
जिम्मेदार बोले जांच करा की जायेगी कार्रवाई
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक पेड़ मां के नाम से अभियान चलाकर देशभर में लाखों पेड़ लगवाए, वहीं दूसरी तरफ नर्मदापुरम जिले की सिवनी मालवा नगर में प्रशासनिक अधिकारियों की नाक के नीचे हरे-भरे पेड़ों को कॉलोनाइजर द्वारा काट दिया जा रहा हैं। आखिर हरे-भरे पेड़ों की कटाई का जिम्मेदार कौन है नगर में कॉलोनाइजरों की ऐसी बाढ़ आई हुई है जो की मनमाने तरीके से कार्य कर रहे हैं।
सिवनी मालवा नगर में शासकीय आईटीआई के बगल में सड़क किनारे तत्कालीन वन मंत्री सरताज सिंह के द्वारा सड़क के दोनों और नर्मदापुरम हरदा मुख्य मार्ग पर हरे-भरे पेड़ लगवाए गए थे जिसे कॉलोनी बनाने के लिए कॉलोनाइजर ने काटकर समाप्त कर दिया। हद तो यह है कि इसकी जानकारी जिम्मेदार अधिकारीयों को भी नहीं है। पेड़ काटने के लिए ना तो नगर पालिका ना वन विभाग ना ही राजस्व विभाग के द्वारा किसी प्रकार की अनुमति दी गई है। फिर भी बिना अनुमति के हरे पेड़ों को काट दिया गया। कॉलोनाइजर को प्रशासनिक अधिकारियों का कोई डर नहीं है। कॉलोनाइजर खुलेआम हरियाली का नाश कर रहे है। वही विगत दिवस पूरे मामले की जांच को लेकर नगर कांग्रेस के द्वारा कलेक्टर के नाम ज्ञापन भी तहसील कार्यालय में सौंपा गया था परन्तु 5 दिन बीतने के बाद भी प्रशासन के द्वारा अब तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई है।

नगर पालिका सीएमओ अमर सिंह उइके ने बताया की हमसे कालोनाईजर के द्वारा किसी प्रकार की अनुमति पेड़ कटाई सम्बन्धी नहीं मांगी गई थी। वही एसडीएम सरोज सिंह परिहार ने बताया की यदि शासकीय जगह पर कालोनाइजर के द्वारा हरे भरे पेड़ काटे गए है तो ये गलत है हमने किसी प्रकार की अनुमति नहीं दी है। पटवारी से जांच प्रतिवेदन माँगा है इसके बाद कोलोनाइजर को नोटिस जारी किये जायेंगे।