Mp News: गैर राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी नहीं बन सकेंगे आईएएस, दिए जा रहे हैं सात पद

MP News: Non-State Administrative Service officers will not be able to become IAS, seven posts are being given

मंत्रालय

मध्य प्रदेश के गैर राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को इस बार भी भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के पद पर पदोन्नत होने का मौका नहीं मिल पाएगा। इस बार भी आईएएस संवर्ग में नियुक्ति के सात पद राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को दिए जा रहे हैं। इसके लिए संघ लोक सेवा आयोग को प्रस्ताव भेजने के लिए सामान्य प्रशासन विभाग ने कार्यवाही शुरू कर दी है।

मध्य प्रदेश से वर्ष 2015 में चार गैर राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी आईएएस के पद पर पदोन्नत हुए थे। इसके बाद से अब तक राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को ही आईएएस के पदोन्नति के पद पर मौका दिया जा रहा है। इसमें राज्य प्रशासनिक सेवा के वर्ष 2006 और वर्ष 2007 के अधिकारियों 21 अधिकारियों के नाम और उनके सेवा दस्तावेजों को भेजा जाएगा। वहीं, राज्य पुलिस सेवा के 4 अधिकारियों को आईपीएस के पद पर पदोन्नति दी जाएगी। इसके लिए पुलिस मुख्यालय भी प्रस्ताव तैयार कर रहा है।

आठ साल से पदोन्नति का इंतजार 

मध्य प्रदेश के गैर राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी आठ साल से आईएएस के पद पर पदोन्नति का इंतजार कर रहे हैं। मध्य प्रदेश में राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के कैडर से 33 प्रतिशत पद पदोन्नति से भरे जाने का नियम है। इनमें से 15 प्रतिशत पद गैर राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों से भरने का भी नियम बनाया गया है। लेकिन 2015 के बाद से गैर राज्य प्रशासनिक सेवा का कोई अधिकारी आईएएस के पदों पर पदोन्नत नहीं हो सका है। सामान्य प्रशासन विभाग की तरफ से संबंधित विभागों से योग्य अधिकारियों के आवेदन ही नहीं मंगाए नहीं जा रहे हैं।

गैर राज्य प्रशासनिक सेवा के कम हो जाएंगे पद

वहीं, सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि 15 प्रतिशत पद गैर राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों से भरने का नियम है, लेकिन नियम में यह भी है कि यह सरकार तय करेगी कि राज्य प्रशासन सेवा और गैर राज्य प्रशासनिक सेवा से कितने पद भरने हैं। राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के पदोन्नति के पद गैर राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को देने से उनके पद कम हो जाएंगे।




Bhopal News: 108 एंबुलेंस शुगर, बीपी-पल्स मापने के लिए कॉलोनी में पहुंच रही हैं, निवासियों को प्राथमिक चिकित्सा का प्रशिक्षण दे रही

Bhopal: Now ambulances are reaching colony to measure sugar, BP-pulse, giving first aid training to residents.

लोगों को जागरूक करते टीम मेंबर
– फोटो : सोशल मीडिया

मध्य प्रदेश में एंबुलेंस 108 का संचालन करने वाली कंपनी जय अंबे ने एक नई पहल शुरू की है। अब एम्बुलेंस के कर्मचारी कॉलोनी में जाकर लोगों का शुगर, बीपी और पल्स की जांच कर रहे हैं। साथ ही रहवासियों को प्राथमिक उपचार की ट्रेनिंग दे रहे हैं। जानकारी के अनुसार 108 एंबुलेंस सेवा मप्र के द्वारा लोगों को जागरूक करने के लिए प्रदेशभर में जांच व जागरूकता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।

भोपाल के गोविंदपुरा क्षेत्र में पहुंची एंबुलेंस की टीम

इसी क्रम में राजधानी के गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र में जांच व जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान क्षेत्र के 50 से ज्यादा लोगों की जांच की गई। और उन्हें प्राथमिक उपचार की ट्रेनिंग दी गई। 108 एंबुलेंस सेवा मप्र के सीनियर मैनेजर तरुण सिंह परिहार ने बताया कि 108 एंबुलेंस के स्टाफ कॉलोनी और औद्योगिक क्षेत्र में पहुंच कर लोगों को प्राथमिक उपचार उपाय की जरूरत बताते हुए, 108 एंबुलेंस सेवा मप्र की जानकारी दी जा रही है। साथ ही हेल्थ चेकअप किया जा रहा है। अभी तक प्रदेश भर में 500 से अधिक लोगों का निःशुल्क बीपी, शुगर एवं पल्स चेकअप किया गया।

एंबुलेंस का उपयोग करने की लोगों को दे रहे जानकारी

लोगों को बताया जा रहा है कि आपातकालीन स्थिति में आप 108 एंबुलेंस पर कॉल करके इलाज के लिए करीबी अस्पताल जा सकते हैं। साथ ही यह बताया गया कि अब आप एंबुलेंस को मोबाइल एप्लीकेशन एवं वॉट्सएप नंबर से भी बुक कर सकते हैं। साथ ही लोगों को लगना, काटना, जलना, चेस्ट पैन, करेंट लगना, सांप या किसी अन्य कीड़े द्वारा काटना, सीपीआर देना एवं अन्य प्रकार की आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस आने तक किस प्रकार से मरीज की सेवा करनी है इसकी जानकारी दी जा रही है।

इसलिए चला रहे हैं यह अभियान

मध्य प्रदेश में एंबुलेंस 108 का संचालन करने वाली कंपनी के सीनियर मैनेजर तरुण सिंह ने बताया कि हम लगातार ऐसे जागरूकता अभियान चला रहे हैं, ताकि लोगों को आपातकालीन स्थिति में कैसे मरीज को संभालना है, इसकी जानकारी मिल सके। साथ ही साथ वह निजी वाहन की जगह 108 एंबुलेंस का उपयोग करें। ताकि लोगों को घर से अस्पताल तक जरूरत के अनुरूप इलाज मिल सके। तरुण सिंह ने बताया कि हमारी 108 एंबुलेंस सभी प्रकार की आपातकालीन स्थिति में लोगों की मदद करने हेतु तत्पर है।




Mp News:cm की घोषणा पर दिग्विजय सिंह का सवाल

Digvijay Singh's question on CM's announcement - Ram-Krishna is fine, but shouldn't other religions be taught?

दिग्विजय सिंह।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर ऐलान किया है कि उच्च शिक्षा और स्कूली शिक्षा में राम और कृष्ण के पाठ पढ़ाए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा की गई घोषणा के बाद पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने कहा कि भगवान राम और कृष्णा हमारे आदर्श हैं, उनके बारे में पढ़ाया जाना चाहिए। लेकिन दूसरे धर्म के धर्म गुरुओं के बारे में भी पढ़ाना चाहिए।

सीएम डॉ. मोहन यादव ने यह की थी घोषणा

गौरतलब है कि शुक्रवार 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर हुए कार्यक्रम में सीएम ने शिरकत की थी। उसके बाद सीएम मोहन ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि रामपथ गमन और श्री कृष्ण पथ गमन दो परियोजनाओं को राज्य सरकार ने अपने हाथ में लिया है। भगवान राम और कृष्ण राज्य में जिन-जिन स्थानों पर गए हैं, उन स्थानों को राज्य सरकार ने तीर्थ स्थल के तौर पर विकसित करने का फैसला किया है।

दिग्विजय सिंह बोले- क्या गुरु नानक को नहीं पढ़ाना चाहिए?

मुख्यमंत्री मोहन यादव के बयान के बाद पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने कहा कि भगवान राम और कृष्ण हमारे आदर्श हैं। भगवान राम और कृष्ण के बारे में पढ़ाया जाना चाहिए, जिससे हमारे समाज को सीखने को मिले। राम और कृष्ण के अलावा दूसरे धर्म के धर्म गुरुओं के बारे में भी पढ़ाना चाहिए। लेकिन सवाल यह भी है कि क्या गुरु नानक को नहीं पढ़ना चाहिए? क्या जीजस को नहीं पढ़ाना चाहिए और क्या मोहम्मद साहब के बारे में नहीं पढ़ाना चाहिए? उन्होंने कहा कि मेरा तो ऐसा मानना है कि सभी धर्म के धर्म गुरुओं के विचारों को पढ़ाया जाए।




Mp News: गर्मी के कारण भोपाल के हाजी की मक्का में मौत, हज के दौरान अब तक दो हाजियों की जान जा चुकी है

MP News: Haji from Bhopal dies in Mecca due to heat till now two Hajis have lost their lives during Haj

हज यात्रा के दौरान अब तक दो की मौत।

मध्य प्रदेश से हज सफर पर सऊदी अरब पहुंचे भोपाल के एक हाजी का इंतकाल हो गया है। मक्का में पड़ रही बेहद गर्मी की वजह से उसकी मौत हुई है। हाजी के परिजन को खबर देने के बाद उन्हें मक्का में ही सुपुर्द ए खाक कर दिया गया। हज के दौरान मक्का में प्रदेश के हाजी की मौत की संख्या दो हो गई है। इसकी पुष्टि मप्र हज कमेटी ने की है।

जानकारी के मुताबिक हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी कोहेफिजा में रहने वाले 72 वर्षीय सैय्यद मुमताज हसन की मृत्यु 14 जून को मक्का में हुई है। वह 5 जून को मुंबई से सऊदी के लिए रवाना हुए थे। कंट्रोल रूम के अफसरों के मुताबिक सैय्यद मुमताज हसन की मौत मक्का में गर्मी के कारण हुई है। उनकी अंतिम क्रिया मक्का में ही कर दी गई है। इसके अलावा हज यात्रा के दौरान मध्यप्रदेश के शहड़ोल की रहने वाली एक महिला हाजी राबिया बेगम की मौत भी गर्मी के कारण हुई है।

मुमताज हसन पत्नी के साथ गए थे हज

हज कमेटी कंट्रोल रूम के अफसरों ने बताया कि सैय्यद मुमताज हसन हज यात्रा पर 68 वर्षीय पत्नी सीमा मुमताज हसन के साथ गए थे। उन्हें हज यात्रा के तय शेड्यूल के अनुसार 17 जुलाई को भारत वापस लौटना था।

जबलपुर के हज यात्री की मौत की सूचना

हज कमेटी के अफसरों ने बताया कि जबलपुर से हज यात्रा पर गए एक व्यक्ति की मौत की सूचना मिली है। लेकिन, संबंधित की मृत्यु के बारे में अब तक सऊदी स्थित दफ्तर के अफसरों ने पुष्टि नहीं की है। कमेटी सऊदी में अफसरों के संपर्क कर रही है, जिससे स्थिति स्पष्ट की जा सके।

छतरपुर की राबिया शहडोल के ग्रुप में गई थी

हज कमेटी के अफसरों ने बताया कि छतरपुर की रहने वाली राबिया बेगम की 16 जून को मक्का में मौत हो गई। उन्होंने 4 जून को मुंबई से हज के लिए रवाना हुई थी। राबिया बेगम छतरपुर के बिजावर के वार्ड नंबर 2 की रहने वाली थी। हज यात्रा पर वह शहडोल की साथी सफीना बेगम और तुफैल अहमद खान के साथ गई थी।




Bhopal News: भाजपा नेता की पत्नी के निधन के बाद केंद्रीय मंत्रियों के स्वागत समारोह का कार्यक्रम स्थगित

Bhopal News: The program of welcome ceremony of Union Ministers postponed after death of BJP leader wife

मध्य प्रदेश भाजपा कार्यालय।

मध्य प्रदेश से केंद्र में मंत्री बने छह सांसदों का राजधानी भोपाल में होने वाला स्वागत कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया। पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा के सीनियर नेता सत्यनारायण जटिया की पत्नी के निधन के चलते कार्यक्रम स्थगित किया गया है।

भाजपा द्वारा जारी सूचना के अनुसार सभी नेता सम्मान समारोह के बजाय अब भाजपा मुख्यालय पहुंच रहे हैं। यहां 6 केंद्रीय मंत्री महापुरुषों को पुष्पांजलि देंगे। इस दौरान कोई जश्न नहीं मनाया जाएगा। पुष्पांजलि समारोह में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और केंद्र सरकार के 6 केंद्रीय मंत्री मौजूद रहेंगे।

पहली बार भोपाल पहुंच रहे थे 6 केंद्रीय मंत्री

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश से मोदी मंत्रिमंडल में 6 सांसदों को शामिल किया गया है। मंत्री बनने के बाद ये सांसद पहली बार एक साथ भोपाल पहुंच रहे हैं। भाजपा केंद्रीय मंत्रियों के भव्य स्वागत की तैयारी कर रही थी।  लेकिन अचानक सीनियर नेता के पत्नी के निधन की सूचना मिलने के बाद भाजपा ने कार्यक्रम में बदलाव कर दिया है।




Mp Politics:कांग्रेस पर फिर हावी हुए पूर्व विधायक लक्ष्मण सिंह, कहा

MP Politics: मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के भाई व पूर्व विधायक लक्षमण सिंह ने एक बार फिर से कांग्रेस पार्टी को आड़े हाथों लेते हुए अपनी ही पार्टी पर ट्वीट के माध्यम से निशाना साधा है।

MP Politics: Former MLA Laxman Singh again dominated the Congress

पूर्व विधायक लक्षमण सिंह

हाल ही में केंद्र में एनडीए की सरकार बनी है और नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री चुने गए है। वहीं इंडिया गठबंधन भी बहुमत हासिल करने में नाकामयाब रही है और विपक्ष की भूमिका निभा रही है, जिसको लेकर केंद्र सरकार को गिराने को लेकर लगातार नए नए कयास लगाए जा रहे हैं। क्योंकि भाजपा भी बहुमत हासिल नहीं कर पाई और एनडीए के साथ गठबंधन करते हुए सरकार बनाई गई है।

वहीं अपनी ही सरकार को लगातार निशाने पर लेने वाले लक्ष्मण सिंह एक बार फिर से कांग्रेस पर हावी हुए हैं और उन्होंने सोशल साइट एक्स पर अपनी भड़ास भी निकाल ली। उन्होंने सोशल मीडिया X पर ट्वीट करते हुए लिखा कि हम केंद्र में सरकार गिराने की सोच रहे हैं, जबकि मध्यप्रदेश में हम बनी सरकार नहीं बचा पाए। अच्छा होगा हम इस सरकार को गिराने के बजाए अगली सरकार हमारी कैसे बने उस पर ध्यान दें तो उचित होगा। गौरतलब है कि यह कोई पहला मौका नहीं है, जब लक्ष्मण सिंह ने अपनी ही पार्टी के ऊपर तंज कसा हो, बल्कि इसके पूर्व में भी वे कई बार अपनी ही पार्टी और नेताओं को आड़े हाथों ले चुके हैं। लक्ष्मण सिंह चाचौड़ा से कांग्रेस के विधायक रहे हैं और उन्हें हाल ही में 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की प्रियंका पैंची से हार का सामना करना पड़ा है।




Bhopal News: राजधानी भोपाल में 29 हजार पेड़ों को बचाने के लिए शहरवासी हुए एकजुट

Bhopal: City residents united to save 29 thousand trees in the capital Bhopal

पेड़ों को बचाने जुटे शहरवासी
– फोटो : सोशल मीडिया

राजधानी भोपाल में मंत्री-विधायकों के बंगले बनाने के लिए करीब 29000 पेड़ों को काटने का प्रस्ताव प्रक्रिया में है। राजधानी में इसे लेकर विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। कांग्रेसी नेताओं के साथ अब रहवासियों ने भी मुहिम छेड़ दी है। शुक्रवार शाम को शिवाजी नगर स्थित नूतन कॉलेज के सामने इन पेड़ों को बचाने के लिए हजारों की संख्या में शहरवासी एकजुट हुए। इस दौरान हाथों में तख्तियां लेकर युवा, बुजुर्ग, बच्चे और महिलाओं ने पेड़ों को बचाने के लिए तरह-तरह के नारे लगाए। शुक्रवार को पेड़ों को रक्षासूत्र बांधकर उनकी पूजा की गई।

इन पेड़ों को बचाने ये भी चला रहे हैं अभियान

गौरतलब है कि बीते एक सप्ताह से तुलसी नगर और शिवाजी नगर में 29 हजार पेड़ों को बचाने के लिए पर्यावरणविद, समाजसेवी और प्रबुद्धजन सोशल मीडिया पर अभियान चला रहे थे। इसी का असर रहा कि शुक्रवार शाम को नूतन कॉलेज के सामने पेड़ों को बचाने के लिए बड़ी संख्या में शहरवासी एकत्रित हुए। इससे पहले भी बीते तीन दिनों से लोग शिवाजी नगर में विभिन्न तरीकों से सांकेतिक प्रदर्शन कर रहे थे।

500 करोड़ रुपये के बराबर एक साल में ऑक्सीजन देते हैं 29 हजार पेड़

कोलकाता में 250 पेड़ काटने के एक मामले में इससे होने वाले नुकसान का आकलन करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने अलग से एक एक्स्पर्ट कमेटी का पैनल बनाया था। इस पैनल ने फरवरी 2021 में सुप्रीम कोर्ट को जो रिपोर्ट सौंपी, उसके अनुसार एक हेरिटेज पेड़ या बड़ा पेड़ प्रतिवर्ष एक लाख 74 हजार रुपये के बराबर ऑक्सीजन देता है। यदि ये पेड़ सौ साल तक रहता है तो एक करोड़ रुपये से अधिक राशि के बराबर प्राणवायु लोगों को मिलती है। ऐसे में वैज्ञानिक तर्कों और सुप्रीम कोर्ट के आधार पर 29 हजार पेड़ों से 100 साल में करीब 29,000 करोड़ रुपये से अधिक की ऑक्सीजन वायुमंडल को मिलती है।

इतनी ऑक्सीजन होगी खत्म

जानकारों का कहना है कि यदि एक पेड़ 100 फीट लंबा और 18 इंच मोटा है तो यह छह हजार पाउंड ऑक्सीजन प्रतिदिन देता है। इसके अलावा वातावरण में उपस्थित हानिकारक कार्बन डाई ऑक्साइड को भी शोषण करता है। यदि औसत निकाला जाए तो एक बड़ा पेड़ चार लोगों के जीने के लिए पर्याप्त ऑक्सीजन देता है। इस प्रकार यदि 29 हजार पेड़ काटे जाते हैं तो अनुमान के मुताबिक 1.16 लाख लोगों के जीवन भर लेने लायक ऑक्सीजन खत्म हो जाती है।

विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि भोपाल में विकास के नाम पर पेड़ों की बलि दी जा रही है। हालांकि, इन पेड़ों को विस्थापित कर कलियासोत, केरवा व चंदनपुरा आदि जंगलों में लगाने के दावे किए गए, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही से इसमें भी सफलता नहीं मिली। इन पेड़ों ने कुछ ही दिनों में दम तोड़ दिया। जबकि अधिकारी पेड़ों के बदले चार गुना तक पौधे लगाने के दावा करते रहे हैं। लेकिन जब ये बड़े होकर पेड़ बनेंगे तब तक तो पर्यावरण का काफी नुकसान हो चुका होगा। शहर की हरियाली धीरे-धीरे उजड़ जाएगी।

भोपाल में इन परिजयोनाओं के लिए काटे जा चुके पेड़

स्मार्ट सिटी के निर्माण में 6,000
बीआटीएस कॉरिडोर 3,000
सीबीडी, टीटी नगर 3,000
शौर्य स्मारक, अरेरा हिल्स 2,000
विधायक आवास बनाने 1,150
सिंगारचोली सड़क निर्माण और चौड़ीकरण 1,800
हबीबगंज स्टेशन निर्माण 150
खटलापुरा से एमवीएम कॉलेज तक सड़क चौड़ीकरण 200
मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए 3,000
तीसरी रेल लाइन 8,000
कोलार सिक्सलेन 4,000
रातीबड़-भदभदा रोड 1,800

मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री लिखे जा रहे हैं पत्र

पर्यावरण प्रेमी उमाशंकर तिवारी ने बताया कि एक तरफ सरकार पर्यावरण संरक्षण के नाम पर हर वर्ष लाखों पेड़ लगा रही है। इनका संरक्षण करने वालों को पुरष्कृत किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर सरकार मंत्री और विधायकों के बंगले बनाने के लिए 29 हजार पेड़ों की बलि देना चाहती है। यदि सरकार हमारी बात नहीं मानती है, तो हमें इन पेड़ों को बचाने के लिए उग्र प्रदर्शन करना पड़ेगा। तिवारी ने बताया कि अब तक वो इन पेड़ों को बचाने के लिए प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, नगरीय प्रशासन मंत्री और एनजीटी समेत एक दर्जन से अधिक स्थानों पर शिकायत पत्र भेज चुके हैं।




Mp News: आयुष्मान कार्ड धारकों के लिए पीएम श्री एयर एम्बुलेंस मुफ्त होगी, अन्य को प्रति घंटे 2 लाख रुपये का भुगतान करना होगा

MP News: PM Shri Air Ambulance will be free for Ayushman card holders, others will have to pay Rs 2 lakh per h

एयर एंबुलेंस सेवा

मध्य प्रदेश में पीएम श्री एयर एंबुलेंस सेवा आयुष्मान कार्ड धारकों के लिए मुफ्त रहेगी। यह सेवा राज्य के बाहर भी फ्री रहेगी। वहीं, गैर आयुष्मान कार्ड धारक मरीज के लिए सेवा का लाभ लेने पर प्रति घंटे करीब दो लाख रुपये का भुगतान करना होगा। आपदा, औद्योगिक दुर्घटना या सड़क हादसे की स्थिति में एयर एंबुलेंस सेवा उपलब्ध हो सकती है। दुर्घटना/आपदा के प्रकरण में संभाग के अंदर पीड़ित को निःशुल्क परिवहन के लिये जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की अनुशंसा पर जिला कलेक्टर संभाग के अंदर स्वीकृति प्रदान कर सकेंगे तथा संभाग के बाहर जाने के लिए स्वीकृति स्वास्थ्य आयुक्त द्वारा दी जाएगी। वहीं, मेडिकल कॉलेज में भर्ती गंभीर रोगी/पीड़ित को संभाग के बाहर एयर एम्बुलेंस की स्वीकृति अधिष्ठाता की अनुशंसा पर संभाग आयुक्त तथा राज्य के बाहर के लिए संचालक चिकित्सा शिक्षा द्वारा दी जाएगी। वहीं, सभी सशुल्क परिवहन के प्रकरण में एयर एंबुलेंस की उपलब्धता अनुसार स्वीकृति राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यालय स्तर पर दी जाएगी।

इनको उपलब्ध कराई जाएगी सेवा 

पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा सड़कों एवं औद्योगिक स्थलों पर होने वाले हादसों, प्राकृतिक आपदा में गंभीर पीड़ित/घायल व्यक्ति को त्वरित उपचार के लिए हवाई परिवहन सुविधा उपलब्ध कराएगी। हृदय संबंधित अथवा अन्य विभिन्न गंभीर बीमारियां जिसमें रोगी/पीड़ित को तत्काल इलाज की आवश्यकता होने की स्थिति में मरीजों को अच्छे एवं उच्चतम चिकित्सा संस्थानों में तुरंत इलाज के लिए हवाई परिवहन सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

दिल्ली, मुंबई, चेन्नई जा सकेंगे मरीज

एयर एम्बुलेंस सेवा के संचालन के लिए 01 ‘हेली एम्बुलेंस’ एवं 01 ‘फिक्स्ड विंग कनवर्टेड फ्लाइंग एम्बुलेंस’ का शुभारंभ किया गया है, जो कि प्रदेश के सभी जिलों एवं प्रशासनिक विभागों के नागरिकों की सेवा में तैनात रहेंगी। एयर एम्बुलेंस में उच्च स्तरीय प्रशिक्षित चिकित्सकीय एवं पैरामेडिकल स्टाफ की टीम हमेशा तैनात रहेगी। चिकित्सकीय आवश्यकता अनुसार प्रदेश के रोगियों को दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद या देश के अन्य उच्च चिकित्सा संस्थानों पर हवाई परिवहन करेगी।

इतना लगेगा शुल्क 

सड़क एवं औद्योगिक दुर्घटना अथवा प्राकृतिक आपदा में पीडित को राज्य के अंदर एवं बाहर शासकीय अथवा निजी चिकित्सालय में निशुल्क परिवहन किया जाएगा। आयुष्मान कार्डधारी के उपचार के लिए राज्य के अंदर एवं राज्य के बाहर सभी शासकीय एवं आयुष्मान संबद्ध  अस्पतालों में उपचार हेतु निशुल्क परिवहन किया जाएगा। अन्य हितग्राही जो कि आयुष्मान कार्डधारी नहीं हैं, उनके उपचार के लिए राज्य के अंदर स्थित शासकीय अस्पतालों में निःशुल्क परिवहन जबकि राज्य के बाहर के किसी भी अस्पताल में अनुबंधित दर पर सशुल्क परिवहन किया जाएगा। सशुल्क सेवा की स्थिति में सेवाप्रदाता एजेंसी को हेलीकाप्टर के लिए प्रति घंटे (फ्लाइंग ऑवर) के मान से 1,94,500 रुपए एवं फिक्स्ड विंग कनवर्टेड फ्लाइंग एम्बुलेंस के लिए प्रति घंटे (फ्लाइंग ऑवर) के मान से 1,78,900 रुपये का भुगतान करना होगा।

रोगी का सेवा प्रदाता कराएंगा बीमा 

रोगी/पीड़ित का एयर एम्बुलेंस से परिवहन इमरजेंसी हेल्थ कंडीशन (80 प्रकार) की स्थिति में किया जाएगा। एयर एम्बुलेंस सेवा अनुशंसित चिकित्सालय तक ले जाने के लिए होगी। ‘पीएम श्री एयर एम्बुलेंस’ सेवा अंतर्गत हवाई परिवहन के दौरान सेवा प्रदाता द्वारा रोगी/पीड़ित के लिए 50 लाख का दुर्घटना बीमा का प्रावधान तथा थर्ड पार्टी के लिए 25 लाख का दुर्घटना बीमा और थर्ड पार्टी डैमेज के लिए 25 लाख का दुर्घटना बीमा का प्रावधान है।




Mp News: हर संभाग में होंगे वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर, कूनो के बाद गांधी सागौन में आएंगे तेंदुए

MP News: There will be wildlife rescue centers in every division, after Kuno, leopards will come to Gandhi Sag

मां के साथ चीता शावक।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में राज्य वन्य प्राणी बोर्ड की 26वीं बैठक मंगलवार को आयोजित हुई। इसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश के वन क्षेत्र में रायनो तथा अन्य दुर्लभ व लुप्तप्राय प्रजातियों के वन्य प्राणियों को लाने की संभावनाओं का अध्ययन कराया जाए। जंगली जानवरों से जान-माल की रक्षा के लिए पर्याप्त और प्रभावी उपाय किए जाएं। वन्य प्राणियों के लिए हर संभाग में रेस्क्यू सेंटर आरंभ करने के लिए कार्ययोजना बनाई जाए।

बैठक में वन मंत्री नागर सिंह चौहान, वन राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, मुख्य सचिव वीरा राणा, अपर मुख्य सचिव वन जे.एन. कंसोटिया उपस्थित थे।

गांधी सागर अभयारण्य में चीता पुनर्स्थापना की तैयारी पूरी 

बैठक में बताया गया कि चीता प्रोजेक्ट के आगामी चरणों के लिए दक्षिण अफ्रीका तथा केन्या के दलों द्वारा गांधी सागर अभयारण्य और कूनो राष्ट्रीय उद्यान का भ्रमण किया गया है। गांधी सागर अभयारण्य में चीता पुनर्स्थापना के लिए सभी तैयारी पूर्ण कर ली गई है। क्षेत्र में चीतलों की संख्या बढ़ाने के लिए कान्हा और अन्य स्थानों से उनका पुनर्स्थापना किया गया है। कान्हा और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से संजय टाइगर रिजर्व में 50 गौरों की सफलतापूर्वक पुनर्स्थापना भी की गई है।

ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने की अनुमति जारी

बैठक में रातापानी अभयारण्य के अंतर्गत बमनई जीपी से देलावाड़ी तक मार्ग के किनारे-किनारे राइट-ऑफ-वे में ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने के लिए 0.090 हेक्टेयर वन भूमि भारत संचार निगम, औबेदुल्लागंज को उपयोग पर दिए जाने की वन्यप्राणी अनुमति को अनुमोदन प्रदान किया गया। इसी क्रम में माधव राष्ट्रीय उद्यान के अंतर्गत वन भूमि में मुख्य पेयजल पाइप लाइन संबंधी विषय, बैतूल और नर्मदापुरम जिले में जुझारपुर से ढोहरामोहार के मध्य तीसरी रेलवे लाइन के निर्माण के लिए वन भूमि सेन्ट्रल रेलवे को देने संबंधी वन्य प्राणी अनुमति और रातापानी अभयारण्य को रातापानी टाइगर रिजर्व घोषित करने के प्रस्ताव पर विचार-विमर्श हुआ। वन्य प्राणी बोर्ड की बैठक में वन विभाग के अधिकारी तथा बोर्ड के अशासकीय सदस्य भी शामिल हुए।




पीएम मोदी कैबिनेट में शिवराज सिंह चौहान को कृषि, पंचायती राज और ग्रामीण विकास मंत्री विभाग मिला

शिवराज सिंह चौहान

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को कृषि, किसान कल्याण और ग्रामीण विकास की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पहली बार केंद्रीय मंत्री के रूप में शपथ लेने के 23 घंटे बाद शिवराज सिंह को पीएम मोदी ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।

शिवराज सिंह चौहान मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में मंत्री रहे नरेन्द्र सिंह तोमर वाली भूमिका में आ गए हैं। नरेंद्र सिंह तोमर के पास भी कृषि विभाग के साथ ही पंचायती राज और ग्रामीण विकास की जिम्मेदारी थी।

मध्यप्रदेश के खाते में दूसरी बार कृषि विभाग की जिम्मेदारी

यह लगातार दूसरी बार है, जब मध्यप्रदेश से केंद्र में मंत्री को कृषि विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। शिवराज सिंह चौहान को जिन दो मंत्रालयों की जिम्मेदारी दी गई है। ये दोनों ही विभाग मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में नरेंद्र सिंह तोमर के पास थे।

आपको बता दें शिवराज सिंह चौहान को लेकर पहले से अनुमान लगाया जा रहा था कि उन्हें कृषि मंत्रालय दिया जा सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि उनके सीएम रहते मध्यप्रदेश ने कई बार कृषि उन्नत पुरस्कार मिला है। आपको बता दें कि शपथ ग्रहण के 24 घंटे के अंदर ही विभागों का बंटवारा हो गया है।