौली में नर्सिंग महाविद्यालय के निर्माण के लिए कुल 192 करोड़ 40 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।

136 शव वाहन संचालन की स्वीकृति

प्रदेश के समस्त जिलों में शव वाहन संचालित किए जाने के लिए 136 शव वाहन के संचालन की स्वीकृति दी गई। प्रदेश के समस्त 13 चिकित्सा महाविद्यालयों वाले जिलों में प्रारंभिक स्तर पर 4 तथा शेष अन्य 42 जिला चिकित्सालयों में 2 कुल 136 शव वाहन के लिए निविदा की स्वीकृति राज्य शासन द्वारा प्रदान की गयी है। रोगी/पीड़ित की शासकीय संस्था में मृत्यु उपरांत मृतक को निवास स्थल/श्मशान तक निःशुल्क परिवहन व्यवस्था शव वाहन द्वारा आउटसोर्स माध्यम से संचालित किए जाने के लिए निविदा आमंत्रित किए जाने की स्वीकृति दी गई है। योजना के विभिन्न पहलुओं पर सुझाव देने के लिए चार सदस्यीय मंत्रि-परिषद उप-समिति गठन किए जाने का निर्णय लिया गया है। इसमें उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, मंत्री नगरीय विकास एवं आवास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा सहकारिता मंत्री सम्मिलित हैं। इसके साथ ही प्रदेश में एयर एंबुलेंस की संचालन व्यवस्था और “मानक संचालन प्रक्रिया” को स्वीकृति प्रदान की गई है।




Mp News: आठ प्रतिशत महंगाई भत्ते को लेकर प्रदर्शन, कर्मचारी बोले

MP News: Protest over eight percent dearness allowance, employees said - Government provided half the happines

भोपाल में मध्य प्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा का प्रदर्शन

मध्य प्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र सिंह और भोपाल के जिला अध्यक्ष उमाशंकर तिवारी ने बताया कि मध्य प्रदेश के कर्मचारियों को 8% महंगाई भत्ता/महंगाई राहत को लेकर शुक्रवार को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालय एवं राज्य मंत्रालय पर कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। इस बीच सरकार ने चार प्रतिशत महंगाई भत्ते के आदेश जारी कर दिए, जबकि सरकार को 8 प्रतिशत महंगाई भत्ता/राहत देना है। उन्होंने सरकार से जनवरी 2024 से चार प्रतिशत महंगाई भत्ता/राहत तत्काल प्रदान करने की मांग की।

पेंशनरों को दरकिनार किया

उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से जारी आदेश में प्रदेश के 4.50 लाख सेवानिवृत कर्मचारियों को दरकिनार किया गया है। ये सेवानिवृत कर्मचारी वरिष्ठ नागरिक हैं सरकार को सेवानिवृत कर्मचारियों को भी तत्काल महंगाई राहत देने के आदेश जारी करना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने मोर्चे की तरफ से सरकार को कर्मचारियों की पदोन्नति, वाहन भत्ता, मकान किराया भत्ता, लिपिकों की ग्रेड पे में विसंगति सहित पेंशन के लिए अहर्तादायी सेवा 25 वर्ष करने की मांग की। उन्होंने कहा कि भले ही आचार संहिता लागू हो जाए, अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा जल्दी संगठनों से चर्चा कर प्रदेश स्तर के आंदोलन की रणनीति बनाएगा।




Election Commission : चुनाव आयोग ने भारतीय स्टेट बैंक द्वारा आपूर्ति किए गए चुनावी बांड डेटा को वेबसाइट पर अपलोड किया

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने गुरुवार को चुनावी बॉन्ड की जानकारी अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दी। इससे पहले भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने मंगलवार को चुनावी बॉन्ड का डेटा चुनाव निकाय को सौंप दिया था।

चुनाव आयोग ने गुरुवार को एक बयान में कहा, “माननीय सर्वोच्च न्यायालय के 15 फरवरी और 11 मार्च 2024 के आदेश का पालन करते हुए भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने चुनावी बॉन्ड से संबंधित डेटा 12 मार्च 2024 को भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) को सौंपा था। जिसे भारत के चुनाव आयोग ने आज अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है। एसबीआई द्वारा प्राप्त डेटा को हू-ब-हू अपलोड किया गया है।”

एसबीआई से चुनाव आयोग को प्राप्त जानकारी इस लिंक पर क्लिक करके देखी जा सकती है।

चुनाव आयोग द्वारा पब्लिक किए गए डेटा से 12 अप्रैल 2019 के बाद से 1000 रुपये से 1 करोड़ रुपये के मूल्यवर्ग यूज किए चुनावी बॉन्ड की खरीद का पता चलता है। यह जानकारी कंपनियों और व्यक्ति विशेष दोनों द्वारा की गई खरीद को भी दर्शाती है।

सुप्रीम कोर्ट ने दिया था आदेश

चुनावी बॉन्ड को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एसबीआई की उस दलील को खारिज किया था, जिसमें बैंक ने इसके लिए समय मांगा था। एसबीआई की तरफ से वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने अदालत को बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद एसबीआई ने नए चुनावी बॉन्ड जारी करने पर रोक लगा दी है, लेकिन समस्या ये है कि जो चुनावी बॉन्ड जारी हुए हैं, उससे पूरी प्रक्रिया को पलटना होगा और इसमें समय लगेगा। हालांकि शीर्ष अदालत ने एसबीआई की दलील मानने से इनकार कर दिया था और मंगलवार तक ही पूरी जानकारी चुनाव आयोग को देने का आदेश दिया था।




Mp News: सीएम ने किया संजीव नगर से नेवरी लालघाटी तक सड़क का उद्घाटन, सात किलोमीटर का नही लगेगा चक्कर

MP News: CM inaugurated the road from Sanjeev Nagar to Newri Lalghati, seven km round trip will be saved

भोपाल में रोड शो में मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव, मंत्री विश्वास सारंग

मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल वासियों को बड़ी सौगात देते हुए संजीव नगर से नेवरी लालघाटी तक की बहुप्रतीक्षित सड़क का लोकार्पण किया। लोकार्पण समारोह के दौरान सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग की अगुवाई में भानपुर रेलवे क्रॉसिंग आरओबी से करोंद चौराहे तक रहवासियों द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव का भव्य रोड शो निकाला गया। यह सड़क बन जाने से अब संजीव नगर करोंद से लालघाटी जाने वालों के साथ ही भोपाल शहर से राजा भोज एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए अब सात किलोमीटर लंबा चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने उद्बोधन में कहा कि सड़क निर्माण के लिए मंत्री सारंग द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना करते कहा कि यह सड़क निर्माण असंभव था। यह बिना जनप्रतिनिधि के अड़िग परिश्रम के संभव नहीं हो सकता था।

100 कॉलोनियों के 10 लाख लोगों को मिलेगा लाभ

संजीव नगर करोंद से नेवरी लालघाटी तक की बहुप्रतीक्षित सड़क के शुरू होने से अयोध्या बायपास, भानपुर, लांबाखेड़ा, करोंद क्षेत्र की द्वारका धाम, नयापुरा गांव, मैपल ट्री, बडवई, पलासी आदि 100 से अधिक कॉलोनियों में निवासरत लगभग 10 लाख से अधिक आबादी को लालघाटी एवं पुराने शहर से जुड़ने का सीधा फायदा होगा। वहीं नए और पुराने शहर की जनता को एयरपोर्ट जाने में 7 किमी का फेरा नहीं लगाते हुए इस मार्ग को वैकल्पिक मार्ग के रूप में उपयोग किया जाएगा, जिससे एयरपोर्ट की ओर जाने आने में और भी सुगमता होगी।

पहली बार मिलिट्री की जमीन पर राज्य सरकार ने किया भू-अर्जन

यह पहली बार है कि मिलिट्री की जमीन का राज्य सरकार द्वारा भू-अर्जन किया गया है। यह मार्ग मिलिट्री एरिया से होते हुए निकलता है, इसमें निर्माण कार्य की अनुमति के लिये रक्षा मंत्रालय से राज्य सरकार को भू-अर्जन करना पड़ा। इसको लेकर मंत्री श्री सारंग 2008 से ही प्रयासरत थे। 2014 में तत्कालीन रक्षा मंत्री स्व. श्री मनोहर पार्रिकर, 2017 में तत्कालीन रक्षा मंत्री स्व. श्री अरूण जैटली एवं 2019 में वर्तमान रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह से नई दिल्ली में भेंट कर रहवासियों की समस्या से अवगत करवाकर सड़क निर्माण के लिये विशेष स्वीकृति ली। रक्षा मंत्रालय भारत सरकार से विभिन्न स्वीकृतियाँ प्राप्त करने के पश्चात राज्य शासन द्वारा उक्त भूमि का भू-अर्जन किया गया।

सड़क शुरू होने से यातायात में भी होगा सुधार

इस सड़क के निर्माण से पूराने भोपाल की यातायात में भी सुधार होगा। लालघाटी से एयरपोर्ट जाने वाली सड़क पर कई बार जाम की स्थिति बन जाती थी। वहीं अब भोपालवासियों द्वारा एयरपोर्ट जाने के लिये इसे वैकल्पिक मार्ग के रूप में उपयोग किया जा सकेगा। इससे एयरपोर्ट जाने में यात्रियों को आधा समय लगेगा।यह पहली बार है कि मिलिट्री की जमीन का राज्य सरकार द्वारा भू-अर्जन किया गया है। यह मार्ग मिलिट्री एरिया से होते हुए निकलता है, इसमें निर्माण कार्य की अनुमति के लिये रक्षा मंत्रालय से राज्य सरकार को भू-अर्जन करना पड़ा। इसको लेकर मंत्री सारंग 2008 से ही प्रयासरत थे। 2014 में तत्कालीन रक्षा मंत्री स्व. मनोहर पार्रिकर, 2017 में तत्कालीन रक्षा मंत्री स्व. अरूण जैटली एवं 2019 में वर्तमान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से नई दिल्ली में भेंट कर रहवासियों की समस्या से अवगत करवाकर सड़क निर्माण के लिये विशेष स्वीकृति ली। रक्षा मंत्रालय भारत सरकार से विभिन्न स्वीकृतियाँ प्राप्त करने के पश्चात राज्य शासन द्वारा उक्त भूमि का भू-अर्जन किया गया।

सड़क शुरू होने से यातायात में भी होगा सुधार

इस सड़क के निर्माण से पूराने भोपाल की यातायात में भी सुधार होगा। लालघाटी से एयरपोर्ट जाने वाली सड़क पर कई बार जाम की स्थिति बन जाती थी। वहीं अब भोपालवासियों द्वारा एयरपोर्ट जाने के लिये इसे वैकल्पिक मार्ग के रूप में उपयोग किया जा सकेगा। इससे एयरपोर्ट जाने में यात्रियों को आधा समय लगेगा।

सीएम ने ये घोषणाएं भी कीं

– नगर की ऐतिहासिक विरासत श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर का सर्वांगीण विकास किया जाएगा।

-प्रभात चौराहे से लेकर प्लेटफार्म नंबर 1 तक एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा।

-शहरी गरीबों, निम्न आय वर्ग तथा मध्यम वर्ग के आवासहीनों हेतु अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम (एचएफए) से 10,000 आवास बनाए जाएंगे तथा शासकीय भूमि उपलब्ध कराई जाएगी।

– करोंद क्षेत्र में 100 बिस्तर के अस्पताल का निर्माण कार्य जाएगा।

– संजीव नगर स्थित तालाब को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।

– करोंद चौराहे के समीप सभागृह का निर्माण किया जाएगा।

– नरेला विधानसभा में हाउसिंग बोर्ड द्वारा निर्मित करोंद स्थित जर्जर-जर्जर मकानों को विस्थापित किया जाएगा।

– नरेला विधानसभा क्षेत्र में वृहद वाटर स्क्रीन तथा लेजर शो तथा विभिन्न स्थानों पर फाउंटेन की स्थापना की जाएगी।




Bhopal News: गणवेश और किताबें खरीदने का दबाव बनाया तो दर्ज कराई जाएगी एफआईआर, कलेक्टर ने जारी किए आदेश

Bhopal News: If pressure is applied to buy uniforms and books, FIR will be lodged, Collector issued orders und

भोपाल कलेक्टर

राजधानी भोपाल में किसी भी निजी स्कूल में यूनिफार्म, पुस्तकें और अन्य सामग्री खरीदने के लिए दबाव डालने पर अंकुश लगाने के आदेश जारी किए गए हैं। निजी स्कूल ने यदि अभिभावकों पर ये वस्तुएं उनसे खरीदने का दबाव डाला तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी। भोपाल कलेक्टर और जिला मजिस्ट्रेट कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा-144 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए जन सामान्य के हित में सभी निजी विद्यालयों में पुस्तकें एवं यूनिफार्म तथा अन्य सामग्री विक्रय किए जाने के खिलाफ प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं।

आदेश के अनुसार भोपाल जिले में संचालित सभी निजी विद्यालय, जो माध्यमिक शिक्षा मंडल, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अथवा आई.सी.एस.ई. बोर्ड से सम्बद्ध हैं, पर यह आदेश लागू होगा। इन सभी विद्यालयों को मध्य प्रदेश राजपत्र असाधारण 2 दिसंबर 2020 स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल में उल्लेखित निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा। सभी अशासकीय विद्यालयों के लिए यह अनिवार्य है कि वे आगामी शिक्षण सत्र प्रारंभ होने के पूर्व लेखक एवं प्रकाशक के नाम तथा मूल्य के साथ कक्षावार पुस्तकों की सूची विद्यालय के सूचना पटल पर प्रदर्शित करें और शाला के विद्यार्थियों को ऐसी सूची मांगने पर उपलब्ध कराएं, ताकि विद्यार्थी एवं उनके अभिभावकगण इन पुस्तकों को उनकी सुविधा अनुसार खुले बाजार से क्रय कर सकें। प्रत्येक स्कूल प्रबंधक, प्राचार्य अपने स्कूल में प्रत्येक कक्षा में लगने वाली पाठ्य पुस्तकों तथा प्रकाशक की जानकारी को वेबसाइट पर अनिवार्यतः प्रेषित करें।

आदेश के अनुसार किसी भी प्रकार की शिक्षण सामग्री पर विद्यालय का नाम अंकित नहीं होना चाहिए। विद्यालय के सूचना पटल पर यह भी अंकित किया जाए कि किसी दुकान विशेष से सामग्री क्रय करने की बाध्यता नहीं है। कहीं से भी पुस्तकें/ यूनिफार्म व अन्य आवश्यक सामग्री क्रय की जा सकती है। पुस्तकों के अतिरिक्त शालाओं द्वारा यूनिफार्म, टाई, जूते, कापियों आदि भी उन्हीं की शालाओं से उपलब्ध, विक्रय कराने का प्रयास नहीं किया जाएगा। विद्यालय की स्टेशनरी, यूनिफार्म पर विद्यालय का नाम प्रिंट करवाकर दुकानों से क्रय करने अथवा एक विशिष्ट दुकान से यूनिफार्म, पाठ्य पुस्तकें बेचना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। संबंधित एसडीएम एवं जिला शिक्षा अधिकारी इस आदेश का पालन सुनिश्चित कराएंगे। यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा। इस आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति, विद्यालय के प्राचार्य, प्रबंधक के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 188 के अंतर्गत कार्यवाही की जाएगी।




Mp News: लोकायुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया को अवैध बताने पर सरकार का हमला, मंत्री सारंग बोले- नियुक्ति विधि सम्मत

MP: Government's attack on calling Lokayukta's appointment process illegal, Minister Sarang said - appointment

विश्वास सारंग

मध्य प्रदेश के नए लोकायुक्त जस्टिस सत्येंद्र कुमार सिंह की नियुक्ति को लेकर 9 मार्च की रात को अधिसूचना जारी की गई। वहीं, 10 मार्च की रात को राजभवन में नए लोकायुक्त के रूप में उन्होंने शपथ ले ली। इससे पहले ही लोकायुक्त की नियुक्ति विवादों में घिर गई। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने उनकी नियुक्ति प्रक्रिया को असंवैधानिक और अवैध बताया है। अब इस पर सरकार की तरफ से पलटवार कर उनके बयान को राजनीति से प्रेरित बताया गया।

मध्य प्रदेश में लोकायुक्त की नियुक्ति को लेकर नेता प्रतिपक्ष के बयान पर अब कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने पलटवार किया है। खेल एवं युवा कल्याण और सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने एक बयान जारी कर कहा कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा की गई लोकायुक्त की नियुक्ति पूरी तरह से विधि सम्मत है। लोकायुक्त की नियुक्ति में पूरी तरह से नियमानुसार प्रक्रिया का पालन किया गया है। लोकायुक्त की नियुक्ति के पहले नेता प्रतिपक्ष को लिखित में जानकारी दी गई थी। उन्हें दूरभाष पर भी पूरी तरह से इत्तिला दी गई थी। मंत्री ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को उच्चाधिकारियों ने स्वयं बातचीत कर लिखित में जानकारी दी थी। लोकायुक्त की नियुक्ति में नियमानुसार प्रक्रिया का पालन किया गया है।

सारंग ने कहा कि अपनी राजनीति चमकाने के लिए उमंग सिंघार का संवैधानिक पद पर विवाद पैदा करना नेता प्रतिपक्ष शोभा नहीं देता। सारंग ने उमंग सिंघार को सलाह दी कि इस तरह संवैधानिक पद पर राजनीति ना करें। संवैधानिक पद की नियुक्ति को असंवैधानिक कहना यह उनका राजनीति से प्रेरित बयान है। सारंग ने कहा कि उनको सलाह देता हूं कि लोकायुक्त जैसे पद पर विवाद पैदा ना करें। उन्होंने कहा कि उमंग सिंघार संवैधानिक पद और नेता प्रतिपक्ष पद की गरिमा का ध्यान रखें।

बता दें मध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने लोकायुक्त की नियुक्ति की अधिसूचना को अवैध बताया है। नेता प्रतिपक्ष ने इसको निरस्त करने की मांग की है। नेता प्रतिपक्ष का कहना है कि लोकायुक्त की नियुक्ति नियमानुसार हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सहित नेता प्रतिपक्ष से परामर्श लेने के बाद की जाती है। लेकिन उनसे कोई परामर्श नहीं लिया गया। नेता प्रतिपक्ष ने इसको लेकर सीएम को भी पत्र लिखा है। वहीं नियुक्ति की अधिसूचना निरस्त नहीं करने पर नेता प्रतिपक्ष ने न्यायालय की शरण में जाने की बात कही है।




MP News: संजय शुक्ला की रिकवरी फाइल ने तैयार किया BJP में आने का रास्ता, पचौरी ने क्यों दिया कांग्रेस को झटका?

भोपाल :  पूर्व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी ने शनिवार को भाजपा का दामन थाम लिया। पचौरी के साथ प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष और धार के पूर्व सांसद गजेंद्र सिंह राजूखेड़ी, पिछले विधानसभा में इंदौर से कांग्रेस के इकलौते विधायक रहे संजय शुक्ला, पूर्व विधायक विशाल पटेल, अर्जुन पलिया, सतपाल पलिया और भोपाल जिला कांग्रेस अध्यक्ष कैलाश मिश्रा ने भी भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा की मध्यप्रदेश से विदाई के तीसरे दिन कांग्रेस को ये बड़ा झटका माना जा रहा है।

सुरेश पचौरी के नजदीकी लोगों का कहना है कि कांग्रेस पार्टी में लंबे समय से हो रही उपेक्षा से पचौरी नाराज चल रहे थे। यही कारण था कि वे हाल ही में राहुल गांधी की भारत न्याय यात्रा जब मध्यप्रदेश में आई, तो वे उसमें शामिल होने नहीं गए। इस दौरान भी उनकी नाराजगी दूर करने कोई वरिष्ठ नेता उनसे मिलने और बात करने तक नहीं गया। इसके अलावा विधानसभा चुनाव के दौरान उनके समर्थकों को नजरअंदाज किया गया। इससे भी वे नाराज चल रहे थे। जबकि 2023 में विधानसभा चुनाव हारने के बाद कांग्रेस नेता संजय शुक्ला दवाब में थे। हाल ही में जिला प्रशासन ने शुक्ला के खिलाफ पुराने मामले में अवैध खनन को लेकर 140 करोड़ रुपये की रिकवरी की फाइल बनाई थी। हालांकि इसका नोटिस जारी हुआ या नहीं ये अभी साफ नहीं है। इसके बाद से ही संजय शुक्ला परेशानी बढ़ गई थी।

धार क्षेत्र से आने गजेंद्र सिंह राजूखेड़ी का पार्टी छोड़ना कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा सकता है। धार जिले की 8 विधानसभा में छह पर कांग्रेस काबिज है। लोकसभा चुनाव के लिहाज से यह सीट बहुत ही महत्वपूर्ण है। भाजपा इन क्षेत्रों में अंदरुनी कलह से परेशान है। ऐसे में भाजपा गजेंद्र सिंह राजूखेड़ी को अपना उम्मीदवार बना सकती है। आदिवासी नेता राज खूड़ी दो बार इसी सीट से सांसद रह चुके हैं। वे पहली बार 1990 में भाजपा के टिकट पर ही विधायक बने थे। उन्होंने कांग्रेस के कद्दावर नेता शिव भानु सिंह सोलंकी को हराया था। इंदौर से संजय शुक्ला और विशाल पटेल जैसे युवा नेताओं के पार्टी छोड़ने से इंदौर में कांग्रेस खत्म सी हो जाएगी। क्योंकि ये दोनों नेताओं को कांग्रेस के भविष्य के तौर पर देखा जा रहा था। दोनों पूर्व विधायक हर तरह से समृद्ध थे। इनमें संजय शुक्ला ने तो अपने विधायक कार्यकाल में पूरे पांच साल अपने क्षेत्रों के लोगों को कई बार धार्मिक यात्राएं भी करवाई है।

शुक्ला पर था 140 करोड़ की रिकवरी का दबाव

इंदौर एक के पूर्व विधायक संजय शुक्ला इंदौर कांग्रेस के सबसे रईस पूर्व विधायक हैं। शुक्ला के पास 200 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति है। 2023 में विधानसभा चुनाव हारने के बाद जिला प्रशासन ने शुक्ला के खिलाफ पुराने मामले में अवैध खनन को लेकर 140 करोड़ रुपये की रिकवरी की फाइल बनाई थी। हालांकि इसका नोटिस जारी हुआ या नहीं ये अभी साफ नहीं है। लेकिन इसके बाद से ही संजय शुक्ला दबाव में थे। इधर, देपालपुर से कांग्रेस के विधायक रहे विशाल पटेल भी भीतरघात से परेशान थे।

कांग्रेस की राजनीति के संत हैं पचौरी

कांग्रेस नेता सुरेश पचौरी ने 1972 में एक युवा कांग्रेस कार्यकर्ता के रूप में अपना राजनीतिक जीवन शुरू किया और 1984 में राज्य युवा कांग्रेस अध्यक्ष बने। वह 1984 में राज्यसभा के लिए चुने गए और 1990, 1996 और 2002 में फिर से चुने गए। एक केंद्रीय राज्य मंत्री के रूप में उन्होंने रक्षा, कार्मिक, सार्वजनिक शिकायत और पेंशन, और संसदीय मामले और पार्टी के जमीनी स्तर के संगठन कांग्रेस सेवा दल के अध्यक्ष भी रहे। पचौरी ने अपने राजनीतिक करियर में केवल दो बार चुनाव लड़ा। साल 1999 में, उन्होंने भोपाल लोकसभा सीट से भाजपा की उमा भारती को चुनौती दी और 1.6 लाख से ज्यादा वोटों से हार गए। इसके अलावा उन्होंने 2013 के विधानसभा चुनाव में भोजपुर से शिवराज सिंह चौहान सरकार में मंत्री और दिवंगत सीएम सुंदरलाल पटवा के भतीजे सुरेंद्र पटवा के खिलाफ चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए।

मध्यप्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि भाजपा में पूर्व सीएम कैलाश जोशी को राजनीति का संत कहा जाता था। कांग्रेस की राजनीति में यह पदवी सुरेश पचौरी को मिली है। ऐसे व्यक्ति का कांग्रेस में स्थान नहीं है, इसलिए उनको लगा कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जाकर कुछ काम करने की जरूरत है। आज वह भाजपा में शामिल हो रहे हैं। भाजपा में शामिल होने के बाद सुरेश पचौरी ने कहा, भगवान श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन रहा, तो कांग्रेस ने अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल कर इसे ठुकरा दिया। मुझे आघात पहुंचा। कांग्रेस को निमंत्रण पत्र अस्वीकार करने की आवश्यकता नहीं थी।

पचौरी ने कहा कि, मैं स्वामी शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती जी का शिष्य हूं। तत्कालीन पीएम राजीव गांधी ने भेजा कि शंकराचार्य जी से पूछकर आओ की क्या करना है? उन्होंने कहा कि अयोध्या में शिलान्यास हो और मंदिर बने। सितंबर 1999 में राजीव गांधी ने जवाब दिया कि तदनुसार काम हो। फिर हम तत्कालीन गृह मंत्री के साथ गए और वहां शिलान्यास किया। वहां अशोक सिंघल जी भी थे। फिर अब निमंत्रण पत्र अस्वीकार करने की आवश्यकता कहां से पड़ गई। राम मंदिर का ताला खोलना, शिलान्यास होना किस कार्यकाल में हुआ ये बोला जा सकता था।




MP News : कांग्रेस को बड़ा झटका! पूर्व केंद्रीय मंत्री और सीनियर नेता सुरेश पचौरी थाम सकते हैं बीजेपी का दामन

भोपाल: मध्य प्रदेश कांग्रेस को बड़ा झटका लग सकता है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता सुरेश पचौरी बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। सूत्रों के हवाले से ये खबर सामने आई है कि सुरेश पचौरी अपने समर्थकों के साथ बीजेपी में शामिल होंगे।

बता दें कि उन्होंने राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा से दूरी बनाई हुई है। मध्य प्रदेश में भी भारत जोड़ो न्याय यात्रा में वह नहीं दिखे थे। कहा जा रहा है कि सुरेश कांग्रेस नेतृत्व से नाराज चल रहे हैं। 

कौन हैं सुरेश पचौरी?

सुरेश पचौरी 4 बार के सांसद रहे हैं। वह कांग्रेस की सरकार में केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत साल 1972 में युवा कांग्रेस कार्यकर्ता के रूप में की थी। फिर वह 1984 में राज्य युवा कांग्रेस अध्यक्ष बने। 1984 में ही सुरेश पचौरी को राज्यसभा के लिए चुना गया। इसके बाद साल 1990, 1996 और 2002 में वे सांसद बने।

सुरेश पचौरी दो बार चुनावी मैदान में उतरे। 1999 में उन्होंने भोपाल सीट से उमा भारती के खिलाफ चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए।  साल 2013 में वह सुरेंद्र पटवा के खिलाफ चुनाव लड़े लेकिन उन्हें हार मिली। उन्हें कांग्रेस का सीनियर नेता माना जाता है। उन्हें कांग्रेस संगठन का काफी अनुभव है।




Mp News : डॉ. मोहन कल अयोध्या में करेंगे रामलला के दर्शन, रवाना होने से पहले कैबिनेट की बैठक

MP News: Members of Dr. Mohan's cabinet will visit Ramlala tomorrow in Ayodhya, cabinet meeting before leaving

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव।

डॉ. मोहन यादव आज अपनी कैबिनेट के साथ सपत्नीक अयोध्या भगवान श्रीराम के दर्शन करने अयोध्या जाएंगे। रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उत्तर प्रदेश से लौटने के बाद भोपाल में मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि सोमवार को कैबिनेट की बैठक के बाद मध्यप्रदेश मंत्रिमंडल के सभी सदस्य सपत्नीक अयोध्या धाम भगवान श्रीराम के दर्शन करने जाएंगे। खराब कालखंड के बाद आज भगवान श्री राम का अद्भुत मंदिर मां सरयू नदी के किनारे जगमगा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्री राम और भगवान श्री कृष्ण के जन्म स्थान और बाबा विश्वनाथ के पवित्रधाम से आनंद से सराबोर होकर लौटा हूं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फरवरी माह में अयोध्या में अधिक भीड़ होने और अन्य व्यस्तताओं के कारण मध्यप्रदेश मंत्रि-मंडल के सदस्यों ने मार्च माह में अयोध्या में भगवान श्री राम के दर्शन करने जाने का निर्णय लिया था। यह हमारी भगवान श्री राम के प्रति श्रद्धा है, हम सनातन संस्कृति को मानने वाले भी हैं। हमारी आस्था का केंद्र आज जब सबकी श्रद्धा के रूप में उभरकर सामने आया है, तो स्वाभाविक रूप से सबकी भावना भी जुड़ गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 22 फरवरी, 2024 को अयोध्या में भगवान श्री राम की प्राण-प्रतिष्ठा हुई, यह सभी देशवासियों के लिए सौभाग्य की बात है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य महत्वपूर्ण हस्तियों की उपस्थिति में अयोध्या में भगवान श्रीराम की प्राण-प्रतिष्ठा हुई। मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों से अपनी सुविधानुसार अयोध्या में भगवान श्री राम के दर्शन करने अवश्य जाने का आव्हान किया।