नर्मदापुरम। मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन (MPWLC) के अंतर्गत संचालित एकलव्य एग्रो एंड वेयरहाउस, ग्राम गोरा, तहसील माखननगर में सरकारी मूंग के भंडारण में बड़े पैमाने पर अनियमितता और हेराफेरी का मामला सामने आया है। प्रारंभिक जांच में 9899 बोरी मूंग कम पाई गई, जिसकी अनुमानित कीमत ₹4 करोड़ 22 लाख 21 हजार 710 बताई गई है। इस गंभीर मामले में थाना माखननगर में IPC की धाराओं 316(3), 316(5), 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।

मामला मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन (MPWLC) के अंतर्गत संचालित वेयरहाउस से जुड़ा है, जहां खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 के तहत समर्थन मूल्य पर खरीदी गई मूंग का भंडारण किया गया था।
रिकॉर्ड और हकीकत में बड़ा अंतर
ऑनलाइन रिकॉर्ड में गोदाम में 62,694 बोरी मूंग दर्ज थी, लेकिन भौतिक सत्यापन में केवल 52,795 बोरी ही पाई गईं। इस तरह 9899 बोरी मूंग कम मिली। जांच में यह भी सामने आया कि वजन बढ़ाने के लिए मूंग में मिट्टी मिलाई गई, जिससे भंडारण और गुणवत्ता दोनों पर सवाल खड़े हो गए हैं।

ताले बदले, नियमों की अनदेखी
जांच के दौरान वेयरहाउस में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। MPWLC के अधिकृत ताले हटाकर निजी ताले लगाए जाने के प्रमाण मिले। बड़े शटर पर लगे 11 तालों में से 10 मौके पर मिले, जबकि एक ताला गायब पाया गया। यह सब बिना अधिकृत अनुमति के किया गया, जो नियमों का खुला उल्लंघन है।

क्षेत्रीय प्रबंधक की शिकायत पर पुलिस ने गोदाम संचालिका आरती तोमर (इंदौर),गोदाम प्रतिनिधि अमित तोमर (नर्मदापुरम), चौकीदार अमर कोल
के खिलाफ bns की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में लापरवाही के साथ-साथ हेराफेरी के संकेत मिले हैं।
पैरों के निशान और बिखरी बोरियां
गोदाम परिसर में ट्रैक्टर-ट्रॉली के पहियों के निशान, अस्त-व्यस्त बोरियां और स्टैक में गड़बड़ी भी पाई गई। इससे संदेह और गहराया है कि मूंग को योजनाबद्ध तरीके से बाहर निकाला गया।
थाना माखननगर पुलिस का कहना है कि केस दर्ज कर लिया गया है और विस्तृत विवेचना जारी है। दस्तावेजों, वजन पर्चियों और स्टॉक रजिस्टर की बारीकी से जांच की जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर अन्य जिम्मेदारों को भी जांच के दायरे में लाया जाएगा।