
नर्मदापुरम | कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना के निर्देशों के पालन में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) के नेतृत्व में नर्मदापुरम बस स्टैंड पर विशेष जांच अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान आरटीओ श्रीमती रिंकु शर्मा एवं परिवहन निरीक्षक अनिमेष जैन ने 25 से अधिक बसों की सघन जांच की।
जांच में कई बसों में यात्री सुरक्षा से जुड़ी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। कुछ बसों में 10 किलोग्राम से कम क्षमता के अग्निशामक यंत्र पाए गए, जबकि कुछ बसों में लगे अग्निशामक यंत्रों की एक्सपायरी तिथि समाप्त हो चुकी थी। इसके अलावा कई बसों में अनधिकृत रूप से अतिरिक्त एलईडी लाइट लगाए जाने के मामले भी उजागर हुए। इन अनियमितताओं को गंभीर मानते हुए कुल 11 बसों के विरुद्ध चालानी कार्रवाई की गई।
चेकिंग के दौरान अधिकारियों ने बस चालकों और संचालकों को वाहन से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज साथ रखने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने तथा यात्री सुरक्षा मानकों का कड़ाई से अनुपालन करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रत्येक बस में मेडिकल बॉक्स अनिवार्य रूप से रखने, 10 किलोग्राम क्षमता के वैध अग्निशामक यंत्र लगाने, अतिरिक्त एलईडी लाइट न लगाने, यात्रियों से निर्धारित से अधिक किराया न लेने एवं यात्रियों के साथ शालीन व्यवहार बनाए रखने की हिदायत दी गई।
आरटीओ श्रीमती रिंकु शर्मा ने स्पष्ट किया कि यदि कोई बस बिना वैध परमिट के संचालित पाई जाती है, तो मध्यप्रदेश मोटरयान कराधान अधिनियम की नवीन संशोधित धारा 13(2)(क) के तहत बैठक क्षमता के अनुसार प्रति सीट 1000 रुपये का कर वसूला जाएगा। इसके अतिरिक्त मोटर यान अधिनियम की धारा 192(क) के अंतर्गत 10,000 रुपये का शमन शुल्क भी लगाया जाएगा।
प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि यात्री सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और इस तरह के जांच अभियान आगे भी नियमित रूप से जारी रहेंगे।