Bhopal News: कांग्रेस नेताओं से क्यों मिले शिवराज सिंह ?

पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान शनिवार को भोपाल दौरे में अचानक जीतू पटवारी से मुलाकात करने पहुंचे। जीतू पटवारी के बाद शिवराज सिंह चौहान ने दिग्विजय सिंह से मुलाकात की। दिग्विजय सिंह और जीतू पटवारी ने उन्होंने अपने बेटों की शादी का निमंत्रण दिया। शिवराज के दोनों बेटों की सगाई हो गई है।

भोपाल: केंद्रीय कृषि मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान इन दिनों भोपाल प्रवास पर हैं। शनिवार को शिवराज सिंह चौहान अचानक पीसीसी चीफ जीतू पटवारी के आवास उनसे मुलाकात करने के लिए पहुंचे। जीतू पटवारी से मुलाकात के बाद शिवराज सिंह चौहान ने पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह से मुलाकात की। इस दौरान मध्य प्रदेश कांग्रेस के कई सीनियर नेता मौजूद थे। शिवराज सिंह चौहान और जीतू पटवारी के बीच हुई मुलाकात के बाद राज्य की सियासत में अटकलों का बाजार गर्म हो गया है। हालांकि यह मुलाकात किसी भी तरह से सियासी नहीं है।

जानकारी के अनुसार, शिवराज सिंह चौहान जीतू पटवारी को अपने बेटों की शादी का निमंत्रण देने के लिए पहुंचे थे। इस दौरान शिवराज सिंह चौहान को मीडियाकर्मियों ने घेर लिया लिया। जीतू पटवारी के गेट में पूर्व कांग्रेस विधायक कुणाल चौधरी ने स्वागत किया और फिर उन्हें लेकर गए। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच क्या मुलाकात हुई इसे लेकर कोई जानकारी सामने नहीं आई है।

बंद कमरे में हुई मुलाकात

कृषि मंत्री मुख्यमंत्री शिवराज सिंह और जीतू पटवारी के बीच बंद कमरे में चर्चा भी हुई। हालांकि ये क्लियर नहीं हुआ है कि बंद कमरे में दोनों के बीच राजनीतिक चर्चा हुई या फिर अन्य किसी मुद्दे पर दोनों नेताओं ने चर्चा की। हालांकि इस मुलाकात को लेकर सियासी अटकलों का बाजार गर्म है।

दिग्विजय से भी मिले शिवराज सिंह

जीतू पटवारी से मुलाकात करने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने दिग्विजय सिंह से मुलाकात की। इस दौरान उनके साथ उनकी पत्नी साधना सिंह भी मौजूद थीं। दिग्विजय सिंह को उन्होंने शादी में शामिल होने का न्यौता दिया।

दोनों बेटों की हो चुकी है सगाई

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के घर जल्द ही शहनाई बजने वाली है। पहले उनके दोनों बेटों की सगाई हो गई है। बड़े बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान की अमानत बंसल है। ये लोग मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले हैं। बताया जा रहा है कि अमानत और कार्तिकेय दोनों एक-दूसरे को लंबे समय से जानते हैं। परिवार की सहमति से दोनों की सगाई हुई थी।

शिवराज सिंह के छोटे बेटे कुणाल की शादी 14 फरवरी को होने जा रही है। इसके लिए भोपाल के लेक व्यू स्थित एक नामी होटल की बुकिंग की जा चुकी है। कुणाल चौहान की सगाई, उनकी बचपन की दोस्त रिद्धि जैन से 23 मई 2024 को भोपाल में हुई थी। रिद्धि के पिता आदित्य बिड़ला ग्रुप के वाइस प्रेसिडेंट हैं।




मध्यप्रदेश में अटैचमेंट का खेल: नवसाक्षरता के नाम पर पांच हजार से अधिक शिक्षक अटैच

Bhopal : स्कूल शिक्षा विभाग में चल रहे अटैचमेंट के खेल में 20 हजार से अधिक शिक्षक मुफ्त का वेतन ले रहे हैं। कई शिक्षक स्कूलों में पढ़ाने के बजाय दफ्तरों में बाबू बनकर बैठे हैं। नवसाक्षरता के नाम पर प्रदेश में पांच हजार से अधिक शिक्षक अटैचमेंट पर चल रहे हैं।

प्रदेश में कक्षा दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षा आगामी 25 फरवरी से प्रारंभ हो रही है। इसके पहले नवमीं-ग्यारहवीं की परीक्षाएं भी होंगी। परीक्षाओं के पहले शिक्षकों की कमी के चलते स्कूल शिक्षा विभाग ने नया फरमान जारी किया है। प्लान तैयार किया है। इसके तहत जिन स्कूलों में विषय शिक्षकों की कमी है, उनके यहां नजदीकी स्कूलों से शिक्षकों को बुलाकर पढ़ाया जाएगा।

यह कार्य सप्ताह में शिक्षक दो दिन करेंगे। दूसरी तरफ विभाग में अटैचमेंट का खेल चल रहा है। प्रदेश में 20 हजार से अधिक शिक्षक ऐसे हैं, जो स्कूलों में पढ़ाने के बजाय दफ्तरों में बाबूगिरी कर रहे हैं। विभाग इन शिक्षकों का अटैचमेंच समाप्त करने के बजाय स्कूलों में ही पदस्थ अन्य शिक्षकों पर दोहरा कार्य डाल रहा है।

नवसाक्षरता के नाम पर पूरी पढ़ाई चौपट

नवसारक्षता के नाम पर हर जिले में 70 से 80 शिक्षकों को अटैच कर रखा है। भोपाल जिले में करीब 70 शिक्षक नवसाक्षरता कार्यक्रम में सेवाएं दे रहे हैं। हालांकि इन शिक्षकों को यह कार्य स्कूलों में पढ़ाई कराने के साथ करना है, लेकिन ऐसा होता नहीं है। नवसाक्षरता में अटैच शिक्षक स्कूलों में पढ़ाने नहीं जाते है। इससे राजधानी समेत पूरे प्रदेश में करीब पांच हजार से अधिक शिक्षक स्कूलों की पढ़ाने से दूर हैं।

मुख्यालयों में भी शिक्षक अटैच

स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत माध्यमिक शिक्षा मंडल, लोक शिक्षण संचालनालय, राज्य शिक्षा केंद्र, डीईओ कार्यालय समेत अन्य जगहों पर कई शिक्षक अटैच हैं। उच्च पद के प्रभार व अतिशेष शिक्षकों की काउंसलिंग के दौरान इन्हें हटाए जाने के निर्देश भी हुए, लेकिन इन शिक्षकों ने जोड़-तोड़ दोबारा मुख्यालयों में पदस्थापना कराने में सफल हो गए।

शिक्षक की हो गई थी मौत

रतलाम जिले में हॉल में अटैचमेंट के चलते एक स्कूल में शिक्षकों कमी से शिक्षिका की ब्रेन स्ट्रोक से मौत हो गई। इस मामले को लेकर रतलाम जिले में शिक्षकों ने कई दिनों तक प्रदर्शन कर सभी प्रकार के अटैचमेंट समाप्त करने की मांग की थी। बावजूद इसके रतलाम जिले में करीब 70 शिक्षक नवसाक्षरता कार्यक्रम में अटैच है। करीब 30 शिक्षक विभिन्न कार्यालयों में बाबूगिरी कर रहे हैं।

अटैचमेंट समाप्त करने को लेकर कई बार दिए गए निर्देश, लेकिन नहीं हो रहा पालन

आयुक्त लोक शिक्षण शिल्पा गुप्ता ने कुछ माह पहले सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि विभिन्न कामों के लिए विभिन्न कार्यालयों में अटैच किए गए शिक्षकों को तत्काल वापस करें। उन्होंने कलेक्टरों को 25 जून 2013 और 8 नवंबर 2017 के सामान्य प्रशासन विभाग, 30 मई 2017 और 20 सितंबर 2019 के स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देशों की याद दिलाई।

आदेशों में शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2009 (आरटीई) और न्यायालयीन प्रकरण में पारित निर्णयों के हवाले से कहा गया है कि शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्य में नहीं लगाया जा सकता है। आयुक्त ने निर्देशों में साफ कहा कि शिक्षकों को भविष्य में भी गैर शैक्षणिक कार्यों में नहीं लगाया जाए। ऐसा हुआ तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।

गैर शैक्षणिक कार्य में लगाए गए शिक्षकों को मूल पदस्थापना के लिए कार्यमुक्तकर शिक्षण कार्य कराने को कहा गया है। बावजूद इसके अभी भी प्रदेश में संभागीय संयक्ुत संचालक लोक शिक्षण, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला परियोजना समन्वयक, विकास खंड शिक्षा अधिकारी और निर्वाचन कार्य के लिए कलेक्टर, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (एसडीएम), तहसील सहित अन्य कार्यालयों में अटैच हैं। इन शिक्षकों के स्कूलों में लौटने से पढ़ाई की स्थिति सुधरेगी। अभी शिक्षकों की कमी के कारण सरकारी स्कूलों में पढ़ाई नहीं हो पा रही है।




Bhopal News : एमपी में 232 सरकारी कर्मचारियों- अधिकारियों की जायेगी नौकरी ! चल रही जांच

मद्यप्रदेश में आने वाले दिनों में कई सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है। शॉर्टकट से सरकारी नौकरी पाने वाले 232 अधिकारी कर्मचारियों की नौकरी खतरे में हैं।

जानकारी के लिए बता दें कि फिलहाल अभी आरक्षण का लाभ लेने के लिए फर्जीवाड़ा करने वाले 24 अधिकारी-कर्मचारियों की नौकरी जाना लगभग तय हो गया है। वहीं दूसरी ओर 232 पर कार्रवाई चालू है। विधानसभा में यह जानकारी विधायक द्वारा पूछे गए सवाल के लिखित जवाब के रूप में यह जानकारी सरकार ने दी है।

लिखित में दी जानकारी

विधायक डॉ. राजेन्द्र सिंह ने सवाल किया था फर्जी जाति प्रमाण-पत्रों की जांच के संबंध में साल 2015 से आज तक किसने किसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है और उन शिकायतों की जांच में क्या कार्रवाई की गई है। जिसके जवाब में जन जातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह ने लिखित में
जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में 232 कर्मचारी अधिकारियों के खिलाफ अलग-अलग लोगों द्वारा शिकायतें की गई हैं। जिनके खिलाफ जांच की जा रही है हालांकि अधिकांश के खिलाफ अभी तक जांच ही चल रही है।

9 सालों से हो रही जांच

मध्य प्रदेश में फर्जी जाति प्रमाण पत्र और फर्जी दिव्यांगता सर्टिफिकेट से नौकरी पाने के मामले लगातार सामने आते रहे हैं। इम मामलों से पता चला है कि प्रदेश में 232 कर्मचारी अधिकारियों के जाति प्रमाण पर की जांच की जा रही है। इन 232 कर्मचारी-अधिकारियों के खिलाफ अलग-अलग लोगों द्वारा शिकायतें दर्ज कराई गई हैं. जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह ने इसकी लिखित जानकारी विधानसभा में दी है।




Bhopal News : संविदा कर्मचारियों को सरकारी नौकरी में 50% आरक्षण का गजट नोटिफिकेशन

मध्य प्रदेश शासन के विभिन्न विभागों में काम करने वाले संविदा कर्मचारियों के लिए गुड न्यूज़ है। सीधी भर्ती सरकारी नौकरी में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की ओर से 50% आरक्षण दिए जाने हेतु प्रावधान कर दिया गया है। गजट नोटिफिकेशन भी हो गया है।

मध्य प्रदेश राजपत्र में संविदा कर्मचारियों को आरक्षण के लिए क्या लिखा है

मध्य प्रदेश शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की ओर से मध्य प्रदेश राजपत्र दिनांक 27 दिसंबर 2024 क्रमांक 368 में प्रकाशित किया गया है कि, सीधी भर्ती के लिए उपलब्ध रिक्तियों में 50 प्रतिशत पद ऐसे कर्मचारियों के लिए आरक्षित होंगे जो विभागों / निकायों में संविदा आधार पर समकक्ष पद पर कार्यरत है तथा जिन्होंने संविदा पद पर न्यूनतम पांच वर्ष की सेवा पूर्ण कर ली हो, किन्तु ऊपर उल्लिखित आरक्षण का लाभ लेकर नियुक्त होने के पश्चात्, पुनः इस लाभ के लिए पात्रता नहीं होगी, ऐसे अभ्यर्थी द्वारा जितनी सेवा की गई हो, संविदा पर अधिकतम आयु सीमा में छूट उतनी अवधि के लिए … अनुमत की जाएगी, किन्तु छूट सहित अधिकतम आयु सीमा, पद हेतु भर्ती के लिए जारी विज्ञापन में विहित तारीख को, 55 वर्ष से अधिक नहीं होगी।

संविदा कर्मचारियों को 50% आरक्षण के प्रावधान हेतु, मध्यप्रदेश विकास आयुक्त पंचायत और ग्रामीण विकास तृतीय श्रेणी (लिपिक वर्गीय और अलिपिक वर्गीय) सेवा भर्ती नियम, 1999 का संशोधन दिनांक 01 फरवरी 2020 एवं 07 अक्टूबर 2022 में एक और संशोधन किया गया। मध्यप्रदेश राजपत्र दिनांक 01 फरवरी 2020 के माध्यम से संशोधन कंडिका 3 में नियम 11 के उपनियम 7 के पश्चात्, जोड़े गये उपनियम (8) के स्थान पर संशोधित उपनियम (8) जोड़ा गया।

खनिज साधन विभाग का नोटिफिकेशन

मध्य प्रदेश शासन के खनिज साधन विभाग द्वारा भी संविदा कर्मचारियों को सीधी भर्ती सरकारी नौकरी में 50% आरक्षण का प्रावधान कर दिया गया है। इसके लिए भौमिकी तथा खनिकर्म संचालनालय और राजपत्रित तृतीय श्रेणी लिपिकवर्गीय तथा अलिपिकवर्गीय सेवा भर्ती नियम 2004 में संशोधन किया गया है। मध्य प्रदेश राजपत्र दिनांक 31 दिसंबर 2024 क्रमांक 374 में इसका प्रकाशन कर दिया गया है। डायरेक्ट लिंक संलग्न कर दी गई है।




MP News: सरकार के इस आदेश से सरकारी कर्मचारियों में हड़कंप 31 जनवरी तक ब्योरा देने का आदेश

मध्यप्रदेश शासन सामान्य प्रशासन विभाग भोपाल द्वारा प्रदेश भर के सरकारी कर्मचारियों से उनकी संपत्ति का ब्यौरा मांगा गया है जारी आदेश में 31 जनवरी तक समय सीमा दी गई है बता दें कि यह नियम पहले से भी लागू है लेकिन अभी इसके पालन में कोताही बरती जा रही थी लेकिन अब मध्य प्रदेश सरकार ने प्रदेश भर के सभी विभागों में पदस्थ सरकारी कर्मचारियों से उनकी चल – अचल संपत्ति का ब्यौरा मांगा है और आगामी 31 जनवरी तक संपत्ति का ब्यौरा जमा कराने का आदेश दिया गया है हालांकि यह प्रक्रिया प्रति वर्ष की जाती है, जिसे वर्ष 2010 से अनिवार्य किया गया था इस आदेश के तहत कर्मचारियों को अपने विभाग के निर्धारित फॉर्मेट में अपनी संपत्ति की पूरी जानकारी देनी होती है।

चाही गई जानकारी के अनुसार कर्मचारियों को उनके वर्तमान पद, वेतन खुद और परिवार के लोगों के नाम से अर्जित की गई संपत्तियों का विवरण देना शामिल होता है इसके साथ ही, यह भी जानकारी देनी होती है कि अर्जित की गई संपत्तियां स्वयं अर्जित की गई हैं या फिर पुश्तैनी हैं आय संबंधित फार्मेट में यह भी जानकारी दिया जाना अनिवार्य किया गया है कि अगर संपत्ति स्वयं अर्जित की तो इसके भुगतान का तरीका क्या है खरीदी के समय की कीमत और अब संपत्ति का वर्तमान मूल्य क्या है।

लोगों के बताए अनुसार शासन का यह आदेश पूर्व से चला आ रहा है वावजूद इसके भ्रष्ट कर्मचारियों द्वारा कुछ न कुछ तथ्य छिपाकर जानकारी दर्ज कराई जाती है लोकायुक्त और ईओडब्ल्यू में पकड़े जाने के बाद ही ऐसे लोगों की सच्चाई सामने आती है अब सभी प्रॉपर्टी ऑनलाइन है और आधार से लिंक है इसलिए भ्रष्ट लोगों में सरकार के इस आदेश को लेकर हड़कंप मचा हुआ है सूत्र यह भी बताते हैं कि कुछ विभागों में भ्रष्ट कर्मचारियों द्वारा अपने अन्य रिश्तेदारों के नाम से संपत्तियां अर्जित की जाती हैं जब ऐसे लोगों की शिकायत होती है तभी आय से अधिक की संपत्तियों की जानकारी सरकार को मिल पाती है।

बीते दिन मध्यप्रदेश शासन सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों को हर साल अपनी संपत्ति का ब्यौरा देना अनिवार्य है जिससे कि सभी कर्मचारियों की संपत्ति संबंधी जानकारी पूरी पारदर्शिता के साथ सरकार के पास होनी चाहिए।




Chhindwara News : शिक्षकों की जगह अफसर गए विदेश यात्रा पर

स्टार्स परियोजना (स्ट्रेंथनिंग टीचिंग-लर्निंग एंड रिजल्ट्स फॉर स्टेट्स प्रोजेक्ट) के तहत मप्र के उन शिक्षकों और प्राचार्यों को सिंगापुर दौरे पर भेजा जाना था, जिनके स्कूल का बोर्ड परीक्षा परिणाम 90 प्रतिशत या उससे अधिक रहा है। लेकिन स्कूल शिक्षा विभाग ने नियम-कायदों को ताक पर रखते हुए खुद को इस यात्रा का पात्र बना लिया और सिंगापुर पहुंच गए। योजना के तहत चयन के लिए प्रदर्शन, पद और उम्र का क्राइटेरिया तय किया गया था। इसके अनुसार केवल उन प्राचार्यों और शिक्षकों को पात्र माना गया था जिनके स्कूलों का बोर्ड परीक्षा परिणाम 90 प्रतिशत से अधिक हो। इसके अलावा, पद के अनुसार प्रिंसिपल और उनके समकक्ष शिक्षक तथा उम्र में 58 वर्ष से कम उम्र के शिक्षकों को चुना जाना था। लेकिन विभाग के अधिकारियों ने इन नियमों को तोड़ते हुए खुद को यात्रा के लिए योग्य घोषित कर दिया।

उम्र और पद का क्राइटेरिया तोड़ा

इस यात्रा के लिए बनाए गए नियमों को दरकिनार कर शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने उम्र और पद की शर्तों को तोड़ा। मजेदार बात यह है कि जिन अफसरों ने ये नियम तय किए थे, वे खुद इस दौरे में शामिल हो गए। इनमें से कई अधिकारी उम्र के क्राइटेरिया में फिट नहीं बैठते। इतना ही नहीं, कुछ अधिकारियों ने विदेश यात्रा के लिए अपना पद बदल लिया। उदाहरण के लिए, जो अफसर कंप्यूटर प्रोग्रामर के रूप में कार्यरत थे, उन्हें प्रिंसिपल के पद पर दिखाकर सिंगापुर भेजा गया।

68 सदस्यीय दल में शामिल अपात्र अधिकारी

5 जनवरी को सिंगापुर भेजे गए प्रदेश के 68 सदस्यीय दल में कई ऐसे लोग शामिल हैं, जो निर्धारित मानकों के अनुसार पात्र ही नहीं थे। इसमें छिंदवाड़ा के डीपीसी जगदीश इस्पाचे, बीईओ ओपी जोशी और प्रोग्रामर श्रीमती डेहरिया जैसे अधिकारी शामिल हैं।

4 करोड़ रुपये खर्च

इस यात्रा पर शासन की ओर से चार करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या यह धनराशि उन शिक्षकों पर खर्च नहीं होनी चाहिए थी, जिनका प्रदर्शन सच में सराहनीय है? शिक्षा जगत में यह मामला अब चर्चा का विषय बन गया है। शिक्षक समुदाय में इस फैसले को लेकर भारी नाराजगी है।वहीं, दूसरा दल 13 जनवरी से जाने वाला है।




बीच मीटिंग में नाराज हुए सीएम मोहन यादव, 3 अधिकारी-कर्मचारी निलंबित, 1 की सेवा समाप्त

mp news: मध्यप्रदेश के सीएम मोहन यादव ने जनता की समस्याओं का समाधान करने में लापरवाही बरतने वाले लापरवाह अधिकारी-कर्मचारियों पर बड़ा एक्शन लिया है। सीएम मोहन यादव ने मीटिंग के दौरान ही इन अधिकारियों को लेकर नाराजगी जाहिर की और 3 अधिकारी-कर्मचारियों को निलंबित करने के निर्देश दिए हुए 1 कर्मचारी की सेवा समाप्त करने के निर्देश भी दिए। सीएम मोहन यादव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समाधान ऑनलाइन (Samadhan Online) में विभिन्न जिलों के नागरिकों के लंबित प्रकरणों पर बात कर रहे थे।

इन अधिकारी-कर्मचारियों पर गिर गाज

समाधान ऑनलाइन के दौरान रीवा जिले की छात्रा शीतल तिवारी को गांव की बेटी योजना में मिलने वाली राशि का भुगतान न होने की बात सामने आई तो सीएम ने तुरंत राशि भुगतान के निर्देश दिए साथ ही इस प्रकरण में उच्च शिक्षा विभाग के एक अधिकारी को निलंबित करने और एक अधिकारी की सेवा समाप्ति का निर्णय लिया।

भोपाल के अनिल मालवीय के अपने निवास के निकट नालियों के फर्शीविहीन होने की शिकायत पर नगर निगम के दोषी कर्मचारी की वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश दिए।

गुना जिले के समंदर सिंह द्वारा परिजन की सर्पदंश से मृत्यु पर राहत राशि प्राप्त न होने की शिकायत की तो सीएम मोहन यादव ने पटवारी के निलंबन और संबंधित अधिकारी को कारण बताओ नोटिस देने के निर्देश दिए ।

दतिया जिले के ऋषि पुरोहित ने अपनी भूमि किसी अन्य व्यक्ति को आवंटन होने और करीब सवा साल तक कार्यवाही न करने की शिकायत की तो सीएम मोहन यादव ने दोषी पटवारी को निलंबित करने के निर्देश दिए ।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अलीराजपुर के माधव सिंह तोमर को पशु बीमा योजना के अंतर्गत राशि के भुगतान के निर्देश दिए साथ ही राशि दिलवाने में विलंब होने पर दोषी पशु चिकित्सक की वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिए।
जबलपुर भेड़ाघाट के राहुल सिंह के प्रकरण में आवेदक को आयुष्मान योजना का लाभ विलंब से मिलने पर दोषी पर 82 हजार रूपए का अर्थ दंड लगाया गया। आवेदक को राहत के लिए उपचार की राशि के अलावा 5000 की राशि देने के निर्देश दिए ।

अच्छा काम करने वालों को बधाई

सीएम मोहन यादव ने इस दौरान सीएम हेल्पलाइन में उल्लेखित शिकायतों के निराकरण में बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों और सीएम हेल्पलाइन के अंतर्गत श्रेष्ठ कार्य करने वाले अधिकारियों को बधाई दी। इन जिलों में सागर, कटनी, सिंगरौली, विदिशा और सीहोर जिलों के अधिकारियों को बधाई मिली। श्रेष्ठ कार्य करने वाले और उच्च प्रदर्शन वाले विभागों में ऊर्जा, नगरीय विकास, महिला एवं बाल विकास, पंचायत ग्रामीण विकास एवं गृह विभाग शामिल हैं।




Bhopal News : संदिग्ध हालत में नवविवाहिता की मौत, पति पर लगा हत्या का आरोप; नहीं मिला कोई सुसाइड नोट

Newly married woman dies under suspicious circumstances in Bhopal

जांच में जुटी पुलिस

Newly Married Woman Dies Under Suspicious Circumstances In Bhopal : भोपाल के कोहेफिजा स्थित जैन नगर लालघाटी में रहने वाली एक नवविवाहिता ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। मृतका के पास कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। शनिवार को मायके वालों के सामने शव का पीएम कराया गया। इस दौरान मायके वालों ने ससुराल पक्ष पर कई प्रकार के गंभीर आरोप लगाए।

मायके वालों का आरोप है कि दहेज में 15 लाख रुपए दिए थे। पांच लाख की और मांग की जा रही थी। मांग पूरी नहीं होने पर मेरी बेटी को मार दिया। मृतका छह बहनों में पांचवें नंबर की थी। आज सुबह मोर्चरी में मायके पक्ष के लोगों ने जमकर हंगामा मचाया। मामला नवविवाहिता का होने के कारण एसीपी को जांच का जिम्मा सौंपा गया है। मायके पक्ष के बयान के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जानकारी के अनुसार आरती द्विवेदी (28) मूलत: बड़ा महलहरा छतरपुर की रहने वाली थी। करीब आठ महीने पहले अप्रैल में उसकी शादी जैन नगर लालघाटी में रहने वाले अक्षय द्विवेदी के साथ हुई थी। अक्षय एक कंस्ट्रक्शन कंपनी में इंजीनियर है। अक्षय के तीन मंजिला मकान में उसका कमरा दूसरी मंजिल पर है।

गुरुवार रात करीब एक बजे वह काम से घर लौटा तो पत्नी आरती ने कमरे का दरवाजा नहीं खोला। उसके बाद वह ग्राउंड फ्लोर पर रहने वाले दादा-दादी के कमरे में जाकर सो गया। सुबह करीब पांच बजे दोबारा अपने कमरे पर पहुंचा तब भी आरती ने दरवाजा नहीं खोला। अनहोनी की आशंका के चलते परिवार वालों ने दरवाजा तोड़ा तो आरती फांसी के फंदे पर लटकी मिली।

शनिवार को कराया गया शव का पीएम

घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव बरामद कर पीएम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया था। शनिवार को मायके वालों के पहुंचने पर शव का पोस्टमार्टम करवाया गया। इस दौरान मोर्चरी के सामने दोनों पक्षों के बीच विवाद भी हुआ। मायके वालों ने ससुराल पक्ष पर आरती को प्रताड़ित करने समेत कई प्रकार के गंभीर आरोप भी लगाए। पुलिस का कहना है कि बयान होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

एसीपी करेंगे मामले की जांच

मायके वालों का आरोप था कि ससुराल वाले आरती को प्रताड़ित कर रहे थे, जिसकी जानकारी उसने घरवालों को दी थी। गुरुवार रात भी छोटी बहन से बातचीत में उसने प्रताड़ित का जिक्र किया था, तब घर वालों ने अगले दिन भोपाल आकर उसे ले जाने का बोला था। शुक्रवार सुबह मायके वालों को फांसी लगाने की जानकारी मिली। मामला नवविवाहिता से जुड़ा होने के कारण जांच एसीपी द्वारा की जाएगी।




Bhopal News : दूसरे दिन नवाचार और विज्ञान शिक्षकों पर फोकस रहा भोपाल विज्ञान मेला,मेले में डेढ़ सौ से ज्यादा मॉडल आए

Bhopal: On the second day, the focus of Bhopal Science Fair was on innovation and science teachers, more than

मेले में मॉडल दिखाते स्टूडेंट

On The Second Day, The Focus Of Bhopal Science Fair Was On Innovation And Science Teachers, More Than : राजधानी भोपाल जंबूरी मैदान में आयोजित 11वें विज्ञान मेले का दूसरा दिन ज्ञान, संवाद, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और नवाचारों पर फोकस रहा। इस कार्यक्रम की शुरुआत विद्यार्थी संवाद सत्र के साथ हुई। जिसमे मुख्य वक्ता डॉ. सुनील चतुर्वेदी थे | इस सत्र का मुख्य उद्देश्य छात्रों और वैज्ञानिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित करना था। मेले में प्रदेश भर के स्कूल-कॉलेज के विज्ञान के स्टूडेंट के डेढ़ सौ से ज्यादा मॉडल आए हैं। विज्ञान मेला 30 दिसंबर तक चलेगा। अगले 3 दिन आप मेले में जाकर मॉडल देख सकते हैं। आखिरी दिन श्रेष्ठ मॉडलों को पुरस्कृत भी किया जाएगा।

विज्ञान को अज्ञात से ज्ञात की ओर यात्रा

डॉ. सुनील चतुर्वेदी ने विज्ञान को रोजमर्रा की जिंदगी से जोड़ते हुए छात्रों को बताया कि विज्ञान केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारी दैनिक जीवनचर्या का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने विज्ञान को “अज्ञात से ज्ञात की ओर यात्रा” के रूप में परिभाषित किया और बताया कि विज्ञान का उद्देश्य नई खोजों और नवाचारों के माध्यम से मानव जीवन को सरल और बेहतर बनाना है। उन्होंने छात्रों को बताया कि कैसे शोध (Research) हमारे भविष्य को आकार देता है और विज्ञान के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए 18वीं शताब्दी तक के महत्वपूर्ण वैज्ञानिक घटनाक्रमों की जानकारी दी।

सांस्कृतिक कार्यक्रम और नुक्कड़ नाटक

दूसरे दिन रविंद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के नाट्य विद्यालय के छात्रों द्वारा ‘साइकिल की चेन’ नामक नुक्कड़ नाटक का मंचन हुआ। इस नाटक में स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, समाज कल्याण और विज्ञान से जुड़े मुद्दों को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया गया। नाटक में संगीत और संवाद का अत्यंत सुंदर संयोजन था, जिसने उपस्थित दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर दिया।

शिक्षक कार्यशाला

कार्यक्रम के तीसरे सत्र में विज्ञान शिक्षक कार्यशाला आयोजित की गई | इस कार्यशाला में शिक्षकों को विज्ञान शिक्षा के नए तरीकों से अवगत कराया गया। इस सत्र में विशेषज्ञ संजय कौरव ने बताया कि शिक्षा केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसे छात्रों की दैनिक जीवन की समस्याओं से जोड़ना चाहिए। उन्होंने अब्दुल कलाम की पुस्तक के महत्वपूर्ण उद्धरणों का हवाला देते हुए शिक्षकों को प्रेरित किया कि वे छात्रों को आत्मविश्वास और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ तैयार करें। एक और विशेषज्ञ डॉ. रवि कुमार ने कार्यशाला में विज्ञान को रुचिकर बनाने के व्यावहारिक तरीकों पर जोर दिया। उन्होंने गणित और विज्ञान को इतिहास और संस्कृति से जोड़कर पढ़ाने के महत्व को समझाया।

वैज्ञानिक प्रदर्शनी और मॉडलों का प्रदर्शन

विज्ञान मेले में छात्रों और कॉलेज के विद्यार्थियों द्वारा 150 से अधिक वैज्ञानिक मॉडल प्रस्तुत किए गए। इन मॉडलों में कृषि, पर्यावरण, स्वास्थ्य और तकनीकी समस्याओं के समाधान पर आधारित नवाचारों को प्रस्तुत किया गया। प्रदर्शनी में विशेष रूप से उन मॉडलों को सराहा गया, जो दैनिक जीवन की समस्याओं का व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत करते हैं।

आदिवासी कला और वैज्ञानिक परंपरा

कार्यक्रम में एक विशेष सत्र में आदिवासी समुदायों की लौह अयस्क गलाने (Iron Ore Smelting) की परंपरागत तकनीकों का प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन सभी के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक और रोचक रहा।




Mp News : जीआईएस-2025 की तैयारियों को लेकर बैठक ली

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को मुख्यमंत्री निवास में जीआईएस-2025 की तैयारियों को लेकर बैठक ली। उन्होंने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) एक वैश्विक समागम है। व्यवस्थाओं में कोई भी कमी न रहे। दो महीने से भी कम समय शेष है, समय रहते सभी प्रकार की तैयारियां पुख्ता तरीके से कर ली जाएं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 24 फरवरी को जीआईएस 2025 का विधिवत् शुभारंभ करेंगे। उन्होंने कहा कि जीआईएस में कोर सेक्टर्स पर फोकस करते हुए ऐसी गतिविधियां आयोजित करें, जिससे ठोस परिणाम मिलें। जीआईएस-2025 में देश-विदेश से आने वाले सभी मेहमानों के रहने-खाने एवं आसपास के पर्यटन स्थलों पर आने-जाने एवं भ्रमण की समुचित व्यवस्था की जाए। मेहमानों को होम-स्टे के बारे में भी बताया जाए। इस कार्य के लिए संस्कृति, वन, पर्यटन एवं स्थानीय प्रशासन आपसी समन्वय के साथ भोपाल शहर के सौंदर्यीकरण के कायों के लिए भी अभी से युद्ध स्तर पर तैयारियों शुरू कर दें।

उद्योग संघों से विचार विमर्श के लिए करें कार्यक्रम

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष-2025 को उद्योग वर्ष घोषित किया गया है। साल भर प्रदेश के विभिन्न संभागों में हर महीने किसी एक सेक्टर जैसे पॉवर सेक्टर, नवकरणीय ऊर्जा, ऑटो, एग्रो, पर्यटन, माइनिंग, हेल्थ, एजुकेशन और आईटी सेक्टर पर आधारित सेक्टोरल एक्सपो या कॉन्क्लेव का आयोजन भी किया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को गतिविधियों का विभागीय वार्षिक कैलेण्डर जल्द से जल्द तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने एक नवाचार का सुझाव भी दिया कि इंडस्ट्री के संतुलित विकास के लिए उद्योग जगत से जुड़े हुए विशेषज्ञों, उद्योग संघों, संगठनों के साथ प्रदेश में सुव्यवस्थित, सरल और सुगम उद्योगीकरण की दिशा में विस्तृत विचार मंथन के लिये कार्यक्रम का आयोजन किया जाए।

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय परिसर में होगी जीआईएस

बैठक में औद्योगिक नीति एवं प्रोत्साहन के प्रमुख सचिव राघवेंद्र सिंह ने जीआईएस-2025 की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश की 8वां ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस-2025) भोपाल के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय परिसर में आयोजित की जाएगी। इसमें 20 हजार से अधिक प्रतिभागियों के शामिल होंने का अनुमान है। इसलिए इसी आधार पर तैयारियां की जा रही हैं। दो दिवसीय वैश्विक निवेशक सम्मेलन में राज्य के औद्योगिक ईको-सिस्टम एवं प्रदेश में उपलब्ध निवेश संभावनाओं को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर समग्रता के साथ प्रस्तुत करने के प्रयास किए जाएंगे। इसमें 25 देशों के लगभग एक हजार प्रतिभागी शामिल होंगे। इस समिट में एवीजीसी शो, एमपी पैवेलियन, एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओपी) पैवेलियन, फ्रेंचाइजी एमपी शो आदि विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

फायर साइड चैट

सिंह ने बताया कि जीआईएस के एक दिन पूर्व 23 फरवरी की शाम को फायर साइड चैट का आयोजन किया जाएगा। इस वर्चुअल संवाद में मुख्यमंत्री देश के बड़े उद्योगपतियों एवं निवेशकों के साथ संवाद करेंगे। इस चैट शो में मध्यप्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य की खुबियों, अब तक की प्रगति तथा मध्यप्रदेश को 2047 तक विकसित प्रदेश बनाने के लिए तैयार किए गए रोड मैप एवं रीजनल ग्रोथ पर भी चर्चा होगी।

एक्सपो गतिविधियां

जीआईएस-2025 के शुभारंभ के दिन आईटी एवं टेक्नोलॉजी समिट होगी। मुख्यमंत्री उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन चर्चा करेंगे। साथ ही एमपी मोबिलिटी एक्सपो, सेंट्रल इंडिया फेब्रिक एवं फैशन एक्सपो, एमपी लिगेसी पवेलियन की गतिविधियां, बी-टू-बी मीटिंग्स भी समानांतर चलेंगी।

25 फरवरी को होगी प्रवासी एमपी समिट एवं एमपी मोबिलिटी एक्सपो

जीआईएस-2025 के दूसरे दिन 25 फरवरी को मुख्यमंत्रीउद्योगपतियों एवं निवेशकों के साथ वन-टू-वन मीटिंग करेंगे। साथ ही प्रवासी एमपी समिट, इन्फ्रॉस्ट्रक्चर एण्ड अर्बन डेवलपमेंट समिट और टूरिज्म समिट, एमएसएमई तथा स्टार्ट-अप समिट, माइनिंग समिट, ऊर्जा एवं नवकरणीय ऊर्जा समिट भी होंगी। साथ ही एमपी मोबिलिटी एक्सपो, सेंट्रल इंडिया फैब्रिक एण्ड फैशन एक्सपो, एमपी पैवेलियन की गतिविधियां, बिजनेस-टू-बिजनेस (बी-टू-बी) मीटिंग्स एवं बिजनेस-टू-कन्ज्यूमर्स (बी-टू-सी) मीटिंग्स भी समानांतर चलेंगी।

थीमेटिक सेशन

जीआईएस के दूसरे दिन 25 फरवरी को सुबह 10:30 से शाम 5:30 तक छह थीमेटिक सेशन होंगे। हायर एजूकेशन एवं स्किल डेवलपमेंट,फूड प्रोसेसिंग एवं हार्टिकल्चर, स्मॉल स्केल एवं कॉटेज इंडस्ट्री, टेक्सटाइल एवं अपैरल और फार्मास्यूटिकल सेक्टर्स पर सत्र आयोजित किए जाएंगे।

कंट्री सेशन

जीआईएस-2025 के दूसरे दिन ही 25 फरवरी को कंट्री सेशन भी होंगे। इसमें जर्मनी द्वारा इंजीनियरिंग एक्सीलेंस एण्ड सस्टेनबिलिटी, यूनाईटेड किंगडम (यूके) द्वारा शिक्षा, आईटी एवं सेवा क्षेत्र में, साऊथ कोरिया द्वारा इनोवेशन इन टेक्नॉलाजी एण्ड स्मार्ट मेन्यूफेक्चरिंग सेक्टर में तथा जापान द्वारा एडवांस टेक्नॉलाजीस एण्ड इंडस्ट्रियल कोलेबोरेशन सेक्टर में विस्तृत चर्चा की जाएगी।

सीआईआई नेशनल काऊंसिल मीट

जीआईएएस के पहले दिन 24 फरवरी को कर्न्फेडरेशन ऑफ इंडियन इन्डस्ट्रीज (सीआईआई) के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं डायरेक्टर जनरल सहित प्रमुख उद्योगपतियों की उपस्थिति में सीआईआई की नेशनल काऊंसिल मीट होगी। इसमें मध्यप्रदेश को भारत के औद्योगिक एवं आर्थिक केंद्र के रूप में स्थापित करने तथा विकसित मध्यप्रदेश के विजन को साकार करने के लिए व्यापक रणनीति एवं कार्य योजना तैयार करने पर ठोस चर्चा होगी।