“पहले दिन से कह रही हूं आयोग Compromised है”मीनाक्षी नटराजन

भोपाल। कांग्रेस नेता Meenakshi Natarajan ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि वह पहले दिन से यह कहती आ रही हैं कि चुनाव आयोग “Compromised” है और हालिया घटनाक्रम ने उनकी इस आशंका को और मजबूत कर दिया है।

मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि जिस मामले की सुनवाई हुई, उसका संबंध सीधे तौर पर मध्य प्रदेश सरकार से नहीं था, फिर भी अदालत में प्रदेश सरकार की ओर से वकील खड़े दिखाई दिए। उनके अनुसार यह स्थिति कई सवाल खड़े करती है और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर संदेह उत्पन्न करती है।

उन्होंने कहा, “हम राज्यों के खिलाफ लड़ाई नहीं लड़ रहे हैं, बल्कि चुनाव आयोग और रिटर्निंग ऑफिसर के Compromised होने की बात कर रहे हैं। अब वे जनता के सामने एक्सपोज हो चुके हैं।”

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना लोकतंत्र की मूल आवश्यकता है। यदि चुनाव आयोग और चुनाव से जुड़े अधिकारी पक्षपातपूर्ण तरीके से कार्य करते हुए दिखाई देते हैं, तो इससे मतदाताओं का विश्वास प्रभावित होता है।

हालांकि, चुनाव आयोग की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस प्रकार के आरोप चुनावी प्रक्रिया और लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को लेकर नई बहस को जन्म दे सकते हैं।

मामले को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।

(नोट: यह समाचार संबंधित नेता के सार्वजनिक बयान पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना शेष है तथा चुनाव आयोग की आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त होने पर समाचार को अद्यतन किया जा सकता है।)




Mpnews: भोपाल में एसटीएफ का बड़ा छापा, सूने मकान से मिला नशीले कफ सिरप का जखीरा

भोपाल। राजधानी भोपाल के गांधी नगर थाना क्षेत्र में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात बड़ी कार्रवाई करते हुए एक सूने मकान से भारी मात्रा में नशीले कफ सिरप का जखीरा बरामद किया है। देर रात हुई इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। एसटीएफ ने मकान को अपने कब्जे में लेकर बरामद सामग्री की गिनती और जब्ती की कार्रवाई पूरी कर ली है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार गांधी नगर क्षेत्र के ग्राम डोबरा स्थित डोबरा पटेल सिटी कॉलोनी के एक मकान में अवैध गतिविधियों की सूचना लंबे समय से मिल रही थी। मुखबिरों से मिली पुख्ता जानकारी के आधार पर एसटीएफ ने रात करीब 12 बजे मकान पर छापा मारा। यह कार्रवाई तड़के लगभग चार बजे तक चली।

दो कमरों में मिला नशीले सिरप का बड़ा भंडार

एसटीएफ की तलाशी के दौरान मकान के दो कमरों से बड़ी मात्रा में नशीले कफ सिरप के कार्टन और बोतलें बरामद की गईं। अधिकारियों ने मौके से सिरप के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि मकान का उपयोग नशीले पदार्थों के भंडारण और सप्लाई के लिए गोदाम के रूप में किया जा रहा था।
भोपाल को बनाया गया था सप्लाई हब
एसटीएफ अधिकारियों के अनुसार उन्हें कई दिनों से सूचना मिल रही थी कि डोबरा गांव के एक मकान में अवैध नशीले कफ सिरप का बड़ा भंडारण किया जा रहा है। देर रात यहां बड़े वाहनों की आवाजाही होती थी और लोडिंग-अनलोडिंग का काम किया जाता था।

सूचना की पुष्टि होने के बाद एसटीएफ ने पूरी गोपनीयता के साथ कार्रवाई को अंजाम दिया। अधिकारियों का मानना है कि यह मामला किसी बड़े नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है और भोपाल को नशीले सिरप की सप्लाई के लिए केंद्र के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था।

थाना पुलिस को नहीं लगी भनक

एसटीएफ ने पूरी कार्रवाई इतनी गोपनीय तरीके से की कि स्थानीय गांधी नगर थाना पुलिस को भी इसकी भनक नहीं लग सकी। कार्रवाई के दौरान एक व्यक्ति मौके पर पहुंचा, जिसे एसटीएफ ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।

पूछताछ में हिरासत में लिए गए व्यक्ति ने बताया कि मकान किसी “मालवीय” नामक व्यक्ति का है, लेकिन उसके पास मकान मालिक का संपर्क नंबर उपलब्ध नहीं है। एसटीएफ अब कॉलोनी के रहवासियों और अन्य स्रोतों के माध्यम से मकान मालिक की पहचान और उसके संबंधों की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।

सप्लाई चेन और मास्टरमाइंड की तलाश

एसटीएफ की जांच अब केवल बरामदगी तक सीमित नहीं है। एजेंसी पूरे नेटवर्क, सप्लाई चेन और इस कारोबार से जुड़े मास्टरमाइंड तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।
फिलहाल बरामद नशीले कफ सिरप की मात्रा, उसकी गुणवत्ता और नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच जारी है। रिपोर्ट आने के बाद एसटीएफ पूरे मामले का खुलासा कर सकती है।




Mp Weather Today:नौतपा में मौसम का दोहरा असर, दिन में लू का कहर, शाम को आंधी-बारिश से राहत

भोपाल। मध्यप्रदेश में नौतपा के बीच मौसम का अजीब रंग देखने को मिल रहा है। एक ओर तेज धूप और भीषण लू लोगों को झुलसा रही है, वहीं दूसरी ओर कई जिलों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि राहत पहुंचा रही है। गुरुवार को दमोह सहित कई जिलों में तेज बारिश के साथ ओले गिरे, जिससे तापमान में आंशिक गिरावट दर्ज की गई।

मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का यही मिला-जुला स्वरूप बना रहेगा। ग्वालियर सहित छह जिलों में दिन के समय भीषण लू चलने की संभावना है, जबकि शाम होते-होते मौसम करवट ले सकता है। विभाग ने ग्वालियर, मुरैना, श्योपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों के लिए हीटवेव का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

10 शहरों में तापमान 45 डिग्री के पार

नौतपा के चौथे दिन गुरुवार को प्रदेश के कई शहरों में गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़ दिए। खजुराहो प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 46.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजगढ़ में 46 डिग्री, दतिया में 45.7 डिग्री, नौगांव, दमोह और मलाजखंड में 45.5 डिग्री, टीकमगढ़ में 45.2 डिग्री तथा सतना में 45.1 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर में 44.7 डिग्री, जबलपुर में 44 डिग्री, भोपाल में 43.8 डिग्री, उज्जैन में 42.5 डिग्री और इंदौर में 41.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

30 मई से बदलेगा मौसम

मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि 30 मई से प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। अगले तीन दिनों तक कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

राहत की बात यह है कि 30 मई से 1 जून के बीच प्रदेश में कहीं भी हीटवेव का अलर्ट जारी नहीं किया गया है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

इन जिलों में जारी हुआ अलर्ट
ऑरेंज अलर्ट (हीटवेव):
ग्वालियर, मुरैना, श्योपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर।
यलो अलर्ट (लू):
भोपाल, विदिशा, रायसेन, सागर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, नरसिंहपुर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर, जबलपुर, दमोह, कटनी, पन्ना, सतना, मैहर, उमरिया, शहडोल, खरगोन, भिंड, दतिया, खंडवा और बुरहानपुर।

आंधी-बारिश की चेतावनी

छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली।
दोपहर में बरतें विशेष सावधानी
मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों को दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने तथा बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की अपील की गई है।

नौतपा के बीच प्रदेश में गर्मी और बारिश का यह अनोखा संगम आने वाले कुछ दिनों तक जारी रह सकता है, जिससे मौसम लगातार बदलता हुआ नजर आएगा।




Mp Weather Today:नौतपा में तप रहा मध्यप्रदेश, 16 शहरों में पारा 44 डिग्री पार; कई जिलों में लू और बारिश का अलर्ट

मध्यप्रदेश में नौतपा की शुरुआत भले ही आंधी और बूंदाबांदी के साथ हुई हो, लेकिन गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदेश के 16 शहरों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। मौसम विभाग ने 28 मई से अगले तीन दिनों तक कई जिलों में प्री-मानसून गतिविधियां तेज होने की संभावना जताई है। इस दौरान तेज आंधी, गरज-चमक और बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।

खजुराहो और नौगांव बने सबसे गर्म शहर

मंगलवार को खजुराहो प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 46.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं नौगांव में पारा 45.6 डिग्री तक पहुंच गया।

इसके अलावा दतिया में 45.2 डिग्री, दमोह, सतना और टीकमगढ़ में 45 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। रीवा में 44.8 डिग्री और राजगढ़ में 44.6 डिग्री तापमान ने लोगों को बेहाल कर दिया।

प्रदेश के कई अन्य शहरों जैसे ग्वालियर, श्योपुर, गुना, नरसिंहपुर, सागर, मंडला, मुरैना और रायसेन में भी तापमान 44 डिग्री के आसपास पहुंच गया।

बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर सबसे ज्यादा गर्म रहा, जहां तापमान 44.1 डिग्री दर्ज हुआ। भोपाल में 43.2 डिग्री, जबलपुर में 43.9 डिग्री, उज्जैन में 42 डिग्री और इंदौर में 41.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

नौतपा में मौसम बदलना नया नहीं
विशेषज्ञों के अनुसार नौतपा के दौरान बारिश या बूंदाबांदी होना कोई नई बात नहीं है। पिछले 14 वर्षों में 7 बार नौतपा के दौरान बारिश दर्ज की जा चुकी है, जबकि 2 बार हल्की बूंदाबांदी हुई थी। हालांकि वर्ष 2018 और 2019 में नौतपा के दौरान रिकॉर्डतोड़ गर्मी पड़ी थी और औसत तापमान 43 डिग्री से ऊपर पहुंच गया था।

कई जिलों में लू और तीव्र लू का अलर्ट
मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए लू और तीव्र लू का अलर्ट जारी किया है।
रेड अलर्ट: निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा।

ऑरेंज अलर्ट: ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, सागर, दमोह, जबलपुर, कटनी, सीधी, सिंगरौली, मंडला और बालाघाट समेत 19 जिले।

येलो अलर्ट: भोपाल, उज्जैन, विदिशा, रायसेन, सीहोर, देवास, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर सहित 22 जिले।

इधर इंदौर, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, हरदा और नर्मदापुरम में भी तेज गर्मी का असर बना हुआ है।

दोपहर में बाहर निकलने से बचने की सलाह

मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों को दोपहर 12 से 3 बजे के बीच विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। जरूरी काम होने पर ही बाहर निकलें, पर्याप्त पानी पीते रहें और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।




मध्यप्रदेश में जल संकट पर हाहाकार, 42 फीसदी शहरों में रोज नहीं मिल रहा पानी

भोपाल। मध्यप्रदेश में भीषण गर्मी के बीच जल संकट गहराता जा रहा है। प्रदेश के कई शहरों में लोगों को रोजाना पानी तक नसीब नहीं हो रहा। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की ताजा रिपोर्ट ने प्रदेश की जल व्यवस्था की पोल खोल दी है। रिपोर्ट के मुताबिक राज्य के 413 नगरीय निकायों में से 162 निकाय ऐसे हैं जहां प्रतिदिन जलप्रदाय नहीं हो पा रहा है। यानी प्रदेश के करीब 42 फीसदी शहर पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं।

स्थिति इतनी खराब है कि 8 नगरीय निकायों में दो दिन छोड़कर पानी सप्लाई किया जा रहा है, जबकि जबलपुर संभाग के दो निकायों में तीन दिन में एक बार पानी पहुंच रहा है। लगातार बढ़ती गर्मी, घटते जलस्तर और कमजोर जल प्रबंधन ने हालात को और चिंताजनक बना दिया है।

जबलपुर संभाग में सबसे ज्यादा चिंता

रिपोर्ट के अनुसार जबलपुर संभाग के कुल 56 नगरीय निकायों में से केवल 46 निकायों में ही प्रतिदिन पानी की सप्लाई हो रही है। बाकी शहरों में लोगों को एक दिन छोड़कर या उससे भी ज्यादा अंतराल में पानी मिल रहा है। कई इलाकों में नागरिकों को पानी भरने के लिए रातभर जागना पड़ रहा है।
इंदौर संभाग की स्थिति भी गंभीर
प्रदेश की आर्थिक राजधानी माने जाने वाले इंदौर संभाग में भी जल संकट गहराता दिखाई दे रहा है। यहां 55 नगरीय निकायों में से 42 निकायों में एक दिन छोड़कर पानी सप्लाई की जा रही है। यानी करीब 76 फीसदी शहर नियमित जलप्रदाय से वंचित हैं। टैंकरों पर बढ़ती निर्भरता और सूखते जल स्रोत प्रशासन की चिंता बढ़ा रहे हैं।

उज्जैन संभाग में भी बिगड़े हालात

उज्जैन संभाग में भी हालात बेहतर नहीं हैं। यहां 67 में से 43 नगरीय निकायों में एक दिन छोड़कर जलप्रदाय किया जा रहा है। करीब 64 फीसदी शहर जल संकट से प्रभावित बताए गए हैं। कई क्षेत्रों में पेयजल को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

भोपाल संभाग में बढ़ा दबाव

राजधानी भोपाल संभाग भी जल संकट की मार से अछूता नहीं है। संभाग के 43 नगरीय निकायों में से 17 में एक दिन छोड़कर पानी दिया जा रहा है। वहीं जावर-MPUDC और मंडीदीप में दो दिन छोड़कर जलप्रदाय हो रहा है। गर्मी बढ़ने के साथ जल स्रोतों पर दबाव लगातार बढ़ रहा है, जिससे आने वाले दिनों में संकट और गहराने की आशंका जताई जा रही है।

सरकार पर उठे सवाल

प्रदेश में बिगड़ती जल व्यवस्था को लेकर अब सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। विपक्ष का आरोप है कि मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन विभाग जल संकट को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहे। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद शहरों में नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित नहीं हो पा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जल संरक्षण, वर्षा जल संग्रहण और नई पेयजल योजनाओं पर तेजी से काम नहीं किया गया तो आने वाले वर्षों में स्थिति और भयावह हो सकती है। फिलहाल प्रदेश के लाखों लोग भीषण गर्मी में पानी की बूंद-बूंद के लिए परेशान हैं।




माखननगर के राहुल शर्मा को ‘जर्नलिस्ट ऑफ द ईयर’ का राष्ट्रीय सम्मान
दैनिक भास्कर के सर्वोच्च अवॉर्ड से नवाजे गए, नर्मदापुरम जिले में खुशी की लहर

भोपाल/नर्मदापुरम। नर्मदापुरम जिले के माखननगर के लिए यह एक गौरवपूर्ण क्षण है। यहां के निवासी और दैनिक भास्कर भोपाल में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर कार्यरत राहुल शर्मा को इस वर्ष ‘भास्कर जर्नलिस्ट ऑफ द ईयर’ के राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित सम्मान से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार देशभर से आई सैकड़ों प्रविष्टियों में से चयन के बाद दिया जाता है और इसे जमीनी एवं प्रभावशाली पत्रकारिता की बड़ी पहचान माना जाता है।

छोटे शहर से राष्ट्रीय पहचान तक का सफर

राहुल शर्मा मूल रूप से माखननगर के निवासी हैं। सीमित संसाधनों वाले छोटे शहर से निकलकर उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत स्थानीय स्तर की पत्रकारिता से की और आज देश के प्रमुख मीडिया संस्थान में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। विशेष रूप से इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म में उन्होंने अपनी मजबूत पकड़ बनाई है।

जमीनी रिपोर्टिंग बनी पहचान

वर्तमान में दैनिक भास्कर भोपाल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत राहुल शर्मा लंबे समय से जमीनी रिपोर्टिंग और खोजी पत्रकारिता से जुड़े हुए हैं। उनकी रिपोर्ट्स में स्थानीय मुद्दों को गहराई से उठाकर उन्हें राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने की क्षमता साफ दिखाई देती है। यही कारण है कि उनकी पत्रकारिता को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।

जिले के लिए गौरव का क्षण

राहुल शर्मा को मिला यह सम्मान केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे माखननगर और नर्मदापुरम जिले के लिए गर्व का विषय है। उनके इस सम्मान से क्षेत्र के युवाओं को भी प्रेरणा मिलेगी कि मेहनत और लगन से किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है।




Mp News: बिजली उपभोक्ताओं पर महंगाई का करंट, अप्रैल बिल में 5.36% अतिरिक्त सरचार्ज लागू

भोपाल। प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। मध्य प्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड ने अप्रैल माह के बिजली बिल में फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (FPPAS) 5.36 प्रतिशत लागू कर दिया है। यह अतिरिक्त शुल्क ऊर्जा शुल्क के साथ जोड़कर उपभोक्ताओं से वसूला जाएगा।

कंपनी द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह सरचार्ज 24 अप्रैल 2026 से 24 मई 2026 तक एक महीने की अवधि के लिए प्रभावी रहेगा। इससे पहले ही बिजली दरों में 4.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जा चुकी है, जिससे उपभोक्ताओं पर दोहरी मार पड़ रही है।

कैसे तय हुई 5.36% दर?

MPPMCL के अनुसार अप्रैल 2026 के लिए FPPAS की गणना 5.40 प्रतिशत आई थी। मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के नियमों के तहत यदि यह दर 5 प्रतिशत से अधिक होती है, तो पहले 5 प्रतिशत लागू किया जाता है और शेष राशि का 90 प्रतिशत जोड़कर अंतिम दर निर्धारित की जाती है। इसी प्रक्रिया के आधार पर 5.36 प्रतिशत सरचार्ज तय किया गया है।

सभी कंपनियों को लागू करने के निर्देश
आदेश के तहत पूर्व, मध्य और पश्चिम क्षेत्र की सभी बिजली वितरण कंपनियों को निर्देशित किया गया है कि वे इस सरचार्ज को उपभोक्ताओं के बिल में शामिल करें और इसकी जानकारी अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर भी सार्वजनिक करें।

उपभोक्ताओं पर बढ़ेगा आर्थिक बोझ
इस फैसले से घरेलू और व्यावसायिक दोनों वर्गों के उपभोक्ताओं के बिजली बिल में बढ़ोतरी होगी। पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे लोगों के लिए यह अतिरिक्त शुल्क आर्थिक दबाव को और बढ़ाने वाला साबित हो सकता है।

हर महीने बदल सकती हैं दरें
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि FPPAS की दर हर महीने फ्यूल और पावर खरीद की लागत के आधार पर तय की जाती है। ऐसे में आने वाले महीनों में यह दर घट या बढ़ सकती है, जिससे उपभोक्ताओं के बिल पर सीधा असर पड़ेगा।




राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने स्व-गणना प्रक्रिया में लिया हिस्सा, पोर्टल पर की ऑनलाइन प्रविष्टि

भोपाल। मंगुभाई पटेल ने गुरुवार को लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान देश की 16वीं जनगणना के तहत स्व-गणना (Self Enumeration) प्रक्रिया में भाग लिया। उन्होंने स्व-गणना पोर्टल पर स्वयं ऑनलाइन जानकारी दर्ज कर नागरिकों को इस नई पहल से जुड़ने का संदेश दिया।

कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने राज्यपाल को जानकारी दी कि प्रदेश में जनगणना का कार्य दो चरणों में संपादित किया जाएगा। पहले चरण में 1 मई से 30 मई 2026 तक मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य किया जाएगा, जबकि दूसरे चरण में फरवरी 2027 में जनसंख्या गणना की जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार, इस महत्त्वपूर्ण कार्य में प्रदेशभर के लगभग 1 लाख 60 हजार कर्मचारी लगाए गए हैं। केंद्र सरकार द्वारा पहली बार नागरिकों को स्व-गणना के माध्यम से सीधे भागीदारी का अवसर दिया गया है, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और आंकड़ों में त्रुटियों की संभावना कम होगी।

राज्यपाल श्री पटेल ने इस पहल को जनभागीदारी को सशक्त बनाने वाला कदम बताते हुए नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में स्व-गणना प्रक्रिया से जुड़ने की अपील की।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन, राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, कलेक्टर भोपाल प्रियंक मिश्रा सहित जनगणना संचालनालय मध्यप्रदेश के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।




मंडला से नर्मदापुरम पहुंचे सोमेश मिश्रा, संभाग की कमान संभालेंगे श्रीकांत बनोठ — बड़े प्रशासनिक फेरबदल से हलचल

प्रदेश सरकार ने एक अहम प्रशासनिक निर्णय लेते हुए आईएएस अधिकारी सोमेश मिश्रा का मंडला से नर्मदापुरम कलेक्टर के पद पर स्थानांतरण कर दिया है। इसी के साथ वरिष्ठ आईएएस अधिकारी श्रीकांत बनोठ को नर्मदापुरम संभाग का नया कमिश्नर नियुक्त किया गया है। इस बड़े बदलाव के बाद नर्मदापुरम जिले और संभाग में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है।

मंडला में सक्रिय कार्यकाल के बाद नई जिम्मेदारी

सोमेश मिश्रा ने मंडला में अपने कार्यकाल के दौरान प्रशासनिक कसावट, योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और राजस्व मामलों के त्वरित निराकरण को लेकर पहचान बनाई। अब नर्मदापुरम जैसे महत्वपूर्ण जिले की जिम्मेदारी मिलने के बाद उनसे विकास कार्यों में गति और प्रशासनिक सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

संभागीय स्तर पर मजबूत नेतृत्व

वहीं श्रीकांत बनोठ को नर्मदापुरम संभाग का कमिश्नर बनाए जाने से प्रशासनिक समन्वय और निगरानी व्यवस्था को मजबूती मिलने की संभावना है। बनोठ अपने अनुभव और संतुलित कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं, जिससे संभाग के विभिन्न जिलों में चल रही योजनाओं की मॉनिटरिंग और बेहतर हो सकती है।

विकास और कानून व्यवस्था पर रहेगा फोकस

इस फेरबदल को प्रदेश सरकार की उस रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें जिलों और संभागों में अनुभवी अधिकारियों की तैनाती कर विकास कार्यों को तेज करने और कानून व्यवस्था को और मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। नर्मदापुरम में भी अब प्रशासनिक प्राथमिकताओं में बदलाव देखने को मिल सकता है।

राजनीतिक और प्रशासनिक संदेश

विशेषज्ञ मानते हैं कि यह बदलाव केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। सरकार आगामी योजनाओं और कार्यक्रमों को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए जमीनी स्तर पर मजबूत नेतृत्व स्थापित करना चाहती है।

जनता की उम्मीदें बढ़ीं

नए कलेक्टर और कमिश्नर की नियुक्ति के बाद जिले की जनता को अब तेज प्रशासन, बेहतर जनसुनवाई और विकास कार्यों में तेजी की उम्मीद है।
फिलहाल सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि नए अधिकारी अपने कार्यभार ग्रहण करने के बाद किस तरह की प्राथमिकताएं तय करते हैं और जिले को किस दिशा में आगे बढ़ाते हैं।




Bhopal:भोपाल में कॉलेज छात्रों के बीच फायरिंग: शराब पार्टी के बाद विवाद, दो घायल

राजधानी भोपाल के कटारा हिल्स थाना क्षेत्र स्थित सेज सनसिटी फेस-1 में रविवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब कॉलेज के छात्रों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि गोलीबारी तक पहुंच गया। घटना में दो छात्र घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

शराब पार्टी के बाद हुआ विवाद

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, सेज ग्रुप के कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र आपस में बैठे थे और शराब पी रहे थे। इसी दौरान पुराने विवाद को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि दूसरे पक्ष के छात्र मौके पर पहुंच गए और झगड़ा हिंसक हो गया।

नशे में धुत आरोपियों ने चलाई गोली

बताया जा रहा है कि एलएनसीटी कॉलेज के छात्र सुधांशु सिंह अपने दो साथियों के साथ मौके पर पहुंचा और वासु गुप्ता व अंशु तेज पाटिल से विवाद करने लगा। सभी आरोपी नशे में धुत थे।
विवाद के दौरान आरोपियों ने अचानक फायरिंग कर दी, जिसमें वासु गुप्ता के बाएं कंधे और अंशु तेज पाटिल के पेट में गोली लग गई।

एम्स में भर्ती, हालत खतरे से बाहर

घायल छात्रों को तुरंत एम्स भोपाल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने दोनों की हालत खतरे से बाहर बताई है।
घटना के समय हेमंत शर्मा भी मौके पर मौजूद था, जिसने कटारा हिल्स थाने में एफआईआर के लिए आवेदन दिया है।

कॉलेज प्रबंधन पर उठे सवाल

सूत्रों के अनुसार, घटना के बाद कॉलेज प्रबंधन ने बदनामी के डर से पूरे मामले को दबाने की कोशिश की और दिनभर दोनों पक्षों में समझौता कराने का प्रयास करता रहा। हालांकि, मामला पुलिस तक पहुंचने के बाद जांच शुरू कर दी गई है।

कटारा हिल्स थाना पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

राजधानी में इस तरह की घटनाएं यह संकेत देती हैं कि युवाओं में बढ़ती हिंसक प्रवृत्ति और नशे की लत समाज के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। सवाल यह है कि आखिर शिक्षा के मंदिरों में पढ़ने वाले छात्र कब तक इस तरह की वारदातों में शामिल होते रहेंगे?