बैतूल में RSS प्रचारक पर हमले के बाद फैला सांप्रदायिक तनाव, कई दुकानों में तोड़फोड़ – पुलिस ने हालात किए काबू में

मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के मुलताई शहर में गुरुवार शाम को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के जिला प्रचारक शिशुपाल यादव के साथ हुई मारपीट के बाद सांप्रदायिक तनाव फैल गया। घटना के बाद हिन्दू संगठनों में आक्रोश फैल गया और बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। इस दौरान कुछ स्थानों पर तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आईं, जिससे शहर में माहौल तनावपूर्ण हो गया।

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सूत्रों के अनुसार, गुरुवार शाम (RSS) संघ प्रचारक यादव बाइक से किसी काम के लिए निकले थे। जब वे जैन कोल्ड ड्रिंक के पास बाइक मोड़ रहे थे, तभी कुछ मुस्लिम समुदाय के युवक वहां पहुंचे और उनकी बाइक को कट मार दिया। इस मामूली विवाद ने देखते ही देखते बड़ा रूप ले लिया। दोनों पक्षों में कहासुनी के बाद हाथापाई शुरू हो गई।

मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि संघ प्रचारक पर हमला होने की खबर फैलते ही आसपास के इलाके के हिन्दू संगठन के लोग मौके पर पहुंच गए और विरोध-प्रदर्शन करने लगे। कुछ आक्रोशित युवकों ने मुस्लिम मोहल्ले में जाकर दुकानों में तोड़फोड़ कर दी।


तनावपूर्ण हालात और पुलिस की कार्रवाई

घटना की जानकारी मिलते ही बैतूल पुलिस प्रशासन हरकत में आया। बैतूल एसपी वीरेंद्र जैन ने कहा कि “स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है। RSS प्रचारक यादव को कोई गंभीर चोट नहीं आई है। बाइक से कट लगने को लेकर हुए विवाद के बाद हाथापाई हुई थी।”

पुलिस ने तीन युवकों को हिरासत में लिया है, हालांकि उनकी पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। शहर में शांति बनाए रखने के लिए बैतूल कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी, एएसपी कमला जोशी, और एसडीओपी मुलताई खुद मौके पर पहुंचे। थाना परिसर और प्रभावित इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।


मारपीट की शुरुआत कैसे हुई?

जानकारी के मुताबिक, विवाद की शुरुआत बाइक को कट मारने से हुई थी। उसी दौरान एक दुकान से कुछ लोगों ने स्टील पाइप भी बाहर निकाल लिए थे, जिससे माहौल और बिगड़ गया। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि पाइप मारपीट के लिए निकाले गए थे या किसी अन्य कारण से। देखते ही देखते दोनों समुदायों के लोग सड़क पर उतर आए। नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन के बीच पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।


एसपी वीरेंद्र जैन ने कहा, “मुलताई में स्थिति अब सामान्य है। लोगों को समझाइश दी गई है। आरएसएस (RSS) प्रचारक सुरक्षित हैं। किसी को गंभीर चोट नहीं आई है। पुलिस हर संवेदनशील इलाके में निगरानी रख रही है।”

वहीं, कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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रामलीला स्थगित, एहतियाती कदम उठाए गए

घटना के बाद शहर में तनाव को देखते हुए प्रशासन ने गुरुवार की रामलीला स्थगित करने का निर्णय लिया। रामलीला समिति के संचालक संजय अग्रवाल ने बताया कि “आज राम वनवास प्रसंग का मंचन होना था, लेकिन हालात को देखते हुए कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है।”

पुलिस बल ने मुस्लिम बहुल क्षेत्रों और रामलीला मैदान के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए मुख्य बाजार क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी गई है।


शहर में शांति की अपील

स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने लोगों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की है। उनका कहना है कि किसी भी छोटी घटना को साम्प्रदायिक रंग देना समाज के लिए घातक हो सकता है।

मुलताई नगर परिषद के एक वरिष्ठ पार्षद ने कहा — “यह घटना आपसी समझ की कमी का परिणाम है, इसे बड़ा मुद्दा न बनाया जाए। प्रशासन को दोषियों पर कार्रवाई करनी चाहिए ताकि शहर की सौहार्दपूर्ण छवि बनी रहे।”


बैतूल जिले का मुलताई शहर, जो अब तक शांतिप्रिय क्षेत्र के रूप में जाना जाता था, गुरुवार शाम अचानक तनाव का केंद्र बन गया। आरएसएस (RSS) प्रचारक के साथ हुई मारपीट ने प्रशासन की चौकसी की परीक्षा ले ली। हालांकि पुलिस की तत्परता से स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन यह घटना दिखाती है कि छोटी सी बहस भी अगर साम्प्रदायिक रंग ले ले, तो हालात कितनी जल्दी बिगड़ सकते हैं। फिलहाल प्रशासन ने दोनों पक्षों को समझाइश देकर अलग कर दिया है और शहर में शांति बहाली के प्रयास जारी हैं।

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