Mp News: सरकार ने मेडिकल कॉलेजों के जूनियर डॉक्टरों का मासिक वजीफा बढ़ाया

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नई ट्रांसफर पॉलिसी की पूरी तैयारी हो गई है। इस बार प्रशासनिक, पुलिस, शिक्षा विभाग से लेकर सभी विभागों में बड़ी संख्या में तबादलें होंगे। पिछली ट्रांसफर पॉलिसी में विभागों के प्रमुख के ट्रांसफर मुख्यमंत्री की अनुमति जरूरी थी। वहीं, प्रथम श्रेणी, द्वितीय श्रेणी, तृतीय श्रेणी के अधिकारी और कर्मचारियों के ट्रांसफर मुख्यमंत्री के अनुमोदन के बाद विभाग जारी करता था। वहीं, लोकसभा चुनाव के पहले सरकार ने कई अधिकारियों को आयोग के कहने पर इधर से उधर किया था। ऐसे में इस बार मुख्यमंत्री पूरी प्रशासनिक जमावट अपने हिसाब से करेंगे। इसमें कई जिलाें में कलेक्टर, एसपी और मुख्यालयों में बैठे अधिकारियों के भी वे नवीन पदस्थापना आदेश अपने हिसाब से जारी कर सकते हैं।

भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य
भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य ने पिछले पंचर वाले बयान पर मचे बवाल को लेकर अपनी बात बदली जरूर, लेकिन इसमें भी व्यवस्था पर तंज दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि अगर मेरे कहने से आप कलेक्टर बन सकते हो, तो मैं अपने शब्द वापस लेता हूं… जाओ, अब तुम सब कलेक्टर बन जाओ… आप यह बताओ कि क्या लोग तुम्हें-हमें आसानी से कलेक्टर बनने देंगे..?
शाक्य ने कहा कि मैं कह दूं कि तुम सब एमएलए बन जाओ, सांसद बन जाओ… अरे! इतना आसान है क्या कुछ भी बन जाना…।
मुझे ही देख लो… मैं 1977 से लगातार लगा था, तब जाकर 2013 में मौका मिला। यह सब यूं ही नहीं हो जाता। आप कल्पना कीजिए… मैंने पंक्चर की दुकान का सिर्फ उदाहरण स्वरूप कहा था… मेरा मतलब ये नहीं था कि आप पंक्चर की दुकान खोलकर ही बैठ जाओ। आप अपना लक्ष्य तो तय करो कि आपको बनना क्या है? मैंने भी लक्ष्य बनाया था, मुझे विधायक बनना था… मैं इस जन्म में नहीं बनता, तो अगले जन्म में बनता और अगर अगले जन्म में भी नहीं बनता, तो उसके अगले जन्म में प्रयास करता। मैंने सात जन्म का तय कर रखा था कि एक बार विधायक बनना है और परमात्मा ने हमें आशीर्वाद दिया और आप सबके सहयोग से मैं इसी जन्म में विधायक बन गया। गौरतलब है कि गुना विधायक पन्नालाल शाक्य विजय दिवस के 25 वर्ष पूरे होने पर भाजपा द्वारा स्थानीय लाल परेड ग्राउंड पर आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान अनेक भाजपा नेता-कार्यकर्ता मौजूद थे।

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मंत्रियों के बंगलों में साज-सज्जा और नए निर्माण के लिए अनुमति जरूरी
वित्त विभाग के आदेश के अनुसार के अनुसार राम वन गमन पथ अचल विकास योजना, मंत्रियों के बंगलों की साज सज्ज, तीर्थ यात्रा योजना, ग्रामीण परिवहन नीति क्रियान्वयन, नए मेडिकल कॉले और नर्सिंग कॉलेज का निर्माण, मुख्यमंत्री ऋण समाधान योजना, मुख्यमंत्री स्कूल शिक्षा स्कूटी योजना, पीएम आवास योजना, मुख्यमंत्री लाड़ली बहना आवास योजना, कायाकल्य अभियान, अमृत 2.0 जीआईएस बेस्ड मास्टर प्लान, उद्योग निवेश संवर्धन सहायता योजना,किसानों से फसल उपार्जन पर बोनस का भुगतान, मुख्यमंत्री कृषक फसल उपार्जन सहायता योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, नए नर्सिंग कॉलेज का निर्माण, डॉ टंट्या भील मंदिर का जीर्णोद्धार, राजा संग्राम सिंह पुरस्कार योजना, पीएम जनमन, लाड़ली लक्ष्मी योजना, महिलाओं के लिए रोजगार मूलक आर्थिक सहायता योजना समेत 46 विभाग की 127 से ज्यादा योजनाओं के भुगतान से पहले वित्त विभाग की अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
एमपी पीपुल्स फ्रेंडली, डेवलपमेंट फ्रेंडली और एनवायरनमेंट फ्रेंडली
मुख्यमंत्री ने कहा कि मप्र को खनिज-वन-जल और पर्यटन संपदा का भरपूर उपहार मिला है। उद्योगों की स्थापना और निवेश के लिए मध्य प्रदेश पीपुल्स फ्रेंडली, डेवलपमेंट फ्रेंडली और एनवायरनमेंट फ्रेंडली स्थान है। प्रदेश की अन्य राज्यों से कनेक्टिविटी अच्छी है, प्रदेश के इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से विभिन्न एक्सप्रेस-वे गुजर रहे हैं। प्रदेश विद्युत सरप्लस स्टेट है, ‘उद्योगों के लिए पर्याप्त लैंड बैंक की भी उपलब्धता है और यहां क्लीन व ग्रीन एनर्जी का भंडार है। राज्य में 320 से अधिक औद्योगिक क्षेत्र, 10 फूड पार्क्स, 5 आईटी एसईजेड, 2 स्पाइस पार्क्स, 2 मल्टी प्रोडक्ट एसईजेड तथा दो प्लास्टिक पार्क्स हैं। नए औद्योगिक पार्कों एवं एस.ई.जेड. की स्थापना की जा रही है। सीएम ने कहा कि मध्य प्रदेश फ्यूचर रेडी प्रदेश है, यहां संभावनाओं के साथ सरकार का सहयोग एवं जनता का साथ है।
1200 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हुए
प्रदेश सरकार ने एमपी में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों के प्रोत्साहन के लिए भोपाल में 7-8 फरवरी 2025 को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में तमिलनाडु के उद्योगपतियों को आमंत्रित करने के उद्देश्य से कोयंबतूर में रोड शो और निवेशकों व उद्योगपतियों के साथ इंटरेक्टिव सत्र आयोजित किया गया। सत्र में 1200 से अधिक प्रतिनिधियों ने भागीदारी की तथा मध्य प्रदेश में निवेश के लिए 3500 करोड़ रुपये से अधिक निवेश के प्रस्ताव प्राप्त हुए।
तीन एमओयू पर हस्ताक्षर
इंटरेक्टिव सत्र में 25 से अधिक उद्योगपतियों तथा 4 प्रमुख उद्योग संगठनों के साथ वन-टू-वन बैठक की गई साथ ही राज्य के “एक जिला-एक उत्पाद” के संबंध में भी जानकारी का प्रसार किया गया। इसके साथ ही इंडियन कॉटन कारपोरेशन के साथ प्रदेश में ईएलएस कॉटन के उत्पादन और रकबे को बढ़ावा देने के लिए नॉलेज शेयरिंग और प्रदेश में स्क्लिड मैन पावर की उपलब्धता को बढ़ाने तथा टैक्सटाइल क्लस्टर स्थापित करने के लिए तिरुपुर एक्सपोर्ट एसोसिएशन के साथ नॉलेज शेयरिंग संबंधी एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। मध्य प्रदेश में कपास की खेती को बढ़ावा देने और रिसर्च एंड डेवलपमेंट शेयरिंग के लिए साउथ इंडिया मिल्स एसोसिएशन के साथ भी एमओयू हुआ।

भाजपा नेता प्रभात झा नहीं रहे।
मध्य प्रदेश भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता प्रभात झा का दिल्ली में निधन हो गया। उन्होंने शुक्रवार सुबह को दिल्ली के मेदांता अस्पताल में अंतिम सांस ली। उन्हें करीब 26 दिन पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
जानकारी के अनुसार दिमागी बुखार के बाद उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई थी। जिसके बाद उन्हें भोपाल के बंसल अस्पताल में भर्ती किया गया था। दो दिन बाद प्रभात झा को एयरलिफ्ट कर दिल्ली के मेदांता अस्पताल में शिफ्ट किया गया था। जहां उनका इलाज चल रहा था। शुक्रवार सुबह झा लंबे संघर्ष के बाद अनंत यात्रा पर निकल गए। उनका अंतिम संस्कार बिहार में उनके पैतृक गांव में किया जाएगा। झा मध्य प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष, राज्यसभा सदस्य और भाजपा के राष्ट्रीय सचिव भी रह चुके हैं। उन्होंने पत्रकारिता से अपने करियर की शुरुआत की थी।
सीएम और पूर्व सीएम पहुंचे थे मिलने
प्रभात झा का दिमागी बुखार के चलते न्यूरोलॉजिकल परेशानियां आ रही थी। जिसके चलते उनको कुछ दिन पहले भोपाल के बंसल अस्पताल में भर्ती किया गया था। जिसके बाद उनका हालचाल जानने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और भाजपा के वरिष्ठ नेता और मंत्री पहुंचे थे। जिसके बाद उनको एयरलिफ्ट कर दिल्ली शिफ्ट किया गया था। जहां उनको रूटिन इलाज चल रहा था।
बिहार के रहने वाले थे प्रभात झा
प्रभात झा मूल रूप से बिहार के दरभंगा के हरिहरपुर गांव रहने वाले थे। उनका जन्म 4 जून 1957 को बिहार में हुआ था। वह बिहार से मध्य प्रदेश के ग्वालियर आ गए थे। यहां पर उनकी प्रारंभिक शिक्षा हुई। उन्होंने ग्वालियर के पीजीवी कॉलेज से बीएससी, माध्व कॉलेज से राजनीति शास्त्र में एमए और एमएलबी कॉलेज से एलएलबी की। प्रभात झा के परिवार में पत्नी रंजना झा और दो बेटे है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत पत्रकारिता से की। फिर वह राजनीति में आए और भाजपा के सदस्य बन गए। पूर्व राज्यसभा सांसद भी रहे हैं
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने जताया दुख
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने प्रभात झा के निधन पर दुख जताया। उन्होंने लिखा कि प्रझात झा के निधन का अत्यंत दुखद समाचार प्राप्त हुआ। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं शोकाकुल परिजनों को इस भीषण वज्रपात को सहने की शक्ति दें।
भाजपा वरिष्ठ नेता, @BJP4MP के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष आदरणीय श्री प्रभात झा जी के निधन का अत्यंत दुखद समाचार प्राप्त हुआ। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें एवं शोकाकुल परिजनों को इस भीषण वज्रपात को सहने की शक्ति दें।
ॐ शांति! pic.twitter.com/d5BSkjNar9
— VD Sharma (@vdsharmabjp) July 26, 2024
मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति: शिवराज सिंह
केंद्रीय मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भी झा के निधन पर दुख जताया। उन्होंने एक्स कर लिखा- भाजपा के वरिष्ठ नेता, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और साथी प्रभात झा के निधन का समाचार सुनकर स्तब्ध और दु:खी हूं। लोक कल्याण और जनता के हित के लिए उन्होंने सदैव कार्य किया। उनका जाना मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है। ईश्वर से दिवंगत पुण्य आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान और परिजनों को यह वज्रपात सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना करता हूं।
भाजपा के वरिष्ठ नेता, @BJP4MP के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, साथी श्री प्रभात झा जी के निधन का समाचार सुनकर स्तब्ध और दु:खी हूँ।
लोक कल्याण और जनता के हित के लिये उन्होंने सदैव कार्य किया। उनका जाना मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है।
ईश्वर से दिवंगत पुण्य आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान… pic.twitter.com/7ugqXcHffG
— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) July 26, 2024
सीएम यादव बोले- आपकी भूमिका हमें सदैव प्रेरित
मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने एक्स कर लिखा- भारतीय जनता पार्टी मध्यप्रदेश के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष, वरिष्ठ नेता प्रभात झा के निधन का अत्यंत दुखद समाचार प्राप्त हुआ। बाबा महाकाल दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिजनों को इस भीषण वज्रपात को सहने की शक्ति दें। मध्यप्रदेश के विकास में आपकी महत्वपूर्ण भूमिका सदैव हमें प्रेरित करेगी। आपका निधन राजनैतिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।
भारतीय जनता पार्टी मध्यप्रदेश के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष, वरिष्ठ नेता आदरणीय श्री प्रभात झा जी के निधन का अत्यंत दुखद समाचार प्राप्त हुआ।
बाबा महाकाल दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें एवं शोकाकुल परिजनों को इस भीषण वज्रपात को सहने की शक्ति दें।
मध्यप्रदेश के विकास में… pic.twitter.com/aSRNsOEXiN
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) July 26, 2024

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय बजट को लेकर समीक्षा बैठक की
मुख्यमंत्री ने मंत्रियों और अधिकारियों के साथ की बैठक
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्र सरकार के बजट के बाद मंगलवार शाम को बैठक बुलाई। इसमें मुख्यमंत्री ने मंत्रियों और अधिकारियों को केंद्रीय बजट में किए गए प्रावधानों को ध्यान में रखकर कार्य करने की बात कही। उन्होंने कहा कि भोपाल और इंदौर में मेट्रोपॉलिटन सिटी के विकास कार्य किए जा रहे हैं। नगरीय निकायों को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास भी जारी हैं। उन्होंने प्लानिंग एवं प्रतिबद्धता से कार्य करने के अधिकारियों को निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विभिन्न राज्यों के नवाचारों को शामिल करते हुए मध्यप्रदेश में कार्यों को पूरा किया जाए। खर्चों में कटौती एवं आय बढ़ाने के लिए प्रयास किए जाएं।
योजनाओं के क्रियान्वयन एवं बजट प्रावधान की होगी समीक्षा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्य हों। बिजली, पानी, उद्योग, शिक्षा के क्षेत्र में भी कोई कमी नहीं छोड़ें। मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। जल संसाधन विभाग के अंतर्गत ज्यादा से ज्यादा राशि केंद्र सरकार से प्राप्त करने की कोशिश की जाए। उन्होंने उच्च शिक्षा एवं स्कूल शिक्षा के लिए किए गए बजट प्रावधान की जानकारी ली। उन्होंने सीएम राइज स्कूलों के बेहतर संचालन के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बजट की तुलना करते हुए कहा कि भविष्य के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करें। सभी विभागों की बैठक आयोजित कर योजनाओं के क्रियान्वयन एवं बजट के प्रावधान पर समीक्षा की जाएगी।
सीएम ने राजस्व व्यय कम करने दिए निर्देश
बैठक में योजनाओं को निरंतर रखने और आय बढ़ाने पर चर्चा की गई। खर्चों की कटौती कर आय कैसे बढ़ा सकते हैं, इस पर भी विचार विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूंजीगत व्यय को बढ़ाने और राजस्व व्यय को कम करने के संबंध में निर्देश दिए। सभी मंत्रीगण अपने विभागों की समीक्षा करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान में प्रदेश को लाभ मिलेगा।


सीएम डॉ. यादव के साथ मुलाकात में नागर हसंते नजर आ
वन एवं पर्यावरण विभाग रामनिवास रावत को देने से नाराज मंत्री नागर सिंह चौहान मंगलवार रात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात के बाद मान गए। नागर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मिलने के लिए दिल्ली पहुंचे थे, लेकिन उनकी नड्डा से मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा से मुलाकात के बाद नागर मान गए। नागर वीडी शर्मा के साथ दिल्ली से भोपाल लौटे। इसके बाद उन्होंने देर रात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की। इस दौरान उनके साथ वीडी शर्मा, संगठन महामंत्री हितानंद भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने नागर को भविष्य में बेहतर अवसर देने का आश्वासन दिया। बैठक के फोटो में सीएम के साथ मंत्री नागर ठहाके लगाते नजर आ रहे हैं।
बता दें नागर सिंह चौहान कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए रामनिवास रावत को वन एवं पर्यावरण विभाग देने से नाराज थे। यह नाराजगी इतनी बढ़ गई थी कि उन्होंने इस्तीफा देने तक की चेतावनी दे दी थी। नागर का कहना था कि उनके विभाग देने से पहले उनसे कोई चर्चा नहीं की गई। उनको विश्वास में नहीं लिया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस से भाजपा में शामिल होने वाले नेताओं को पद देकर नवाजा जा रहा है। वह भाजपा के जमीनी कार्यकर्ता हैं। उन्होंने पार्टी के लिए निस्वार्थ भाव से काम किया, यदि उनको मंत्री नहीं बनाना था तो सात महीने पहले पद ही क्यों दिया? उनका कहना था कि इस बात से कार्यकर्ताओं में नाराजगी है। नागर ने अपने साथ रतलाम-झाबुआ से सांसद पत्नी अनीता नागर के इस्तीफे की भी चेतावनी दी थी। इसके बाद अगले ही दिन नागर दिल्ली पहुंचे गए थे।
वहीं, मंत्रालय में रामनिवास रावत ने वन एवं पर्यावरण विभाग का पदभार ग्रहण कर लिया। इस बीच मंत्री नागर ने मंगलवार को दिल्ली से एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें उन्होंने खुद को अलीराजपुर का विधायक बताया। जिसके बाद उनकी नाराजगी दूर नहीं होने और इस्तीफा देने की बात पर अड़े होने के कयास लगाए जा रहे थे। हालांकि, देर रात नागर प्रदेश संगठन के साथ बातचीत में मान गए और दिल्ली से भोपाल आकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात में हंसते नजर आए।


भोपाल: मध्य प्रदेश शासन, स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय द्वारा प्री प्राइमरी यानी नर्सरी और प्राइमरी कक्षा में प्रवेश के लिए केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा निर्धारित की गई आयु सीमा में संशोधन के आदेश जारी किए हैं।
भारत सरकार ने 28 फरवरी को आयु सीमा निर्धारित की थी
प्रमोद सिंह उप सचिव स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी मध्य प्रदेश के समस्त कलेक्टर, जिला शिक्षा अधिकारी एवं जिला परियोजना समन्वयक के नाम जारी पत्र में लिखा है कि, भारत सरकार शिक्षा मंत्रालय स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के अ.शा.पत्र क्र. 22-7/2021 EE 19/IS-13 दिनांक 09.02.2023 के परिपालन में विभागीय आदेश क्रमांक/394/ 1565586/2023/20-2, दिनांक 28.02.2024 द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति में विहित प्रावधान अनुसार पूर्व प्राथमिक एवं प्राथमिक कक्षा में प्रवेश हेतु आयु सीमा निर्धारित की गई है।
राज्य शासन एतद् द्वारा उक्त आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए प्रवेश हेतु आयु की गणना के संबंध में निर्देश जारी करता है कि-
1. प्री-प्रायमरी कक्षाओं (नर्सरी, के.जी.1, के.जी.2) के लिये 01 अप्रैल 2024 के स्थान पर 31 जुलाई 2024 ।
2. कक्षा 1 के लिये 01 अप्रैल 2024 के स्थान पर 30 सितम्बर, 2024 किया जाता है।

पीएमश्री पर्यटन वायु सेवा
उज्जैन में तकनीकी कारणों से सेवा रोकी
उज्जैन के लिए वायु सेवा को कुछ समय के लिए रोक दिया गया है। बताया जा रहा है कि उज्जैन की हवाई पट्टी पर कुछ काम के साथ ही उसकी फैंसिंग का काम होना है। इसके चलते पर्यटन वायु सेवा को कुछ समय के लिए रोक दिया गया है।
एक माह में ऐसा रहा रिस्पांस
75 प्रतिशत से अधिक ऑक्यूपेंसी- भोपाल-इंदौर, भोपाल-उज्जैन, इंदौर-उज्जैन, जबलपुर-उज्जैन, रीवा-जबलपुर, रीवा-सिंगरौली, सिंगरौली-रीवा, उज्जैन-इंदौर में कंपनी को 75 प्रतिशत से कम ऑक्यूपेंसी मिली।
50 से 75 प्रतिशत ऑक्यूपेंसी- भोपाल-जबलपुर, भोपाल-खजुराहो, इंदौर-भोपाल, जबलपुर-भोपाल, जबलपुर-खजराहो, जबलपुर-रीवा, खजराहो-भोपाल, उज्जैन-भोपाल में 50 से 75 प्रतिशत ऑक्यूपेंसी रही।
50 प्रतिशत से कम ऑक्यूपेंसी- भोपाल-ग्वालियर, ग्वालियर-भोपाल, इंदौर-जबलपुर, और उज्जैन-जबलपुर में 50 प्रतिशत से कम ऑक्यूपेंसी रही।
अब यह बनाया प्लान
निजी कंपनी ने अपने एक माह के रिस्पांस के बाद अब अपने रूट में बदलाव कर वायु सेवा का संचालन शुरू किया है। सोमवार को छोड़कर सप्ताह में सभी दिन वायु सेवा का संचालन निजी कंपनी की तरफ से किया जा रहा है। रविवार को भोपाल-इंदौर-ग्वालियर, मंगलवार को भोपाल-जबलपुर-भोपाल-खजुराहो। बुधवार को भोपाल-सिंगरौली-जबलपुर-भोपाल-इंदौर, गुरुवार को भोपाल-इंदौर-खजुराहो-इंदौर-भोपाल, शुक्रवार को भोपाल-ग्वालियर-भोपाल-रीवा-जबलपुर-भोपाल और शनिवार को भोपाल-इंदौर-जबलपुर-इंदौर-भोपाल।
पहले भी बंद हो चुकी है एयर टैक्सी
भोपाल में एयर टैक्सी सेवा सफल नहीं रही है। इससे पहले वेंचुरा एयर लाइंस ने एयरटैक्सी सेवा की शुरुआत की थी, लेकिन करीब एक साल में ही उसने सेवा को बंद कर दिया।
सेवा में और विमान जोड़ेंगे
वहीं, मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के कंपनी सेक्रेटरी अंकित कौरव ने बताया कि उज्जैन में तकनीकी कारणों से रोका है। जल्द ही उसे दोबारा शुरू किया जाएगा। जहां तक कुछ रूट पर यात्रियों की संख्या कम मिलने का सवाल है तो उसके लिए दिन और समय के हिसाब से सेवा देने की योजना पर काम किया जा रहा है। आगे रिस्पांस को देखते हुए सेवा में और भी विमानों को जोड़ा जाएगा।