
नर्मदापुरम। जिले में फसल कटाई के बाद नरवाई (पराली) जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। जिला कलेक्टर के स्पष्ट निर्देश के बाद अब हर गांव और हर किसान पर प्रशासन की सीधी निगरानी रखी जा रही है।
मंगलवार (24 मार्च 2026) को माखन नगर तहसील में तहसीलदार महेन्द्र चौहान, कृषि विभाग और राजस्व अमले ने ग्राम बीकोर और जावली में किसानों की चौपाल लगाकर सख्त संदेश दिया कि अब नरवाई में आग लगाने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
चौपाल में दी सख्त चेतावनी
अधिकारियों ने किसानों को साफ तौर पर बताया कि नरवाई जलाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। अगर कोई किसान आग लगाते पाया गया, तो उसके खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज की जाएगी और जुर्माना भी लगाया जाएगा।
आधुनिक तकनीक से होगा नरवाई प्रबंधन
प्रशासन ने किसानों को समझाइश दी कि वे नरवाई को जलाने के बजाय आधुनिक कृषि यंत्रों और तकनीकों का इस्तेमाल करें। इससे जमीन की उर्वरता भी बनी रहेगी और पर्यावरण को भी नुकसान नहीं होगा।
गांव-गांव में टास्क फोर्स तैनात
नरवाई पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने ग्राम स्तर पर टास्क फोर्स गठित कर दी है, जिसमें—
कृषि अधिकारी
राजस्व निरीक्षक
पटवारी
ग्राम सचिव
चौकीदार
को शामिल किया गया है। यह टीम लगातार गांवों में भ्रमण कर निगरानी कर रही है।
हर किसान का रिकॉर्ड तैयार
प्रशासन अब हर किसान के खेत (खसरा) के हिसाब से डेटा तैयार कर रहा है कि कौन किसान नरवाई का प्रबंधन कैसे करेगा। इससे जवाबदेही तय होगी और लापरवाही पर तुरंत कार्रवाई संभव होगी।