
माखननगर (नर्मदापुरम)। राष्ट्रकवि माखनलाल चतुर्वेदी की जन्म जयंती के अवसर पर श्री माखननगर शासकीय महाविद्यालय माखननगर में विविध कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम प्राचार्य डॉ. नीता चौबे के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई एवं हिंदी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ।
प्रतिमा पर माल्यार्पण और संगोष्ठी
कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय परिसर स्थित राष्ट्रकवि की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर की गई। इसके पश्चात एक संगोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें वक्ताओं ने माखनलाल चतुर्वेदी के साहित्य, व्यक्तित्व एवं स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान पर प्रकाश डाला।
वक्ताओं ने कहा कि ‘दादा’ की रचनाएं आज भी युवाओं को राष्ट्रभक्ति, सत्य और संघर्ष की प्रेरणा देती हैं।
नगर में निकाली गई जागरूकता रैली
कार्यक्रम के अंतर्गत एक विशाल रैली का आयोजन भी किया गया। यह रैली महाविद्यालय से प्रारंभ होकर माखननगर के प्रमुख स्थानों—रामलीला मैदान, बालाजी मंदिर एवं मुख्य मार्गों से होते हुए नगर स्थित माखनलाल चतुर्वेदी की प्रतिमा स्थल तक पहुंची।
रैली के दौरान विद्यार्थियों ने “माखन दादा अमर रहे” के नारों से पूरे नगर को गुंजायमान कर दिया, जिससे वातावरण देशभक्ति से ओतप्रोत हो गया।
विधायक विजयपाल सिंह ने दी श्रद्धांजलि
रैली के समापन पर क्षेत्रीय विधायक ठाकुर विजयपाल सिंह ने प्रतिमा स्थल पहुंचकर राष्ट्रकवि को माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके साथ ही उन्होंने महाविद्यालय परिसर में स्थापित प्रतिमा पर भी पुष्पांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर प्राचार्य एवं विद्यार्थियों द्वारा राष्ट्रगान प्रस्तुत किया गया, जिससे कार्यक्रम का माहौल और अधिक भावनात्मक एवं प्रेरणादायक बन गया।
छात्र-छात्राओं और शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम में महाविद्यालय की जनभागीदारी समिति के सदस्य मनीष चतुर्वेदी, हर्ष तिवारी सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
साथ ही प्रो. डी.एस. खत्री, डॉ. राजकुमार पटवा, प्रो. आई.एस. कनेश, डॉ. मनीष शर्मा, डॉ. आकांक्षा यादव, डॉ. सुमन अवस्थी, प्रो. अजय मेहरा, अमित तिवारी, प्रो. पंकज बैरवा, डॉ. क्षमा मेहरा, सुषमा यादव, डॉ. कविता दुबे, श्रीमती मंजू मेहरा, श्रीमती संध्या गोलियां, अशोक मेहरा, योगेश राजपूत एवं जितेंद्र अहिरवार का विशेष योगदान रहा।
रैली एवं कार्यक्रम का सफल संचालन रासेयो कार्यक्रम अधिकारी डॉ. धर्मेंद्र सिंह चौहान द्वारा किया गया, जबकि व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी डॉ. राजकुमार पटवा ने संभाली।