“व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण एवं समाज परिवर्तन का केंद्र बने संघ”

माखन नगर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (rss) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में देशभर में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी श्रृंखला में खंड माखन नगर के मंडल आँचलखेड़ा में रविवार को संघ (rss) का भव्य पथ संचलन निकाला गया। यह संचलन गाँव के प्रमुख मार्गों से होते हुए निकला, जिसमें स्वयंसेवकों ने राष्ट्रभक्ति गीतों की ताल पर कदमताल करते हुए एकता और अनुशासन का अद्भुत प्रदर्शन किया।
ग्राम के नागरिकों, माताओं एवं बहनों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया। पूरा गाँव संघ के केसरिया परिधान, बैंड ध्वनि और घोष की ताल से गूंज उठा — यह दृश्य ग्रामवासियों में देशभक्ति की भावना जगाने वाला रहा।
राष्ट्र निर्माण के लिए व्यक्ति निर्माण का संदेश
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण नर्मदापुरम विभाग के विभाग महाविद्यालय कार्य प्रमुख डॉ. संजेश मीणा का प्रेरणादायी उद्बोधन रहा।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि —“राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (rss) केवल संगठन नहीं, बल्कि व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण का माध्यम है। संघ की शाखा समाज परिवर्तन का केंद्र है, जहाँ अनुशासन, सेवा और संगठन के संस्कार पल्लवित होते हैं।”
डॉ. मीणा ने बताया कि संघ आज अपने शताब्दी वर्ष में प्रवेश कर रहा है। यह एक ऐसा संगठन है जिसने तमाम उपहास, उपेक्षा और विरोध के बावजूद समाज में सहयोग, सहभागिता और संगठन की भावना को मजबूत किया है।
1925 में बोया गया बीज बना विशाल वटवृक्ष
अपने वक्तव्य में डॉ. संजेश मीणा ने कहा —
“डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार जी ने 1925 में जो बीज बोया था, आज वह एक विशाल वटवृक्ष बन चुका है। संघ की चार पीढ़ियों ने अपने-अपने योगदान से इसे सशक्त और व्यापक बनाया है।”
उन्होंने विस्तार से बताया —
- पहली पीढ़ी ने संघ के बीज का रोपण किया।
- दूसरी पीढ़ी ने उसे राष्ट्रव्यापी स्वरूप प्रदान किया।
- तीसरी पीढ़ी ने संघ को समाज व्यापी बनाया।
- चौथी पीढ़ी ने समाज और संगठन को एक स्तर पर लाकर खड़ा किया।
अब वर्तमान पीढ़ी का दायित्व है कि संघ के कार्य को सर्वव्यापी और सर्वस्पर्शी बनाएं ताकि समाज का हर वर्ग राष्ट्रहित में जुड़ सके।
अनुशासन, संगठन और सेवा की मिसाल बना संचलन
पथ संचलन में सैकड़ों स्वयंसेवक पारंपरिक वेशभूषा में सम्मिलित हुए। संचलन का प्रारंभ निर्धारित समय पर संघ गीत से हुआ। इसके बाद स्वयंसेवकों ने निर्धारित मार्गों पर अनुशासित पंक्तियों में चलते हुए “भारत माता की जय”, “जय श्रीराम” और “वंदे मातरम्” के उद्घोष लगाए।
ग्रामवासियों ने संचलन (rss) का जगह-जगह स्वागत कर अपने समर्थन का परिचय दिया। माँ बहनों द्वारा पुष्पवर्षा और तिलक से स्वागत किए जाने पर वातावरण में उत्साह और भावनात्मक एकता का अद्भुत समन्वय देखने को मिला।
ग्रामवासियों का उत्साह और सहभागिता
संचलन को लेकर मंडल आँचलखेड़ा में कई दिन पहले से ही तैयारियां शुरू हो गई थीं। ग्राम के युवाओं ने मार्गों की सफाई और सजावट में सक्रिय भूमिका निभाई। संचलन के दौरान ग्राम के प्रमुख चौक-चौराहों पर नागरिकों ने जलपान और स्वागत की व्यवस्था की।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में ग्राम के वरिष्ठ नागरिक हजारीलाल उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि –“राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (rss)आज भी भारतीय संस्कृति, समाज सेवा और राष्ट्रभावना के मूल्यों को जीवित रखे हुए है। युवा पीढ़ी को संघ से जुड़कर जीवन में अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा का पालन करना चाहिए।”
संघ (rss) का शताब्दी वर्ष : नई ऊर्जा, नया संकल्प
संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर देशभर में विभिन्न मंडलों और नगरों में शाखा विस्तार, पथ संचलन और सेवा कार्य आयोजित किए जा रहे हैं।
खंड माखन नगर में निकले इस संचलन ने भी समाज में एकता और संगठन का सशक्त संदेश दिया।डॉ. संजेश मीणा ने कहा कि —“संघ (rss) का उद्देश्य केवल संगठन बढ़ाना नहीं, बल्कि समाज में नैतिक मूल्यों, सेवा, स्वावलंबन और राष्ट्रप्रेम की भावना का विकास करना है। जब प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानेगा, तभी सशक्त भारत का निर्माण संभव होगा।”
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आगामी कार्यक्रम : 12 अक्टूबर को खंड स्तरीय संचलन
डॉ. मीणा ने अपने उद्बोधन में यह भी घोषणा की कि आगामी 12 अक्टूबर को पूरे खंड माखन नगर स्तर पर भव्य पथ संचलन आयोजित किया जाएगा।इस अवसर पर आसपास के सभी मंडलों के स्वयंसेवक एक साथ जुटेंगे और समाज में एकता, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का संदेश देंगे।
कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन
कार्यक्रम का संचालन स्वयंसेवक संजय मीणा, विभाग महाविद्यालय प्रमुख द्वारा किया गया। उन्होंने सभी आगंतुकों, ग्रामवासियों और स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि —“संघ (rss) की यह यात्रा केवल पथ संचलन नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा यात्रा है। जब व्यक्ति अपने जीवन को समाज के हित में समर्पित करता है, तभी सच्चे अर्थों में संघ के उद्देश्य पूरे होते हैं।”
समाज और राष्ट्र के संगठित विकास की दिशा में संघ का कदम
मंडल आँचलखेड़ा का यह पथ संचलन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि राष्ट्र भावना, अनुशासन और समर्पण का प्रतीक था।
संघ (rss) के स्वयंसेवकों ने यह संदेश दिया कि जब व्यक्ति अपने जीवन में सेवा और संस्कार को अपनाता है, तभी समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव होता है।खंड माखन नगर के इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि ग्रामीण भारत में भी राष्ट्रभक्ति और सामाजिक एकता की जड़ें गहरी हैं। संघ का यह आयोजन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनकर रहेगा।