माखनलाल चतुर्वेदी जयंती पर विधायक विजय पाल सिंह ने दी श्रद्धांजलि, 43 लाख के वाचनालय का किया भूमिपूजन

माखननगर (नर्मदापुरम)। राष्ट्रकवि माखनलाल चतुर्वेदी की जयंती के अवसर पर क्षेत्र में श्रद्धा और सम्मान के साथ कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक विजय पाल सिंह ने ‘दादा’ की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की, वहीं उनकी जन्मस्थली पहुंचकर 43 लाख रुपए की लागत से बनने वाले वाचनालय का विधिवत भूमिपूजन किया।


प्रतिमा स्थल पर श्रद्धासुमन अर्पित


कार्यक्रम की शुरुआत माखननगर स्थित माखनलाल चतुर्वेदी की प्रतिमा स्थल से हुई, जहां विधायक विजय पाल सिंह ने पुष्पमाला अर्पित कर ‘दादा’ को नमन किया। इस दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और नागरिकों ने भी बारी-बारी से माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी।


विधायक ने अपने संबोधन में कहा कि माखनलाल चतुर्वेदी का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने साहित्य और पत्रकारिता के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और समाज को जागरूक करने का कार्य किया। उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं और हमें उनके बताए मार्ग पर चलने की आवश्यकता है।


जन्मस्थली पर 43 लाख के वाचनालय का भूमिपूजन


श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद विधायक विजय पाल सिंह ‘दादा’ की जन्मस्थली पहुंचे, जहां 43 लाख रुपए की लागत से बनने वाले आधुनिक वाचनालय का भूमिपूजन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन संपन्न हुआ।
विधायक ने कहा कि इस वाचनालय के निर्माण से क्षेत्र के विद्यार्थियों और युवाओं को अध्ययन के लिए बेहतर सुविधा मिलेगी। यह स्थान न केवल ज्ञान का केंद्र बनेगा, बल्कि माखनलाल चतुर्वेदी के विचारों और साहित्य को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम भी बनेगा।
उन्होंने आगे कहा कि सरकार शिक्षा और बौद्धिक विकास को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है, और यह वाचनालय उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


विकास और विरासत का संगम


कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि माखनलाल चतुर्वेदी की जयंती पर वाचनालय का भूमिपूजन होना एक प्रतीकात्मक और सार्थक पहल है। यह विरासत और विकास का सुंदर संगम है, जहां एक ओर महान साहित्यकार को श्रद्धांजलि दी जा रही है, वहीं दूसरी ओर ज्ञान के नए द्वार खोले जा रहे हैं।



इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने ‘दादा’ के विचारों को आत्मसात करने और समाज के विकास में योगदान देने का संकल्प लिया।

माखनलाल चतुर्वेदी जयंती पर आयोजित यह कार्यक्रम श्रद्धा, सम्मान और विकास की सोच का प्रतीक बना।
‘दादा’ की स्मृति में बनने वाला वाचनालय आने वाली पीढ़ियों के लिए ज्ञान का केंद्र बनेगा और उनके विचारों को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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