हेल्थ डेस्क : अक्सर लोग खाने के साथ सलाद को केवल स्वाद बढ़ाने का माध्यम मानते हैं, लेकिन आयुर्वेद के अनुसार सलाद हमारे शरीर के लिए किसी औषधि से कम नहीं है। यह न केवल पाचन को दुरुस्त करता है, बल्कि कई गंभीर बीमारियों में भी लाभकारी सिद्ध होता है। यही कारण है कि आजकल शादी समारोहों से लेकर रोज़मर्रा के भोजन तक, सलाद की कई किस्में देखने को मिलती हैं।
आयुर्वेद मानता है कि हर व्यक्ति की शारीरिक प्रकृति और बीमारी के अनुसार सलाद का चयन किया जाना चाहिए। सही सलाद सही समय पर लिया जाए, तो यह शरीर को स्वस्थ और संतुलित बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है।
आयुर्वेदिक चिकित्सक की राय
आयुर्वेदिक चिकित्सालय से बीएएमएस, एमडी डॉक्टर हर्ष ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि सलाद रुचिकर होने के साथ-साथ स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी होता है। उन्होंने कहा कि सलाद को अलग-अलग तरीकों से भोजन में शामिल किया जा सकता है और यह शरीर की पाचन क्रिया को मजबूत बनाता है। आयुर्वेद के अनुसार हर व्यक्ति को अपनी आवश्यकता और बीमारी के अनुसार सलाद का चयन करना चाहिए।
बीमारियों के अनुसार सलाद का चयन
डॉक्टर हर्ष के अनुसार—वजन घटाने के लिए – हरा सलाद, ब्रोकली और करेला,शरीर में कमजोरी होने पर – फलों का सलाद,मधुमेह (डायबिटीज) रोगियों के लिए – अंकुरित अनाज व प्याज का सलाद,खून की कमी (एनीमिया) में – चुकंदर और पालक का सलाद,हृदय रोगियों के लिए – अंकुरित अनाज, हरी सब्जियां, टमाटर व प्याज का सलाद,बीपी के मरीजों के लिए – प्याज का सलाद,आंखों की रोशनी कमजोर होने पर – गाजर का सलाद,छोटे बच्चों के लिए – कॉर्न सलाद
डॉक्टर हर्ष ने बताया कि ब्रोकली का सलाद कब्ज की समस्या को दूर करने में सहायक है। वहीं मूली का सलाद पाचन शक्ति को बढ़ाता है और शरीर में रुकी हुई अपान वायु को बाहर निकालने में मदद करता है। पेट से जुड़ी समस्याओं में पत्ता गोभी और अलसी का सलाद भी काफी लाभकारी माना गया है।
सलाद न केवल भोजन का स्वाद बढ़ाता है, बल्कि यह शरीर को आवश्यक पोषक तत्व भी प्रदान करता है। आयुर्वेद के अनुसार नियमित रूप से सही प्रकार का सलाद खाने से शरीर निरोगी रहता है और कई बीमारियों से बचाव संभव है।