Bhopal News: एक मशहूर यूट्यूबर पर 500 रुपये की सुपारी देकर जानलेवा हमला किया

Bhopal News: A deadly attack was carried out on a famous YouTuber by giving a betel nut worth Rs. 50 thousand,

भोपाल में गिरफ्तार तीनों आरोपी

भोपाल के अरेरा हिल्स थाना क्षेत्र स्थित रोशनपुरा के पास सरेराह यू-ट्यूबर पर जानलेवा हमला करने के मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों ने हमले के लिए एक व्यक्ति को 50 हजार की सुपारी दी थी। एक आरोपी को यू-ट्यूबर द्वारा बदनाम किया जा रहा था, जिसके कारण हमले की योजना बनाई गई थी। सुपारी लेने और हमला करने वाले तीनों अभी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। पुलिस के मुताबिक बरखेड़ी जहांगीराबाद निवासी भूपेंद्र जोगी फेमस यू-ट्यूबर हैं। उनकी न्यू मार्केट में रेडीमेड कपड़े की दुकान है। बीती सात मई की रात करीब साढ़े नौ बजे वह दुकान बंद कर स्कूटर से घर के लिए रवाना हुए थे। रोशनपुरा के आगे बापू की कुटिया के पास पहुंचे, तभी स्कूटर सवार दो बदमाशों ने उन पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया था। चाकू उनकी पीठ के पास और हाथ पर लगा था। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी ने आरोपियों की गिरफ्तारी पर दस हजार का इनाम घोषित किया था।

सीसीटीवी कैमरे से मिला सुराग

स्कूटर सवार आरोपियों की तलाश में पुलिस ने आसपास के इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज चैक किए। इस दौरान घटना से कुछ देर पहले न्यू मार्केट स्थित भोपाल को आपरेटिव बैंक के पास तीन-चार लड़के दिखाई दिए, जिनके इशारे पर भूपेंद्र पर हमला किया गया था। पुलिस ने संदेहियों की पहचान के बाद आरोपी दीपांश योगी, शैलेंद्र योगी और सुमित जोगी को हिरासत में लिया तो उन्होंने पचास हजार रुपये की सुुपारी देकर हमला करवाने की बात स्वीकार कर ली।

बदनाम करने से नाराज होकर करवाया हमला

पुलिस पूछताछ में पता चला कि एक आरोपी के साथ करीब आठ साल पहले भूपेंद्र का विवाद हुआ था। पिछले कुछ दिनों से भूपेंद्र उक्त आरोपी के खिलाफ अफवाह फैलाकर उसे बदनाम कर रहा था। भूपेंद्र को सबक सिखाने के लिए तीनों आरोपियों ने एक युवक को पचास हजार रुपये की सुपारी दी। उस युवक अपने दो साथियों से भूपेंद्र पर हमला करवाया था। पुलिस फरार तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।




Bhopal News: मनी एक्सचेंजर के घर से पैसों से भरा बैग गायब, थाना प्रभारी निलंबित

Bhopal News: Bags full of money missing from money exchanger's house, police station in-charge suspended, many

मनी एक्सचेंज करने वाले के घर से रूपए गायब करने में पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई

भोपाल में मनी एक्सचेंज का काम करने वाले  कैलाश खत्री के घर पुलिस की जांच के दौरान मौके से पुलिसकर्मियों और रुपयों से भरे बैग गायब होने के मामले से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले का खुलासा होने के बाद डीसीपी जोन-1 ने अशोका गार्डन थाना प्रभारी को निलंबित कर दिया। मामले में एक पुलिसकर्मी भी शक के घेरे में हैं।

हबीबगंज एसीसीपी आईपीएस मयूर खंडेलवाल ने बताया कि अशोका गार्डन थाना प्रभारी वंदना लकड़ा को निलंबित कर दिया गया है। मामले में और भी पुलिसकर्मियों की लापरवाही या संदिग्ध भूमिका पाए जाने पर निलंबित किया जाएगा। खंडेलवाल ने बताया कि खत्री के घर के जिस कमरे में रुपये रखे थे उस पर ताला लगा कर पुलिसकर्मी मौके से हट गए थे। इसके बाद पैसों से भरे कुछ बैगों के इधर-उधर करने की सूचना के बाद थाना प्रभारी को निलंबित किया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार कैलाश खत्री के घर से रुपयों से भरे तीन बैग ले जाते हुए लोग इससे संबंधित एक वीडियो में दिख रहे हैं। आरोप लगाया जा रहा है कि सादी वर्दी में पुलिसकर्मी नोटों से भरे बैग ले गए हैं। इसी आरोप के बाद टीआई को सस्पेंड किया गया है।

कई पुलिसकर्मी घेरे में 

प्रधान आरक्षक मेघ खत्री, आरक्षक राहुल राणा, आरक्षक देवेंद्र गुर्जर, आरक्षक महेंद्र जाट, आरक्षक अविनाश भी कार्रवाई के दौरान खत्री के निवास पर थे। इन सभी की भूमिका की वरिष्ठ अधिकारी पड़ताल कर रहे हैं। इन्हें भी निलंबित किया जा सकता है। बताया जाता है कि कैलाश खत्री के मकान के पास सीसीटीवी कैमरे लगे थे, उसी कैमरे में पुलिसकर्मी सादी वर्दी में नोटों से भरा बैग ले जाते हुए दिख रहे हैं। सीसीटीवी और मोबाइल से मिली रिकॉर्डिंग के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।




Bhopal News: अधेड़ उम्र के व्यक्ति ने अपनी कार पार्क करने के बाद जहर पीकर आत्महत्या कर ली, शराब कंपनी को जिम्मेदार ठहराया

Bhopal News: Middle-aged man commits suicide by drinking poison after parking his car, blames liquor company o

कार में मिली लाश

एक अधेड़ व्यक्ति ने राजधानी के टीटी नगर क्षेत्र के आनंद विहार स्कूल के पीछे शिवनगर इलाके में खड़ी कार से एक अधेड़ व्यक्ति की लाश बरामद हुई है। उसने जहर पीकर खुदकुशी की थी। इस मामले में मृतक का एक वीडियो भी वायरल हुआ है जो उसने घर से निकलने व खुदकुशी करने के पहले बनाया था। इस वीडियो में उसने एक बड़ी शराब कंपनी के संचालकों पर आरोप लगाया है कि उन्होंने लाखों रुपये डकार लिए हैं।

टीटी नगर पुलिस को शुक्रवार की शाम सूचना मिली थी कि आनंद विहार स्कूल के पीछे एक सफेद रंग की कार बहुत देर से खड़ी हुई है। कार में पीछे की सीट पर एक व्यक्ति लेटा हुआ है, जो कि बिल्कुल भी हिल नहीं रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस स्टॉफ के साथ ही एसीपी टीटी नगर चंद्रशेखर पांडे भी मौके पर पहुंच गए थे। पुलिस ने फिलहाल अज्ञात व्यक्ति की मौत का मर्ग कायम किया है।

सीएसपी ने बताया कि मौके से एक सुसाइड नोट मिला है जिसमें उसने अपने परिवार के बारे में कुछ लिखा है। इधर, देर शाम सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें अधेड़ व्यक्ति ने अपना नाम रातीबड़ निवासी राधेश्याम सेन बताया। वीडियो में आरोप लगाया गया कि वर्ष 2003 में पार्टनरशिप हो जाने के बाद भी शराब कंपनी के संचालकों ने पैसे का भुगतान नहीं किया। दो साल पहले उन्हें पंद्रह लाख रुपये देकर चुप करा दिया गया। वीडियों में अधेड़ ने अपने बच्चों को कर्जमुक्त कराने की बात भी कही।




Bhopal News: लूट की कहानी निकली फर्जी, ईंटखेड़ी पुलिस ने 8 घंटे के अंदर 80 हजार रुपए की लूट का किया खुलासा

क्राइम

भोपाल के ईंटखेड़ी इलाके में बुधवार रात चाकू मारकर डंपर चालक के साथ हुई 80 हजार की लूट का पुलिस ने 8 घंटे के भीतर ही खुलासा कर दिया। जांच के दौरान पता चला कि चाकू मारने वाले अज्ञात युवक को सबक सिखाने के लिए फरियादी ने लूट की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अब पुलिस इस मामले में झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने वाले युवक के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रही है। वहीं चाकू मारने वाले आरोपी पर भी केस दर्ज किया जाएगा।

पुलिस के मुताबिक पीपल चौराहा करोंद कला निशातपुरा निवासी नरेंद्र मीणा (33) रेत और गिट्टी का डंपर चलाता है। बुधवार की रात करीब साढ़े आठ बजे वह अपने पांच अन्य साथियों के साथ लांबाखेड़ा ब्रिज के पास साहूजी की बिल्डिंग के पास खड़े होकर दिनभर में हुए कलेक्शन की रकम गिन रहा था। इसी बीच काले रंग की स्कूटर और दो अन्य मोटर सायकिलों पर कुछ छह लड़के आए। स्कूटर सवार दोनों लड़के उसके पास पहुंचे और चाकू मारकर 80 हजार रुपये लूटकर भाग निकले। घटना के दौरान मौके पर मौजूद उसके सभी साथी डर के कारण वहां से भाग निकले। आरोपियों के जाने के बाद साथियों ने उसे इलाज के लिए निजी अस्पताल पहुंचाया। बाद में उसने देर रात थाने जाकर लूटपाट की रिपोर्ट दर्ज कराई।

आठ घंटे में हुआ फर्जी लूट की कहानी का खुलासा

थाना प्रभारी दुर्जन सिंह बरकड़े ने बताया कि फरियादी द्वारा बताई गई कहानी शुरू से ही पुलिस के गले नहीं उतर रही थी। मौके पर मौजूद किसी भी साथी द्वारा लूटपाट का विरोध नहीं करना, पुलिस को तत्काल सूचना नहीं देने समेत कई प्रकार के संदेह थे। इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज देखने और फरियादी तथा उसके साथियों से अलग-अलग हुई पूछताछ में लूट की फर्जी कहानी का खुलासा हो गया। जांच के दौरान पता चला कि स्कूटर सवार दो युवकों का एक्सीडेंट की बात को लेकर बाइक सवार युवकों के साथ विवाद हो गया था। फरियादी नरेंद्र मीणा बीच-बचाव करने पहुंचा तो स्कूटर सवार युवक ने उसके हाथ पर चाकू से हमला कर दिया। हमलावर को सबक सिखाने के लिए उसने लूट की कहानी पुलिस को बताई थी। अब पुलिस फरियादी के खिलाफ झूटी रिपोर्ट कराने का केस दर्ज करेगी




Bhopal News:RKS कर्मचारियों के वेतन में विसंगति, कुछ जिलों में 5500 तो कुछ में 12500 रुपए

Discrepancy in the salaries of RKS employees, in some districts it is Rs 5,500 and in some it is Rs 12,500.

प्रदेश के कई जिलों में अभी भी इन स्वास्थ्य कर्मियों को 5500 रुपये ही दिया जा रहा है।
– फोटो : सोशल मीडिया

मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग के रोगी कल्याण समिति के मार्फत काम करने वाले कर्मचारियों के साथ बड़ा भेदभाव सामने आया है। प्रदेश के कुछ जिलों में इन कर्मचारियों को 12796 तो कुछ जिलों में महज 5500 दिया जा रहा है। जबकि इसके लिए 2019 में विभाग से आदेश जारी किया गया था।

गौरतलब है कि सन 2019 में करीब 2500 स्वास्थ्य कर्मचारियों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) से हटाकर रोगी कल्याण समिति में शामिल किया गया था। और एनएचएम द्वारा आदेश जारी किया गया था कि इन कर्मचारियों को शासन द्वारा निर्धारित अर्ध कुशल श्रमिक दर से मानदेय दिया जाए, लेकिन करीब पांच वर्ष का समय बीत गया है। प्रदेश के कई जिलों में अभी भी इन स्वास्थ्य कर्मियों को 5500 रुपये ही दिया जा रहा है। जबकि इसके लिए कर्मचारियों ने लगातार आला अधिकारियों के पास गुहार लगा रहे हैं।

जानकारी के लिए बता दें कि भिंड, श्योपुर, सागर, डिंडोरी, नरसिंहपुर ऐसे कई जिले हैं जिनमे 2019 के शासन द्वारा निर्धारित अर्ध कुशल श्रमिक दर से भुगतान न करते हुए मात्रा 5500 रुपये दिए जा रहे हैं, जबकि भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर सहित करीब प्रदेश के आधे जिलों में अर्ध कुशल श्रमिक दर से भुगतान किया जा रहा है।

2019 से भी कम मिल रहा है कर्मचारियों को वेतन

अधिकारियों की दोहरी नीति के चलते रोगी कल्याण समिति के अंतर्गत काम करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों पर गहरी मार पड़ रही है। खास बात यह है कि उन्हें 2019 में जो वेतन मिलता था, उससे भी कम वेतन दिया जा रहा है। जब वह एनएचएम के अधीन काम करते थे तो उन्हें 7125 मानदेय दिया जाता था, अब उन्हें महज 5500 रुपए दिया जा रहा है। जिससे उनका घर चलना मुश्किल हो रहा है।

मांगे नहीं मानीं तो चुनाव बाद होगा प्रदर्शन

एनएचएम संविदा आउट सोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी संघ मध्य प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष कोमल सिंह ने कहा है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अधीन गत कई वर्षों तक सेवाएं दे चुके सपोर्ट स्टाफ कर्मचारियों को विभाग के अधिकारियों की दोहरी नीति के कारण आधे से भी कम वेतन दिया जा रहा है।

13 अगस्त 2019 के आदेश का पालन कई जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक द्वारा आदेश का पालन नहीं किया गया। संघ इसको लेकर चुनाव बाद प्रदेश भर में प्रदर्शन करेगा। वरिष्ठ अधिकारियों की उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित कराई जाए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक द्वारा 2019 से आज दिनांक तक आदेश का परिपालन क्यों नहीं किया गया इसकी जांच हो।

बजट कम होने का दिया हवाला

सागर जिला के जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. ममता तिमोरिया ने बताया कि रोगी कल्याण समिति के अंतर्गत काम करने वाले कर्मचारी बीएमओ के अंतर्गत आते हैं उनके लिए बजट भी बीएमओ के पास आता है। इसके लिए हमने बीएमओ को कई बार लेटर भी लिखा है, लेकिन उनका तर्क है कि बजट काम आता है। इस वजह से सैलरी में बढ़ोतरी नहीं की गई है।




Bhopal News: युवती को होटल में बुलाकर युवक ने उसके साथ की हैवानियत

Bhopal News: After calling the girl to the hotel, the young man brutalized her, when she protested against the

दुष्कर्म।

राजधानी के हबीबगंज स्थित एक होटल में अनाथ युवती के साथ युवक द्वारा हैवानियत करने की घटना सामने आई है। आरोपी ने युवती को मिलने के लिए बुलाया और होटल ले जाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। युवती ने जब इसका विरोध किया तो आरोपी ने उसके शरीर को दांतों का काटा और नाखूनों से भी नोंचा। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और मारपीट के तहत केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट के आदेश पर बाद में उसे जेल भेज दिया गया।

पुलिस के मुताबिक 20 वर्षीय अनाथ युवती एक होस्टल में रहती है और शॉपिंग मॉल स्थित एक दुकान पर काम करती है। कुछ महीने पहले एक सहेली के माध्यम से उसकी पहचान आकाश ठाकुर नामक युवक से हुई थी। बाद में दोनों के बीच दोस्ती हो गई। 30 अप्रैल की रात आकाश ने युवती को मिलने के लिए हबीबगंज बुलाया। युवती मिलने गई तो वह उसे एक होटल लेकर पहुंचा। यहां आकाश ने युवती के साथ शारीरिक संबंध बनाने का प्रयास किया तो उसने इसका विरोध किया। इस पर आकाश ने उसके साथ जमकर मारपीट की और शरीर को दांतों से काट लिया। कई स्थानों पर नाखूनों से भी नोंचा। असहाय युवती के साथ आकाश ने होटल में दुष्कर्म किया। युवती जब बेसुध होने लगी तो उसने उसे होटल के बाहर लाकर छोड़ दिया। सुबह डरी-सहमी युवती अपने होस्टल पहुंची, लेकिन किसी को कुछ नहीं बताया।

वार्डन ने युवती की हालत देख संचालिका को दी जानकारी

गुरुवार सुबह वार्डन की नजर युवती पर पड़ी तो उसके चेहरे और हाथों पर चोट के निशान दिखाई दिए। वार्डन के पूछने पर युवती ने अपने साथ हुई घटना की जानकारी दी, लेकिन शिकायत करने के लिए तैयार नहीं हुई। वार्डन ने यह बात होस्टल संचालिका को बताई तो उन्होंने उसे गौरवी संस्था लेकर जाने का बोला। गौरवी में युवती की काउंसिलिंग कराई गई तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। गुरुवार रात पीड़िता ने हबीबगंज थाने जाकर आकाश ठाकुर के खिलाफ केस दर्ज करवाया। पुलिस ने शुक्रवार को आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। आरोपी भी किसी होटल में काम करता है।




Mp News: भोपाल में एक कार बोनट में फंसे कांस्टेबल को लेकर 500 मीटर तक भागी

MP News: In Bhopal, a car ran for 500 meters with a constable stuck in the bonnet of the car, and also hit a b

कार के बोनट में फंसे आरक्षक को लेकर 500 मीटर तक दौड़ाई कार

राजधानी के पिपलानी पेट्रोल पंप चौराहे पर शुक्रवार शाम रेड सिग्नल जंप कर निकलने का प्रयास कर रही काली फिल्म चढ़ी कार को सिपाही ने रोकने का प्रयास किया तो चालक ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर लगने से आरक्षक कार के बोनट पर चढ़ गया तो चालक ने करीब 500 मीटर तक कार दौड़ा दी। साथी पुलिस वाले और राहगीरों ने पीछा कर कार रोकी, लेकिन इसके पहले वह एक बुजुर्ग बाइक सवार को भी टक्कर मार चुका था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास और शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने की धाराओं के तहत केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

पिपलानी पुलिस के मुताबिक लोकसभा चुनाव के चलते आचार संहिता का पालन करवाने के लिए सड़क पर वाहनों की चैकिंग की जा रही है। पिपलानी पेट्रोल पंप चौराहे पर ट्रैफिक के एएसआई और दो सिपाही भी रोजाना चैकिंग करते हैं। शाम के समय इस चौराहे पर वाहनों की संख्या बहुत ज्यादा बढ़ जाती है, इसलिए पुलिस ट्रैफिक व्यवस्था संभालती है। शुक्रवार की शाम करीब सवा छह बजे काले रंग की एक कार, जिसमें काली फिल्म चढ़ी हुई थी, वह पिपलानी से रत्नागिरी की तरफ जा रही थी। पुलिस की टीम को देखकर चालक ने रेड सिग्नल में चौराहे को पार करने का प्रयास किया तो ड्यूटी पर तैनात आरक्षक राहुल जायसवाल ने उसे रोकना चाहा। चालक ने कार रोकने के बजाए राहुल को टक्कर मार दी, जिससे वह उछलकर उसी कार के बोनट पर जाकर गिरा। इसके बावजूद चालक ने कार रोकने के बजाए उसे रत्नागिरी तिराहे की तरफ दौड़ना शुरू कर दिया।

पुलिस और राहगीरों ने पीछा कर रोकी कार

बोनट पर फंसा सिपाही चालक को कार रोकने के लिए आवाज लगाता रहा। इधर, चौराहे पर तैनात दूसरे पुलिस कर्मचारियों ने बाइक से उसका पीछा करना शुरू किया। राहुल के शोर मचाने पर राहगीरों ने भी कार रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक ने कार नहीं रोकी। बाइक पर सवार एक बुजुर्ग राहगीर ने उसे रोकने का प्रयास किया तो कार चालक ने बाइक को टक्कर मार दी, जिससे बुजुर्ग गिरकर घायल हो गए। पीछा कर रहे पुलिस कर्मचारियों के शोर मचाने पर करीब 500 मीटर दूर चालक ने कार रोकी तो पुलिस ने आरोपी चालक को हिरासत में ले लिया।

कार जब्त, आरोपी गिरफ्तार

पिपलानी पुलिस ने घायल सिपाही की रिपोर्ट पर आरोपी कार चालक के खिलाफ हत्या का प्रयास और शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी का नाम सुजय सिंह (29) निवासी लवकुश नगर अवधपुरी बताया गया है। वह एक निजी कंपनी में मार्केटिंग का काम करता है। आरोपी की अल्ट्रोज कार जब्त कर ली गई है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अपने दोस्त के साथ कार से किसी काम से निकला था। कार में काली फिल्म चढ़ी होने के कारण वह पुलिस को देख घबरा गया था। उसे लगा कि पुलिस पकड़ लेगी, इसलिए रेड सिग्नल में निकले का प्रयास कर रहा था।




Loksabha Election 2024: मोदी फिर बने पीएम, मिर्ची बाबा हिमालय में कर रहे हैं विशेष अनुष्ठान

Loksabha Election 2024: Modi becomes PM again, Mirchi Baba is performing special rituals in the Himalayas

हिमालय में मोदी के लिए यज्ञ कर रहे मिर्ची बाबा
– फोटो : सोशल मीडिया

नरेंद्र मोदी को पुनः प्रधानमंत्री बनाने के लिए मिर्ची बाबा इन दिनों हिमालय की धरती पर विशेष अनुष्ठान कर रहे हैं। मां भगवती कामाख्या के प्रसिद्ध उपासक श्रीश्री 1008 महामंडलेश्वर स्वामी वैराग्यानंद गिरि महाराज सात दिवसीय विशेष अनुष्ठान उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में कर रहे हैं। मिर्ची बाबा का यह विशेष अनुष्ठान भारतीय सनातन धर्म की बुनियाद को बचाए रखने, भारत को अखंड हिंदू राष्ट्र बनाने, भगवान श्री कृष्ण का मथुरा में भव्य मंदिर बनाने के लिए किया जा रहा है।

कभी कांग्रेस की विचारधार में विश्वास रखने वाले महामंडलेश्वर का मानना है कि इन्हीं सभी कार्यों और परंपराओं को देखते हुए सम्पूर्ण राष्ट्र को अभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बहुत जरूरत है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस धर्म विरोधी है, सनातन विरोधी है, संत विरोधी है और गऊ विरोधी है। गिरि महराज ने नरेंद्र मोदी को एक बार फिर भारत का प्रधानमंत्री बनने के लिए मां भगवती कामाख्या का विशेष गोपनीय अनुष्ठान किया। सूत्रों के माध्यम से उक्त अनुष्ठान के वीडियो हाथ सामने आए हैं। उक्त विशेष अनुष्ठान के संबंध में महराज ने बताया कि एक बार फिर इस देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही बनेंगे। उन्होंने यह दावा भी किया है कि इस बार 300 से ऊपर गारंटीड सीटें भाजपा को मिलेंगी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए किए जा रहे विशेष अनुष्ठान में अनेक प्रकार की औषधियां, अनेकों प्रकार की सामग्रियां डाली जा रही हैं। यह मां कामाख्या का गोपनीय अनुष्ठान है।

वैराग्यानंद गिरी महराज ने देशवासियों से मतदान की अपील करते हुए कहा है कि आप अपना वोट डालने जरूर जाएं। सभी भारतवासी अपना वोट वहां डालें, जो सनातन की रक्षा कर सके, देश की रक्षा कर सके, संविधान की रक्षा कर सके, धर्म की रक्षा कर सके, संतों की भी रक्षा कर सके और मंदिरों की भी अनिवार्य सुरक्षा कर सके। गौरतलब है कि महामंडलेश्वर स्वामी वैराग्यानंद गिरी महराज का ह्रदय परिवर्तन तब हुआ, जब कांग्रेस ने श्रीराम का निमंत्रण ठुकरा दिया।




नेता जेल से चुनाव लड़ सकते हैं, लेकिन देश की जेलों में बंद 5.50 लाख कैदी वोट नहीं दे सकते


मप्र लोकसभा चुनाव।

वह देश के ही नागरिक हैं, देश की आबादी की गिनती में भी उनका नाम शुमार होता है। उनके परिवार यहां लागू होने वाले सभी करों का भुगतान भी करते हैं, लेकिन इस लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए जरूरी मतदान में इनकी भागीदारी नहीं है। यह साढ़े पांच लाख से ज्यादा ज्यादा की संख्या उन लोगों की है, जो देश की 1300 से ज्यादा जेलों में बंद हैं। इन साढ़े पांच लाख में से करीब 10 फीसदी हिस्सा ऐसा है, जिनके दोष सिद्ध हो चुके हैं और उन्हें इस जुर्म की सजा दी गई है। लेकिन, बाकी के 90 प्रतिशत किसी फैसले के इंतजार में होते हुए भी देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था से अलग थलग कर दिए गए हैं।

जानकारी के मुताबिक देश में कुल 1306 जेलें हैं। जिनमें 145 केंद्रीय जेल, 413 जिला जेल और 565 उप जेल हैं। इसके अलावा 88 खुली जेल, 44 विशेष जेल, 29 महिला जेल और 19 बोसर्टल स्कूल के अलावा 3 अन्य जेल भी यहां मौजूद हैं। देश की इन जेलों में करीब 5 लाख 54 हजार लोग बंद हैं। इनमें से करीब 4 लाख 27 हजार लोग ऐसे हैं, जिन पर कोई दोष सिद्ध नहीं हुआ है और फिलहाल इनका ट्रायल ही चल रहा है।

प्रदेश में ओवरलोड

जानकारी के मुताबिक मध्य प्रदेश में करीब 123 जेल हैं। जिनकी क्षमता 27 हजार 677 है। लेकिन, यहां इस कैपिसिटी से अधिक 37 हजार से ज्यादा बंदी मौजूद हैं।

अंग्रेजों के जमाने का कानून

जेल में बंद कैदियों को मताधिकार से वंचित करने का प्रमाण अंग्रेजी जब्ती अधिनियम 1870 में मिलता है। उस दौरान देशद्रोह या गुंडागर्दी के दोषी व्यक्तियों को मताधिकार से अयोग्य ठहरा दिया जाता था और उन्हें वोट देने से वंचित कर दिया जाता था। यही नियम गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट 1935 में भी लागू रहा। इसके तहत खास सजा काट रहे लोगों को वोट देने से रोक दिया गया था। हालांकि, जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 में किसी व्यक्ति से मताधिकार का अधिकार तब वापस ले लिया जाता है, जब वह आरोपित, दोषी हो या जेल में हो। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 62 वोट देने का अधिकार देती है।

इसकी धारा 62(5) के तहत कुछ लोगों को अयोग्य ठहराया गया है। इसमें कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति किसी भी चुनाव में मतदान नहीं करेगा, यदि वह जेल में बंद है, चाहे वह सजा के तहत कारावास में बंद है या परिवहन या अन्यथा, अथवा पुलिस की वैध हिरासत में है। हालांकि, इसकी उपधारा के तहत यह कुछ व्यक्ति पर लागू नहीं होगा यदि वह कुछ समय के लिए प्रिवेंटिव कस्टडी में है। संविधान के अनुच्छेद 326 में मताधिकार की अयोग्यता के लिए कुछ आधार मौजूद हैं। ये अयोग्यताएं मानसिक अस्वस्थता, गैर-निवास और अपराध/भ्रष्ट/अवैध आचरण से संबंधित हैं। प्रवीण कुमार चौधरी बनाम भारत निर्वाचन आयोग [डब्ल्यू.पी. (सी) 2336/2019], मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय ने फिर से पुष्टि की कि कैदियों को वोट देने का अधिकार नहीं है।

जेल से चुनाव लड़ सकते हैं

भारत में जेल में रहते हुए चुनाव लड़ने की परंपरा बहुत पुरानी है। कहा जाता है कि इसकी शुरुआत पूर्वांचल के गैंगस्टर हरिशंकर तिवारी ने सबसे पहले जेल में रहते हुए चुनाव जीता था। इसके बाद बाहुबलियों और गैंगस्टरों में यह तरीका तेजी से प्रसिद्ध हुआ और जेल में रहते हुए कई गैंगस्टर और बाहुबली चुनाव जीते। इनमें मुख्तार अंसारी, अमरमणि त्रिपाठी दर्जनों प्रमुख नाम हैं। ये प्रक्रिया आज भी जारी है। चुनाव की प्रक्रिया में जेल में बंद कैदियों को वोट देने का अधिकार नहीं होता है, लेकिन वे चुनाव लड़ लेते हैं। हालांकि, इसके लिए महत्वपूर्ण है कि कैदी विचाराधीन होना चाहिए। चुनाव लड़ने वाले व्यक्ति को पीठासीन अधिकारी के सामने नामांकन पत्र देना होता है। ऐसी स्थिति में सवाल उठेगा कि जेल में बंद कैदी पीठासीन अधिकारी के समक्ष कैसे हाजिर होगा।

गिरते मत प्रतिशत को सहेजने में मददगार

लोकसभा चुनाव के अब तक हुए दो चरणों में प्रदेश समेत देशभर में मतदान प्रतिशत पिछले चुनाव की तुलना में कम रहा है। इसको सहेजने के लिए जहां सियासी प्रयास तेज हैं, वहीं निर्वाचन आयोग भी अपनी कोशिशों में लगा हुआ है। ऐसे में जेल में बंद विचाराधीन कैदियों को मतदान अधिकार देकर इस घटते मत प्रतिशत को सहेजा जा सकता है। बुजुर्गों, दिव्यांगों, पत्रकारों, कर्मचारियों को दिए जाने वाली अतिरिक्त सुविधाओं वाले मतदान प्रक्रिया से जेल में बंद कैदियों को भी जोड़ा जा सकता है।




Mp News: चौथे चरण के आठ लोकसभा क्षेत्रों में 74 उम्मीदवार मैदान में हैं, 16 ने अपना नाम वापस लिया


मप्र लोकसभा चुनाव।

मध्य प्रदेश लोकसभा चुनाव के चौथे चरण के लिए आठ लोकसभा क्षेत्रों के 74 प्रत्याशियों चुनाव मैदान में है। सोमवार को अंतिम दिन 16 अभ्यर्थियों ने अपने नामंकन वापस ले लिए। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन ने बताया है कि लोकसभा निर्वाचन-2024 के निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार चौथे चरण के लिये भरे गए नामांकन फॉर्म की वापसी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब 74 अभ्यर्थी अंतिम रूप से चुनाव मैदान में हैं। नाम निर्देशन पत्र वापस लेने के अंतिम दिन सोमवार को 16 अभ्यर्थियों ने अपने नाम निर्देशन पत्र वापस ले लिए।

कहां कितने प्रत्याशी

सीट प्रत्याशी- देवास (अजा) 8। उज्जैन (अजा) 9। मंदसौर 8 । रतलाम (अजजा) 12 । धार (अजजा) 7 । इंदौर 14 । खरगोन (अजजा) 5। खंडवा 11।

13 मई को मतदान

चौथे चरण के लिए सोमवार 13 मई को मतदान होगा और मतगणना 4 जून को होगी। बता दें, 29 अप्रैल को लोकसभा संसदीय क्षेत्र क्रमांक-21 देवास (अजा) में 1 अभ्यर्थी, क्रमांक-24 रतलाम (अजजा) में 1 अभ्यर्थी, क्रमांक-25 धार (अजजा) में 1 अभ्यर्थी, क्रमांक-26 इंदौर में 9 अभ्यर्थियों, क्रमांक-27 खरगोन (अजजा) में 1 अभ्यर्थी एवं लोकसभा संसदीय क्षेत्र क्र.- 28 खंडवा में 3 अभ्यर्थियों ने अपने नाम निर्देशन पत्र वापस ले लिए हैं।