सीहोर के पलटन एरिया में शुक्रवार तड़के एक भीषण अग्निकांड ने इलाके में दहशत फैला दी। सुबह करीब 4:30 बजे एक घर के पास कबाड़ के रूप में खड़ी पुरानी कारों में अचानक आग लग गई, जिसने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया।
चंद मिनटों में राख हुईं 5 गाड़ियां
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को संभलने या बुझाने का मौका तक नहीं मिला। देखते ही देखते वहां खड़ी पांचों कारें धू-धू कर जलने लगीं और कुछ ही देर में लोहे के ढांचे में तब्दील हो गईं।
घटना जुबेर नामक व्यक्ति के घर के पास हुई बताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि वाहनों में पेट्रोल या डीजल मौजूद होता, तो बड़ा धमाका हो सकता था और आसपास के मकान भी इसकी चपेट में आ जाते।
दमकल की तत्परता से टला बड़ा हादसा
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी। दमकल की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
हालांकि, जब तक आग बुझाई गई, तब तक लाखों रुपये की संपत्ति जलकर नष्ट हो चुकी थी। दमकल की त्वरित कार्रवाई ने संभावित बड़े हादसे को टाल दिया।
फिलहाल आग लगने के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस और प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट, लापरवाही या अन्य कारणों की आशंका जताई जा रही है, लेकिन अभी कोई ठोस निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
ये भी पढ़ें-Indore:महू में लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई: उपयंत्री सावित्री मुवेल 15 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
घनी बस्ती में कबाड़ बना ‘टाइम बम’
इस घटना ने रिहायशी इलाकों में अवैध रूप से चल रहे कबाड़खानों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, इस क्षेत्र में लंबे समय से बड़ी संख्या में जर्जर और पुरानी गाड़ियां जमा की जा रही थीं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कबाड़खाना किसी ‘टाइम बम’ से कम नहीं था, जो आखिरकार आग के रूप में फट पड़ा।
प्रशासन पर उठे सवाल, कार्रवाई की मांग
घटना के बाद क्षेत्र के निवासियों में भारी आक्रोश है। लोगों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि बार-बार शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई।
नागरिकों ने मांग की है कि ऐसे कबाड़ स्थलों की तत्काल जांच कर उन्हें घनी आबादी से दूर शिफ्ट किया जाए। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।