MP News: मध्य प्रदेश में आवारा पशुओं को लेकर सरकार सख्त, हटाने 15 दिन का विशेष अभियान चलेगा

मंत्रालय


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भोपाल पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्र
पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्र की तरफ से जारी आदेश के अनुसार मकान मालिकों को किरायेदारों और पेइंग गेस्ट की जानकारी एक सप्ताह के भीतर संबंधित थाने पर या पुलिस पोर्टल पर जमा करनी होगी। पूर्व से रह रहे किरायेदारों का भी विवरण 15 दिन के भीतर देना अनिवार्य है। घरेलू नौकरों या सहायकों का विवरण भी संबंधित थाने या पोर्टल पर जमा करना होगा।
आदेश के अनुसार होटल, लॉज, और गेस्ट हाउस इन जगहों पर ठहरने वाले लोगों की जानकारी प्रबंधकों द्वारा दर्ज की जाएगी और इसे संबंधित थाने पर या स्थानीय प्रक्रिया अनुसार जमा करना होगा। छात्रावास में रह रहे सभी छात्रों का विवरण संबंधित थाने पर देना अनिवार्य होगा। ठेकेदार और भवन निर्माण कार्य में लगे मजदूरों और कारीगरों की जानकारी भी निर्धारित प्रारूप में जमा करनी होगी। इसके अलावा वाहन किराये पर देने से पहले व्यक्ति की पहचान की पुष्टि अनिवार्य है, और पहचान पत्र की प्रतिलिपि संधारित की जानी जरूरी होगा।

भोपाल में राखी बंधवाते पूर्व सीएम कमलनाथ
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर से एक्टिव हो गए हैं। कमलनाथ पिछले काफी समय से मध्य प्रदेश की राजनीति में समय नहीं दे पा रहे थे हालांकि वह प्रदेश की सभी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थे और सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार पर हमला बोल रहे थे। अब एक बार फिर से कमलनाथ भोपाल पहुंच गए हैं और कार्यकर्ताओं से मेल मुलाकात शुरू कर दी। रविवार को उन्होंने सुबह भोपाल के सरकारी निवास पर बहनों से राखी बंधवाई।
बहनों के प्रेम और स्नेह से हृदय में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार
पूर्व सीएम कमलनाथ ने सोशल मीडिया के माध्यम से इसकी जानकारी दी। उन्होंने अपने सोशल अकाउंट एक्स पर लिखा कि आज भोपाल में बहनों से राखी बंधवाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। बहनों के इस प्रेम और स्नेह से हृदय में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार होता है। पवित्र राखी हमें बहनों की रक्षा करने की प्रेरणा देती है। ईश्वर मुझे शक्ति दे कि मैं आजीवन बहनों के सम्मान की रक्षा करता रहूं।
एक भी आंदोलन में नहीं दिखे कमलनाथ
मध्य प्रदेश में लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस जहां एक तरफ पार्टी को मजबूत करने में जुटी हुई है, वहीं मध्य प्रदेश सरकार को घेरने में भी कोई कसर नहीं छोड़ रही है। खास बात यह है कि कांग्रेस द्वारा प्रदेश भर में किया जा रहे आंदोलन में प्रदेश के सभी दिग्गज नेता पहुंच रहे हैं, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ अभी तक एक भी आंदोलन में शामिल नहीं हुए। इससे यह माना जा रहा था कि कमलनाथ प्रदेश की राजनीति में अब शायद एक्टिव नहीं होंगे। लेकिन दो दिन से कमलनाथ भोपाल पहुंचे हैं और कार्यकर्ताओं से मेल मुलाकात शुरू कर दिया है। हालांकि कमलनाथ सोशल मीडिया पर लगातार एक्टिव रहे हैं और हर मुद्दे पर सरकार को निशाने पर लिया है।
केंद्र में जाने की थी चर्चा
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की प्रदेश में अध्यक्ष पद छोड़ने के बाद चर्चा शुरू हो गई थी कि कमलनाथ अब प्रदेश की राजनीति छोड़कर केंद्र में बड़ी जिम्मेदारी संभाल सकते हैं, लेकिन कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व ने कमलनाथ को अभी तक कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी नहीं सौंपी है। अब अनुमान लगाया जा रहा है कि कमलनाथ शायद प्रदेश में एक बार फिर से सक्रिय होंगे और पार्टी को मजबूत करने में नए प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी की मदद के लिए आगे आएंगे। हालांकि जीतू पटवारी का कहना है कमलनाथ का मार्गदर्शन उन्हें लगातार मिलता रहता है। कई बैठकों में कमलनाथ ऑनलाइन जुड़े थे।

सीएम मोहन यादव
वहीं, उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा जबलपुर, उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल सागर, मंत्री प्रहलाद पटेल रीवा, मंत्री करण सिंह वर्मा सिवनी, मंत्री उदय प्रताप सिंह कटनी, मंत्री संपत्तिया उइके सिंगरौली, मंत्री तुलसी सिलावट ग्वालियर, मंत्री रामनिवास रावत दमोह, मंत्री एदल सिंह कंसाना दतिया, मंत्री निर्मला भूरिया मंदसौर, मंत्री गोविंद सिंह राजपूत गुना, मंत्री विश्वास सारंग हरदा, मंत्री नारायण सिंह कुशवाह शाजापुर, मंत्री नागर सिंह चौहान आगर, मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर शिवपुरी, मंत्री राकेश शुक्ला अशोकनगर, मंत्री चैतन्य कश्यप राजगढ़, मंत्री इंदर सिंह परमार बड़वानी, स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री कृष्णा गौर सीहोर, स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी खंडवा, स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री गौतम टेटवाल उज्जैन, स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री लखन पटेल विदिशा, स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री नारायण सिंह पंवार रायसेन, राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल बैतूल, राज्यमंत्री प्रतिभा बागरी डिंडौरी, राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार अनुपपूर और राज्यमंत्री राधा सिंह मैहर में ध्वजारोहण करेंगे।

सीएम डॉ. मोहन यादव
कोई विकासखंड बगैर आईटीआई के न हो
प्रदेश में कुल 956 आईटीआई संचालित हैं। हर विकासखंड में आईटीआई संचालित होना चाहिए। कोई भी विकासखंड बगैर आईटीआई के न रहे। आईटीआई के विद्यार्थियों को अधिकाधिक संख्या में रोजगार और प्लेसमेंट हो। हॉर्टीकल्चर से बड़े पैमाने पर रोजगार मिल रहा है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिलों में जिस तरह के औद्योगिक क्षेत्र हैं, उसके अनुरूप विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने महिला स्व-सहायता समूह द्वारा बनाए जा रहे उत्पादों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहनों को टेक्सटाइल उद्योग से जोड़ने के लिए आवश्यक प्रबंध करने को कहा। उच्च शिक्षा एवं स्कूल शिक्षा विभाग में विभिन्न भाषाओं का ज्ञान दिया जाये। स्किल डेवलपमेंट के प्रमोशन कार्यक्रम हों। टूरिज्म में रोजगार बढ़ाने का कार्य करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना के बेहतर क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विश्वविद्यालयों में कृषि एवं उद्यानिकी के विषय प्रारंभ किए जाएं। स्किल डेवलपमेंट में जुगाड़ कार्यक्रम शुरू करें। यह कम पढ़े-लिखे लोगों के लिए उपयोगी होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्लोबल स्किल पार्क की कल्पना को साकार करने के लिए समुचित प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


आरएसएस कार्यालय। (फाइल फोटो)
– फोटो : ANI
मध्य प्रदेश पुलिस ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांतीय कार्यालय से सुरक्षा हटा दी है। यह आरएसएस के समिधा कार्यालय ई-2 में स्थित है, जहां क्षेत्रीय पदाधिकारी रहते हैं। पिछले 15 साल से यहां सुरक्षा तैनात थी।
मध्य प्रदेश एसएएफ की ओर से पांच सशस्त्र जवानों की तैनाती थी, जिन्हें अब वापस बुला लिया गया है। पुलिस का तर्क है कि सुरक्षा समीक्षा के आधार पर हटाई गई है। वहीं, यह भी बताया जा रहा है कि संघ की सहमति से यह फैसला लिया गया है। कार्यालय के सामने अस्थाई टेंट लगा था, जिसे भी हटा दिया गया है। संघ के पदाधिकारियों ने इस संबंध में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

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मध्य प्रदेश में सरकारी विभागों और उपक्रमों में काम कर रहे 3.25 लाख ठेका और आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। श्रम विभाग ने एक नई गाइडलाइन जारी की है, जिसके अनुसार अब इन कर्मचारियों को बीमा, ग्रेच्युटी, बोनस, ओवरटाइम, भविष्य निधि (पीएफ), और साप्ताहिक अवकाश जैसी सुविधाएं दी जाएंगी।अब इन आउटसोर्स कर्मचारियों को कोर्ट में याचिका दायर करने का भी अधिकार मिलेगा, यदि कोई कंपनी इन निर्देशों का पालन नहीं करती है। गाइडलाइन में यह भी सुनिश्चित किया गया है कि सभी आउटसोर्स एजेंसियां जो इन विभागों में काम कर रही हैं, उन्हें जल्द से जल्द लाइसेंस प्राप्त करना होगा।
प्रदेश सरकार लगातार आउटसोर्स कर्मचारियों के हित में निर्णय ले रही है। इस नए निर्देश से ठेका और आउटसोर्स कर्मियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता और सुरक्षा का भरोसा मिलेगा।


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लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग द्वारा इंदौर और जबलपुर शहरी क्षेत्र में नगर वन (सिटी फारेस्ट) विकसित करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिये विभाग द्वारा योजनाबद्ध तरीके से तेजी से कार्य किया जा रहा है। विभाग द्वारा वित्त वर्ष 2024-25 की कार्य योजना में नगर वन विकसित करने संबंधी प्रस्ताव रखा गया है। लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन विभाग द्वारा नेशनल टेक्सटाईल कॉर्पोरेशन से इंदौर, उज्जैन, भोपाल एवं बुरहानपुर जिले की बंद मिलों की भूमि को पुनः राज्य शासन के पक्ष में बंदोबस्त (वैष्ठित) कर लिया गया है। इसके विरुद्ध नेशनल टेक्सटाइल कॉर्पोरेशन ने इंदौर, उज्जैन एवं भोपाल की भूमि के संबंध में उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई है। संबंधित जिलों के कलेक्टर्स से समन्वय स्थापित कर विभाग द्वारा इन भूमि प्रकरणों के जल्द से जल्द निराकरण की कार्यवाही की जा रही है।
इंदौर जिले में स्थित यूनाइटेड मालवा मिल का एक प्रमुख भाग प्रबंधन की मंशा से नगर वन (सिटी फारेस्ट) के रूप में विकसित करने के लिये बेहद उपयुक्त पाया गया है। इस विकास प्रस्ताव पर विभागीय योजना बनाकर कार्यवाही की जा रही है एवं कल्याण मिल का उचित रूप से प्रबंधन किया जा रहा है। उज्जैन की विनोद मिल के शेष पार्सलों पर व्यवसायिक गतिविधियों के प्रोत्साहन के लिये विभागीय योजना तैयार की जा रही है एवं उज्जैन की हीरा मिल का समुचित प्रबंधन भी विभागीय तौर पर किया जा रहा है। लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन विभाग द्वारा जबलपुर शहरी क्षेत्र में बीएसएनएल द्वारा अधिग्रहित भूमि को पुनः राज्य शासन के पक्ष में बंदोबस्त (वैष्ठित) कर लिया गया है। अब यहाँ ‘सिटी फारेस्ट’ के लिये जरूरी विकास के मद्देनजर समुचित प्रबंधन एवं व्यवस्थाएँ की जा रही हैं।
‘लोक परिसंपत्ति प्रबंधन जिला प्रोत्साहन योजना’ के अंतर्गत विभाग द्वारा जिलों में मौजूद आधारभूत संरचनाओं को और अधिक सुदृढ़ कर इन्हें नई आवश्यकतानुसार विकसित करने के लिये गत वित्तीय वर्ष 2022-23 एवं 2023-24 में 20 जिलों को उनसे प्राप्त प्रस्तावों के अनुसार कुल 126 करोड़ 79 लाख रूपये वितरित किये गये। जारी वित्त वर्ष 2024-25 में इस योजना में 16 जिलों से पात्रतानुसार 65 करोड़ 49 लाख रूपये के विकास प्रस्ताव प्राप्त करने के लिये भी विभाग द्वारा नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है।


भोपाल: मध्य प्रदेश कांग्रेस के पूर्व विधायक विपिन वानखेड़े और पार्टी के प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही है। व्यापम घोटाले को लेकर साल 2016 में एनएसयूआई में रहते हुए सीएम हाउस का घेराव किये जाने के मामले में भोपाल एमपी-एमएलए कोर्ट ने वानखेड़े सहित चार लोगो कांग्रेस प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी, आशुतोष चौकसे, आकाश चौहान और धनजी गिरी को 2 साल की सजा के साथ ही 11-11 हजार के जुर्माने की सजा सुनाई है।
जानकारी के मुताबिक शनिवार को एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश स्वयं प्रकाश दुबे ने 8 साल पुराने केस में पूर्व विधायक विपिन वानखेड़े, कॉग्रेस प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी, एनयूएसआई के प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे और आकाश चौहान, धनजी गिरी को सजा सुनाई है।
एनएसयूआई में रहते हुए साल 2016 में सभी नेताओं ने सैकड़ो कार्यकर्ताओं के साथ व्यापम घोटाले को लेकर सीएम हाउस का घेराव किया जिसे लेकर हबीबगंज पुलिस ने आईपीसी की धारा 353, 326, 333, 147 में मामला कायम किया था। अदालत ने इस मामले में सभी आरोपियों को 30-30 हजार रुपए के मुचलके पर जमानत दी है।
मामले पर कांग्रेस प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने कहा कि हम माननीय न्यायालय के फैसले का सम्मान करते हैं। यह भाजपा सरकार के प्रतिशोध वाली घटिया राजनीति का एक उदाहरण है। छात्र हितों में लड़ाई लड़ने पर गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर दिया जाता है। नतीजतन कोर्ट द्वारा सजा सुनाई जाती है। हालांकि, हम इससे हताश नहीं हैं। हम आमजनों की लड़ाई दोगुनी ताकत से लड़ते रहेंगे। हम गांधी-नेहरू की विचारधारा को मानने वाले लोग हैं इसलिए जेल जाने से नहीं डरते। सत्य के लिए लड़ाई जारी रहेगी।


मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में जारी पौधरोपण अभियान में फलदार पौधे लगाने को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए और फल, सब्जियों, औषधीय पौधों आदि के आर्गेनिक प्रोडक्शन, उनके डीहाइड्रेशन प्लांट व गामा रेडिएशन जैसी गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी मेहनत और निवेश का पूरा लाभ मिलना चाहिए और उन्हें किसी भी स्थिति में नुकसान नहीं उठाना पड़े। उन्होंने जिला स्तर पर कार्यशाला आयोजित करने और बेहतर कार्य करने वालों को शासकीय कार्यक्रमों में सम्मानित करने के निर्देश दिए। बैठक में उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में केन्द्र पोषित योजनाओं, राज्य पोषित योजनाओं, एकीकृत बागवानी विकास मिशन, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, पर ड्रॉप मोर क्रॉप माइक्रो इरीगेशन योजना, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना पर प्रदेश में जारी गतिविधियों पर प्रस्तुतिकरण दिया गया।