जनगणना 2027 की तैयारी तेज: 33 सवालों वाली नई प्रश्नावली लागू, डिजिटल और बुनियादी सुविधाओं पर खास फोकस

भोपाल। केंद्र सरकार ने जनगणना 2027 की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन के लिए 33 सवालों वाली नई प्रश्नावली जारी कर दी है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी। इस नई प्रश्नावली में बदलते सामाजिक ढांचे और आधुनिक जीवनशैली को ध्यान में रखते हुए डिजिटल सुविधाओं और बुनियादी जरूरतों पर विशेष जोर दिया गया है।
सरकार द्वारा तैयार की गई यह प्रश्नावली पिछली जनगणना 2011 के बाद देश में आए व्यापक सामाजिक और तकनीकी बदलावों को ध्यान में रखकर बनाई गई है। इसमें घर के प्रकार, स्थान और संरचना से जुड़े पारंपरिक सवालों के साथ अब इंटरनेट सुविधा की उपलब्धता को भी शामिल किया गया है, जो डिजिटल युग की बढ़ती अहमियत को दर्शाता है।

इसके अलावा एलपीजी गैस कनेक्शन, पीने के पानी की उपलब्धता और अन्य बुनियादी सुविधाओं तक पहुंच को लेकर भी विस्तृत जानकारी जुटाई जाएगी। सरकार का उद्देश्य इन आंकड़ों के माध्यम से आम नागरिकों की जीवन स्थितियों का सटीक आकलन करना है।
प्रश्नावली में स्वच्छता और आधारभूत ढांचे से जुड़े पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसमें शौचालय की उपलब्धता, गंदे पानी की निकासी व्यवस्था और स्नान सुविधाओं से संबंधित सवाल शामिल किए गए हैं, जिससे स्वच्छता की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके।

खाद्य आदतों को समझने के लिए घरों में उपभोग किए जाने वाले मुख्य अनाज से जुड़े सवाल भी जोड़े गए हैं। इससे सरकार को खाद्य सुरक्षा और क्षेत्रीय खान-पान के पैटर्न को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलेगी।

जनगणना 2027 दो चरणों में आयोजित की जाएगी। पहला चरण ‘हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन’ होगा, जबकि दूसरा चरण जनसंख्या गणना का होगा, जो 1 फरवरी 2027 से शुरू होगा। यह जनगणना स्वतंत्रता के बाद देश की आठवीं और कुल मिलाकर 16वीं जनगणना होगी।

सरकार के अनुसार, इस प्रक्रिया से प्राप्त आंकड़े भविष्य की नीतियों, योजनाओं और विकास कार्यक्रमों के निर्माण में अहम भूमिका निभाएंगे।

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