Bhopal: प्रदेश के कॉलेजों में मनमर्जी की ड्रेस नहीं चलेगी, यूनिफॉर्म लागू होगी

Bhopal: Dress as per your choice will not work, uniform will be implemented in colleges of the state

मप्र में कॉलेजों में लागू होगा ड्रेसकोड
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प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में अब छात्र-छात्राएं जींस-टीशर्ट पहनकर नहीं जा सकेंगे। स्टूडेंट्स को अब सिर्फ यूनीफॉर्म में ही कॉलेज जाना होगा। प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने इसी सत्र से सरकारी कॉलेजों में ड्रेस कोड लागू करने का फैसला किया है। इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग ने कॉलेज प्रबंधन को यूनिफॉर्म चयन की जिम्मेदारी दी है।

ड्रेस कोड के तहत छात्र-छात्राएं पेंट-शर्ट और छात्राएं सलवार-कुर्ता पहनकर आएंगे। शिक्षा विभाग का कहना है कि कॉलेज में यूनिफॉर्म होने से छात्र-छात्राओं के बीच एकरूपता और समानता की भावना पैदा होगी। वहीं गरीब-अमीर और धर्म जाति का भेद नहीं रहेगा। साथ ही छात्रों के दिमाग में शिक्षा के प्रति ज्यादा रुचि पैदा होगी।

बाहरी युवाओं की होगी पहचान

ड्रेस कोड लागू करने के पीछे विभाग की यह भी मंशा है कि अभी सरकारी कॉलेज में आवारा आसामाजिक तत्व भी आ जाते हैं, जिन्हें पहचान पाना मुश्किल हो जाता है, लेकिन ड्रेस कोड लागू होने के बाद बाहरी व्यक्तियों की पहचान आसानी से हो सकेगी। उच्च शिक्षा विभाग ने यूनिफॉर्म चयन की जिम्मेदारी कॉलेज प्रबंधन को ही सौंपी है।

सरकारी कॉलेजों की यूनिफॉर्म एक जैसी न होकर अलग-अलग हो, इसके लिए विभाग ने यूनिफॉर्म का रंग तय करने का फैसला जनभागीदारी समिति और कॉलेज प्रबंधन पर छोड़ दिया है। दोनों मिलकर यूनिफॉर्म का रंग तय करेंगे। ड्रेस कोड लोगू करने को लेकर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार का कहना है कि ड्रेस कोड लागू करने पर विचार किया गया है। यूनिफॉर्म में छात्र-छात्राओं में समानता की भावना पैदा होती है। साथ ही कॉलेज में शिक्षा का वातावरण बनता है। इसके साथ ही इंदर सिंह परमार ने प्रदेश भर के मदरसों को लेकर कहा है कि जो मदरसे सरकारी पोर्टल पर दर्ज हैं, वही चलेंगे, जो नहीं है उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।




Mp Assembly Session: सत्र का पांचवां दिन भी हंगामे के साथ शुरू हुआ

MP Assembly Session: The fifth day of the session also started with uproar

मध्य प्रदेश विधानसभा
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मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र का शुक्रवार को पांचवां दिन है। इसकी शुरुआत ही हंगामे से हुई है। प्रश्नोत्तर काल में जल जीवन मिशन के काम में भ्रष्टाचार का मुद्दा उठा और हंगामा शुरू हो गया। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के जवाब से नाखुश होकर विपक्ष ने वॉक आउट कर दिया।

विधानसभा के पांचवें दिन प्रश्नोत्तर काल के दौरान विधायक भंवर सिंह शेखावत ने कहा कि सभी विधायकों से बात कर लें तो जल जीवन मिशन की सच्चाई सामने आ जाएगी। डॉ. प्रभु राम चौधरी बोले कि कई जगह ऐसी भी हैं, जहां नल लगे हुए हैं लेकिन पानी नहीं आता है। सांची विधानसभा क्षेत्र के 49 गांवों में इस तरह की दिक्कत है। जो काम पूरे बताए जा रहे हैं, उनकी जांच के लिए कमेटी बनाई जाए। दोषी अफसरों पर कार्रवाई की जाए। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इसका जवाब देते हुए कहा कि इसे लेकर आज ही निर्देश जारी किए जाएंगे। मामले में कलेक्टर बैठक करें और नल जल से पानी मिलने की व्यवस्था कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि सांची विधानसभा क्षेत्र में प्रमुख इंजीनियर को भेजकर जांच कराई जाएगी। इस पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा पूरे प्रदेश में जल जीवन मिशन में घोटाला हो रहा है। विधानसभा अध्यक्ष इस पर व्यवस्था तय करें। विजयवर्गीय बोले कि प्रश्नकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष द्वारा इस तरह की बात करना उचित नहीं है। इसे विलोपित किया जाना चाहिए। इस पर शोर-शराबे की स्थिति बनी तो विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर बोले कि प्रश्नकाल के दौरान ऐसी स्थिति नहीं बनने देनी चाहिए। अनुमति लेकर अपनी बात कहनी चाहिए।’ इस बात से नाराज विपक्ष ने वॉक आउट कर दिया।

मैहर में स्वास्थ्य सुविधाएं

विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी ने बताया कि मैहर जिला तो बन गया है, पर वहां के अस्पताल में वाहन सुविधा नहीं है। पशु चिकित्सालय भी काम नहीं कर रहे। जवाब देते हुए मंत्री लखन पटेल ने कहा कि कलेक्टर को निर्देश जारी किए गए हैं कि वे एस्टीमेट बनाकर भेज दें। इसे तुरंत स्वीकृति दी जाएगी। विकासखंड मुख्यालय में संचालित पशु चिकित्सालय में भी सुधार किया जाएगा।




Mp Budget:देवड़ा ‘सागर की छाती चीरने’ से हुए शुरू

MP Budget: Deora started 'tearing Sagar's chest', Kailash said - 'Mohan government is overpowered'

उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने बजट पेश किया
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मध्य प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने गुरुवार को डॉ. मोहन यादव सरकार का पहला पूर्ण बजट पेश किया। अपने चौथे बजट भाषण में देवड़ा को कांग्रेस विधायकों की चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इस बीच उन्हें संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का खूब साथ मिला। बीच-बीच में विजयवर्गीय कहते सुने गए कि “छा गई मोहन सरकार!” “इतनी घोषणाओं के लिए आखिर कहां से लाए हो इतना पैसा?” शोर-शराबे के बीच हुए बजट भाषण के दौरान विजयवर्गीय की टिप्पणियां सुनकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी मुस्कराते नजर आए।

देवड़ा ने अपने एक घंटे 35 मिनट लंबे भाषण की शुरुआत ही शेरो-शायरी से की। उन्होंने कहा- “सबल भुजाओं में लक्षित है, नौका भी पतवार, चीर चलें सागर की छाती, पार करें मझधार।” इस बीच, कांग्रेस के विधायक नर्सिंग घोटाले को लेकर चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग के इस्तीफे की मांग पर अड़े रहे। देवड़ा के भाषण शुरू करते ही कुछ विधायक आसंदी के पास पहुंचकर नारेबाजी करने लगे। देवड़ा को बोलने से रोकने की कोशिश की। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर भी विपक्षी सदस्यों को सदन की परंपरा का हवाला देते हुए जगह पर लौटने की अपील करते नजर आए। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी विश्वास सारंग को बर्खास्त करने की मांग करते नजर आए। बजट भाषण खत्म होने तक यह सिलसिला जारी रहा।

किसानों से लेकर नशामुक्ति तक

देवड़ा ने खेती-किसानी से जुड़े प्रावधानों पर बोलते हुए भी कविता की दो पंक्तियां सुना दी। उन्होंने कहा, “कल के नये सबेरे हम हैं, धरती की संतान हैं, श्रम से हम तकदीर बदलते, मानवता के अभिमान हैं।’’ इसके बाद जब बारी मोहन यादव सरकार के नशामुक्त भारत अभियान की बात करते हुए उन्होंने कहा, “मेहनत की राह पर चलते रहेंगे, गरीबी के अंधेरे को, रोशनी में बदलते रहेंगे।”

बजट बनाने की दुष्करता भी समझाई

देवड़ा ने कहा कि ‘बजट’ को तैयार करना पक्षियों द्वारा घोंसला बनाने की प्रक्रिया जैसा है: ‘वह ढेर सारे तिनकों, बहुत सारी मेहनत और अखंडित लगन से बनाती है, एक घोंसला, जिसमें वह पालती है, अपने नौनिहालों को, और मांगती है दुआ कि, उसके अपने बच्चे सुरक्षित रहें, सुख से रहें।’

सुनहरे भविष्य की कामना के साथ समापन

देवड़ा ने बजट भाषण समाप्त होने से पहले प्रदेश के लिए कामना की कि- ‘हर दिन, सुदिन, हर मास, मधुमास हो, हर घड़ी, हर पल, हदय में परम हर्ष, उल्लास हो। जिंदगी प्यार से भरी हो, परस्पर स्नेह हो, सद्भाव हो, हर कदम पर नई आशा, नया विश्वास हो।’




Mp News: कृषि अध्ययन के लिए कॉलेज किसानों से अनुबंध करेंगे, फील्ड में प्रैक्टिकल कराएंगे

MP News Colleges will contract with farmers for agricultural studies will conduct practicals in field

किसानों से अनुबंध करेंगे कॉलेज

नई शिक्षा नीति के तहत कई नए पाठ्यक्रम इस सत्र में शुरू किया जा रहे हैं। इसमें सबसे खास माना जाने वाला बीएससी एग्रीकल्चर का पाठ्यक्रम शुरू किया जा रहा है। पहले सत्र में कॉलेज में 50-50 सीटों पर प्रवेश दिए जाएंगे। इसके लिए कॉलेज अपने स्तर पर किसानों से अनुबंध करेंगे और छात्र-छात्राओं को प्रैक्टिकल के लिए खेतों पर ले जाएंगे। प्रदेश के चार सरकारी और 18 स्वायतशासी कालेजों में बीएससी एग्रीकल्चर का पाठ्यक्रम शुरू होगा।

राजधानी भोपाल स्थित गीतांजलि कॉलेज में इस सत्र से बीएससी एग्रीकल्चर का पाठ्यक्रम शुरू किया जा रहा है। यहां की प्रिंसिपल जयश्री का कहना है कि उनको किसानों से अनुबंध करने की जरूरत नहीं है। उनके पास खुद की जमीन है, जिस पर थोड़ा बहुत खेती भी की जा रही है। साथ ही उनके कॉलेज में आने वाले छात्र-छात्राएं ग्रामीण अंचल से हैं। इसलिए उन्हें अलग से प्रैक्टिकल करने की जरूरत नहीं होगी। हालांकि, उनका कहना है कि अगर जरूरत पड़ी तो किसानों से अनुबंध भी करेंगे।

नूतन कॉलेज में अनुबंध की प्रक्रिया शुरू

इधर, भोपाल के शासकीय सरोजनी नायडू कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय (नूतन) में इस सत्र से बीएससी एग्रीकल्चर का पाठ्यक्रम शुरू किया जा रहा है। इस पाठ्यक्रम के लिए कॉलेज अपने ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों से अनुबंध करेंगे और उनके खेतों में विद्यार्थियों से प्रैक्टिकल भी करेंगे। बता दें कि शासन ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत इस सत्र से कृषि पाठ्यक्रम को शुरू करने के निर्देश दिए थे।शासन ने विश्वविद्यालय और कालेजों को निर्देशित किया है कि जिनके पास कृषि के लिए भूमि उपलब्ध नहीं है। कॉलेज ने नवीबाग और सीहोर स्थित कृषि अनुसंधान संस्थान में भी छात्राओं को प्रैक्टिकल कराया जाएगा। साथ ही कॉलेज में भी 500 स्क्वॉयर फीट की जगह छात्राओं के प्रैक्टिकल के लिए तैयार किया जा रहा है। पांच जुलाई को कालेज प्रबंधन किसानों के साथ अनुबंध करेगा।

भोपाल के चार कॉलेज में कृषि पाठ्यक्रम होंगे शुरू

भोपाल के चार कॉलेजों में कृषि पाठ्यक्रम शुरू किया जा रहा है, जिसमें उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान (आईईएचई), एमएलबी कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, सरोजिनी नायडू कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय और गीतांजलि कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय शामिल है। जानकारी के लिए बता दें कि वर्तमान में उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले अभी प्रदेश के तीन परंपरागत विश्वविद्यालय में यह पाठ्यक्रम संचालित किया जा रहा है।

अब शासन के निर्देश के बाद चार अन्य विश्वविद्यालय इंदौर का देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, ग्वालियर का जीवाजी विश्वविद्यालय, रीवा का अवधेश प्रताप सिंह विवि और छतरपुर का महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय और स्वायतशासी कालेजों में शुरू किया जा रहा है। इसमें चार सरकारी और 18 स्वायतशासी कालेजों में भी शुरू किया जा रहा है। हालांकि, मप्र में दो कृषि विवि भी हैं। जबलपुर में जवाहरलाल नेहरु कृषि विवि व ग्वालियर में राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विवि है।




Mp News: प्रदेश की जीडीपी 9.37 फीसदी बढ़ी, प्रति व्यक्ति आय हुई चौगुनी, आर्थिक स्थिति हुई मजबूत

MP News: State's GDP increased by 9.37 percent, per capita income quadrupled, economic situation became strong

मंत्रालय

मध्य प्रदेश सरकार ने विधानसभा के मानसून सत्र में बुधवार को राज्य का बजट पेश करने से एक दिन पहले मंगलवार को आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट के अनुसार वित्तीय वर्ष 2023-24 में मध्य प्रदेश का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 13,63,327 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इसमें उत्पादन, वस्तुओं और सेवाओं के मूल्य दोनों की वृद्धि को शामिल किया गया है। पिछले वित्तीय वर्ष के राज्य सकल घरेलू उत्पाद 12,46,471 करोड़ रुपये की तुलना में यह लगभग 9.37 प्रतिशत ज्यादा है।

आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार वर्ष 2023-24 के लिए स्थिर कीमतों पर जीएसडीपी 6,60,363 करोड़ रुपये थी, जो पिछले वर्ष के 6,22,908 करोड़ रुपये से ज्यादा है। यह लगभग 6.01 प्रतिशत की वृद्धि है, जो दिखाती है कि मध्यप्र देश सतत रूप से आर्थिक प्रगति कर रहा है। उप मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण मध्य प्रदेश की उत्कृष्ट आर्थिक प्रगति को रेखांकित करता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश आर्थिक समृद्धि के नए सोपान तय करेगा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपेक्षा अनुसार देश को पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में भरपूर सहयोग देगा।

मध्य प्रदेश में अर्थव्यवस्था बढ़ने के साथ-साथ अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों के विकास एवं सभी वर्गों के उत्थान के लिए कल्याणकारी योजनाओं और कार्यक्रमों का संचालन हो रहा है। जनजातीय एवं अनुसूचित जाति समाज के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण के कार्यक्रम, महिलाओं को अधिकार देने, उद्योग एवं व्यापार को बढ़ावा देने के लिए नियमों को सरल बनाकर उनका पालन आसान करने, कृषि में तकनीक का समावेश तथा खाद्य प्रसंस्करण के माध्यम से कृषकों की आय बढ़ाने के उपाय करने जैसे कई प्रयास सुशासन के अप्रतिम उदाहरण बनकर सामने आए हैं। राज्य में साक्ष्य परक एवं डाटा आधारित नीति निर्माण एवं विश्लेषण को अत्यधिक महत्व दिया जा रहा है। मध्य प्रदेश आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24 में यह प्रयास स्पष्ट दिखता है। इस बार का आर्थिक सर्वेक्षण प्रदेश की निवेश, निर्यात, उद्योग, विज्ञान एवं सूचना प्रौद्योगिकी, शिक्षा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में हुई प्रगति को दर्शाता है।

प्रति व्यक्ति आय चार गुना 

रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2011-12 से 2023-24 तक मध्य प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि हुई है। मौजूदा कीमतों पर, प्रति व्यक्ति शुद्ध आय वर्ष 2011-12 में 38,497 रुपये से बढ़कर वर्ष 2023-24 में 1,42,565 रुपये हो गई है। इसमें लगभग चार गुना की वृद्धि हुई है। वहीं, मुद्रास्फीति के समायोजन के बाद स्थिर (2011-12) कीमतों पर भी प्रति व्यक्ति शुद्ध आय वर्ष 2011-12 के 38,497 रुपये से बढ़कर 2023-24 में 66,441 रुपये हो गई। यह वृद्धि मुद्रास्फीति के प्रभावों से परे वास्तविक आर्थिक प्रगति दिखाती है।

प्राथमिक क्षेत्र का योगदान 45.53%

प्रचलित भावों पर वर्ष 2023-24 में प्राथमिक क्षेत्र का योगदान जीडीपी में 45.53% रहा जो इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान है। द्वितीयक क्षेत्र का योगदान 18.47% रहा है और तृतीयक क्षेत्र का प्रचलित भावों पर वर्ष 2023-24 में योगदान 36% रहा है। स्थिर मूल्यों पर यह वर्ष 2023-24 में 39.64% हुआ है, जो सेवा क्षेत्र में मजबूती को दर्शाता है। सेवा क्षेत्र में निरंतर निवेश और सुधार से तृतीयक क्षेत्र द्वारा राज्य की आर्थिक प्रगति में अधिक योगदान की संभावना है।

दलहन उत्पादन में 42.62% की वृद्धि

वित्तीय वर्ष 2023-24 में, मध्य प्रदेश में प्रमुख फसलों के उत्पादन में 0.20% की वृद्धि दर्ज की गई है। दलहन के उत्पादन में 42.62% की वृद्धि हुई, और तिलहन में 7.32% की वृद्धि दर्ज की गयी। सब्जियों का उत्पादन 235.41 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर वर्ष 2023-24 में 242.62 लाख मीट्रिक टन हो गया, और फलों का उत्पादन 95.10 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर वर्ष 2023-24 में 95.54 लाख मीट्रिक टन हो गया।

राजस्व आधिक्य 413 करोड़ रहने का अनुमान 

वर्ष 2023-24 में राजस्व आधिक्य राशि 413 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। सरकार की तरफ से बताया गया कि यह कोरोना काल की राजस्व घाटे की स्थिति से उबरने एवं मजबूत वित्तीय स्थिति का संकेत हैं। वर्ष 2019-20 से वर्ष 2022-23 के दौरान राज्य करों का हिस्सा जीएसडीपी के प्रतिशत के रूप में 6.16% से बढ़कर 6.20 प्रतिशत हो गया है, इस अवधि के दौरान राज्य के अपने कर संग्रह में 12.79% की वार्षिक दर से बढ़ोतरी हुई।

4.29 करोड़ से अधिक लाभार्थी बैंकिंग सुविधा से लाभान्वित

प्रधानमंत्री जन धन योजना के माध्यम से प्रदेश में अब तक 4.29 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को बैंकिंग की सुविधाओं से लाभान्वित किया है। सरकार ने बैंकिंग सेवाओं को सुलभ एवं कृषि, उद्योग एवं अन्य क्षेत्रों हेतु ऋण विस्तार के प्रयास किए जा रहे, फलस्वरूप वर्ष 2005-06 से वर्ष 2023-24 तक कृषि ऋण में 16.4% सीएजीआर की वृद्धि एवं एमएसएमई क्षेत्र में 33.85% सीएजीआर की वृद्धि हुई है।

प्रदेश में 9.50 लाख पीएम आवास स्वीकृत 

प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी में प्रदेश में 9.50 लाख आवास स्वीकृत हुए हैं, जिसमें से 7.50 लाख आवास पूरे हो चुके हैं। इसके अलावा 3.56 करोड़ लाभार्थियों को डिजिटल आयुष्मान कार्ड जारी करने वाला देश का पहला राज्य है! पीएम स्वनिधि योजना के प्रथम चरण में 8.30 लाख शहरी पथ विक्रेताओं को 827.85 करोड़ रूपए का ऋण वितरित कर राज्य ने देश में पहला स्थान पर है। वर्ष 2004 से 2024 के बीच में पारंपरिक ऊर्जा उत्पादन में 270.47 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। देश के कुल सौर उर्जा उत्पादन में मध्य प्रदेश 8.2 प्रतिशत का योगदान देता है और इस दृष्टि से देश में चौथे स्थान पर है।




Mp News: विधायक अपने विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए बनाएं चार साल का रोडमैप, सीएम ने दिया निर्देश

MP News: MLAs should make a four-year roadmap for the development of their assembly constituency, CM gave inst

सीएम मोहन यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को कहा कि प्रदेश के हर क्षेत्र में विकास कार्य के लिए चार साल का समय शेष है। सभी विधायक अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र में जनता के बीच पहुंच कर विकास कार्य व्यवस्थित तरीके से करें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भावना के अनुरूप सभी कार्यों का क्रियान्वयन हो। चार साल का रोड मेप बनाएं, राज्य शासन विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए चार साल में 60 करोड़ की राशि देगा। हर साल 15 करोड़ की राशि उपलब्ध कराई जाएगी।

मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास के समत्व भवन में चंबल एवं ग्वालियर संभाग के विधायकों की संभागवार बैठक ली। इसमें उन्होंने कहा कि 60 करोड़ रुपये की राशि खर्च करने के लिए वर्ष 2028 तक की योजना का रोडमैप तैयार कर लिया जाए। नगरीय निकाय और जनपद पंचायतों के अंतर्गत जनता से सीधे जुड़ी योजनाओं को अच्छी तरह से क्रियान्वित करें। जनता से जुड़े सभी अभियानों में बेहतर योगदान दें। सबका विकास होगा तो प्रदेश का विकास होगा। जनता की समस्याओं के निकराकरण के लिए लगातार शिविर लगाए जाएं। स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य हों। बैठक में संबंधित विधानसभा क्षेत्रों के विधायक मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में जल गंगा अभियान के अंतर्गत किए गए कार्यों की भी जानकारी ली।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार गौ-शालाओं के संचालन के लिए प्रति गाय 40 रुपये की राशि प्रतिदिन के मान से उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्वालियर संभाग की सभी ग्रामों की पेयजल योजनाएं राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत की जा चुकी हैं। कोई भी गांव छूटा नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बंटवारा, नामांतरण और सीमांकन का अभियान चलाकर कार्य हो। रोजगार आधारित कार्य को प्राथमिकता दें। जिला प्रशासन से मिलकर रोजगार के कार्यों को बढ़ाया जाए।




Mp News: प्रह्लाद पटेल ने कहा- राहुल गांधी का बयान भारतीय गठबंधन के सनातन विरोधी एजेंडे का हिस्सा

MP News: Prahlad Patel said - Rahul Gandhi's statement is part of the anti-Sanatan agenda of the Indi alliance

मंत्री प्रह्लाद पटेल

कैबिनेट मंत्री प्रहलाद पटेल ने लोकसभा में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का हिंदुओं को हिंसक बताया जाना कांग्रेस और इंडी गठबंधन के सनातन विरोधी हिडन एजेंडे का ही हिस्सा है। ऐसा करके राहुल गांधी ने एक बार फिर सनातन को अपमानित करने का प्रयास किया है, जिसके विरोध में देश भर में गुस्सा है। राहुल गांधी के इस संदेश के जो संकेत देश में गए हैं, वो बेहद खतरनाक हैं। पटेल ने कहा कि राहुल गांधी ने अपने भाषण में न केवल हिंदुओं का घोर अपमान किया, हिंदुओं को हिंसक, नफरती और झूठा बताया, बल्कि अग्निवीर, किसान, अयोध्या, माइक-सभी मामलों पर झूठ और केवल झूठ बोला। हिंदुओं और सनातन को अपमानित करने तथा सदन में झूठी बयानबाजी करने के लिए राहुल गांधी को देश की जनता से तत्काल माफी मांगनी चाहिए।

राहुल गांधी का आचरण संसदीय परंपराओं, नियमों का अपमान

पटेल ने कहा कि राहुल गांधी ने सोमवार को राष्ट्रपति जी के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को लेकर चर्चा के दौरान जिस तरह से संसदीय नियमों और परंपराओं का लगातार अपमान किया, उसे पूरे देश ने देखा है। लेकिन उन्होंने मर्यादा की सीमा का उल्लंघन तब किया, जब उन्होंने हमारी भारतीय संस्कृति को हिंसक बताने का अपराध किया। पटेल ने कहा कि लंबे संसदीय कार्यकाल के दौरान उन्होंने नियमों और परंपराओं की ऐसी अवहेलना कभी नहीं देखी।उन्होंने कहा कि मैं कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी को यह चुनौती देता हूं कि सारी दुनिया में अगर अहिंसा, सद्भाव और वसुधैव कुटुंबकम को लेकर किसी का नाम लिया जाता है, तो वह सनातन संस्कृति ही है। हमने किसी के बच्चों को दीवार में चुनवाकर अपने धर्म के बारे में चर्चा नहीं की। हमने तलवार लेकर कभी धर्म का विस्तार करने के बारे में सोचा। राहुल गांधी हिंसा करने वाले इन लोगों के बारे टिप्पणी करके बताएं, तब उन्हें पता चलेगा।

अपने गिरेबान में झांकें कांग्रेस और राहुल गांधी 

पटेल ने कहा कि राहुल गांधी झूठ बोल कर भाग जाने में माहिर रहे हैं। राफेल मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बावजूद उन्होंने अपना दुष्प्रचार जारी रखा था। संविधान और संवैधानिक संस्थाओं का राहुल गांधी कितना सम्मान करते हैं, यह उस घटना से स्पष्ट हो जाता है, जब उन्होंने प्रेस क्लब में स्वयं अपनी पार्टी की गठबंधन सरकार के पारित ऑर्डिनेन्स की प्रति को फाड़ दिया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का चरित्र देश की संवैधानिक व्यवस्थाओं को कमजोर करने का रहा है। इंदिरा गांधी ने भी लगातार संसद, न्याय प्रणाली और नौकरशाही जैसी देश की संवैधानिक व्यवस्थाओं को कमजोर करने का कार्य किया। पटेल ने कहा कि 99 सीटें जीतने पर ये हिंदुओं को हिंसक, नफरती और झूठा बता रहे हैं, इससे साफ हो जाता है कि इनकी असल मंशा क्या है?




Mp Budget Session 2024 : एमपी बजट सत्र 2024 जगदीश देवड़ा सदन में बजट पेश करेंगे

08:51 AM, 03-Jul-2024

मध्य प्रदेश के बजट से किसानों को उम्मीद

मध्य प्रदेश में पेश हो रहे बजट को लेकर किसानों को भी मोहन सरकार से बड़ी उम्मीद है। किसानों का मनाना है कि एक्सपोर्ट टैक्स में सरकार कमी कर किसानों को राहत पहुंचा सकती है। इसके अलावा कृषि यंत्र और किसानी से जुड़े सामान पर टैक्स कम किया जा सकता है, जिससे किसानों की लागत कम हो और उन्हें राहत मिले। इस बार किसान बजट को लेकर काफी उम्मीदें लगाकर बैठे हैं।

08:07 AM, 03-Jul-2024

MP Budget 2024 Live: मोहन सरकार का पहला बजट आज, उपमुख्यमंत्री देवड़ा करेंगे पेश;

डिप्टी सीएम ने दो जुलाई को मंत्रालय में बजट 2024-25 को अंतिम रूप दिया

मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने मंगलवार दो जुलाई को मंत्रालय में बजट 2024-25 को अंतिम रूप दिया। इस अवसर पर प्रमुख सचिव मनीष सिंह सहित वित्त विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।




पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा: 6 घंटे लेट हुई फ्लाइट, 4:15 बजे वाली फ्लाइट 10 बजे उड़ी फ्लाइट

भोपाल न्यूज : पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा अपने शुरुआती दिनों में ही 6 घंटे लेट हो गई। उसे 26 जून को शाम 4:15 बजे भोपाल एयरपोर्ट से उड़ान भरनी थी, लेकिन ये रात दस बजे यहां से उड़ी। कंपनी ने स्लोगन रखा दिल से दिल की यात्रा एक परिवार इंदौर की यात्रा ही नहीं कर पाई।  मिस मैनेजमेंट के चलते  एक परिवार के पांच सदस्य कई किमी तक चक्कर काटते रहे और मानसिक रूप से परेशान हुए। कंपनी ने उन्हें रिफंड देने से मना कर दिया था।

मध्य प्रदेश में शुरू हुई पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा लॉन्चिंग के 13 दिन बाद ही अव्यवस्थित हो गई। इस सेवा को संचालित कर रही कंपनी ने एक परिवार को जबरदस्त परेशान किया। कभी लोगों से कहा कि फ्लाइट कैंसिल है, कभी कहा कि फ्लाइट जा रही है, कभी कहा कि पैसे रिफंड नहीं होंगे और फिर आखिकार 6 घंटे इंतजार कराकर शाम की जगह रात को कहा कि फ्लाइट उड़ने को तैयार है। इस तरह कंपनी के मैनेजमेंट ने उन्हें कई किमी के चक्कर कटवाए और मानसिक रूप से परेशान किया। इसे लेकर कंपनी का कहना है कि यह सब परेशानी मौसम की वजह से खड़ी हुई। मौसम खराब होने की वजह से उज्जैन में फ्लाइड लैंडिंग की अनुमति नहीं मिली।

जानकारी के मुताबिक, यह घटना नर्मदापुरम के माखननगर निवासी पाटनी परिवार के साथ घटी। परिवार को 26 जून को इंदौर जाना था। परिवार के सदस्यों ने सोचा कि क्यो न पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा का लुत्फ उठाया जाए। परिवार के 5 सदस्यों की टिकट बुक हो गईं। शेड्यूल के हिसाब से फ्लाइट शाम 4:15 बजे जानी थी। इसलिए पाटनी परिवार माखननगर से ढाई बजे ही भोपाल एयरपोर्ट पहुंच गए। यहां उन्हें 4:15 बजे कंपनी की तरफ से मैसेज आता है कि फ्लाइट कैंसिल हो गई है। इसके बाद सभी लोग कार से माखननगर के लिए निकल गए।वे जब औबेदुल्लागंज पहुंचे तो फिर उन्हें कंपनी ने फिर मैसेज आया कि उनकी फ्लाइट 8:30 बजे इंदौर के लिए निकलेगी आप आ जाइए। इस पर जबपाटनी परिवार ने जाने से मना किया तो कंपनी ने कहा कि अगर आप नहीं आए तो आपको रिफंड नहीं मिलेगा।

कंपनी ने बताई ये वजह

भोपाल से प्रकाशित हिंदी अखबार के मुताबिक, ये सुनने के बाद लोग वापस 7 बजे फिर भोपाल एयरपोर्ट पहुंच गए। यहां उन्हें टर्मिनल पर ही रोक दिया गया। इसके बाद उन्हें दस बजे सूचना मिली कि फ्लाइट तैयार है। तब भी इन लोगों ने मना किया कि वे अब नहीं जाना चाहते। लेकिन, कंपनी ने फिर कहा कि आपके रुपये रिफंड नहीं होंगे। इस मामले को लेकर कंपनी मैनेजमेंट ने बताया कि सारी गड़बड़ मौसम की वजह से हुई। उनकी फ्लाइट पहले इंदौर, फिर उज्जैन, फिर भोपाल आने वाली थी। लेकिन, चूंकि उज्जैन में मौसम खराब था तो वहां लैंडिंग की अनुमति नहीं मिली।

सर्विस ठीक नही हमे परेशान ही किया

सौजन्य पाटनी ने देनवापोस्ट को बताया कि फ्लायओला कंपनी सर्विस ठीक नही है इतने परेशान होने के बाद भी कंपनी के कर्मचारी ने ठीक से बात ही नही की और जब रात में सफर करने का मना किया तो कहा कि रिफंड बापिस नही होगा।




Mp News:पटवारी ने कसा तंज, कहा- रुपए का कर्ज… 3.7 लाख करोड़, लेकिन मंत्रियों के लिए लग्जरी कारें खरीद रही सरकार!

MP News: Patwari taunted, said- loan of Rs. 3.7 lakh crore, but government is buying luxury cars for ministers

पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने मप्र सरकार पर तंज कसा है।
– फोटो : ANI

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा लगातार लिए जा रहे कर्ज को लेकर पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने सरकार पर तंज कसा है। उन्होंने कहा है कि पौने चार लाख करोड़ के बड़े और भारी कर्ज में डूबी मध्य प्रदेश सरकार अपने मंत्रियों के लिए पांच करोड़ में लग्जरी गाड़ियां खरीदने जा रही है। बताया जा रहा है कि 25 नई चमचमाती गाड़ियां इसी माह के अंत तक आ जाएंगी। उन्होंने कहा कि नई गाड़ियों की डिलीवरी के लिए अगस्त की डेट मिली थी, लेकिन मंत्री इसी माह गाड़ियों की डिमांड कर रहे हैं। दबाव में सरकार ने जून के अंत तक लग्जरी गाड़ियां देने का अनुरोध किया है। जबकि पांच मंत्रियों को नई गाड़ियां पहले ही मिल चुकी हैं।

सरकार नैतिकता के आधार पर लग्जरी में खर्च कम करे

जीतू पटवारी ने आगे कहा कि सुख-सुविधाओं पर करोड़ों खर्च कर चुकी प्रदेश सरकार में अब इतनी भी नैतिकता नहीं बची है कि लग्जरी खर्च को कम कर सके। खास करके तब जब वह बीते दो चुनाव में अपने घोषित वादों को भी पूरा नहीं कर रही है।

लाडली बहनों का मंत्री कैसे करेंगे सामना

पटवारी ने आगे का कहा कि किसानों को घोषित समर्थन मूल्य नहीं देने वाली सरकार के मंत्री यदि लग्जरी गाड़ियों में बैठकर गांव में घूमेंगे, तो किसानों की तकलीफ ज्यादा बढ़ जाएगी। 3000 प्रतिमाह मिलने का सपना देख रही लाखों लाड़ली बहना महंगी गाड़ियों में मंत्रियों के नखरे कैसे झेल पाएंगी? पटवारी ने कहा कि इसके पहले कई सारे माननीय मंत्री महोदय के बंगलों की लग्जरी सजावट में फिर से करोड़ों रुपए खर्च किए गए। कर्ज में डूबी सरकार गरीब जनता के पैसों पर ऐसी लग्जरी कैसे उठा सकती है? विशेष रूप से तब जब मंत्री जी के निवास पहले से ही बेहतर स्थिति में थे।

जनता के पैसों पर ऐश कर रही है सरकार

पटवारी ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री जी के उड़न खटोले के लिए भी गरीब प्रदेश की कर्जदार सरकार ने 56 इंच से बड़ी छाती खोलकर बजट बनाया और देश दुनिया में ढिंढौरा पीट कर कोटेशन भी मंगवाए। महंगे हवाई जहाज में हवा-हवाई सरकार जनता के पैसों से ही तो ऐश करेगी। यह वही जनता है जो गांव, गरीब, किसान और पीड़ित महिलाओं के रूप में मध्यप्रदेश में रह रही है। वह बीजेपी के चुनावी वादों पर भरोसा करती है और चुनाव जीतने के बाद भाजपा की भगौड़ी सूरत को देखकर खुद को ठगा हुआ महसूस करती है।

मुख्यमंत्री से कहा गरीबी में आटा और गीला ना करें

पीसीसी चीफ पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव से आग्रह किया है कि गरीबी में आटे को और ज्यादा गीला नहीं करना चाहिए। लग्जरी खर्चे में कमी करते हुए पहले चुनावी वादों को पूरा करने में ध्यान और धन लगाना चाहिए।

महिला विरोधी सरकार है मोहन सरकार

जीतू ने कहा कि यहां बहनों के साथ इतना अत्याचार हो रहा है, जो विश्व में कहीं नहीं होता। 17 बहनों की रोज अस्मत लुट रही है। धार जिले का वीडियो मार्मिक है। कई वीडियो आते हैं, जिसमें तालीबानी तरीके से महिलाओं को पीटा जा रहा है। तीन हजार रुपये खा गई ये सरकार बहनों के। कहा था चुनाव बाद तीन हजार करेंगे लाडली बहना के, पर दो-दो बार वोट ले लिए। अब उस  विषय पर हलक से एक शब्द नहीं निकल रहा। ये मोहन सरकार महिला विरोधी सरकार है।