Bhopal News: दो भाइयों सहित तीन को तेज रफ्तार कार ने रौंदा, एक बाइक से शादी में शामिल होने जा रहे थे शमशाबाद

Bhopal News: Three people including two brothers were crushed by a speeding car

भोपाल में कार और बाइक की टक्कर में तीन की मौत हो गई।

राजधानी भोपाल के बैरसिया थाना क्षेत्र में सिरोंज रोड पर रविवार-सोमवार की दरमियानी रात हुए एक भीषण सड़क हादसे में दो चचेरे भाइयों सहित तीन लोगों की मौत हो गई है। तीसरा किशोर है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। हादसे के बाद कार भी पूरी तरह से पलट गई है। हादसे के बाद चालक कार छोड़कर मौके से फरार हो गया है। यह हादसा तब हुआ, जब तीनों एक ही बाइक से शमशाबाद में आायोजित एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे।

बैरसिया पुलिस के अनुसार शुभम कुशवाह पिता प्रेम सिंह (18), मिथलेश कुशवाह (21), नीरज पिता कल्याण सिंह केवट (16) तीनों गुनगा थाना क्षेत्र के ग्राम सागोनी के रहने वाले थे। नीरज और शुभम गांव के स्कूल में एक पढ़ाई कर रहे थे, मिथलेश मजदूरी करता था। नीरज के मौसी के बेटे की शादी रविवार को शमशाबाद में हो रही थी। इसी शादी में शामिल होने के लिए शुभम, मिथिलेश और नीरज रविवार देर शाम एक बाइक से शादी समारोह में शामिल होने के लिए निकले थे।

तीनों बाइक से बैरसिया थाना क्षेत्र में सिरोंज रोड पर भूरी पठार से थोड़ा आगे निकले ही थे कि सामने से आ रही कार केयूवी (एमपी-04-सीक्यू-9231) ने टक्कर मार दी। हादसे के बाद कार भी पलट गई और बाइक भी खेत में जा गिरी। एक्सीडेंट में बाइक चला रहे शुभम की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि नीरज ने देर रात और मिथिलेश ने सोमवार सुबह करीब 6 बजे दम तोड़ दिया।

किसी अन्य वाहन को टक्कर मारकर भाग रहा था कार चालक

मृतकों के परिजनों ने पुलिस को बताया कि देर रात स्थानीय लोगों ने पूछताछ में बताया कि उक्त कार चालक किसी अन्य वाहन को टक्कर मारकर भाग रहा था, इन बाइक सवारों को कुचलने से पहले कार चालक एक गाय को भी टक्कर मारी है। पुलिस कार चालक की तलाश में जुटी है। हादसे के समय कार में चार लोग सवार थे। कार पूरी पलट गई, लेकिन एयरबैग खुलने के कारण चारों को चोट नहीं लगी। हादसे के बाद चारों कार छोड़कर मौके से फरार हो गए हैं। पुलिस कार चालक के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उसका पता लगा रही है।




Bhopal News : कार से आकर भाभी-बहन सभी मिलकर करते थे चोरियां

mp news: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में पुलिस ने एक चोर फैमिली को गिरफ्तार किया है। ये चोर फैमिली कार से आती थी चोरी की वारदातों को अंजाम देती थी। चोर फैमिली में भाभी-बहन, देवर, भतीजा सभी हैं जो एक साथ कार से आते थे और चोरियां करते थे। बीते दिनों एक दुकान में चोरी करते वक्त चोर फैमिली की तस्वीरें सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई थीं जिसके बाद अब पुलिस ने इनका पर्दाफाश कर दिया। बताया जा रहा है कि चोर फैमिली लंबे समय से पुराने भोपाल में चोरी की वारदातों को अंजाम दे रही थी।

बीते दिनों एक दुकान में चोरी करते हुए आरोपियों का सीसीटीवी फुटेज सामने आया था जिसमें कार से आए आरोपी चोरी करते हुए नजर आ रहे थे। चोरी करने वालों में महिलाएं भी थीं। पुलिस ने मामले की तफ्तीश की तो जल्द ही चोर गैंग पुलिस के हत्थे चढ़ गई। पुलिस ने बताया कि आरोपी चोरी करने कार से आते थे और पहले तो दुकान के सामने अपनी महंगी कार को पार्क कर देते थे और फिर दुकान का ताला तोड़कर माल भरकर फरार हो जाते थे। वीडियो में भी कार में चोरी का माल भरते हुए उनकी तस्वीरें कैद हुई थीं।

पुलिस ने जब चोरी करने वाली गैंग को पकड़ा तो ये जानकर हैरान रह गई कि चोरी करने वाले सभी एक ही परिवार के सदस्य हैं। आरोपियों में जितेंद्र साहू, लाली साहू और उसकी बहन पूनम साहू और भाभी सहित एक नाबालिग शामिल है। गिरोह का मुख्य सरगना आरोपी जितेंद्र साहू है जिस पर हतया के दो मामले भी पहले से दर्ज हैं। बताया गया है कि चोर फैमिली लंबे समय से पुराने भोपाल में चोरी की वारदातों को अंजाम दे रही थी। उनके पास से चोरी में इस्तेमाल की जाने वाली कार और चोरी का माल भी बरामद हुआ है।




लोकायुक्त का एक्शन: नपा सीएमओ, कंप्यूटर ऑपरेटर 1 लाख की रिश्वत लेते ट्रेप

लोकायुक्त का रिश्वतखोर कर्मचारियों के खिलाफ भोपाल : एक्शन जारी है। बीते दिनों दो कर्मचारी रिश्वत लेते ट्रेप हुए थे अब जानकारी सामने आई है कि, शुक्रवार को भी रिश्वतखोरी के दो मामले सामने आए हैं। भोपाल लोकायुक्त ने नपा सीएमओ, कंप्यूटर ऑपरेटर समेत एक अन्य आरोपी को एक लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए ट्रेप किया है। इसके अलावा रीवा लोकायुक्त टीम ने भी एक कर्मचारी को रिश्वत लेते ट्रेप किया है।

जानकारी के अनुसार बापू की कुटिया के सामने एमपी नगर जोन 1 भोपाल में नगर पालिका परिषद बाड़ी रायसेन के सीएमओ बद्री प्रसाद शर्मा, कंप्यूटर ऑपरेटर शुभम जैन और जय कुमार समयपाल 1,00,000 रुपए की रिश्वत लेते ट्रेप हुए हैं।

बताया गया है कि, शिकायतकर्ता राजेश मिश्रा द्वारा वर्ष 2021 में नगर पालिका परिषद बाड़ी जिला रायसेन अंतर्गत श्मशान घाट का निर्माण कराया गया था। जिसका भुगतान वर्ष 2023 में कर दिया गया था। उक्त निर्माण कार्य के टेंडर के साथ अमानत के रूप में 3 लाख 40 हजार की एफडी जमा की गई थी।आरोपी बद्री प्रसाद शर्मा ने एफडी रिलीज करने करने हेतु 1,00,000 रुपए रिश्वत की मांग की गई।

आवेदक द्वारा इस संबंध में पुलिस अधीक्षक विशेष पुलिस स्थापना भोपाल को शिकायत की गई। शिकायत सत्यापन लोकायुक्त संभाग भोपाल के प्रभारी पुलिस अधीक्षक सूर्यकांत अवस्थी द्वारा उप पुलिस अधीक्षक संजय शुक्ला से कराया गया। शिकायत सत्यापन के दौरान पाया गया कि, आरोपी बद्री प्रसाद शर्मा के साथ मिलकर अन्य आरोपियों ने षड्यंत्र किया।

रीवा लोकायुक्त की कार्रवाई :

रीवा लोकायुक्त ने थर्ड ग्रेड कर्मचारी नवीन कुमार शुक्ला को रिश्वत लेते रंगे हाथों ट्रैप किया है। नवीन कुमार शुक्ला ने महेश कुमार पटेल से फोटोकॉपी के बिल भुगतान के ऐवज में 3200 रूपये रिश्वत मांगी थी।




पुनर्गठन के लिए बने परिसीमन आयोग की कवायद शुरु

मध्यप्रदेश में संभागों, जिलों, तहसीलों का पुनर्गठन किया जाना है। इसके लिए राज्य सरकार ने परिसीमन आयोग का गठन कर दिया है जिसमें रिटायर्ड आईएएस मनोज श्रीवास्तव और मनोज शुक्ला को शामिल किया गया है। सरकार द्वारा गठित परिसीमन आयोग के सदस्य मनोज श्रीवास्तव ने रविवार को गंजबासौदा अंचल का दौरा किया। इस दौरान गंजबासौदा और उदयपुर में लोगों ने उनसे मुलाकात कर गंजबासौदा को जिला बनाने के लिए ज्ञापन सौंपे। रिटायर्ड आईएएस मनोज श्रीवास्तव ने प्रक्रिया पूरी करने और विचार करने का आश्वासन दिया। इससे पहले विदिशा के ही सिरोंज को भी जिला बनाने की मांग उठती रही है। ऐसे में विदिशा के कई टुकड़ों में बंट जाने की बात कही जा रही है।

परिसीमन आयोग के सदस्य रिटायर्ड आईएएस मनोज श्रीवास्तव के साथ लोगों ने गंजबासौदा को जिला बनाने की मांग को लेकर चर्चा की। इसके लिए आवश्यक कुछ नए विकल्प सामने आए। रिटायर्ड आईएएस मनोज श्रीवास्तव ने कहा कि आवश्वक दस्तावेजों और तथ्यों की पूर्ति कर परिसीमन आयेाग को विधिवत ज्ञापन दें।

सारी जानकारी पोर्टल पर दर्ज होना जरूरी
रेस्ट हाउस में मीडिया से चर्चा करते हुए परिसीमन आयोग के अध्यक्ष मनोज श्रीवास्तव ने कहा कि गंजबासौदा को जिला बनाने के लिए गंजबासौदा का इतिहास, बीस वर्ष पूर्व जो मांग रखी थी, उसका ब्यौरा, जिला बनाने के लिए स्टीमेट तैयार करना होगा। क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, दखल सरकारी भूमि का रिकार्ड, नये कलेक्ट्रेट भवन सहित अन्य शासकीय कार्यालयों के लिए भूमि की राजस्व उपलब्धता, तहसील अनुभाग, ग्राम, ब्लॉक, जनसंख्या का अनुपात, कृषि एवं उद्योगों की स्थिति एवं उनके बीच संतुलन पर भी चर्चा की जाएगी। इन सारे बिंदुओं को वेब पोर्टल पर अपलोड करना होगा जिसके आधार पर परिसीमन हो पाएगा।

गौरतलब है कि गंजबासौदा को जिला बनाने के लिए क्षेत्र के सामाजिक, व्यापारिक सहित तमाम संगठनों ने अभियान चला रखा है। इसके लिए कई तरह की गतिविधियां भी लगातार की जा रही हैं।
गंजबासौदा को जिला बनाने के साथ ही उदयपुर को तहसील बनाने की भी मांग की गई। परिसीमन आयोग के अध्यक्ष मनोज श्रीवास्तव को लोगों ने बताया कि त्योंदा की जनसंख्या उदयपुर से कम है फिर भी वह तहसील है। ऐसे में उदयपुर को भी तहसील बनाना चाहिए।




MP News: विजयपुर उपचुनाव में हार के बाद रामनिवास रावत का वन मंत्री पद से इस्तीफा मंजूर

MP News: After defeat in Vijaypur by-election, resignation of Ramniwas Rawat from the post of minister accepte

विधायक रामनिवास रावत

मध्यप्रदेश के वन मंत्री रामनिवास रावत का इस्तीफा राज्यपाल ने मंजूर कर लिया और इसका नोटिफिकेशन सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी कर दिया है। रावत की इस्तीफे की प्रक्रिया उस समय शुरू हुई जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जर्मनी और यूके से 30 नवंबर को लौटे और इसके बाद रावत ने उनसे मुलाकात की। इसके बाद मुख्यमंत्री ने उनका इस्तीफा राज्यपाल के पास भेजा, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। रावत के इस्तीफे के बाद राज्य सरकार में अगली वन मंत्री की नियुक्ति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। यह माना जा रहा है कि पार्टी में से ही किसी मंत्री को यह जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।

इस सूची में सबसे पहले नाम नागर सिंह चौहान का आ रहा है, जो फिलहाल अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के मंत्री हैं और पूर्व में उनके पास वन और पर्यावरण विभाग था। वह खुद भी वन विभाग संभालने को लेकर खुलकर बात कर चुके है। इसके अलावा मंत्री राकेश शुक्ला, गौतम टेटवाल, विजय शाह के नाम भी चर्चा में है। राकेश शुक्ला वर्तमान में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग के मंत्री हैं, जबकि गौतम टेटवाल कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के राज्य मंत्री के तौर पर स्वतंत्र प्रभार संभाल रहे हैं। विजय शाह जनजातीय कार्य मंत्री है। उनके पास पहले वन विभाग रह चुका है। यदि पार्टी महिला को वन मंत्री बनाती है तो कृष्णा गौर का ना भी है। वह अभी राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार है।




MP News: सीएम डॉ. यादव ने  संबल योजना में 225 करोड़ की राशि 10 हजार हितग्राहियों के खातों में की अंतरित

MP News: CM Dr. Yadav transferred an amount of Rs 225 crore to the accounts of 10 thousand beneficiaries under

सीएम ने संबल योजना के हितग्राहियों के खाते में राशि वितरित की

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को मंत्रालय से मुख्यमंत्री जन-कल्याण योजना (संबल) के अंतर्गत 10 हजार 236 हितग्राही श्रमिक परिवारों के बैंक खातों में 225 करोड़ की राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि संबल योजना आपात स्थिति में श्रमिकों के लिये अपने नाम के अनुरूप संबल प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि मुश्किल और दुख की घड़ी में सरकार श्रमिकों के साथ है। उन्होंने कहा कि पीड़ित हितग्राही के परिजनों के लिए यह राशि राज्य शासन की ओर से संवेदनाओं के रूप में है। कठिनाई के समय में यह राशि श्रमिकों को अवश्य ही सहारा देगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री जन-कल्याण (संबल) योजना वर्ष 2018 में प्रारंभ की गई थी। इस योजना के अंतर्गत प्रारंभ से अब तक 6 लाख 16 हजार से अधिक प्रकरणों में 5,626 करोड़ से अधिक के हितलाभ दिए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने संवेदनशीलता के साथ काम किया है। उन्होंने यह प्रयास किया है कि समाज के अंतिम पंक्ति तक के व्यक्ति को शासन की जन-कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलें।

मुख्यमंत्री ने बताया कि संबल योजना में एक करोड़ 73 लाख से अधिक श्रमिक भाई-बहन अपना पंजीयन करा चुके हैं। इनमें से संबल 2.0 योजना में 32 लाख से अधिक श्रमिक पंजीकृत हो चुके है। उन्होंने कहा कि यह एक अनूठी योजना है, जिसमें करोड़ों जरूरतमंद परिवार को बच्चे के जन्म से लेकर पूरे जीवनकाल तक मदद की जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि घर-घर जाकर सामान और सेवाएं देने वाले श्रमिकों को असंगठित श्रमिकों की श्रेणी में रखा गया है और इन्हें भी मार्च 2024 से संबल योजना का लाभ दिया जा रहा है। इनमें पत्थर तोड़ने वाले, ईंट बनाने वाले, खाना बनाने वाले, घरों में काम करने वाले, तेंदूपत्ता संग्राहक आदि शामिल किए गए हैं। इन्हें इस योजना में अनुग्रह सहायता राशि, शिक्षा प्रोत्साहन योजना, प्रसूति सहायता, आयुष्मान भारत और राशन पर्ची जैसी योजनाओं का लाभ भी दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राशि अंतरण कार्यक्रम में संबल योजना के कुछ हितग्राहियों से वर्चुअल संवाद भी किया।




Bhopal Gas Tragedy Anniversary : भोपाल गैस कांड की बरसी: सीएम डॉ. मोहन यादव ने श्रद्धांजलि अर्पित की और पीड़ितों के लिए जताई संवेदना

Bhopal gas tragedy anniversary: CM Dr. Mohan Yadav paid tribute and expressed condolences for the victims.

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल गैस त्रासदी के 40 साल पूरे होने पर दिवंगतों को श्रद्धांजलि अर्पित की है। साथ ही उन्होंने गैस से प्रभावित नागरिकों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और उनके उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। डॉ. यादव ने अपनी श्रद्धांजलि सोशल मीडिया पर भी दी, जहां उन्होंने इस त्रासदी में जान गंवाने वालों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। भोपाल गैस त्रासदी के बाद से अब तक सरकार और अन्य संगठनों द्वारा प्रभावितों की सहायता के कई प्रयास किए गए हैं, लेकिन इस दर्दनाक घटना के जख्म आज भी लोगों के दिलों में ताजे हैं। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इस अवसर पर कहा कि भोपाल गैस त्रासदी के शिकार लोगों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। इस त्रासदी में असमय अपनी जान गंवाने वाले सभी लोगों की आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि वह प्रभावित नागरिकों को उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करें और उनके जीवन में शांति और समृद्धि लाए।

भोपाल गैस कांड की दर्दनाक यादें

2 दिसंबर 1984 की रात भोपाल शहर के लिए एक भयानक रात बनकर आई थी। रात 8:30 बजे के आसपास यूनियन कार्बाइड प्लांट से फैलने वाली जहरीली गैस ने शहर को घेर लिया। जैसे-जैसे रात बीती, वैसे-वैसे इस गैस के असर से अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ने लगी। अगले दिन, भोपाल का दृश्य भयावह था, और यह त्रासदी दुनिया की सबसे घातक औद्योगिक दुर्घटनाओं में से एक मानी जाती है।

दुनिया का सबसे बड़ा औद्योगिक हादसा

भोपाल गैस त्रासदी में हजारों लोगों की जानें गईं और लाखों प्रभावित हुए। गैस के संपर्क में आने से न सिर्फ कई लोग मारे गए, बल्कि कई लोग गंभीर रूप से अपंग भी हो गए। इस घटना के बाद से न केवल भोपाल, बल्कि पूरी दुनिया ने औद्योगिक सुरक्षा और नागरिकों की सुरक्षा पर गहरी सोच विकसित की।




Mp Crime: एएसआई ने पत्नी और साली की चाकू से गोदकर की हत्या, राजधानी के ऐशबाग इलाके में सनसनीखेज वारदात

ASI stabbed his wife and sister-in-law to death In Bhopal

पत्नी और साली की चाकू से गोदकर की हत्या

ऐशबाग इलाके में आज सुबह एक एएसआई ने अपनी पत्नी और साली की चाकूओं से गोदकर हत्या कर दी। हत्या करने के बाद आरोपी एएसआई मौके से फरार हो गया हैI उसका अपनी पत्नी से विवाद चल रहा था।

बताया जा रहा है कि आरोपी सुबह बातचीत के लिए पहुंचा था, लेकिन उनके बीच फिर से विवाद हो गया। जिसके बाद उसने घटना को अंजाम दिया। डीसीपी जोन-1 प्रियंका शुक्ला ने बताया कि एएसआई योगेश मरावी मंडला जिले में पदस्थ है।

उसकी शादी विनीता मरावी से हुई थी। शादी के बाद हो रहे झगड़ों के कारण विनीता पांच साल पहले पति को छोड़कर अपने मायके में भोपाल आ गई थी। भोपाल में वह अपनी बहन के साथ ऐशबाग में रहती थी। मरावी 15 दिन से अपनी ड्यूटी से गायब था।

आज सुबह पत्नी को बुलाने आया था एएसआई

आज सुबह एएसआई पत्नी से मिलने के लिए पहुंचा तथा पुरानी बातों को भूलाकर साथ रहने को कहा। इसी दौरान उसकी साली भी वहां पर आ गई। दोनों बहनों ने मरावी का विरोध किया। इस पर गुस्साएं मरावी ने पत्नी विनीता पर चाकू से वार कियाI बहन बचाने आई तो उसको भी लहुलूहान कर दिया। घटना के बाद वह मौके से भाग गया। बताया जा रहा है कि अस्पताल ले जाते ही दोनों की मौत हो गई थीI




Mp News : मध्य प्रदेश ने रातापानी को नौवां टाइगर रिजर्व घोषित किया

मध्यप्रदेश में बाघों के संरक्षण के लिए एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राज्य सरकार ने दो दिसंबर को रातापानी अभयारण्य को नौंवा टाइगर रिजर्व घोषित कर दिया। इससे पहले, एक दिसंबर को केंद्र सरकार ने शिवपुरी के माधव नेशनल पार्क को प्रदेश का आठवां टाइगर रिजर्व घोषित किया था। अब मध्य प्रदेश में टाइगर रिजर्व की संख्या 7 से बढ़कर 9 हो गई है, जिससे राज्य की टाइगर राजधानी के रूप में अंतरराष्ट्रीय पहचान मजबूत होगी। मध्य प्रदेश को बाघों का राज्य (Tiger State) मानने के पीछे एक बड़ा कारण प्रदेश में बाघों की बढ़ती संख्या है। 2 दिसंबर को रातापानी अभयारण्य को टाइगर रिजर्व घोषित किया गया, जिससे प्रदेश के टाइगर रिजर्व की संख्या 9 हो गई। रातापानी टाइगर रिजर्व भोपाल से लगे रायसेन और सीहोर जिलों में स्थित है। इसकी अधिसूचना जारी करते हुए राज्य सरकार ने इसके कोर एरिया का रकबा 763.812 वर्ग किलोमीटर और बफर एरिया का रकबा 507.653 वर्ग किलोमीटर निर्धारित किया है, जिससे टाइगर रिजर्व का कुल रकबा 1271.465 वर्ग किलोमीटर हो गया है।

रातापानी टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र में 9 गांव शामिल किए गए हैं, जिनमें झिरी बहेड़ा, जावरा मलखार, देलावाड़ी, सुरई ढाबा, पांझिर, कैरी चौका, दांतखो, साजौली और जैतपुर के गांवों का रकबा 26.947 वर्ग किलोमीटर है। हालांकि, इन गांवों को कोर क्षेत्र में शामिल नहीं किया गया है। रातापानी टाइगर रिजर्व बनने से न केवल बाघों के संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय समुदायों को भी ईको-टूरिज़्म के माध्यम से रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। यह क्षेत्र स्थानीय निवासियों के लिए एक नई उम्मीद के रूप में सामने आएगा, क्योंकि टाइगर रिजर्व बनने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी फायदा होगा।

भोपाल की टाइगर राजधानी के रूप में पहचान होगी मजबूत

यह टाइगर रिजर्व बनने से भोपाल की पहचान ‘टाइगर राजधानी’ के रूप में और मजबूत होगी। मध्य प्रदेश में अब तक 785 बाघ हैं, जो 2022 की गणना के अनुसार प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। 2018 में यह संख्या 526 थी, और अब बाघों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसके अलावा, अब राज्य को भारत सरकार के राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) से बजट प्राप्त होगा, जिससे बाघों और अन्य वन्यजीवों के संरक्षण में और अधिक सुधार संभव होगा।

बाघ संरक्षण के लिए अहम कदम

मध्यप्रदेश के टाइगर रिजर्व के मामले में बाघों के संरक्षण के साथ-साथ उनके आवासों की संख्या में भी वृद्धि हो रही है। वर्तमान में प्रदेश में सात प्रमुख टाइगर रिजर्व हैं—कान्हा, बांधवगढ़, पेंच, पन्ना, सतपुड़ा, संजय दुबरी, और नौरादेही। अब रातापानी और माधव नेशनल पार्क के टाइगर रिजर्व बनने से यह संख्या बढ़कर 9 हो गई है, जो प्रदेश में बाघों की बढ़ती संख्या और संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।




Bhopal News : एमपी के नए DGP पहले दिन ही एक्शन में बोले-थानों में जनता की हो सुनवाई,कल सभी एसपी,आईजी की लेंगे बैठक

Bhopal: MP's new DGP in action on the very first day said- people should be heard in police stations, tomorrow

डीजीपी कैलाश मकवाणा

मध्य प्रदेश के नए डीजीपी कैलाश मकवाणा ने सोमवार को पदभार ग्रहण करते पीएचक्यू अधिकारियों की बैठक बुलाई और उनकी क्लास लगा दी। उन्हेंने अधिकारियों को अपनी प्राथमिकता भी बता दी। डीजीपी ने कहा कि पुलिस फोर्स से हमेशा अनुशासन की अपेक्षा की जाती है और उनकी कोशिश रहेगी इसे सख्ती से लागू किया जाए। डीजीपी ने मंगलवार को प्रदेश के सभी पुलिस अधीक्षकों और आईजी की बैठक बुलाई है। एसपी-आईजी बैठक में डीजीपी पुलिस अधिकारियों को अपनी 10 प्राथमिकताएं बताएंगे। कैलाश मकवाणा ने कहा कि थानों में जनता की सुनवाई हो और पुलिस रिस्पॉन्सिव हो यह उनकी प्राथमिकता रहेगी। बाद मीडिया से रूबरू हुए डीजीपी ने कहा कि प्रदेश की पुलिस फोर्स को बेहतर रिस्पांसिबल और अकाउंटेबल बनाने के प्रयास किए जाएंगे।

पुलिस की क्षमताओं को और बढ़ाया जाएगा

उन्होंने कहा कि पुलिस फोर्स की कमी हमेशा महसूस की जाती रही है, लेकिन इस कमी को पूरा करने के लिए प्रदेश की पुलिस को तकनीकी रूप से और सक्षम बनाया जाएगा। सड़क हादसों में कमी के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में डिजिटाइजेशन होने के साथ ही साइबर फ्रॉड की घटनाओं में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। हमारी कोशिश रहेगी कि ऐसी घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए सबसे पहले जनता को जागरूक किया जाए। साथ ही पुलिस की क्षमताओं को और बढ़ाया जाएगा वैसे मध्य प्रदेश पुलिस साइबर क्राइम के मामले में बहुत बेहतर काम करती आई है।

अपराधिक घटनाओं से ज्यादा सड़क दुर्घटना से मौत

कैलाश मकवाणा ने ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है उन्होंने कहा कि, यह चिंता का विषय है कि प्रदेश में जितने लोगों की जान अपराधिक घटनाओं में नहीं जाती उससे ज्यादा मौतें सड़क दुर्घटनाओं में हो जाती हैं। प्रदेश में यातायात सुरक्षा को कैसे मजबूत किया जाए इसको लेकर तेजी से काम किया जाएगा। इसके लिए लोगों को भी ट्रैफिक का पाठ पढ़ाया जाएगा, साथ ही तकनीकी सुधार किए जाएंगे। कैलाश मकवाणा ने 2028 में होने जा रहे सिंहस्थ को पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बताया. उन्होंने कहा कि उज्जैन में बने महाकाल लोक के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में कई गुना बढ़ोतरी हुई है। आगामी सिंहस्थ 2028 में पिछले सिंहस्थ की अपेक्षा कई गुना ज्यादा श्रद्धालुओं की भीड़ आने की उम्मीद है। इसको देखते हुए ट्रैफिक मैनेजमेंट को लेकर बड़ी प्लानिंग शुरू की जाएगी।