MP News: भोपाल एक्सप्रेस और मालवा एक्सप्रेस सितंबर माह में निरस्त, वंदे भारत भी 17 को नहीं चलेगी

MP News: Bhopal Express and Malwa Express canceled in the month of September, Vande Bharat will also not run o

वंदे भारत ट्रेन

यदि आप सितंबर महीने में वंदे भारत या भोपाल एक्सप्रेस से दिल्ली, ग्वालियर, झांसी या आगरा यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है। पलवल रेलवे स्टेशन पर मेंटनेंस कार्य के कारण, भोपाल मंडल से होकर गुजरने वाली वंदे भारत और भोपाल एक्सप्रेस (अप और डाउन) को अस्थायी रूप से निरस्त किया गया है। भोपाल से होकर बड़ी संख्या में यात्री ट्रेन में यात्रा करते हैं। इसमें भोपाल एक्सप्रेस और मालवा एक्सप्रेस सितंबर माह में 10 दिनों के लिए कैंसिल रहेगी।

यह ट्रेनें की गई कैंसिल

12155 रानी कमलापति – निजामुद्दीन एक्सप्रेस: 5 और 16 सितंबर को निरस्त रहेगी

12156 निजामुद्दीन – रानी कमलापति एक्सप्रेस: 6 और 17 सितंबर को निरस्त रहेगी

20171 रानी कमलापति – निजामुद्दीन वंदे भारत एक्सप्रेस: 17 सितंबर को निरस्त रहेगी

20172 निजामुद्दीन – रानी कमलापति वंदे भारत एक्सप्रेस: 17 सितंबर को निरस्त रहेगी

12919 मालवा एक्सप्रेस- महू डॉ. अंबेडकर नगर से कटरा जम्मू: 4 से 16 सितंबर तक निरस्त रहेगी

12920 कटारा से डॉ. अंबेडकर नगर मालवा एक्सप्रेस: 6 से 18 सितंबर तक निरस्त रहेगी

श्रीधाम सुपरफास्ट एक्सप्रेस का आगरा पर समापन

12192 जबलपुर – निजामुद्दीन श्रीधाम सुपरफास्ट एक्सप्रेस: 5 से 16 सितंबर तक आगरा कैंट स्टेशन तक ही जाएगी

12191 निजामुद्दीन- जबलपुर श्रीधाम सुपरफास्ट एक्सप्रेस: 6 से 17 सितंबर तक आगरा कैंट स्टेशन से प्रारंभ होगी

इस ट्रेन का रूट परिवर्तित किया गया

12191 निजामुद्दीन – जबलपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस: 29, 30, 31 अक्टूबर, 01, 02, 03, 04, 05 को परिवर्तित मार्ग वाया गाजियाबाद-मथुरा-आगरा कैंट होकर जाएगी।




Mp weather: भोपाल, इंदौर समेत कई जिलों में झमाझम बारिश का दौर जारी, केरवा के चार गेट खुले, भारी बारिश का अलर्ट

Heavy rain continues in many districts including Bhopal, Indore, four gates of Kerwa opened, alert of heavy ra

भोपाल में तेज बारिश

मध्य प्रदेश में स्ट्रांग सिस्टम एक्टिव होने से राजधानी भोपाल इंदौर समेत कई जिलों में झमाझम बारिश का दौर जारी है। भोपाल में गुरुवार रात से रुक रुककर बारिश हो रही है शुक्रवार शाम के समय भारी बारिश दर्ज की गई। इसके चलते केरवा डैम का जलस्तर बढ़ गया है। डैम के चार गेट खोले गए। इधर मौसम विभाग में प्रदेश की ज्यादातर जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है कुछ जिलों में भारी बारिश तो कुछ जिलों में हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई।

बारिश के साथ बिजली गिराने का अलर्ट

मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट के अनुसार मध्य प्रदेश के इंदौर, सागर, विदिशा, रायसेन, मंडला, बालाघाट, डिंडोरी, अनुपपुर, नर्मदापुरम में बिजली के साथ भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। भोपाल, सीहोर, शाजापुर, अशोकनगर, गुना, भिंड, मुरैना, शिवपुरी, खरगोन महेश्वर, धार मांडू, खंडवा ओंकारेश्वर, बड़वानी बावनगजा, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्ना , सिवनी, जबलपुर भेड़ाघाट, नरसिंहपुर, शहडोल बाणसागर बांध, छतरपुर खजुराहो, दमोह, टीकमगढ़, निवाड़ी ओरछा, रीवा, मऊगंज, मैहर, सिंगरौली, सीधी, साथ ही ग्वालियर, दतिया में साथ ही बिजली के साथ मध्यम गरज के साथ बारिश हो सकती है। वहीं रतनगढ़, राजगढ़, आगर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बुरहानपुर, हरदा, कटनी, उमरिया बांधवगढ़, पन्ना, सतना चित्रकूट में बिजली के साथ हल्की आंधी और बारिश होगी।

26 अगस्त तक जारी रहेगा बारिश का दौर

मौसम विभाग के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में लो प्रेशर एरिया की वजह से मध्यप्रदेश में बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो गया है। अगले तीन दिन यानी 26 अगस्त तक तेज बारिश का दौर रहेगा। 25 अगस्त से सिस्टम और मजबूत हो जाएगा। मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक वेद प्रकाश ने बताया कि वर्तमान में एक मानसून ट्रफ प्रदेश के सीधी से होकर गुजर रही है। बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर सिस्टम एक्टिव है। वहीं, दूसरा लो प्रेशर एरिया अरब सागर की तरफ एक्टिव है, जो आने वाले दिनों में मध्यप्रदेश के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से की ओर बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम भी है। इस वजह से प्रदेश में बारिश का दौर चल रहा है। अगले 24 घंटे में सिस्टम मजबूत होगा। पश्चिमी, उत्तरी और दक्षिण हिस्से में बारिश का दौर बना रहेगा।

जाने प्रदेश में कहां कितनी हुई बारिश

मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार मध्य प्रदेश की राजधानी में पिछले 9 घंटे में करीब 2 इंच बारिश दर्ज की गई है वहीं इंदौर सबसे ज्यादा 3 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। खंडवा में ढाई इंच, छिंदवाड़ा में पौने 2 इंच, सीधी में आधा इंच, गुना में सवा इंच बारिश दर्ज की गई। धार, रतलाम, उज्जैन, मंडला, सतना समेत कई जिलों में भी बारिश हुई।मौसम विभाग के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में लो प्रेशर एरिया की वजह से मध्यप्रदेश में बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव है।




MP News: भोपाल के हमीदिया अस्पताल को मिली NABH की पूर्णकालिक मान्यता, ऐसा करने वाला यह देश का पहला चिकित्सालय

MP News: Hamidia Hospital, Bhopal became the first government hospital in the country, which got full recognit

हमीदिया अस्पताल ने दर्ज की बड़ी उपलब्धि।

हमीदिया चिकित्सालय भोपाल को NABH द्वारा पूर्णकालिक 5 वर्षों की मान्यता प्रमाण पत्र से मानित किया गया है, जो कि 2024 से 2028 तक वैध है। यह मान्यता भारत के सबसे बड़े शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय को मिला है, जो कि अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। यह मान्यता हमीदिया चिकित्सालय की उच्च सेवाओं और मरीजों के हितों के लिए किए गए अच्छे काम को दर्शाती है।

हमीदिया चिकित्सालय भोपाल, संपूर्ण भारतवर्ष का प्रथम सर्वाधिक 1820 बिस्तरों का शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय NABH की पूर्णकालिक 5 वर्षों की मान्यता प्राप्त करने में सफल हुआ। NABH द्वारा यह मान्यता अतिविशेष महत्व रखती है क्योंकि यह भारत के किसी भी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं केंद्रीय स्वास्थ्य संस्थानों जैसे AIIMS, PGI जैसे संस्थानों में इतनी बिस्तर संख्या पर NABH का पूर्णकालिक मान्यता (5 वर्ष) नहीं है। गांधी चिकित्सा महाविद्यालय एवं हमीदिया हॉस्पिटल के साथ साथ यह प्रदेश के लिए गौरवान्वित होने का विषय है।

हाॅस्पिटल एण्ड हेल्थकेयर प्रोवाइर्ड्स के लिए राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड ने 2005 में नेशनल एक्रिडिटेशन बोर्ड फाॅर हाॅस्पिटल्स एण्ड हेल्थकेयर प्रोवाईडरर्स (NABH) की स्थापना की थी जो क्वालिटी काउंसिल आफ़ इंडिया (QCI) का एक घटक बोर्ड है । जिसके अन्तगर्त स्वास्थ्य सेवाओं के मानको का मूल्यांकन किया जाता है, केन्द्र सरकार के निर्देश पर सरकारी अस्पतालों की सुविधाओं के आधार पर रैंकिंग जारी करने के लिए सर्वे किया जाता है।

हमीदिया चिकित्सालय भोपाल में एक और दो अगस्त को NABH के विशेष दल द्वारा अस्पताल का निरीक्षण कर विभिन्न मानको में परखा गया था। जिसमे हमीदिया चिकित्सालय को मरीजों एवं कर्मचारियों के हितों के लिए अच्छे काम एवं उच्च सेवाओ के लिए अच्छे स्कोर के साथ एन ए बी एच (नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड आफ हाॅस्पिटल्स एण्ड हेल्थ केयर प्रोवाईडर्स) द्वारा यह एक्रेडिटेशन 2024 से 2028 तक के प्रमाण पत्र से मानित किया है।




MP IAS Transfer: 12 IAS के ट्रांसफर, संजय दुबे को जीएडी का प्रमुख सचिव बनाया, मनीष रस्तोगी को वित्त के PS बने

Transfer of 12 IAS, Sanjay Dubey made Principal Secretary of GAD, Manish Rastogi made PS of Finance

तबादले

मध्यप्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने कई आईएएस अधिकारियों के तबादले और नई पदस्थापनाओं के आदेश जारी किए हैं। इस आदेश के तहत कुछ अधिकारियों को उनके वर्तमान पदों पर अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है, जबकि कुछ अधिकारियों की नई पदस्थापना की गई है।

प्रमुख सचिव, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के रूप में कार्यरत 1993 बैच के आईएएस संजय दुबे को सामान्य प्रशासन विभाग का प्रमुख सचिव नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही उन्हें विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। विधिक एवं सतर्कता प्रकोष्ठ और समन्वय पीएस का कार्य भी सौंपा गया है। वहीं, सामान्य प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव 1994 बैच के आईएएस अधिकारी मनीष रस्तोगी को वित्त विभाग का प्रमुख सचिव बनाया गया है।

पर्यटन विकास निगम के प्रबंध संचालक 2009 बैच के आईएएस अधिकारी इलैया राजा टी को अपर सचिव मुख्यमंत्री तथा प्रबंध संचालक मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम भोपाल तथा अपर सचिव पर्यटन विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वहीं, मध्य प्रदेश राज्य उपभोक्ता प्रतितोषण विवाद आयोग के रजिस्ट्रार 2009 बैच के आईएएस अधिकारी मनीष सिंह को गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मण्डल का आयुक्त बनाया गया है। इसके अलावा उप सचिव, मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग, इंदौर में उप सचिव 2015 बैच के आईएएस राखी सहाय को इंदौर वित्त निगम में प्रबंध संचालक के पद पर स्थानांतरित किया गया है। जिला पंचायत सीहोर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी 2016 बैच के आईएएस अधिकारी आशीष तिवारी को जल संसाधन विभाग में उप सचिव बनाया गया है। वहीं, जबलपुर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी 2016 बैच की आईएएस अधिकारी जयति सिंह को उज्जैन जिला पंचायत में मुख्य कार्यपालन अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है।

नागरिक आपूर्ति निगम इंदौर क्षेत्रीय प्रबंधक 2016 बैच की अधिकारी कीर्ति खुरासिया को लोक सेवा आयोग में उप सचिव के पद पर स्थानांतरित किया गया है। 2017 बैच के अधिकारी राहुल नामदेव धोटे को मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, सीधी से स्थानांतरित कर नर्मदा घाटी विकास विभाग में उप सचिव नियुक्त किया गया है। वहीं, जिला पंचायत विदशा में मुख्य कार्यपालन अधिकारी 2017 बैच के योगेश तुकाराम भरसट को मुख्य कार्यापालन अधिकारी आयुष्मान भारत बनाया गया है।

इसके अलावा रीवा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और रीवा नगर पालिक निगम के आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे 2017 बैच के आईएएस अधिकारी डॉ. सौरभ संजय सोनवणे को नगर पालिक निगम रीवा का आयुक्त बनाया गया है। इसके अलावा नीमच जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी 2017 बैच के श्री गुरु प्रसाद को स्टेट वाईड एरिया नेटवर्क (स्वान) का प्रबंध संचालक, तथा राज्य कम्प्यूटर सिक्युरिटी इंसीडेंट रिस्पॉस टी के संचालक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।




Bhopal news: भारत बंद का भोपाल में नहीं दिखा असर, खुले रहे सभी संस्थान

अनुसूचित जाति और जनजाति आरक्षण में क्रीमी लेयर को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ देशभर के विभिन्न संगठनों ने बुधवार को भारत बंद का आह्वान था। राजधानी भोपाल में बंद का असर बिल्कुल भी नहीं दिखा सभी संस्थान अपने नियत समय पर खोले गए।

Bharat Bandh did not have any effect in Bhopal, all the institutions remained open, opposition to the decision

बोर्ड ऑफिस चौराहे पर विरोध करते बसपा कार्यकर्ता

अनुसूचित जाति और जनजाति आरक्षण में क्रीमी लेयर को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ देशभर के विभिन्न संगठनों ने बुधवार को भारत बंद का आह्वान था। राजधानी भोपाल में इस बंद का असर बिल्कुल भी नहीं दिखा सुबह से ही दुकान खुलने लगी और सभी संस्थान अपने नियत समय पर खोले गए। व्यावसायिक प्रतिष्ठान सहित अन्य संस्थान खुले रहे और बंद कराने के लिए कोई भी यहां नहीं पहुंचा। राजधानी भोपाल बोर्ड ऑफिस चौराहे में बहुजन समाज पार्टी के कुछ कार्यकर्ता पहुंचकर विरोध प्रदर्शन करते रहे। भोपाल में पुलिस ने बंद को लेकर विशेष तैयारी की थी हालांकि पुलिस को किसी प्रकार की मसक्कत नहीं करनी पड़ी।

सपा के प्रदेश अध्यक्ष, विधायक अलावा और बरैया ने दिया था समर्थन

इधर समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनोज यादव ने भी वीडियो जारी कर बंद को समर्थन देने का ऐलान किया किया था लेकिन विरोध प्रदर्शन में एक भी कार्यकर्ता सामने नहीं आए । धार जिले की मनावर सीट से कांग्रेस विधायक और जयस के राष्ट्रीय संरक्षक डॉ. हीरालाल अलावा और भांडेर से कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया इस बंद के समर्थन में थे। वहीं, कांग्रेसी नेता इस बंद को कुछ भी कहने से बचते नजर आए इधर, पुलिस-प्रशासन बंद को लेकर अलर्ट पर थे। गृह विभाग ने कानून व्यवस्था को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए थे।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ विरोध दर्ज कराने बंद

जानकारी के लिए बतादें कि सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के खिलाफ विरोध दर्ज कराने के लिए देश भर के दलित और आदिवासी संगठनों बुधवार को भारत बंद का आह्वान किया था। नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ दलित एंड आदिवासी ऑर्गेनाइजेशन्स (एनएसीडीएओआर) ने मांगों की एक सूची जारी की है जिसमें अनुसूचित जातियों (एससी), अनुसूचित जनजातियों (एसटी) और अन्य पिछड़े वर्गों (ओबीसी) के लिए न्याय और समानता की मांग शामिल थी। एनएसीडीएओआर ने सरकार से अनुरोध किया है कि इस फैसले को खारिज किया जाए क्योंकि यह अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के संवैधानिक अधिकारों के लिए खतरा है। संगठन एससी, एसटी और ओबीसी के लिए आरक्षण पर संसद द्वारा एक नए कानून को पारित करने की भी मांग कर रहा है, जिसे संविधान की नौवीं सूची में समावेश के साथ संरक्षित किया जाए। बीते दिनों सुप्रीम कोर्ट ने 6 -1 की दरअसल बहुमत से एक बड़ा फैसला दिया था। इसमें एससी-एसटी समुदाय में उप कोटा लागू करने को सही ठहराया गया था। इसके साथ ही पीठ ने एससी-एसटी आरक्षण में ओबीसी आरक्षण की तरह क्रीमी लेयर का फॉर्मूला लागू करने का सुझाव दिया था।




MP News: अब केपी का क्या होगा? लोकसभा चुनाव के दौरान शाह ने कहा था भाजपा करेगी यादव की चिंता

MP News: What will happen to KP now? During Lok Sabha elections, Shah had said that BJP will worry about Yadav

केपी यादव और ज्योतिरादित्य सिंधिया

भाजपा ने एक बार फिर बाहरी नेता को मध्य प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है। इस निर्णय से केपी यादव को बड़ा झटका लगा है। दरअसल, गुना से पूर्व सांसद यादव प्रबल दावेदार माने जा रहे थे। भाजपा ने केंद्रीय राज्यमंत्री जॉर्ज कुरियन को राज्यसभा उपचुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया है। जॉर्ज कुरियन फिलहाल मोदी कैबिनेट में मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी विभाग में राज्यमंत्री के रूप में कार्यरत हैं।

सिंधिया को सवा लाख वोटों से हराया था

केपी यादव ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को 2019 के चुनाव में सवा लाख वोटों से हराया था। इसके बाद 2020 में सिंधिया अपने समर्थक विधायकों के साथ भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा ने उनको राज्यसभा सदस्य बना कर केंद्र में मंत्री बनाया था। इसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में सिंधिया को केपी यादव का टिकट काटकर प्रत्याशी बनाया गया। लोकसभा चुनाव के दौरान 26 अप्रैल 2024 को गुना में एक सभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी केपी यादव की प्रशंसा करते हुए कहा था कि उनकी चिंता भाजपा करेगी और उन्हें आगे बढ़ाने की सभी जिम्मेदारियां पार्टी संभालेगी। इस बयान के बाद ऐसा लगने लगा था कि राज्यसभा की खाली सीट पर केपी यादव को मौका मिलेगा, लेकिन भाजपा ने जॉर्ज कुरियन को उम्मीदवार बनाकर इन अटकलों पर विराम लगा दिया है।

जॉर्ज कुरियन दूसरे बाहरी नेता

जॉर्ज कुरियन का चयन इस मायने में भी महत्वपूर्ण है कि वे मध्यप्रदेश से राज्यसभा में जाने वाले दूसरे बाहरी नेता होंगे। इससे पहले लोकसभा चुनाव से ठीक पहले तमिलनाडु के एल. मुरुगन को राज्यसभा उम्मीदवार बनाया गया था। जॉर्ज कुरियन का निर्विरोध चुना जाना लगभग तय है और उनका कार्यकाल दो वर्ष का रहेगा, क्योंकि वे सिंधिया के राज्यसभा के बचे कार्यकाल को ही पूरा करेंगे। सिंधिया अब लोकसभा सदस्य हैं।

अब केपी यादव कहां एडजस्ट होंगे?

राज्यसभा से उम्मीदवार के एलान के बाद अब चर्चा है कि केपी यादव का क्या होगा? सियासी जानकारों का कहा है कि अब यादव को पांच साल लोकसभा चुनाव का इंतजार करना होगा या दूसरा विकल्प उनको निगम मंडल या संगठन में एडजस्ट किया जा सकता है। वहीं, पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा को लेकर कहा जा रहा है कि वे चुनाव होने तक प्रदेश भाजपा अध्यक्ष की रेस में बने हुए हैं।

शाह का आश्वासन खाली जाएगा

केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने 2019 के लोकसभा चुनाव में खजुराहो में वीडी शर्मा के समर्थन में सभा को संबोधित करते हुए जनता से कहा था कि आप एक सांसद नहीं चुन रहे हैं, आप एक बड़ा नेता चुन रहे हैं। इसके बाद फरवरी 2020 में वीडी शर्मा को प्रदेश अध्यक्ष बना दिया गया था। वहीं, केपी यादव के मामले में शाह का आश्वासन फिलहाल खाली जाता दिख रहा है।




Mp News:मध्य प्रदेश में बाघों की मौत पर लापरवाही उजागर, विभाग ने कहा

MP News: Wildlife department accepted the negligence of officials on the death of tigers

मध्यप्रदेश में बाघों की मौत की जांच।
– फोटो : social media

मध्यप्रदेश में बाघों की मौत पर उठे सवालों के बाद राज्य के वन्यजीव विभाग ने अधिकारियों की लापरवाही और बाघ संरक्षण में रुचि की कमी को स्वीकार किया है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (बीटीआर) और शहडोल वन मंडल में 2021 से 2023 के बीच 43 बाघों की मौत के संबंध में वन्यजीव विभाग ने अपनी गलती स्वीकारते हुए अधिकारियों के लापरवाही उजागर की है। विभाग का कहना है कि कुछ अधिकारी अपने कार्य के प्रति लापरवाह थे।

बता दें कि राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) ने राज्य के वन्यजीव विभाग से स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) द्वारा बाघों की मौतों पर उठाए गए सवालों के संदर्भ में स्पष्टीकरण मांगा था, जिस पर ये बात सामने आई।

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में पिछले तीन सालों में 34 बाघों की मौत और शहडोल में 9 मौतों के बाद मध्य प्रदेश के बाघ संरक्षण पर सवाल उठाए गए। इस दौरान गठित जांच समिति की रिपोर्ट में कई खामियों का उल्लेख किया गया। इसमें वन विभाग की लापरवाही मुख्य रूप से सामने आई। जांच में बाघों की मौतों के पीछे शिकारियों का हाथ होने का भी अंदेशा जताया गया था। पाया गया कि कई मामलों में तो पोस्टमार्टम ही नहीं किया गया। न ही शिकारियों को पकड़ने के लिए कोई ठोस कार्रवाई की गई। रिपोर्ट में बताया गया कि 2021 से 2023 के बीच बंधवगढ़ टाइगर रिजर्व और शहडोल वन क्षेत्र में 43 बाघों की मौत हुई। इनमें से अधिकांश की जांच में वन्यजीव अधिकारियों की लापरवाही पाई गई। वन्यजीव अधिकारियों की शिथिल जांच, शिकार के मामलों की अनदेखी, पोस्टमार्टम प्रक्रिया में गड़बड़ियां और चिकित्सा लापरवाही के कारण हुई बाघों की मौतें एसआईटी द्वारा उठाए गए मुद्दों में शामिल थे।

इन मुद्दों पर एनटीसीए ने वन्यजीव विभाग से स्पष्टीकरण मांगा था। वन्यजीव विभाग के प्रधान मुख्य वन संरक्षक सुभरंजन सेन ने एनटीसीए को लिखे पत्र में स्वीकार किया कि कुछ मामलों में वन्यजीव मुख्यालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया गया। जांच में यह भी था कि बंधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 34 बाघों की मौत हुई, जबकि शहडोल वन क्षेत्र में नौ बाघों की मौत दर्ज की गई। ये मौते तब हुईं, जब संबंधित क्षेत्र के क्षेत्रीय निदेशक अपने पद पर तैनात थे और कोताही बरती गई थी।

इस पूरे मामले के बाद, वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे, जिन्होंने राज्य में बाघों के शिकार की घटनाओं को लेकर अदालत में याचिका दायर की थी, ने कहा कि वे अब इस मामले में CBI जांच के लिए उच्च न्यायालय का रुख करेंगे।




भारत बंद का ऐलान, क्या खुलेगा-क्या बंद रहेगा; जानें सब-कुछ

आरक्षण बचाओं संघर्ष समिति ने आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के हालिया जजमेंट के खिलाफ, कल यानि बुधवार 21 अगस्त को संपूर्ण भारत बंद का आह्वान किया है। नेशनस कॉनफेडरेशन ऑफ दलित एंड आदिवासी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का यह जजमेंट दलित और पिछड़ों के खिलाफ है। सरकार को तुरंत इस जजमेंट को रद्द कर देना चाहिए। बंद का आह्लान करने के साथ-साथ समिति ने अपनी मांगों की एक सूची भी जारी की है, जिसमें प्रमुख मांग एससी,एसटी और पिछड़ों के लिए न्याय और समानता की है और इसके अलावा इन समुदायों को न्यायपालिका में 50 फीसदी आरक्षण देने जैसी मांगें भी शामिल है।

भारत बंद की वजह से क्या-क्या बंद रहने की संभावना

सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट की वजह से किए जा रहे भारत बंद पर अभी तक किसी राज्य सरकार की तरफ से कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। यूपी और राजस्थान में इन संगठनों की मजबूत पकड़ है इसलिए यहाँ बंद का  असर हो सकता है। ऐसे में पुलिस प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है। समिति की तरफ से आम लोगों से भी अपील की गई है कि वे अपने घरों से बाहर न निकलें। संगठनों ने कहा है कि देश में कोई भी सार्वजनिक परिवहन नहीं चलेगा, सभी आम जनों से अपील है कि वह अपनी आने वाली पीढ़ी को ध्यान में रखते हुए इस बंद का समर्थन करें।

किस-किस पर असर पड़ने की संभावना

समिति ने आम लोगों के लिए एडवाइजरी जारी करके अपील की है कि मेडिकल सेवाओं,पुलिस और अग्निशामक सेवाओं को छोड़कर बाकी सब चीजों को सुबह 6 बजे से 8 बजे तक बंद रखें। हालांकि ऑफिस, बैंक, पेट्रोल पंप, स्कूल और कॉलेज में काम जारी रहेगा। बीएसपी, जेएमएम और राजद ने इस बंद को अपना समर्थन दिया है। जी न्यूज के अनुसार,  इस बंद का राजस्थान, केरल और उत्तरप्रदेश में असर दिखने की संभावना है।

आखिर किन-किन कारणों से किया जा रहा है भारत बंद

सुप्रीम कोर्ट के सात जजों की पीठ द्वारा सुनाए गए आरक्षण के अंदर आरक्षण के फैसले को लेकर यह भारत बंद का ऐलान किया गया है। संगठनों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला ऐतिहासिक इंदिरा साहनी मामले में नौ जजों की पीठ द्वारा लिए गए फैसले को कमजोर करता है, जिससे आरक्षण की नींव भी कमजोर होती है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी केंद्र सरकार से अपील की थी कि वह विशेष सत्र बुलाकर सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को खत्म कर दे। मायावती का कहना है कि इस आदेश से दलितों का नुकसान होगा। इसके अलावा एनएसीडीएओआर ने सरकार से अनुरोध किया अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण पर संसद द्वारा के नए कानून को पारित किया जाए।




MP News: भोपाल में मिले लापता ओबीसी नेता मान सिंह पटेल, परिजनों का पहचान से इंकार, DNA टेस्ट से होगी पुष्टि

MP News Missing OBC leader Man Singh Patel found in Bhopal family refuses to identify DNA test will confirm

मान सिंह पटेल और मंत्री गोविंद सिंह राजपूत

मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री गोविंद सिंह राजपूत पर ओबीसी नेता मान सिंह पटेल की जमीन हड़पने और उन्हें अगवा कराने के आरोप लगे थे। आठ साल से लापता मान सिंह पटेल, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद खोजने का प्रयास किया जा रहा था, भोपाल में पाए गए हैं।

बता दें कि पुलिस ने एक व्यक्ति को छोला श्मशान घाट के पास से पकड़ा है, जिसका हुलिया मान सिंह पटेल से मिलता है, लेकिन परिजनों ने उसकी पहचान करने से इनकार कर दिया है। भोपाल पुलिस कमिश्नर हरि नारायणचारी मिश्र ने बताया, हमें सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति छोला श्मशान घाट के पास है, जिसका हुलिया मान सिंह पटेल से मिलता-जुलता है। इस पर हमारी टीम ने उसे पकड़कर सागर पुलिस को सौंप दिया है। हालांकि, अभी परिजन पहचान से इनकार कर रहे हैं।

साल 2016 से गायब हैं मान सिंह पटेल

बता दें कि यह मामला 2016 का है। जब मान सिंह पटेल ने मंत्री गोविंद सिंह राजपूत पर अपनी पुश्तैनी जमीन पर अवैध कब्जा करने की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद से वह लापता हो गए थे। इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं होने पर पटेल के बेटे सीताराम ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठाए थे। सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए एक नई एसआईटी (विशेष जांच दल) के गठन का आदेश दिया है। इसके बाद से पुलिस भी इस मामले में सक्रिय हो गई है।

अब डीएनए टेस्ट से होगी पहचान की पुष्टि

भोपाल से बरामद व्यक्ति का हुलिया बदला हुआ है और परिजनों ने भी उसकी पहचान करने से इनकार कर दिया है। वह छोला श्मशान घाट के पास मजदूरी करते हुए मिले हैं। उनकी हालात भी विक्षिप्त जैसी है, लेकिन चेहरा मान सिंह से मिल रहा है। इसलिए अब डीएनए टेस्ट से पहचान की जाएगी। इस टेस्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पकड़ा गया व्यक्ति वास्तव में मान सिंह पटेल है या कोई और है।

सही जांच हो और सच्चाई सामने आए

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि मैं सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करता हूं। मैं खुद चाहता हूं कि मामले की सही जांच हो और सच्चाई सामने आए। इस प्रकरण से मेरा कोई लेना-देना नहीं है।




MP News: यूनिसेफ ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल की जमकर की तारीफ, जाने क्या है योजना

MP News: UNICEF praised this initiative of Chief Minister Dr. Mohan Yadav, know what is the plan

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा शुरू की गई सेनिटेशन एवं हाईजीन योजना को यूनिसेफ ने सराहा है। यह योजना किशोरियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर शुरू की गई है, जिसमें उन्हें सेनिटरी नेपकिन के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। यूनिसेफ ने इसे एक अनूठी पहल बताते हुए अपने सोशल मीडिया हैंडल पर इसकी तारीफ की है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 11 अगस्त को भोपाल में आयोजित छात्राओं के संवाद एवं सम्मान कार्यक्रम के दौरान समग्र शिक्षा के अंतर्गत सेनिटेशन एवं हाईजीन योजना में 19 लाख छात्राओं के खातों में 57 करोड़ 18 लाख रुपये की राशि अंतरित की थी। इस योजना के तहत कक्षा 7 से 12 तक की छात्राओं को सेनिटरी नेपकिन के लिए राशि प्रदान की जा रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य स्कूलों और महाविद्यालयों की छात्राओं के बीच स्वच्छता के महत्व और उसके उपायों के प्रति जागरूकता फैलाना है। यह योजना स्कूल शिक्षा विभाग के समग्र शिक्षा अभियान के तहत संचालित की जा रही है।

यूनिसेफ द्वारा की गई सराहना पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “मध्य प्रदेश के किशोरों और बच्चों के लिए काम करने की हमारी प्रतिबद्धता को विश्व स्तर पर मान्यता देने के लिए यूनिसेफ इंडिया और अनिल गुलाटी का हार्दिक धन्यवाद।” साथ ही, उन्होंने सुंदर चित्रण के लिए गुल को भी धन्यवाद दिया।