ओरल व सर्विक्स कैंसर के संभावित मरीज चिन्हित, जागरूकता पर दिया गया ज़ोर

नर्मदापुरम | विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर जिला अस्पताल नर्मदापुरम में विशेष कैंसर स्क्रीनिंग एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान कुल 212 लोगों की जांच की गई, जिसमें ओरल कैंसर का 1 मरीज तथा सर्विक्स कैंसर से संबंधित 2 महिलाएं संभावित पाई गईं। सभी चिन्हित मामलों को आगे की जांच एवं उपचार हेतु परामर्श दिया गया।
यह कार्यक्रम सीएमएचओ डॉ. नरसिंह गेहलोत एवं सिविल सर्जन डॉ. सुनीता कामले के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि कैंसर से डरने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि समय पर जांच कराना सबसे ज़रूरी है। प्रारंभिक अवस्था में पहचान होने पर कैंसर का इलाज संभव है और जीवन को सुरक्षित रखा जा सकता है।
स्वस्थ जीवनशैली से कम हो सकता है कैंसर का खतरा चिकित्सकों ने बताया कि तंबाकू एवं नशीले पदार्थों से दूरी, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर कैंसर के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। आमजन से अपील की गई कि शरीर में किसी भी प्रकार के असामान्य लक्षण दिखाई देने पर जांच में देरी न करें और नियमित स्क्रीनिंग कराएं।
ग्रामीण स्वास्थ्य संस्थाओं में भी आयोजन
विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर ग्रामीण स्वास्थ्य संस्थाओं में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान आशा कार्यकर्ता, एएनएम एवं सीएचओ द्वारा ग्रामीणों को कैंसर के कारणों, लक्षणों एवं समय पर उपचार के महत्व की जानकारी दी गई। लोगों को स्वयं जागरूक होने के साथ-साथ दूसरों को भी जागरूक करने का संदेश दिया गया।
विशेषज्ञों की टीम ने की जांच
शिविर की संपूर्ण व्यवस्था जिला कैंसर नोडल अधिकारी डॉ. उदित भट्ट द्वारा की गई। हितग्राहियों की जांच डॉ. सतीश तिवारी, आरएमओ डॉ. गजेंद्र यादव, डॉ. शैलेन्द्र साहू (चिकित्सा विशेषज्ञ अधिकारी) सहित मैट्रन, नर्सिंग ऑफिसर एवं सपोर्ट स्टाफ द्वारा की गई।
कार्यक्रम के अंत में यह संदेश दिया गया कि जागरूकता, समय पर जांच और सही उपचार ही कैंसर के खिलाफ सबसे मजबूत हथियार हैं।
