Mp News :आतंकी हमले के विरोध में Bjp का भोपाल में मशाल जुलूस, वीडी शर्मा बोले

भारतीय जनता पार्टी द्वारा भोपाल जिला संगठन के नेतृत्व में पहलगाम आतंकी हमले के विरोध में निकाले गए मशाल जुलूस में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा और प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद जी सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। यह जुलूस न्यू मार्केट स्थित नानके पेट्रोल पंप से शुरू होकर रोशनपुरा चौराहे तक पैदल मार्च के रूप में निकला। चौराहे पर दो मिनट का मौन रखकर मृतकों को श्रद्धांजलि दी गई।

इस दौरान शर्मा ने कहा कि पहलगाम में निर्दोष हिंदू पर्यटकों पर हुआ हमला केवल एक घटना नहीं, यह भारत की आत्मा पर सीधा हमला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अब आतंकवाद के सफाए का समय आ गया है। देश एकजुट होकर इस लड़ाई को निर्णायक अंजाम देगा। उन्होंने कहा कि देश में आतंकवाद के समर्थकों की पहचान कर उन्हें कठोर सजा दी जाएगी। गृह मंत्री अमित शाह का कश्मीर दौरा इस बात का संकेत है कि सरकार आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस नीति के साथ खड़ी है। प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद ने कहा कि भाजपा का हर कार्यकर्ता आतंकवाद के खिलाफ इस निर्णायक लड़ाई में प्रधानमंत्री के साथ है। उन्होंने कहा कि कश्मीर स्वर्ग है और उस पर हमला पूरे देश की अखंडता पर हमला है।

मशाल जुलूस में मंत्री विश्वास सारंग, विधायक रामेश्वर शर्मा, महापौर मालती राय,भगवानदास सबनानी, सीमा सिंह,राहुल कोठारी, रविन्द्र यति सहित बड़ी संख्या में भाजपा नेता व कार्यकर्ता उपस्थित रहे। जुलूस में शामिल जनता ने भी इस कायराना हमले के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त करते हुए आतंकियों को कड़ा संदेश दिया।




Satna News : वाह रे कलेक्टर साहब! जनसुनवाई में स्कूल की समस्या लेकर पहुंचने वाले शिक्षक को ही कर दिया निलंबित

“आदरणीय कलेक्टर साहब, आपकी दूरदर्शिता और कार्यशैली को देखकर तो लगता है कि भविष्य में आपकी नीतियों पर शोध होना चाहिए! आखिर इतनी कुशलता से नजरें फेरने की कला हर किसी को कहां आती है?”

सतना जिले के कलेक्टर का एक बहुत अजीब फैसला सामने आया है। दरअसल, यहां कलेक्टर की जनसुनवाई  में स्कूल की समस्या लेकर एक शिक्षक का आना, उन्हें इतना नागवार गुजरा कि उनके निलंबन का आदेश जारी कर दिया।

सतना कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस. ने ड्यूटी टाइम पर स्कूल छोड़कर जनसुनवाई में पहुंचे प्रभारी हेडमास्टर जितेंद गर्ग को निलंबित करने का आदेश दे दिया। कलेक्टर की इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। फिलहाल, कलेक्टर के निर्देश पर विभागीय अधिकारी कार्रवाई में जुटे हुए हैं।

शिक्षण कार्य छोड़कर आने पर की कार्रवाई
बताया जाता है कि प्राथमिक विद्यालय चांदमारी रोड़ धवारी में पदस्थ हेडमास्टर विद्यालय से जुड़ी समस्या का निराकरण करने की मांग को लेकर जनसुनवाई में पहुंचे थे। हालांकि, जिस वक्त वे पहुंचे थे, उस वक्त लगभग साढ़े 12 बज रहा था। यह समय शिक्षण कार्य का था, लेकिन हेडमास्टर आवेदन लेकर जनसुनवाई में थे। इस बात से नाराज होकर कलेक्टर ने उन्हें निलंबित करने का आदेश दे दिया। लेकिन, स्कूल भवन में शौचालय और बाउंड्री वॉल की फाइल दो साल से दबाकर बैठे निगम के अफसरों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।

ये है स्कूल की समस्या
करीब दो साल पहले स्कूल भवन में शौचालय और बाउंड्री बनाने की फाइल लालफीताशाही की शिकार है। बताया जाता है कि स्मार्ट सिटी मद से निर्माण की फाइल नगर निगम में अटकी हुई है। ऐसे में विद्यालय की छात्राओं को असुविधा हो रही है। इसी असुविधा को देखते हुए विद्यालय प्रबंधन मामले को कलेक्टर के संज्ञान में लाने के लिए समस्या का निराकरण किए जाने की मांग को लेकर पहुंचा था, जहां उनका आवेदन लेने के बाद निलंबित करने का आदेश जारी करवा दिया गया।

कलेक्टर ने दी ये दलील
वहीं, इस पूरे मामले पर कलेक्टर का कहना है कि दो शिक्षकीय शाला में एक महिला शिक्षक को स्कूल में छोड़कर बिना अनुमति स्कूल से यहां आना अनुशासनहीनता और कर्तव्य निर्वहन मे गंभीर लापरवाही है। उन्होंने संबंधित शिक्षक को निलंबित करते हुए कहा कि यदि किसी समस्या के लिए कलेक्टर से मिलना जरूरी था, तो स्कूल टाइम के बाद शाम 5 बजे भी मिल सकते थे।

दो साल से अटकी है फाइल
विद्यालय की बाउंड्री और शौचालय निर्माण की फाइल दो साल से नगर निगम में अटकी हुई है। विद्यालय समय पर जनसुनवाई में पहुंचने के लिए यूं तो हेडमास्टर जिम्मेदार हैं, लेकिन बार-बार दफ्तर के चक्कर काटने के लिए विभागीय अधिकारियों ने भी कहीं न कहीं विवश किया है। यदि समय पर सभी ने काम किया होता, तो यह स्थिति निर्मित नहीं होती। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि अगर हेडमास्टर ने स्कूल के समय पर जनसुनवाई में जाकर गलती की, तो उनको निलंबित कर दिया गया। लेकिन उन अफसरों पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई जो स्कूल की बाउंड्री और शौचालय निर्माण की फाइल दो साल से दबा कर बैठे हैं।




महामहिम राज्यपाल ने राज्य स्तरीय मतदाता दिवस समारोह में नर्मदापुरम कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना को सम्मानित किया

नर्मदापुरम :  15वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मध्यप्रदेश भोपाल द्वारा कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर, भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय मतदाता दिवस समारोह में मध्‍यप्रदेश के राज्यपाल महामहिम श्री मंगू भाई पटेल ने नर्मदापुरम कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सुश्री सोनिया मीना, को लोकसभा निर्वाचन-2024 में IT initiative, स्वीप गतिविधियों और समग्र रूप से उत्कृष्ट कार्य के लिये के लिये विशेष श्रेणी का पुरस्कार प्रदान किया। महामहिम राज्यपाल श्री पटेल ने समग्र रूप से निर्वाचन में सराहनीय कार्य किये जाने पर कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना को सम्मानित किया।

उल्लेखनीय है कि लोकसभा निर्वाचन 2024 के दौरान कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी नर्मदापुरम सुश्री सोनिया मीना के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में निर्वाचन में संलग्न कर्मचारियों एवं मतदाताओं को सक्रिय रूप से सहभागी किये जाने के लिये अभिनव त्रि-स्तरीय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तथा इन्फॉर्मेशन टेक्नॉलॉजी (IT) आधारित योजना लागू की गई। इस योजना में तीन घटक सम्मिलित किये गये थे जिनमें –

नर्मदापुरम इलेक्शन क्विज एप:  इस एप के के माध्‍यम से मास्टर ट्रेनर द्वारा इंटरैक्टिव क्विज़ और व्हाट्सएप समूहों का उपयोग करके मतदान दलों को प्रशिक्षित किया गया जिसमें प्रशिक्षण सत्र की समाप्ति पर प्रशिक्षणार्थियों ने क्विज के माध्यम से मतदान प्रक्रिया संबंधित प्रश्नों का जवाब दिया जिनके आधार पर कठिन विषयों को चिन्हांकित कर इन विषयों के लिये पुर्नप्रशिक्षण की योजना तैयार की गई। मतदान कर्मियों के प्रशिक्षण में किये गये इस नवाचार के कारण संपूर्ण जिले में मतदान प्रक्रिया का सुगम संचालन संपन्न हुआ।

इटारसी का AI शुभंकर “इटरू” :  नर्मदापुरम के इटारसी में एक जेनरेटिव AI आधारित शुभंकर “इटरू” लॉच किया गया जो ईंट और रस्सी उत्पादन में इटारसी शहर के ऐतिहासिक महत्व का प्रतीक है। शुभंकर के डिजाइन को सामुदायिक प्रतिक्रिया के माध्यम से परिष्कृत किया गया और इटारसी नगर क्षेत्र में पारंपरिक रूप से कम मतदान को बढ़ाने के उपयोग किया गया। शुभंकर “इटरू” की लोकप्रियता लिए स्वीप अभियानों में एवं नागरिकों के मध्य इसकी स्वीकार्यता के कारण निर्वाचन उपरांत इसें शहर इटारसी का स्थायी शुभंकर घोषित किया गया।

ई-कॉन्टेक्ट मोबाईल एप :  इस एप को मतदाताओं को जीआईएस मानचित्र आधारित मतदान केंद्र की जानकारी और बीएलओ संपर्क नंबर प्रदान किये जाने के उद्देश्य से विकसित किया गया था तथा इसके माध्यम से चुनाव कर्मियों के लिए निर्बाध एकीकृत संचार पद्धति को सक्षम बनाया गया।

मतदाता दिवस के राज्य स्तरीय समारोह में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी नर्मदापुरम सुश्री सोनिया मीना के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में किये गये उक्त आईटी एवं स्वीप नवाचारों का विशेष उल्लेख किया गया।

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी नर्मदापुरम सुश्री सोनिया मीना ने उक्त पुरूस्कार ग्रहण करते हुये इसे संपूर्ण जिले के लिये गौरव का प्रतीक बताया एवं इस पुरूस्कार के लिये जिले के समस्त मतदाताओं, जिले के समस्त प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के साथियों, निर्वाचन प्रक्रिया में संलग्न अधिकारियों/कर्मचारियों, जिले के राजनैतिक दलों द्वारा लोकसभा निर्वाचन 2024 में दिये गये सहयोग के लिये आभार व्यक्त किया है।




MP LIQUOR BAN IN 17 CITIES : मुख्यमंत्री मोहन यादव की शराबबंदी की घोषणा के बाद 17 शहरों में शराब हो सकती है बैन, जानें कहां-कहां होगा असर

मध्य प्रदेश में शराबबंदी की घोषणा हो गई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 17 धार्मिक स्थलों/शहरों में शराबबंदी के आदेश दिए हैं। मोहन यादव सरकार का शराबबंदी की दिशा में ये बड़ा कदम बताया जा रहा है। बता दें कि शराबबंदी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती तत्कालीन सीएम शिवराज सरकार पर दबाव बनाती रही हैं। वहीं अब मोहन यादव सरकार ने कुछ हद तक इस मांग को पूरा कर दिया है। पूरे प्रदेश में न सही पर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर शराब बैन करने का फैसला ले लिया गया है। मोहन यादव की शराबबंदी की घोषणा के बाद उमा भारती की प्रतिक्रिया भी सामने आई है।

मोहन यादव ने गुरुवार को नरसिंहपुर में कहा, ” मध्य प्रदेश के अंदर जहां-जहां भगवान कृष्ण के चरण पड़े, जहां-जहां लीलाएं हुईं, एक-एक स्थान को हम अपने धार्मिक पर्यटन का केंद्र बनाएंगे। इसके साथ 17 धार्मिक नगरों में शराबबंदी होगी।”

समाज को बर्बाद कर रहा नशा : मोहन यादव

डॉ. मोहन यादव ने शराबबंदी की घोषणा करते हुए कहा, ” समाज में नशाखोरी की आदत बर्बादी का कारण बन रही है। शराब के चक्कर में घर के घर बराबद हो जाते हैं।यह बहुत बड़ा कष्ट है। हमने संकल्प लिया है कि हमारी सरकार के माध्यम से 17 अलग-अलग धार्मिक नगरियों में शराबबंदी की जाए।”

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शराबबंदी के फैसले को उमा भारती ने सराहा

मध्य प्रदेश में शराबबंदी के फैसले को पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने काफी सराहा है उन्होंने कहा, ” मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार का धार्मिक शहरों में पूरी शराबबंदी का निर्णय अत्यंत सराहनीय है। दो साल पहले हमारी सरकार द्वारा घोषित की गई शराब पर प्रतिबंध की नीति जनहित में और व्यावहारिक थी।हम पूर्ण शराबबंदी की दिशा में कदम बढ़ा रहे थे, और यह कदम उसी दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।”

मध्य प्रदेश में यहां हो सकती है शराबबंदी

चित्रकूट (धार्मिक नगरी, भगवान राम ने वनवास का समय यहां बिताया)

मैहर (मां शारदा का प्रसिद्ध मंदिर)

दतिया (पीतांबरा माता मंदिर)

सलकनपुर (प्रसिद्ध देवी मंदिर)

ओरछा (रामराजा सरकार का मंदिर)

ओंकारेश्वर ( ओंकारेश्वर ज्योर्तिलिंग)

उज्जैन (महाकालेश्वर मंदिर)

अमरकंटक (नर्मदा उद्गम स्थल)

मंडला (नर्मदा के प्रसिद्ध घाट)

महेश्वर (कई प्राचीन मंदिर)

मुलताई (ताप्ती उद्गम स्थल)

जबलपुर (प्राचीन नगरी, नर्मदा घाट के लिए प्रसिद्ध)

नलखेड़ा (मां बगुलामुखी मंदिर)

मंदसौर (भगवान पशुपतिनाथ मंदिर)

बरमान घाट और मंडेलश्वर (नर्मदा के प्रसिद्ध घाट)

पन्ना (जुगलकिशोर भगवान का प्राचीन मंदिर)

भोजपुर (महादेव का प्राचीन मंदिर)

आबकारी नीति में होगा बदलाव
गौरतलब है कि सीएम की शराबबंदी की घोषणा के बाद मध्य प्रदेश के आगामी बजट सत्र में इसका प्रस्ताव रखा जाएगा। जिन 17 धार्मिक शहरों में सरकार शराबबंदी करेगी, उनके लिए आबकारी नीति में संशोधन होगा। इसके बाद नए वित्तीय वर्ष यानी 1 अप्रैल से ये व्यवस्था लागू होगी।




MP News : गेहूं किसानों को मोहन सरकार की बड़ी सौगात, प्रति क्विंटल मिलेगा 125 रुपए का बोनस

मध्य प्रदेश में गेहूं की खेती बड़े पैमाने पर होती है। गेहूं की फसल कुछ दिनों में तैयार हो जाएगी। एमएसपी पर खरीद के लिए 20 जनवरी से इसकी शुरुआत हो गई है। किसान 31 मार्च तक पंजीयन करा सकते हैं। इसके बाद ही एमएसपी पर गेहूं बेच पाएंगे। इसके साथ ही मोहन सरकार ने किसानों के लिए एक और घोषणा कर दी है। किसानों को अब गेहूं बेचने पर सरकार प्रति क्विंटल के हिसाब से बोनस भी देगी।

किसान ऐप से करा सकेंगे पंजीयन

मध्यप्रदेश की मोहन सरकार किसानों की खुशहाली और समृद्धि के लिए लगातार काम कर रही है। समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए प्रदेश के पंजीयन कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। पंजीयन की अंतिम तिथि 31 मार्च 2025 तक है। किसान ऐप के माध्यम से घर बैठे पंजीयन कर सकेंगे।

फ्री में की गई है पंजीयन की व्यवस्था

पंजीयन के लिए ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केंद्रों पर फ्री पंजीयन की व्यवस्था की गई है। गेहूं उपार्जन के लिए समर्थन मूल्य 2425 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जो गत वर्ष की तुलना में 150 रुपए प्रति क्विंटल अधिक है।

125 रुपए प्रति क्विंटल बोनस की घोषणा

इसके साथ ही एमपी सरकार ने गेहूं किसानों के लिए बोनस की घोषणा कर दी है। एमएसपी दर के अलावा गेहूं की खरीद पर किसानों को प्रति क्विंटल 125 रुपए की राशि बोनस के रूप में दी जाएगी। इससे किसानों को बड़ा फायदा होगा। साथ ही उन्हें खेती के लिए प्रोत्साहन भी मिलेगा।




Bhopal News : कलेक्ट्रेट के बाहर गाड़ी में लगाई आग, क्या थी वजह?

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां सरकारी अर्जियां पूरी ना होने के चलते गुस्साए और थके हारे युवक ने कलेक्ट्रेट के बाहर खड़ी गाड़ी को आग के हवाले कर दिया। गुस्साए व्यक्ति ने परिसर में खड़े वाहन में पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। बताया गया कि शख्स ने अपने ऊपर भी पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह करने की कोशिश की थी।

बताया गया कि होतम सिंह नामक व्यक्ति काफी समय से सरकारी विभागों के चक्कर काट रहा था। लंबे समय से अर्जियों का कोई समाधान नहीं हुआ, तो उसने इतना बड़ा कदम उठाया। युवक ने पेट्रोल छिड़ककर गाड़ी को आग के हवाले कर दिया, लेकिन गनीमत रही कि आसपास मौजूद लोगों ने आग को काबू में कर लिया और संभावित हादसे को टाल दिया।

कलेक्ट्रेट में साप्ताहिक जनसुनवाई के बाद हुई इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ।जिला अधिकारी कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि होतम सिंह ने एक वाहन में आग लगा दी। उन्होंने कहा कि होतम सिंह ने दावा किया है कि उसका एक मामला एसडीएम अदालत में और दूसरा उच्च न्यायालय में लंबित है।

सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उसने (होतम सिंह) एक व्यक्ति से धमकी मिलने का भी आरोप लगाया है। हम होतम सिंह के दावे की पुष्टि करेंगे और देखेंगे कि उसकी मदद कैसे की जा सकती है। अगर कोई उसे धमकी दे रहा है तो हम कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे और यह भी देखेंगे कि मामले की कैसे तेजी से सुनवायी की जा सकती है।

जिला प्रशासन को सौंपे गए एक पत्र में होतम सिंह ने एक व्यक्ति पर अपनी पारिवारिक संपत्ति हड़पने का आरोप लगाया है। अधिकारियों ने जांच के आदेश दे दिए हैं।




सरकारी कर्मचारियों को देनी होगी अपनी समग्र आईडी की जानकारी

मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों से उनकी संपत्तियों के साथ एक और नई जानकारी मांगी गई है। कर्मचारियों से आधार कार्ड के बाद अब उनकी समग्र आईडी भी मांगी जा रही है। कर्मचारियों की सभी संपत्तियों और उनके ट्रेजरी एकाउंट से समग्र आईडी को जोड़ा जाएगा। इसके लिए सरकारी कर्मियों को फरवरी माह तक का समय दिया गया है। कर्मचारियों को फरवरी तक समग्र आईडी बनाकर उसे विभाग की वेबसाइट पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं आमलोगों को भी अब प्रॉपर्टी और वाहन खरीदते समय समग्र आईडी की जानकारी देनी होगी।

प्रॉपर्टी और वाहन खरीदते समय समग्र अनिवार्य

यदि आप कोई प्रॉपर्टी या वाहन खरीदने जा रहे हैं तो सिर्फ आधार कार्ड से काम नहीं चलेगा। लोगों को जल्द ही आधार कार्ड के साथ समग्र आईडी भी लेकर जाना होगा। राज्य सरकार ने सभी सरकारी कामकाज और दूसरी सरकारी योजनाओं में समग्र आईडी को अनिवार्य कर दिया है। इसलिए यदि आपने अब तक समग्र आईडी नहीं बनवाया है तो जल्द बनवा लें। क्योंकि सरकार से जुड़ी तमाम योजनाओं का लाभ लेने के लिए इसका होना जरूरी होने जा रहा है।

इसकी शुरुआत पंजीयन विभाग और परिवहन विभाग से की जा रही है। इसको लेकर निर्देश जारी कर दिए गए हैं। अभी कोई प्रॉपर्टी खरीदते वक्त सिर्फ आधार कार्ड नंबर देना होता है, जी को आधार कार्ड के अलावा समग्र आईडी से भी जोड़ा जाएगा। इसके अलावा नए वाहन खरीदने के बाद इसके पंजीयन के दौरान भी आधार कार्ड के अलावा समग्र आईडी नंबर भी इसमें डाला जाएगा। जल्द ही इसके लिए रजिस्ट्रेशन के ऑनलाइन आवेदन फॉर्म में बदलाव किया जाएगा।

सभी हितग्राहियों को समग्र से जोड़ा जाएगा

परिवहन और पंजीयन विभाग के अलावा सभी सरकारी कामकाज और सरकारी योजनाओं के लिए समग्र आईडी को अनिवार्य किए जाने की तैयारी की जा रही है। यानी सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए आधार की तरह समग्र आईडी को भी जरूरी किया जा रहा है। इसके लिए सभी नगरीय निकायों और पंचायत स्तर तक कैंप लगाकर समग्र आईडी बनाए जाएंगे। सबसे पहले इसकी शुरुआत स्कूलों से की गई थी। स्कूलों के बाद अब इसे बाकी योजनाओं से भी जोड़ा जा रहा है  अभी समग्र आईडी सभी नगरीय निकायों में नगर निगम वार्ड कार्यालय में बनाए जाने की व्यवस्था की गई है।




MP News : सिंगापुर की यात्रा के बाद स्कूल शिक्षा विभाग के अफसरों ने नई योजना बनाने पर शुरू किया मंथन

प्रदेश में शिक्षक अब एक स्कूल में चार साल से ज्यादा नहीं रह पाएंगे। उन्हें प्रमोशन भी वर्क परफॉर्मेंस के आधार पर दिया जाएगा। सिंगापुर की यात्रा से लौटने के बाद विभाग के आला अफसरों ने इस नई योजना पर मंथन शुरू कर दिया है। स्कूल शिक्षा विभाग के 120 अफसर और प्राचार्य सिंगापुर के दौरे पर हैं। कुल 68 अधिकारियों और प्राचार्यों का दल छह जनवरी को सिंगापुर गया था, जो वापस आ गया है। दूसरा दल 13 जनवरी को रवाना हुआ है। यह दल 19 जनवरी को वापस आएगा। दल के सभी सदस्यों को अपनी-अपनी समीक्षा रिपोर्ट पेश करना है।

पहले दल के 68 अधिकारियों और प्राचार्यों ने अपनी रिपोर्ट बनाना शुरू कर दी है। सभी समीक्षा रिपोर्ट मिलने के बाद उनकी एकजाई रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके साथ अफसर बैठक कर तय करेंगे कि सिंगापुर शिक्षा व्यवस्था की किन-किन बिंदुओं को एमपी के स्कूल शिक्षा विभाग में लागू किया जा सकता है।

सिंगापुर से ट्रेनिंग लेकर लौटे अफसरों ने बताया कि वहां शिक्षा में राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं है। सिंगापुर में शिक्षकों की एक अलग पॉलिसी है। उसी पालिसी के अनुसार काम होता है। शिक्षकों को वर्क परफर्मेंस के आधार पर प्रमोशन मिलता है। एक स्कूल में शिक्षक चार साल से ज्यादा पदस्थ नहीं रह सकते हैं। रोटेशन में दूसरे स्कूल में भेजा जाता है।




Bhopal News : एमपी में 400 कर्मचारियों की गई नौकरी , मचा हंगामा

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में हमीदिया अस्पताल में मैनेजमेंट ने एक साथ एक दो नहीं बल्कि 400 कर्मचारियों को छुट्टी कर दी  है। जिन कर्मचारियों को नौकरी से निकाला गया है उनमें वार्ड बॉय, लैब टेक्नीशियन और कंप्यूटर ऑपरेटर शामिल हैं। मैनेजमेंट की तरफ से इन कर्मचारियों को सेवा समाप्ति का जो लेटर दिया गया है उसमे 20 जनवरी को सेवा समाप्ति की बात लिखी है। वहीं नौकरी से निकाले जाने से कर्मचारी काफी नाराज हैं और उन्होंने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

हमीदिया अस्पताल प्रबंधन के द्वारा नौकरी से निकाले जाने को लेकर कर्मचारी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। गुरूवार को हड़ताल कर रहे कर्मचारियों ने जमकर नारेबाजी की। हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने बताया कि वार्ड बॉय और लैब टेक्नीशियन जैसे और भी कई ऐसे कर्मचारी हैं जो पिछले 10-12 साल से हमीदिया में अपनी सेवाएं दे रहे थे । अब अचानक हमें नौकरी से निकाल दिया गया है ऐसे में अब हम कहां जाएंगे और कैसे अपना परिवार चलाएंगे।

कर्मचारियों का ये भी कहना है कि सैलरी को लेकर आवाज उठाने की सजा उन्हें नौकरी से निकालकर दी जा रही है। उन्होंने बताया कि सैलरी नहीं मिलने से कर्जा लेकर घर चलाना पड़ रहा है। पिछले 2 महीने की सैलरी नहीं मिलने को लेकर हमीदिया अस्पताल के आउटसोर्स कर्मचारी हड़ताल कर रहे हैं।




Makar Sankranti Holiday : मकर संक्रांति पर छुट्टी, एमपी सरकार के ऐलान से खिले चेहरे, जानें डिटेल

Makar Sankranti Holiday : मध्‍य प्रदेश सरकार ने लोकल हॉलीडे का ऐलान करते हुए मकर संक्रांति पर छुट्टी की घोषणा कर दी है। सरकार के आदेश में कहा गया है कि 14 जनवरी मकर संक्रांति, 19 मार्च रंग पंचमी, 27 अगस्त गणेश चतुर्थी और 3 दिसंबर भोपाल गैस त्रासदी दिवस पर लोकल हॉलीडे रहेगा. आइए जानते हैं क्‍या है ये आदेश।

मध्य प्रदेश सरकार ने त्यौहारों को देखते हुए लोकल हॉलीडे का ऐलान कर दिया है। इसमें 14 जनवरी मकर संक्रांति, 19 मार्च रंग पंचमी, 27 अगस्त गणेश चतुर्थी और 3 दिसंबर भोपाल गैस त्रासदी दिवस मनाने के लिए लोकल हॉलीडे की घोषणा कर दी गई है। मध्य प्रदेश में चार त्योहार और दिवस के लिए सरकार ने लोकल हॉलीडे के लिए आदेश जारी किया है. प्रदेश में मकर संक्रोति पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। यहां तिल-गुड़ खाने और पतंग उड़ाने के साथ ही मंदिरों में खिचड़ी का प्रसाद चढ़ाने की परंपरा है। इस दिन मध्‍य प्रदेश में लोग नर्मदा नदी में स्‍नान करने और दान करते हैं।

इस बार मकर संक्राति का पुण्यकाल 14 जनवरी की सुबह 6.58 बजे से शुरू होकर 15 जनवरी की सुबह 6.58 बजे तक रहेगा। यह पर्व पूरे प्रदेश में हर्ष और उल्‍लास से मनाते हैं, लेकिन विदिशा, उज्‍जैन, जबलपुर, नर्मदापुरम, इंदौर और महेश्‍वर में इस पर नदी में स्‍नान का विशेष महत्‍व है। मध्‍य प्रदेश के अन्‍य शहरों में संक्राति पर्व आनंद से मनाया जाता है। मकर संक्रांति पर हॉलीडे के ऐलान के साथ भोपाल और इंदौर में लोगों के चेहरे खिल गए हैं। भोपाल में मकर संक्रांति पर मंत्रालय समेत अन्‍य सरकारी दफ्तरों में छुट्टी रहेगी।