Mp Weather: एक सप्ताह बाद मानसून आने की संभावना

मध्यप्रदेश का मौसम

मध्यप्रदेश में मानसून ने अभी तक दस्तक नहीं दी है। लेकिन प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्र में प्री-मानसून की बारिश का दौर जारी है, जिससे कई जिलों के तापमान में गिरावट आई है। वहीं, विंध्य क्षेत्र में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ रही है। प्रदेश के बड़े शहरों की बात करें तो राजधानी भोपाल, जबलपुर, इंदौर और ग्वालियर के तापमान में काफी गिरावट आई है। सोमवार को जहां छिंदवाड़ा के उमरेठ में बारिश हुई। वहीं, मध्यप्रदेश के विंध्य क्षेत्र के सीधी, सिंगरौली, सतना, शहडोल और रीवा सबसे ज्यादा गर्म रहे। मध्यप्रदेश में मानसून 17 से 18 जून तक पहुंचने की संभावना मौसम विभाग ने जताई है। इससे पहले प्री-मानसून की एक्टिविटी जारी रहेगी।

मौसम विभाग भोपाल के सीनियर वैज्ञानिक डॉ. वेदप्रकाश सिंह ने बताया कि एक दिन पहले मानसून मुंबई में ऑनसेट हो गया। दो दिन बाद अरब सागर और बंगाल की खाड़ी की ब्रांच कमजोर हो जाएगी, जो एक सप्ताह तक ऐसी ही बनी रहेगी। 17 और 18 जून को बंगाल की खाड़ी की ब्रांच एक्टिव होगी। इसके बाद मानसून मध्यप्रदेश में पहुंच सकता है। इससे पहले मानसून के प्रदेश में आने की उम्मीद कम  है।

इसलिए प्रदेश अलग-अलग क्षेत्र में अलग-अलग मौसम

मध्यप्रदेश के अलग-अलग क्षेत्र में अलग-अलग तरह का मौसम देखने को मिल रहा है। कुछ क्षेत्र में लगातार बारिश का दौर जारी है। तो वहीं कुछ जिलों में तेज गर्मी का दौर भी चल रहा है। मौसम वैज्ञानिक वेद प्रकाश ने बताया कि प्रदेश में अभी वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ), साइक्लोनिक सकुर्लेशन एक्टिव है। इस वजह से प्रदेश में आंधी-बारिश का दौर चल रहा है। दूसरी ओर, प्रदेश के कुछ शहरों में गर्मी का असर भी देखने को मिला।

प्रदेश के सबसे ज्यादा गर्म 10 शहर

    • सीधी- 45.2

    • सिंगरौली- 43.3

    • सतना- 43.1

    • रीवा- 42.2

    • शहडोल- 41.4

    • खजुराहो- 41.0

    • टीकमगढ़- 41.0

    • मंडला- 40.5

    • खरगोन- 40.4

    • नर्मदापुरम- 40.2

प्रदेश के बड़े शहरों का अधिकतम तापमान

आगामी 24 घंटे के लिए मौसम विभाग का अलर्ट

मौसम विभाग भोपाल ने आगामी 24 घंटे के लिए प्रदेश के मौसम का अलर्ट जारी किया है, जिसमें बताया गया है कि दक्षिण बुरहानपुर, बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी, पंढुर्ना, पेंच और अनूपपुर, अमरकंटक में मध्यम गरज के साथ बारिश-ओलावृष्टि के साथ हवा की गति 60 किमी प्रति घंटे तक रहने की संभावना है। प्रदेश के पश्चिमी क्षेत्र रायसेन, दक्षिणी भोपाल, मंदसौर, रतलाम, मंडला, डिंडोरी, बालाघाट, पूर्वी बड़वानी और नर्मदापुरम, पचमढ़ी में रात्रि के समय बिजली चमकने के साथ हल्की आंधी चलने की संभावना है।




Mp Congress: यूथ कांग्रेस की कार्रवाई शुरू, बैठक में शामिल नहीं होने वाले पदाधिकारियों को किया गया कार्यमुक्त

MP Congress Youth Congress action begins officials who did not attend the meeting were freed

यूथ कांग्रेस बैठक

लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद यूथ कांग्रेस एक्शन मूड में आ गई है। सोमवार को पीसीसी में आयोजित बैठक में नहीं पहुंचने वाले अधिकारियों को पद से मुक्त कर दिया गया है। बैठक में तय किया गया है कि युवा कांग्रेस के पदाधिकारी घर-घर जाकर सरकार की योजनाओं के बारे में पूछेंगे और पता करेंगे कौन सी योजना पूरी हुई कौन सी नहीं, इसके लिए एक कार्यक्रम भी लॉन्च किया गया है, जिसको नाम दिया गया है क्या हुआ तेरा वादा।

कार्यकारिणी की बैठक में मप्र कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी मप्र कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक, पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे, पूर्व विधायक कुणाल चौधरी, युवा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष मितेन्द्र दर्शन सिंह, युकां राष्ट्रीय सचिव शेष नारायण ओझा, युवा कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष विवेक त्रिपाठी समेत प्रदेश भर से आए युवा कांग्रेस के प्रदेश पदाधिकारी एवं जिलाध्यक्ष उपस्थित रहे। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और राष्ट्रीय अध्यक्ष बीवी श्रीनिवास वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से बैठक में उपस्थित हुए।

क्या हुआ तेरा वादा कार्यक्रम लांच

बैठक में युवा कांग्रेस ने क्या हुआ तेरा वादा नाम से एक कार्यक्रम लांच किया, जिसके तहत युवा कांग्रेस मप्र सरकार को विधानसभा चुनाव 2023 में किए हुए झूठे वादे याद दिलायेगी और उन वादों को पुरा कराने के लिए सरकार से जनता की लड़ाई लड़ने का कार्य करेंगे, जिससे जनता से वादा खिलाफी न हो।

विपरित परिस्थितियों में युवा कार्यकर्ताओं की भूमिका अहम

बैठक में जीतू पटवारी ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि विपरित परिस्थितियों में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भूमिका अहम है। सभी कार्यकर्ता ये समझ लें कि राजनीति पार्ट टाइम नहीं फुल टाइम जॉब है। सभी पूर्ण रूप से जनता के मुद्दे उठाने के लिए मैदान में उतर जाएं। पंचायत ब्लॉक, वार्ड तक संगठन ले जाना है। कांग्रेस की विचारधारा को घर-घर तक लेकर जाना पड़ेगा। पार्टी को मजबूत करने के लिए इरादे मजबूत करने होंगे। सभी लम्बी लड़ाई लड़ने के तैयार रहें और इस भ्रष्ट मोहन यादव सरकार का मजबूती से बिना डरे सामना करें।

युवा कांग्रेस की तरफ उम्मीद से देख रहे हैं

मुकेश नायक ने कहा कि पूरी कांग्रेस युवा कांग्रेस की तरफ उम्मीद से देख रही है, निश्चित ही हमें विश्वास है कि युवा कांग्रेस उस समय जैसा कार्य करेगी, जैसा मेरे और पटवारी जी के समय करती थी। मजबूत और ईमानदार युवाओं को राजनीति में आना चाहिए। युवा कांग्रेस पार्टी की रीढ़ की हड्डी के समान हैं।

हार-जीत जीवन का अंग है, निराश न हों युवा

पूर्व विधायक कुणाल चौधरी ने कहा कि कार्यकर्ता निराश न हों, हार-जीत जीवन का अंग है। युवाओं को हमेशा लड़ने के लिए तैयार रहना चाहिए और राहुल गांधी जी की मेहनत और भारत जोड़ो यात्रा से प्रेरणा लेनी चाहिए।

सभी अपने कर्तव्यों का पालन जिम्मेदारी से करें

प्रदेशाध्यक्ष मितेन्द्र दर्शन सिंह ने पदाधिकारीयों से वन-टू-वन चर्चा कर संगठनात्मक कार्यों की समीक्षा की। बैठक में युवा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष द्वारा युवा कांग्रेस के सभी पदाधिकारियों से कहा गया कि सभी अपने कर्तव्यों का पालन जिम्मेदारी से करें और सभी कार्यकर्ता पदाधिकारी संगठन को मजबूत करने में अपना योगदान दें। लोकसभा चुनाव में युवा कांग्रेस का प्रदर्शन सराहनीय रहा है, सभी कार्यकर्ता पूरी ताकत से संगठन के कार्यों को जनता तक पहुंचाना का कार्य करें। जो कार्यकर्ता अच्छा कार्य करेगा, उसे संगठन में प्रमोट किया जाएगा एवं अच्छा कार्य करने वाले कार्यकर्ताओं को भी संगठन में जगह दी जाएगी। संगठन में अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सरकार और उनके नेताओं पर कड़ी नजर रखें

मीडिया विभाग युकां अध्यक्ष विवेक त्रिपाठी ने कहा कि सभी पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में भाजपा सरकार और उनके नेताओं पर कड़ी नजर रखें और जनता के सामने इनके भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी चेहरा उजागर करें। त्रिपाठी ने हाल ही में हुए नर्सिंग घोटाले का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे अनेकों घोटाले भाजपा सरकार में हो रहे हैं, जिसमें भाजपा के मंत्री एवं शीर्ष नेता शामिल हैं, आप सभी को अपने आंख, कान और नाक खुले रखने चाहिए, जिससे जनता की कमाई को लूट से बचा सकें।




Bhopal News: मध्य प्रदेश को बनाने वाले शिवराज के नेतृत्व में अब कृषि मंत्रालय

MP News: Agriculture Ministry will now hoist the flag under the leadership of Shivraj, who has made Madhya Pra

शिवराज सिंह चौहान और ज्योतिरादित्य सिंधिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सहयोगियों को शपथ के अगले ही दिन मंत्रालय सौंप दिए। मध्य प्रदेश से पांच सांसद मोदी कैबिनेट में शामिल हुए हैं। इनमें तीन कैबिनेट मंत्री हैं और दो राज्य मंत्री हैं। पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान को कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण मंत्रालय जैसा बड़े मंत्रालय दिए गए है। वहीं, ज्योतिरादित्य सिंधिया को दूरसंचार और पूर्वोत्तर राज्यों की जिम्मेदारी मिली है। दोनों मंत्रियों के पोर्टफोलियों देश के लिए काफी अहम हैं। मोदी सरकार में तीसरी बार मंत्री बने डॉ. वीरेंद्र खटीक को पुराना ही सामाजिक न्याय और आधिकारिकता मंत्रालय मिला है। इसके अलावा दो राज्यमंत्री दुर्गादास उईके को आदिवासी मामले और सावित्री ठाकुर को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है।

शिवराज के नेतृत्व में एमपी को सात कृषि कर्मण अवॉर्ड मिले

कृषि मंत्रालय और ग्रामीण विकास मोदी सरकार के एजेंडे में प्राथमिकता पर हैं। पीएम मोदी ने कार्य संभालने के बाद ही सबसे पहले किसान सम्मान निधि की राशि किसानों के खाते में जारी की। शिवराज के नेतृत्व में ही एमपी कृषि के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बना। प्रदेश को सात बार कृषि कर्मण अवॉर्ड मिले हैं। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय पहले भी मध्य प्रदेश के पास ही था। अब शिवराज सिंह चौहान के सामने किसानों को साधने की चुनौती होगी। एमपी में सीएम रहते हुए इन्होंने कृषि के क्षेत्र में कई अच्छे काम किए हैं। इसका नतीजा यह रहा कि एमपी गेहूं उत्पादन के मामले में पंजाब को भी पछाड़ कर पहले नंबर पर आया। प्रदेश की सिंचाई क्षमता 45 लाख हेक्टेयर हो गई। कृषि के क्षेत्र में इनके किए कामों की तारीफ पत्र लिखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही कर चुके हैं। वहीं, ग्रामीण विकास मंत्रालय भी काफी अहम है। इसके जरिए भारत सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में आवास विहीन लोगों को घर देती है। प्रधानमंत्री ने पहली कैबिनेट में ही 3 करोड़ नए घरों को बनाने की मंजूरी दी है। शिवराज ने भी मंत्रालय मिलते ही अधिकारियों के साथ बैठक कर इसे आगे बढ़ाने का फैसला लिया है।

सिंधिया को भी दो मंत्रालय की जिम्मेदारी 

वहीं, ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी केंद्र में दो अहम मंत्रालय मिले हैं। इसमें पहला दूरसंचार और दूसरा पूर्वोत्तर राज्यों का विकास मंत्रालय शामिल है। पिछली सरकार में सिंधिया के पास एविएशन मंत्रालय था। दूरसंचार आज के समय देश के लिए काफी अहम मंत्रालय माना जाता है। साइबर सिक्योरिटी से लेकर नए प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में काम करता है। सिंधिया के सामने 5जी स्पेक्ट्रम नीलामी की जिम्मेदारी होगी। वहीं, सिंधिया को सैटेलाइट ब्रॉडबैंड सेवाओं, एलन मस्क के नेतृत्व वाले स्टारलिंक के लिए सुरक्षा मंजूरी जैसे मुद्दों को भी प्राथमिकता देनी होगी।

डॉ. खटीक को पिछला मंत्रालय ही फिर

सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता मंत्रालय पिछली मोदी सरकार में मध्य प्रदेश के पास ही रहा है। डॉ. वीरेंद्र कुमार खटीक को फिर से इसी विभाग की जिम्मेदारी मिली है। यह विभाग सामाजिक न्याय के क्षेत्र में काम करता है। इसका प्रमुख कार्य एससी/एसटी वर्ग की योजनाओं को संचालित करना है। यह विभाग उनके विकास और वेलफेयर के लिए काम करता है।

उईके देखेंगे आदिवासी मामले

मोदी सरकार में प्रदेश से दो राज्यमंत्री डीडी उईके और सावित्री ठाकुर को बनाया गया है। उईके को आदिवासी मामले की जिम्मेदारी दी गई। प्रदेश की आबादी की करीब 21 प्रतिशत से अधिक जनसंख्या अनुसूचित जनजाति वर्ग से आती है। इसलिए उईके को यह मंत्रालय सौंपा गया है।

सावित्री ठाकुर करेंगी महिला व बाल विकास

वहीं, सावित्री ठाकुर को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय का राज्यमंत्री बनाया है। प्रदेश में चलने वाली कई महिलाओं के कल्याण की योजनाओं का लाभ अब केंद्र स्तर पर मिल सकेगा।




Bhopal:नौसेना के कैप्टन शर्मा बोले पर्यावरण संरक्षण की शुरुआत हमें अपने घर से करना चाहिए

Bhopal: Navy Captain Sharma said- Every person should start environmental protection from his home.

नौसेना के कैप्टन डॉ. ओपी शर्मा
– फोटो : सोशल मीडिया

जब हम बात पर्यावरण संरक्षण की करते हैं तो इसकी शुरुआत हमें अपने घर से करना चाहिए। इस बात का अंदाजा लगाना मुश्किल है कि हमारे घरों में ही कितना प्लास्टिक का उपयोग हो रहा है। यह उपयोग किया हुआ प्लास्टिक विभिन्न स्वरूपों में हमारे पर्यावरण को, जीव-जंतुओं को प्रभावित करता है। इसलिए हमें संकल्प लेना चाहिए कि हम प्लास्टिक उपयोग को पूरी तरह से प्रतिबंधित करें और दूसरों को भी इसके उपयोग से बचाने के लिये प्रेरित करें।

नौसेना के कैप्टन डॉ. ओपी शर्मा ने यह बात कही। वे विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद में आयोजित विशेष कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अगर पृथ्वी के इन पांच तत्वों में से कोई भी एक तत्व प्रभावित होगा तो इसका सीधा असर हमारे पर्यावरण पर पड़ेगा। इस अवसर पर वरिष्ठ पर्यावरणविद् डॉ. सुदेश वाघमारे, डॉ. वीके पाराशर सहित मेपकास्ट के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी मुख्य रूप से उपस्थित हुए। इस दौरान उपस्थित अतिथियों ने परिसर में पौधरोपण भी किया।

पानी का एक्सपोर्ट संभव नहीं : डॉ. सुदेश वाघमारे

इस अवसर पर उपस्थित वरिष्ठ पर्यावरणविद् डॉ. सुदेश वाघमारे ने कहा कि विज्ञान, कला और संस्कृति का समन्वय है। उन्होंने कहा कि दुनिया में अनाज, सोना, चांदी, लोहा, तांबा, कांसा सहित हर जरूरी और आवश्यक चीजों को एक्सपोर्ट किया जाता सकता है। लेकिन पानी एक ऐसी चीज है जिसका एक्सपोर्ट संभव नहीं है। इसलिये हमारी कोशिश हो कि हम जहां है वहां पानी को संरक्षित करें।

पर्यावरण का क्षरण क्यों हुआ इस पर विचार जरूरी

मेपकास्ट के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी ने कहा कि आज हम इनोवेशन, टेक्नोलॉजी, डेवलपमेंट की बात करते हैं, लेकिन पर्यावरण पर भी चिंतन करने की जिम्मेदारी हम सभी की है। उन्होंने कहा कि हम हमेशा इस पर बात करते हैं कि पर्यावरण का क्षरण हो रहा है, लेकिन हम कभी इस पर बात क्यों नहीं करते कि पर्यावरण खराब क्यों हुआ है। अब वो समय आ गया है जब हमें इस बात पर भी परिचर्चा करने की आवश्यकता है कि पर्यावरण का क्षरण आखिर क्यों हुआ है।

कार्यक्रम के संयोजक मेपकास्ट के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी लोकव्यापीकरण योजना के प्रभारी एवं प्रधान वैज्ञानिक विकास शेन्डे ने कहा कि पिछले दिनों देश में जो तापमान बढ़ने की घटना सामने आई है, वह बढ़ते ग्लोबल वॉर्मिंग के कारण हुआ है। उन्होंने कहा कि हम सभी को मिलकर जल सरंक्षण और पर्यावरण संरक्षण व संवर्धन की दिशा में निरंतर कार्य करना है। उन्होंने पांच आर (रीयूज़, रीसायकल, रीड्यूज, रिचार्ज, रिस्पेक्ट ) का उपयोग जल एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए आवश्यक बताया। कार्यक्रम का संचालन परिषद प्रधान वैज्ञानिक डॉ निपुण सिलावट ने किया। परिषद के वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी डॉ सुनील गर्ग ने आभार व्यक्त किया।

खेल-खेल में बताया विज्ञान का उपयोग

इस अवसर पर आईआईटी गांधीनगर के सहयोग से विज्ञान भवन में क्रिएटिव लर्निंग सेशन आयोजित किया गया। इस सत्र में आईआईटी गांधीनगर के कन्वीनर पंकज गोदारा ने छात्र-छात्राओं को खिलौनों के माध्यम से गणित और विज्ञान के दृष्टिकोण को बताया। इस दौरान उन्होंने कई गतिविधियों का लाइव डेमोस्ट्रेशन भी करके दिखाया।




MP High Court Stay Increased Wages: मध्य प्रदेश में मजदूरों को अब नहीं मिलेगा बढ़ा हुआ वेतन,हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने बढ़े वेतन पर दिया स्टे

भोपाल : मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने मजदूरों के बढ़े हुए वेतन के मामले में स्टे दे दिया है। इससे दैनिक वेतनभोगी मजदूरों में मायूसी छा गई है. इससे दैनिक वेतन भोगी मजदूरों को हर माह 1600 से 2400 रुपये का नुकसान होगा।मामले में अगली सुनवाई अब जुलाई के प्रथम सप्ताह में होना है। दरअसल मध्य प्रदेश में आखिरी बार 2014 में असंगठित क्षेत्र के मजदूरों की मजदूरी रिवाइज की गई थी, जिसे 10 जून 2016 से लागू किया गया था। नियमानुसार हर पांच साल में मजदूरी की दर पुनरीक्षित की जाना चाहिए। 2016 के बाद मार्च 2024 में सीएम मोहन यादव की कैबिनेट में पुनरीक्षित कर दर वृद्धि की स्वीकृति दी गई थी।

 

मध्यप्रदेश सरकार ने वर्ष 2014 के बाद पहली बार औद्योगिक और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों में वेतन वृद्धि का निर्णय लिया था। इसके तहत श्रमिकों के वेतन में 25 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी। 1 अप्रैल 2024 से उन्हें बढ़ा हुआ वेतन मिल रहा था। लेकिन एक माह बाद ही हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने सरकार के इस फैसले पर स्टे दे दिया। जिससे अब मजदूरों को बढ़े हुए वेतन का लाभ नहीं मिलेगा।

इसलिए बढ़े हुए वेज रिवीजन पर लगाई रोक

पीथमपुर की एक निजी संस्था ने सरकार द्वारा बढ़ाई गई न्यूनतम वेतन की दरों को मानने से इंकार कर दिया था। साथ ही इस मामले को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने भी इस मामले में कंपनी को राहत देते हुए बढ़े हुए वेज रिवीजन में रोक लगाते हुए। न्यूनतम वेतन देने के लिए नई गाइडलाइन जारी कर दी।

सरकारी निकायों के श्रमिकों को आदेश से मुक्त रखने की मांग

इस मामले को लेकर कर्मचारी संगठन व्यापक स्तर पर विरोध कर रहे हैं. ऐसे में उन्होंने कहा है कि निजी कंपनी ने जो याचिका लगाई है, उसका उद्देश्य उनके यहां काम करने वाले कर्मचारियों के वेतन वृद्धि को लेकर है। ऐसे में सरकारी विभागों जैसे नगर पालिका, नगर निगम व आदि संस्थानों में पदस्थ श्रमिकों को इस आदेश से मुक्त रखा जाए और उन्हें पूर्व की भांति ही, वेतन भुगतान किया जाये।

श्रमिकों के वेतन में इतना आएगा अंतर

सरकार ने मंहगाई को ध्यान में रखते हुए 1 अप्रैल 2024 से अकुशल श्रमिकों को 11,800 रुपये, अर्द्धकुशल श्रमिकों को 12,796, कुशल श्रमिकों को 14,519 और उच्च कुशल श्रमिक को 16,144 रुपये के न्यूनतम वेतन भुगतान करने के लिए निर्देशित किया था। जबकि इ्रदौर हाईकोर्ट ने इसमें स्टे लगाते हुए अकुशल श्रमिकों को 10,175, अर्द्धकुशल श्रमिकों को 11,032, कुशल श्रमिकों को 12,410, अर्ध कुशल श्रमिकों को 13,710 रुपये प्रतिमाह भुगतान करने के लिए निर्देशित किया है। ऐसे में जहां श्रमिकों को 1600 रुपये से लेकर 2400 रुपये का नुकसान हो रहा है।

श्रमिकों में निराशा, सीएम को सौपेंगे ज्ञापन

मध्यप्रदेश निगम मंडल अधिकारी कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष आर एस प्रजापति ने देनवापोस्ट को बताया “बढ़ती मंहगाई के अनुसार कर्मचारियों का वेतन भी बढ़ना चाहिए। लेकिन किसी निजी कंपनी के स्वार्थ के कारण प्रदेश के लाखों कर्मचरियों का नुकसान करना गलत है। इस मामले में हम सीएम को ज्ञापन सौंपेंगे. जरूरत पड़ी तो कोर्ट का रास्ता भी अपनाएंगे.”




Mp Election 2024: नई एनडीए सरकार में शिवराज, सिंधिया का मंत्री बनना तय!

MP Election 2024: Shivraj, Scindia are sure to become ministers in the new NDA government! The alliance may ge

पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया

लोकसभा चुनाव में भाजपा मध्य प्रदेश में क्लीन स्वीप करती नजर आ रही है। वहीं, एक बार फिर केंद्र में एनडीए की सरकार बनती दिख रही है। ऐसे में मध्य प्रदेश से दिग्गज नेताओं को नई केंद्र सरकार में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा का नाम भी चर्चा में आगे है। हालांकि, मंत्री पद की कतार में अन्य नेताओं के नाम भी हैं, लेकिन चूंकि भाजपा को पूर्ण बहुमत नहीं मिला है, इसलिए इनके मंत्री बनने की राह में एनडीए के सहयोगी दलों की हिस्सेदारी का पेच फंस गया है।

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विदिशा संसदीय सीट से 8.21 लाख मतों से जीत  हासिल की है। देश में सर्वाधिक वोट से जीतने वाले नेताओं में शिवराज सिंह चौहान शामिल हुए है। चार बार के मुख्यमंत्री रहे शिवराज सिंह चौहान छठवीं बार विदिशा से सांसद चुने गए। शिवराज सिंह चौहान की प्रदेश और देश में मामा के रूप में पहचान है। शिवराज सिंह चौहान की लाडली लक्ष्मी योजना, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन जैसी योजनाओं को दूसरे राज्यों ने अपनाया है। अब मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना को भी पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा को बहुत लाभ मिला है। शिवराज सिंह चौहान ओबीसी वर्ग से आते हैं। उनको केंद्र में बड़ी जिम्मेदारी मिलना तय माना जा रहा है। इसके संकेत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनाव प्रचार के दौरान हरदा की रैली में ही दे दिए थे। उन्होंने जनता को संबोधित करते हुए कहा था कि उनको जिताएं मैं उनको साथ ले जाना चाहता हूं। ऐसे में एनडीए गठबंधन की सरकार बनने पर शिवराज सिंह चौहान को केंद्र सरकार में कृषि मंत्री बनाया जा सकता है।

सिंधिया को भी मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी 

वहीं, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस चुनाव में 5.40 लाख वोटों से जीत दर्ज की है। पिछली बार कांग्रेस के टिकट पर वह भाजपा के केपी यादव से चुनाव हार गए थे। उनके भाजपा में शामिल होने के बाद उनको राज्यसभा भेजा गया और केंद्रीय मंत्री बनाया गया। उनको कद पार्टी में लगातार बढ़ाया गया। इस बार भी सरकार में उनको बड़ी जिम्मेदारी मिलना तय है।

इनकी भी किस्मत खुलेगी 

केंद्र सरकार में मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने मंडला लोकसभा सीट पर आठवीं बार जीत दर्ज की है। उन्होंने कांग्रेस के ओमकार सिंह मरकाम को एक लाख से अधिक वोटों से हराया। कुलस्ते को अनुसूचित जनजाति वर्ग से आने के चलते फिर कैबिनेट में जगह मिल सकती है। वहीं, टीकमगढ़ से सांसद और वीरेंद्र खटीक को भी अनुसूचित जाति वर्ग से होने के चलते फिर मोदी सरकार में जगह मिल सकती है। इसके अलावा प्रदेश और देश में सबसे बड़ी 11 लाख 75 हजार वोटों से जीतने वाले शंकर लालवानी को भी इस बार मौका मिल सकता है। वह एकमात्र सिंधी वर्ग से आने वाले सांसद है। खरगोन से प्रत्याशी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने पांच लाख 25 हजार वोटों से चुनाव जीता है। उनके नेतृत्व में प्रदेश में विधानसभा चुनाव के नगर निगम और उप चुनाव में भाजपा ने बेहतर प्रदर्शन किया है। इस बार उनको भी केंद्र में कोई जिम्मेदारी मिल सकती है।

गठबंधन बन सकता है रोड़ा 

देश में भाजपा को पूर्ण बहुमत मिलता नहीं दिख रहा है। ऐसे में सरकार एनडीए गठबंधन के सहयोग से बनेगी। इसमें भाजपा को सहयोगी संगठनों की शर्तों के अनुसार आगे बढ़ना होगा। ऐसे में प्रदेश के नेताओं का केंद्रीय कैबिनेट में जगह मिलने में गठबंधन की शर्तें रोड़ा बन सकती है।




Mp News: मप्र में 2019 की तुलना में 16 सीटों पर बढ़ा बीजेपी का जीत का अंतर

एमपी लोकसभा चुनाव

लोकसभा चुनाव 2024 में प्रदेश की 29 सीटों पर चार चरणों में मतदान हुआ था। इन सीटों पर 66.87 प्रतिशत मतदान हुआ, जो कि पिछली बार के 71.16 प्रतिशत से 4.29 प्रतिशत कम हुआ। प्रदेश में कम मतदान के बाद दोनों ही दल अपने अपने जीत के दावे कर रहे थे। वहीं, राजनीतिक जानकार हार जीत का फैसला कम मार्जिन से होने का दावा कर रहे थे। इसके उलट प्रदेश में भाजपा ने 29 सीटों में से 16 सीटों पर पिछली बार की तुलना में अधिक मार्जिन से जीत दर्ज की। इसमें इंदौर, विदिशा, खजुराहो, जबलपुर, मंदसौर, देवास, उज्जैन, भोपाल, बैतूल, दमोह, सागर, टीकमगढ़, गुना, मंडला, रतलाम के साथ ही छिंदवाड़ा सीट शामिल है। छिंदवाड़ा में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ को भाजपा प्रत्याशी बंटी विवेक साहू ने 1 लाख 13 हजार वोटों से हराया।

लोकसभा चुनाव 2024: 29 सीटों पर कहां कौन जीते-हारे 

सीट विजयी प्रत्याशी  पराजित  जीत का अंतर

इंदौर शंकर लालवानी, संजय सोलंकी बसपा  11,75,092

विदिशा शिवराज सिंह चौहान भानु प्रताप शर्मा कांग्रेस जीत का अंतर- 8,21,408

मुरैना शिव मंगल सिंह तोमर सत्यपाल सिंह सिकरवार कांग्रेस 52,530

खजुराहो वीडी शर्मा कमलेश कुमार बसपा 5,41,229

जबलपुर आशीष दुबे, दिनेश यादव कांग्रेस 4,86,674

मंदसौर सुधीर गुप्ता दिलीप गुर्जर 5,00,655

देवास महेंद्र सिंह सोलंकी राजेंद्र मालवीय,  425225

भिंड संध्या राय फूल सिंह बरैया 64,840

खंडवा ज्ञानेश्वर पाटिल, नरेंद्र पटेल  2,69,971

शहडोल हिमाद्री सिंह, फुंदेलाल मार्को 3,97,340

उज्जैन अनिल फिरोजिया  महेश परमार 3,75,860

सतना गणेश सिंह, सिद्धार्थ कुशवाह  84949

भोपाल आलोक शर्मा  अरुण कुशवाह  5,01,499

रीवा  जर्नादन मिश्रा  नीलम मिश्रा 1,93,374

ग्वालियर भारत सिंह कुशवाह  प्रवीण पाठक -60,728

धार सावित्री ठाकुर राधेश्याम मुवैल 2,18,665

बैतूल दुर्गादास उइके रामू टेकाम 3,79,761

बालाघाट भारती पारधी सम्राट सारस्वर। 1,74,512

सीधी डॉ. राजेश मिश्रा। कमलेश्वर पटेल 2,06,416

सागर लता वानखेड़े चंद्रभूषण सिंह बुंदेला 4,71,222

टीकमगढ़ डॉ. वीरेंद्र खटीक पंकज अहिरवार  4,03,312

रतलाम-झाबुआ अनिता चौहान  कांतिलाल भूरिया 2,07,232

छिंदवाड़ा विवेक बंटी साहू  नकुलनाथ 1,13,618

मंडला फग्गन सिंह कुलस्ते ओमकार सिंह मरकाम 1,03,846

राजगढ़ रोडमल नागर दिग्विजय सिंह 1,46,089

गुना ज्योतिरादित्य सिंधिया यादवेंद्र सिंह 5,40,929

होशंगाबाद दर्शन सिंह चौधरी संजय शर्मा 4,31,696

दमोह राहुल सिंह लोधी, तरवर सिंह लोधी 4,06,426

खरगोन गजेंद्र पटेल पोरलाल खरते 1,35,018




Dhar Lok Sabha Election Result 2024: सावित्री ठाकुर बनाम राधेश्याम मुवेल एमपी चुनाव परिणाम

धार लोकसभा सीट

मध्य प्रदेश की 29 लोकसभा सीटों में से एक धार लोकसभा सीट पर कांग्रेस को भी इस बार जीत की उम्मीद है। भाजपा का इस सीट पर बीते दस सालों से कब्जा है। वर्ष 2014 और वर्ष 2019 में भाजपा ने उम्मीदवार बदले, लेकिन इस बार इस सीट से पहले सांसद रही सावित्री ठाकुर को फिर मौका दिया। कांग्रेस ने नए चेहरे राधेश्वाम मुवेल को टिकट दिया है। उन्होंने भी चुनाव लड़ने में कोई कसर बाकी नहीं रखी, लेकिन अब देखना है कि भाजपा इस  सीट पर जीत की हैट्रिक लगाएगी या कांग्रेस 15 साल बाद इस सीट पर वापसी कर सकती है। वर्ष 2009 में कांग्रेस के गजेंद्र राजूखेड़ी यहां से चुनाव जीते थे, हालांकि अब वे भाजपा में शामिल हो चुके हैं। पिछला चुनाव यहां से भाजपा के छतरसिंह दरबार जीते थे।

धार लोकसभा सीट में सरदारपुर, गंधवानी, कुक्षी, मनावर, धरमपुरी, धार, बदनावर और महू विधानसभा सीट शामिल हैं। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने आठ सीटों में से पांच सीटें जीती थीं, जबकि भाजपा को तीन सीटों पर ही संतोष करना पड़ा। आदिवासी वोट बैंक पर कांग्रेस को भरोसा है, लेकिन इस सीट पर वोटरों की मानसिकता विधानसभा और लोकसभा चुनाव को लेकर अलग-अलग नजर आती है।

तीन बार चुनाव जीत चुके कुक्षी के विधायक हनी बघेल, सरदारपुर के विधायक प्रताप ग्रेवाल और जयस के संस्थापकों में से एक मनावर के कांग्रेस विधायक हीरालाल अलावा ने भी पूरी ताकत झोंक दी। भाजपा धार, बदनावर और महू में ज्यादा से ज्यादा लीड मिले इसके लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाती दिखी थी। धार में 13 मई को मतदाता हुआ। इस बार 71.50 प्रतिशत वोटिंग इस लोकसभा सीट पर हुई है। इस लोकसभा सीट की आठ में से छह विधानसभा सीटों पर आदिवासी वोटबैंक निर्णायक स्थिति में रहता है। जो उम्मीदवार इस वोट बैंक का दिल जीतेगा, उसका पलड़ा भारी रहेगा।




Mp Election Result : क्या भोपाल में टूटेगा बीजेपी का 35 साल पुराना रिकॉर्ड या आलोक शर्मा दिलाएंगे एक और जीत

MP Election Result Will BJP 35-year-old record be broken in Bhopal or will Alok Sharma give it another victory

एमपी चुनाव रिजल्ट 2024

लोकसभा चुनाव 2024 के परिणाम मंगलवार को आएंगे। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल लोकसभा सीट हमेशा से चर्चा में रहने वाली सीट रही है। यहां हर बार कांग्रेस और बीजेपी में कांटे की टक्कर रहती है। हालांकि, बीजेपी 35 साल से लगातार जीत दर्ज कर रही है। इस बार बीजेपी के आलोक शर्मा की सीधी टक्कर कांग्रेस के अरुण श्रीवास्तव से है। अब देखना यह होगा कि आलोक शर्मा यहां से चुनाव जीत कर बीजेपी के रिकॉर्ड को कायम रखते हैं, या कांग्रेस के अरुण श्रीवास्तव बीजेपी का यह रिकॉर्ड तोड़कर कांग्रेस को अप्रत्याशित विजय दिलाते हैं।

भोपाल लोकसभा सीट को जीतने के लिए कांग्रेस पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के साथ कई बड़े नेताओं को उतार चुकी है। लेकिन इस सीट पर साल 1989 से लगातार भाजपा जीत रही है। हालांकि, साल 1952 से 1977 तक कांग्रेस ने जीत हासिल की थी। कांग्रेस विरोधी लहर के चलते साल 1977 में जनता दल के आरिफ बेग यहां से जीते तो 1980 में शंकरदयाल शर्मा दो बार लोकसभा पहुंचे और 1984 में कांग्रेस से केएन प्रधान ने सांसद का चुनाव जीता था।

क्या साध्वी प्रज्ञा सिंह का टूटेगा रिकॉर्ड

पिछले लोकसभा चुनाव 2019 में भोपाल सीट में भाजपा की तरफ से साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर उम्मीदवार थी। इस चुनाव में साध्वी प्रज्ञा सिंह ने 8,66,482 मत हासिल किए थे तो वहीं काग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह ने कुल 5,01,660 मत हासिल किए थे। इस तरह साध्वी ने 3,64,822 मतों के बड़े अंतर से जीत हासिल की थी। अब देखना यह होगा कि आलोक शर्मा अगर विजय हासिल करते हैं तो साध्वी प्रज्ञा सिंह का रिकॉर्ड तोड़ पाएंगे, या कम मार्जिन से जीत हासिल करेंगे। साल 2014 लोकसभा चुनाव की बात करें तो भाजपा के आलोक संजर ने भी कांग्रेस प्रत्याशी पीसी शर्मा को तीन लाख से ज्यादा वोटों से पटखनी दी थी। इस चुनाव में आलोक संजर को 7,14,178 और कांग्रेस के पीसी शर्मा को 3,43,482 वोट मिले थे।

आठ विधानसभा क्षेत्र में 23 लाख से ज्यादा वोटर

भोपाल लोकसभा सीट में सीहोर को मिलाकर कुल आठ विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। इनमें भोपाल के सात बैरसिया, उत्तर, नरेला, दक्षिण-पश्चिम, मध्य, गोविंदपुरा, हुजूर शामिल हैं। जबकि सीहोर जिले का एक सीहोर विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। इस लोकसभा सीट में कुल 23 लाख 39 हजार 411 मतदाता हैं। इनमें 11 लाख 38 हजार 585 महिला मतदाता, 12 लाख 649 पुरुष मतदाता और 177 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं।




Mp Ls Results:जीतू पटवारी ने मध्य प्रदेश में हार की जिम्मेदारी ली, बोले

MP LS Results: Jitu Patwari took responsibility for the defeat in Madhya Pradesh

पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने मप्र में कांग्रेस की हार की जिम्मेदारी ली है।

मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मध्य प्रदेश में 29 सीटों में मिली करारी हार की जिम्मेदारी ले ली है। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि देश की सबसे बड़ी पंचायत के चुनाव परिणाम सामने हैं और दो दिन पहले तक जो एग्जिट पोल दिखाकर भ्रम का जो वातावरण बनाया जा रहा था, उस छल की हार हुई है। जनता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह अधिनायकवाद और डिक्टेटरशिप को पसंद नहीं करती है। पटवारी ने कहा कि हमारे नेता राहुल गांधी जी ने आम व्यक्ति पर असर करने वाले मुद्दे चुनाव के दौरान उठाए, जिसमें महंगाई, बेरोजगारी, किसान समस्या एवं गरीबों पर यातनाओं को प्रमुखता से सामने रखा, जिन पांच न्याय की राहुल गांधी ने बात की थी। जनता ने उस बात को सराहा एवं परिणाम उसके आसपास दिए हैं।

मध्य प्रदेश में हुआ धन बल का प्रयोग

जीतू पटवारी ने कहा कि मप्र के संदर्भ में हम सभी ने एकजुटता के साथ चुनाव लड़ा और अच्छे परिणाम के लिए प्रयास किए, परंतु विधानसभा चुनाव के बाद जिस तरह की घटनाएं मप्र में घटित हुई हैं तो मैं यह कह सकता हूं कि सरकार के धन और बल के प्रयास सफल हुए। परंतु पार्टी का अध्यक्ष होने के नाते में मप्र में आए परिणाम को सिर झुकाकर स्वीकार करता हूं और इन परिणामों की जिम्मेदारी में लेता हूं।

आत्म मंथन के साथ बदलाव के लिए तैयार

पटवारी ने आगे कहा कि पार्टी आत्ममंथन के साथ बदलावों के लिए तैयार है। इसमें नई सोच, विचार और व्यवहार का समावेश किया जाएगा। मप्र की जनता बेहद जागरूक है एवं इंदौर में जिस तरीके से नोटा के रूप में जनता ने भाजपा के मुंह पर जो करारा तमाचा मारा है, वह भाजपा हमेशा याद रखेगी। अब सरकार मोदी जी द्वारा जी गई गारंटियों को पूरा करें और उन गारंटियों को पूरा करने में कांग्रेस पार्टी एक मजबूत विपक्ष के रूप में अपनी भूमिका लगातार निभाएगी। पत्रकार वार्ता में पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के मीडिया सलाहकार केके मिश्रा, मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक सहित मप्र कांग्रेस के सभी प्रवक्तागण भी उपस्थित थे।