
माखन नगर/आँख मऊ। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं जननायक स्वर्गीय शरद यादव की तीसरी पुण्यतिथि पर सोमवार को उनके गाँव आँख मऊ में श्रद्धाजंलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर परिवारजन, राजनीतिक सहयोगी, समाजसेवी, पत्रकार एवं अनुयायियों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
शरद स्तूप पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उनकी पुत्री सुभाषनी यादव एवं दामाद राव राजकमल ने शिरकत की। उन्होंने शरद यादव के जीवन दर्शन और संघर्षों को याद किया। सुभाषनी यादव ने कहा कि मंडल आयोग की सिफारिशों को लागू करवाने तथा पिछड़े, दलित, गरीब वर्ग के उत्थान के लिए शरद का संघर्ष अविस्मरणीय है। वह हमेशा इस वर्ग के मसीहा के रूप में याद किए जाएँगे।
उन्होंने बताया कि शरद को अपने गाँव से गहरा लगाव था और वह होली-दीवाली जैसे त्योहारों पर अवश्य गाँव आकर साथियों और ग्रामीणों से मिलते थे। गौतम बुद्ध के विचारों में उनकी गहरी आस्था थी और उन्होंने उन्हें आत्मसात किया था। उनके विचारों को निरंतर आगे बढ़ाने के लिए परिवार एवं अनुयायी प्रतिबद्ध हैं।
कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य हाकम सिंह, जिला विकास समिति सदस्य अजीत सेठी, शरद यादव के सहयोगी रमेश सोनी, युवक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष शैलेंद्र गोयल, एडवोकेट मधुसूदन यादव, मुकेश यादव, राजेंद्र यादव, अरविंद यादव, शैलेंद्र यादव सहित क्षेत्र के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
पत्रकार उमेश तिवारी, प्रदीप शर्मा, राजकुमार गुप्ता, रत्नेश बडगूजर, मुकेश मालवीय, पूर्व सरपंच देवेंद्र यादव, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष हेमंत यादव, प्रदेश कांग्रेस महासचिव केलु उपाध्याय, जिला किसान कांग्रेस अध्यक्ष बाबू चौधरी, जिला अनुसूचित जाति कांग्रेस अध्यक्ष अजय अहिरवार सहित अमृत बिंदु डेरिया, संजय गिल्ला, प्रकाश चौरसिया, सुंदर जांगड़े, सुदेश मालवीय, अनिल चौरे, भूरा पटेल, जाहिद खान एवं अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी शरद स्तूप पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके योगदान को नमन किया।
कार्यक्रम का संचालन शरद यादव के अनुयायियों द्वारा किया गया। सभी ने एक स्वर में कहा कि शरद यादव जी के समाजवादी आदर्शों और पिछड़े-वंचित वर्ग के संघर्ष के मार्ग को आगे बढ़ाना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।