नरवाई जलाने पर सख्ती: नर्मदापुरम में 2000 से ज्यादा मामले, किसानों पर FIR और लाखों का जुर्माना

नर्मदापुरम। नर्मदापुरम जिले में नरवाई (फसल अवशेष) जलाने के मामलों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए किसानों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। लगातार जागरूकता अभियानों और चेतावनियों के बावजूद नियमों की अनदेखी करने पर अब एफआईआर दर्ज करने के साथ-साथ भारी जुर्माना भी लगाया जा रहा है।

जिला प्रशासन द्वारा पिछले दो महीनों से कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना के नेतृत्व में नरवाई प्रबंधन को लेकर व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। इसमें कार्यशालाएं, संगोष्ठियां, विकासखंड स्तरीय खेत पाठशालाएं और कृषि रथ के माध्यम से किसानों को नरवाई जलाने के नुकसान और वैकल्पिक तकनीकों की जानकारी दी जा रही है। इसके बावजूद जिले में पिछले 15 दिनों के दौरान नरवाई जलाने की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार आईसीएआर के भोपाल केंद्र से प्राप्त सैटेलाइट रिपोर्ट में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। तहसील सिवनीमालवा में सबसे अधिक 1463 मामले सामने आए हैं, जबकि डोलरिया में 417, बनखेड़ी में 259, नर्मदापुरम में 80, इटारसी में 64 और माखननगर में 7 घटनाएं दर्ज की गई हैं। इस तरह पूरे जिले में अब तक कुल 2090 नरवाई जलाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने दंडात्मक कार्रवाई भी तेज कर दी है। सिवनी मालवा तहसील में ही अब तक 5 लाख 46 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है और 2 एफआईआर दर्ज की गई हैं। वहीं बनखेड़ी तहसील के ग्राम कामती और कोंडापडरई में भी दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं।

इसके अलावा बनखेड़ी के ही ग्राम परसवाड़ा, बहरावन, माल्हनवाड़ा और पथकुही में 13 किसानों पर कुल 37,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। पिपरिया तहसील के ग्राम तरौनकलां और सिंगनामा में भी दो किसानों के खिलाफ 5,000 रुपये की जुर्माना कार्रवाई की गई है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत नरवाई जलाने पर प्रतिबंध लागू किया गया है और इसका उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों का कहना है कि नरवाई जलाने से न केवल पर्यावरण को गंभीर नुकसान होता है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता भी घटती है और वायु प्रदूषण में तेजी से वृद्धि होती है।

जिला प्रशासन लगातार किसानों से अपील कर रहा है कि वे नरवाई जलाने के बजाय वैज्ञानिक तरीकों को अपनाएं और पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करें। चेतावनी दी गई है कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

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