
माखननगर। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के ग्राम सिरवाड़ में स्थित भैयालाल यादव के बोरिंग से पिछले दो दिनों से लगातार गरम पानी निकलने की घटना सामने आई है। बोरिंग का पानी अचानक गर्म होने से ग्रामीणों में चिंता और भय का माहौल है। लोग इसे भू-गर्भीय बदलाव, रसायनिक तत्वों की अधिकता या किसी अन्य प्राकृतिक कारण से जोड़कर देख रहे हैं।
इस मामले की जानकारी मिलते ही पीएचई विभाग के सब इंजीनियर दर्शन धुर्वे पानी का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा जा रहा है।
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घटना कैसे सामने आई?
भैयालाल यादव ने बताया कि उनका बोरिंग कई वर्षों से ग्राम के अन्य घरों की तरह सामान्य पानी दे रहा था। लेकिन बुधवार की सुबह जैसे ही मोटर चलाया गया, पाइप से आने वाला पानी असाधारण रूप से गर्म महसूस हुआ।
शुरुआत में परिवार को लगा कि मोटर में गर्मी बढ़ने से पानी गर्म हुआ होगा, लेकिन लंबे समय तक मोटर बंद रखने के बावजूद पानी का तापमान कम नहीं हुआ।
स्थानीय लोग डरे, कुआं-बोरिंग के पानी की जांच की मांग
गांव के लोगों का कहना है कि उन्होंने कभी ऐसी घटना नहीं देखी। गर्म पानी निकलने से कई संभावित चिंताएं जन्म ले रही हैं, जैसे—
कहीं भूगर्भ में कोई रासायनिक प्रतिक्रिया तो नहीं हो रही?
क्या यह घटना भू-तापीय परिवर्तन से जुड़ी है?
क्या बोरिंग का पानी पीने लायक नहीं रह गया है?
ग्रामीणों ने अन्य बोरों की भी जांच कराने की मांग उठाई है ताकि किसी स्वास्थ्य जोखिम को रोका जा सके।
सब इंजीनियर दर्शन धुर्वे ने देनवापोस्ट को बताया कि आर्सेनिक और सल्फर की मात्रा बढ़ने से पानी गर्म हो सकता है
पीएचई विभाग के सब इंजीनियर दर्शन धुर्वे के अनुसार,
“प्राथमिक अनुमान के अनुसार बोरिंग के पानी में आर्सेनिक या सल्फर जैसी रासायनिक तत्वों की मात्रा अधिक हो सकती है, जिसके कारण पानी गर्म महसूस होता है। यह स्थिति कुछ क्षेत्रों में देखी गई है, जहां भूगर्भ में सल्फर गैस या खनिजों की अधिकता होती है।”
उन्होंने बताया कि पानी का सैंपल लेकर लैब जांच के लिए भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही ठीक तरह से पता चल सकेगा कि पानी गरम निकलने का वास्तविक कारण क्या है और यह पीने योग्य है या नहीं।

क्या वास्तव में पानी रासायनिक प्रतिक्रिया से गर्म होता है?
विशेषज्ञों के अनुसार, पानी के असामान्य रूप से गर्म होने के प्रमुख वैज्ञानिक कारण निम्न हो सकते हैं—
1. भू-तापीय गतिविधि (Geothermal Activity)
जमीन के भीतर तापमान कई जगह अधिक होता है। यदि बोरिंग की गहराई अधिक है या पानी गर्म चट्टानों के संपर्क में आ रहा है, तो वह गर्म हो सकता है।
2. सल्फर युक्त भूजल
सल्फर की मात्रा बढ़ने पर पानी में बदबू भी आ सकती है और पानी हल्का गर्म महसूस होता है। यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक भी हो सकता है।
3. आर्सेनिक की अधिकता
आर्सेनिक एक जहरीला रासायनिक तत्व है। यह पानी के स्वाद, रंग एवं तापमान को प्रभावित करता है। आर्सेनिक युक्त पानी का लंबे समय तक सेवन गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न कर सकता है।
4. भूगर्भीय दबाव में बदलाव
कई बार पानी गहराई से अधिक दबाव के साथ आने के कारण भी गर्म हो सकता है। हालांकि यह स्थिति कम पाई जाती है।
5. मोटर की समस्या? (कम संभावना)
कुछ ग्रामीण इसे मोटर की गर्मी से जोड़कर देख रहे थे, लेकिन लंबे समय तक मोटर बंद रहने पर भी पानी का तापमान कम न होने से इस संभावना को खारिज किया गया है।
क्या यह साधारण घटना है या बड़े खतरे का संकेत?
भूवैज्ञानिकों के अनुसार, कई क्षेत्रों में समय-समय पर ऐसी घटनाएं देखी जाती हैं, लेकिन यह भविष्य में संभावित भूगर्भीय गतिविधियों का संकेत भी हो सकती है।
हालांकि अभी किसी निष्कर्ष पर पहुँचना जल्दबाज़ी होगा। विशेषज्ञों की रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ होगी।
डर है पर समाधान की उम्मीद भी
ग्राम सिरवार निवासी राकेश यादव कहते हैं—
“हमने कभी सोचा नहीं था कि हमारे घर के बोरिंग का पानी अचानक गरम निकलेगा। बच्चे डरे हुए हैं। हम उम्मीद करते हैं कि विभाग जल्द समाधान निकाले।”
रिपोर्ट आने तक सावधानी ही सबसे बड़ा उपाय
ग्राम सिरवार में बोरिंग से गरम पानी निकलने की घटना निश्चित रूप से चिंताजनक है। हालांकि वैज्ञानिक और प्रशासनिक दृष्टिकोण से यह किसी रासायनिक तत्वों की अधिकता, भू-गर्भीय बदलाव या प्राकृतिक कारणों से भी हो सकता है।
अभी सबसे जरूरी है कि ग्रामीण इस पानी का उपयोग न करें और प्रशासन रिपोर्ट आने तक चौकसी बरते।
पीएचई विभाग की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारण का पता चलेगा और उसके आधार पर गांव के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे।