
माखननगर : माखननगर में हिंदू नववर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों द्वारा भव्य वर्ष प्रतिपदा कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान स्वयंसेवकों ने आद्य सर संघचालक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार को नमन करते हुए सामूहिक रूप से केशव अर्चना की और नववर्ष का उत्सव उत्साहपूर्वक मनाया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में नर्मदापुरम विभाग के विभाग महाविद्यालय कार्य प्रमुख डॉ. संजेश मीणा ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा ही भारतीय नववर्ष का वास्तविक प्रारंभ है। उन्होंने बताया कि इस दिन प्रकृति में नवाचार दिखाई देता है और पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन भगवान ब्रह्मा ने सृष्टि की रचना की थी। साथ ही भगवान राम और युधिष्ठिर के राज्याभिषेक का उल्लेख भी इसी तिथि से जुड़ा हुआ है।
उन्होंने आगे बताया कि सम्राट विक्रमादित्य द्वारा विक्रम संवत की शुरुआत भी इसी दिन से की गई थी और महर्षि दयानंद सरस्वती ने आर्य समाज की स्थापना भी इसी दिन की थी। संयोगवश संघ के संस्थापक डॉ. हेडगेवार का जन्मदिन भी इसी दिन पड़ता है, जो इस तिथि को और अधिक महत्वपूर्ण बनाता है।
अपने उद्बोधन में डॉ. मीणा ने कहा कि डॉ. हेडगेवार ने गुलामी के दौर में हिंदू समाज की कमजोर स्थिति को समझते हुए संगठन की आवश्यकता महसूस की। उन्होंने 1925 में संघ की स्थापना कर समाज में संगठन, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति का भाव जागृत करने का कार्य शुरू किया। उन्होंने कहा कि आज संघ की शाखाएं समाज परिवर्तन का केंद्र बनती जा रही हैं और संगठन शताब्दी वर्ष में प्रवेश कर चुका है।
उन्होंने संघ के विकास क्रम को बताते हुए कहा कि पहली पीढ़ी ने बीजारोपण किया, दूसरी ने इसे राष्ट्रव्यापी स्वरूप दिया, तीसरी ने समाजव्यापी बनाया और वर्तमान पीढ़ी का दायित्व है कि संघ के कार्य को सर्वव्यापी एवं सर्वस्पर्शी बनाया जाए।
कार्यक्रम के अंत में स्वयंसेवकों ने एक-दूसरे को तिलक लगाकर नववर्ष की शुभकामनाएं दीं। इसके बाद नगर में भ्रमण कर व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर पहुंचकर नगरवासियों को भी हिंदू नववर्ष की शुभकामनाएं दीं।
माखननगर में आयोजित इस कार्यक्रम ने एक बार फिर संघ की संगठनात्मक शक्ति और सामाजिक सक्रियता का संदेश दिया।