Mp News: सीएम डॉ. मोहन यादव ने अमित शाह से की मुलाकात, विकास के मुद्दों पर की चर्चा

MP News: CM Dr. Mohan Yadav met Amit Shah, discussed development issues

दिल्ली में सीएम मोहन यादव ने केंद्रीय मंत्री अमित शाह से मुलाकात की

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से दिल्ली में मुलाकात हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुलाकात के बाद बताया कि उनसे प्रदेश के विभिन्न विकास के मुद्दों पर मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। मुख्यमंत्री का फोकस प्रदेश में निवेश बढ़ाने पर है। इसको लेकर जीआईएस के पहले रीजनल समिट का आयोजन किया जा रहा है। इसकी तैयारियों से लेकर उद्यमी और निवेशकों से खुद मुख्यमंत्री चर्चा कर रहे है।

वहीं, इसके अलावा चर्चा है कि सीएम की दिल्ली में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात के बाद मंत्रियों को जिलों को प्रभार देने पर मुहर लग सकती है। इसमें क्षेत्रीय और जातिगत समीकरणों को ध्यान में रखा जाएगा। वहीं, इसके अलावा विजयपुर से छह बार के विधायक रामनिवास रावत के भाजपा में शामिल होने के बाद कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। उनके मंत्री पद की शपथ लेने के 9 दिन बाद भी रावत को विभ्ज्ञाग का आवंटन नहीं हुआ है। ऐसे में अब कयास लगाए जा रहे है कि सीएम के दिल्ली दौरे के बाद उनको विभाग का आवंटन भी हो सकता है।




Rera’s Round: शिकायत की तो बिल्डर की बजाय शिकायतकर्ता से ही शुरू होंगे सवाल

RERA's round: If you complain, questions start with the complainant instead of the builder.

रेरा मध्य प्रदेश
– फोटो : सोशल मीडिया

प्रदेश की रियल इस्टेट पर अंकुश रखने और तेजी से बढ़ते अवैध निर्माण और कॉलोनियों पर नजर बनाए रखने आकार दिए गए रेरा (रियल इस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी) में मनमानियों और गलत को सही करार देने के हालात बने हुए हैं। नियमों के विपरीत होने वाले कामों को रोकने, उन्हें दुरुस्त करवाने या गलत करने वाले को सजा देने की बजाए नियम तोड़ने वालों को बचाने में रेरा के अधिकारी-कर्मचारी जुटे हुए हैं।

ताजा मामला राजधानी भोपाल में हो रहे नियम विरुद्ध निर्माण हुए टॉवर्स से जुड़ा है। पुराने शहर के शाहजहानाबाद और पुल बोगदा में हुए इन निर्माणों को लेकर शहर के एक व्यक्ति ने रेरा में शिकायत की थी। अप्रैल में की गई इस शिकायत में शाहजहानाबाद के मिलेनियम एनक्लेव और पुल बोगदा के मेट्रो टॉवर में हुई नियमों की अनदेखी का जिक्र किया गया था।

शिकायतकर्ता ने उल्लेख किया था कि नजूल, नगर निगम और अन्य सरकारी विभागों से ली गई अनुमतियों में कई कमियां हैं। इनमें मेट्रो टॉवर वक्फ संपत्ति पर बना दिया गया है। जिसका खरीदी बिक्री होना नियमों के खिलाफ है।

शिकायत पर सवाल

मिलेनियम एनक्लेव और मेट्रो टॉवर की जरूरी अनुमतियों और सरकारी स्वीकृतियों की कमियों के अलावा इसका रेरा रजिस्ट्रेशन भी नहीं कराया गया है। सूत्रों का कहना है कि इन कमियों और अनियमितताओं को लेकर अप्रैल में एक शिकायत की गई थी। करीब तीन माह तक शिकायत दफ्तर की टेबलें नापती रही। जब शिकायतकर्ता ने इस मामले में हुई कार्यवाही की जानकारी मांगना शुरू की तो रेरा ने शिकायतकर्ता को ही चिट्ठी लिख भेजी है। इस चिट्ठी में मिलेनियम एनक्लेव और मेट्रो टॉवर से जुड़े कई सवाल पूछ लिए गए हैं। इन टॉवर्स से संबंधित सवालों के जवाब बिल्डर या कंस्ट्रक्शन कंपनी के पास होने चाहिए। इन सवालों पर शिकायतकर्ता अब असमंजस में हैं कि वे रेरा को क्या जवाब दें।

शिकायत पहुंच जाती है संबंधित के पास

सूत्रों का कहना है कि रेरा में आने वाली अधिकांश शिकायतों पर कार्रवाई नहीं हो पाती है। उसका कारण यह है कि कार्यालय में मौजूद अधिकारी-कर्मचारी बिल्डर, कंस्ट्रूशन कंपनी आदि से सीधे जुड़े हुए हैं। इसके चलते इन लोगों के खिलाफ आने वाली शिकायतों पर कार्रवाई करने की बजाए उन्हें समझाइश, लालच, दबाव के हालात बनाने लगते हैं।

इनका कहना है

रेरा उप सचिव हर प्रसाद वर्मा का कहना है कि शिकायतों से सुधार का रास्ता मिलना आसान होता है। विभाग में आने वाली हर शिकायत को गंभीरता से लिया जाता है। किसी बिंदु की जानकारी के लिए ही शिकायतकर्ता से प्रश्न किया गया होगा।




सारंग के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने पहुंचे कांग्रेस नेता, महिलाओं ने किया नेता प्रतिपक्ष का विरोध

Congress leaders reached to file FIR against Sarang, women protested against the Leader of Opposition

सारंग के खिलाफ शिकायत करने पहुंचे कांग्रेसी नेता

मध्य प्रदेश कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार समेत कई विधायक मंगलवार को राजधानी भोपाल के टीटीनगर थाने पहुंचे। यहां नर्सिंग घोटाला मामले में मंत्री विश्वास सारंग के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। पुलिस ने पहले जांच करने की बात कहकर आवेदन ले लिया। जिस वक्त कांग्रेस नेता टीटीनगर थाने में मौजूद थे, बाहर पार्टी कार्यकर्ता भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसी बीच कुछ महिलाएं वहां पहुंचीं और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे के खिलाफ प्रदर्शन करने लगीं। वे दोनों नेताओं पर यौन शोषण के पुराने मामले में एक्शन लेने की मांग कर रही थीं।

पटवारी बोले सारंग के खिलाफ पर्याप्त सबूत

इस दौरान पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कहा ने कहा है कि ‘नर्सिंग घोटाला मामले में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पर्याप्त सबूत सरकार और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को दिए। तत्कालीन चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने ही नियम बदले। इसी के आधार पर भ्रष्टाचार किया गया। हमने पुलिस से कहा है कि इसकी जांच होनी चाहिए। पुलिस ने 14 दिन का समय मांगा है। हम 18 तारीख को फिर प्रदर्शन करेंगे। महिलाओं के उप नेता प्रतिपक्ष के खिलाफ प्रदर्शन पर पटवारी ने कहा कि चोर की दाढ़ी में तिनका। इन महिलाओं को ऐसे समय में किसने और क्यों भेजा? अगर आप सच्चे हो तो डर कैसा?’

सिंघार बोले विश्वास सारंग कितने डरे हुए हैं यह सभी लोग समझ सकते हैं

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि विश्वास सारंग कितने डरे हुए हैं, यह सभी लोग समझ सकते हैं। सदन में उन्होंने झूठ बोला। वे मंत्री पद क्यों नहीं छोड़ते? निष्पक्ष जांच के बाद अगर वे सही निकलते हैं तो फिर मंत्री बन जाएं। महिलाओं के प्रदर्शन पर सिंघार ने कहा कि लाड़ली बहनों के पैसे सरकार पहले ही खा गई। इन बेचारी बहनों के बारे में क्या बोलूं?

प्रदेश सरकार से बड़ी कार्रवाई की मांग

गौरतलब है कि एफआईआर नर्सिंग घोटाले, नीट पेपर लीक सहित अन्य मुद्दों को लेकर करवाया गया है। बताते चले कि कांग्रेस लंबे समय से नर्सिंग घोटाले मामले को लेकर प्रदेश सरकार से बड़ी कार्रवाई की मांग कर रही है। हालांकि अभी तक इस विषय में कोई बड़ा कदम नहीं उठाया गया। जिसको देखते हुए जीतू पटावरी ने मंत्री विश्वास सारंग के खिलाफ नर्सिंग घोटाले को लेकर FIR दर्ज करवाई है। पटवारी ने बैठक के बाद यह फैसला लिया। बता दें कि सदन में भी नर्सिंग घोटाले को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी पर हमला बोला था।

कांग्रेस नेताओं के सामने ही पहुंच गईं महिलाएं

भोपाल के टीटी नगर थाने में अजीब स्थिति निर्मित हुई जब नर्सिंग मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार उप नेता प्रतिपक्ष हेमन्त कटारे थाने में आवेदन देने गये थे। तभी थाने में महिला उत्थान व सशक्तिकरण मंच की महिलाएं थाने पहुंच गयीं और उमंग सिंघार व हेमन्त कटारे के खिलाफ जोर-जोर से नारे लगाने लगीं। उमंग और हेमन्त को गिरफ्तार करो, गिरफ्तार करो- गिरफ्तार करो| महिलाओं का कहना था कि ये दोनों नेता महिलाओं के प्रति अच्छी भावनाएं नहीं रखते हैं। दोनों के खिलाफ बलात्कार के मामले दर्ज हो चुके हैं। कटारे के खिलाफ बलात्कार और अपहरण का मामला माननीय उच्च न्यायालय में विचाराधीन है।

महिलाओं ने कहा सिंघार और कटारे महिला विरोधी

महिला उत्थान व सशक्तिकरण मंच की सुषमा चौहान, सुनीता प्रमोद शुक्रवारे, सतविंदर कौर, रोहिणी सिंह, सरिता सिटोके, शोभा वाघ आदि ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और उपनेता प्रतिपक्ष हेमन्त कटारे का व्यवहार महिलाओं व युवतियों के प्रति अशोभनीय व अपमानजनक रहा है। महिलाओं ने टी टी नगर थाना प्रभारी को ज्ञापन देकर दोनों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्यवाही किये जाने की मांग भी की है।




Mp News: चहेतों को ठेका देने में टेंडर के नियम बदले, लैब उपकरण खरीदी में अनियमितताएं

MP News: Rules of tender changed in giving contract to favorite, irregularities in purchase of lab equipment i

मंत्रालय

मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग में चहेते को ठेका देने के लिए अधिकारियों ने टेंडर की शर्तों में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। 17 करोड़ के टेंडर में कॉलेजों में लैब के उपकरण खरीदी का काम होना है। अब इस मामले में कांग्रेस विधायक और उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को शिकायत की है। वहीं, विभाग के अपर मुख्य सचिव केसी गुप्ता ने मामले की जांच के लिए आयुक्त को निर्देश दिए हैं।

मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग में केंद्र सरकार की योजना राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) के तहत कॉलेजों में लैब के उपकरण खरीदी के लिए इसी साल जनवरी 2024 में टेंडर जारी किए, इसको बाद में लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के चलते रोक दिया गया। इसके बाद आचार संहिता समाप्त होने के बाद 21 दिनों की जगह 14 दिन के लिए टेंडर प्रक्रिया में आवेदन करने का समय दिया गया। फिर इसे 10 दिन में ही खोल दिया गया। यह स्टेट पर्चेस रूल का सीधा उल्लंघन है। आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया में कम समय कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए दिया गया।

टेंडर की प्रक्रिया को पोर्टल पर भी अपडेट नहीं किया गया। खास बात तो यह है कि पोर्टल पर जब टेंडर प्रक्रिया में दिख रहा है, उसके पहले ही डेमोंस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई। इससे साफ है कि टेंडर में भाग लेने वाले लोगों से प्रक्रिया को छिपाया जा रहा है। वहीं, डेमोंस्ट्रेशन के लिए भी एक दिन का समय देने का आरोप है, ताकि दूसरे राज्यों से भाग लेने वाले डेमोंस्ट्रेशन में शामिल ही नहीं हो सकें। इसके अलावा टेंडर में भारी भरकम ईएमडी और करोड़ों रुपये का टर्नओवर मांगा गया। इससे कई सप्लायर प्रतिस्पर्धा से ही बाहर हो गए।

सीएम से कार्रवाई की मांग

वहीं, कांग्रेस विधायक और उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने मुख्यमंत्री को टेंडर की छह खामियों को लेकर पत्र लिखा है। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विभाग के अधिकारी समूह बनाकर गड़बड़ियों को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूरे मामले से संबंधित मुद्दों पर गहन जांच कराने और आवश्यक कार्यवाही करने की मांग की है।

आयुक्त से जांच करने को कहा

मामले में अपर मुख्य सचिव केसी गुप्ता ने कहा कि इस संबंध में शिकायत मिली है। उसे वर्तमान आयुक्त को जांच के लिए लिखा है। शिकायत में मामला किस समय का है स्पष्ट नहीं है। आयुक्त से रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कह पाऊंगा।




Mp News: सीएम डॉ. यादव ने कहा- हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी में शुरू हो कृषि विषयों की पढ़ाई

 

MP News: CM Dr. Yadav said - study of agricultural subjects should start in high school and higher secondary c

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

विस्तार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हाई स्कूल और हायर सेकंडरी कक्षाओं में कृषि, बागवानी, मत्स्य पालन, पशुपालन आदि विषयों की पढ़ाई आरंभ की जाए। प्रदेश की शालाओं में अध्यनरत विद्यार्थी अधिकांशत: खेती-बाड़ी की पृष्ठभूमि वाले परिवारों से आते हैं। अतः इन विषयों पर पढ़ाई आरंभ करने से विद्यार्थियों का शालाओं से अधिक जुड़ाव होगा और अध्ययन-अध्यापन परिवार के लिए अधिक उपयोगी बन सकेगा। सी.एम. राइज स्कूलों में इन विषयों की पढ़ाई प्राथमिकता से आरंभ की जाए। 

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन कक्षाओं में संकाय व्यवस्था के स्थान पर विद्यार्थियों को अपनी रुचि व प्राथमिकता के आधार पर विषय चुनने की व्यवस्था भी की जाए। यह व्यवस्था उच्च शिक्षा में लागू हो चुकी है, स्कूल स्तर पर यह व्यवस्था क्रियान्वित करने के लिए शिक्षाविदों, शिक्षकों, स्वयंसेवी संस्था तथा विषय-विशेषज्ञों की टास्क फोर्स गठित की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय में सी.एम. राइज स्कूलों के संचालन की बैठक में उक्त निर्देश दिए। जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह, स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह, मुख्य सचिव वीरा राणा सहित अधिकारी उपस्थित थे।

प्रत्येक विकासखंड में हो एक आई.टी.आई

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों तथा ग्रामीण अंचल में प्राथमिकता के आधार पर सी.एम. राइज स्कूल आरंभ किए जाएं तथा इन शालाओं में शिक्षकों व स्टाफ के लिए आवास की व्यवस्था आवश्यक रूप से सुनिश्चित की जाए। इस संबंध में भारत सरकार से भी सहायता प्राप्त करने की दिशा में प्रयास करना आवश्यक है। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि शिक्षा को रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से प्रत्येक विकासखंड में एक आई.टी.आई. स्थापित करने की दिशा में प्रयास हों, जिन विकासखंडों में आई.टी.आई. नहीं है, वहां निजी क्षेत्र की पहल से सुविधा उपलब्ध कराने की रणनीति बनाई जाए। आगामी इंडस्ट्रियल समिट में भी इस दिशा में इच्छुक निवेशकों से चर्चा की जाए।    

 

सी.एम. राइज स्कूलों में करें ई-व्हीकल्स का उपयोग 

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सी.एम. राइज स्कूलों की परिवहन व्यवस्था में ई-व्हीकल्स का अधिक से अधिक उपयोग किया जाए। नगरीय निकायों में बने सी.एम. राइज स्कूलों के विद्यार्थियों के आवागमन के लिए नगरीय निकाय की नगर वाहन सेवा के अंतर्गत चल रहे वाहनों का भी उपयोग किया जाए। विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति और सुविधाजनक विद्यालय आवागमन के लिए वाहनों के रखरखाव को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नवीन विद्यालयों के भवन निर्माण के लिए भूमि के चिन्हांकन का कार्य परस्पर विभागीय समन्वय से समय-सीमा में पूर्ण किया जाए। प्रकरणों में विलंब होने की स्थिति में उनका निराकरण राज्य स्तर से कराया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि स्कूलों के आसपास कोई अतिक्रमण न हो। 

अगस्त माह तक पूर्ण होंगे 21 विद्यालयों के भवन

 

बैठक में जानकारी दी गई कि प्रथम चरण में बनने वाले 274 सी.एम. राइज स्कूलों में 21 विद्यालयों का भवन निर्माण अगस्त माह तक पूर्ण होगा। शेष विद्यालयों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। बैठक में नि:शुल्क परिवहन सेवा, आवश्यक सामग्री की आपूर्ति, अधो-संरचना विकास, शैक्षणिक गतिविधियों, व्यावसायिक शिक्षा आदि के सबंध में प्रेजेंटेशन दिया गया।

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Mp Politics: कांग्रेस ने पार्टी छोड़ने वाले नेताओं के लिए बंद किए दरवाजे

MP politics: Congress closed the doors for the leaders who left the party, new leadership will be ready, strat

pcc bhopal

मध्य प्रदेश कांग्रेस पार्टी जहां विधानसभा और लोकसभा चुनाव में लगातार हार का सामना करना पड़ा है वही पार्टी छोड़ने वाले नेताओं की भी झड़ी लगी हुई कुछ नेता भाजपा में सही जगह नहीं मिलने से कांग्रेस में वापसी करना चाहते हैं लेकिन कांग्रेस एक बार पार्टी छोड़कर गए नेताओं के लिए रास्ते बंद कर दिए। निचले स्तर तक कांग्रेस अब नए नेतृत्व तैयार करेगी। कांग्रेस एक बार फिर संगठन में जान फूंकने की कोशिश कर रही है। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में शनिवार और रविवार को चली मैराथन बैठक के बाद संगठन की मजबूती और जनता के बीच पकड़ बनाने के लिए रणनीति बनी है।

अलग-अलग विभागों के हुए भ्रष्टाचार को गांव-गांव तक ले जाने की तैयारी

प्रदेश में अलग-अलग विभागों से भ्रष्टाचार की जानकारी सामने आ रही है, इसे लेकर कांग्रेस सरकार पर हमलावर है। अब पार्टी ने तय किया है कि इन मुद्दों को ग्रामीण स्तर तक ले जाकर जनता को बताया जाएगा।पार्टी के सभी नेता अब भ्रष्टाचार पर सबसे अधिक ध्यान देंगे। कांग्रेस विभागवार गड़बड़ी का तथ्यात्मक चिट्ठा तैयार कर रही है । सभी विभाग का प्रजेंटेशन तैयार कर जनता को दिखाया और बताया जाएगा।

सदस्यता अभियान पर जोर

बैठक में तय किया गया है कि प्रदेश में पार्टी का विस्तार किया जाएगा। इसके लिए ग्रामीण स्तर तक सदस्यता अभियान चलाया जाएगा और युवाओं को पार्टी के साथ जोड़ने का काम किया जाएगा। प्रदेश में लगातार सदस्यता अभियान चलेगा। पार्टी का जोर नया नेतृत्व विकसित करने पर रहेगा। हर अंचल में अलग-अलग वर्ग का नया नेतृत्व तैयार किया जाएगा। इसमें अधिक से अधिक युवाओं को मौका दिया जाएगा।

पार्टी को मजबूत करने प्रत्याशियों ने दिए कई सुझाव

विधानसभा चुनाव हारे प्रत्याशियों और विधायकों ने कई पार्टी को मजबूत बनने के लिए कई सुझाव दिए हैं। जिसके बाद बैठक में तय किया गया है कि पार्टी पूरे जज्बे और मजबूती के साथ एक बार फिर जनता की आवाज बनेगी।  राजनीतिक मामले की समिति में शामिल सदस्यों ने सभी सुझाव दिए हैं। इस आधार पर संगठन में बदलाव किया जाएगा। जनता के बीच पहुंचने के लिए अभियान चलाए जाएंगे। लोकसभा और विधानसभा चुनाव में भितरघात करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

कांग्रेस के संविधान के अनुसार बनेगी नई कार्यकारिणी

मध्य प्रदेश प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह ने कहा है कि 15 से 20 दिन के अंदर नई कार्यकारिणी घोषित कर दी जाएगी। खास बातें हैं कि प्रदेश की नई कार्यकारिणी कांग्रेस के संविधान के अनुसार बनेगी। यह पहले की तरह बहुत बड़ी नहीं होगी। जो पद जितनी संख्या में निर्धारित हैं, उतने पदाधिकारियों को ही मौका दिया जाएगा। साथ ही अब राज्य स्तर के पदाधिकारियों के दौरा कार्यक्रम पीसीसी से बनाए जाएंगे। जिला इकाइयों को अपना अधिक ध्यान ग्रामीण क्षेत्रों में लगाना होगा। चार वर्ष तक सशक्त विपक्ष की भूमिका पार्टी निभाएगी हर स्तर पर सामंजस्य बनाकर काम करना है।

पार्टी छोड़कर गए नेताओं के लिए दिग्विजय ने दिया सुझाव

पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने बैठक में सुझाव दिया है कि जो लोग पार्टी से चले गए वह विचारधारा से अलग हो चुके हैं, उन्हें लेने की आवश्यकता नहीं है। वहीं पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा है कि अनुशासन ऊपर से नीचे की होना चाहिए और पारदर्शिता नीचे से। कोई भी हो अनुशासनहीनता पर सख्त कार्रवाई की जाए। जबकि पूर्व मंत्री सचिन यादव ने सुझाया कि जो लोग कांग्रेस छोड़ निर्दलीय लड़े, भले ही अच्छी स्थिति में रहे पर उन्हें दोबारा टिकट न दिया जाए।

अरुण यादव ने सुझाव दिया कि मोर्चा व संगठनों को दिए कामों की निगरानी राज्य स्तर से होनी चाहिए। समिति में नकुल नाथ भी थे, पर बाहर होने के कारण शामिल नहीं हो पाए। 15 दिन बाद फिर इन्हीं विषयों पर एक बार जितेन्द्र सिंह की उपस्थिति में बैठक होगी, जिसमें सुझावों को अंतिम रूप देकर लागू किया जाएगा। पूरी तैयारी है कि छह माह में कांग्रेस संगठन नए रूप में आ जाए।




हमीदिया अस्पताल की 727 करोड़ रुपए की बिल्डिंग एक साल भी नहीं टिक पाई

Hamidia Hospital's building worth Rs 727 crore did not last even a year

हमीदिया अस्पताल

राजधानी भोपाल में मरीज को उच्च स्तरीय इलाज मुहैया कराने के लिए 727 करोड़ की लागत से हमीदिया अस्पताल की नई बिल्डिंग तैयार की गई है, लेकिन इसके निर्माण की गुणवत्ता पर अभी से सवाल उठने लगे हैं। अस्पताल की नई बिल्डिंग की एक बार फिर से रविवार देर रात करीब सवा बारह बजे  इमरजेंसी वार्ड की फॉल सीलिंग गिर गई। हादसा उस वक्त हुआ जब डॉक्टर सौमित्र बाथम मरीजों को देख रहे थे। यह वही कमरा है जहां पर पर्चा बनवाने के बाद मरीज सबसे पहले पहुंचते हैं। हालांकि नई बिल्डिंग की फॉल सीलिंग गिरने का ये पहला नहीं बल्कि चौथा मामला है।

मरीज को देख रहे डॉक्टर ने बताई पूरी घटना

इमरजेंसी में हुई फॉल सीलिंग की घटना के समय वहां मौजूद डॉ. सौमित्र बाथम ने बताया कि घटना रविवार रात करीब सवा 12 बजे मै इमरजेंसी वार्ड में अपने कैबिन में मरीज देख रहा था। इसी दौरान खिड़की के पास की फॉल सीलिंग भरभरा कर गिर गई। मै पेशेंट के साथ केबिन से तुरंत बाहर आ गया। गनीमत रही कि मुझे और पेशेंट को कोई चोट नहीं आई। जिसके बाद फॉल सीलिंग गिरने की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने पिछले साल अगस्त में किया था उद्घाटन

हमीदिया अस्पताल की इमरजेंसी का उद्घाटन अगस्त 2023 में पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया था। साथ ही उन्होंने गांधी मेडिकल कॉलेज में नए ओपीडी ब्लॉक का भूमिपूजन भी किया था। बिल्डिंग 727 करोड़ रुपए की लागत से तैयार की गई थी। हमीदिया अस्पताल इमरजेंसी में रोजाना 150 से अधिक मरीज इलाज करने आते हैं। 24 घंटे की बात की जाए तो यह संख्या 200-350 तक होती है।

वर्ल्ड क्लास ट्रीटमेंट देने की हुई थी बात

तत्कालीन चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा था कि हमारा यह सपना था कि हमारे मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी मेडिसिन डिपार्टमेंट को वर्ल्ड क्लास ट्रीटमेंट मिल सके। जैसा कि कॉर्पोरेट अस्पतालों में होता है। इसके लिए हमने यहां सभी सुविधाओं की व्यवस्था की । हम यहां सुनिश्चित करेंगे कि किस ढंग से पेशेंट को किस स्तर की चिकित्सीय व्यवस्था की जरूरत है, उसके लिए हमने तीन जोन रेड, येलो और ग्रीन बनाए थे।

11 मंजिल की बिल्डिंग की लिफ्ट आए दिन रहती है बंद

हमीदिया अस्पताल की नई बिल्डिंग 727 करोड़ की लागत से बन तो गई मगर अव्यवस्थाओं का आलम यह है कि यहां आने वाले मरीजों को अभी भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 11 मंजिल की बिल्डिंग में आए दिन लिफ्ट बंद रहती है, जिससे मरीजों के परिजनों को ऊपर जाने में काफी मस्कत करनी पड़ती है। यह लिफ्ट आए दिन बंद रहती है, जिसकी शिकायत मरीज अपने फीडबैक में भी देते हैं। लेकिन यहां के जिम्मेदार अधिकारी लिफ्ट को संचालित करने वाली कंपनी पर ना तो कोई चालान करते हैं ना ही कोई कार्रवाई।

व्हीलचेयर के लिए भी काटने पड़ते हैं चक्कर

मरीज जब अस्पताल पहुंचता है तो उसे सीरियस होने की कंडीशन में व्हीलचेयर या स्टेचर की जरूरत पड़ती है। लेकिन हमीदिया अस्पताल में मरीज को व्हीलचेयर या स्टेचर लेने के लिए चक्कर काटने पड़ जाते हैं। यहां तैनात वार्ड बॉय भी गायब रहते हैं बार-बार शिकायत करने के बाद ही मरीजों को व्हीलचेयर स्टेशन मिल पाता है इसकी भी शिकायत लगातार होती रहती है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती। हमीदिया के इमरजेंसी वार्ड में पहुंचने वाले मरीज और उनके परिजनों को ज्यादा परेशानी उठानी पड़ती है।

436 से 726 करोड़ तक बढ़ी राशि, गुणवत्ता फेल

जानकारी के लिए बतादें कि हमीदिया अस्पताल की नई बिल्डिंग के लिए शुरुआत में 436 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए थे। इसका वर्क ऑर्डर 2016-17 में जारी किया गया था। इसकी डेडलाइन वर्ष 2018-19 रखी गई थी। लेकिन, बिल्डिंग में बदलावों के चलते बजट रिवाइज होने के बाद पहले 479 करोड़ फिर 727 करोड़ रुपए कर दिया गया। इसको अगल-अगल कारण से 13 बार एक्सटेंशन दिए गए। इसमें ब्लॉक-1 करीब 165 करोड़ रुपए की लागत से बनाया जा रहा है। बिल्डिंग की क्षमता 200 बिस्तर है। इस अस्पताल के काम पूरा होने की कई बार टाइमलाइन बढ़ाई गई थी, बावजूद इसके अस्पताल के बिल्डिंग का गुणवत्ता युक्त काम नहीं किया गया।




Bhopal News: माखनलाल यूनिवर्सिटी का नाम यूजीसी की डिफॉल्टर यूनिवर्सिटी की सूची से हटा

Bhopal: Name of Makhanlal University removed from UGC's list of defaulter universities

माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय
– फोटो : सोशल मीडिया

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने लोकपाल की नियुक्ति न करने पर देश के डिफॉल्टर विश्वविद्यालयों की सूची से माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय का नाम हटा लिया है।

गौरतलब है कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने लोकपाल की नियुक्ति न करने पर एमसीयू का नाम डिफॉल्टर विश्वविद्यालय की सूची में शामिल कर लिया था। जबकि एमसीयू के कुलगुरु डॉ केजी सुरेश के प्रयासों से विश्वविद्यालय द्वारा 7 जून को ही पूर्व सेवानिवृत प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ओमप्रकाश सुनरया की नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए गए थे। जिसके बाद कि एमसीयू के कुलगुरु ने इस विषय में गहरी आपत्ति दर्ज कराते हुए यूजीसी को पत्र लिखा था। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने कदम उठाते हुए नई अपडेटेड सूची जारी कि जिसमें एमसीयू का नाम डिफॉल्टर विश्वविद्यालय की सूची से हटा दिया है।

संवादहीनता की वजह से हुई गलतफहमी

इस बारे में प्रो. सुरेश ने यूजीसी को धन्यवाद ज्ञापित किया है। उन्होंने आभार प्रकट करते हुए कहा कि संवादहीनता की वजह से कुछ गलतफहमी हो गई थी, जिसे यूजीसी ने सुधार लिया है। प्रो. सुरेश ने कहा कि लोकपाल की नियुक्ति संबंधी प्रक्रिया के बीच लोकसभा चुनाव के कारण आचार संहिता लग गई थी। इसके हटने के तत्काल बाद 7 जून को लोकपाल की नियुक्ति के आदेश एमसीयू प्रशासन द्वारा जारी कर दिए गए थे। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय यूजीसी के सभी नियमों का सुचारु रूप से पालन करता है एवं शीघ्रता के साथ लागू भी करता है। कुलगुरु प्रो. सुरेश ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति को भी एमसीयू द्वारा तीन साल पहले ही लागू किया जा चुका है। जबकि कई विश्वविद्यालयों में अभी तक इसे लागू नहीं किया गया है। लेकिन एमसीयू हर विषय में गंभीरता दिखाते हुए बहुत शीघ्रता के साथ निर्णय लेता है।




Mp News: सीएम यादव ने कहा, प्रदेश सरकार चारों जातियों, महिला, किसान, युवा को ध्यान में रखकर काम कर रही है

MP News: CM Yadav said, the state government is working keeping in mind the four castes, women, farmers, youth

भोपाल में भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक को संबोधित करते सीएम डॉ. मोहन यादव

लोकसभा चुनाव की ऐतिहासिक जीत के बाद प्रदेश भाजपा कार्यसमिति की बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार चार वर्ग महिला, किसान, युवा और गरीब को ध्यान में रखकर काम कर रही है। उन्होंने प्रदेश में अस्पतालों से शवों को लेकर जाने वाली घटनाओं पर चिंता जाहिर की। सीएम ने कहा कि कोई हाथ में तो कोई साइकिल पर शव लेकर जाते रहे हैं, हमने बजट में वाहन से घर तक शव को पहुंचाने के लिए संवेदना के साथ प्रबंध किया है।

उन्होंने कहा कि कई बार अनजाने में गलती हो जाती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को भी आसपास ध्यान देने और घटनाओं को रोकने की बात कही। हम पहली बार अस्पतालों में 40 हजार पद एक साथ भरने का काम कर रहे है। भर्तियों में आरक्षण को लेकर कष्ट आ रहा, जिसकी वजह से हमारे विरोधी कोर्ट चले गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश रोजगार और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए अलग-अलग समिट कर रहे हैं। बाहर से उद्यमी आना चाहिए, लेकिन प्रदेश में स्थानीय उद्योग को भी बढ़ावा देना होगा। हमने पहली रीजनल समिट उज्जैन में की। अब 20 जुलाई को जबलपुर में रीजनल समिट करने वाले हैं। अलग-अलग क्षेत्रों में समिट का आयोजन करेंगे। सिंगरौली में एयर टैक्सी में दो महीने की वेटिंग चल रही है। धार्मिक पयर्टन के लिए अब 10 तारीख को हमें 16 सीटर प्लेन मिलने वाला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 55 जिलों में एक्सीलेंस कॉलेज प्रारंभ होने वाले हैं। एक्सीलेंस कॉलेज में बस देने का काम कर रहे हैं। बस चलाने के चलते वाहन की सुविधा लगती है।

बालक बुद्धि राहुल को कौन समझाए- शिवराज

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इंडी गठबंधन इस चुनाव में पूरी तरह से हारा है, लेकिन कांग्रेस हार के बाद भी जश्न मना रही है। कांगेस देश में गलत नैरेटिव सेट करने की कोशिश कर रही है कि वह वह सफल हुई है। भाजपा कार्यकर्ताओं को यह गलत नैरेटिव सेट नहीं होने देना है। सफलता सिर्फ भाजपा को मिली है, सफल सिर्फ भाजपा हुई है। भारतीय जनता पार्टी दक्षिण के राज्यों में भी सफलता प्राप्त कर रही है। केरल में पहली बार हमारी पार्टी का खाता खुला। उड़ीसा में चमत्कार हुआ और भाजपा ने विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की है। आंध्रप्रदेश में भाजपा के 10 प्रतिशत वोट बढ़े हैं। तेलंगाना, केरल और तमिलनाडु में भी भाजपा के वोट बढ़े हैं। कर्नाटक में 28 में 17 सीटें जीतकर भाजपा सफल हुई है। राहुल गांधी ने अग्निवीर को एक करोड़ की आर्थिक सहायता नहीं मिलने का झूठ बोला, एमएसपी को लेकर झूठ बोला। लेकिन जब सदन में एमएसपी के आंकड़े रखे तो चुप हो गए। राहुल गांधी कह रहे हैं कि हमने राम मंदिर आंदोलन को हरा दिया है। बालक बुद्धि राहुल गांधी को कौन समझाए कि हिंदुत्व की परिषाभा क्या होती है। राहुल गांधी और उनका परिवार हिंदुत्व की परिभाषा नहीं जानता।

मोदी के तीसरी बार पीएम बनने पर बधाई प्रस्ताव पास

भारतीय जनता पार्टी विस्तारित प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने पर बधाई प्रस्ताव और प्रदेश में विधानसभा और लोकसभा चुनाव में मिली जीत के साथ विकसित भारत के लिए विकसित मध्यप्रदेश का लक्ष्य लेकर प्रस्ताव पारित किया। पूर्व मंत्री और विधायक अर्चना चिटनीस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने का प्रस्ताव पारित होने के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का तीसरी बार प्रधानमंत्री बनना हमारे लिए गौरव की बात है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत ’सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के मूल मंत्र के साथ भारत निरंतर विकास के रास्ते पर नए आयाम छू रहा है और 2047 तक विकसित भारत का संकल्प पूरा कर विश्व गुरु बनेगा। विधायक हरिशंकर खटीक ने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में तेज गति से विकास हो रहा है। प्रथम प्रस्ताव प्रदेश महामंत्री व सांसद कविता पाटीदार ने रखा, जिसका समर्थन केंद्रीय राज्यमंत्री दुर्गादास उइके व प्रदेश शासन के उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने किया। द्वितीय प्रस्ताव भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री रणवीर सिंह रावत ने रखा और समर्थन प्रदेश शासन के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला एवं विधायक बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने किया।

13 से 20 जुलाई के बीच करें शक्ति केन्द्र सम्मेलन व पोलिंग एजेंटों का सम्मान

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद जी ने संगठन की आगामी कार्ययोजना की जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश की विस्तारित कार्य समिति की बैठक के बाद जिला और मंडल स्तर की कार्यसमिति की बैठक आयोजित की जानी हैं। 9 से 12 जुलाई तक प्रदेश के सभी जलों की कार्यसमिति की बैठकें करनी हैं। जिन जिलों में 9 जुलाई को बैठक हो जाएगी, वहां 10 से 15 जुलाई के मध्य मंडल स्तर की कार्यसमिति की बैठकें आयोजित की जाएं। 13 से 20 जुलाई के मध्य शक्ति केंद्रों का सम्मेलन आयोजित किया जाए, जिनमें पोलिंग एजेंटों को सम्मानित किया जाए। उन्होंने श्योपुर, सीहोर और सागर जिले के कार्यकर्ताओं को चुनाव की तैयारी करने को भी कहा। बता दें दो कांग्रेस विधायक श्योपुर की विजयपुर से रामनिवास रावत, सागर की बीना सीट से निर्मला सप्रे भाजपा में शामिल हुई है। हालांकि अभी दोनों ने इस्तीफे नहीं दिए है। वहीं, सीहोर की बुधनी सीट से शिवराज सिंह चौहान विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे चुके है। इन तीनों सीटों पर उपचुनाव होना तय है।




Mp News: रामनिवास रावत बने राज्य मंत्री, राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने दिलाई शपथ, अब 31 मंत्री

MP NEWS: Ram Niwas Rawat becomes Minister of State, Governor Mangu Bhai Patel administers oath, now 31 ministe

विधायक रामनिवास रावत

मध्य प्रदेश डॉ. मोहन यादव कैबिनेट का सोमवार को विस्तार हुआ। इसमें कांग्रेस से भाजपा में शामिल होने वाले रामनिवास रावत को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। राजभवन में हुए कार्यक्रम में वियजपुर से विधायक रामनिवास रावत ने राज्यमंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने 9 बजे रावत को शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समेत कई मंत्री शामिल हुए।

रामनिवास रावत ने भाजपा में शामिल होने के बाद भी अपनी विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा नहीं दिया था। अब मंत्री पद की शपथ लेने के बाद रावत अपने पद से इस्तीफा दे सकते है। जिसके बाद विजयपुर सीट पर उपचुनाव होगा। वहीं, डॉ. मोहन यादव कैबिनेट में अब 31 मंत्री हो गए है।