Bhopal News : मध्य प्रदेश में 23 लाख से अधिक छात्रों ने छोड़ा स्कूल,स्टूडेंट ड्रॉपआउट देख शिक्षा विभाग के अधिकारियों की उड़ी नींद

भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार भले ही सीएम राइज जैसे स्कूलों को खोलकर निजी स्कूलों को टक्कर देने की कोशिश में जुटी है। लेकिन प्रदेश के सरकारी स्कूलों से जुड़े आंकड़े कुछ और ही स्थिति बयां कर रहे हैं। सीएम राइज स्कूलों को छोड़ दें तो प्रदेश में कई स्कूल ऐसे हैं, जहां एक भी बच्चे ने एडमिशन नहीं लिया है। वहीं निजी स्कूलों में छात्र-छात्राओं की संख्या में ईजाफा देखने को मिल रहा है। जबकि सरकारी स्कूल नित नए नवाचारों के बावजूद बंद होने की कगार पर हैं।

तो बंद हो जाएंगे सरकारी स्कूल!

राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा जारी वार्षिक आंकड़े में बताया गया है कि शैक्षणिक सत्र 2024-25 में 5500 सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जहां पहली कक्षा में एक भी एडमिशन नहीं हुआ है। यानि इन स्कूलों में अब पहली कक्षा जीरो ईयर घोषित की जाएगी। वहीं करीब 25 हजार स्कूल ऐसे हैं, जहां 1-2 एडमिशन ही हुए हैं। प्रदेश में 11,345 स्कूलों में केवल 10 एडमिशन हुए। इसी तरह करीब 23 हजार स्कूल ऐसे हैं जहां मात्र 3-5 बच्चों ने ही एडमिशन लिया है। यदि अगले शैक्षणिक सत्र में भी यही हाल रहा तो प्रदेश के हजारों सरकारी स्कूल बंद हो जाएंगे।

स्टूडेंट्स की घटती संख्या से स्कूल शिक्षा विभाग चिंतित

एमपी में पहली से 12वीं कक्षा तक के करीब 23 लाख स्कूली छात्र ऐसे हैं, जो शैक्षणिक सत्र 2023-24 पूरा करने के बाद वापस स्कूल नहीं लौटे। इन स्टूडेंट्स ने किसी दूसरे स्कूल में भी एडमिशन नहीं लिया है। इतनी बड़ी संख्या में छात्रों का स्कूल छोड़ना अब स्कूल शिक्षा विभाग के लिए परेशानी का कारण बन गया है। अधिकारी इस बात को लेकर मंथन कर रहे हैं कि किस प्रकार छात्रों को वापस स्कूल बुलाया जाए।

इन कारणों से सरकारी स्कूल आने को तैयार नहीं स्टूडेंट्स

दरअसल मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों की कमी है। यहां 80 हजार से अधिक अतिथि शिक्षकों को पढ़ाने के लिए लगाया गया है। इनके पास न तो बच्चों को पढ़ाने का पर्याप्त अनुभव हे और न ही इन्हें विभागीय प्रशिक्षण दिया जाता है। अभिभावक अपने बच्चों को इंग्लिश मीडियम में पढ़ाना चाहते हैं, लेकिन अधिकतर सरकारी स्कूलों में इंग्लिश मीडियम के टीचर ही नहीं हैं। वहीं, सरकारी स्कूल में बच्चों को दिया जाने वाला मध्यान्ह भोजन और निशुल्क यूनीफार्म व किताब वितरण बच्चों को स्कूल तक लाने में कारगर साबित नहीं हो रहे हैं।वहीं निजी स्कूलों में बच्चों की सभी मूलभूत सुविधाओं का ख्याल रखा जाता है।

स्कूलों से 23 लाख से अधिक बच्चे गायब

स्कूल शिक्षा विभाग के आंकड़ो के अनुसार वर्ष 2023-24 में पंजीकृत छात्रों की संख्या की तुलना में वर्ष 2024-25 में 1,14,10,911 विद्यार्थियों का पंजीकरण हुआ है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 23,73,458 कम है। यानि 23 लाख से अधिक छात्रों का स्कूलों से मोहभंग हो गया है। ऐसे छात्रों को ढूंढने के लिए विभाग ने शिक्षकों की ड्यूटी लगाई है। ऐसे विद्यार्थियों को खोजकर वापस स्कूल में नामांकन करवाने व नामांकित विद्यार्थियों की मेपिंग करवाने के निर्देश दिए हैं।




MP स्कूल शिक्षा के डेढ़ लाख शिक्षकों को एजुकेशन पोर्टल पर INACTIVE, DPI ने DDO को जारी किया नोटिस

मध्य प्रदेश शासन, स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल के संचालक श्री केके द्विवेदी द्वारा समस्त जिला शिक्षा अधिकारियों को एक नोटिस जारी करके पूछा है कि उन्होंने अपने जिलों में लोक सेवकों को INACTIVE क्यों किया। कारण स्पष्ट करें।

DDO ने प्रताड़ित करने शिक्षकों की आईडी INACTIVE कर दी

श्री द्विवेदी ने अपने पत्र के साथ एक लिस्ट भी जारी की है। इसमें दिनांक 23 सितंबर 2024 की स्थिति में मध्य प्रदेश के 52 जिलों में निम्न अनुसार शिक्षकों एवं लोक सेवकों को INACTIVE किया गया है:-
18243 शिक्षकों को इस्तीफा देने के कारण,
2781 लोक सेवकों को, उन्हें टर्मिनेट कर दिए जाने के कारण,
102637 शिक्षकों को रिटायर्ड हो जाने के कारण,
22672 लोक सेवकों की मृत्यु हो जाने के कारण।

श्री द्विवेदी का कहना है कि DDO द्वारा जो कारण बात कर शिक्षकों की आईडी को एजुकेशन पोर्टल पर INACTIVE किया गया है वह लोक सेवक संचालनालय में उपस्थित होकर INACTIVE की कार्रवाई को प्रताड़ना बता रहे हैं और अपनी आईडी को ACTIVE करने की मांग कर रहे हैं।

श्री द्विवेदी ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए कहा है कि संलग्न प्रारूप के अनुसार पूरी जानकारी संचालनालय को भेजें ताकि विवादों का निराकरण किया जा सके। पत्र में जानकारी भेजने के लिए कोई लास्ट डेट नहीं दी गई है। जारी किया गया पत्र इस समाचार के साथ संलग्न है। 




Bhopal News : 12 हजार पटवारी होंगे इधर से उधर, सरकार की बड़ी कवायद

मध्यप्रदेश के हजारों पटवारी जल्द ही इधर से उधर हो सकते हैं। राज्य सरकार ने इसके लिए कवायद चालू कर दी है। प्रदेश के भू-अभिलेख आयुक्त ने सभी कलेक्टरों से पटवारियों की जानकारी मांगी है। भू-अभिलेख आयुक्त ने जिलाधीशों को पत्र लिखकर गृह तहसील पद पदस्थ पटवारियों और गृह अनुविभाग में पदस्थ राजस्व निरीक्षकों यानि आरआई की जानकारी भेजी है। पत्र में पटवारी को गृह तहसील में पदस्थ नहीं करने के निर्देश की भी याद दिलाई गई है। राज्य सरकार गृह तहसीलों पटवारियों को हटाने की तैयारी कर रही है जिससे प्रदेशभर में खलबली मच गई है। इधर पटवारी संघ ने ऐसे किसी निर्देश के जारी होने की बात ही नकार दी है।

भू अभिलेख आयुक्त ने कलेक्टरों को भेजे पत्र में पटवारियों की गृह तहसीलों में पदस्थापना नहीं करने के निर्देश पर अमल करने का प्रमाण भी मांगा है। निर्देश का पालन नहीं करने की स्थिति में ऐसे पटवारियों की सूची भेजने को कहा है।

राजस्व विभाग के अधिकारियों के अनुसार प्रदेश सरकार पैतृक तहसीलों में पदस्थ पटवारियों को हटाने की तैयारी में लगी है। यही कारण है कि कलेक्टरों से ऐसे पटवारियों की सूची बुलाई है। राज्य के 25 हजार पटवारियों में से करीब आधे कर्मचारी पैतृक तहसीलों में ही पदस्थ हैं। बताया जा रहा है कि राज्य सरकार द्वारा इस निर्णय पर अमल करने से प्रदेश के करीब 12 हजार पटवारी इधर से उधर हो सकते हैं।




लाडली बहनों के खाते में दिवाली पर आएंगे तीन हजार रुपये !

Ladli Behna Yojana: लाडली बहना योजना के तहत महिलाओं को 1250 रुपये मिलते हैं। तो वहीं दिवाली के मौके पर कयास लगाए जा रहे हैं कि महिलाओं के किस्त के 3000 रुपये मिल सकते है। जानें क्यों हो सकता है ऐसा।

Ladli Behna Yojana: केंद्र सरकार देश के लोगों के लिए बहुत सारी योजनाएं चलाती है। इनमें से सरकार की बहुत सी योजनाएं महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए होती है। केंद्र सरकार के अलावा देश के अलग राज्यों की सरकारें भी अपने राज्य की महिलाओं के लिए अलग-अलग स्कीम चलाती हैं। साल 2023 में मध्य प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश की महिलाओं के लिए लाडली बहन योजना शुरू की थी।

इस योजना के तहत प्रदेश की सभी महिलाओं को शिवराज सिंह चौहान की सरकार ने हर महीने 1000 रुपये देना शुरू किया था। साल 2024 में मध्य प्रदेश में नई सरकार बनने के बाद मोहन यादव को ने मुख्यमंत्री बनाया गया। तो उन्होंने योजना में 250 रुपये बढ़ा दिए. अब इस योजना के तहत महिलाओं को 1250 रुपये मिलते हैं. तो वहीं दिवाली के मौके पर कयास लगाए जा रहे हैं कि महिलाओं के किस्त के 3000 रुपये मिल सकते हैं।

इसलिए लग रहीं हैं अटकलें

दरअसल जब मध्य प्रदेश में लाडली बहन योजना शुरू की गई थी तब महिलाओं को 1000 रुपये की किस्त दी जाती थी। लेकिन उसके बाद किस्त की राशि में 250 रुपये बढ़ाकर इसे 1250 रुपये कर दिया गया। तो वहीं अब दिवाली के मौके पर मध्य प्रदेश के उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने सरकार से मांग की है कि दिवाली के त्योहार पर महिलाओं को सौगात देते हुए सरकार लाडली बहन योजना की किस्त में इजाफा कर दे।

उन्होंने कहा कि दिवाली के इस मौके पर सरकार 1250 रुपये रुपये की बजाय 3000 रुपये महिलाओं के खाते में भेजे जाएं। ताकि वह अच्छे तरीके से दिवाली मना सकें मिठाइयां खरीद सकें। अब इसी वजह से अटकलें लगाईं जा रही है कि सरकार महिलाओं को इस बार 3000 रुपये की किस्त दे सकती है।

खुद सीएम भी कर चुके हैं ऐलान

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने चुनाव से पहले अपने वचन पत्र में कहा था कि लाडली बहन योजना में मिलने वाली राशि में 250 रुपये बढ़ा दिए जाएंगे। इसके बाद सरकार बनते ही एमपी में लाडली बहना योजना में लाभ की राशि 1250 रुपये कर दी गई। तो इसके बाद विजयपुर में उपचुनाव के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक रैली करते हुए कहा था कि जल्द ही लाडली बहना योजना  में किस्त के पैसे 3000 रुपये कर दिए जाएंगे। इस बात से भी लोग अटकलें लगा रहे हैं कि इस बार महिलाओं को 3000 रुपये मिल सकते हैं।




गृह तहसील में पदस्थ नहीं होंगे पटवारी और RI: आदेश जारी होते ही मची खलबली

भोपाल। मध्य प्रदेश में पटवारियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है, अब कोई भी भी पटवारी उसी तहसील में पदस्थ नहीं रहेंगे जिस तहसील में उनका पैतृक निवास है। ऐसी ही स्थिति प्रदेश में पदस्थ राजस्व विभाग के राजस्व निरीक्षकों के मामले में भी प्रभावी होगी। इसके लिए आयुक्त भू अभिलेख ने सभी कलेक्टर को पत्र लिखा है। अब तक करीब 50 फीसदी पटवारी, आरआई गृह तहसील में पदस्थ है।

आदेश के बाद प्रदेश में पदस्थ करीब 25 हजार पटवारियों और 1300 राजस्व निरीक्षकों के बीच खलबली मच गई है।   आयुक्त भू-अभिलेख ने प्रदेश के सभी कलेक्टरों को पत्र लिखकर कहा है कि पटवारी के गृह तहसील और राजस्व निरीक्षकों के गृह अनुविभाग में पदस्थ होने की जानकारी भेजें। इसमें कहा है कि पटवारी और राजस्व निरीक्षक को गृह तहसील और गृह अनुविभाग में पदस्थ नहीं करने के शासन के निर्देश हैं।

वहीं इस मामले में पटवारी संघ के अध्यक्ष उपेंद्र सिंह ने कहा कि अभी इस तरह का कोई आदेश ही जारी नहीं हुआ है कि पटवारी को गृह तहसील में पदस्थ नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूर्व में एक आदेश हुआ था जिसे निरस्त करा दिया गया था। अब यह नया आदेश कब जारी हुआ है, सरकार को इसकी जानकारी देनी चाहिए। फिलहाल तो सरकार के इस आदेश के बाद से पटवारियों के बीच खलबली मची हुई है। 




Bhopal News : 24 नवंबर से तहसीलों में होगा परिवर्तन, फिर बदलेगा एमपी का नक्शा, विभाग ने जारी की अधिसूचना

नवंबर के शुरुआती दिनों में जहां मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस समारोहों की गूंज रहेगी वहीं अंतिम दिनों में प्रदेश के नक्शे में
फिर परिवर्तन हो जाएगा। राज्य की तहसीलों में बदलाव हो जाएगा। मध्यप्रदेश के सतना जिले में यह परिवर्तन होगा जिसके साथ ही एक नई तहसील भी अस्तित्व में आ जाएगी। इसके लिए प्रदेश के राजस्व विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है। सतना जिले में एक तहसील टूटकर नई तहसील बनेगी जोकि 24 नवंबर को आकार लेगी। नई तहसील यूपी से सटकर बनेगी।

मध्यप्रदेश के सतना जिले में तहसीलों में बदलाव हो रहा है। जिले की मझगवां तहसील टूटेगी जिससे नई चित्रकूट तहसील मूर्तरूप लेगी। यह सतना की 9वीं तहसील होगी जोकि 24 नवंबर को आधिकारिक रूप से गठित मानी जाएगी।

प्रभावी प्रशासन और लोगों की सुविधा के लिए मझगवां तहसील को विभाजित कर नई तहसील बनाई गई है। नवगठित चित्रकूट तहसील में 111 गांव होंगे जोकि 34 पटवारी हल्कों के अंतर्गत आएंगे। सतना जिले की 9वीं तहसील के रूप में नई चित्रकूट तहसील के लिए राजस्व विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है।

24 नवंबर को आकार लेनेवाली नई तहसील में राजस्व निरीक्षक मंडल चित्रकूट के नौ पटवारी हल्के शामिल किए गए हैं। तहसील में राजस्व निरीक्षक मंडल बरौंधा के 25 पटवारी हल्के शामिल किए हैं।

प्रस्तावित चित्रकूट तहसील की पूर्वी सीमा उत्तरप्रदेश और मझगवां से जुड़ेगी जबकि पश्चिमी सीमा उत्तरप्रदेश और एमपी के पन्ना जिले की अजयगढ़ तहसील से जुड़ेगी। तहसील के दक्षिण में मझगंवा तहसील और पन्ना तहसील पड़ेगी। चित्रकूट तहसील की उत्तरी सीमा उत्तरप्रदेश से जुड़ी रहेगी।

नई चित्रकूट तहसील के गठन से मझगवां तहसील सिकुड़ जाएगी। इसमें महज 101 गांव बचेंगे जोकि 21 पटवारी हल्कों में सिमट जाएंगे।एक नजर में
— सतना की 9 वीं तहसील बनेगी चित्रकूट
— अभी जिले में हैं 8 तहसीलें
— रघुराजनगर, मझगवां, नागौद, रामपुर बघेलान, उचेहरा, कोटर, बिरसिंहपुर और कोठी तहसीलें हैं अभी सतना में




Bhopal News : बुधनी से रमाकांत भार्गव भाग्य आजमाएंगे टिकट, विजयपुर से रावत उम्मीदवार, BJP ने उपचुनाव के लिए घोषित किए 25 प्रत्याशी

बीजेपी (BJP) ने 24 विधानसभा और 1 लोकसभा सीट पर उपचुनाव के लिए उम्मीदवारों की घोषणा (Announcement of candidates for by-election) कर दी है। पार्टी ने केरल की वायनाड लोकसभा सीट (Wayanad Lok Sabha Seat) से से कांग्रेस उम्मीदवार प्रियंका गांधी के सामने नव्या हरिदास को उतारा है। इसके अलावा बीजेपी ने असम की तीन, बिहार की दो, छत्तीसगढ़ की 1, कर्नाटक की दो, केरल की दो, मध्य प्रदेश की 2, राजस्थान की 6 और पश्चिम बंगाल की भी 6 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए उम्मीदवारों की घोषणा की है।

सॉफ्टवेयर इंजीनियर नव्या हरिदास पिछले दो कार्यकाल से कोझिकोड निगम के करापराम्प वार्ड से पार्षद हैं। वह वर्तमान में काउंसिल पार्टी के नेता हैं। उन्होंने हालिया विधानसभा चुनाव में कोझिकोड दक्षिण निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा था। हालांकि हार का सामना करना पड़ा था। बीजेपी ने रमाकांत भार्गव को मध्य प्रदेश की बुधनी से टिकट दिया है। यह सीट शिवराज सिंह चौहान द्वारा खाली की गई थी।बताया जा रहा है कि शिवराज सिंह चौहान अपने बेटे कार्तिकेय के लिए इस सीट पर टिकट चाहते थे।




MP News: प्रदेश के चार आईपीएस के ट्रांसफर, मनोज सिंह टीकमगढ़ और दीपक कुमार सीहोर के एसपी बने

MP News: Transfer of four IPS officers of the state, Manoj Singh became SP of Tikamgarh and Deepak Kumar Sehor

मंत्रालय

मोहन यादव सरकार ने भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के ट्रांसफर आदेश जारी किए हैं। इसमें 2012 बैच के आईपीएस और सीहोर पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी को सहायक पुलिस महानिरीक्षक पुलिस मुख्यालय भोपाल पदस्थ किया गया है। वहीं, 29वीं वाहिनी विसबल में सेनानी मनोज सिंह मंडलोई को टीकमगढ़ का पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। इसके अलावा विदिशा के पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला को सीहोर पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। टीकमगढ़ के पुलिस अधीक्षक रोहित केशवानी को विदिशा में पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। इसके अलावा दतिया पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र कुमार मिश्रा को उनके वर्तमान कार्य के साथ-साथ सेनानी, 29वीं वाहिनी, विसबल दतिया का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।




Bhopal News: MLB कॉलेज में कबड्डी मुकाबला, नर्मदापुरम को पछाड़कर भोपाल ने मारी बाजी

Kabaddi match held at MLB College, Bhopal

नर्मदापुरम को पछाड़कर भोपाल ने मारी बाजी

शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय में संभाग स्तरीय महिला कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। मैच का शुभारंभ सरस्वती वंदना से किया गया। प्रतियोगिता में कुल 7 टीमों ने भाग लिया। जिसमें नर्मदापुरम, सीहोर, रायसेन, राजगढ़, विदिशा, बैतूल जिलों की टीमों ने अपना प्रदर्शन किया।

ऐसे चला चक्र

प्रतियोगिता का पहला मैच सीहोर और राजगढ़ के बीच हुआ। जिसमें सीहोर 31-1 प्वाइंट के साथ विजेता रहा। इसके बाद दूसरा मैच विदिशा और रायसेन के बीच हुआ। जिसमें विदिशा 31-4 प्वाइंट के साथ विजेता रहा। तीसरा मैच भोपाल और बैतूल के बीच हुआ। जिसमें भोपाल 32-1 प्वाइंट के साथ विजेता रहा।

विजय मुकाबला

प्रतियोगिता के अगले चरण में सेमीफाइनल मैच पहले विदिशा और नर्मदापुरम के बीच हुआ। जिसमें नर्मदापुरम 28-18 के स्कोर से जीत हासिल की और फाइनल में अपनी जगह पक्की की। इसके बाद दूसरे सेमीफाइनल में भोपाल और सीहोर के बीच हुआ। जिसमें भोपाल 32-08 के स्कोर के साथ जीत हासिल की और फाइनल में प्रवेश किया। इस आधार पर फाइनल मैच भोपाल और नर्मदापुरम के बीच हुआ, जिसमें भोपाल ने 35-31 के स्कोर के साथ मैच जीतकर बेहतर प्रदर्शन किया। जबकि उपविजेता नर्मदापुरम रहा।

इन्हें भी सराहा

बेस्ट डिफेंडर बेस्ट रेडर चांदनी, भोपाल पुष्पा राजपूत, नर्मदापुरम बेस्ट ऑलरांउडर ज्योति भाटी, भोपाल प्रतियोगिता के निर्णायक मप्र के अमेच्यर रहे। प्रतियोगिता के अन्त में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आरके अग्रवाल ने विजेता और उपविजेता टीम को पुरस्कार व प्रमाण-पत्र दिए। इसके बाद महाविद्यालय की क्रीडा अधिकारी डॉ. ग्रेस. एस. सिंह ने आभार व्यक्त किया तथा विजेताओं को बधाई दी और खेल के प्रति उनके उत्साह और प्रतिबद्धता के लिए सभी प्रतिभागियों की सराहना की। उन्होंने इस तरह के सफल आयोजन की मेजबानी करने पर गर्व व्यक्त किया और खेलों में टीमवर्क और अनुशासन के महत्व पर जोर दिया।




MP  News: सेंट्रल बैंक के असिस्टेंट मैनेजर पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस, 1.58 करोड़ रुपए गलत तरीके से कमाए

MP News: Money laundering case against Assistant Manager of Central Bank, Rs 1.58 crore earned wrongly

ED
– फोटो : ANI

भोपाल में प्रवर्तन निदेशालय ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की अरेरा हिल्स ब्रांच के असिस्टेंट मैनेजर वसंत पावसे पर धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत कार्रवाई की है। असिस्टेंट मैंनेजर ने पद का दुरुपयोग करते हुए 1 करोड़ 58 लाख रुपए अवैध तरीके से कमाए हैं। इस मामले में ईडी के भोपाल जोनल ऑफिस ने प्रोसिक्यूशन एम्प्लेंट स्पेशल कोर्ट में फाइल की थी, जिसका कोर्ट ने संज्ञान लिया। इसके बाद ईडी ने कार्रवाई की है। ईडी की जांच में सामने आया है कि असिस्टेंट मैनेजर के रूप में पावसे ने अपने पद का दुरुपयोग कर 1.58 करोड़ रुपए की संपत्ति गलत तरीके से अर्जित की है। पावसे पार्टियों को लोन मंजूर करने के लिए नकद रिश्वत लेता था।

यहीं नहीं आरोप है कि पावसे ने अपनी पत्नी और बेटे के नाम पर तीन बैंक खाते खोले। इन खातों में वह पैसा जमा करता था। इन पैसों से उसने प्रॉपर्टी, बीमा पॉलिसी और ज्वैलरी, शेयर, म्यूचुअल फंड और बीमा पॉलिसी में पैसे इंवेस्ट कर रहा था। ईडी अभी आगे जांच कर रही है।