भिंड में दर्दनाक सड़क हादसा: बस ने बाइक को 5 किमी तक घसीटा, 3 युवकों की मौत, एक गंभीर

भिंड। भिंड जिला के उमरी इलाके में राष्ट्रीय राजमार्ग-552 पर रविवार दोपहर एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। तेज रफ्तार बस ने मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी, जिसमें तीन युवकों की मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल है।

टक्कर के बाद भी नहीं रुकी बस

पुलिस के अनुसार हादसा दोपहर करीब 1:30 बजे किशोर सिंह के पुरा गांव के पास हुआ। चार युवक एक ही मोटरसाइकिल पर सवार थे, तभी सामने से आ रही तेज रफ्तार बस ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई।

हैरानी की बात यह रही कि हादसे के बाद भी बस चालक ने वाहन नहीं रोका। मोटरसाइकिल बस के चेसिस में फंस गई थी, फिर भी चालक उसे करीब 5 किलोमीटर तक घसीटता हुआ ले गया।

चश्मदीदों ने किया पीछा, फिर भी नहीं रुका ड्राइवर

पीछे चल रही एक कार में मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने बस का पीछा किया और लगातार हॉर्न बजाकर ड्राइवर को रोकने की कोशिश की, लेकिन वह रफ्तार बढ़ाता रहा। अंततः उमरी कस्बे के पास बस रोकी गई, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

घटना से बस में सवार यात्रियों में भी दहशत फैल गई। लोग घबराकर बस से उतरने लगे, जिसका फायदा उठाकर चालक मौके से फरार हो गया।

इलाज के दौरान तीसरे युवक की मौत

घायलों को पहले नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया। इलाज के दौरान एक और युवक ने दम तोड़ दिया, जिससे मृतकों की संख्या तीन हो गई। चौथा युवक गंभीर हालत में भर्ती है।

एम्बुलेंस की कमी ने बढ़ाई परेशानी

इस हादसे ने आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था की पोल भी खोल दी। जानकारी के अनुसार, एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं होने के कारण घायल युवक को करीब एक घंटे तक दर्द में तड़पते हुए इंतजार करना पड़ा। समय पर इलाज न मिलने से स्थिति और गंभीर हो गई।

बस जब्त, आरोपी चालक फरार

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और बस को जब्त कर लिया गया है। फिलहाल मृतकों और घायल की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं, क्योंकि घटनास्थल से कोई पहचान पत्र नहीं मिला।
पुलिस ने फरार बस चालक की तलाश तेज कर दी है।

लापरवाही बनी हादसे की वजह

प्राथमिक जांच में सामने आया है कि बस चालक की तेज रफ्तार और लापरवाही इस हादसे का मुख्य कारण रही। इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।




Bhind News : भिंड तहसीलदार ने पूरे भिंड को मृत घोषित किया

मध्यप्रदेश जिला अक्सर ही अजीबो गरीब कारनामों या घटनाओं को लेकर अक्सर चर्चा में बना रहा है। ऐसा ही इस बार भिंड तहसीलदार द्वारा किए जाने वाला मामला फिर एक बार सामने आया है। जहां भिंड का ही मृत्यु पंजीयन आदेश जारी कर दिया गया है, जो कि अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।

गौरतलब है कि भिंड तहसीलदार कार्यालय में शहर के चतुर्वेदी नगर कॉलोनी के रहने वाले गोविंद के पिता रामहेत का निधन 8 नवंबर 2018 को हो गया था। किन्हीं कारणों से अप्रैल में उनका मृत्यु प्रमाण पत्र की जरूरत पड़ी तो परिवार ने डेथ सर्टिफिकेट के लिए तहसील कार्यालय में आवेदन किया। पांच मई 2025 को भिंड तहसीलदार कार्यालय से मृत्यु पंजीयन आदेश जारी हुआ और जब वह आवेदक तक पहुंचा तो हर कोई उसे देख कर चौंक गया, क्योंकि भिंड तहसीलदार के हस्ताक्षर से जारी हुआ डेथ सर्टिफिकेट भिंड का था, ना कि आवेदनकर्ता का। इसके बाद तुरंत की तहसीलदार मोहनलाल शर्मा ने लोक सेवा संचालक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।

मामला सामने आते ही बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विनीत मिश्रा ने कहा कि तहसील कार्यालय में इस तरह का लापरवाही भरा काम होना बेहद गंभीर है। तहसीलदार को पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है। शासन को उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। सचिव हिमांशु शर्मा ने कहा कि यदि तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो बार एसोसिएशन अर्थी यात्रा निकालेगा। उन्होंने कहा कि तहसील कार्यालय भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है। बिना लेन-देन कोई प्रमाण पत्र जारी नहीं होता।

घटनाक्रम सामने आते ही जिला जनसंपर्क कार्यालय से आदेश जारी किया गया। इसमें लिखा गया कि तहसीलदार मोहनलाल शर्मा को कार्यालय अधीक्षक भू अभिलेख भिंड में कार्य करने के लिए आदेशित किया गया है। भिंड अपर कलेक्टर एलके पांडेय द्वारा कार्य सुविधा की दृष्टि से मोहनलाल शर्मा सहायक अधीक्षक भू अभिलेख एवं प्रभारी तहसीलदार तहसील भिंड शहर को कार्यालय अधीक्षक भू अभिलेख भिंड में कार्य करने के लिए आदेशित किया गया है। शर्मा के वृतों का प्रभार देवेन्द्र सिंह नायब तहसीलदार वृत पीपरी को सौंपा गया है।




Bhind News : भिंड में एक लड़की पर किया हमला, लगातार चलाई गोलियां, गोली लड़की के पेट में लगी

भिंड जिले के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में एक युवती पर जानलेवा हमला किया गया। घटना उस समय हुई जब युवती आरती भीमसेन वास, निवासी राज होली नाले के किनारे, अपने घर में अकेली थी। हमलावरों ने घर के बाहर गेट पर दो गोलियां चलाईं, जिसमें से एक गोली दरवाजे पर लगी, जबकि दूसरी गोली आरती के पेट में जा लगी। परिजन तुरंत घायल युवती को अस्पताल ले गए, जहां उसका इलाज चल रहा है।

आरती के पिता नगर पालिका में कर्मचारी हैं। घटना के समय परिवार के अन्य सदस्य एक बर्थडे पार्टी में गए हुए थे। युवती घर में टीवी देख रही थी, तभी आरोपी मोनू यादव अपने तीन साथियों के साथ वहां पहुंचा और गेट पर फायरिंग कर दी। पहली गोली दरवाजे में लगी, जबकि दूसरी गोली सीधे युवती के पेट में जा धंसी।

स्थानीय लोगों के अनुसार, सभी आरोपी पास के बाजू मोहल्ले के रहने वाले हैं। गोलीबारी के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग घर के पास पहुंचे और परिजनों ने पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। हमले का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है, लेकिन युवती ने पुलिस को बताया कि हमलावरों में गोलू यादव नामक युवक शामिल था। पुलिस आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है और युवती के परिवार व स्थानीय लोगों से पूछताछ कर रही है। घटना के बाद इलाके में डर और दहशत का माहौल है। टीआई बृजेंद्र सिंह सेंगर ने बताया कि युवती पर गोली चलाने वाले युवकों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।




Mp News : भिंड कलेक्टर अवमानना के दोषी, सजा की तैयारी में हाई कोर्ट, ग्वालियर कलेक्टर पर भी संकट

MP High Court: हाई कोर्ट के आदेश का पालन नहीं करना दो कलेक्टरों को भारी पड़ सकता है। एकल पीठ ने भिंड कलेक्टर (Bhind Collector) संजीव श्रीवास्तव को अवमानना के लिए दोषी मान लिया है और उन्हें दंड पर सुनवार्ई के लिए 11 मार्च को तलब किया है। जबकि ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान (Gwalior Collector) को 7 मार्च को सुबह 10:30 बजे कोर्ट के सामने उपस्थित होना होगा।

दरअसल हाई कोर्ट (MP High Court) में लोक निर्माण विभाग (PWD), पीएचई (PHE) में नियमित किए गए कर्मचारियों के वेतन के भुगतान के लिए आरआरसी जारी है। हाईकोर्ट ने कर्मचारियों का वेतन भुगतान करने का आदेश दिया, लेकिन विभाग ने कोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया। कर्मचारियों ने अवमानना याचिका दायर की। अवमानना याचिका लंबे समय से लंबित थी। जस्टिस जीएस अहलूवालिया की बैंच में अवमानना की सुनवाई की जा रही है।

कोर्ट के आदेश के पालन में उन्होंने क्या कार्रवार्ई की, वह भी नहीं बता पा रहे हैं। इसके चलते भिंड कलेक्टर की लगातार पेशी हो रही है। भिंड कलेक्टर ने कोर्ट के साथ धोखाधड़ी की कोशिश भी की। भिंड में पीडब्ल्यूडी की संपत्ति नहीं होने का दावा कलेक्टर ने किया। इस कारण कोर्ट ने उनकी कार्य प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए।

17 लाख का बकाया, ग्वालियर कलेक्टर देना होगा जवाब
रामकुमार गुप्ता को ग्वालियर के पीडब्ल्यूडी में नियमित किया गया। इनके वेतन का एरियर्स 17 लाख रुपए है, बकाए की वसूली के लिए आरआरसी जारी है, लेकिन आरआरसी का पालन नहीं किया गया। 2018 से अवमानना याचिका लंबित है। ग्वालियर कलेक्टर ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की, जिसको लेकर गुरुवार को हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई। कोर्ट ने ग्वालियर कलेक्टर को 7 मार्च सुबह 10:30 बजे तलब कर लिया है।

भुगतान के लिए क्या प्रयास किए, नहीं बता पाए भिंड कलेक्टर
सुभाष सिंह भदौरिया ने अपने वेतन का बकाया लेने के लिए हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की है। बकाया राशि के लिए आरआरसी जारी हो चुकी है। बावजूद इसके पैसा नहीं दिया गया। कोर्ट ने कहा कि भिंड कलेक्टर ने पहले भी न्यायालय को गुमराह करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि भिंड में पीडब्ल्यूडी की कोर्ई संपत्ति नहीं है। जब कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया अपनी गलती का अहसास हुआ।

कलेक्टर के जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ कोर्ट, अब मिलेगी सजा
न्यायालय में उपस्थित होने के बाद कलेक्टर को अहसास हुआ कि वह धोखाधड़ी कर रहे हैं। फिर भिंड में पीडब्ल्यूडी की संपत्तियां बताई गई। पीडब्ल्यूडी भिंड के ऊपर 3 करोड़ 50 लाख रुपए की आरआरसी जारी है। कोर्ट ने भिंड कलेक्टर से आरआरसी के भुगतान के लिए क्या प्रयास किए। इसकी जानकारी मांगी थी। गुरुवार को कलेक्टर का जवाब कोर्ट को संतुष्ट नहीं कर पाया। इसके चलते उन्हें अवमानना के लिए दोषी मान लिया। दंड पर सुनवाई के लिए तलब किया है।