Ujjain News : कमेड़ गांव के पास बस दुर्घटना में 12 से अधिक घायल

रोजाना की तरह यात्रियों को लेकर जोधपुर से इंदौर जा रही अशोक ट्रेवल्स की बस गुरुवार सुबह नागदा बाईपास रोड ग्राम कमेड के पास अचानक पर संतुलित होकर पलट गई। हादसे के बद गांव के लोगों ने सूचना पुलिस तक पहुंचाई। ग्रामीणों और राहगीरों ने तुरंत ही घायलों को बस से निकाला। घायलों को समय रहते ही एंबुलेंस के माध्यम से चरक अस्पताल पहुंचाया गया।

सीएसपी सुमित अग्रवाल ने बताया कि गुरुवार सुबह 9.30 बजे जोधपुर से यात्रियों को लेकर इंदौर जा रही अशोक ट्रेवल्स की यात्री बस क्रमांक एमपी 14 पी ए 0455 उज्जैन के भैरवगढ़ बाईपास पर अनियंत्रित होकर पलटी खा गई। हादसे के समय बस में करीब 35 यात्री सवार थे। इस घटना में लगभग 12 यात्रियों को चोंट आई हैं। घायलों का उपचार चरक चिकित्सालय में किया जा रहा है। सीएसपी सुमित अग्रवाल ने बताया कि बस के ओवर लोडिंग की जांच भी की जाएगी। लापरवाही सामने आने पर उचित कार्रवाई होगी। बताया जाता है कि बाइक सवार के अचानक सामने आने पर उसे बचाने के चलते वाहन अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हुआ है।

सुमित अग्रवाल, सीएसपी

ग्रामीण और राहगीरों ने मदद कर घायलों को भेजा अस्पताल

बताया जाता है कि इस घटना की जानकारी लगते ही भैरवगढ़ थाना पुलिस तुरंत घटना स्थल पर तक पहुंच गई थी, लेकिन इसके पहले ही ग्रामवासियों और राहगीरों ने घायलों को बस से बाहर निकाल लिया था। यही कारण था कि घायलों को तुरंत उपचार के लिए एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाया जा सका।




Mandsaur News : अधिकारियों को बिना मुंडेर के कुएँ मिले, दुर्घटना के बाद वे कुएँ की मरम्मत के लिए दिए गए निर्देश

रविवार को नारायणगढ़ क्षेत्र में बिना मुंडेर के कुएं में गिरने से हुए हादसे में एक दर्जन मौतें हो गईं। बिना मुंडेर के कुओं को लेकर औपचारिकता का खेल अब तक कई जिंदगियां निगल चुका है। बिना मुंडेर के कुएं में एक दर्जन से ज्यादा हादसे कुछ ही सालों में हुए है। इसमें कई बड़े हादसे शामिल हैं। हर बार हादसों के बाद प्रशासन औपचारिकता निभाते हुए निर्देश जारी करता है। कुछ दिनों बाद मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।

कलेक्टर अदिती गर्ग से पहले पदस्थ कलेक्टर दिलीप कुमार ने भी हादसों के बाद सख्ती दिखाई। कई जगहों पर कुआं मालिकों पर एफआईआर हुई। कार्रवाई तो इस मामले में जरूर हुई, लेकिन बाद में प्रशासनिक अधिकारियों ने पलटकर नहीं देखा कि मुंडेर बनी या नहीं। इधर हर बार की तरह प्रशासन थोड़ा बहुत हरकत में आया। जिस कुएं पर हादसा हुआ था उसकी मरम्मत की तैयारी शुरू कर दी गई। मुंडेर बनवाने के लिए सामान सुबह यहां पहुंच गया। इसके अलावा अनुविभागीय अधिकारी रवींद्र परमार के साथ प्रशासनिक अमला क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने के लिए निकल पड़ा। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई।

कार्रवाई हुई लेकिन मुंडेर नहीं बनी

पूर्व कलेक्टर शशांक मिश्र ने अभियान चलाकर 75 बिना मुंडेर के कुएं चिन्हित किए थे। इसके बाद पूर्व कलेक्टर कलेक्टर संजीवसिंह ने भी इस दिशा में कदम उठाए और एसडीएम को कार्रवाई के निर्देश दिए। एक हादसे के बाद पूर्व कलेक्टर मनोज पुष्प ने भी कार्रवाई के लिए निर्देशित किया, लेकिन अधिकारियों ने निर्देशों को गंभीरता से नहीं लिया। दस माह पहले कलेक्टर दिलीप कुमार यादव की सख्ती का असर दिखा। थानों में एक दर्जन से ज्यादा कुआं मालिकों के खिलाफ धारा 188 के तहत एफआईआर भी हुई। लेकिन एफआईआर कराने के बाद अधिकारियों ने पिछे मुड़कर नहीं देखा कि कुओं की मुंडेर बनी है या नहीं।

आंकड़ों में 94, हकीकत में 400, अब कितने पता नहीं

जिले में बिना मुंडेर वाले कुओं से होने वाली दुर्घटनाएं रोकने के लिए प्रशासन कितना गंभीर है, यह इसी से पता चलता है कि कुछ साल पहले सर्वे में जिले में कई खतरनाक कुओं को चिन्हित करने के बाद भी कुछ नहीं हो सका है। खेतों की ओर जाती पगडंडियों, राजमार्गों सहित जिले के कई मार्गों के आसपास बिना मुंडेर के कुओं की वजह से कई लोगों की मौत हो चुकी है। 16 नवंबर 2016 को ग्राम देवरी में बिना मुंडेर के कुएं में कार गिरने से तीन लोगों की जान गई तो अधिकारी हरकत में आए और सर्वे कराया। सर्वे के दौरान 94 बिना मुंडेर वाले कुएं चिन्हित किए गए। हालांकि यह संख्या हकीकत में चार सौ से अधिक है। अब कलेक्टर दिलीप कुमार यादव के निर्देशों के बाद एफआईआर तो हुई, लेकिन यह आंकड़ा किसी के पास नहीं है कि बिना मुंडेर के कुएं अब कितने बचे हैं?

अतिक्रमण हटाने जेसीबी लेकर पहुंचे अधिकारी

अतिक्रमण हटाने जेसीबी लेकर पहुंचे अधिकारी




Shahdol News : शादी के बाद दुल्हन के लिए गिफ्ट लेने गए दूल्हे की हादसे में मौत

जिले के ब्यौहारी थाना क्षेत्र में एक हृदय विदारक घटना में दूल्हा समेत दो युवकों की मौत हो गईं। शादी के अगले ही दिन दूल्हे की मौत से मातम पसर गया। शादी के बाद दूल्हा अपनी पत्नी के लिए तोहफा लेने बाइक से गया था। ये बाइक उसको शादी में ही मिली थी। तोहफा लेकर लौटते समय विपरीत दिशा से आ रही बाईक से उसकी टककर हो गई। हादसे में दूल्हा और सामने से आ रही बाइक सवार युवक की मौत हो गईं। हादसे के जानकारी मृतक (दूल्हा) के घर पहुंची तो कोहराम मच गया। घर में मौजूद नई नवेली दुल्हन का सुहाग शादी के चंद घंटे बाद ही उजड़ गया।

ब्यौहारी थाना पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार ब्यौहारी थाना क्षेत्र के ग्राम झिरीया निवासी दीपेंद्र साकेत पिता कमलेश साकेत 22 वर्ष की गत 20 अप्रैल को सीधी जिला के मगरोहर गांव में बारात गईं थी। विवाह के बाद कल 21 अप्रैल की दोपहर एक बजे विदाई के बाद बारात घर लौटी। दूल्हे को शादी में एक मोटर साइकिल भी उपहार में मिली थी। जिसमें सवार होकर वह कल शाम अपनी पत्नी के लिए सुहागरात का तोहफा लेने गांव से ब्यौहारी गया था। वहां से तोहफा लेकर लौटते समय घर से करीब दो किलोमीटर पहले ग्राम सराई सांधा के पास विपरीत दिशा से आ रही एक अन्य बाइक से उसकी बाइक टकरा गईं। टककर इतनी तेज थी कि इस हादसे में बाइक में सवार दूल्हा समेत सामने वाली बाइक के चालक की मौत हो गई, जबकि पीछे बैठा उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया।

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इस हृदय विदारक हादसे के बाद बारात वाले घर की सारी खुशियां मातम में बदल गईं। घर के कमरे में सज संवरकर जो दुल्हन अपने जीवन साथी का इंतजार कर रही थी, उसे यह मनहूस खबर मिली कि उसका सुहाग अब उजड़ गया है। घर में चीखने और रोने की आवाजें गुजने लगीं।

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थाना प्रभारी अरुण पांडे ने बताया कि पुलिस द्वारा मार्ग कायम कर मामले कि जांच पड़ताल शुरू कर दी गई है। ब्यौहारी अस्पताल में दोनों शवों का पोस्ट मार्टम कराया जा रहा है। उसके बाद शवों को परिजनों को सौंप दिया जाएगा।




Damoh News : अज्ञात वाहन ने मारी बाइक सवार को टक्कर, बेटे की मौत, पिता और नाती जबलपुर रेफर, घर लौटते समय हुआ हादसा

Bike driver died and two injured in collision with unknown vehicle

जिला अस्पताल में इलाजरत घायल

दमोह जिले के पटेरा थाना क्षेत्र अंतर्गत रविवार रात राजाबंदी गांव के पास अज्ञात वाहन ने बाइक सवार तीन लोगों को टक्कर मार दी। जिसमें बेटे की मौत हो गई और पिता व नाती गंभीर रूप से घायल हो गए।जिन्हें गंभीर हालत में जिला अस्पताल से जबलपुर रेफर किया गया। पुलिस ने अज्ञात वाहन की तलाश शुरू कर दी है।

बाइक सवार तीनों लोग रनेह गांव से हिंडोरिया लौट रहे थे। राजाबंदी गांव के पास हुए हादसे में बाइक चालक दिलीप शर्मा (38) की मौके पर ही मौत हो गई और दिलीप के पिता ओमकार शर्मा (65) और बेटा पियूष (6) गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल ओमकार और पियूष को पहले 108 एंबुलेंस से पटेरा अस्पताल ले जाया गया।

पटेरा अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को दमोह जिला अस्पताल भेजा गया। वहां ड्यूटी डॉक्टर महेश सिंह ने हालत गंभीर देखते हुए दोनों को जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। हंड्रेड डायल के प्रधान आरक्षक चंद्रकांत पांडे और रूपलाल ने घटनास्थल पर पहुंचकर शव को सुरक्षित कराया। सोमवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

सड़क हादसे में अकाउंटेंट की मौत

दमोह-कटनी मार्ग पर टोल प्लाजा के आगे बड़ी टेक पर अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार की मौत हो गई। हिंडोरिया थाने में पदस्थ एएसआई जागेश्वर साहू ने बताया कि दमोह के ग्राम नोनपानी निवासी रज्जू पिता भरोसे सिंह 55 छत्तीसगढ़ में प्रदूषण नियंत्रण विभाग में अकाउंटेंट के पद पर पदस्थ हैं। जो नोनपानी गांव आए थे। वह अपने गांव से बाइक से मझगुंवा जा रहे थे।

इसी बीच किसी अज्ञात वाहन की टक्कर लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही हिंडोरिया पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा की कार्रवाई कर शव पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।