आनंदम प्रशिक्षण का दूसरा दिन: आत्मचिंतन, प्रकृति से जुड़ाव और जीवन में खुशहाली का संदेश

भोपाल। राजधानी भोपाल स्थित प्रकृति की गोद में बसे आनंदम केंद्र में आयोजित तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का दूसरा दिन आत्मचिंतन, भावनात्मक अनुभवों और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर रहा। प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से सहयोगियों ने जीवन के वास्तविक अर्थ, आंतरिक आनंद, खुशहाल जीवन और स्वयं को पहचानने की प्रक्रिया को गहराई से समझा।

प्रशिक्षण के दूसरे दिन विभिन्न विशेषज्ञ वक्ताओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया।  हेमंत बुधौलिया (स्पेक्ट्रम), कपिल रघुवंशी, श्रीमती सुनैना दुबे,  श्रीवास्तव तथा आनंदम के डायरेक्टर  सत्य  ने व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से बताया कि सच्चा आनंद बाहरी संसाधनों में नहीं, बल्कि स्वयं के भीतर झांकने, सकारात्मक सोच विकसित करने और प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करने में निहित है।

गतिविधियों के माध्यम से मिला आत्म-अनुभव

दिनभर आयोजित ग्रुप डिस्कशन, ध्यान सत्र, नेचर वॉक, रोल प्ले और अनुभव साझा करने जैसी गतिविधियों में सहयोगियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इन सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों ने जीवन की चुनौतियों को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने और हर परिस्थिति में खुश रहने की कला सीखी।
कई प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि प्रशिक्षण ने उन्हें स्वयं को समझने और जीवन को नए नजरिए से देखने की प्रेरणा दी है। कई सहयोगी भावुक भी हुए और उन्होंने इसे अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाला अनुभव बताया।

प्रकृति बनी सबसे बड़ी गुरु

आनंदम प्रशिक्षण की सबसे बड़ी विशेषता प्रकृति के बीच आयोजित गतिविधियां रहीं। हरियाली, स्वच्छ वातावरण और शांत परिसर ने प्रतिभागियों को मानसिक शांति का अनुभव कराया। सुबह की नेचर वॉक, पेड़ों की छांव में ध्यान और पर्यावरण संरक्षण पर आधारित चर्चाओं ने यह संदेश दिया कि प्रकृति से जुड़ाव ही वास्तविक आनंद और संतुलित जीवन का आधार है।

वक्ताओं ने कहा कि जब मनुष्य प्रकृति के साथ जुड़ता है, तभी वह स्वयं से भी जुड़ पाता है। आनंदम की यह पहल व्यक्तिगत विकास के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

प्रदेशभर से पहुंचे पत्रकार सहयोगी
प्रशिक्षण में पत्रकार फाउंडेशन के संयोजक ताराचंद पटेल, जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया (रजिस्टर्ड) के मध्यप्रदेश संयोजक हरिशंकर पाराशर, पत्रकार सुरक्षा परिषद के कटनी जिला अध्यक्ष श्यामलाल सूर्यवंशी, राजा सूर्यवंशी, दीपक शर्मा सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए पत्रकारों और आनंदम सहयोगियों ने भाग लिया।

नरसिंहपुर, पिपरिया, गाडरवारा, भोपाल, मुरैना, ग्वालियर, रायसेन, छतरपुर, सतना, इंदौर, उज्जैन, सीहोर, देवास, खंडवा, नर्मदापुरम सहित कई जिलों से पहुंचे प्रतिभागी प्रशिक्षण का लाभ ले रहे हैं।

उत्कृष्ट व्यवस्थाओं की सराहना

प्रशिक्षण के दौरान आनंदम प्रबंधन द्वारा प्रतिभागियों के लिए आवास, भोजन और स्वच्छ पेयजल की बेहतर व्यवस्था की गई है। इससे सहयोगी पूरी एकाग्रता के साथ प्रशिक्षण और आत्म-विकास की प्रक्रिया में शामिल हो पा रहे हैं।

“यह केवल प्रशिक्षण नहीं, जीवनशैली बदलने का माध्यम”
आनंदम के डायरेक्टर श्री सत्य जी ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल एक प्रशिक्षण नहीं, बल्कि जीवन को सकारात्मक दिशा देने का माध्यम है।
उन्होंने कहा, “प्रकृति और आत्म-चेतना के माध्यम से हम न केवल स्वयं को बेहतर बना सकते हैं, बल्कि समाज में भी सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं।”
तीन दिवसीय प्रशिक्षण का अंतिम दिन विभिन्न महत्वपूर्ण सत्रों और समापन समारोह के साथ आयोजित होगा।

प्रतिभागियों का मानना है कि यह प्रशिक्षण पत्रकार समुदाय में मानसिक स्वास्थ्य, आत्मचिंतन, सकारात्मक सोच और प्रकृति से जुड़ाव का प्रभावी संदेश देने का कार्य कर रहा है।