Bhopal: ऐसे लोग ही कर रहे भोपाल को शर्मसार, बड़े तालाब में राजा भोज की प्रतिमा के सामने पेशाब करता दिखा युवक

Bhopal: Such people are putting Bhopal to shame, a young man was seen urinating in a big pond.

भोपाल को शर्मसार करता युवक इस कार में सवार था।
– फोटो : सोशल मीडिया

स्वच्छता सर्वेक्षण में पिछड़ा हुआ खड़े रहना राजधानी भोपाल की सरकारी एजेंसियों की इकलौती हार नहीं है। बल्कि शहर के जिम्मेदार नागरिकों ने भी इस स्थिति में तड़का लगाने में कसर नहीं छोड़ी है। यहां वहां गंदगी फैलाकर शहर को दूषित करने में जुटे लोग कभी राजधानी की जलरेखा कहलाने वाले बड़ा तालाब को भी नहीं बख्श रहे हैं।

सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक दूषित मानसिकता के व्यक्ति के लिए सफाई पसंद लोग कड़ी सजा की मांग करते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो में दिखाई दे रहा एक कार सवार युवा वीआईपी रोड पर स्थित राजा भोज प्रतिमा के ऐन सामने पेशाब करता दिखाई दे रहा है। देर रात में घटे इस घटनाक्रम के दौरान किसी राह चलते व्यक्ति द्वारा रोके जाने पर भी इसने अपनी दूषित मानसिकता को बड़े तालाब में बहाने से नहीं रोका। बेशर्मी का आलम यह है कि बार-बार मना करने के बाद भी वह युवा तालाब में गंदगी कर बेफिक्री से अपनी कार में जा बैठा। साथ में मौजूद उसके अन्य साथी भी इस गंदगी के पैरोकार की हरकतों को सुकून से बैठे देखते नजर आए।

जागरूक ने बनाया वीडियो, किया शेयर

वीआईपी रोड के व्यस्त मार्ग और राजधानी की शान माने जाने वाले राजा भोज प्रतिमा के सामने अपनी कुंठित मानसिकता दर्शा रहे इस युवा को एक राह चलते व्यक्ति ने अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया। बाद में इसी व्यक्ति ने इस वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल भी कर दिया। इस वीडियो में गंदगी फैलाते युवा का चेहरा और उसका कार नंबर भी दिखाई दे रहा है। जिसके आधार पर इसके लिए सजा की मांग की जा रही है।

महापौर ने अपनाई थी गांधीगिरी

जिस समय वीआईपी रोड के किनारे राजभोज सेतु का निर्माण किया गया था, यहां तफरीह करने जाने वालों का मजमा लगा रहता था। यहां घूमने के लिए पहुंचने वाले लोगों ने चंद दिनों में ही ब्रिज की दीवारों को पान और गुटखे की पीक से लाल कर दिया। इस स्थिति को देखते हुए तत्कालीन महापौर आलोक शर्मा ने गांधीगिरी का रास्ता अपनाया था। उन्होंने लोगों को गंदगी फैलाने से रोकने का कहने की बजाए खुद बाल्टी और पोंछा थामा और गंदगी साफ की थी। नतीजा यह हुआ कि इसके बाद लोगों ने राजा भोज सेतु की दीवारों पर पान और गुटखे की पीक से चित्रकारी करना बंद कर दिया है।

एक मुहिम यह भी

राजधानी भोपाल के स्वच्छता एंबेसडर सैयद फैज अली ने शहर के उन स्पॉट को चयनित किया है, जहां लोगों ने गंदगी के अंबार लगा रखे हैं। फैज ने नगर निगम अमले और अपनी टीम के साथ मिलकर ऐसे स्थानों पर सफाई करवाई। इसके बाद यहां सुंदर पेंटिंग, पौधा रोपण और लोगों के बैठने जैसे इंतजाम भी करवाए। फैज का यह अभियान पुराने शहर से लेकर राजधानी की नई आबादी के कई स्थानों तक पहुंचा है। जिसका नतीजा यह है कि कल तक जिन जगहों के पास से गुजरने में लोग नाक सिकोड़ते नजर आते थे, अब वे इन स्थानों पर कुछ पल सुकून के गुजार पा रहे हैं।




Bhopal News : बीज प्रमाणीकरण विभाग का चपरासी 10 करोड़ के गबन का आरोपी, जीतू पटवारी बोले

MP: Peon of Seed Certification Department accused of embezzlement of 10 crores, Jeetu Patwari said- Department

पीसीसी चीफ जीतू पटवार

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि बीज प्रमाणीकरण विभाग में करोड़ों रूपयों का व्यापक पैमाने पर भ्रष्टाचार किये जाने का मामला पहले ही सामने आ चुका है। अब विभाग के एक चपरासी द्वारा 10 करोड़ रूपयों की एफडी को तुड़वाकर अपने खाते में ट्रांसफर कराये जाने का मामला सामने आया है। संज्ञान में यह बात सामने आयी है कि विभाग का उक्त चपरासी विगत 10 वर्षों से कार्यालय में नौकरी करने ही नहीं जाता, फिर भी उसे पूरा वेतन मिल रहा है, इससे स्पष्ट है कि विभाग के आला अधिकारी इस एफडी कांड में शामिल हैं।

भोपाल स्थित सेंट्रल बैंक आफ इंडिया से जुड़ा मामला

पटवारी ने कहा कि मामला राजधानी भोपाल के इमामी गेट के स्थित सेंट्रल बैंक आफ इंडिया से जुड़ा हुआ हैं। बीज प्रमाणीकरण विभाग ने इमामी गेट स्थित सेंट्रल बैंक आफ इंडिया में विगत 30 नवम्बर 2023 को 5-5 करोड़ रुपए की दो एफडी बनवाई थी। जब अधिकारी इन एफडी को तुड़वाने के लिए बैंक पहुंचे तो मामला सामने आया कि इन एफडी की राशि को चपरासी द्वारा तोड़कर एचडीएफसी बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी गई है। इतना ही नहीं एफडी पर मिले 66 लाख रूपये के ब्याज की राशि भी उक्त चपरासी के खाते में ट्रांसफर की गई है।

अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं

पटवारी ने कहा कि एफडी कांड में चपरासी के साथ बैंक मैंनेजर या विभाग के आला-अफसर और एमडी की मिलीभगत तो नहीं है? मामला सामने आते ही बैंक प्रबंधन और प्रशासन ने जांच तो शुरू कर दी, लेकिन सच्चाई अभी भी कुछ और ही बयां कर रही है। वहीं पुलिस ने धोखाधड़ी और गबन के मामले की एफआईआर दर्ज कर ली है लेकिन अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इस फर्जीवाड़े को अंजाम देने में कौन-कौन से अन्य लोग शामिल हैं, इतनी बड़ी राशि का गबन करने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम का गठन कर आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की जानी चाहिए।

दोषियों के विरूद्व सख्त कार्रवाई की मांग

पटवारी ने कहा कि बैंकिंग प्रणाली की सुरक्षा और आंतरिक नियंत्रणों पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। बीज प्रमाणीकरण विभाग के एमडी सहित फर्जीवाड़ें में शामिल अन्य अधिकारियों और चपरासी को तत्काल सेवा से बर्खास्त किया जाना चाहिए। सरकार द्वारा इस तरह के फर्जीवाड़ों को रोकने के लिए नई नीतियों और सुरक्षा उपायों पर विचार किया जाना चाहिए। इस मामले ने राज्य सरकार और बैंक प्रशासन इस घटना की गंभीरता से लेते हुये दोषियों के विरूद्व सख्त कार्यवाही करें।




राहुल गांधी पर अनर्गल आरोप बीजेपी की विकृत मानसिकता और गिरते राजनीतिक स्तर का प्रमाण: जीतू पटवारी

भारतीय राजनीति में विचारधारा, मूल्यों और सिद्धांतों का अपना विशेष महत्व है। यह न केवल देश के विकास और स्थायित्व के लिए आवश्यक है बल्कि यह जनका प्रति राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी का भी प्रमाण होता है। लेकिन जब राजनीति में व्यक्तिगत हमले, अनर्गल आरोप और मिथ्या प्रचार का सिलसिला शुरु हो जाता है, तो यह राजनीति के गिरते स्तर को ही दर्शाता है।

दुर्भाग्य से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) जिस तौर-तरीके की राजनीतिक करना चाह रही है, वह भारतीय लोकतंत्र के लिए अस्वीकार्य है। यह कहने में कोई संकोच नहीं होना चाहिए कि स्तर की इस गिरावट पर प्रधानमंत्री की चुप्पी वाचाल वर्ग को प्रोत्साहन दे रही है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर बीजेपी द्वारा लगाए गए अनर्गल आरोप इसी विकृत मानसिकता का परिचायक हैं। बीजेपी का बार-बार राहुल गांधी के खिलाफ इस प्रकार के आरोप लगाना उनके राजनीतिक भय का भी बड़ा प्रमाण है। चूंकि राहुल गांधी देश हित में सरकार से लगातार सवाल पूछते हैं। गांव, गरीब, मजदूर और किसान की आवाज उठाते हैं। महिला उत्पीड़ने के मामलों को राष्ट्रीय मुद्दा बनाते हैं, इसलिए प्रधानमंत्री के संरक्षण और प्रोत्साहन से केंद्र सरकार के मंत्री से लेकर अलग-अलग राज्यों के विधायक तक गैरजरूरी आरोप लगाते रहते हैं।




‘एक राष्ट्र एक चुनाव मतदाताओं के साथ अन्याय’, दिग्विजय सिंह ने पाकिस्तान को दी सलाह

'One Nation One Election is injustice to voters', Digvijay Singh gave advice to Pakistan

मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने वन नेशन वन इलेक्शन को लेकर बयान दिया है। उन्होंने इस व्यवस्था को देश के मतदाताओं के साथ अन्याय बताया है। साथ ही पाकिस्तान को भी नसीहत दी है। 

 

बता दें कि पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह कांग्रेस नेता के निधन पर शोक व्यक्त करने उज्जैन स्थित कालिदास अकादमी पहुंचे थे। मीडियाकर्मियों से बात करते हुए उन्होंने पाकिस्तान सहित वन नेशन वन इलेक्शन पर भी बात की। सिंह ने वन नेशन वन इलेक्शन को संघीय ढांचे को डिस्टर्ब करने वाला बताया। उन्होंने इसे मतदाताओं के साथ अन्याय करार दिया है। दिग्विजयसिंह ने कहा कि इस देश में बहुभाषी, बहु जाति, बहु धर्म बहु-सम्प्रदाय है। ऐसे देश में जो संघीय ढांचा है, उसको आप डिस्टर्ब नहीं कर सकते हैं। ये प्रेक्टिकल भी नहीं है। जिन राज्यों में पांच वर्ष पूरे नहीं होंगे, वहां सरकार भंग करोगे, ये तो मतदाताओं के साथ अन्याय होगा।

दिग्विजय सिंह ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा एम. आसिफ के उस बयान पर भी जवाब दिया, जिसमें आसिफ ने कश्मीर चुनाव को लेकर कहा था कि कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस गठबंधन के पास अनुच्छेद 370 और 35 ए की बहाली के लिए एक मजबूत मौका है। 

दिग्विजय सिंह ने कहा कि पाकिस्तान के मंत्री अपने देश की बात करें, भारत की बात क्यों करते हैं, इसको लेकर सिंह ने भाजपा पर भी निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि उनके पास कोई काम ही नहीं है। धर्म के नाम पर वोट मांगो, हिन्दू मुस्लिम करो, हिंदुस्तान पाकिस्तान के नाम पर सब झूठ बोलते है। 

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने दिया था यह बयान

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा एम आसिफ ने पाकिस्तान में कश्मीर चुनाव को लेकर कहा था कि मोदी के 2019 के कार्यों के खिलाफ प्रतिक्रिया से प्रेरित कश्मीर चुनावों में कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस गठबंधन के पास एक मजबूत मौका है। अनुच्छेद 370 और 35 ए की बहाली के संबंध में पाकिस्तान और गठबंधन दोनों एक ही पक्ष हैं।




One Nation-One Election: वन नेशन, वन इलेक्शन को केंद्र की मंजूरी, सीएम डॉ. यादव ने बताया ऐतिहासिक कदम

One Nation-One Election: Center approves One Nation, One Election, CM Dr. Yadav calls it a historic step

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

केंद्र सरकार ने बुधवार को वन नेशन, वन इलेक्शन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इससे देश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराए जा सकेंगे। इस निर्णय से देश की 543 लोकसभा और 4130 विधानसभा सीटों पर एक साथ चुनाव कराने का रास्ता साफ होता दिख रहा है। इस फैसले को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ऐतिहासिक कदम बताया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्रिमंडल का वन नेशन-वन इलेक्शन की स्वीकृति के लिए प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक स्वागत किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में आज भारतीय लोकतंत्र ने वन नेशन-वन इलेक्शन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बढ़ाया है। यह अभी तक का सबसे बड़ा निर्णय है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग राज्यों में बार-बार चुनाव से विकास कार्य प्रभावित होते हैं।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने चुनाव से पहले ही वन नेशन-वन इलेक्शन की घोषणा कर दी थी और इसके लिए पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के मार्गदर्शन में एक आयोग गठित किया था, जिसने इस संबंध में प्रस्ताव पेश किया। प्रधानमंत्री ने मंत्रिमंडल से प्रस्ताव को स्वीकृत करवाकर भारतीय लोकतंत्र को मजबूत करने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से न केवल भारतीय लोकतांत्रिक मूल्यों व आदर्शों को और अधिक मजबूती मिलेगी, बल्कि यह हमारी संसदीय प्रणाली में एक ऐतिहासिक सुधार भी साबित होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले संसद के शीतकालीन सत्र में भी इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिल जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस ऐतिहासिक कदम के लिए प्रधानमंत्री मोदी का हृदय से आभार माना और देशवासियों को बधाई दी है।




MP News: एमपी में नए DGP की नियुक्ति, कई अधिकारी दौड़ से बाहर, जाने कौन है रेस में आगे

MP News: Appointment of new DGP in MP, many officers out of the race, know who is ahead in the race

मंत्रालय

मध्य प्रदेश में नए डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) की नियुक्ति के लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस बार नए नियमों के कारण कई वरिष्ठ अधिकारियों के नामों को चयन प्रक्रिया से बाहर हो जाएंगे। अपर मुख्य सचिव एसएनमिश्रा ने पीएचक्यू को पत्र भेजकर दावदारों के प्रस्ताव मांगे है। जिसमें सहमति के साथ सेट प्रोफॉर्मा में भेजने को कहा गया है। इन दावेदारों में से ही नए नियमों के अनुसार अधिकारियों की सूची संघ लोक सेवा आयोग को भेज जाएगी।

नए नियमों से बदल गई प्रक्रिया

नए नियमों के तहत, डीजीपी पद के लिए उन्हीं अधिकारियों के नाम यूपीएससी को भेजे जाएंगे, जिनकी सेवा अवधि कम से कम छह माह शेष हो। मौजूदा डीजीपी सुधीर सक्सेना नवंबर 2024 में सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इस कारण कई अधिकारी जैसे कि 1987 बैच के शैलेष सिंह और 1990 बैच के विजय कटारिया, जो जनवरी 2024 तक रिटायर हो रहे हैं, रेस से बाहर हो गए हैं।

यह नाम है आगे

चयन की प्रक्रिया के तहत स्पेशल डीजी के नाम यूपीएससी को भेजे जाएंगे। इनमें 1988 बैच के अरविंद कुमार और कैलाश मकवाना, 1989 बैच के अजय कुमार शर्मा, जीपी सिंह और सुषमा सिंह प्रमुख हैं। इन नामों में से यूपीएससी तीन अधिकारियों के नाम का पैनल मप्र सरकार को भेजेगा, और उनमें से एक को अंतिम रूप से चुना जाएगा। 1988 और 1989 बैच के अधिकारी अरविंद कुमार, अजय कुमार शर्मा और जीपी सिंह इस पद के प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, इनमें से किसी एक अधिकारी के नाम पर सहमति बनने की संभावना है।




Mp: प्रदेश के 6 जिलों में आज बारिश का रेड अलर्ट, CM ने बुलाई आपात बैठक, भोपाल समेत 6 जिलों में स्कूल की छुट्टी

Red alert for rain in 6 districts of the state today, CM calls emergency meeting, school holiday in 6 district

भोपाल की बारिश

मध्य प्रदेश में बारिश का स्ट्रांग सिस्टम एक्टिव होने से प्रदेश की ज्यादातर क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। तेज बारिश से नदी नाले उफान पर हैं। कई बांधों के गेट खोले गए हैं। भारी बारिश को देखते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज आपात बैठक बुलाई है। वही मौसम विभाग ने प्रदेश के 6 जिलों भिंड, शिवपुरी, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, सागर में अति भारी बारिश का रेड अलर्ट है। साथ ही भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर समेत 29 जिलों में भारी बारिश के आसार हैं। इधर भारी बारिश को देखते हुए कलेक्टर ने भोपाल में पांचवी तक और राजगढ़, सागर, गुना, शिवपुरी, मुरैना और भिंड में 8वीं तक के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों की छुट्टी घोषित की है।

मध्य प्रदेश मौसम विभाग का बारिश अलर्ट

मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश के कई जिलों में अगले कुछ घंटे के लिए अलर्ट जारी किया है जिसके अनुसार भिंड, दतिया, ग्वालियर, मुरैना, श्योपुर, आगर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी ओरछा, राजगढ़ में बिजली के साथ भारी बारिश जारी रहने की संभावना है, साथ ही भोपाल में बिजली के साथ मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है। छतरपुर खजुराहो, पन्ना, सागर, विदिशा, टीकमगढ़, दमोह, उज्जैन, नरसिंहपुर, शाजापुर, जबलपुर के साथ-साथ सतना चित्रकूट, रायसेन में बिजली के साथ हल्की बारिश। रीवा, मैहर, कटनी, सिवनी, मंदसौर, रतलाम, आगर मालवा, उमरिया, डिंडोरी, अनुपपुर, मंडला, बालाघाट, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्ना, बैतूल सुबह के समय हरदा, नर्मदापुरम पचमढ़ी, सीहोर, देवास, इंदौर, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, नीमच, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर में बारिश हो सकती है।

इसलिए हो रही प्रदेश बारे में मूसलाधार बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में 3 सिस्टम- मानसून ट्रफ, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और लो प्रेशर एरिया की वजह से बारिश हो रही है। मौसम विभाग के सीनियर वैज्ञानिक वेद प्रकाश ने बताया कि लो प्रेशर एरिया अब डिप्रेशन में बदल गया है। मानसून ट्रफ भी डिप्रेशन से गुजर रहा है। दक्षिण गुजरात के ऊपर एक चक्रवाती घेरा बना है। इन तीन सिस्टम की वजह से बारिश का दौर बना हुआ है। अगले 24 घंटे के दौरान कुछ जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में सामान्य बारिश का आंकड़ा पार हो गया है। औसत 37.3 इंच के मुकाबले 39.1 इंच बारिश हो चुकी है। सबसे ज्यादा बारिश मंडला जिले में 54.64 इंच हुई है।

भारी बारिश के चलते इन बांधों के खोले गए गेट

मध्य प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश से बांधों के गेट खोलने पड़ रहे हैं। बुधवार को भोपाल के कोलार, केरवा, भदभदा और कलियासोत डैम के गेट खुले रहे। नर्मदापुरम में तवा डैम के 13 में से 9 गेट, बरगी बांध के 21 में से 17, मोहनपुरा डैम के 10 गेट, हलाली डैम के 5 गेट, मड़ीखेड़ा डैम के 4 गेट, अटल सागर डैम के 2 गेट, तिघरा डैम के 7 गेट, बानसुजारा डैम के 12 गेट, जोहिला डैम के 2 गेट खुले रहे। दूसरी ओर, नर्मदा, चंबल, कालीसिंध, पार्वती, शिप्रा समेत कई नदियां उफान पर रहीं।




MP News: सीएम मोहन यादव का बड़ा फैसला- निगम, मंडल, प्राधिकरण के अध्यक्ष पद मंत्रियों को सौंपे

MP News: Big decision of CM Mohan Yadav - hand over the posts of chairpersons of corporations, boards and auth

मंत्रालय

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को कैबिनेट बैठक के बाद प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव किया है। प्रदेश के सभी निगम, मंडल और प्राधिकरणों के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाल रहे अपर मुख्य सचिव (एसीएस) और अन्य आईएएस अधिकारियों को इन पदों से हटा दिया गया है। अब यह जिम्मेदारी अस्थाई तौर पर मंत्रियों को सौंप दी गई है, जिससे प्रशासनिक निर्णयों में मंत्रियों की सीधी भागीदारी बढ़ेगी।

कैबिनेट बैठक के बाद जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि जिन उपक्रमों के अध्यक्ष का कार्यभार विभागीय अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव या सचिवों के पास था, उनका कार्यभार अब मंत्रियों को सौंपा जाएगा। यह निर्णय राज्य में प्रशासनिक सुधार और निर्णय लेने की प्रक्रिया को तेज करने के उद्देश्य से लिया गया है।

ऐसे उपक्रम जहां नियमों में अध्यक्ष की नियुक्ति या मनोनयन के लिए विशेष व्यवस्था है, वहां अध्यक्ष पद का प्रभार उसी प्राधिकारी के पास रहेगा, जिसका उल्लेख नियमों में है। अन्य उपक्रमों में मंत्रियों को यह जिम्मेदारी दी जाएगी। इस फैसले से राज्य की प्रशासनिक और राजनीतिक संरचना में महत्वपूर्ण बदलाव आया है। मंत्रियों को दी गई जिम्मेदारियों से निर्णय लेने की प्रक्रिया में तेजी आने की संभावना है, और साथ ही राज्य के विकास कार्यों में गति लाई जा सकेगी।

राजनीतिक नियुक्तियां टली

बता दें, प्रदेश के विभिन्न निगम मंडलों में राजनीतिक नियुक्तियों का लंबे से इंतजार किया जा रहा था। इस फैसले से इनमें नियुक्तियों का रास्ता ताक रहे भाजपा नेताओं को निराशा हो सकती है। जानकार सूत्रों का कहना है कि मंत्रियों को प्रभार सौंपने का फैसला अभी अस्थाई तौर पर किया गया है। राजनीतिक नियुक्तियों के बाद मंत्रियों से निगम मंडलों का प्रभार वापस लिया जा सकता है।




Bhopal News: विद्यार्थियों को नि:शुल्क उपाधि प्रदान करेगा बरकतउल्ला विश्वविद्यालय,दीक्षांत समारोह में CM ने की घोषणा

Barkatullah University will provide free degrees to students, CM announced in the convocation ceremony

बीयू का दीक्षांत समारोह

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में बड़ी घोषणा करते हुए कहा है कि अगले सत्र से बरकतउल्ला विश्वविद्यालय सभी पात्र विद्यार्थियों को नि:शुल्क रूप से उनकी उपाधि प्रदान करेगा। मंगलवार को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह आयोजित हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलाधिपति एवं राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने की। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने समारोह के दौरान दीक्षित सभी विद्यार्थियों के साथ ही बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के सभी विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने भारतीय ज्ञान परंपरा और राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर विशेष रूप से प्रकाश डाला।

वास्कोडिगामा नहीं गुजरात के व्यापारी ने की थी भारत की खोज

उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह कार्यक्रम में एक बड़ा बयान देते हुए बताया कि किस तरह से पहले के विद्वानों द्वारा गलत तरीके से इतिहास को प्रस्तुत करके हमारे देश के विद्यार्थियों को हमारे पूर्वजों के महान कार्यों, उनके गौरव और सम्मान से हमें दूर रखा गया है और इतिहास से भ्रमित किया गया है। मंत्री ने उदाहरण देते हुए बताया कि हमारे विद्यार्थियों को पढ़ाया गया कि भारत की खोज वास्कोडिगामा ने की थी जबकि हकीकत यह है कि गुजरात के एक व्यापारी जिनका नाम चंदन था वह जहाज से उस टापू पर गए थे जहां वास्कोडिगामा मौजूद था और वास्कोडिगामा ने उनसे भारत देखने की इच्छा जाहिर की। इस पर चंदन नाम के व्यापारी ने वास्कोडिगामा को अपने जहाज के पीछे उसका जहाज लाने की बात कही और इस प्रकार वास्कोडिगामा ने भारत को देखा। गुजरात के व्यापारी चंदन का जहाज वास्कोडिगामा के जहाज से कई गुना बड़ा था।

गौरव और सम्मान को वापस लाने का प्रयास

उच्च शिक्षा मंत्री ने दूसरा उदाहरण देते हुए कहा कि ऐसे ही कोलंबस के बारे में भी इतिहास को तोड़ मरोड़ कर प्रस्तुत किया गया है। परमार ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति और भारतीय ज्ञान परंपरा में अब ऐसे भ्रम को दूर करने के हर स्तर पर किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों के गौरव और सम्मान को जिन लोगों ने दबाकर रखा था और हम तक पहुंचने में रुकावट उत्पन्न की थी अब उस गौरव और सम्मान को वापस लाने का प्रयास किया जा रहा है और उन गलतियां को हर स्तर पर दूर करने की कोशिश की जा रही है।

94 को पीएचडी की उपाधि, 34 को गोल्ड मेडल दिया

दीक्षांत समारोह में कुल 94 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि के साथ ही एक डीएससी उपाधि से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही स्नातक और स्नातकोत्तर में डिग्रियां प्रदान की गई है। दीक्षांत समारोह के दौरान 34 विद्यार्थियों को उनकी उपलब्धियां के लिए गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया है।

स्वस्तिवाचन के साथ किया प्रवेश

बरकतउल्ला विश्वविद्यालय की शोभा यात्रा ने स्वस्तिवाचन के साथ कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में प्रवेश किया। फिर राज्यपाल व कुलाधिपति मंगुभाई पटेल से बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर सुरेश कुमार जैन ने अनुमति प्राप्त कर दीक्षांत समारोह की प्रक्रिया आरंभ की। विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर जैन ने विद्यार्थियों को दिए उपदेश में शपथ का वाचन कराया। शपथ के अंतर्गत तैतरेय उपनिषद के 11 वें अनुच्छेद से लिए गए अंश का संस्कृत में विद्यार्थियों से वाचन कराया गया। कार्यक्रम शुरू होने के पहले राज्यपाल मंगु भाई पटेल मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के मंच परआने के बाद पुलिस बैंड द्वारा राष्ट्रगान जन मन गण की धुन प्रस्तुत की गई।




Sarojini Naidu School Protest: मंत्री उदय प्रताप बोले- बच्चों का गुस्सा चिंता का विषय, होगी उच्चस्तरीय जांच

Sarojini Naidu School Protest Minister Uday Pratap says children anger is matter of concern investigation

मंत्री उदय प्रताप

मध्यप्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप का एक बयान सामने आया है। सरोजिनी नायडू में छात्राओं के प्रदर्शन को लेकर कहा, जिस तरह से बच्चे गुस्से में थे। इससे लगता है कि यह एक दिन का मामला नहीं है। बच्चों का गुस्सा चिंता का विषय है। स्कूल प्रबंधन ने इतना गुस्सा पनपे दिया, ये भी एक सवाल है। उन्होंने बताया कि शिक्षक को हटा दिया गया है। मामले में उच्चस्तरीय जांच की जा रही है।

दरअसल, कल यानी बुधवार को सरोजिनी नायडू शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में बवाल मच गया। छात्राओं ने शिक्षक वर्षा झा के ऑफिस में तोड़फोड़ कर दी। नेम प्लेट को तोड़ दिया गया। दफ्तर के कांच, अलमारी और कंप्यूटर को तोड़ दिया गया। स्कूल में एनजीओ के माध्यम से की गई नियुक्ति को लेकर सवाल उठाए गए।

शिक्षक को हटाने का आदेश

रिटायर्ड अधिकारी की नियुक्ति और बेवजह धूप में खड़े करने जैसी सजा देने के मसले पर छात्राओं ने जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कई छात्राओं को तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया। इसे लेकर राजनीति भी हुई। प्रदेश कांग्रेस ने सरकार को जमकर घेरा था। वहीं, हंगामा बढ़ता देख राज्य शिक्षा केंद्र के डायरेक्टर ने छात्राओं की नाराजगी को देखते हुए शिक्षक को अनिश्चितकालीन के लिए अवकाश पर भेजा गया। इसके बाद देर रात सरकार ने उनको सेवा से ही हटाने के आदेश दे दिए।

शिक्षा मंत्री ने क्या कहा

स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा था कि मेरे ध्यान में भोपाल के सरोजिनी नायडू स्कूल में बेटियों के द्वारा प्रदर्शन का विषय आया है। मैंने अधिकारियों से बात की है। बेटियों की समस्याओं का निराकरण हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। हम इसकी उच्च स्तरीय जांच करा रहे हैं। जो भी दोषी होगा वो बख्शा नहीं जाएगा।