रामदास अठावले का पिनाराई विजयन को NDA में शामिल होने का खुला न्योता, कहा– केरल को मिलेगा ज्यादा फंड और तेज विकास

केरल | केंद्रीय मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (अठावले) के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामदास अठावले ने केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को एनडीए में शामिल होने का खुला न्योता दिया है। उन्होंने इसे एक “क्रांतिकारी निर्णय” बताते हुए कहा कि यदि पिनाराई विजयन और उनकी पार्टी सीपीआई (एम) एनडीए में शामिल होती है, तो केरल को केंद्र सरकार से अधिक वित्तीय सहायता मिलेगी और राज्य का विकास तेजी से होगा।
रामदास अठावले ने यह बयान केरल के कॅलब्लॉकर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिया।

“एनडीए में आएंगे तो फंड की दिक्कत खत्म होगी” – अठावले
केंद्रीय मंत्री ने कहा,
“मैं केरल के लंबे समय से मुख्यमंत्री रहे पिनाराई विजयन से अपील करता हूं कि वे एनडीए में शामिल हों। यह एक क्रांतिकारी फैसला होगा। अगर वे और सीपीआई (एम) एनडीए में आते हैं, तो केरल को ज्यादा फंड मिलेगा और राज्य का तेजी से विकास होगा।”

अठावले ने दावा किया कि केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर तालमेल से विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी और केरल को केंद्रीय योजनाओं का पूरा लाभ मिलेगा।

NDA और CPI(M): कट्टर वैचारिक विरोधी

भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए और वामपंथी दल सीपीआई (एम) लंबे समय से एक-दूसरे के कट्टर राजनीतिक और वैचारिक विरोधी माने जाते हैं। ऐसे में रामदास अठावले का यह प्रस्ताव राजनीतिक हलकों में चौंकाने वाला माना जा रहा है।

गौरतलब है कि केरल की सीपीआई (एम) सरकार लगातार आरोप लगाती रही है कि केंद्र सरकार राज्य के साथ भेदभाव कर रही है और कई योजनाओं के फंड या तो रोके जा रहे हैं या जानबूझकर देरी से जारी किए जा रहे हैं।

केंद्र पर भेदभाव के आरोप, विरोध प्रदर्शन भी

इसी महीने की शुरुआत में केरल की सत्तारूढ़ वाम मोर्चा सरकार (LDF) ने केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किया था। केरल के आबकारी मंत्री एम.बी. राजेश ने आरोप लगाया था कि केंद्र ने कई योजनाओं की राशि कम कर दी है और भुगतान में जानबूझकर देरी की जा रही है। उन्होंने वायनाड में हुए भूस्खलन के दौरान भी पर्याप्त मदद न मिलने का आरोप लगाया था।

इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए रामदास अठावले ने कहा कि यदि केरल सरकार एनडीए से हाथ मिला लेती है, तो फंड से जुड़ी समस्याएं समाप्त हो जाएंगी और राज्य को केंद्र से पूरा सहयोग मिलेगा।

राज्यपाल–मुख्यमंत्री विवाद से और गरमाई राजनीति

इस बीच केरल की राजनीति पहले से ही गरमाई हुई है। मंगलवार को एक नया विवाद तब खड़ा हो गया जब मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के उत्तराधिकारी आर्लेकर पर आरोप लगाया कि उन्होंने मंत्रिमंडल द्वारा मंजूर नीति भाषण में अपने स्तर पर बदलाव किए। वहीं लोकभवन ने पलटवार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का भाषण आधी-अधूरी सच्चाइयों से भरा था।

चुनावी साल में बढ़ा राजनीतिक तापमान

इस साल के अंत में केरल में विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनावी मैदान में सत्तारूढ़ एलडीएफ, कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ, और लगातार मजबूत होती भाजपा-एनडीए के बीच मुकाबला तय माना जा रहा है। हाल ही में तिरुवनंतपुरम नगर निगम चुनाव में भाजपा की जीत के बाद राज्य की राजनीति अब त्रिकोणीय संघर्ष की ओर बढ़ती दिख रही है।

रामदास अठावले का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब केरल की राजनीति निर्णायक मोड़ पर खड़ी नजर आ रही है।